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भगवंत सिंह मान का 2027 में दोबारा पंजाब का मुख्यमंत्री बनना तय: अरविंद केजरीवाल
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बठिंडा नगर निगम चुनावों में ‘आप’ की शानदार जीत का श्रेय भगवंत मान सरकार के चार वर्षों के ईमानदार शासन और जनहितैषी कार्यों को दिया है। उन्होंने दावा किया कि मेगा रोड शो के दौरान लोगों की भारी भीड़ और उत्साहपूर्ण समर्थन सरकार के प्रति पंजाब के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
बठिंडा के लोगों द्वारा दिए गए बड़े जनादेश के लिए उनका धन्यवाद करते हुए ‘आप’ सुप्रीमो ने कहा कि इस फैसले ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के स्वच्छ और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन में जनता के विश्वास को और मजबूत किया है। उन्होंने आगे कहा कि जहां पंजाब के हर पुराने मुख्यमंत्री को भ्रष्टाचार से जुड़े सवालों का सामना करना पड़ा, वहीं भगवंत सिंह मान या उनकी सरकार के किसी भी सदस्य के खिलाफ एक भी आरोप सामने नहीं आया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार के कामकाज से खुश लोगों का लगातार मिल रहा समर्थन 2027 में भगवंत सिंह मान की मुख्यमंत्री के रूप में वापसी का रास्ता पूरी तरह साफ कर चुका है। इस अवसर पर ‘आप’ पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया, ‘आप’ पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा तथा पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे।
रोड शो के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “आज पंजाब में चार पार्टियां हैं। एक पार्टी को लोग गुस्से में ‘चिट्टा पार्टी’ के नाम से जानते हैं। इसके शासनकाल में नशे बहुत ज्यादा बिके और हर घर तक पहुंच गए। लोग इसे ‘बेअदबी पार्टी’ भी कहते हैं क्योंकि इसके कार्यकाल के दौरान बेअदबी की कई घटनाएं हुई थीं।”
उन्होंने आगे कहा, “दूसरी ‘झगड़ा पार्टी’ है। इसके नेता हमेशा आपस में ही लड़ते रहते हैं। तीसरी ‘ईडी पार्टी’ है। यह लोगों को ईडी की धमकियां देती है और उनके पीछे एजेंसियां लगाती है। चौथी आम आदमी पार्टी है, आपकी अपनी पार्टी, ‘जनता की पार्टी’, वह पार्टी जो जनता के लिए काम करती है।”
विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने दावा किया, “मुझे बताया गया है कि चुनाव फरवरी की बजाय नवंबर में होंगे। अब केवल चार महीने बचे हैं। अब हम सबका एक ही काम है। हमें भगवंत सिंह मान को दोबारा मुख्यमंत्री बनाना है। उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनना चाहिए।”
‘आप’ प्रमुख ने नगर निगम चुनावों में इतनी शानदार जीत दिलाने के लिए लोगों का तहेदिल से धन्यवाद भी किया। उन्होंने आगे कहा, “जब हम रोड शो के दौरान यहां आ रहे थे, मैं लोगों के चेहरे देख रहा था। हमारी सरकार बने चार साल हो गए हैं। जब पिछली सरकारें सत्ता में होती थीं तो लोग उन्हें भगाने के लिए हाथों में जूते लेकर खड़े रहते थे। हमने चार साल पूरे कर लिए हैं और आज लोगों के चेहरों पर इतनी खुशी है। यह देखकर मुझे सचमुच बहुत संतोष हुआ।”
राजनीति में आने के अपने उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “हम लोगों की सेवा करने के लिए राजनीति में आए हैं। यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि चार साल बाद लोग हमारे काम की सराहना कर रहे हैं। आपने बठिंडा में हमें शानदार जीत दिलाकर हमारे काम पर मुहर लगा दी है। रोड शो के दौरान यहां आते समय आपके चेहरों पर दिखाई दे रही खुशी यह दर्शाती है कि आप ‘आप’ सरकार से बहुत खुश हैं।”
2022 के चुनावों के दौरान अपने दौरे को याद करते हुए अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, “मैं 2022 के चुनावों के दौरान बठिंडा आया था। उस समय मुझे बताया गया था कि बठिंडा के लोगों को ‘जोजो टैक्स’ देना पड़ता था। अब कोई भी यह टैक्स वसूल नहीं करता और अब कोई लूट-खसोट तथा जबरन वसूली नहीं है। अब आपसे कोई पैसे नहीं मांगता। यह भगवंत मान की ईमानदार सरकार है।”
पंजाब के मुख्यमंत्री के रिकॉर्ड की सराहना करते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, “पिछले 75 वर्षों में पंजाब ने कई मुख्यमंत्री, कई मंत्री देखे हैं। लेकिन भगवंत मान जितना ईमानदार कोई नहीं रहा। इससे पहले आने वाले हर मुख्यमंत्री पर आरोप लगे। लोगों ने कहा कि फलां मुख्यमंत्री ने इतने पैसे कमाए, यह घोटाला किया, वह घोटाला किया, उनके परिवार के सदस्य भ्रष्टाचार में शामिल थे, उनके मंत्री भ्रष्टाचार में शामिल थे। ऐसे आरोप हर मुख्यमंत्री पर लगे थे।”
उन्होंने आगे कहा, “पिछले चार वर्षों में भगवंत मान पर एक पैसे के भ्रष्टाचार का भी आरोप नहीं लगा। एक भी आरोप नहीं। क्या आपको लगता है कि अगर कोई आरोप होता तो प्रधानमंत्री मोदी भगवंत मान को छोड़ देते? ईडी और सीबीआई ने यहां भी छापेमारी कर दी होती। लेकिन उनके खिलाफ, उनके परिवार के खिलाफ या उनके किसी भी मंत्री के खिलाफ एक भी आरोप नहीं है।”
सरकार के कार्यों का उल्लेख करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा, “सरकार ने जनता का पैसा बचाया और लोगों के लिए बिजली मुफ्त की। इसने 10 लाख रुपये का बीमा कवर दिया। अब 1 जुलाई से हर मां-बहन के खाते में 1,000 और 1,500 रुपये पहुंचने शुरू हो जाएंगे। इतना काम किया गया है। अब हम सबका एक ही काम है। हमें भगवंत मान को दोबारा मुख्यमंत्री बनाना है ताकि बाकी बचे सभी काम भी पूरे किए जा सकें।”
‘आप’ को रोकने के लिए भाजपा, कांग्रेस और अकालियों की संयुक्त कोशिशों के बावजूद पंजाबियों ने उन्हें किनारे कर दिया; यह जनादेश ईमानदार शासन में विश्वास को दर्शाता है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के लोगों पता होना चाहिए कि हाल ही में हुए स्थानीय चुनावों के दौरान भाजपा, अकाली और कांग्रेस मिलकर लड़े थे। उन्होंने अपने संसाधन एकत्र किए, अपनी रणनीतियां तय कीं और पंजाब सरकार के खिलाफ अंदरखाते एकजुट होकर प्रचार चलाया। वे सामूहिक रूप से एक ईमानदार सरकार से डरे हुए थे जो लोगों की सेवा कर रही है। इन पार्टियों को एहसास हो गया है कि यदि ‘आप’ ने जनसेवा का अपना सफर इसी तरह जारी रखा तो उनकी भ्रष्टाचार की दुकानें स्थायी रूप से बंद हो जाएंगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के राजनीतिक रूप से जागरूक और दूरदर्शी लोगों ने इस गठबंधन को पहचान लिया और ‘आप’ के पक्ष में निर्णायक जनादेश दिया। उन्होंने कहा, “लोगों ने झाड़ू उठाया और स्थानीय चुनावों में तीनों पार्टियों का पूरी तरह सफाया कर दिया। यह जनादेश ईमानदार राजनीति में लोगों के विश्वास को दर्शाता है और उन पार्टियों को नकारता है जो बार-बार लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकीं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक पार्टियां यह स्वीकार करने में असमर्थ हैं कि एक साधारण परिवार का व्यक्ति सफलतापूर्वक पंजाब का नेतृत्व कर रहा है और इसके लोगों की भलाई के लिए अथक काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “ये नेता हमेशा यह मानते थे कि पंजाब पर शासन करना केवल उनका ही अधिकार है। यही कारण है कि वे इस बात को पचा नहीं पा रहे कि एक आम आदमी सरकार को कुशलता और ईमानदारी से चला रहा है। दशकों तक उन्होंने झूठे वादों और प्रचार के माध्यम से लोगों को गुमराह किया, लेकिन पंजाबी अब ऐसी चालों में आने वाले नहीं हैं।”
सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि करदाताओं का पैसा अब कमीशन और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने के बजाय ईमानदारी से विकास कार्यों, स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। 67,000 से अधिक युवाओं ने एक रुपया भी रिश्वत दिए बिना पूरी तरह योग्यता (मेरिट) के आधार पर सरकारी नौकरियां हासिल की हैं। हमने पंजाब भर में कई टोल प्लाजा भी बंद किए हैं, जिससे लोगों के प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये बच रहे हैं।”
कृषि को पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराती रहेगी। उन्होंने कहा, “किसान देश के अन्नदाता हैं और वे सरकार से उच्च स्तर के सहयोग के हकदार हैं। मैं हर किसान को भरोसा दिलाता हूं कि वे अपने खेतों में जितना चाहें नहरी पानी उपयोग कर सकते हैं। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सिंचाई के पानी की बिल्कुल भी कमी न रहे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में नहर नेटवर्क को पुनर्जीवित किया है, जिससे उन अंतिम छोरों तक भी नहरी पानी पहुंचाया गया है जो पिछले तीन दशकों से अधिक समय से सूखे पड़े थे। उन्होंने आगे कहा, “हम इस नेटवर्क का और विस्तार करते रहेंगे ताकि हर खेत तक आवश्यक पानी पहुंच सके। इससे ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम होगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुमूल्य भूजल को बचाने में मदद मिलेगी।”
पंजाब के लोगों के अटूट विश्वास और सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक समृद्ध, प्रगतिशील और स्वस्थ ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, “मैं पूरी निष्ठा से लोगों की सेवा करता रहूंगा। ‘आप’ सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए अथक कार्य कर रही है और पंजाब तथा उसके लोगों की प्रगति और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही है।”
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यह सिर्फ एक सड़क प्रोजेक्ट नहीं है, यह लाखों श्रद्धालुओं, किसानों, व्यापारियों और रोजाना यात्रियों के लिए एक लाइफलाइन है: कंग
श्री आनंदपुर साहिब से आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और बंगा–गढ़शंकर–श्री आनंदपुर साहिब–नैना देवी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की लंबे समय से लटकती आ रही मांग को जोरदार तरीके से दोहराया। मुलाकात के दौरान कंग ने इस सड़क की सामरिक, धार्मिक और आर्थिक महत्व पर चर्चा की और केंद्र सरकार से इस प्रोजेक्ट में तेजी लाने की अपील की।
कंग ने कहा कि प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग सिर्फ एक सड़क बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि इस क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए एक लाइफलाइन है। उन्होंने बताया कि यह सड़क सिख धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक श्री आनंदपुर साहिब, जहाँ 1699 में गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी, को हिमाचल प्रदेश स्थित माता नैना देवी जी के मंदिर से जोड़ती है। हर साल लाखों श्रद्धालु, संगतें और पर्यटक इस मार्ग से यात्रा करते हैं।
‘आप’ सांसद ने आगे कहा कि यह सड़क पंजाब को हिमाचल प्रदेश से जोड़ने के साथ-साथ हजारों रोजाना यात्रियों, किसानों, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों की भी सेवा करती है। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देने से संपर्क में बड़ा सुधार होगा, यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम होगी, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, व्यापार और कारोबार मजबूत होगा और पूरे क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
कंग ने कहा कि पहले मंजूरियों और घोषणाओं (जिनमें 2019 में रखा गया शिलान्यास भी शामिल है) के बावजूद, पिछले वर्षों में इस प्रोजेक्ट में कोई सार्थक प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करके और समय पर विकास एवं रख-रखाव के लिए इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधीन लाकर अपनी प्रतिबद्धता पूरी की जाए।
मुलाकात पर संतोष व्यक्त करते हुए कंग ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सकारात्मक भरोसा दिया है और इस लंबे समय से लटकती आ रही मांग के महत्व को स्वीकार किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाएगी।
श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र के लोगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कंग ने कहा कि वे तब तक इस मुद्दे को उठाते रहेंगे जब तक कि इस क्षेत्र को आधुनिक सड़क बुनियादी ढांचा नहीं मिल जाता, जिसका यह हकदार है। उन्होंने कहा, “बेहतर संपर्क ही विकास की नींव है, और जब तक यह महत्वपूर्ण मांग पूरी नहीं हो जाती, मैं लोगों की आवाज बुलंद करता रहूंगा।”
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CM भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल द्वारा ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ Unaided Educational Institutions (संशोधन) विधेयक-2026’ पास
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने आज शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, प्रशासन एवं सार्वजनिक सेवाओं में सुधार लाने और राज्य में सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई ऐतिहासिक फैसले लिए। मंत्रिमंडल ने गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा फीस में अनुचित और अवैध वृद्धि को रोकने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ पारित किया। इसके अलावा ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026’, तीन नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटियों की स्थापना और कई अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों को मंजूरी दी गई।
यह फैसला आज यहां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया।
इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि कैबिनेट ने गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा फीस में अनुचित और अवैध वृद्धि को रोकने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ लाने की स्वीकृति दी है।
यह विधेयक लाना इसलिए आवश्यक हो गया था क्योंकि कुछ गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थान मनमाने ढंग से और अनुचित तरीके से अपनी वार्षिक फीस बढ़ा रहे थे, जिससे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ रहा था। इसलिए गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों द्वारा फीस में अवैध वृद्धि को रोकने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस एक्ट-2016’, ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) एक्ट-2019’ और इस अधिनियम के तहत बनाए गए नियमों में संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई थी।
‘पंजाब स्टेट आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026’ को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने लगातार पांच वर्षों की सेवा पूरी करने वाले योग्य आउटसोर्सड कर्मचारियों या धारा 2(1) के तहत सूचीबद्ध जोखिम वाली श्रेणियों में तैनात कर्मचारियों के मामले में तीन वर्षों की सेवा के बाद उन्हें सीधे ठेके (कॉन्ट्रैक्ट) पर लाने के लिए ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026’ को भी मंजूरी दे दी है। ठेके पर लाए गए कर्मचारियों का पारिश्रमिक वित्त विभाग द्वारा निर्धारित किया जाएगा और यह ‘कोड ऑन वेजेज-2019’ या न्यूनतम मजदूरी से संबंधित किसी अन्य लागू कानून के तहत निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दर से कम नहीं होगा। यह विधेयक लागू होने की तिथि से ‘पंजाब एडहॉक, कॉन्ट्रैक्चुअल, डेली वेज, टेम्पररी, वर्क चार्ज्ड एंड आउटसोर्सड एम्प्लॉयीज वेलफेयर एक्ट, 2016’ को रद्द करता है।
582 पशु चिकित्सा अस्पतालों में 449 पशु चिकित्सा फार्मासिस्टों और 451 सफाई सेवकों की सेवाओं में वृद्धि
पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने राज्य भर के 582 पशु चिकित्सा अस्पतालों में सेवाएं दे रहे 449 पशु चिकित्सा फार्मासिस्टों और 451 सफाई सेवकों की सेवाओं को 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च 2027 तक एक और वर्ष के लिए बढ़ाने की स्वीकृति भी दी है।
अमृतसर के ब्लॉक जंडियाला गुरु से नया ब्लॉक तरसिक्का बनाने की मंजूरी
मंत्रिमंडल ने व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए अमृतसर जिले के ब्लॉक जंडियाला गुरु में से ब्लॉक तरसिक्का बनाने की स्वीकृति दी है। ब्लॉक जंडियाला गुरु में से 64 ग्राम पंचायतों को निकालकर अमृतसर जिले में ब्लॉक तरसिक्का बनाया जाएगा। इस नए तरसिक्का ब्लॉक में जंडियाला गुरु ब्लॉक की 121 ग्राम पंचायतों में से 64 पंचायतें शामिल होंगी। तरसिक्का ब्लॉक के बनने से इन 64 गांवों के विकास कार्यों को गति मिलेगी।
तीन नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटियों की स्थापना को मंजूरी
पंजाब में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों को आकर्षित करने के लिए पंजाब सरकार ने ‘पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटीज पॉलिसी-2026’ तैयार की है। इस नीति के अनुसार कैबिनेट ने बोहण (होशियारपुर) में क्लाउड यूनिवर्सिटी, फतेहपुर (पटियाला) में एम.एस. डिजिटल यूनिवर्सिटी और नंदपुर केशो (पटियाला) में फिजिक्सवाला डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने को हरी झंडी दे दी है। इन विश्वविद्यालयों की स्थापना से क्षेत्र में उत्कृष्ट शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में मदद मिलने की उम्मीद है।
लोक निर्माण विभाग में ड्राफ्ट्समैन (सिविल) के 19 पदों को भरने की स्वीकृति
कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग, पंजाब की कार्यप्रणाली को मजबूत करने और विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीधी भर्ती के माध्यम से ड्राफ्ट्समैन (सिविल) के 19 पदों को भरने की स्वीकृति भी दी है। ड्राफ्ट्समैन कैडर में काफी समय से बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े थे, जिससे परियोजना निगरानी, गुणवत्ता सुनिश्चित करने, तकनीकी जांच और अन्य आवश्यक विभागीय कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। योग्य तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती से विभाग की तकनीकी क्षमता में वृद्धि होगी, विकास कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता में सुधार होगा और पूरे राज्य में बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को कुशलतापूर्वक लागू करने में मदद मिलेगी।

‘पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज विधेयक-2026’ को मंजूरी
कैबिनेट ने पंजाब में हरित वातावरण और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने, पर्यावरण प्रदूषण को रोकने, पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई के लिए संस्थागत ढांचा प्रदान करने और मिट्टी की रक्षा करने के लिए ‘पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज विधेयक-2026’ को भी अपनी स्वीकृति दे दी है। उल्लेखनीय है कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है, जिसका लगभग 83 प्रतिशत क्षेत्र कृषि के अधीन है। पंजाब का वन एवं वृक्षों के अधीन कुल क्षेत्र लगभग 5.92 प्रतिशत है और पंजाब सरकार ने 2030 तक इसे बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026 में संशोधन को स्वीकृति
कैबिनेट ने स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने, मुकदमेबाजी को कम करने और जी.एस.टी. प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए ‘पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026’ में संशोधन करने की स्वीकृति भी दे दी है, जिससे राज्य भर के व्यापार और उद्योग को लाभ होगा। इस संशोधन से पूर्व समझौते की शर्त के बिना क्रेडिट नोट जारी करके आपूर्ति की कीमत में से बिक्री के बाद की छूट को बाहर रखने की अनुमति मिलेगी। इसके अलावा यह किसी भी व्यावसायिक कारण से बिक्री के बाद की छूट के लिए क्रेडिट नोट जारी करने की अनुमति देगा, जिससे व्यावसायिक छूट के प्रबंधन को सरल बनाया जा सकेगा और अनुपालन का बोझ कम किया जा सकेगा। इसी प्रकार इसका उद्देश्य इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के मामलों में आई.टी.सी. के 90 प्रतिशत अंतरिम रिफंड के लाभ को बढ़ाना और वस्तुओं के निर्यात पर भुगतान किए गए आई.जी.एस.टी. के रिफंड, भले ही रिफंड राशि 1,000 से कम हो, की अनुमति देना है, जिससे तरलता में सुधार होगा और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
पंजाब पंचायती राज अधिनियम-1994 में संशोधन को मंजूरी
कैबिनेट ने ग्रामीण विकास विभाग के कामकाज को सुव्यवस्थित करने और पंचायत सचिवों तथा ग्राम सेवकों के कैडरों का नए पद ‘पंचायत विकास सचिव’ में विलय करने के लिए ‘पंजाब पंचायती राज अधिनियम-1994’ में संशोधन करने की भी सहमति दे दी है। वर्तमान पंचायत सचिवों को एक स्व-घोषणा पत्र जमा कराने पर ग्राम सेवकों (वी.डी.ओज़.) की वर्तमान वरिष्ठता सूची के अंत में रखा जाएगा। जो वर्तमान पंचायत सचिव अधिसूचना जारी होने की तिथि से एक माह के भीतर आवश्यक स्व-घोषणा पत्र जमा कराने में विफल रहेंगे, वे पंचायत सचिवों के कैडर में ही रहेंगे, जिसे डाइंग कैडर (समाप्त हो रहा कैडर) घोषित किया गया है।
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मान कैबिनेट के बड़े फैसले, डिजिटल यूनिवर्सिटी से लेकर प्राइवेट स्कूल फीस तक कई प्रस्तावों को मंजूरी
पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।
हरपाल चीमा ने बताया कि कैबिनेट ने ‘द पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी पॉलिसी’ को मंजूरी दे दी है। इसके तहत राज्य में तीन नई डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएंगी। इनमें एक होशियारपुर और दो पटियाला में बनाई जाएंगी। पटियाला के गांव फतेहपुर में एक यूनिवर्सिटी स्थापित होगी, जबकि विश्व प्रसिद्ध एजुकेशन ब्रांड फिजिक्स वाला पटियाला के गांव आनंदपुर केशव में डिजिटल यूनिवर्सिटी खोलेगा। वहीं, होशियारपुर में क्लाउड यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी, जहां आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे सरकार के अधीन कॉन्ट्रैक्ट पर लाने के लिए सरकार एक विशेष मनी बिल ला रही है। इस बिल को राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद इसे विधानसभा में पेश कर पारित कराया जाएगा।
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि निजी स्कूलों में मनमाने फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाने के लिए लाए गए अध्यादेश को विधेयक में बदलने की मंजूरी दे दी गई है। विधानसभा और राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा। इसके तहत कोई भी निजी स्कूल 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। यदि कोई स्कूल इससे अधिक फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे नियामक (रेगुलेटरी) संस्था से अनुमति लेनी होगी।
कैबिनेट ने ‘पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज़ बिल’ को भी मंजूरी दी है। इस कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति एक पेड़ काटता है तो उसे 10 नए पेड़ लगाने होंगे। ऐसा नहीं करने पर पहली बार प्रति पेड़ 10 हजार रुपये, दूसरी बार 35 हजार रुपये और तीसरी बार 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके अलावा कैबिनेट ने पंजाब लोक निर्माण विभाग (PWD) में सिविल पदों पर सीधी भर्ती को भी मंजूरी दे दी है, जिससे विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने का रास्ता साफ हो गया है।
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