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तलवंडी साबो में CM मान ने किया उप-मंडलीय परिसर का उद्घाटन

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पवित्र नगरी तलवंडी साबो में बड़ा प्रशासनिक सुधार करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अत्याधुनिक उप-मंडलीय परिसर का उद्घाटन किया। यह परिसर 40 साल पुरानी असुरक्षित इमारत के स्थान पर लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है, जो आधुनिक और नागरिक-केंद्रित सुविधाओं से लैस है। तख्त श्री दमदमा साहिब पर मत्था टेकने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तीन मंजिला परिसर को लोगों को समर्पित किया और कहा कि इस नई इमारत से रजिस्ट्री से लेकर रिकॉर्ड रूम तक सभी आवश्यक सरकारी सेवाएं हाई-स्पीड डिजिटल कनेक्टिविटी के साथ एक ही छत के नीचे प्रदान की जाएंगी।

इस परिसर में 28 कमरे बनाए गए हैं, जिनमें आसान रजिस्ट्री, एसडीएम और तहसीलदार अदालतें, फर्द केंद्र, खजाना कार्यालय, रिकॉर्ड रूम और अन्य मुख्य सुविधाएं शामिल हैं। इसके साथ ही एक लिफ्ट और आधुनिक बुनियादी ढांचा सुनिश्चित किया गया है ताकि कुशलता के साथ-साथ बेहतर जनसुविधाएं प्रदान की जा सकें। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली इमारत पूरीतरह से खंडहर बन चुकी थी, जो जान-माल के लिए बड़ा खतरा बनी हुई थी। उन्होंने कहा कि नया परिसर तलवंडी साबो और आसपास के गांवों के निवासियों के लिए सेवाओं में पारदर्शिता और तेजी लाएगा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज तलवंडी साबो की पवित्र धरती पर नए उप-मंडलीय परिसर का उद्घाटन करके लोगों को समर्पित किया गया। 40 साल पुरानी खंडहर इमारत के स्थान पर लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से यह आधुनिक परिसर बनाया गया है।”

उन्होंने कहा, “इस तीन मंजिला इमारत में 28 कमरे हैं, जहां सभी आवश्यक सुविधाएं जैसे एसडीएम अदालत, तहसीलदार अदालत, फर्द केंद्र, रिकॉर्ड रूम, खजाना कार्यालय और कैंटीन एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं। हर कार्यालय को हाई-स्पीड इंटरनेट से लैस किया गया है और लोगों की सुविधा के लिए एक लिफ्ट की भी व्यवस्था की गई है।”

उन्होंने कहा, “यह परिसर तलवंडी साबो और आसपास के गांवों के लोगों के लिए वरदान साबित होगा, जिससे सरकारी सेवाओं में तेजी और पारदर्शिता आएगी और पहुंच में वृद्धि होगी। निरंतर विकास के साथ हम लोगों की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”

श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की चरण-छोह प्राप्त पवित्र ऐतिहासिक धरती पर नया बना उप-मंडलीय परिसर लोगों को समर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह प्रोजेक्ट आधुनिक, नागरिक-केंद्रित बुनियादी ढांचा प्रदान करके जमीनी स्तर पर प्रशासन को और मजबूत करने के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछली उप-मंडलीय परिसर की इमारत लगभग 40 साल पुरानी थी और बहुत ही जर्जर हालत में थी। नए परिसर के निर्माण पर 6 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और इसका कुल क्षेत्रफल 3,000 वर्ग फुट है।”

उन्होंने कहा, “तीन मंजिला इमारत में 28 कमरे हैं और इसमें आसान पंजीकरण के लिए कार्यालय, एसडीएम अदालत, तहसीलदार अदालत, फर्द केंद्र, रिकॉर्ड रूम, खजाना कार्यालय और एक कैंटीन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।”

आधुनिक बुनियादी ढांचे पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सभी कार्यालयों को हाई-स्पीड इंटरनेट से लैस किया गया है और परिसर में लिफ्ट की सुविधा भी है।” उन्होंने आगे कहा कि लोगों की सुविधा के लिए ऐसे आधुनिक तहसील परिसर पूरे पंजाब में बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने कभी भी ऐसे लोक-केंद्रित प्रयासों की ओर ध्यान नहीं दिया था।

पिछली सरकारों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहले, सूबे की बागडोर गलत हाथों में थी, जिसके कारण पंजाब को बहुत नुकसान उठाना पड़ा।” उन्होंने आगे कहा, “पदभार संभालने के बाद हमारी सरकार ने जनता के महत्व वाले कार्यों को प्राथमिकता दी।” संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि ये इमारतें लोगों की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आशा जताई कि नया उप-मंडलीय परिसर तलवंडी साबो और आसपास के गांवों के निवासियों को एक ही छत के नीचे तेज, पारदर्शी और निर्बाध सेवाएं प्रदान करके बड़ा लाभ पहुंचाएगा।

इससे पहले तख्त श्री दमदमा साहिब पर मत्था टेकने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब में शांति, प्रगति और खुशहाली के लिए अरदास की। उन्होंने आशा जताई कि शांति और सांप्रदायिक सद्भाव के तार हर बीतते दिन के साथ और मजबूत होंगे, जिससे पंजाब हर क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर सकेगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पवित्र नगरी तलवंडी साबो को दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की चरण-छोह प्राप्त है और मुझे यहां मत्था टेकने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।”

वैसाखी के पवित्र अवसर पर बधाई देते हुए उन्होंने कहा, “यह त्योहार पंजाबी और पंजाबियत की भावना के साथ-साथ अनेकता में एकता का प्रतीक भी है।” उन्होंने याद किया कि 13 अप्रैल, 1699 को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने श्री आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ स्थापित किया था और इस पल को इतिहास में दर्ज किया गया।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस पावन दिवस पर विभिन्न जातियों से संबंधित ‘पांच प्यारों’ को अमृत छकाया गया, एक समानता वाले समाज की नींव रखकर प्यार, सहानुभूति, विश्वव्यापी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश फैलाया गया।” उन्होंने आगे कहा कि वैसाखी फसल की कटाई के मौसम की शुरुआत को भी दर्शाती है और यह किसानों, मजदूरों और मेहनती लोगों का त्योहार है, नागरिकों को राष्ट्र के सामाजिक और धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को और मजबूत करने के लिए इसे पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह दिन सिखों या पंजाबियों के साथ-साथ समूचे देश के लिए विशेष महत्व रखता है।” खालसा पंथ की स्थापना करके गुरु गोबिंद सिंह जी ने दबे-कुचले समाज में नई उमंग भरी और जानें न्योछावर करके लोगों को अत्याचार और अन्याय के खिलाफ खड़े होने का अधिकार दिया।” उन्होंने आगे कहा कि यह दिन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि एक न्यायपूर्ण और समानता वाले समाज के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “वैसाखी के इस पवित्र अवसर पर हमें सामाजिक समानता, आपसी भाईचारे और शोषण से आजादी पर आधारित समाज के निर्माण के लिए खुद को प्रतिबद्ध करना चाहिए।”

विधायी मोर्चे पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि पंजाब सरकार 13 अप्रैल को पंजाब विधान सभा के विशेष सत्र में जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेगी। उन्होंने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी और अन्य सम्माननीय पवित्र ग्रंथों की ‘बेअदबी’ से संबंधित कई घटनाएं हुई हैं, जिन्होंने जनता की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है और सामाजिक सौहार्द को भंग किया है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 298, 299 और 300 के तहत ऐसे मामले आते हैं, लेकिन इसमें ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोकने के लिए कठोर सजा का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने आगे कहा, “बहुत ध्यानपूर्वक विचार करने के बाद पंजाब सरकार ने फैसला किया है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा और आपसी सम्मान तथा सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए कठोर कानूनी उपाय आवश्यक हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 बेअदबी के दोषी पाए जाने वालों के लिए आजीवन कारावास सहित कठोर सजाओं का प्रावधान करता है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विश्वास व्यक्त किया कि यह कानून एक मजबूत निवारक के रूप में कार्य करेगा और पूरे पंजाब में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगा।

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‘बेअदबी’ पार्टी (अकाली दल) अपनी प्रतिष्ठा खो चुकी है, अब वह राजनीति में वापसी के लिए भाजपा से समझौता करने की कोशिश कर रही है: बलतेज पन्नू

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शनिवार को कहा कि बेअदबी पार्टी (अकाली दल) और उसके प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राजनीतिक फायदे के लिए बार-बार अपने राजनीतिक स्टैंड से समझौता किया है और अब वे भाजपा से समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं।

सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, “आज सुखबीर सिंह बादल कह रहे हैं कि वह केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लाए जा रहे कुछ बिलों से पूरी तरह सहमत हैं। लेकिन पंजाब के लोगों को अच्छी तरह याद है कि जब कृषि कानून लाए गए थे, तो पूरा बादल परिवार उन कानूनों के पक्ष में वीडियो बनाता हुआ नजर आया था।”

बलतेज पन्नू ने कहा कि बड़े स्तर पर लोगों के गुस्से का सामना करने के बाद ही बादलों ने अपना रुख बदला और खुद को किसानों का हमदर्द दिखाने की कोशिश में कृषि कानूनों के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया।

अकाली दल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर निशाना साधते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा, “‘बेअदबी’ अकाली दल पंजाब के लोगों के दिलों से पूरी तरह गायब हो चुका है। अब वह भाजपा के साथ समझौता करके अपनी राजनीति को फिर से ज़िंदा करने की हर मुमकिन कोशिश कर रहा है।”

सुखबीर बादल के भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं के बारे में पहले दिए गए बयान को याद करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा, “मैं सुखबीर सिंह बादल को उनकी ही बातें याद दिलाना चाहता हूं। उन्होंने कहा था कि जो लोग भाजपा में शामिल हो रहे हैं, उन्हें अपना डीएनए टेस्ट करवाना चाहिए। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि किसी को अपना डीएनए टेस्ट करवाना चाहिए, लेकिन जब सुखबीर बादल ने खुद यह बयान दिया, तो आज इसका जिक्र करना बनता है।”

उन्होंने कहा कि बादल परिवार के बार-बार लिए गए यू-टर्न ने अकाली दल की राजनीति का असली चेहरा सामने ला दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग उन लोगों के बीच साफ फर्क समझ सकते हैं जो अपने उसूलों पर अड़े रहते हैं और जो राजनीतिक सुविधा के हिसाब से अपना रुख बदलते हैं।

बलतेज पन्नू ने दावा किया कि पंजाब के लोग पहले ही अकाली दल की राजनीति को नकार चुके हैं और भाजपा के साथ राजनीतिक समझौता करने की उसकी नई कोशिशों से गुमराह नहीं होंगे।

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मुक्तसर की तियां में पहुंचीं डॉ. गुरप्रीत कौर मान, महिलाओं ने चुनाव की तारीख पूछनी शुरू कर दी

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मुक्तसर विधानसभा में आज पंजाबी संस्कृति और महिलाओं के उत्साह से सराबोर तियां का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान जी की धर्मपत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुक्तसर की बड़ी संख्या में माताओं और बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने महिलाओं से बातचीत की और उनके अनुभव जाने। बातचीत में मावा दीया योजना को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने बताया कि उनके खातों में ₹4,500 और ₹3,000 की राशि पहुंचने से उन्हें काफी राहत और खुशी मिली है।

महिलाओं के साथ बातचीत के दौरान सरकार की योजनाओं को लेकर उनका उत्साह इतना स्पष्ट था कि बात सिर्फ योजना के लाभ तक सीमित नहीं रही—महिलाएं चुनाव की तारीख और अगला चुनाव कब होगा, यह पूछने लगीं।

माहौल ऐसा था कि मान साहब से ज्यादा अब पंजाब की इन माताओं-बहनों को चुनाव की जल्दी दिखाई दी, क्योंकि उनका कहना था कि वे जल्द से जल्द चुनाव चाहती हैं, ताकि उन्हें एक बार फिर भगवंत मान जी को अपना समर्थन देकर पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने और उनकी सरकार को दोबारा सत्ता में लाने का मौका मिले।

मुक्तसर की तियां में आज पंजाबी संस्कृति और महिलाओं की खुशियों के साथ-साथ महिलाओं के मन की राजनीतिक इच्छा भी खुलकर सामने आई—उन्हें अब चुनाव का इंतजार है।

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‘गैंगस्टरां ते वार’ ने ख़ुफ़िया-आधारित पुलिसिंग की प्रभावशीलता सिद्ध की; गैंगस्टरों के लिए कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं : DGP गौरव यादव

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पंजाब पुलिस का प्रमुख एंटी-गैंगस्टर अभियान ‘गैंगस्टरां ते वार’ संगठित अपराध के विरुद्ध राज्य में चलाए जा रहे सबसे व्यापक और निरंतर अभियानों में से एक के रूप में उभरते हुए अपने 200 दिन पूरे कर चुका है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने पूरे पंजाब में 1,09,087 छापेमारियाँ कीं, 1,532 घोषित अपराधियों (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर्स) को गिरफ़्तार किया, 58,212 अपराधियों एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध कार्रवाई की, भारी मात्रा में अवैध हथियार और मादक पदार्थ बरामद किए तथा संगठित आपराधिक गिरोहों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के मार्गदर्शन में शुरू किया गया ‘गैंगस्टरां ते वार’ एक ख़ुफ़िया सूचना-आधारित अभियान है, जिसका उद्देश्य लक्षित कार्रवाई, अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय समन्वय, वित्तीय जाँच तथा तकनीक-आधारित पुलिसिंग के माध्यम से संगठित अपराध गिरोहों का पूरी तरह सफाया करना है।

इस अवसर पर, डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि यह अभियान अब बहुआयामी कार्रवाई का रूप ले चुका है, जो केवल गैंगस्टरों ही नहीं, बल्कि संगठित अपराध को बढ़ावा देने वाले पूरे तंत्र को भी निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा, “‘गैंगस्टरां ते वार’ के पहले 200 दिनों ने निरंतर और ख़ुफ़िया-आधारित पुलिसिंग की प्रभावशीलता को सिद्ध किया है। हमारी रणनीति केवल गिरफ़्तारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठित अपराध को सक्षम बनाने वाले पूरे नेटवर्क—सहयोगियों, वित्तीय स्रोतों, रसद व्यवस्था, संचार माध्यमों और विदेशों में मौजूद संपर्कों—को ध्वस्त करने पर केंद्रित है। पंजाब पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि देश के भीतर या बाहर कहीं भी संचालित होने वाले गैंगस्टरों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना न बचे।”

इन 200 दिनों के दौरान 1,532 घोषित अपराधियों (पीओ) को गिरफ़्तार किया गया, जबकि 58,212 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई, जिनमें 853 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 57,359 वांछित अपराधी शामिल हैं।

निवारक पुलिसिंग के तहत 28,201 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 577 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 27,624 वांछित अपराधी शामिल थे; वहीं 18,514 व्यक्तियों का वेरिफिकेशन कर उन्हें बाद में रिहा किया गया, जिनमें 1,529 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 16,985 वांछित अपराधी शामिल थे। कुल मिलाकर अभियान के दौरान 1,04,927 व्यक्ति अभियान के दौरान पुलिस कार्रवाई के दायरे में आए जिनमें 2,959 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 1,01,968 वांछित अपराधी शामिल हैं।

गिरफ़्तारियों के अतिरिक्त अभियान का मुख्य उद्देश्य संगठित गिरोहों की हथियारों, मादक पदार्थों, वित्तीय संसाधनों और रसद व्यवस्था तक पहुँच को समाप्त कर उनकी अपराध करने की क्षमता को कमज़ोर करना भी रहा।

इस अभियान ने संगठित अपराध गिरोहों की मारक क्षमता को भी बड़ा झटका दिया।अभियान के दौरान पंजाब पुलिस ने 990 अवैध हथियार, 242 धारदार हथियार, 2,739 कारतूस, 315 मैगज़ीन, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और 15 हैंड ग्रेनेड बरामद किए, जिससे आपराधिक गिरोहों की मारक क्षमता को गंभीर रूप से कमज़ोर किया गया।

साथ ही, पंजाब पुलिस ने संगठित अपराध और नशा तस्करी के गठजोड़ के विरुद्ध कार्रवाई तेज़ करते हुए 774.38 किलोग्राम हेरोइन, 480.23 किलोग्राम अफीम, 7,266.26 किलोग्राम पोस्त भूसी तथा 26,91,455 नशीली गोलियाँ बरामद कीं। पुलिस ने 1,73,41,965 रुपये की ड्रग मनी, 1,80,54,446 रुपये नकद तथा 413.85 ग्राम सोना भी ज़ब्त किया, जिससे संगठित अपराध और मादक पदार्थों के कारोबार को वित्तीय सहायता देने वाले स्रोतों पर प्रभावी प्रहार हुआ।

एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस प्रमोद बान ने कहा कि अब अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल अपराधियों की गिरफ़्तारी नहीं, बल्कि संगठित अपराध के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। उन्होंने कहा, “आज का संगठित अपराध वित्तीय नेटवर्क, डिजिटल संचार और विदेशों में बैठे संचालकों के माध्यम से संचालित होता है। इसी कारण हमारी जाँच में फील्ड ऑपरेशन के साथ-साथ वित्तीय ट्रैकिंग, डिजिटल इंटेलिजेंस तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय शामिल है। इसी रणनीति के कारण पंजाब पुलिस रंगदारी गिरोहों का पर्दाफाश करने, विदेशों में बैठे संचालकों की पहचान करने तथा वांछित अपराधियों के निर्वासन (डीपोर्टेशन) और प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सफल रही है। साथ ही यह अभियान युवाओं को यह संदेश भी देता है कि गैंगस्टर संस्कृति का तथाकथित आकर्षण केवल एक भ्रम है, जिसका अंत अपराध और विनाश में होता है।”

अभियान को पड़ोसी राज्यों तथा केंद्रीय जाँच एवं ख़ुफ़िया एजेंसियों के साथ नियमित समन्वय का भी भरपूर सहयोग मिला, जिससे सूचनाओं के तुरंत आदान-प्रदान और संगठित अपराध के विरुद्ध संयुक्त अभियानों को गति मिली।

अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में से एक फरार गैंगस्टर भुवनेश चोपड़ा उर्फ आशीष चोपड़ा, पुत्र हीरा लाल, निवासी मकान नंबर 15, अंदरूनी दिल्ली गेट, फिरोज़पुर, को मध्य एशिया से तथा गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला को जकार्ता (इंडोनेशिया) से सफलतापूर्वक भारत वापस लाना रहा। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने ओएफटीईसी पंजाब तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इससे यह सिद्ध हुआ कि पंजाब पुलिस अब राष्ट्रीय सीमाओं से परे जाकर भी वांछित अपराधियों को कानून के कटघरे में लाने में सक्षम है।

गैंगस्टरों एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध कार्रवाई के अतिरिक्त अभियान के दौरान 64,402.77 लीटर अवैध शराब, 34,840 बोतलें तथा 926 पेटियाँ बरामद कर नष्ट की गईं। इसके अलावा अपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे 4,978 मोबाइल फोन, 1,781 वाहन और 61 ड्रोन भी ज़ब्त किए गए। इन कार्रवाइयों ने आपराधिक ढाँचे को कमज़ोर करने, संगठित अपराध के नेटवर्क को बाधित करने और पूरे पंजाब में सार्वजनिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 93946-93946 नंबर पर एक समर्पित टिपलाइन भी शुरू की है, जिसके माध्यम से लोग वांछित अपराधियों, गैंगस्टरों और उनसे संबंधित आपराधिक गतिविधियों की जानकारी गोपनीय और गुमनाम रूप से साझा कर सकते हैं। इस पहल के ज़रिए लोग अपनी पहचान उजागर होने के डर के बिना गोपनीय रूप से महत्त्वपूर्ण जानकारी साझा कर सकते हैं, जिससे एजीटीएफ को गैंगस्टरों और अन्य अपराधियों का जल्द पता लगाकर उन्हें गिरफ़्तार करने में मदद मिलेगी।

जनसहभागिता को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से एजीटीएफ ने एक इनाम नीति भी लागू की है, जिसके तहत वांछित गैंगस्टरों और अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई में सहायक विश्वसनीय सूचना देने वालों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा तथा उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इस पहल से पंजाब में संगठित अपराध के विरुद्ध ख़ुफ़िया-आधारित अभियानों को और अधिक मज़बूती मिलने की उम्मीद है।

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