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‘एक पड़ोसी राज्य ने ऐसी घोषणा की…’, Punjab के वित्त मंत्री ने बिना नाम लिए हरियाणा पर साधा निशाना
पंजाब की भगवंत मान सरकार ने चुनाव से पहले अपना आखिरी बजट पेश कर दिया. पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज (08 मार्च) राज्य का वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 260437 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. इस बजट के जरिए आम आदमी पार्टी की सरकार ने चुनावों के वक्त महिलाओं के लिए 1000 रुपये प्रति महीना देने की गारंटी पूरी करने की घोषणा की है.
बजट में सरकार ने ‘मुख्यमंत्री मांवां धीयां सत्कार योजना’ लागू करने की घोषणा की है. इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये दिए जाएंगे. राज्य में 18 साल से ऊपर की महिलाओं को इस योजना के तहत एक हजार रुपया प्रति महीना मिलेगा.
SC की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये
मौजूदा सरकारी कर्मचारी या रिटायर हो चुकी सरकारी कर्मचारी महिलाएं, और इनकम टैक्स दे रहीं महिलाओं को इस योजना के तहत लाभ नहीं मिलेगा. सरकार की अन्य योजनाओं जैसे की वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, डिसेबिलिटी पेंशन ले रही महिलाओं को इस योजना के तहत पैसा मिलेगा. इस योजना के तहत SC तबके की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति महीना पैसे मिलेंगे.
कब से शुरू होगी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया?
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में इस योजना पर 9300 करोड़ रुपये खर्च के लिए रखे हैं. वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बैसाखी के मौके पर 13 अप्रैल से शुरू होगी. हालांकि सरकार ने ये अभी स्पष्ट नहीं किया है कि कब से पैसे देना शुरू करेगी. अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि सरकार लाभार्थी महिलाओं को अप्रैल माह से पैसा देगी इसलिए जिनका रजिस्ट्रेशन होगा उन्हें अप्रैल महीने से आगे के पैसे मिलेंगे.
पंजाब के वित्त मंत्री ने हरियाणा सरकार को घेरा
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने अप्रत्यक्ष तौर पर हरियाणा सरकार पर भी निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने ऐसी ही योजनाओं की घोषणा करने का जुमला तो दिया है, लेकिन वे इसे महिलाओं के एक छोटे से वर्ग तक सीमित रखते हैं, जबकि महिलाओं का एक बड़ा वर्ग जो अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए आर्थिक रूप से पुरुषों पर निर्भर रहता है, उसे नजरअंदाज कर देते हैं.
वित्त मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे एक पड़ोसी राज्य ने ऐसी ही एक योजना की घोषणा की, लेकिन इसे सिर्फ 1 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों तक सीमित कर दिया, जिसमें सभी वयस्क महिलाओं में से सिर्फ 20 फीसदी ही शामिल हो पाईं. उन्होंने कहा, ”पंजाब सरकार ऐसे जुमले नहीं देगी और यह सुनिश्चित करने वाला पहला राज्य बनने का फैसला किया है कि सभी वयस्क महिलाएं इस योजना के दायरे में आएं.”
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पंजाब में मान सरकार की नीति से ₹1.55 लाख करोड़ का निवेश, अब औद्योगिक हब बनेगा राज्य!
पंजाब में लंबे समय से उद्योगों के पलायन, बेरोज़गारी और आर्थिक सुस्ती को लेकर जो चिंता थी, उसे अब एक नई दिशा मिलती दिख रही है. मान सरकार ने बताया है कि नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी ने राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐसा रोडमैप पेश किया है, जिसे उद्योग जगत भी गंभीरता से देख रहा है और आम लोग भी उम्मीद के साथ जोड़कर देख रहे हैं. यह सिर्फ एक सरकारी दस्तावेज़ नहीं बल्कि पंजाब के आर्थिक पुनर्निर्माण की शुरुआत माना जा रहा है.
सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में पंजाब में उद्योग लगाने को लेकर कई तरह की आशंकाएँ रहती थीं, भौगोलिक स्थिति, निवेश सुरक्षा और प्रतिस्पर्धी राज्यों की नीतियां, लेकिन अब आम आदमी पार्टी की सरकार ने इन सभी चुनौतियों का जवाब एक व्यापक और दूरदर्शी औद्योगिक नीति के जरिए दिया है. इस नई पॉलिसी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें निवेशकों को अपनी जरूरत के हिसाब से इंसेंटिव चुनने की आज़ादी दी गई है. यानी उद्योगपति अब तय कर सकते हैं कि उनके प्रोजेक्ट के लिए कौन-कौन से प्रोत्साहन सबसे अधिक फायदेमंद होंगे.
बड़े उद्योगों के आने का रास्ता होगा आसान- सरकार
सरकार ने कहा है कि यह बदलाव पंजाब को उन राज्यों से अलग खड़ा करता है, जहां एक तयशुदा पैकेज दिया जाता है और निवेशक को उसी में काम करना पड़ता है. पंजाब ने पहली बार निवेशकों को लचीलापन दिया है, जिससे उद्योगों को अपने बिजनेस मॉडल के अनुसार प्रोत्साहन लेने का अवसर मिलेगा. मान सरकार ने इस नीति के जरिए एक और बड़ा कदम उठाया है, पूंजी निवेश पर सीधी सब्सिडी. अगर कोई उद्योग 100 करोड़ रुपये का प्लांट लगाने की योजना बनाता है, तो सरकार पूंजी निवेश में साझेदारी करके शुरुआती जोखिम को कम करती है. इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और बड़े उद्योगों के आने का रास्ता आसान होगा.
सरकार ने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पॉलिसी केवल नए उद्योगों के लिए ही नहीं बल्कि पहले से काम कर रहे उद्योगों के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए भी लागू होगी. पहले अक्सर देखा जाता था कि सरकारें सिर्फ नए निवेशकों को आकर्षित करने की कोशिश करती थीं, जबकि राज्य के मौजूदा उद्योग पीछे छूट जाते थे. लेकिन अब अगर कोई पुरानी फैक्ट्री अपनी मशीनरी अपग्रेड करना चाहती है, उत्पादन क्षमता बढ़ाना चाहती है या नई लाइन जोड़ना चाहती है, तो उसे भी सरकारी प्रोत्साहन मिलेगा.
लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार- मान सरकार
मान सरकार का दावा है कि यह फैसला पंजाब के औद्योगिक शहरों लुधियाना, जालंधर, गोबिंदगढ़ और बटाला के हजारों छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए राहत और अवसर दोनों लेकर आया है. इन्हीं उद्योगों में लाखों लोगों को रोजगार मिलता है. नई पॉलिसी का एक बड़ा संदेश सामाजिक समावेशन को लेकर भी है. अगर उद्योगों में महिलाओं, अनुसूचित जाति समुदायों या दिव्यांग कर्मचारियों को रोजगार दिया जाता है तो सरकार अधिक सब्सिडी देगी. इसका मतलब है कि रोजगार के साथ-साथ सामाजिक न्याय को भी नीति का हिस्सा बनाया गया है.
सरकार ने बताया है कि छोटे उद्योगों को भी इस नीति में पहली बार बड़े पैमाने पर जगह दी गई है. रोजगार सृजन सब्सिडी के लिए न्यूनतम निवेश सीमा घटाकर 25 करोड़ रुपये कर दी गई है और 50 कर्मचारियों की शर्त रखी गई है. इससे छोटे और मध्यम उद्यमों को सरकारी प्रोत्साहन मिलने का रास्ता खुल गया है.
25 प्रतिशत अतिरिक्त इंसेंटिव का प्रावधान
पंजाब के सीमावर्ती जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर और फाजिल्का के लिए 25 प्रतिशत अतिरिक्त इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है. इन इलाकों में लंबे समय से निवेश कम आता रहा है, लेकिन अब सरकार इन क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने वालों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ दे रही है. इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है.
इस नीति की सबसे बड़ी ताकत इसका दीर्घकालिक दृष्टिकोण है. कई राज्यों में औद्योगिक प्रोत्साहन 5 से 10 साल तक सीमित होते हैं, जबकि पंजाब ने इसे बढ़ाकर 15 साल तक कर दिया है. इससे बड़े और पूंजी-गहन उद्योग जैसे सेमीकंडक्टर, फार्मा, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक वाहन को राज्य में आने के लिए एक स्थिर और भरोसेमंद माहौल मिलेगा. मान सरकार का दावा है कि इस नई नीति के तहत निवेशकों को उनके फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट का 100 प्रतिशत तक इंसेंटिव मिल सकता है. इसमें जमीन, मशीनरी, भवन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और पर्यावरण से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर तक शामिल हैं. इस तरह की व्यापक सहायता किसी भी उद्योग के लिए निवेश का गणित पूरी तरह बदल सकती है.
2022 के बाद राज्य में 1.55 लाख करोड़ का हुआ निवेश
पिछले कुछ समय में पंजाब में निवेश का रुझान भी जबरदस्त तेजी से बढ़ा है. आंकड़ों के अनुसार 2022 के बाद राज्य में लगभग 1.55 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ है, जिसमें से करीब 55 हजार करोड़ रुपये का निवेश सिर्फ पिछले एक साल में आया. टाटा, इंफोसिस, ट्राइडेंट, वर्धमान, एचएमईएल और फोर्टिस जैसी बड़ी कंपनियों की मौजूदगी ने निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया है.
पंजाब के युवाओं के लिए इस नीति का सबसे बड़ा असर रोजगार के रूप में दिखाई देगा. जब नए उद्योग आएंगे, पुराने उद्योग विस्तार करेंगे और छोटे उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा, तो लाखों युवाओं के लिए नौकरी के नए अवसर पैदा होंगे.
राज्य के कई इलाकों में लोग अब यह उम्मीद कर रहे हैं कि पंजाब एक बार फिर औद्योगिक मानचित्र पर मजबूत तरीके से उभरेगा. लंबे समय तक बेरोजगारी और पलायन की चर्चा करने वाले पंजाब के युवा अब यह कह रहे हैं कि अगर उद्योग आएंगे तो उन्हें भी अपने ही राज्य में भविष्य बनाने का मौका मिलेगा.
पंजाब की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति- सरकार
आम आदमी पार्टी की सरकार इस नीति को पंजाब की आर्थिक पुनरुत्थान की आधारशिला के रूप में पेश कर रही है. सरकार का मानना है कि उद्योग, रोजगार और सामाजिक समावेशन इन तीनों को एक साथ आगे बढ़ाने वाली यह नीति आने वाले वर्षों में पंजाब की अर्थव्यवस्था को नई गति देगी.
पंजाब के लोगों के बीच भी यह भावना तेजी से बन रही है कि अगर ऐसी नीतियां लगातार लागू होती रहीं तो राज्य सिर्फ कृषि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उद्योग और रोजगार के मामले में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है.
भगवंत मान सरकार की नई औद्योगिक नीति को इसलिए भी एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि यह केवल निवेश आकर्षित करने की कोशिश नहीं है, बल्कि पंजाब के आर्थिक भविष्य को एक स्थायी दिशा देने की कोशिश है.
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पंजाब की किन महिलाओं के खाते में आएंगे 1000 रुपये, कैसे करना होगा आवेदन?
Punjab One Thousand Rupees Scheme: राज्य सरकारें समय-समय पर महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई तरह की योजनाएं शुरू करती हैं. इनका मकसद महिलाओं को घरेलू खर्च में मदद देना और उन्हें आर्थिक रूप से अधिक स्वतंत्र बनाना होता है. इसी दिशा में पंजाब सरकार ने भी एक नई वित्तीय सहायता योजना की घोषणा की है.
जिसमें महिलाओं को हर महीने तय राशि देने की बात कही गई है. इस योजना के लिए सरकार ने बड़ा बजट भी तय किया है. जिससे ज्यादा से ज्यादा महिलाएं इसका फायदा उठा सकें. सरकार का मानना है कि नियमित आर्थिक मदद मिलने से महिलाओं की घरेलू फैसलों में भागीदारी बढ़ेगी और वह अपनी जरूरतों को लेकर ज्यादा आत्मनिर्भर बन सकेंगी. लेकिन सब महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ.
किन महिलाओं को मिलेगा इस योजना का लाभ?
इस योजना के तहत राज्य की बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी. सरकार के अनुसार सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये दिए जाएंगे. वहीं अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के लिए यह राशि ज्यादा रखी गई है और उन्हें हर महीने 1500 रुपये तक की मदद मिल सकती है. इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं की उम्र कम से कम 18 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए.
अच्छी बात यह है कि जो महिलाएं पहले से वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन या दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ ले रही हैं. वह भी इस योजना के लिए पात्र मानी जा सकती हैं. हालांकि कुछ महिलाओं को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा.
कौन नहीं ले सकेगा फायदा?
सरकार ने इस योजना में कुछ पात्रता नियम भी तय किए हैं. जिनके तहत जो महिलाएं सरकारी कर्मचारी या पेंशन प्राप्त कर रहीं हैं. वह इस योजना के दायरे में नहीं आएंगी. इसके अलावा आयकर देने वाली महिलाएं और वर्तमान या पूर्व विधायक और सांसद भी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सहायता उन्हीं महिलाओं तक पहुंचे जिन्हें आर्थिक मदद की ज्यादा जरूरत है.
क्या है आवेदन की प्रोसेस?
जहां तक आवेदन की बात है, सरकार की ओर से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तय की जाएगी. आम तौर पर ऐसी योजनाओं के लिए महिलाओं को रजिस्ट्रेशन कराना होता है, जिसके बाद पात्रता की जांच की जाती है. दस्तावेजों के सत्यापन के बाद चयनित लाभार्थियों के बैंक खाते में सीधे राशि भेजी जाती है. आने वाले समय में राज्य सरकार इस योजना से जुड़ी पूरी आवेदन प्रोसेस और नियम जारी किए जा सकते हैं.
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पंजाब की ‘AAP’ सरकार ने बजट में अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान द्वारा किया गया सबसे बड़ा चुनावी वादा पूरा किया
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने रविवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार का 2026-27 का पांचवां बजट पेश किया। इसमें कुल 2,60,437 करोड़ रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है और राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का अनुमान 9,80,635 करोड़ रुपये लगाया गया है, जिसमें 10 प्रतिशत की अनुमानित वृद्धि दर शामिल है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के

अवसर पर पेश किए गए इस बजट में ‘मुखमंत्री मावन ध्यान सतीकार योजना’ की घोषणा की गई है, जिसके तहत महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये और दलित महिलाओं को 1,500 रुपये मिलेंगे। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, अवसंरचना और सामाजिक कल्याण के लिए प्रमुख आवंटनों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई है, जिसे सरकार ने अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के सभी प्रमुख चुनावी वादों को पूरा करने वाला बताया है।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “प्रभावी राजस्व घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 2.06 प्रतिशत और राजकोषीय घाटा 4.08 प्रतिशत रहने का अनुमान है।” उन्होंने इस बजट को “सारी गारंटीयां पूरी करने वाला बजट” बताते हुए इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने जनता से किए गए सभी वादों को पूरा करने के लिए काम किया है।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रस्तुत बजट में “मुख मंत्री मावन ध्यान सतीकार योजना” की शुरुआत की गई, जिसे वित्त मंत्री ने महिलाओं के लिए पहली सार्वभौमिक नकद हस्तांतरण पहल बताया। योजना की व्याख्या करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “इस पहल के तहत, सरकार सभी पात्र वयस्क महिलाओं के खातों में सीधे 1,000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति समुदाय की वयस्क महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह हस्तांतरित करेगी।” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब में लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाओं को, जिनमें पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी शामिल हैं, इस योजना के दायरे में लाने के लिए 9,300 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया है।
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा सुविधा जारी रखने के लिए 600 करोड़ रुपये, 27,000 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों को कवर करने वाली एकीकृत बाल विकास सेवाओं (आईसीडीएस) के लिए 932 करोड़ रुपये और जरूरतमंद महिलाओं और किशोरियों को मुफ्त सैनिटरी पैड प्रदान करने के लिए नवी दिशा योजना के लिए 65 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
शिक्षा क्षेत्र के बारे में बात करते हुए, हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि सरकार ने 19,279 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में सात प्रतिशत अधिक है। शिक्षा क्षेत्र में हुए सुधारों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय पारख मूल्यांकन में पंजाब की शीर्ष रैंकिंग हाल के वर्षों में किए गए सुधारों के प्रभाव को दर्शाती है।” वित्त मंत्री ने विश्व बैंक के सहयोग से शिक्षा व्यवस्था में बदलाव लाने के उद्देश्य से शुरू की गई 3,500 करोड़ रुपये की परियोजना “सिखिया क्रांति 2.0” की शुरुआत की घोषणा की।

प्रस्तावों का विस्तृत विवरण देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि बजट में स्कूलों के बुनियादी ढांचे में व्यापक सुधार शामिल हैं, जिनमें चारदीवारी, शौचालय, सुरक्षाकर्मी और बड़े पैमाने पर सफेदी अभियान शामिल हैं। स्कूलों में कंप्यूटर और इंटरैक्टिव पैनल उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल परिवर्तन हेतु ₹395 करोड़ आवंटित किए गए हैं। सफल ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ मॉडल को और मजबूत किया जाएगा, और 73 लाख से अधिक छात्रों के लिए राज्यव्यापी करियर परामर्श ढांचा लागू किया जाएगा।
उच्च शिक्षा की बात करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य के विश्वविद्यालयों को अनुदान के रूप में 1,760 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि तकनीकी शिक्षा के लिए 569 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिसमें कैदियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए 11 जेलों में आईटीआई की स्थापना भी शामिल है। आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर एक विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है।
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की बात करते हुए, हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार ने इस क्षेत्र के लिए 6,879 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा, “राज्य में 65 लाख परिवारों को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्तमान में 881 क्लीनिकों वाले आम आदमी क्लीनिक नेटवर्क का विस्तार 143 नए क्लीनिकों को जोड़कर और 308 सहायक स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन करके किया जाएगा, जिससे क्लीनिकों की कुल संख्या 1,432 हो जाएगी।”
बजट में सरकारी अस्पतालों में उन्नत चिकित्सा उपकरणों के लिए 300 करोड़ रुपये और श्री आनंदपुर साहिब में एक आधुनिक ट्रॉमा सेंटर और मातृ एवं शिशु देखभाल अस्पताल की स्थापना के प्रावधान के साथ-साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए ऑन-कॉल प्रोत्साहन राशि भी शामिल है।
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए 1,220 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने मोहाली स्थित पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज में सफल लिवर प्रत्यारोपण, सात नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और मालेरकोटला में एक नए मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि की खरीद जैसी उपलब्धियों का उल्लेख किया।
कृषि क्षेत्र को संबोधित करते हुए, हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 15,377 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आवंटन में किसानों को मुफ्त बिजली के लिए 7,715 करोड़ रुपये, बीटी कपास के बीजों पर 33 प्रतिशत सब्सिडी, प्रत्यक्ष बुवाई वाले चावल (डीएसआर) और खरीफ मक्का के लिए प्रोत्साहन और फसल अवशेष जलाने के प्रबंधन के लिए मशीनरी के लिए 600 करोड़ रुपये शामिल हैं। उन्होंने जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) द्वारा समर्थित 1,300 करोड़ रुपये की एक परियोजना की भी घोषणा की, जिसका उद्देश्य 2035 तक बागवानी क्षेत्र को 300 प्रतिशत तक बढ़ाना है।
उन्होंने आगे कहा कि दूध की उचित खरीद के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान करके दुग्ध उत्पादकों को सहायता प्रदान की जाएगी, जबकि राज्य द्वारा निर्धारित मूल्य बढ़कर 416 रुपये प्रति क्विंटल होने के बाद गन्ना उत्पादकों को 270 करोड़ रुपये का आवंटन मिलेगा।
पर्यावरण स्थिरता के बारे में बात करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब क्षतिपूर्ति वनीकरण प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण कार्यक्रम के तहत वानिकी के लिए 238 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, जेआईसीए द्वारा समर्थित 760 करोड़ रुपये की जैव विविधता संरक्षण परियोजना भी लागू की जाएगी।
ग्रामीण विकास पर बोलते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि बजट में 19,876 किलोमीटर ग्रामीण संपर्क सड़कों के आधुनिकीकरण के लिए 7,606 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत एक लाख मकानों के निर्माण के लिए 800 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। सभी 117 निर्वाचन क्षेत्रों में समान विकास सुनिश्चित करने के लिए रंगला पंजाब विकास योजना के लिए आवंटन को दोगुना करके 1,170 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
शहरी विकास की बात करते हुए पंजाब के मंत्री ने कहा कि नगर विकास कोष को चार गुना बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। लुधियाना और अमृतसर में नहर आधारित सतही जल आपूर्ति परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये और अमृतसर 2.0 परियोजनाओं के लिए 665 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। उन्होंने कहा, “कुल मिलाकर, आवास और शहरी विकास क्षेत्र के लिए 7,257 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।”
वित्त मंत्री ने औद्योगिक नीति 2026 के तहत औद्योगिक विकास के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि पंजाब को अकेले 2025 में 55,000 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ, जिससे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश दोगुना हो गया और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में राज्य की राष्ट्रीय रैंकिंग 11वें स्थान पर पहुंच गई। बजट में राजकोषीय प्रोत्साहनों और एकमुश्त निपटान (ओटीएस) योजनाओं के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है।
रोजगार सृजन पर प्रकाश डालते हुए, हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि 2022 से सरकारी विभागों में 63,943 उम्मीदवारों की भर्ती की गई है। रोजगार सृजन की पहलों के लिए 287 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिनमें नए सशस्त्र बल तैयारी संस्थानों का संचालन भी शामिल है।
आंतरिक सुरक्षा के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय, न्याय विभाग और जेलों के लिए 11,577 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया गया है। ग्राम रक्षा समितियों को सक्रिय करके, 2,367 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सीमा निगरानी बढ़ाकर और व्यापक नशीली दवाओं और सामाजिक-आर्थिक जनगणना के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित करके “युद्ध नशीएं दे विरुद्ध” अभियान को मजबूत किया जाएगा। गैंगस्टर विरोधी बल अपना परिचालन जारी रखेगा, जबकि सड़क सुरक्षा बल और डायल 112 जैसी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों को मजबूत किया गया है। एआई-आधारित निगरानी और जैमर प्रणालियों के माध्यम से जेल सुरक्षा के आधुनिकीकरण के लिए 535 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
युवाओं की भागीदारी के बारे में बात करते हुए, हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “सरकार खेल अवसंरचना में ₹1,791 करोड़ का निवेश कर रही है, जिसमें 6,000 नए ग्रामीण खेल के मैदानों का निर्माण, 5,000 इनडोर जिम की स्थापना और साहसिक खेल शिविरों का आयोजन करने की योजना है।”
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार राज्य स्तर पर श्री गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश दिवस मनाएगी, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में श्री आनंदपुर साहिब में एक विरासत शैली का प्रशासनिक परिसर बनाया जाएगा। लगभग 71 लाख नागरिकों की तीर्थयात्रा को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के लिए 312 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने नागरिक सेवाओं में हुए सुधारों पर भी प्रकाश डाला और बताया कि 412 सेवाओं की डोरस्टेप डिलीवरी शुरू कर दी गई है और सेवा केंद्रों पर परिवहन सेवाओं का डिजिटलीकरण कर दिया गया है। ईज़ी जमाबंदी और ईज़ी रजिस्ट्री जैसे डिजिटल भूमि रिकॉर्ड प्लेटफॉर्म भी शुरू किए गए हैं। आम आदमी सरकार ने पूरी तरह से डिजिटल प्रणाली के माध्यम से बाढ़ राहत के लिए ₹1,010 करोड़ जारी किए।
बुनियादी ढांचे में किए गए निवेशों पर प्रकाश डालते हुए, हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि सड़कों, पुलों और सार्वजनिक भवनों के लिए आवंटित राशि को दोगुना करके 5,440 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिसमें योजना सड़क, पीएमजीएसवाई-III और केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना कोष के अंतर्गत आने वाली परियोजनाएं शामिल हैं। नहर नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए जल संसाधनों के लिए 2,971 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, और सरकार का लक्ष्य वर्ष के अंत तक नहरों की सिंचाई क्षमता को दोगुना करके सात मिलियन एकड़ तक पहुंचाना है। बाढ़ सुरक्षा कार्य, नालियों की सफाई और फिरोजपुर फीडर और काठगढ़ लिफ्ट योजना को मजबूत करने का काम जारी है।
विद्युत क्षेत्र की बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि “मिशन रोशन पंजाब” पहल के तहत बिजली वितरण नेटवर्क के आधुनिकीकरण के लिए 5,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जिसमें नए सबस्टेशन और 25,000 किलोमीटर बिजली लाइनें बिछाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को मिलने वाले लाभों को प्रभावित किए बिना राज्य पर सब्सिडी का बोझ 25 प्रतिशत तक कम करने के लिए भी सुधारों की योजना बनाई जा रही है। आदमपुर और हलवारा हवाई अड्डों के चालू होने से नागरिक उड्डयन अवसंरचना का विस्तार हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब ने राष्ट्रीय खनन तत्परता सूचकांक में शीर्ष स्थान हासिल किया है और खनन राजस्व दोगुना होकर 500 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। परिवहन क्षेत्र में भी 1,279 नई बसों के जुड़ने से विस्तार देखने को मिलेगा।
खाद्य सुरक्षा और सामाजिक कल्याण के विषय पर बोलते हुए, हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार ने लगभग 40 लाख परिवारों को तिमाही आधार पर आवश्यक राशन किट मुफ्त में उपलब्ध कराने के लिए 900 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ “मेरी रसोई” योजना शुरू की है। उन्होंने आगे कहा कि 10 लाख अतिरिक्त लाभार्थियों के लिए नए राशन कार्ड पंजीकरण खोले जाएंगे। लगभग 7,500 उचित मूल्य की दुकानों के आवंटन से रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने बताया कि सामाजिक कल्याण और न्याय क्षेत्र को 18,304 करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ है, जिसमें मासिक वित्तीय सहायता पेंशन के लिए 6,150 करोड़ रुपये और अनुसूचित जाति उप-योजना के तहत 17,700 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
अपने बजट भाषण के समापन में पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि कुल राजस्व प्राप्ति 1,26,190 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जिसे 16वें वित्त आयोग से प्राप्त बढ़ी हुई धनराशि से समर्थन मिलेगा, जिससे राज्य को केंद्रीय करों के रूप में 30,464 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। उन्होंने आगे कहा कि शासन सुधारों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप सरकार के पांच साल के कार्यकाल में उत्पाद शुल्क राजस्व 53,122 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि राज्य ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए डाक और पंजीकरण से 9,000 करोड़ रुपये और जीएसटी से 32,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है।
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य ने गारंटी रिडेम्पशन फंड में 1,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है और परिसंपत्ति सृजन के लिए पूंजीगत व्यय को दोगुना करके 18,381 करोड़ रुपये कर दिया है। हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “ऋण-से-जीएसडीपी अनुपात 48.25 प्रतिशत से घटकर 44.47 प्रतिशत हो गया है।” उन्होंने आगे कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे और जन कल्याण में निवेश करते हुए पंजाब की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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