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जालंधर में NRI की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, 3 बहनों का इकलौता भाई था मृतक

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पंजाब : जालंधर में शेर सिंह कॉलोनी के पास एक 39 वर्षीय एनआरआई व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसकी पहचान हरदेव नगर निवासी सुखपाल सिंह सुक्खा के रूप में हुई है। वह कनाडा में पीआर थे और उन्हें आज कनाडा लौटना था। फ्लाइट भी बुक हो गई लेकिन उससे पहले ही संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार सुखपाल सिंह सुक्खा बीती रात अपनी एक्टिवा पर घर लौट रहा था लेकिन वह घर नहीं लौटा। सुबह परिजनों को वह शेर सिंह कॉलोनी के पास पड़ा हुआ मिला। इलाज के लिए उसे निजी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने सुखपाल को मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का आरोप है कि सुखपाल की पिटाई की गई और उसे घायल हालत में वहां फेंक दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई. सुक्खा शादीशुदा था और तीन बहनों का इकलौता भाई था। मामले की जानकारी बस्ती बावा खेल थाने की पुलिस को दे दी गई है।

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तलवंडी साबो में CM मान ने किया उप-मंडलीय परिसर का उद्घाटन

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पवित्र नगरी तलवंडी साबो में बड़ा प्रशासनिक सुधार करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अत्याधुनिक उप-मंडलीय परिसर का उद्घाटन किया। यह परिसर 40 साल पुरानी असुरक्षित इमारत के स्थान पर लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है, जो आधुनिक और नागरिक-केंद्रित सुविधाओं से लैस है। तख्त श्री दमदमा साहिब पर मत्था टेकने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तीन मंजिला परिसर को लोगों को समर्पित किया और कहा कि इस नई इमारत से रजिस्ट्री से लेकर रिकॉर्ड रूम तक सभी आवश्यक सरकारी सेवाएं हाई-स्पीड डिजिटल कनेक्टिविटी के साथ एक ही छत के नीचे प्रदान की जाएंगी।

इस परिसर में 28 कमरे बनाए गए हैं, जिनमें आसान रजिस्ट्री, एसडीएम और तहसीलदार अदालतें, फर्द केंद्र, खजाना कार्यालय, रिकॉर्ड रूम और अन्य मुख्य सुविधाएं शामिल हैं। इसके साथ ही एक लिफ्ट और आधुनिक बुनियादी ढांचा सुनिश्चित किया गया है ताकि कुशलता के साथ-साथ बेहतर जनसुविधाएं प्रदान की जा सकें। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली इमारत पूरीतरह से खंडहर बन चुकी थी, जो जान-माल के लिए बड़ा खतरा बनी हुई थी। उन्होंने कहा कि नया परिसर तलवंडी साबो और आसपास के गांवों के निवासियों के लिए सेवाओं में पारदर्शिता और तेजी लाएगा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज तलवंडी साबो की पवित्र धरती पर नए उप-मंडलीय परिसर का उद्घाटन करके लोगों को समर्पित किया गया। 40 साल पुरानी खंडहर इमारत के स्थान पर लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से यह आधुनिक परिसर बनाया गया है।”

उन्होंने कहा, “इस तीन मंजिला इमारत में 28 कमरे हैं, जहां सभी आवश्यक सुविधाएं जैसे एसडीएम अदालत, तहसीलदार अदालत, फर्द केंद्र, रिकॉर्ड रूम, खजाना कार्यालय और कैंटीन एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं। हर कार्यालय को हाई-स्पीड इंटरनेट से लैस किया गया है और लोगों की सुविधा के लिए एक लिफ्ट की भी व्यवस्था की गई है।”

उन्होंने कहा, “यह परिसर तलवंडी साबो और आसपास के गांवों के लोगों के लिए वरदान साबित होगा, जिससे सरकारी सेवाओं में तेजी और पारदर्शिता आएगी और पहुंच में वृद्धि होगी। निरंतर विकास के साथ हम लोगों की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”

श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की चरण-छोह प्राप्त पवित्र ऐतिहासिक धरती पर नया बना उप-मंडलीय परिसर लोगों को समर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह प्रोजेक्ट आधुनिक, नागरिक-केंद्रित बुनियादी ढांचा प्रदान करके जमीनी स्तर पर प्रशासन को और मजबूत करने के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछली उप-मंडलीय परिसर की इमारत लगभग 40 साल पुरानी थी और बहुत ही जर्जर हालत में थी। नए परिसर के निर्माण पर 6 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और इसका कुल क्षेत्रफल 3,000 वर्ग फुट है।”

उन्होंने कहा, “तीन मंजिला इमारत में 28 कमरे हैं और इसमें आसान पंजीकरण के लिए कार्यालय, एसडीएम अदालत, तहसीलदार अदालत, फर्द केंद्र, रिकॉर्ड रूम, खजाना कार्यालय और एक कैंटीन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।”

आधुनिक बुनियादी ढांचे पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सभी कार्यालयों को हाई-स्पीड इंटरनेट से लैस किया गया है और परिसर में लिफ्ट की सुविधा भी है।” उन्होंने आगे कहा कि लोगों की सुविधा के लिए ऐसे आधुनिक तहसील परिसर पूरे पंजाब में बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने कभी भी ऐसे लोक-केंद्रित प्रयासों की ओर ध्यान नहीं दिया था।

पिछली सरकारों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहले, सूबे की बागडोर गलत हाथों में थी, जिसके कारण पंजाब को बहुत नुकसान उठाना पड़ा।” उन्होंने आगे कहा, “पदभार संभालने के बाद हमारी सरकार ने जनता के महत्व वाले कार्यों को प्राथमिकता दी।” संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि ये इमारतें लोगों की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आशा जताई कि नया उप-मंडलीय परिसर तलवंडी साबो और आसपास के गांवों के निवासियों को एक ही छत के नीचे तेज, पारदर्शी और निर्बाध सेवाएं प्रदान करके बड़ा लाभ पहुंचाएगा।

इससे पहले तख्त श्री दमदमा साहिब पर मत्था टेकने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब में शांति, प्रगति और खुशहाली के लिए अरदास की। उन्होंने आशा जताई कि शांति और सांप्रदायिक सद्भाव के तार हर बीतते दिन के साथ और मजबूत होंगे, जिससे पंजाब हर क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर सकेगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पवित्र नगरी तलवंडी साबो को दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की चरण-छोह प्राप्त है और मुझे यहां मत्था टेकने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।”

वैसाखी के पवित्र अवसर पर बधाई देते हुए उन्होंने कहा, “यह त्योहार पंजाबी और पंजाबियत की भावना के साथ-साथ अनेकता में एकता का प्रतीक भी है।” उन्होंने याद किया कि 13 अप्रैल, 1699 को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने श्री आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ स्थापित किया था और इस पल को इतिहास में दर्ज किया गया।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस पावन दिवस पर विभिन्न जातियों से संबंधित ‘पांच प्यारों’ को अमृत छकाया गया, एक समानता वाले समाज की नींव रखकर प्यार, सहानुभूति, विश्वव्यापी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश फैलाया गया।” उन्होंने आगे कहा कि वैसाखी फसल की कटाई के मौसम की शुरुआत को भी दर्शाती है और यह किसानों, मजदूरों और मेहनती लोगों का त्योहार है, नागरिकों को राष्ट्र के सामाजिक और धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को और मजबूत करने के लिए इसे पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह दिन सिखों या पंजाबियों के साथ-साथ समूचे देश के लिए विशेष महत्व रखता है।” खालसा पंथ की स्थापना करके गुरु गोबिंद सिंह जी ने दबे-कुचले समाज में नई उमंग भरी और जानें न्योछावर करके लोगों को अत्याचार और अन्याय के खिलाफ खड़े होने का अधिकार दिया।” उन्होंने आगे कहा कि यह दिन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि एक न्यायपूर्ण और समानता वाले समाज के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “वैसाखी के इस पवित्र अवसर पर हमें सामाजिक समानता, आपसी भाईचारे और शोषण से आजादी पर आधारित समाज के निर्माण के लिए खुद को प्रतिबद्ध करना चाहिए।”

विधायी मोर्चे पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि पंजाब सरकार 13 अप्रैल को पंजाब विधान सभा के विशेष सत्र में जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेगी। उन्होंने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी और अन्य सम्माननीय पवित्र ग्रंथों की ‘बेअदबी’ से संबंधित कई घटनाएं हुई हैं, जिन्होंने जनता की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है और सामाजिक सौहार्द को भंग किया है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 298, 299 और 300 के तहत ऐसे मामले आते हैं, लेकिन इसमें ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोकने के लिए कठोर सजा का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने आगे कहा, “बहुत ध्यानपूर्वक विचार करने के बाद पंजाब सरकार ने फैसला किया है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा और आपसी सम्मान तथा सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए कठोर कानूनी उपाय आवश्यक हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 बेअदबी के दोषी पाए जाने वालों के लिए आजीवन कारावास सहित कठोर सजाओं का प्रावधान करता है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विश्वास व्यक्त किया कि यह कानून एक मजबूत निवारक के रूप में कार्य करेगा और पूरे पंजाब में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगा।

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“संगीत का सुनहरा दौर खत्म” — आशा भोसले के निधन पर CM भगवंत मान ने जताया गहरा शोक

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पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने महान गायिका Asha Bhosle के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उनके निधन से न सिर्फ संगीत जगत, बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले का निधन बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि अपने लंबे संगीत करियर में आशा भोसले ने अनगिनत हिट गानों के जरिए लोगों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी है।

सीएम भगवंत मान ने कहा कि आशा भोसले के जाने से भारतीय संगीत का एक सुनहरा युग समाप्त हो गया है। उनकी मधुर आवाज़ और अद्वितीय प्रतिभा ने संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने यह भी कहा कि यह क्षति कभी पूरी नहीं हो सकती।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आशा भोसले का संगीत और उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और उनकी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी। इस दुख की घड़ी में मुख्यमंत्री ने दिवंगत गायिका के परिवार, दोस्तों और लाखों प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। साथ ही उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति दें।

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बेमौसम बारिश से तबाही के बीच Punjab पहुंचेगी केंद्रीय टीम, प्रभावित जिलों का करेगी दौरा

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पंजाब में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। नुकसान की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार की नौ सदस्यीय टीम आज पंजाब का दौरा करेगी और प्रभावित जिलों का जायजा लेगी। इस टीम की अगुवाई केंद्रीय उपभोक्ता मामले एवं खाद्य मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर पी.के. सिंह कर रहे हैं। टीम में भारतीय खाद्य निगम (FCI) और राज्य सरकार के अधिकारी भी शामिल हैं, जो जमीनी हालात का निरीक्षण करेंगे और गेहूं के सैंपल इकट्ठा करेंगे।

मिली जानकारी के अनुसार, राज्य में करीब 1.30 लाख एकड़ खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जबकि लाखों एकड़ में फसल की गुणवत्ता पर असर पड़ा है। मंडियों में पहुंच रही गेहूं की नमी सामान्य 12% की जगह 15% तक दर्ज की जा रही है, वहीं लगभग 60% तक चमक में गिरावट भी सामने आई है।

इस बीच भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने केंद्र से खरीद नियमों में ढील देने की मांग की है, ताकि किसानों की फसल ₹2,585 प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी जा सके। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर किसानों के हित में राहत देने की अपील की है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार पहले ही राजस्थान को इसी तरह की छूट दे चुकी है, जहां बेमौसम बारिश से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था। 2026-27 रबी सीजन के लिए केंद्र ने गुणवत्ता मानकों में ढील देते हुए 50% तक चमक कम और 15% तक टूटे दानों वाली गेहूं को भी MSP पर खरीदने की अनुमति दी है।

अब सभी की नजरें केंद्रीय टीम की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर पंजाब के किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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