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Aam Aadmi Party नेकीYouth औरWomen Wing केनएपदाधिकारियोंकीनियुक्ति, 2027 Elections कीPreparations शुरू

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने आगामी 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियों को मजबूती देने के मकसद से 10 जोन और 35 जिलों में यूथ और महिला विंग के नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की है। पार्टी ने यह कदम संगठन को जमीनी स्तर पर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से उठाया है।

पार्टी के पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी और कहा कि यह नियुक्तियां पार्टी को नए जोश और ऊर्जा के साथ आगे ले जाएंगी। उन्होंने भरोसा जताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ बहुमत से सरकार बनाएगी।

महिलाओं को मिल रहा असली राजनीतिक मंच

अमन अरोड़ा ने कहा, आम आदमी पार्टी वह इकलौती पार्टी है जो युवाओं और महिलाओं को राजनीति में सक्रिय भागीदारी का सच्चा मौका देती है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी की महिला टीम में 2 पीएचडी धारक, 13 पोस्टग्रेजुएट, 12 उद्यमी महिलाएं, और कई शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता, गृहिणियां भी शामिल हैं। यह टीम शिक्षा, पेशेवर अनुभव और सामाजिक समझ का बेहतरीन मेल है।

अरोड़ा ने यह भी कहा कि, हमारा मकसद समाज के हर वर्ग से महिलाओं को जोड़कर उन्हें एक मजबूत राजनीतिक प्लेटफॉर्म देना है, ताकि वे जनसेवा और विकास में भागीदार बन सकें।

यूथ विंग से आएगी नई ऊर्जा

युवा विंग की नियुक्ति को लेकर अरोड़ा ने कहा कि युवाओं में बदलाव की ताकत होती है और आम आदमी पार्टी इस ऊर्जा को सही दिशा देने का काम कर रही है। उन्होंने बताया कि नवनियुक्त यूथ विंग के इंचार्ज जमीनी स्तर पर जनसंपर्क, सोशल मीडिया प्रचार और जनजागरण अभियान में अहम भूमिका निभाएंगे।

सीएम भगवंत मान के नेतृत्व में तेजी से हो रहा काम

अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने पंजाब के लोगों से किए गए अपने वादों को पूरी ईमानदारी और मेहनत से निभाया है। चाहे शिक्षा हो, स्वास्थ्य, रोजगार या भ्रष्टाचार का मुद्दा – हर क्षेत्र में राज्य सरकार ने ठोस काम किया है।

उन्होंने ट्वीट कर भी कहा,
“AAP युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने में विश्वास रखती है। यह नई नियुक्तियां संगठन में नई जान भरेंगी और जनता के साथ हमारा सीधा संवाद और मजबूत होगा।

अपील और संदेश

आम आदमी पार्टी ने नवनियुक्त पदाधिकारियों से अपील की है कि वे ईमानदारी, समर्पण और मेहनत से अपने दायित्वों का निर्वहन करें और पंजाब के हर कोने तक पार्टी की नीतियों को पहुंचाएं। पार्टी का लक्ष्य है कि हर वर्ग को साथ लेकर एक सशक्त, शिक्षित और स्वच्छ शासन की दिशा में आगे बढ़ा जाए।

मुख्य बातें:

  • 10 जोन और 35 जिलों में यूथ और महिला विंग के नए पदाधिकारी नियुक्त
  • महिला टीम में पीएचडी, उद्यमी, शिक्षिकाएं, सामाजिक कार्यकर्ता और गृहिणियां शामिल
  • पार्टी युवाओं और महिलाओं को दे रही सक्रिय राजनीति में भागीदारी का मौका
  • 2027 चुनाव के लिए संगठनात्मक ढांचे को किया जा रहा मजबूत
  • सीएम भगवंत मान के नेतृत्व में पार्टी कर रही जनहित में काम

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कबड्डी खिलाड़ी गुरजीत सिंह तूत के परिवार से मिले CM मान, पत्नी को सरकारी नौकरी देने का ऐलान

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फिरोजपुर के अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी गुरजीत सिंह तूत के असामयिक निधन से पूरा इलाका और खेल जगत शोक में डूबा हुआ है। इस दुख की घड़ी में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज गुरजीत सिंह के परिवार से मुलाकात कर दुख साझा किया और परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।

CM भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के होनहार कबड्डी खिलाड़ी के असामयिक निधन का दुख शब्दों में बयां करना मुश्किल है। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि सरकार इस मुश्किल समय में परिवार के साथ खड़ी है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने गुरजीत सिंह की याद को हमेशा जिंदा रखने के लिए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि फिरोजपुर के गांव तूत में गुरजीत सिंह के नाम पर एक शानदार खेल स्टेडियम बनाया जाएगा।

इसके अलावा उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने का भी ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के इस गौरवशाली खिलाड़ी का खेलों में योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

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आर्थिक तंगी के कारण पात्र मरीज़ कैंसर के इलाज से वंचित नहीं होने चाहिए: डॉ. बलबीर सिंह

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स्तन कैंसर का उपचार केवल सर्जरी और कीमोथेरेपी से कहीं आगे तक चल सकता है, कुछ मरीज़ों को रेडिएशन, टार्गेटेड या हार्मोन थेरेपी तथा लंबे समय तक फॉलो-अप की आवश्यकता पड़ सकती है। पात्र लाभार्थियों के लिए, मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) सरकारी तथा सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के माध्यम से प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹10 लाख तक की कैशलेस उपचार सुविधा प्रदान करके इलाज को जारी रखने में आने वाली एक प्रमुख बाधा को दूर करने में मदद करती है।

स्तन कैंसर तब होता है जब स्तन में असामान्य कोशिकाएँ अनियंत्रित रूप से बढ़ने और विभाजित होने लगती हैं। यह भारत में महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च–नेशनल सेंटर फॉर डिजीज इंफॉर्मेटिक्स एंड रिसर्च (आईसीएमआर-एनसीडीआईआर) के अनुसार, वर्ष 2022 में भारत में अनुमानित 2,16,108 महिलाओं में स्तन कैंसर का निदान हुआ था, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 2,32,832 होने का अनुमान था। कार्यक्रम के अनुमान के अनुसार, 74 वर्ष की आयु तक हर 29 भारतीय महिलाओं में से एक को अपने जीवनकाल में स्तन कैंसर होने की संभावना है।

इस संबंध में, पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने जोर देते हुए कहा कि एमएमएसवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कठिनाई पात्र मरीज़ों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त करने से न रोके। उन्होंने कहा, “किसी भी प्रकार की आर्थिक कठिनाई के कारण पात्र मरीज़ गुणवत्तापूर्ण कैंसर के इलाज से वंचित नहीं होने चाहिए।”

एडवांस्ड कैंसर इंस्टीट्यूट, बठिंडा में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी की प्रोफेसर एवं प्रमुख डॉ. करुणा सिंह ने कहा कि उपचार की पूरी प्रक्रिया कई महीनों तक चल सकती है और कुछ मरीज़ों के लिए यह अवधि काफी लंबी भी हो सकती है। उन्होंने बताया, “स्तन कैंसर का उपचार लंबा चल सकता है और कुछ मरीज़ों को लंबे समय तक थेरेपी और फॉलो-अप की आवश्यकता होती है। स्तन कैंसर के उपचार का शुरुआती चरण कई महीनों तक चल सकता है, जबकि कुछ मरीज़ों को टार्गेटेड या हार्मोनल थेरेपी तथा वर्षों तक फॉलो-अप की आवश्यकता पड़ सकती है।”

इसके बाद भी नियमित फॉलो-अप वर्षों तक जारी रह सकते हैं, जिसमें रिकवरी, उपचार के दुष्प्रभावों और बीमारी के दोबारा होने के संकेतों पर नज़र रखने के लिए क्लीनिकल जाँच और आवश्यक परीक्षण किए जाते हैं।

डॉ. करुणा सिंह ने जोर देकर कहा कि उपचार बीमारी की अवस्था और उसकी जैविक विशेषताओं पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, “लोकोरीजनल बीमारी के मामले में उपचार में कीमोथेरेपी, सर्जरी और रेडिएशन थेरेपी शामिल हो सकती है तथा आवश्यकता होने पर हार्मोन थेरेपी भी दी जा सकती है। मेटास्टेटिक बीमारी में मरीज़ की व्यक्तिगत स्थिति के आधार पर इम्यूनोथेरेपी के साथ या उसके बिना कीमोथेरेपी का उपयोग किया जा सकता है।”

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए), पंजाब, के आंकड़ों के अनुसार, एमएमएसवाई के तहत ₹26.59 करोड़ की लागत वाले स्तन कैंसर के 15,494 उपचार किए गए हैं। दर्ज मामलों की सबसे अधिक संख्या 50–59 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं में रही, जिनमें 4,515 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद 40–49 वर्ष आयु वर्ग में 4,141 और 60–69 वर्ष आयु वर्ग में 3,557 मामले दर्ज हुए। वहीं, 30–39 वर्ष आयु वर्ग में 1,332 मामले दर्ज किए गए। 40–69 वर्ष के आयु वर्गों में कुल मिलाकर 12,213 उपचार दर्ज किए गए।

सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, अमृतसर में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मनराज सिंह कंग ने बताया कि उपचार में सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी (जिसमें VMAT, 3D, IMRT, IGRT और ब्रैकीथेरेपी शामिल हैं), हार्मोनल थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी शामिल हैं।

कई महिलाओं में स्तन कैंसर का संबंध आनुवंशिक (जेनेटिक) कारकों से भी हो सकता है। उन्होंने कहा, “यदि यह 30–40 वर्ष की आयु में, विशेषकर मेनोपॉज़ से पहले होता है, तो यह अधिक आक्रामक, हार्मोन रिसेप्टर नेगेटिव या ट्रिपल नेगेटिव हो सकता है। वहीं, 50 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं में यह हार्मोन पॉजिटिव होता है, आमतौर पर कम आक्रामक होता है और इसका पूर्वानुमान अक्सर बेहतर होता है, विशेषकर स्टेज 1–3 में।”

डॉ. कंग ने आगे कहा, “सर्जरी के दो मुख्य विकल्प हैं: ब्रेस्ट-कंजर्विंग सर्जरी, जिसका उद्देश्य स्तन को सुरक्षित रखना है और जो स्टेज 1–3 में संभव हो सकती है, तथा मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी (एमआरएम)। उपचार का विकल्प बायोप्सी के परिणाम, ट्यूमर की संख्या और आकार, लिम्फ नोड्स की भागीदारी तथा ट्यूमर की अन्य विशेषताओं जैसे कारकों पर निर्भर करता है।”

संगरूर की रहने वाली राजिंदर कौर ने टाटा मेमोरियल अस्पताल में क्रायोप्लास्टी के साथ ब्रेस्ट-कंजर्विंग सर्जरी करवाई। उनके पति परबू सिंह ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना हमारे परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं रही। मेरी पत्नी को बिना किसी आर्थिक बोझ के बेहतरीन उपचार मिला। ऐसी स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के लिए हम सरकार के आभारी हैं।”

डॉ. करुणा सिंह ने कहा कि आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के लिए एमएमएसवाई विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण साबित हो सकती है। उन्होंने कहा, “इनमें से अधिकांश मरीज़ इस सहायता के माध्यम से अपना उपचार पूरा कर पाते हैं।” उन्होंने कहा कि योजना का महत्त्व चिकित्सा संबंधी निर्णयों को प्रभावित करने में नहीं, बल्कि इलाज पूरा करने में आर्थिक कठिनाई को बाधा बनने से रोकने में है।

लंबे समय तक चलने वाले कैंसर उपचार का सामना कर रहे परिवारों के लिए ऐसी सहायता का अर्थ कम आर्थिक दबाव, उपचार पूरा करने पर अधिक ध्यान, फॉलो-अप जारी रखना और स्वस्थ होने की दिशा में आगे बढ़ना हो सकता है।

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तीज के मेले से भी बड़ा होगा 2027 में भगवंत मान के पक्ष में महिलाओं का जनसमर्थन।

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पटियाला में तीज के त्योहार के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने मुख्यमंत्री स. भगवंत मान की धर्मपत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान तथा पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन श्रीमती राज लाली गिल का पटियाला ग्रामीण में पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया। समारोह में बड़ी संख्या में महिलाओं और क्षेत्रवासियों ने शिरकत कर तीज मेले की रौनक बढ़ाई।

डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने संबोधित करते हुए कहा कि तीज का त्योहार पंजाबी महिलाओं के लिए खुशी, मिलन, आपसी भाईचारे और प्रेम का संदेश लेकर आता है। यह पंजाबी संस्कृति और पारंपरिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है, जो नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार द्वारा गांव-गांव और शहर-शहर तीज के मेले आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि पंजाबी विरासत की परंपराओं को और मजबूत किया जा सके।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने लोगों से किए वादों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना, मोहल्ला क्लीनिक और मावां-धियां सत्कार योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं को लोगों की ओर से भरपूर समर्थन मिल रहा है।

डॉ. मान ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि इतने बड़े जनसमूह को सुचारू रूप से संभालना सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि समारोह में पहुंचने वाली माताओं और बेटियों की सुविधाओं एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है।

इस अवसर पर भारी जनसमूह को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “यही है मान सरकार के रंगले पंजाब की तस्वीर—पंजाबी विरासत के रंग, बेटियों-बहनों का सम्मान और लोगों की खुशी।” उन्होंने कहा कि ऐसे समारोह पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने और युवा पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

समारोह के दौरान तीज के पारंपरिक रंग, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने माहौल को खुशनुमा बना दिया। इस अवसर पर महिलाओं को पंजाबी संस्कृति की प्रतीक फुलकारियां भी वितरित की गईं, जिससे महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

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