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₹500 करोड़ में CM post? Congress में बवाल, Navjot Kaur Sidhu suspended – वहीं Mann सरकार Punjab में लायी ₹500 crore का Foreign Investment

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पंजाब की राजनीति इन दिनों एक बड़े विवाद में फँस गई है। कांग्रेस नेता Navjot Singh Sidhu की पत्नी Navjot Kaur Sidhu के एक बयान ने पूरे राज्य में हंगामा खड़ा कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में मुख्यमंत्री (CM) बनने के लिए ₹500 करोड़ रुपए तक का सूटकेसदेना पड़ता है। यह बयान इतनी तेजी से वायरल हुआ कि राजनीतिक गलियारों में तूफान आ गया।

उनके मुताबिक, “जो ₹500 करोड़ का सूटकेस देगा, वही CM बनेगा।” इस बयान ने लोगों में यह सवाल खड़ा कर दिया कि अगर कोई व्यक्ति CM की कुर्सी खरीदकर आएगा, तो वह जनता की सेवा कैसे करेगा? कोई नेता ₹500 करोड़ क्यों खर्च करेगा? स्पष्ट है—“वसूलने के लिए।”

लेकिन बाद में Navjot Kaur Sidhu ने कहा कि उनके शब्दों को “तोड़ा-मरोड़ा” गया। उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस ने सीधे उनसे कभी पैसे नहीं मांगे। लेकिन तब तक बयान भारी राजनीतिक मुद्दा बन चुका था।

कांग्रेस में भूचाल – Navjot Kaur Sidhu सस्पेंड

इस बयान के बाद कांग्रेस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए Navjot Kaur Sidhu को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड कर दिया। पार्टी ने लिखा कि उनका यह बयान अनुशासनहीनता है और कांग्रेस की छवि को नुकसान पहुँचाता है।

लेकिन Sidhu की पत्नी यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने कांग्रेस के पंजाब अध्यक्ष Raja Warring पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि Raja Warring ने पार्टी को टूटने की तरफ धकेला है और वह “corrupt और unethical” हैं। इससे पता चलता है कि कांग्रेस के अंदर भी जबरदस्त तनाव चल रहा है।

AAP और विरोधियों का पलटवार: तो क्या CM की कुर्सी बिकती थी?”

AAP नेताओं ने तुरंत इस मुद्दे को पकड़ा और कहा कि यह बयान पंजाब की पुरानी राजनीति का काला सच दिखाता है। AAP मंत्री Harpal Cheema ने कहा कि अगर CM की कुर्सी वाकई ₹500 करोड़ में बिकती थी, तो यह खुला भ्रष्टाचार है और जनता के साथ धोखा है।

वहीं विपक्षी पार्टियाँ भी कांग्रेस पर दबाव बना रही हैं कि इस बयान की जांच होनी चाहिए। हालांकि अभी तक कोई solid proof सामने नहीं आया है, लेकिन विवाद इतना बड़ा है कि पूरी राजनीति इसकी चर्चा में है।

दूसरी तरफ मान सरकार ने जापान से ₹500 करोड़ का Investment पक्का किया

जब पंजाब की राजनीति में “₹500 करोड़ का सूटकेस” चर्चा में था, उसी दौरान Punjab CM Bhagwant Mann ने जापान दौरे से बड़ी खबर दी।

मान सरकार ने बताया कि Tokyo की कंपनी Aichi Steel और उसकी भारतीय पार्टनर Vardhman Special Steels ने पंजाब में ₹500 करोड़ का industrial investment करने का फैसला किया है।

सरकार का दावा है कि इस निवेश से:

  • युवाओं को रोजगार मिलेगा
  • पंजाब में नई फैक्ट्रियाँ और production units खुलेंगी
  • राज्य में development बढ़ेगा

सरकार इस बात को लेकर कांग्रेस पर तंज कस रही है कि
वे 500 करोड़ का सूटकेस मांगते हैं, हम 500 करोड़ रुपए का investment लाते हैं।

AAP के अनुसार, एक तरफ भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसी राजनीति है, जबकि दूसरी तरफ मान सरकार विकास पर फोकस कर रही है।

पंजाब की जनता के मन में क्या सवाल?

इस पूरे विवाद के बाद आम लोगों के मन में कुछ सामान्य सवाल खड़े होने लगे हैं:

  • क्या वाकई पैसे देकर CM बना जा सकता है?
  • अगर ऐसा होता था तो जनता के मुद्दे कौन देखता था?
  • नेताओं की लड़ाई में जनता का नुकसान होता है—किसकी बात सही है?
  • क्या नए निवेश का फायदा सच में जमीन पर दिखेगा?

लोगों का कहना है कि राजनीति को साफ होना चाहिए। वे यह भी महसूस कर रहे हैं कि आज की राजनीति में दो तरह की तस्वीरें दिखती हैं—
एक तरफ 500 करोड़ का सूटकेस,
दूसरी तरफ 500 करोड़ का “investment”

निष्कर्ष: पंजाब का future किस दिशा में?

पंजाब के सामने आज बड़ा सवाल है—
सत्ता खरीदने वालोंके हवाले हो या सेवा करने वालोंके?

Navjot Kaur Sidhu के बयान ने कांग्रेस को मुश्किल में डाल दिया है और पूरे सिस्टम पर सवाल उठा दिया है। वहीं दूसरी तरफ Bhagwant Mann सरकार अपनी छवि ईमानदार और development-oriented दिखाने में लगी है।

अब देखना यह होगा कि:

  • कांग्रेस इस विवाद से कैसे बाहर निकलती है
  • क्या इस बयान की कोई जांच होती है
  • और क्या मान सरकार का दावा किया गया निवेश पंजाब के युवाओं तक पहुँचता है

एक बात साफ है—पंजाब की राजनीति में यह मामला लंबे समय तक चर्चा में रहेगा।

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RBI ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट 5.25% पर रखा, ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया। RBI के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग से आर्थिक विकास को सहारा मिल रहा है और अप्रैल-जून तिमाही का प्रदर्शन RBI के अनुमान से बेहतर रहा है।

तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए गवर्नर ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मजबूती से शहरी खपत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और अल नीनो से जुड़े जोखिम अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से प्रमुख व्यापारिक मार्ग भी प्रभावित हो रहे हैं।

संजय मल्होत्रा ने कहा कि कच्चे तेल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। उनका अनुमान है कि तीसरी तिमाही में महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कम होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई पर सबसे अधिक असर खाद्य और ईंधन की कीमतों का है।

RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।

गवर्नर ने बताया कि जून से बैंकिंग प्रणाली में औसत तरलता (Liquidity) 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि मजबूत बनी हुई है और पर्याप्त तरलता उपलब्ध है।

RBI ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता भारत के चालू खाते के घाटे पर दबाव डाल सकती है।

इस बीच रुपया भी लगातार दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच कारोबार कर रहा है। महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेश की निकासी, बढ़ता व्यापार घाटा और मजबूत होता डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक रुपया करीब 7 फीसदी कमजोर हो चुका है, जबकि ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद इसमें लगभग 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

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E-20 के खिलाफ टाउनहॉल में बोले केजरीवाल, ‘‘देश को पंपों पर शुद्ध पेट्रोल और ई-20 का विकल्प दे सरकार

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आम आदमी पार्टी की ओर से शनिवार को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन ब्लब में आयोजित नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट ई-20 को देश भर से जबरदस्त समर्थन मिला। कॉमेडियन श्याम रंगीला ने ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के सवालों का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंदाज में देकर ऑनलाइन और ऑफलाइन टाउनहॉल को देख रहे 7 लाख से अधिक लोगों को हंसने और जबरदस्ती ई-20 के थोपने के पीछे की वजह को समझने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने देशवासियों की तरफ से मोदी सरकार के सामने तीन मांगे रखी। पहला, पेट्रोल पंप पर ई-20 और शुद्ध पेट्रोल का विकल्प होना चाहिए। दूसरा, शुद्ध पेट्रोल से ई-20 सस्ता होना चाहिए और तीसरा, पेट्रोल का दाम 84 रुपए प्रति लीटर से कम होना चाहिए।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी, ट्रम्प को खुश करने के लिए हमारे देश के लोगों पर ज़बरदस्ती इथेनॉल थोप रहे हैं। अमेरिका इथेनॉल का उत्पादन करने वाला दुनिया का सबसे बड़ा देश है। पिछले साल भारत ने अमेरिका से 1 बिलियन लीटर इथेनॉल आयात किया था। इस साल ई-20 लागू होने के बाद, भारत पिछले साल की तुलना में अमेरिका से 5 गुना अधिक इथेनॉल इंपोर्ट करेगा। ट्रम्प को खुश करने के लिए मोदी जी देश की जनता को बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने देश के लोगों से अपील करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीज़ल की गाड़ियां खरीदना बंद कर दें। जब तक देश में ई-100 की गाड़ियां बननी शुरू न हो जाएं, गाड़ी न खरीदें। यह सरकार आपको बर्बाद कर देगी।

सरकार और उसके मंत्री बार-बार ई-20 को सुरक्षित और इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों को एंटी नेशनल बता रहे- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी ने ई-20 मिलावटी पेट्रोल हमारे देश के ऊपर थोपा है। इससे देश की जनता बहुत ज्यादा परेशान है। 7 लाख से ज्यादा लोग इस मुद्दे पर अपना समर्थन प्रकट करने के लिए जुड़े हैं। मुझे पूरा यकीन है कि केंद्र सरकार भी यह कार्यक्रम देख रही होगी। जब भी इनके मंत्री आते हैं, तब कहते हैं कि ई-20 सेफ है, ई-20 से कोई प्रॉब्लम नहीं है और ई-20 के खिलाफ आवाज उठाने वाले एंटी-नेशनल हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि आज हमने इतनी सारी टेस्टिमनीज उनके सामने रखीं और इतने सबूत रखे। लोकल सर्कल्स नाम की एक संस्था ने देशभर में गाड़ियां इस्तेमाल करने वाले 45 हजार लोगों का सर्वे किया। उसमें पता चला कि 67 फीसद लोगों की माइलेज कम हो गई और 45 फीसद लोगों के इंजन खराब हो गए। आज इतने लोगों ने अपनी व्यथा रखी, क्या ये सारे झूठे हैं और यह सारा गलत है? फिर भी इनके मंत्री आकर कहते हैं कि ई20 ठीक है।

अगर ई-20 पर सरकार की कोई रिपोर्ट या स्टडी है तो देश के सामने रखे- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार जवाब में कोई रिपोर्ट, कोई वैज्ञानिक स्टडी या कोई इंजीनियरिंग की बात तो रखे, लेकिन वे कुछ नहीं रखेंगे। वे कहते हैं कि उन्होंने स्टडी करा ली है। अगर स्टडी करा ली है तो उसकी कोई रिपोर्ट तो होगी, वे उस रिपोर्ट को दिखाएं। हम भी पढ़े-लिखे हैं और उनसे ज्यादा ही पढ़े-लिखे हैं। उनकी डिग्री तो नकली है, लेकिन हमारी डिग्री असली है। मेरी डिग्री लोगों ने आरटीआई के तहत मांग रखी है और मेरे इंस्टिट्यूट आईआईटी खड़गपुर ने वह दी हुई है। मैंने उनकी डिग्री मांग ली, तो मेरे खिलाफ क्रिमिनल केस कर दिया गया। गुजरात में मेरे खिलाफ ट्रायल चल रहा है कि मैंने उनकी डिग्री क्यों मांगी? अगर उनकी कोई रिपोर्ट है तो वे रिपोर्ट दिखाएं। देश के अंदर इस पर बातचीत तो होनी चाहिए।

लोग सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन खरीदें, यह सरकार डीजल में भी मिलावट करने की योजना बना रही- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि सरकार कह रही है कि ई-25, ई-30 या ई-40 अभी नहीं ला रहे, अभी स्टडी चल रही है। वे बस यह देख रहे हैं कि यह मुद्दा कितने दिन में ठंडा पड़ता है। जैसे ही मुद्दा शांत होगा वे ई-25, ई-30 और ई-40 ले आएंगे। वे कोई स्टडी नहीं कर रहे, गुंडागर्दी कर रहे हैं और देश के साथ जबरदस्ती कर रखी है। इसलिए मेरी अपील है कि पेट्रोल और डीजल की गाड़ियां खरीदना बंद कर दो। जैसे ई-10 वाली गाड़ियों में धक्का करके ई-20 ले आए और गाड़ियां खराब हो गईं। अगले साल ई-10 वाली गाड़ी में ई-25, ई-30 और ई-40 ले आएंगे और भट्ठा बैठ जाएगा। अभी ई-20 वाली गाड़ियां मार्केट में मिल रही हैं, कल उसमें ई-30 आ गया तो वो भी खराब हो जाएंगी। पहले सरकार को ई-100 ले आने दो, उसके बाद गाड़ी खरीदना। खरीदनी हो तो इलेक्ट्रिकल व्हीकल खरीदना, डीजल वाली भी मत खरीदना, क्योंकि ये लोग डीजल में भी मिलावट करने की प्लानिंग कर रहे हैं। जब तक भारत के अंदर ई-100 की गाड़ी बनना शुरू न हो जाए, कोई गाड़ी मत खरीदना। ये धोखा दे रहे हैं, ई-10 की गाड़ी में ई-20 डालेंगे, ई-20 की गाड़ी में ई-50 डालेंगे, 50 की गाड़ी में ई-100 डालेंगे। इन्होंने धक्का कर रखा है।

कई ऑटो निर्माता कंपनियां भी मान रहीं, 2023 से पहले की गाड़ियों में ई-20 सुरक्षित नहीं, पर मोदी सरकार के डर से लिखकर देने को तैयार नहीं- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैंने भारत में पेट्रोल से चलने वाले टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर बनाने वाली 29 कंपनियों को चिट्ठी लिखी। मैंने उनसे दो ही चीजें पूछीं कि 2023 से पहले बनी उनकी गाड़ियों में ई-20 इस्तेमाल हो सकता है क्या? अगर हो सकता है और किसी की गाड़ी खराब हो जाए या माइलेज कम आए, तो क्या वे लिखकर देंगे कि हर्जाना वे देंगे? किसी का लिखित जवाब नहीं आया, लेकिन नौ कंपनियों के अफसरों से मेरी डिटेल में बात हुई। वे बोले कि 2023 के पहले वाली गाड़ियां ई-10 थीं, उनमें ई-20 इस्तेमाल नहीं हो सकता। सरकार ने जबरदस्ती कर रखी है, ई-20 इस्तेमाल करने से गाड़ी और माइलेज दोनों खराब होगी। अफसरों ने बताया कि अगर वे लिखकर देंगे तो प्रधानमंत्री धमकी दे रहे हैं कि फैक्ट्री बंद करा दूंगा, इनकम टैक्स की रेड करा दूंगा, प्लांट बंद कर दूंगा और ईडी भेज दूंगा। कंपनियों का कहना है कि अगर उन्होंने सरकार के कहने पर लिखकर दे दिया कि ई-20 सही है, तो कंज्यूमर कोर्ट में जाकर लोग हर्जाना मांगेंगे। ना वे ये लिखकर दे सकते हैं और ना वो, क्योंकि सरकार ने जबरदस्ती कर रखी है।

पूरा देश ई-20 से परेशान है, लेकिन सरकार जबरदस्ती कहलवा रही है कि ई-20 ठीक है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक चुटकुला है कि रूस, अमेरिका और भारत की पुलिस के बीच शेर पकड़ने का कंपटीशन हुआ। रूस की पुलिस पांच दिन में और अमेरिका की पुलिस एक दिन में शेर पकड़ लाई। लेकिन मोदी जी की पुलिस ने तीन दिन बाद एक कुत्ते को पकड़कर मारना शुरू कर दिया कि बोल मैं शेर हूं। यही हाल सरकार ने हमारे साथ कर रखा है। इतने सारे लोग ई-20 से परेशान होकर सच बोल रहे हैं, लेकिन सरकार जबरदस्ती कहलवा रही है कि ई-20 ठीक है। अब तो जो भाजपा वाले इसे विपक्ष का एजेंडा या एंटी-नेशनल बता रहे थे, वे भी अब इन्हें गालियां दे रहे हैं।

पेट्रोल से इथेनॉल महंगा है, इससे न विदेशी मुद्रा बचती है और ना किसानों को ही फायदा है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इथेनॉल पेट्रोल से महंगा है। सारे टैक्स हटा दें तो पेट्रोल 50 रुपए और एथेनॉल 70 रुपए पड़ता है। कैलोरीफिक वैल्यू कम होने के कारण एथेनॉल की माइलेज भी कम है। सरकार कह रही थी कि एथेनॉल से फॉरेन एक्सचेंज बचती है, लेकिन कई कैलकुलेशन से साफ हो गया है कि इससे कोई फॉरेन एक्सचेंज नहीं बचती। एथेनॉल से किसान को भी कोई फायदा नहीं हो रहा है, बल्कि जहां इसके प्लांट लगे हैं वहां 20-20 किमी तक पानी और जमीन बर्बाद हो गई है, जिससे किसान दुखी है। अगर एथेनॉल से कोई फायदा नहीं है तो मोदी जी इसे पूरे देश में जबरदस्ती क्यों थोप रहे हैं?

इस साल भारत सरकार अमेरिका से 5 बिलियन लीटर एथेनॉल इंपोर्ट करेगी- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों की रिसर्च में सामने आया है कि भारत और अमेरिका के बीच एक ट्रेड डील साइन हुई है। उसमें लिखा है कि अगले 5 साल में भारत को अमेरिका से 100 बिलियन डॉलर का सामान खरीदना कंपलसरी है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा एथेनॉल उत्पादक है लेकिन वहां इसकी खपत नहीं है। अमेरिका में ई-10 से भी कम का इस्तेमाल होता है और वहां भी पेट्रोल पंप पर ऑप्शन मिलती है। ई-20 लागू करने के बाद इस साल भारत, पिछले साल के मुकाबले पांच गुना ज्यादा एथेनॉल इंपोर्ट करेगा और यह सारा अमेरिका से आएगा। पिछले साल 1 बिलियन लीटर एथेनॉल अमेरिका से इंपोर्ट किया गया था। इस साल 5 बिलियन लीटर एथेनॉल इंपोर्ट किया जाएगा। ट्रंप को खुश करने के लिए भारत के ऊपर जबरदस्ती एथेनॉल थोपा जा रहा है।

मोदी जी की ट्रम्प के आगे झुकने की क्या मजबूरी है, ये नहीं पता, पर उन्होंने पूरा देश बेच दिया- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2018 में केंद्र सरकार ने ऐलान किया था कि 2030 तक देश के अंदर ई-20 लागू करेंगे, लेकिन ट्रंप के आने के बाद मोदी जी कह रहे हैं कि 2025-2026 में ही ई-20 लागू कर दिए। 5 बिलियन लीटर का मतलब हुआ लगभग ढाई बिलियन डॉलर। एक साल में ढाई बिलियन डॉलर का एथेनॉल भारत अमेरिका से खरीदेगा। 5 साल में 15 से 20 बिलियन डॉलर का एथेनॉल हम खरीदेंगे। 100 बिलियन डॉलर के सामान में से 20 बिलियन डॉलर का एथेनॉल हम अमेरिका से खरीदेंगे, जिसकी हमें कोई जरूरत नहीं है। मोदी जी की जो भी मजबूरी हो, कोई कहता है एपस्टीन फाइल है, कोई कहता है अडानी को बचाना है। मुझे नहीं पता उनकी ट्रंप के सामने क्या मजबूरी है, लेकिन उन्होंने पूरा देश बेच दिया, लोगों की गाड़ियां खराब कर दीं और देश का बेड़ा गर्क कर दिया।

जब जनता के अंदर डंडे का डर खत्म हो जाता है, तो सिंहासन डोलने लगता है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि युवाओं का आंदोलन अभी सफल हुआ और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। उसका टर्निंग पॉइंट क्या था? मोदी जी को बड़ा गुरूर था कि इन बच्चों को तो वे देख लेंगे। एक दिन उन्होंने सोनम वांगचुक को जबरदस्ती वहां से उठा दिया। उनको लगा कि सोनम वांगचुक को उठा देंगे तो धरना खत्म हो जाएगा, लेकिन धरना और बढ़ गया। फिर 20 जुलाई को उनको लगा कि इनको डंडे मारो, आंसू गैस छोड़ो। उन्होंने अपने ही बच्चों के सर फोड़ दिए, टांगे तोड़ दीं और खूब मारा। उनको लगा कि मां-बाप और बच्चे डर जाएंगे। लोग डर भी जाते हैं, मां-बाप कहते हैं कि खबरदार जो गया। लेकिन कुछ तो चमत्कार हुआ। एक बार तो जंतर-मंतर खाली हो गया था, लेकिन रात होते-होते 20 जुलाई की रात को 4-5 हजार से लेकर 10 हजार लोग जंतर-मंतर पहुंच गए। जब जनता के बीच से डंडे का डर खत्म हो जाता है, तो सिंहासन डोलने लगता है। 20 जुलाई की रात ने ही तय कर दिया था और उसी दिन मैंने अपने दोस्तों को बोल दिया था कि अब तो धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ेगा।

लोग डरें नहीं, वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालें, मोदी जी कितनों को जेल भेजेंगे?- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन्होंने मुझे जेल में डाला। अगर मैंने कुछ गलत काम किया होता और मेरे मन में कन्विक्शन का डर होता, तो मैं भी भाजपा या एनडीए में चला जाता और उनसे दोस्ती कर लेता। मुझे पता था कि आज नहीं तो कल, न्याय तो मिलेगा ही। मैं जेल चला गया और अब मेरे मन से भी जेल का डर निकल गया है। मैं छह महीने रहकर आया हूं, छह साल भी रह लूंगा। जिस दिन जनता के मन से जेल और डंडे का डर खत्म हो जाता है, उस दिन जनता की जीत हो जाती है। कुछ लोग डरे हुए हैं, उन्हें वीडियो डालने में भी डर लगता है। एक बार मन से डर निकाल दो और सभी लोग वीडियो डालना चालू कर दो। देखते हैं मोदी जी कितने लोगों को जेल भेजेंगे। मोदी जी की ईडी, सीबीआई, पुलिस, इनकम टैक्स और सारी एजेंसियां छोटी पड़ जाएंगी।

मोदी सरकार डराकर हम पर शासन कर रही है, हमें अपने मन से डर निकालना पड़ेगा- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कई बार हम सोचते हैं कि अंग्रेज तो 80 हजार थे और उस समय देश की जनता 30 करोड़ थी, तो 80 हजार लोगों ने 30 करोड़ लोगों पर कैसे शासन कर लिया। आज भी वही बात है। मोदी जी की कितनी पुलिस और कितनी एजेंसियां हैं, जबकि हम 140 करोड़ लोग हैं। 140 करोड़ लोगों ने जब मिलकर अपनी आवाज उठा दी, तो मोदी जी को झुकना पड़ेगा। सब लोगों को अपने मन से डर निकालना पड़ेगा। सभी लोग खूब वीडियो बनाओ, अपने और दोस्तों के वीडियो सोशल मीडिया पर डालो। मुझे टैग करो और कोलैब रिक्वेस्ट भेजो, मैं सबके वीडियो शेयर करूंगा। मुझे इनसे डर नहीं लगता।

सरकार ने तेल कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए जबरदस्ती पेट्रोल महंगा कर रखा है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार के सामने देश की जनता की तरफ से तीन मांगें रखी। पहली, हर पेट्रोल पंप पर शुद्ध पेट्रोल और ई-20 का विकल्प मिलना चाहिए। लोग की मर्जी है कि वे प्योर पेट्रोल लें या ई-20। अगर सरकार यह ऑप्शन देगी और ई-20 बिका, तो इसका मतलब ई-20 सही है। यह मार्केट है, मार्केट को तय करने दें। जिसे ई-20 खरीदना हो वह ई-20 खरीदे और जिसे प्योर पेट्रोल खरीदना हो वह प्योर पेट्रोल खरीदे। दूसरी मांग यह है कि ई-20 प्योर पेट्रोल से सस्ता होना चाहिए। तीसरी मांग यह है कि आज जबरदस्ती तेल कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए पेट्रोल महंगा कर रखा है, इसलिए पेट्रोल 84 रुपए प्रति लीटर से कम होना चाहिए। लोग कैलकुलेट भी कर सकते हैं कि ई-20 की वजह से सालाना और 5 साल में उनके घर में कितने पैसे का नुकसान होगा।

जब टाउनहॉल में पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी…

ई-20 के खिलाफ आयोजित टाउनहॉल में बैठे लोगों के अंदर उस वक्त जोश भर गया, जब कॉमेडियन श्याम रंगीला मंच पर प्रधानमंत्री की मिमिक्री करने करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पीएम की आवाज में कहा कि आज अरविंद केजरीवाल ने मेरे लिए कुर्सी लगाई है, लेकिन मुझे वे इस कुर्सी पर भी बैठे हुए ठीक नहीं लग रहे हैं, यह देखकर मुझे थोड़ी पीड़ा होती है। हमने अच्छे दिनों का वादा किया था और आज जनता इकट्ठा होकर यही मांग कर रही है कि पिछले दिन वापस आने चाहिए। एक साल पहले जब पेट्रोल शुद्ध और सही रेट में मिलता था, तब लोगों को एहसास ही नहीं हुआ कि वे अच्छे दिन थे। अब जनता की आंखें खोलने के लिए ही हम ई-20 लेकर आए हैं और पेट्रोल का रेट बढ़ाया है, ताकि लोगों को अब वो अच्छे दिन नजर आने लगें। हम इसी प्रकार देश हित के लिए कार्य करते रहेंगे। इस दौरान उन्होंने अरविंद केजरीवाल और ई-20 का अनुभव साझा कर रहे लोगों के सवालों के जवाब भी प्रधानमंत्री की आवाज में देकर सबको खूब हंसाया।

7 लाख से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन देखा टाउनहॉल

कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित इस टाउन हॉल को ऑनलाइन भी रिकॉर्ड समर्थन मिला। जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किसी अन्य टॉउनहॉल को शायद ही इतना समर्थन मिला होगा। सुबह 11ः30 बजे से शुरू हुए टाउनहॉल से धीरे-धीरे लोग जुड़ते थे और हर मिनट हजारों की संख्या में लोग जुड़ते गए। कार्यक्रम खत्म होने से ठीक पहले तक 7 लाख से ज्यादा लोग ऑनलाइन टाउनहॉल को देख रहे थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों के अंदर ई-20 को लेकर कितनी नाराजगी और असंतोष है।

कांस्टीट्यूशन क्लब का हॉल खचाखच भरा, बाहर लगी स्क्रीन पर भी सैकड़ों लोगों ने देखा

इस टॉउन हॉल को लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला। अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने जैसी उम्मीद जताई जताई थी कि टाउनहॉल में बड़ी तादात में लोग हिस्सा लेंगे, वैसा ही हुआ। क्लब का जो हॉल बुक किया गया था, वह पूरी तरह खचाखच भरा हुआ था। यहां तक की बड़ी संख्या में लोग खड़े होकर भी कार्यक्रम देख रहे थे। इसके अलावा लोगों की सुविधा के लिए बाहर भी एलईडी स्क्रीन लगाई गई थी और वहां भी सैकड़ों लोगों ने पूरा कार्यक्रम देखा।

नाटक के जरिए भी ई-20 को लेकर केंद्र सरकार को दिखाया आइना

टाउनहाल कार्यक्रम की शुरूआत ही एक नाटक के जरिए की गई। यह नाटक कौन बनेगा करोड़पति से प्रेरित था। इसमें कुछ युवाओं ने ई-20 के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान और फायदे के बारे में बड़े तार्किक ढंग से समझाने की कोशिश की। नाटक के जरिए युवाओं ने देश की जनता को समझाने की कोशिश की कि ई-20 कहीं से भी पुरानी गाड़ियों के लिए सुरक्षित नहीं है और ना तो कोई फायदा है। अगर किसी को फायदा हो रहा है तो वह सिर्फ सरकार और तेल कंपनियों को हो रहा है।

लोगों ने टाउनहॉल में साझा किए ई-20 के अनुभव

ई-20 से सिर्फ रबर पार्ट्स ही नहीं, फ्यूल पंप भी खराब हो रहे- मनीष कश्यप, यू-ट्यूबर

टाउन हॉल में देश की जानी-मानी शख्सियत मनीष कश्यप ने कहा कि कम सेकम अरविंद केजरीवाल ने उन 30 करोड़ गाड़ियों की आवाज सुनी, जो खुद बोल नहीं सकतीं। चुनाव के बाद सिर्फ जनता के हित की बात होनी चाहिए। मैंने टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस हाइब्रिड गाड़ी ली थी। 12 हजार किमी चलने पर गाड़ी ने पिकअप लेना बंद कर दिया। देश के 1.03 लाख पेट्रोल पंपों में से मात्र पांच से सात हजार पेट्रोल पंप ही ई-20 के लायक हैं। सरकार 300 रुपए के रबर पार्ट बदलने की बात कहती है, लेकिन ई-20 से सबसे पहले 10 हजार से 1 लाख रुपए तक का फ्यूल पंप खराब होता है। मेरी गाड़ी खराब होने पर सर्विस सेंटर ने 7,960 रुपए का बिल बनाया, जिसमें 9 फीसद स्टेट और 9 फीसद सेंट्रल जीएसटी सरकार को गया। एक साल बाद गाड़ियों की सर्विसिंग कॉस्ट डेढ़ गुना हो जाएगी।

इथेनॉल बनाने के लिए नाइट्रोजन फर्टिलाइजर का इस्तेमाल होता है, जो कार्बन डाइऑक्साइड से 273 गुना ज्यादा खतरनाक है- डॉ. अनुपम सैनी, प्रोफेेसर

इस दौरान दिल्ली यूनिवर्सिटी के पर्यावरण अध्ययन के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनुपम सैनी ने कहा कि ई-20 के बारे में यह कड़वा सच छुपाया गया है कि इथेनॉल बनाने के लिए नाइट्रोजन फर्टिलाइजर का इस्तेमाल होता है, जो कार्बन डाइऑक्साइड से 273 गुना ज्यादा खतरनाक है। एक लीटर इथेनॉल बनाने में लगभग 40 से 50 फीसद कार्बन फुटप्रिंट जनरेट होता है। गाड़ियों के साइलेंसर से निकलने वाले धुएं की तुलना में खेतों से निकलने वाला यह जहरीला धुआं बहुत ज्यादा खतरनाक है। भारत में गन्ने से इथेनॉल बनाने के लिए औसतन 2500 से 3000 लीटर पानी का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि हमारा देश पानी के भारी संकट से जूझ रहा है। इसके अलावा देश में 70 फीसद बिजली अभी भी कोयले से बन रही है। एक लीटर पेट्रोल 10 से 20 यूनिट ऊर्जा देता है, जबकि इथेनॉल केवल डेढ़ से पांच यूनिट ऊर्जा पैदा करता है, जिससे गाड़ी की एफिशिएंसी काफी कम हो जाती है।

ई-20 पेट्रोल की वजह से मेरी नई बाइक का इंजन पूरी तरह खराब हो गया- नीरज झा, जोमैटो राइडर

वहीं, जोमैटो राइडर नीरज झा ने कहा कि मैं जोमैटो के लिए डिलीवरी राइडर का काम करता हूं। ई-20 पेट्रोल की वजह से मेरी नई बाइक का इंजन पूरी तरह से खराब हो गया है और मैं पिछले दो महीने से बेरोजगार बैठा हूं। पहले मैं 95 रुपए प्रति लीटर वाला पेट्रोल डलवाता था, लेकिन अब यह महंगा होकर 115 रुपए हो गया है। पहले मैं जोमैटो से काम करके महीने के 15 से 20 हजार रुपए आसानी से कमा लेता था, लेकिन अब काम बंद होने की वजह से मेरी कमाई पूरी तरह से रुक गई है। मेरी नई बाइक पहले बिल्कुल सही चल रही थी, लेकिन जब इंजन में दिक्कत आने पर मैंने उसे मैकेनिक से चेक कराया, तो उसने बताया कि इंजन में पानी चला गया है। जब मैंने खुद देखा तो सच में इंजन से पानी निकला। मुझे नहीं पता कि वह पानी इथेनॉल था या कुछ और था। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मेरी इस हालत के लिए असल में जिम्मेदार कौन है?

ई-20 की वजह से पुरानी गाड़ियों के कार्बोरेटर में सबसे ज्यादा दिक्कतें आ रही- आमिर खान, मैकेनिक

उधर, मोटर मैकेनिक आमिर खान ने कहा कि मुझे टू-व्हीलर और पेट्रोल गाड़ियों की रिपेयरिंग का 12 साल का लंबा अनुभव है। ई-20 पेट्रोल की वजह से पुरानी बीएस4 और बीएस3 गाड़ियों के कार्बाेरेटर में बहुत ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं। अगर आप गाड़ी में ई-20 डलवाने के बाद उसे 15 से 20 दिन या एक महीने के लिए खड़ी कर देते हैं, तो कार्बाेरेटर के नीचे वाले हिस्से में जहां पेट्रोल इकट्ठा रहता है, वहां गाद और काई जम जाती है। वहां एक मीठा पदार्थ बन जाता है, जिससे कार्बाेरेटर पूरी तरह खराब हो जाता है और गाड़ी चलना बंद हो जाती है। यह दिक्कत पहले की गाड़ियों में नहीं आती थी। नई बीएस6 गाड़ियों में भी ई-20 डालने के बाद पिकअप और माइलेज बहुत ज्यादा ड्रॉप हो जाती है और रास्ते में चलते-चलते गाड़ी अचानक बंद हो जाती है। बीएस-6 बाइक के फ्यूल टैंक के अंदर एक फ्यूल पंप होता है जिसमें एक फिल्टर लगा होता है। ई-20 पेट्रोल की वजह से यह फिल्टर बहुत ही जल्दी चोक हो जाता है, जिसके कारण गाड़ियों की सर्विस कॉस्ट आज के समय में काफी ज्यादा बढ़ गई है।

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चार अगस्त को ई-20 के खिलाफ आई 2 लाख पीटिशन लेकर प्रधानमंत्री से मिलने जाऊंगा- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ई-20 पेट्रोल के मुद्दे पर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। शनिवार को उन्होंने एलान किया कि वह 4 अगस्त (मंगलवार) को ई-20 के खिलाफ देश के लोगों से ऑनलाइन मिली पीटिशन को लेकर प्रधानमंत्री से मिलने उनके घर जाएंगे। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री से मिलने के लिए निकलूंगा। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि मेरे साथ प्रधानमंत्री के घर वहीं लोग चलें, जिन्हें डंडे और जेल जाने से डर नहीं लगता है। साथ ही उम्मीद जताई कि नेता विपक्ष को जहां तक जाने दिया था, उन्हें भी वहां तक जाने दिया जाएगा।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ दिन पहले मैंने देश के लोगों से प्रधानमंत्री के नाम पिटीशन साइन करने को कहा था। अब तक 2 लाख से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन पिटीशन साइन की है। मैंने उनके प्रिंट आउट ले लिए हैं और मंगलवार, 4 अगस्त को दोपहर 12 बजे सारी पिटीशन लेकर मैं खुद व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री को देने उनके घर जाऊंगा। सब लोगों को आने की जरूरत नहीं है। मैं अपने साथ सिर्फ 100 ऐसे लोग लेकर जाऊंगा जिन्हें डंडे या जेल जाने से डर नहीं लगता। जो लोग जाना चाहते हैं, वे मुझे टैग करके लिख दें। हम 100 लोगों को साथ ले जाएंगे और प्रधानमंत्री के घर की तरफ कूच करेंगे, फिर देखते हैं उसके बाद क्या होता है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, वे उन पर एफआईआर करा देते हैं। ऐसे बहुत सारे लोग हैं, जिनकी नाक में इन्होंने दम कर रखा है। इसका मतलब कुछ तो गड़बड़ है और ई-20 में गड़बड़ है। अगर ई-20 सही होता तो वे आमने-सामने बैठकर बात करते। दो सबूत हम रखते और दो सबूत वे रखते। लेकिन जब वे धमकी देकर कुछ करा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि कुछ गड़बड़ है। एलान करके प्रधानमंत्री आवास जाने और सिक्योरिटी से जुड़े सवाल पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जैसे नेता विपक्ष को जहां तक जाने दिया था, मुझे उम्मीद है कि हमें भी वहां तक तो जाने ही देंगे।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, ट्रंप के सामने कमजोर पड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री की कुछ तो मजबूरियां हैं, जिसकी वजह से उन्होंने पूरे देश को ट्रंप के सामने गिरवी रख दिया है और देशवासी बहुत दुखी हैं। प्रधानमंत्री की जो भी मजबूरियां हों, हम उनसे निवेदन करते हैं कि अगर वे अपनी मजबूरियों को फेस नहीं कर सकते, तो इस्तीफा दे दें। वे किसी और को प्रधानमंत्री बनने दें, जो कम से कम ट्रंप की आंखों में आंखें डालकर मुकाबला कर सके, लेकिन पूरे देश को दुखी न करें।

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