Connect with us

Punjab

Hello…विदेश से वकील बोल रहा हूं, अगर आपको भी आए ऐसी Call तो रहें Alert

Published

on

पंजाब डेस्क : कनाडा में रह रहे रिश्तेदार को जेल से छुड़ाने का झांसा देकर सैक्टर-46 निवासी महिला से 75 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आदर्श निवासी बिहार के गंडक कॉलोनी के रूप में हुई है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 7 मोबाइल फोन, 12 एटीएम और 15 सिम कार्ड बरामद किए हैं। जांच में पता चला है कि धोखाधड़ी का एक गिरोह सऊदी अरब से चलता था और आदर्श उसका सदस्य है। आरोपी आदर्श फर्जीवाड़े के पैसे को क्रिप्टोकरेंसी के जरिए सऊदी अरब ट्रांसफर करता था। साइबर सेल ने आरोपी को जिला अदालत में पेश किया, जहां से उसे 4 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया।

साइबर सेल एसपी केतन बंसल ने बताया कि 12 दिसंबर 2023 को सेक्टर-46 निवासी भाग सिंह की पत्नी को फोन आया कि कनाडा में रहने वाला उनका रिश्तेदार पम्मा जेल में बंद है। उसे छुड़ाने के लिए फोन करने वाले राहुल ने अलग-अलग बैंक खातों में 75 लाख रुपए जमा कराए थे। शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने मामला दर्ज कर इस गिरोह पर काबू पाने के लिए इंस्पेक्टर रणजीत सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।

साइबर सेल को तकनीकी सहायता और बैंक डिटेल से पता चला कि बिहार निवासी आदर्श के खाते में 75 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। साइबर सेल ने मामले की जांच की और आरोपी की लोकेशन लेकर उसे 14 फरवरी को बिहार के चंपारण से गिरफ्तार कर लिया। साइबर सेल आरोपी को चंडीगढ़ ले आई और कोर्ट में पेश कर 4 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया। पूछताछ में आरोपी आदर्श ने बताया कि यह गैंग सऊदी अरब से चलता है और सरगना के कहने पर भारत में ठगी करता है। वह धोखाधड़ी के लिए बैंक खाता और सिम कार्ड उपलब्ध कराता था।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Punjab

CM भगवंत सिंह मान द्वारा विकास परियोजनाओं की सौगात, सनौर में 87 करोड़ की लागत से सड़कों के नवीनीकरण की शुरुआत

Published

on

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  पटियाला के सनौर विधानसभा क्षेत्र में व्यापक बुनियादी ढांचे और सिंचाई परियोजनाओं की शुरुआत करके पंजाब के विकास में जमीनी स्तर पर तेजी लाई। इस मौके पर उन्होंने 87 करोड़ रुपये की सड़क नवीनीकरण कार्यों के साथ-साथ 27 करोड़ रुपये की नहरी लाइनिंग परियोजनाओं का ऐलान किया, जिससे 83 गांवों में 40,066 एकड़ रकबे को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा।

पिछली सरकारों की तुलना में मौजूदा समय के मिसाल बदलाव पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान भ्रष्टाचार के कारण कुछ ही दिनों में सड़कों की हालत खस्ता हो जाती थी, लेकिन पंजाब सरकार द्वारा ठेकेदारों के लिए सड़कों के पांच साल के अनिवार्य रखरखाव संबंधी धारा लागू की गई है, जिससे जवाबदेही में वृद्धि होगी। उन्होंने आगे कहा कि ‘आप’ सरकार ने न केवल सिंचाई अधीन रकबा पहले के 21,050 एकड़ से बढ़ा दिया है, बल्कि कानूनी लड़ाई के माध्यम से हरियाणा को दिए जाने वाले भाखड़ा नहर के पानी का पंजाब का 25 प्रतिशत हिस्सा भी प्राप्त किया है, ताकि किसानों को उनका हक मिल सके।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब की बेमिसाल तरक्की को देखकर पारंपरिक पार्टियां अपना मानसिक संतुलन खो चुकी हैं। आज, पंजाब के विकास की गाड़ी फिर से पटरी पर आ गई है और हर गुजरते दिन के साथ इसकी गति और तेज हो रही है। विपक्षी पार्टियों को यह बात हजम नहीं हो रही, जिस कारण वे रोजाना बेबुनियाद और तर्कहीन बयान जारी कर रही हैं। यह विपक्षी पार्टियों में निराशा को दर्शाता है, जो सूबे के विकास और इसके लोगों की खुशहाली से ईर्ष्या करती हैं।”

सनौर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आज सनौर क्षेत्र में 49.60 करोड़ रुपये की लागत से कई नई लिंक सड़कें बनाई जाएंगी और कुछ मौजूदा सड़कों को नया रूप दिया जाएगा। लोग जल्द ही अपने गांवों जाने वाली सड़कों में प्रत्यक्ष बदलाव देखेंगे। मुख्य पटियाला-पिहोवा सड़क को नया रूप दिया जाएगा और दिल्ली जाने वाली आवाजाही को आसान बनाने के लिए जल्द ही इसे चार लेन का बनाया जाएगा।”

जवाबदेही में वृद्धि पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछली सरकारों की तरह सड़कें अब घटिया दर्जे की नहीं होंगी क्योंकि अब सड़कों के रखरखाव संबंधी पांच साल की जिम्मेदारी ठेकेदारों के पास है और किसी भी नुकसान के नतीजे में भुगतान रोका जा सकता है, ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और भविष्य में कोई भी ठेका न देने के साथ-साथ अन्य परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।”

सड़क बुनियादी ढांचे के विकास के स्तर पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब सरकार द्वारा सूबे के इतिहास का सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्य शुरू किया गया है, जिसके तहत कुल 16,209 करोड़ रुपये की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कें बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।”

उन्होंने कहा, “ये सभी सड़कें पांच साल के रखरखाव की धारा के अधीन बनाई जाएंगी, जिससे विश्व स्तरीय सड़क सुरक्षा के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य सूबे में बेहतर आवागमन सुविधाएं प्रदान करना और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना है, जिससे आम लोगों को बड़ा लाभ होगा।”

पानी के संरक्षण और सिंचाई के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पानी के रक्षक होने का दावा करने वालों ने कभी भी पानी की संरक्षण की ओर ध्यान नहीं दिया, जबकि पंजाब सरकार द्वारा पानी की हर बूंद की बचत की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।”

उन्होंने कहा, “सूबे में 6,900 किलोमीटर लंबी 18,349 खालों को बहाल किया गया है, ताकि सूबे के दूर-दराज के हिस्सों में पानी उपलब्ध करवाया जा सके, जिससे किसानों को बड़ा लाभ हुआ है। हमारी सरकार ने नहरी प्रणाली को फिर से जीवित करने के लिए 6,500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, ताकि सूबे के हर क्षेत्र तक पानी पहुंच सके, और पहली बार सूबे के 1,444 गांवों को नहरी पानी मिला है।”

शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब ने नेशनल अचीवमेंट सर्वे-2024 में पहला स्थान प्राप्त किया है और यह सभी पंजाबियों के लिए बेहद गर्व और संतुष्टि की बात है कि इस सर्वेक्षण में सूबे ने केरल को भी पीछे छोड़ दिया है।”

उन्होंने कहा, “पिछले कुछ वर्षों के दौरान 740 छात्रों ने जेईई परीक्षा और 1,284 ने नीट परीक्षा पास की है तथा 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस खोले जा रहे हैं, जिनमें से 60 पहले ही कार्यशील हो चुके हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये स्कूल प्रतिभाशाली छात्रों को उनकी योग्यताओं और रुचियों के अनुसार शिक्षा प्रदान करके उनके सपनों को साकार करने में मदद कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “पहली बार, 24 लाख माता-पिता ने मेगा पीटीएम में हिस्सा लिया है।”

शिक्षा सुधारों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकारी स्कूलों में छात्रों को मेडिकल और नॉन-मेडिकल समेत सभी स्ट्रीम की पेशकश की जा रही है।” उन्होंने आगे कहा, “छात्रों को आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी, नीट, जेईई और सीएलएटी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं के लिए कोचिंग भी प्रदान की जा रही है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “केवल शिक्षा से ही सभी सामाजिक बुराइयों का समाधान किया जा सकता है, इसलिए पंजाब सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और लोगों के जीवन को बदलने के लिए शिक्षा क्षेत्र में बेमिसाल पहल की हैं।”

सामाजिक परिवर्तन में शिक्षा की अहम भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत सूबे में गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकती, लेकिन शिक्षा ही वह कुंजी है जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें गरीबी से बाहर निकाल सकती है।”

उन्होंने कहा, “शिक्षा वह रोशनी है जो अंधेरे को दूर करके दुनिया में प्रकाश बिखेरती है, जिस कारण पंजाब सरकार इस पर विशेष जोर दे रही है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं।”

बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना (एमएमएसवाई) के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान किया जा रहा है और 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले ही स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं। इस योजना के तहत 1.65 लाख लोगों को मुफ्त इलाज मिल चुका है और लोगों को इन कार्डों का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार धान के मौसम के दौरान खेतों की मोटरों के लिए आठ घंटे से अधिक निर्विघ्न बिजली आपूर्ति दी गई है।

बिजली सुधारों को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को अब पहली बार सिंचाई के लिए दिन में बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी बदल गई है। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार लोगों की भलाई के लिए सरकारी खजाने के एक-एक पैसे का उपयोग पूरी सूझ-बूझ से कर रही है।

मांवां-धीयां सत्कार योजना के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार की यह योजना 18 वर्ष और इससे अधिक उम्र की अनुसूचित जातियों से संबंधित महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये और अन्य सभी वर्गों से संबंधित महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये प्रदान करेगी।

वित्तीय जिम्मेदारी की पुष्टि करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के टैक्स का पैसा सूबे का है और इसे लोगों की भलाई के लिए ही खर्च किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि करदाताओं का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से लोगों के पास वापस जा रहा है। उन्होंने कहा कि भले ही पंजाब सरकार ने अपनी सभी गारंटियां पूरी कर ली हैं, लेकिन पंजाब की तरक्की के लिए प्रयास जारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हम मंच पर खड़े होकर शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कृषि के बारे में बात करते हैं, जबकि दूसरी पार्टियां सिर्फ सत्ता हथियाने पर अपना ध्यान केंद्रित करके चल रही हैं।

विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ये अवसरवादी नेता निराशा के आलम में गुजर रहे हैं और लोग उन्हें कोई हुंकार नहीं दे रहे क्योंकि उनका एजेंडा लोगों की बजाय सिर्फ अपने परिवारों की भलाई तक सीमित रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं का एकमात्र एजेंडा लोगों को गुमराह करके उनमें फूट डालने के सिवा और कुछ नहीं होता।

सड़क सुरक्षा फोर्स के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार ने देश भर में समर्पित सड़क सुरक्षा फोर्स नाम की अपनी तरह की पहली पहल शुरू की है, जो राज्य और राष्ट्रीय मार्गों पर सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए लोगों की कीमती जानें बचाने के लिए हर समय तैनात है। उन्होंने आगे कहा कि विशेष रूप से प्रशिक्षित नवीन भर्ती किए गए 1,597 कर्मचारी इस फोर्स की रीढ़ की हड्डी के रूप में काम कर रहे हैं, जिन्हें 144 पूर्ण रूप से सुसज्जित वाहन प्रदान किए गए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पिछले साल फरवरी में अपनी शुरुआत के बाद से यह फोर्स सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को 48 प्रतिशत तक कम करने में सफल रही है। इसके अलावा यह फोर्स दुर्घटना के पीड़ितों से संबंधित हर चीज और उनके पैसे को परिवार के सदस्यों तक सुरक्षित पहुंचाना सुनिश्चित कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह फोर्स 4,200 किलोमीटर हाईवे पर, जहां सड़क दुर्घटनाओं की संभावना अधिक है, तैनात की गई है और यह ट्रैफिक उल्लंघनों के विरुद्ध एक मजबूत रोकथाम प्रणाली के रूप में काम करती है।

उन्होंने आगे कहा कि पिछली किसी भी सरकार ने ऐसे गंभीर मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया, जिस कारण पंजाब पहले सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के मामले में शीर्ष तीन राज्यों में आता था। उन्होंने आगे कहा कि इस महत्वपूर्ण फैसले की भारत सरकार और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी भरपूर सराहना की है।

प्रशासनिक सुधारों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ईजी रजिस्ट्री प्रोजेक्ट को पंजाब भर में सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिससे पारदर्शी और परेशानी मुक्त संपत्ति पंजीकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस पहल ने पंजीकरण प्रक्रिया को आसान और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया है।

Continue Reading

Punjab

AAP यूथ विंग ‘शानदार 4 साल, भगवंत मान दे नाल’ मुहिम को हर गांव और वार्ड तक ले जाएगी: परमिंदर गोल्डी

Published

on

आम आदमी पार्टी (आप) ने ‘शानदार 4 साल, भगवंत मान दे नाल’ मुहिम के तहत अपनी पहुंच तेज कर दी है। पार्टी की यूथ विंग ने पंजाब सरकार के कामों को गांवों और शहरी वार्डों के लोगों तक सीधे पहुंचाने के लिए पूरे राज्य में एक मुहिम चलाने का ऐलान किया है।

मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पंजाब यूथ डेवलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन और आप पंजाब यूथ विंग के कार्यकारी प्रधान परमिंदर सिंह गोल्डी ने कहा कि आप की यूथ विंग चल रहे ‘शानदार 4 साल, भगवंत मान दे नाल’ मुहिम में सक्रिय रूप से हिस्सा लेगा और पंजाब सरकार की प्राप्तियों को पंजाब के हर गांव और वार्ड तक पहुंचाएगा।

उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने पिछले चार सालों में खास तौर पर युवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम किए हैं। उन्होंने कहा कि सीएम भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में आप सरकार ने पिछले चार सालों में बहुत शानदार काम किए हैं। यूथ विंग पूरे पंजाब में ‘नुक्कड़ सभाएं’ और मीटिंग करके लोगों से सीधे बातचीत करेगा और उन्हें इन कामयाबियों के बारे में बताएगा।

रोज़गार पर सरकार के ध्यान के बारे में बताते हुए, परमिंदर सिंह गोल्डी ने कहा कि यूथ विंग लोगों को मान सरकार द्वारा युवाओं को मज़बूत बनाने के लिए उठाए गए क्रांतिकारी कदमों के बारे में बताएगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार ने मेरिट के आधार पर रोज़गार देने का अपना वादा पूरा किया है और लगभग 65,000 सरकारी नौकरियां युवाओं को पारदर्शी तरीके से दी गई हैं। इन नौकरियों ने न केवल लोगों को सहारा दिया है, बल्कि हज़ारों परिवारों को स्थिरता और उम्मीद भी दी है।

उन्होंने निजी क्षेत्र में मौकों में बढ़ोतरी के बारे में बात करते हुए कहा कि सरकार ने पंजाब में निवेश और बड़े इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट लाकर प्राइवेट सेक्टर में पांच लाख से ज़्यादा नौकरियों के मौके बनाए हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन विकास कामों ने “युवाओं का आत्मविश्वास फिर से जगाया है और उन्हें पंजाब में ही पढ़ाई और करियर बनाने के लिए बढ़ावा दिया है।”

शिक्षा सुधारों पर, परमिंदर सिंह गोल्डी ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर और नवीनतम शिक्षण विधियाँ से बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल लेवल पर एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम शुरू किए जा रहे हैं ताकि विद्यार्थियों को नौकरी ढूंढने वालों के बजाय नौकरी देने वाले बनने के लिए हुनर दिया जा सकें। उन्होंने यह भी बताया कि अध्यापकों और प्रिंसिपलों को सिंगापुर और फिनलैंड जैसे देशों में सिखलाई के लिए भेजा जा रहा है ताकि पंजाब के एजुकेशन सिस्टम में विश्व स्तरीय सुधार लाए जा सकें।

नशे के विरुद्ध मुहिम का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि माननीय सरकार ने अपने ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ इनिशिएटिव के तहत सख्त एक्शन लिया है, जिसके तहत हज़ारों नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यह एक साफ़ संदेश है कि पंजाब में गैर-कानूनी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने खेलों के विकास के लिए सरकार की कोशिशों के बारे में भी बताया कि पूरे पंजाब में खेल मैदानों, इनडोर जिम और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़े स्तर वर विकास किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यूथ क्लब्स को मज़बूत किया जा रहा है और उन्हें खेल किटें उपलब्ध की जा रही हैं ताकि युवाओं को काम की एक्टिविटीज़ में लगाकर, उनकी एनर्जी को देश बनाने में लगाया जा सकें और उनकी एनर्जी को देश निर्माण की तरफ लगया जा सके।

इन कोशिशों को बड़े दृष्टिकोण में रखते हुए, परमिंदर सिंह गोल्डी ने कहा कि ये कोशिशें अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान के एक प्रोग्रेसिव और खुशहाल पंजाब बनाने के विज़न के मुताबिक हैं। उन्होंने आगे कहा कि आप सरकार शहीद-ए-आजम भगत सिंह के बेहतर और बराबरी वाले समाज के सपने को पूरा करने की भावना से काम कर रही है।

आप कार्यकर्ताओं का वादा दोहराते हुए उन्होंने कहा कि आप कार्यकर्ता सरकार की हर कामयाबी, चाहे वह फ्री बिजली हो, बेहतर कानून-व्यवस्था हो, रोड सेफ्टी फोर्स हो या विकास के काम हों, पंजाब के हर घर तक पहुंचाएंगे। आखिर में उन्होंने कहा कि यूथ विंग यह पक्का करेगा कि मान सरकार के ऐतिहासिक कामों का मैसेज राज्य के कोने-कोने तक पहुंचे।

Continue Reading

National

अब, अमेरिका और यूरोप की तरह पंजाब में महज़ 6 मिनट में पुलिस सहायता मिलेगी : CM भगवंत सिंह मान

Published

on

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज राज्य भर में जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए संगरूर में 508 इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन (ईआरवी) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार अब अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों की तर्ज पर महज़ छह मिनट में पुलिस सहायता उपलब्ध कराएगी।

अत्याधुनिक तकनीक से लैस ये वाहन डायल-112 सेवा के तहत सभी 28 पुलिस जिलों में तैनात किए जाएंगे, जो आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत सहायता सुनिश्चित करेंगे। यह कदम त्वरित और तकनीक-आधारित कानून प्रवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान पुलिस वाहनों के लिए 327.70 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिससे न केवल पुलिस बल का आधुनिकीकरण हुआ है बल्कि कानून-व्यवस्था भी मजबूत हुई है। साथ ही नशा तस्करों पर भी सख्त कार्रवाई की गई है।

उन्होंने कहा कि बेहतर सुरक्षा से निवेशकों का विश्वास बढ़ता है, जिसका स्पष्ट उदाहरण टाटा स्टील द्वारा पंजाब में अपने दूसरे सबसे बड़े प्लांट की स्थापना के लिए किया जा रहा निवेश है।

संगरूर में सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब से नशे के खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए आखिरी बार के रूप में नशे के कारोबार में शामिल लोगों का सामाजिक बहिष्कार करना जरूरी है।” उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पीढ़ियों को बर्बाद किया है, उनके साथ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। “ऐसे तत्वों को सबक सिखाना होगा और उनका सामाजिक बहिष्कार पंजाब को नशे की दलदल से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाएगा।”

सरकार की सख्त कार्रवाई को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने पहले ही नशे के व्यापार के खिलाफ कड़ा शिकंजा कस दिया है और ऐसे मामलों में सजा दर 87 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो किसी भी अन्य राज्य से कहीं अधिक है।” उन्होंने कहा कि “नशों के खिलाफ युद्ध” पंजाब में नशा नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई साबित हो रहा है, जिसके तहत सप्लाई चेन को तोड़कर और बड़े तस्करों को गिरफ्तार कर इस अवैध कारोबार की रीढ़ तोड़ दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान को जनसमर्थन के साथ जन आंदोलन में बदलने के लिए व्यापक और बहुआयामी रणनीति तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत वर्तमान सरकार ने तस्करों को संरक्षण देने के बजाय उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई पंजाब की युवा पीढ़ी की सुरक्षा के लिए है और यह लगातार जारी रहेगी।”

‘नशा आतंकवाद’ पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस सीमा पार से हो रही नशीले पदार्थों की तस्करी का सक्रिय रूप से मुकाबला कर रही है और दुश्मन ताकतों का डटकर सामना करते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।

प्रशासनिक सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार जमीनी स्तर तक पहुंच सुनिश्चित की गई है, जिसके तहत अब केवल वरिष्ठ अधिकारियों ही नहीं बल्कि थानों के एसएचओ स्तर तक भी वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कानून-व्यवस्था और आर्थिक विश्वास के संबंध पर उन्होंने कहा कि किसी राज्य की कानून-व्यवस्था का सबसे बड़ा पैमाना वहां होने वाला निवेश होता है और टाटा स्टील का पंजाब में निवेश इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पंजाब देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में से एक बन रहा है और इसका श्रेय पंजाब पुलिस को जाता है, जिसने जनता और पुलिस के बीच की दूरी को कम किया है।

सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में सुधारों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने हाईवे पर सुरक्षा सुनिश्चित करने और कीमती जानें बचाने के लिए देश की पहली समर्पित सड़क सुरक्षा फोर्स शुरू की है। 1,597 प्रशिक्षित कर्मियों और 144 आधुनिक वाहनों के साथ यह फोर्स 4,200 किलोमीटर दुर्घटना-प्रभावित हाईवे पर तैनात है और इसके कारण सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 48 प्रतिशत की कमी आई है। इस पहल की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी सराहना की है।

पुलिस के आधुनिकीकरण संबंधी बात करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन पहल के तहत 508 नई बोलेरो गाड़ियों को हरी  झंडी दिखा कर रवाना किया जा  रहा है। इससे डायल-112 फ्लीट में कुल वाहनों की संख्या बढ़कर 764 हो गई है। ये सभी वाहन जीपीएस ट्रैकर, डैश कैमरा और मोबाइल डेटा सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस हैं। बेहतर कुशलता के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि डायल-112 पर प्रतिदिन लगभग 15,000 कॉल प्राप्त होती हैं, जिनमें से करीब 1,500 कॉल पर तुरंत वाहन भेजे जाते हैं और प्रतिक्रिया समय को 30-45 मिनट से घटाकर 13-14 मिनट कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने पुलिस कल्याण के लिए बहुत कम धन आवंटित किया था, जबकि वर्तमान सरकार ने चार वर्षों में 327.69 करोड़ रुपये निवेश कर 2022 से अब तक 2,904 नए वाहन खरीदे हैं। उन्होंने कहा कि अब हर पुलिस स्टेशन के पास कम से कम एक नया वाहन उपलब्ध है।

विशेष इकाइयों को मजबूत करने संबंधी मुख्यमंत्री ने कहा कि एएनटीएफ को 22 महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन दिए गए हैं और महिलाओं की सुरक्षा तथा गतिशीलता के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर भी उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने आगे ऐलान किया कि वर्ष 2026-27 में और वाहनों की खरीद के लिए 11.45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने अतीत में आतंकवाद का कठिन दौर देखा है, लेकिन पुलिस बल के बलिदानों से राज्य में शांति स्थापित हुई है और आज पंजाब अपनी शांति के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के बावजूद पंजाब पुलिस पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रही है।

भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही पुलिस व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जाएगा, जिससे पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार कृषि भूमि से गुजरने वाली हाई-टेंशन बिजली लाइनों को भूमिगत करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है, जिससे किसानों और उनकी फसलों के लिए जोखिम कम होगा।

भर्ती के बारे में उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से अब तक पंजाब पुलिस में 12,197 भर्तियां की जा चुकी हैं और आगे भी भर्ती प्रक्रिया जारी है। मार्च 2026 में 1,746 कांस्टेबल और 3,298 नए पदों के लिए विज्ञापन जारी किया जा चुका  है।

पारदर्शी शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे का उपयोग पूरी जिम्मेदारी के साथ विकास कार्यों में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली, 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां बिना भ्रष्टाचार के, बेहतर सड़कें और टोल प्लाजा बंद कर प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत—ये सब ईमानदार शासन का प्रमाण हैं।

उन्होंने कहा कि जहां अन्य राजनीतिक दल केवल सत्ता हासिल करने पर ध्यान देते हैं, वहीं उनकी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कृषि क्षेत्रों में सुधार पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि जनता ने अवसरवादी राजनीति को नकार कर एक ऐसी सरकार चुनी है जो उनके हित में काम कर रही है।

विपक्षी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कुछ नेता जनता को भ्रमित कर सत्ता में वापसी के सपने देख रहे हैं, लेकिन लोग उनके रिकॉर्ड से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दिवंगत प्रकाश सिंह बादल ने भी कभी सुखबीर सिंह बादल को पूरी नेतृत्व जिम्मेदारी नहीं सौंपी थी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, बरिंदर गोयल, डीजीपी गौरव यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

Continue Reading

Trending