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लुधियाना में हरियाणा के सीएम नायब सैनी का AAP नेताओं ने किया जोरदार विरोध, दिखाए काले झंडे
आम आदमी पार्टी के वालिंटियर्स और नेताओं ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को रविवार को लुधियाना में काले झंडे दिखाए। पूर्वांचल सम्मान रैली में शामिल होने आए सैनी का काफिला जैसे ही धुरी लाइन रेलवे ओवरब्रिज से उतरा आप कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और पंजाब के प्रति भाजपा की भेदभावपूर्ण नीतियों का विरोध किया।
विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा कि हम आज इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि भाजपा ने हमेशा पंजाब विरोधी रुख अपनाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्र में बैठकर पंजाब के स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास के फंड रोकती है और अब यहां आकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।
लोकसभा इंचार्ज शरणपाल सिंह मकड़ ने कहा कि पंजाब के लोग भाजपा के झूठे प्रचार से भलीभांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि आज का यह प्रदर्शन भाजपा और इसके नेताओं को स्पष्ट संदेश देता है कि वे पंजाब में अपनी किसान विरोधी, व्यापार विरोधी और पंजाब विरोधी नीतियों पर परदा नहीं डाल सकते।
जिला प्रधान लुधियाना शहरी जतिंदर खंगूड़ा ने आंकड़े पेश करते हुए भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री को पंजाब को लेक्चर देने से पहले अपने प्रदेश की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार कानून व्यवस्था बनाए रखने में पंजाब देश में दूसरे नंबर पर है, जबकि हरियाणा में 2023 में 1000 से ज्यादा और 2024 में 900 से अधिक हत्याएं हुई हैं।
वहां महिलाओं और दलितों के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं भी काफी अधिक हैं। पंजाब के किसानों पर कर्ज का बोझ उस वक्त बढ़ा जब भाजपा यहां सत्ता में थी। इस प्रदर्शन में लुधियाना के सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर, सेक्रेटरी निधि गुप्ता, महिला विंग की ज़ोन इंचार्ज अजिंदर पाल कौर, महिला विंग की प्रधान मनीषा कपूर और उनकी पूरी टीम, यूथ विंग के प्रधान अमरिंदर सिंह एमपी जवद्दी और उनकी पूरी टीम, एससी विंग के प्रधान कपिल सिद्धू और उनकी पूरी टीम, बीसी विंग के प्रधान विजय सिंह और उनकी पूरी टीम और सैकड़ों सैकड़ों वालंटियर साथी भी मौजूद थे।
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पंजाब में महंगी होगी शराब:नई एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी देगी AAP सरकार; ₹12 हजार करोड़ तक कमाई का टारगेट
पंजाब कैबिनेट की आज (23 फरवरी) को होने वाली मीटिंग में नई एक्साइज पॉलिसी 2026-27 को मंजूरी दी जाएगी। इसमें पिछली पॉलिसी में जरूरत के अनुसार बदलाव किया जाएगा, लेकिन यह बड़े स्तर पर नहीं होगा।
इस बार आबकारी नीति के जरिए राजस्व बढ़ाने, अवैध कारोबार पर सख्ती और सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी बनाने पर फोकस है।
सूत्रों के मुताबिक नई पॉलिसी में अंग्रेजी शराब की कीमतों में हल्की बढ़ोतरी की जाएगी। इसके साथ ही राजस्व लक्ष्य 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा रखा जाना भी तय है। पिछले वित्तीय वर्ष में राज्य ने करीब 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व हासिल किया था।
अंग्रेजी शराब का कोटा भी बढ़ेगा
आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से पिछले कई महीनों से लगातार समीक्षा बैठकों का दौर जारी था। सूत्रों के अनुसार, अंग्रेजी शराब (आईएमएफएल) का कोटा भी बढ़ाया जाएगा ताकि बाजार की मांग के अनुरूप सप्लाई सुनिश्चित की जा सके। अवैध शराब के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई, ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम को मजबूत करना और फील्ड मॉनिटरिंग बढ़ाना भी नीति का अहम हिस्सा होगा।
लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। रिटेल और होलसेल लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा। इसमें मानवीय दखल कम होगा।
नई नीति के तहत लाइसेंस फीस स्ट्रक्चर में बदलाव, आवेदकों की वित्तीय क्षमता और टैक्स रिकॉर्ड की सख्त जांच तथा नियमों के पालन को अनिवार्य किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य केवल पात्र और नियमों का पालन करने वाले कारोबारियों को ही बाजार में अनुमति देना है।

पंजाब सरकार की ओर से कैबिनेट मीटिंग को लेकर यह नोटिफिकेशन जारी किया गया। मीटिंग का समय चंडीगढ़ में सुबह 11 बजे तय है।
एक्साइज पॉलिसी में यह फायदा होगा
सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष के दौरान आबकारी नीति से 8 से 10 प्रतिशत तक राजस्व बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आबकारी से 10,145 करोड़ रुपये और 2025-26 के लिए 11,200 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया था।
वहीं, 2026-27 के लिए 12,500 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व एकत्र करने की तैयारी की जा रही है। सरकार ने पिछले समय में शराब ठेकेदारों के साथ भी बैठकें की हैं, जिनमें विभिन्न सुझाव दिए गए। इन सभी सुझावों को ध्यान में रखते हुए नई आबकारी नीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पंजाब में वर्तमान में 207 शराब लाइसेंसों के तहत 6,300 से अधिक शराब के ठेके संचालित हो रहे हैं।
8 मार्च को बजट पेश होगा
कैबिनेट मीटिंग में बजट तारीख के ऐलान होने की संभावना है। सीएम भगवंत मान ने गुजरात दौरे के दौरान कहा था कि इस बार में 8 मार्च को रविवार वाले दिन बजट पेश कर रहे हैं। इस दिन महिला दिवस भी है। महिलाओं को इस दौरान एक हजार रुपए की गारंटी देने का वायदा पूरा किया जाएगा।
पंजाब में लीडर ऑफ अपोजिशन प्रताप सिंह बाजवा भी कह चुके हैं कि पता चला है कि सात से दस तारीख बजट सेशन बुलाया जा रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि छह से बजट सेशन शुरू होगा।
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आप सरकार मार्च में लगातार पांचवां लोक-हितैषी बजट पेश करेगी, हर वर्ग की भलाई के लिए प्रतिबद्ध: CM भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि पंजाब सरकार मार्च में अपना पांचवां लोक-हितैषी बजट पेश करेगी, जो पहले की तरह समाज के हर वर्ग की भलाई पर केंद्रित होगा। पत्रकारों से बातचीत में भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने लगातार लोक-हितैषी और नागरिक-केंद्रित फैसले लिए हैं, जिन्होंने राज्य की दिशा बदल दी है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार मार्च महीने में अपना पांचवां बजट पेश करेगी और हम सभी की भलाई के उद्देश्य से लोक-हितैषी बजट पेश करने की अपनी परंपरा को जारी रखेंगे। हमारा एकमात्र उद्देश्य आम आदमी की भलाई सुनिश्चित करना है और हम इसे हासिल करने के लिए कठोर प्रयास कर रहे हैं। आने वाला बजट फिर से पंजाब के लोगों को बहुत अधिक लाभ प्रदान करेगा।”
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लगातार कई सालों से भाजपा के नेतृत्व वाली एन.डी.ए. सरकार द्वारा पेश किया गया केंद्रीय बजट दिशाहीन और समाज के अमीर वर्गों की ओर झुकाव वाला रहा है। उन्होंने कहा, “गुजरात में जहां वास्तव में कोई विपक्षी दल नहीं है, आम आदमी की तकलीफें बढ़ी हैं और लोग दुख झेल रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा वहां दोस्ताना मैच खेल रहे हैं और आम आदमी की आवाज को दबा दिया गया है।”
मुख्यमंत्री ने टिप्पणी की कि जब प्रधानमंत्री देश को विश्व गुरु बनाने की बात करते हैं तो उनके गृह राज्य के लोग मूलभूत जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोकतंत्र में विपक्षी दल की आवाज दबाने के लिए केंद्र सरकार ने डिजिटल जनता का संकल्प पेश किया है, जहां वोट डेटा शरारत से बनाया जाता है और हर राज्य में चुनाव जीतने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। आज गुजरात के लोग ‘आप’ को अपना मुक्तिदाता देख रहे हैं। ‘आप’ के रूप में हर गुजराती परिवार की आंखों में उम्मीद है।”
राज्यों के वित्तीय अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र ने ग्रामीण विकास फंड में पंजाब के जायज हिस्से को अलोकतांत्रिक तरीके से रोका है, यही कुछ गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ हो रहा है। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में सरकार लोगों की, लोगों के लिए और लोगों द्वारा होती है लेकिन आज विपक्षी दल की आवाज दबाने का रुझान बन गया है। जैसे एक गुलदस्ते की उसकी विविध फूलों के लिए प्रशंसा की जाती है, उसी तरह लोकतंत्र तब बढ़ता-फूलता है, जब हरेक आवाज सुनी जाती है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि हमारी सरकार विकास के लिए फंड बांटते समय किसी के साथ भेदभाव नहीं करती। उन्होंने कहा, “जहां भी ‘आप’ ने सरकार बनाई है, वहां करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल आम आदमी की भलाई के लिए समझदारी से किया गया है। दिल्ली के बाद पंजाब में ‘आप’ सरकार ने जनता की भलाई के लिए एक-एक रुपए का तर्कसंगत उपयोग सुनिश्चित किया है।”
महत्वपूर्ण सुधारों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे समय में जब केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय संपत्तियों को मामूली कीमतों पर कुछ रसूखदार दोस्तों को सौंपा जा रहा है, पंजाब ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर इतिहास रचा है। हम मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए 881 आम आदमी क्लीनिक खोल चुके हैं और सरकारी अस्पताल लोगों को मानक चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।”
स्वास्थ्य सुधारों के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य ने मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की है, जो अपनी तरह की पहली ऐसी योजना है, जिसके तहत पंजाब में रहने वाले हर परिवार को 10 लाख तक का नकद रहित चिकित्सा इलाज किया जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब, ऐसी व्यापक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने वाला देश का पहला राज्य है। इससे लोगों पर वित्तीय बोझ काफी कम हुआ है और साथ ही मानक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की गई हैं। इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य राज्य के सभी परिवारों को मानक स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना है।’’
Sha Tri, [22-02-2026 18:49]
शिक्षा क्षेत्र के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने के लिए पंजाब शिक्षा क्रांति शुरू की है। उन्होंने कहा, “हम 118 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक उपकरणों से लैस लैब, खेल मैदानों के साथ शानदार स्कूलों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शिक्षकों और प्रिंसिपलों को विशेष प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है ताकि वे आधुनिक शिक्षा अभ्यासों से अच्छी तरह परिचित हों और छात्रों को वैश्विक मुकाबले के लिए तैयार कर सकें। यह बहुत गर्व की बात है कि पंजाब, भारत सरकार द्वारा करवाए गए राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में केरल को भी पीछे छोड़कर पहले स्थान पर आ गया है।”
बुनियादी ढांचे के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने अपने इतिहास में सबसे बड़ा सड़क निर्माण अभियान चलाया है, जिसके तहत 16209 करोड़ की लागत से 44920 किलोमीटर सड़कें बनाई गई हैं। उन्होंने कहा, “ये सभी सड़कें पांच साल की देखभाल की शर्त के साथ बनाई जा रही हैं, जो उच्चतम गुणवत्ता के मानकों और विश्व स्तरीय सड़क सुरक्षा विशेषताओं को सुनिश्चित करती हैं। यह ग्रामीण बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देगा और पूरे पंजाब में बेहतर गतिशीलता प्रदान करेगा।”
सुरक्षा बलों की कुर्बानियों को मान्यता देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य द्वारा हथियारबंद सेनाओं, अर्ध-सैनिक दस्तों और अग्निवीरों के जवानों के परिवारों को एक करोड़ रुपए और ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले पुलिस कर्मचारियों के परिवारों को दो करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा, “यह सहायता हमारे नायकों द्वारा दी गई सर्वोच्च कुर्बानी के सम्मान का प्रतीक है। यह देश की एकता, अखंडता और प्रभुसत्ता की रक्षा करने वाले सूरवीरों को हमारी नम्र श्रद्धांजलि है।”
एक अन्य लोक-हितैषी फैसले में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने 19 टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं, जिससे टोल शुल्क में आम लोगों की जेबों से रोजाना 64 लाख रुपए की बचत हुई है।
अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार के हर नीतिगत फैसले का उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना, नागरिकों को सशक्त बनाना और लोक भलाई वाला व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
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CM Yogi सिंगापुर की 25 और जापान की 8 बड़ी कंपनियों से करेंगे मुलाकात, Data Center से लेकर Automobile तक पर रहेगा फोकस !
Yogi Adityanath सिंगापुर और जापान के चार दिवसीय दौरे पर रवाना
प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ विजन को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री Yogi Adityanath सिंगापुर और जापान के चार दिवसीय विदेश दौरे पर रवाना हो रहे हैं। वर्ष 2017 में म्यांमार यात्रा के बाद यह उनका पहला विदेशी दौरा है, जिसे प्रदेश की निवेश कूटनीति और औद्योगिक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 23-24 फरवरी को सिंगापुर और 25-26 फरवरी को जापान में वे 33 वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।
जी-टू-बी बैठकों के जरिए सीधा संवाद
इस दौरे की खास बात यह है कि मुख्यमंत्री जी-टू-बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) और राउंड टेबल मीटिंग्स के माध्यम से निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे। वे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक रोडमैप, नीति स्थिरता, भूमि बैंक, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स ढांचे पर स्पष्ट और परिणाम केंद्रित प्रस्तुति देंगे। साथ ही प्रवासी भारतीयों, उत्तर प्रदेश वासियों और छात्रों से भी संवाद करेंगे।
सरकार का मानना है कि 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश उत्पादन और उपभोग दोनों के लिहाज से देश का सबसे बड़ा केंद्र बन सकता है। विशाल श्रमबल, बड़ा बाजार और तेजी से विकसित होता इंफ्रास्ट्रक्चर इस लक्ष्य की मजबूत नींव हैं।
सिंगापुर में 25 कंपनियों से मुलाकात
सिंगापुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 25 कंपनियों के प्रतिनिधियों से निवेश संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
प्रमुख क्षेत्र होंगे:
- डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
- एग्रीबिजनेस और फूड प्रोसेसिंग
- लॉजिस्टिक्स नेटवर्क
- क्लीन व सौर ऊर्जा
- हॉस्पिटैलिटी और थीम पार्क
- इंडस्ट्रियल पार्क और एविएशन
- फिनटेक व स्टार्टअप सहयोग
वैश्विक निवेश फंड्स और बैंकिंग संस्थानों के साथ पूंजी निवेश और वित्तीय सहयोग पर भी बातचीत प्रस्तावित है।
जापान में ऑटो, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी पर फोकस
जापान में मुख्यमंत्री आठ प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। यहां ऑटोमोबाइल निवेश, सेमीकंडक्टर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, ऑटो सप्लाई चेन, ग्रीन हाइड्रोजन और रियल एस्टेट निवेश जैसे विषय प्रमुख एजेंडा में शामिल हैं।
इन बैठकों के जरिए संयुक्त परियोजनाओं और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने की रणनीति तैयार की जाएगी।
‘ब्रांड यूपी’ को वैश्विक पहचान
चार दिवसीय यह दौरा उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। मजबूत कानून व्यवस्था, नीति स्थिरता और तेज कनेक्टिविटी को निवेश के अनुकूल वातावरण के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री की यह यात्रा न केवल निवेश आकर्षित करने का प्रयास है, बल्कि वैश्विक मंच पर ‘ब्रांड यूपी’ को सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में भी एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।
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