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वीडियो के 1,191 फ्रेम्स के तकनीकी विश्लेषण से साबित हुआ कि CM भगवंत सिंह मान से कोई मेल नहीं है: हरपाल सिंह चीमा

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आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ‘आप’ पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू के साथ गुरुवार को एक फर्जी और मनगढ़ंत वीडियो के जरिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को बदनाम करने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और पंजाब के सामाजिक सद्भाव को अस्थिर करने की एक घिनौनी राजनीतिक साजिश का पर्दाफाश किया।

भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त दो स्वतंत्र प्रयोगशालाओं (लैब्स) द्वारा की गई फोरेंसिक जांच का हवाला देते हुए नेताओं ने कहा कि प्रोपेगेंडा अभियान को वैज्ञानिक सबूतों द्वारा पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है। वीडियो के 1,191 फ्रेम्स के तकनीकी विश्लेषण ने निर्णायक तौर पर साबित किया है कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति सीएम भगवंत सिंह मान नहीं हैं।

‘आप’ नेताओं ने कहा कि भगवंत मान सरकार द्वारा ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट’ लागू किए जाने से बौखलाई पंथ विरोधी और पंजाब विरोधी ताकतों ने यह साजिश रची है। उन्होंने दावा किया कि इस मनगढ़ंत वीडियो को बनाने और वायरल करने वालों की पहचान करके उनकी बारीकी से जांच की जाएगी और उन्हें सख्त सजा दिलाई जाएगी।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वरिष्ठ ‘आप’ नेता और मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पिछले कई दिनों से अकाली दल के नेता एक फर्जी वीडियो वायरल करके और उसे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से झूठा जोड़कर जनता की भावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा, “यह सारा घटनाक्रम एक बड़ी राजनीतिक साजिश का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य एक ऐसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री को बदनाम करना था जो लगातार पंजाब के लोगों के लिए काम कर रहे हैं।”

हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “सच अब पंजाब के लोगों के सामने आ गया है। जिन लोगों ने एक मनगढ़ंत वीडियो का सहारा लेकर जनता को गुमराह करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश की थी, वे पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं।”

फोरेंसिक जांच के विवरण साझा करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त दो स्वतंत्र लेबोरेट्रीज ने वायरल वीडियो की बारीकी से जांच की और वे एक ही नतीजे पर पहुंचीं। फोरेंसिक विश्लेषण में वीडियो के कुल 1,191 फ्रेम्स की जांच की गई। चेहरे के नैन-नक्श, कद, शारीरिक बनावट, खड़े होने का तरीका, हिलने-डुलने के पैटर्न, साइड प्रोफाइल और बैक प्रोफाइल समेत हर पहलू का गहराई से विश्लेषण किया गया। रिपोर्टों में स्पष्ट निष्कर्ष निकाला गया है कि वीडियो में दिखाया गया व्यक्ति सीएम भगवंत सिंह मान से बिल्कुल मेल नहीं खाता।

मंत्री ने बताया कि फोरेंसिक रिपोर्टों के मुताबिक वीडियो में नजर आ रहे व्यक्ति का कद लगभग 5 फुट 10 इंच होने का अनुमान है, जबकि सीएम भगवंत सिंह मान का कद 5 फुट 8 इंच है। उन्होंने कहा कि शारीरिक बनावट, कंधों की बनावट, चेहरे की विशेषताओं और समग्र पोस्चर में भी बड़े अंतर पाए गए हैं हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “दोनों लेबोरेट्रीज ने स्वतंत्र तौर पर एक ही निष्कर्ष निकाला और वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति और मुख्यमंत्री के बीच कोई मेल नहीं पाया।”

अकाली दल को करारा जवाब देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पार्टी का राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक मुद्दों का शोषण करने का एक लंबा और दुर्भाग्यपूर्ण इतिहास रहा है, जबकि वह पंथ की मर्यादा की रक्षा करने में बार-बार नाकाम रही है। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग 1986 के नकोदर कांड को नहीं भूले, जब अकाली दल की सरकार के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूपों को आग के हवाले कर दिया गया था। वे उसके बाद हुई पुलिस फायरिंग को भी नहीं भूले, जिसमें इंसाफ की मांग कर रहे चार सिख नौजवान शहीद हो गए थे।”

हरपाल सिंह चीमा ने आगे अकाली-भाजपा गठबंधन के शासनकाल में 2015 की बेअदबी की घटनाओं और बहबल कलां तथा कोटकपूरा में हुई पुलिस फायरिंग की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, “तरीका वही है। जब भी अकाली दल और भाजपा सत्ता में थे, बेअदबी की घटनाएं हुईं और इंसाफ नहीं दिया गया। पंजाब के लोग इन दर्दनाक अध्यायों को नहीं भूले हैं।” मंत्री ने कहा कि 2015 की बेअदबी की घटनाओं के बाद सत्ता में दो साल रहने के बावजूद अकाली दल की सरकार जस्टिस जोरा सिंह कमीशन की सिफारिशों पर भी कार्रवाई करने में असफल रही। उन्होंने आगे कहा, “बाद में आई कांग्रेस सरकारों ने कई विशेष जांच टीमें (एसआईटी) बनाईं, फिर भी ‘आप’ सरकार के सत्ता में आने तक कोई सार्थक कार्रवाई नहीं हो सकी।”

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अकाली दल ने बार-बार पंथ के नाम पर वोट मांगे हैं और खुद को पंथक हितों का रक्षक बताया है, लेकिन सरकार में उसका रिकॉर्ड अलग ही कहानी बयान करता है। उन्होंने कहा कि जब भी अकाली दल सत्ता में आया, उसकी देख-रेख में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाली घटनाएं हुईं, जबकि जिम्मेदार लोगों को सुरक्षा मिलती रही। हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “अकाली दल का राजनीतिक फायदे के लिए पंथक भावनाओं का शोषण करने का इतिहास रहा है। यह पंथ के नाम पर वोट मांगता है लेकिन उन मूल्यों और सिद्धांतों को कायम रखने में बार-बार नाकाम रहता है, जिनका प्रतिनिधित्व करने का यह दावा करता है।”

भगवंत मान सरकार द्वारा की गई पहलों पर रोशनी डालते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट, 2026’ बनाया है, जिसमें बेअदबी की घटनाओं के लिए उम्रकैद और भारी आर्थिक जुर्माने समेत सख्त सजाओं का प्रावधान है। उन्होंने कहा, “जब से इस ऐतिहासिक कानून के आसपास चर्चा शुरू हुई है, कुछ ताकतें मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को निशाना बनाने और बदनाम करने की नाकाम कोशिशें कर रही हैं। यह फर्जी वीडियो उसी बड़ी साजिश का हिस्सा है।”

जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार मनगढ़ंत सामग्री तैयार करने या वायरल करने में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेगी। उन्होंने कहा, “पंथ के खिलाफ साजिश रचना एक गंभीर अपराध है। इस फर्जी वीडियो को बनाने और वायरल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें ढूंढकर इंसाफ के कटघरे में लाया जाएगा, चाहे वे कहीं भी हों। इस गंदी साजिश में शामिल हर व्यक्ति को कानून के सामने जवाबदेह बनाया जाएगा।”

इस मौके पर बोलते हुए ‘आप’ पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने फर्जी वीडियो अभियान को भारतीय राजनीतिक इतिहास में किसी मौजूदा मुख्यमंत्री को बदनाम करने की सबसे शर्मनाक कोशिशों में से एक करार दिया। उन्होंने आगे कहा, “मनगढ़ंत वीडियो को सबसे पहले पत्रकारों में इस इरादे से वायरल किया गया था कि इसे असली सामग्री के रूप में प्रसारित किया जा सके। हालांकि, जिम्मेदार पत्रकारों ने इसकी संदिग्ध प्रकृति को पहचानते हुए इस सामग्री को प्रसारित करने से इनकार कर दिया।”

बलतेज पन्नू ने कहा, “जब वे भरोसेमंद मीडिया चैनलों के जरिए फर्जी वीडियो को प्रसारित करवाने में असफल रहे, तो उन्होंने अन्य साधनों के जरिए सीएम भगवंत सिंह मान को बदनाम करने की अपनी साजिश को तेज कर दिया। भारत के राजनीतिक इतिहास में शायद यह पहली बार है कि किसी मौजूदा मुख्यमंत्री के खिलाफ ऐसी घटिया और दुर्भाग्यपूर्ण कोशिश की गई है।” बलतेज पन्नू ने कहा कि भगवंत मान सरकार सभी क्षेत्रों में नतीजे दे रही है और उसका शासन रिकॉर्ड अपने आप में एक मिसाल है। उन्होंने कहा, “भगवंत मान सरकार ने धर्म, जाति या क्षेत्र के आधार पर बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग के लिए लगातार काम किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब ने निर्णायक शासन और सार्थक सुधार देखे हैं।”

पंजाब के मीडिया प्रभारी ने कहा कि 2015 के बेअदबी के मामलों और उसके बाद हुई पुलिस फायरिंग की घटनाओं से संबंधित जांच में जिन लोगों के नाम आए हैं, वे इन मामलों में हो रही प्रगति से असहज थे और इसलिए झूठे प्रचार के जरिए ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कोटकपूरा गोलीकांड मामले में चल रही कानूनी कार्रवाई का भी हवाला दिया और दावा किया कि कुछ राजनीतिक नेता सीएम भगवंत सिंह मान के खिलाफ बदनामी की मुहिम चलाकर खुद को जवाबदेही से बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब के लोग स्पष्ट तौर पर देख सकते हैं कि कौन दोषियों को बचाने की कोशिश कर रहा है और कौन इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा है। सच अब वैज्ञानिक फोरेंसिक सबूतों के जरिए सामने आ गया है।”

अगली कार्रवाई की घोषणा करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि आम आदमी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) से मिलेगा और इस साजिश की व्यापक जांच की औपचारिक मांग करेगा। उन्होंने आगे कहा, “हम इस मनगढ़ंत वीडियो के पीछे मौजूद व्यक्तियों और संगठनों की गहराई से जांच की मांग करेंगे। जिन लोगों ने धार्मिक भावनाओं को भड़काने, झूठी अफवाह फैलाने और पंजाब के सामाजिक सद्भाव को अस्थिर करने की कोशिश की है, उन्हें सख्त कानूनी परिणामों का सामना करना होगा।”

बलतेज पन्नू ने घोषणा की कि ‘आप’ का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) से मिलेगा और मनगढ़ंत वीडियो के पीछे की पूरी साजिश की व्यापक जांच की औपचारिक मांग करेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी धार्मिक भावनाओं को भड़काने और सीएम भगवंत सिंह मान को बदनाम करने के उद्देश्य से इस फर्जी सामग्री को तैयार करने, वायरल करने और बढ़ावा देने में शामिल हर व्यक्ति, संगठन और नेटवर्क की पहचान करने की मांग करेगी। बलतेज पन्नू ने कहा, “इस साजिश के पीछे वालों की पहचान होनी चाहिए, उन्हें बेनकाब किया जाना चाहिए और इंसाफ के कटघरे में लाया जाना चाहिए। पंजाब मनगढ़ंत प्रोपेगेंडा के जरिए सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करने और जनता को गुमराह करने की ऐसी जानबूझकर की गई कोशिशों को बर्दाश्त नहीं कर सकता।”

दोनों नेताओं ने दोहराया कि फोरेंसिक जांच के निष्कर्षों ने वायरल वीडियो के आसपास बनाए गए झूठे आख्यान को पूरी तरह नष्ट कर दिया है और इसे बनाने तथा फैलाने वालों की पंथ विरोधी और पंजाब विरोधी राजनीति को बेनकाब कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा, “सच की जीत हुई है। फर्जी वीडियो बेनकाब हो चुका है। साजिश बेनकाब हो चुकी है। पंजाब के लोग उन लोगों को कभी माफ नहीं करेंगे जिन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं का शोषण करने और लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए मुख्यमंत्री को बदनाम करने की कोशिश की।”

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PGI और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच बनेगा आधुनिक अंडरपास, हजारों लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

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चंडीगढ़ में Postgraduate Institute of Medical Education and Research (PGI) और Panjab University के बीच सड़क पार करने वाले हजारों मरीजों, डॉक्टरों, स्वयंसेवकों, छात्रों और आम लोगों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने जा रही है। यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने लंबे समय से प्रस्तावित पैदल यात्री अंडरपास परियोजना के लिए दोबारा टेंडर जारी कर दिया है। इस परियोजना पर लगभग 8.4 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह दूसरा मौका है जब प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए टेंडर जारी किया है। अंडरपास बनने से व्यस्त सड़क पार करते समय होने वाले हादसों का खतरा काफी कम होगा और लोगों को सुरक्षित आवागमन का विकल्प मिलेगा।

परियोजना के अनुसार अंडरपास करीब 14 मीटर चौड़ा और 32 मीटर लंबा होगा। आकार के लिहाज से यह सेक्टर-17 स्थित Zakir Hussain Rose Garden के अंडरपास से भी बड़ा होगा। प्रशासन का मानना है कि इससे एक समय में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही सुगम हो सकेगी।

स्थान की कमी के कारण अंडरपास में एस्केलेटर लगाने की योजना को रद्द कर दिया गया है। हालांकि बुजुर्गों, मरीजों और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए लिफ्ट और रैंप बनाए जाएंगे, ताकि व्हीलचेयर उपयोगकर्ता भी आसानी से इसका इस्तेमाल कर सकें।

संशोधित डिजाइन के तहत अंडरपास के भीतर 12 व्यावसायिक बूथ भी बनाए जाएंगे। पहले इनकी संख्या 20 प्रस्तावित थी। इन दुकानों में फोटोकॉपी समेत अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे PGI आने वाले मरीजों और पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही प्रशासन को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।

अंडरपास को आधुनिक और आकर्षक बनाने के लिए इसमें ग्रेनाइट फ्लोरिंग की जाएगी। इसके अलावा पूरे अंडरपास में एलईडी लाइटिंग लगाई जाएगी, ताकि रात के समय भी लोग सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से इसका उपयोग कर सकें।

परियोजना पूरी होने के बाद PGI और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच आवागमन करने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उनकी रोजमर्रा की आवाजाही काफी आसान हो जाएगी।

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CM भगवंत मान ने धुसी बांध लिंक रोड का किया शिलान्यास, 15 गांवों के हजारों लोगों को मिलेगी राहत

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पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने आज जालंधर दौरे के दौरान शाहकोट में सतलुज नदी के धुसी बांध पर बनने वाली 35 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का शिलान्यास किया। गिद्दड़पिंडी से फिल्लौर तक बनने वाला यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट क्षेत्र के कई गांवों को आपस में जोड़ेगा और हजारों लोगों के आवागमन को सुगम बनाएगा।

शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस सड़क के निर्माण से करीब 15 से 16 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर लगभग 61 करोड़ 82 लाख रुपये की लागत आएगी और यह सड़क 15 प्रमुख गांवों को जोड़ने का काम करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह सड़क न केवल आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति देगी।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद Balbir Singh Seechewal भी विशेष रूप से मौजूद रहे। संत बलबीर सिंह सीचेवाल लंबे समय से इस परियोजना के लिए प्रयासरत थे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों की मांग को लगातार सरकार तक पहुंचाते रहे हैं।

सीचेवाल ने कहा कि गिद्दड़पिंडी से फिल्लौर तक बनने वाली यह पक्की सड़क क्षेत्र के कई गांवों को सीधे जोड़ेगी, जिससे लोगों की यात्रा काफी आसान हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क के निर्माण के साथ-साथ धुसी बांध भी अधिक मजबूत होगा, जिससे बाढ़ के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि यह मांग कई वर्षों से लंबित थी और अब भगवंत मान सरकार ने इसे मंजूरी देकर लोगों की लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा समाप्त कर दी है।

स्थानीय लोगों ने भी इस परियोजना का स्वागत करते हुए कहा कि सड़क बनने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार आएगा और रोजमर्रा की आवाजाही से जुड़ी समस्याओं से राहत मिलेगी।

गौरतलब है कि 35 किलोमीटर लंबी यह सड़क ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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नकली वीडियो की साजिश में शामिल हर चेहरे को बेनकाब किया जाएगा और संगत के सामने पेश किया जाएगा: CM भगवंत सिंह मान

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दुनिया भर के पंजाबियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि उनका सारा सार्वजनिक जीवन लोगों की सेवा और पंजाब के हितों की रक्षा के लिए समर्पित रहा है और कोई भी सियासी प्रचार, संगत या राज्य के लोगों के साथ उनके रिश्ते को कमजोर नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि दो स्वतंत्र फोरेंसिक रिपोर्टों ने नकली वीडियो विवाद के पीछे की सच्चाई को बेनकाब कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच किए गए 1,191 फ्रेमों में से एक भी फ्रेम उनके चेहरे, कद, शारीरिक बनावट या दिखावट से मेल नहीं खाता।

इस घटना को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कुछ ताकतें पंजाब की तरक्की और लोगों की ओर से मिल रहे बेइंतहा प्यार को बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने डी.जी.पी. पंजाब को निर्देश दिए हैं कि इस नकली वीडियो को बनाने, फंड देने और वायरल करने में शामिल हर व्यक्ति की पहचान की जाए, चाहे वह दुनिया में कहीं भी छिपा हो, उन्हें संगत के सामने लाया जाए। श्री गुरु ग्रंथ साहिब, संगत और पंजाब के लोगों की सेवा के लिए अपनी उम्र भर की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने पंजाबियों से अपील की कि वे अपनी घटती सियासी हैसियत को बचाने के लिए धर्म को ढाल के रूप में इस्तेमाल करने वालों की सियासत से प्रेरित साजिशों का शिकार न हों।

एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जब छोटे साहिबजादों को श्रद्धांजलि देने की बात आई तो संसद के इतिहास में उन्हें कभी भी श्रद्धांजलि नहीं दी गई थी। गुरु साहिब ने मुझे वह सेवा बख्शी और संसद में पहली बार छोटे साहिबजादों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मौन रखा गया, उनकी कुर्बानी के बारे में चर्चा हुई और उनकी शहादत का सम्मान किया गया।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “अब, मुख्यमंत्री के रूप में मेरे सामने पालकी साहिब ले जाने वाले वाहनों का मामला आया था। इन वाहनों को टैक्स से छूट नहीं थी। हमने पूरे पंजाब में पालकी साहिब के सभी वाहनों का टैक्स माफ कर दिया है।” उन्होंने आगे कहा, “हमने राज्य में विभिन्न धर्मों के पवित्र ग्रंथों को ले जाने के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए वाहनों को मोटर व्हीकल टैक्स से छूट दी है। इन वाहनों को छूट विभिन्न धार्मिक संगठनों द्वारा निकाले जाने वाले नगर कीर्तनों को ध्यान में रखते हुए दी गई है, जो सांप्रदायिक सद्भाव, शांति और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रेरक के रूप में काम करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के समारोहों के दौरान हमने बेहतरीन प्रबंध किए और लोगों ने उन प्रबंधों की सराहना की। इतिहास में पहली बार हमने आनंदपुर साहिब में विशेष विधानसभा सत्र बुलाकर पंजाब विधानसभा को गुरु चरणों में समर्पित किया।”मुख्यमंत्री ने बताया, “हमने तख्त श्री अकाल तख्त साहिब, तख्त श्री केसगढ़ साहिब और तख्त श्री दमदमा साहिब से संबंधित शहरों अमृतसर, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को पवित्र शहरों का दर्जा दिया है। पिछली किसी भी सरकार में ऐसा फैसला लेने की हिम्मत नहीं थी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जब बेअदबी की घटनाएं हो रही थीं तो कानून बहुत कमजोर था। लोगों को थाने से भी जमानत मिल जाती थी या वे सजा से बच जाते थे। हमने बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून, जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) अधिनियम बनाया। लोगों ने उस कानून की बहुत सराहना की। आज भी लोग मुझे फोन करके कहते हैं कि इस कानून ने उनके दिलों को सुकून दिया है। मैं उन्हें कहता हूं कि यह मैंने अपने आप नहीं किया। गुरु साहिब ने मुझे यह सेवा सौंपी थी।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे हैरानी होती है कि जो धर्म के आपे रखवाले बने बैठे हैं और जिन सियासी लोगों ने अपने चहेतों को अहम पदों पर नियुक्त किया है, वे अब मेरा नाम एक ऐसी नकली वीडियो से जोड़ रहे हैं, जिसमें मैं मौजूद भी नहीं हूं। कोई मेरे जैसी अदाकारी कर रहा है, मेरी नकल कर रहा है, मेरे जैसे बाल बना रहा है और मेरे जैसा दिखने की कोशिश कर रहा है।” उन्होंने दावा किया, “किसी कथित जांच के आधार पर वे मुझे श्री अकाल तख्त साहिब की ‘फसील’ से पंथ-विरोधी घोषित कर रहे हैं और लोगों को भगवंत मान से न जुड़ने के लिए कह रहे हैं। यह खुला सियासी प्रचार है। यह सियासी संदेशबाजी है और कुछ नहीं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज मैं आपके सामने दो रिपोर्टें रख रहा हूं। ये पंजाब की किसी लैबोरेटरी की रिपोर्टें नहीं हैं। ये रिपोर्टें पंजाब से बाहर की लैबोरेटरियों की हैं और इसी वीडियो से संबंधित हैं। कुल 1,191 फ्रेमों की जांच की गई। सभी 1,191 फ्रेम चेक किए गए। एक भी फ्रेम किसी भी कोण से मेरे चेहरे, मेरे साइड प्रोफाइल, मेरे फ्रंट प्रोफाइल, मेरी आंखों, मेरे कद, मेरी शारीरिक बनावट या मेरे शरीर के ढांचे से मेल नहीं खाता। रिपोर्टें स्पष्ट रूप से साबित करती हैं कि किसी ने किसी अन्य व्यक्ति का इस्तेमाल करके यह नकली वीडियो खास इरादे से बनाई है ताकि इसे भगवंत मान की वीडियो बताकर मुझे बदनाम किया जा सके।”

उन्होंने आगे कहा, “रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति मुझसे लगभग दो इंच लंबा है। यह कैसे संभव है कि वीडियो में अचानक मेरा कद दो इंच बढ़ जाए? इसके अलावा मैं सपने में भी ऐसा कुछ करने के बारे में नहीं सोच सकता। कोई नहीं जानता कि यह वीडियो कब रिकॉर्ड की गई थी। कोई नहीं जानता कि यह कहां रिकॉर्ड की गई थी। कोई नहीं जानता कि इसे असल में किसने वायरल किया था। सिर्फ एक बात साफ है कि जब मैं पंजाब के लोगों के हक में फैसले लेता हूं तो वे फैसले कुछ लोगों को सहन नहीं होते।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के लोग मुझे बेइंतहा प्यार दे रहे हैं। माताएं मुझे आशीर्वाद देती हैं, बुजुर्ग मेरी लंबी उम्र के लिए दुआएं करते हैं और नौजवान सेल्फियों के लिए इकट्ठा होते हैं। मैं जहां भी जाता हूं, चाहे वह कोई सार्वजनिक सभा हो, रैली हो या लोक मिलनी, लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं।”

पंजाब के लोगों के लिए अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार ने 90 फीसदी घरों को मुफ्त बिजली दी है, 67,000 से अधिक नौजवानों को बिना किसी भ्रष्टाचार के नौकरियां दी हैं, आम आदमी क्लिनिक, स्कूल ऑफ एमिनेंस खोले हैं, सड़कों को सुधारा है, टोल प्लाजा बंद करके रोजाना 70 लाख रुपये बचाए हैं और बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है। जिस समय हमारी सरकार ने सत्ता संभाली थी, उस समय राज्य में सिंचाई के लिए सिर्फ 22 फीसदी नहरी पानी का इस्तेमाल किया जा रहा था, पर अब यह बढ़कर 80 फीसदी से अधिक हो गई है क्योंकि पानी टेलों तक पहुंच रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “लगभग 70 सालों के बाद नहरी पानी एक बार फिर लोगों के खेतों तक पहुंच रहा है। किसान उस पानी को अपने खेतों की ओर मोड़ने से पहले अरदास कर रहे हैं। यह तरक्की भी कुछ लोगों के लिए बर्दाश्त करना मुश्किल हो रही है।”

उन्होंने दावा किया, “अब कांग्रेस, जिसने श्री अकाल तख्त साहिब को गिराया, जिसके खून के दागों को इतिहास आज भी याद करता है, भी इस सुर में सुर मिला रही है। उनके मुताबिक हर चीज के लिए भगवंत मान जिम्मेदार है। ये तीनों पार्टियां अब इकट्ठी हो गई हैं। वे जितना चाहें इकट्ठे हो जाएं। जब जनता एक तरफ एकजुट खड़ी है तो मुझे कोई चिंता नहीं है। मुझे जिस बात का दुख होता है, वह यह है कि सिख संस्थाओं और सिख मसलों के लिए मेरी ओर से किए गए कामों के बावजूद मेरे खिलाफ ऐसे हमले किए जा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति हूं। मैं सभी धर्मों के लिए काम करना चाहता हूं। हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने की आजादी होनी चाहिए। धर्म लोगों को आध्यात्मिक संतुष्टि देता है और किसी को भी दूसरे व्यक्ति के धर्म में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान ने खुद सार्वजनिक रूप से बयान दिया है कि वह सुखबीर सिंह बादल के वफादार सिपाही हैं। उन्हें यह कहना चाहिए था कि वह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के वफादार सिपाही हैं। जब इतने अहम पद पर बैठा व्यक्ति खुलेआम खुद को किसी सियासी नेता का सिपाही बताता है तो लोग और क्या उम्मीद कर सकते हैं?”

फोरेंसिक रिपोर्टों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “रिपोर्टों में वीडियो में दिखने वाले आस-पास के वातावरण का भी विश्लेषण किया गया है, जिसमें मेज और होटल का कमरा शामिल है। मुझे बताओ, होटल के कमरे में ऐसी तस्वीरें कौन रखता है? जब मैं श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश हुआ था तो मैंने भी यही बात कही थी। मैंने साफ कहा था कि इस वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति मैं नहीं हूं। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है या नहीं, यह एक अलग मामला है। जब मैं वीडियो में मौजूद ही नहीं हूं तो यह बात अपने आप ही खत्म हो जाती है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “इन दोनों रिपोर्टों के आधार पर मैंने डी.जी.पी. पंजाब को निर्देश दिया है कि जिसने भी यह हरकत की है, जिसने भी इस वीडियो की शूटिंग का प्रबंध किया है, जिसने इसके लिए फंड दिया है, जिस कमरे में यह शूट किया गया था और दुनिया में जहां भी इसे तैयार किया गया था, उन व्यक्तियों की पहचान करके संगत के सामने लाया जाए।”

उन्होंने कहा, “अब नानक नाम लेवा संगत फैसला करेगी। श्री गुरु नानक देव जी की संगत सर्वोच्च है। श्री अकाल तख्त साहिब सर्वोच्च है और हमारा सिर इसके आगे झुकता है। हालांकि इस तरीके से लिए गए और तख्त से घोषित किए गए फैसलों को बहुत से लोगों ने स्वीकार नहीं किया है।” मुख्यमंत्री ने श्री गुरु नानक नाम लेवा संगत से अपील की कि वे इन चालबाज सियासी चालों का शिकार न हों। उन्होंने आगे कहा, “ये लोग सिर्फ मुड़कर सियासी पद हासिल करने और बचाने की कोशिश कर रहे हैं। वे धर्म को सियासी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।”

पंजाब के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मेरी जिंदगी का हर मिनट, हर सेकंड और मेरे दिल की हर धड़कन पंजाब के लिए धड़कती है। मैं पंजाब के लिए काम करता रहूंगा। आप मुझे जो प्यार, सम्मान और आशीर्वाद दे रहे हैं, वे मेरे लिए बहुत मायने रखते हैं। बिना किसी लालच के, बिना किसी स्वार्थ के, मैं हमेशा पंजाब के अधिकारों और हितों के लिए खड़ा रहूंगा। मैंने हमेशा श्री गुरु ग्रंथ साहिब और लोगों की सेवा की है और मैं संगत के साथ किसी भी तरह के टकराव के बारे में सोच भी नहीं सकता।”

“वाहिगुरू जी का खालसा, वाहिगुरू जी की फतेह।”

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