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Ram Mandir के जरिए सुधरेगी अयोध्या समेत समूचे अवध क्षेत्र की सेहत: जयवीर सिंह

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने मंगलवार को कहा कि धर्म और अध्यात्म के प्रतीक भव्य राम मंदिर के जरिए अयोध्या समेत अवध क्षेत्र के अन्य जिलों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। साथ ही व्यवसायों की दुकानों और कारखानों पर बहुतायत संख्या में रोजगार पैदा होंगे।

‘राम मंदिर से स्थानीय व्यवसायों को होगा

जयवीर सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का उद्घाटन न केवल आध्यात्मिक होगा बल्कि अर्थ व्यवस्था के लिए एक बड़ी घटना होगी। अयोध्या के साथ सम्पूर्ण अवध के विकास की धारा चल रही है। उसमें 84 कोसी परिक्रमा मार्ग, 14 कोसी परिक्रमा मार्ग, पंच कोसी परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण, होटल व्यवस्था, परिवहन व्यवस्था, रेल एवं अन्तररष्ट्रीय एयरपोटर् की व्यवस्था की सुविधा का विकास का कार्य सरकार द्वारा किया गया। इन व्यवस्थाओं से अयोध्या के साथ-साथ बस्ती, गोण्डा, अम्बेडकरनगर, सुल्तानपुर, बाराबंकी एवं आस-पास के सभी जिलों की अर्थव्यवस्था बदल जाएगी। इससे स्थानीय व्यवसायों को काफी लाभ होगा।

व्यवसायों की दुकानों और कारखानों पर बहुतायत संख्या में पैदा होंगे रोजगार: जयवीर सिंह
उन्होंने आगे कहा कि प्रसाद की दुकाने, फूल माला की दुकाने, पूजा का सामान, तुलसी माला, अगरबत्ती, धार्मिक आभूषण एवं वस्त्रों की दुकानों के साथ-साथ इन व्यवसायों की दुकानों एवं कारखानों पर बहुतायत संख्या में रोजगार भी पैदा होंगे। इसके अलावा छोटे उद्यमियों को आवास, भोजन, परिवहन और विभिन्न वस्तुओं की सेवाओं की बढ़ती मांग से ग्रामीणों के साथ ट्रेवल ट्रेड एवं पर्यटन के क्षेत्र में लगे लोगों को रोजगार का लाभ एवं अर्थव्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन होगा। इससे अयोध्या के धार्मिक पर्यटन का प्रभाव सभी प्रकार के लघु उद्योगो पर पड़ेगा।

‘अयोध्या में हर महीने लगभग 2 करोड़ पर्यटकों के आने की संभावना है’
जयवीर सिंह ने कहा कि पिछले 9 महीनों में अयोध्या में रिकाडर् पर्यटकों की आमद दर्ज की गई। जिनमें विदेशी सैलानी शामिल थे। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद अयोध्या में हर महीने लगभग 2 करोड़ पर्यटकों के आने की संभावना है। जिससे राम नगरी को 55 हजार करोड़ की सालाना आय का अनुमान है। इसी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अयोध्या में विकास का अछ्वूत भागीरथ प्रयास किया जा रहा है।

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ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ाई पर सख्त संदेश: जो नेता झिझके, वह ‘आप’ छोड़ दे — मनीष सिसोदिया

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आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने पार्टी के मंत्रियों और विधायकों को ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का स्पष्ट निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जो भी नेता नशे के खिलाफ इस लड़ाई में झिझकता है, उसे पार्टी में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उसे अरविंद केजरीवाल को शर्मिंदा करने की बजाय खुद ही पार्टी छोड़ देनी चाहिए।

‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत मालवा ज़ोन की बैठक को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने कहा कि ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ाई ‘आप’ की राजनीति का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि वह, भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल इस मकसद से राजनीति में आए हैं कि नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

सिसोदिया ने पार्टी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी मंत्री, विधायक या हल्का इंचार्ज को तब तक चैन से नहीं बैठना चाहिए, जब तक उसके क्षेत्र के किसी भी गांव या वार्ड में नशे की बिक्री जारी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पार्टी से ही क्यों न जुड़ा हो।

उन्होंने ‘आप’ की कार्यशैली का जिक्र करते हुए कहा कि यह पार्टी संघर्ष से निकली है और भ्रष्टाचार के खिलाफ इसकी लड़ाई का मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। अब यही संकल्प पंजाब से नशे को जड़ से खत्म करने में काम आएगा।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने भी कहा कि भगवंत मान सरकार ड्रग्स के खिलाफ जंग को युद्ध स्तर पर लड़ रही है। उन्होंने बताया कि बड़े तस्करों की गिरफ्तारी की जा रही है और उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

सरकार ने साफ संकेत दिया है कि पंजाब में नशे के खिलाफ अब ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जा रही है और इस दिशा में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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10 दिनों में 16,000 जनसभाएं: ‘आप’ सरकार का 4 साल का रिपोर्ट कार्ड घर-घर पहुंचाने की तैयारी — Aman Arora

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आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर एक बड़े राज्यव्यापी जनसंपर्क अभियान का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि आने वाले 10 दिनों में पूरे पंजाब में 16,000 से अधिक रैलियां, जनसभाएं और नुक्कड़ मीटिंग्स आयोजित की जाएंगी, जिनके जरिए सरकार का रिपोर्ट कार्ड हर गांव, गली और घर तक पहुंचाया जाएगा।

अमन अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस व्यापक अभियान में मंत्री, विधायक, चेयरमैन, सरपंच, पंच, एमसी, जिला अध्यक्ष और पार्टी वॉलंटियर सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा, “हम अपनी सरकार के चार साल के कामकाज को सीधे जनता के सामने रखेंगे और हर घर तक अपनी उपलब्धियां पहुंचाएंगे।”

उन्होंने बताया कि अरविंद केजरीवाल की विचारधारा पर चल रही यह सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित की राजनीति को आगे बढ़ा रही है। अरोड़ा ने दावा किया कि पिछले चार सालों में ‘आप’ सरकार ने वह काम कर दिखाया है, जो पारंपरिक पार्टियां 70 साल में भी नहीं कर सकीं।

सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया गया है, जो देश में एक अनूठी पहल है। इसके अलावा 881 आम आदमी क्लीनिक पहले से चल रहे हैं और जल्द ही 1000 क्लीनिक का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।

खेल और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव का दावा करते हुए अरोड़ा ने कहा कि राज्य में 3000 से अधिक खेल स्टेडियम बनाए जा चुके हैं और 6000 से ज्यादा निर्माणाधीन हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव में खेल का मैदान हो, ताकि युवा नशे से दूर रहकर खेलों की ओर आकर्षित हों।

उन्होंने आगे बताया कि केंद्र द्वारा 8300 करोड़ रुपये से अधिक के ग्रामीण विकास फंड (RDF) रोके जाने के बावजूद पंजाब में 40,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) ने 4–5 मिनट के रिस्पॉन्स टाइम के साथ हजारों लोगों की जान बचाई है।

खेती और सिंचाई के क्षेत्र में सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब नहरों का पानी खेतों के आखिरी छोर तक पहुंच रहा है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है। वहीं भूजल स्तर में भी सुधार दर्ज किया गया है।

वित्तीय मोर्चे पर सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए अरोड़ा ने कहा कि एक्साइज रेवेन्यू 27,000 करोड़ से बढ़कर लगभग 57,000 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि GST कलेक्शन भी दोगुना होकर 30,000 करोड़ रुपये से पार पहुंच गया है। इसके अलावा 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर दी गई हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी चुनावी गारंटियों को पूरा किया है, जिसमें हर घर को 300 यूनिट मुफ्त बिजली, शहीदों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये की सहायता और महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता जैसी योजनाएं शामिल हैं।

अंत में अमन अरोड़ा ने कहा कि यह अभियान जनता के सामने सरकार के कामों को रखने और उनसे फीडबैक लेने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा, “अगर लोग हमारे काम से संतुष्ट हैं तो हम उनका समर्थन चाहते हैं, और अगर नहीं, तो हम उनके फैसले का सम्मान करेंगे।”

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कर्मचारियों की शिकायतें अब होंगी जल्दी हल, मान सरकार का बड़ा भरोसा: हरपाल चीमा

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पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा है कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार कर्मचारियों की शिकायतों को जल्द और पारदर्शी तरीके से हल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के चेयरमैन के रूप में उन्होंने आज विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठकें कीं।

इन बैठकों के दौरान वित्त मंत्री ने पंजाब भर की अलग-अलग यूनियनों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर उनकी लंबित मांगों और चिंताओं को सुना। जिन यूनियनों के प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया, उनमें मेरिटोरियस स्कूल टीचर्स यूनियन, अध्यापक इंसाफ कमेटी, फायर ब्रिगेड आउटसोर्स इम्प्लाइज यूनियन, फायर ब्रिगेड कॉन्ट्रैक्ट इम्प्लाइज यूनियन और फॉरेस्ट वर्कर्स यूनियन शामिल थीं।

बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। वित्त मंत्री ने सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यूनियनों द्वारा उठाई गई सभी जायज मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए और उनका जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना और उनके कार्यस्थल से जुड़ी समस्याओं को समयबद्ध तरीके से हल करना है। उन्होंने दोहराया कि सरकार कर्मचारियों के साथ संवाद बनाए रखते हुए उनके कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों की वैध मांगों को गंभीरता से ले रही है और उन्हें हल करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि प्रशासनिक कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे और कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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