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भाजपा ने किसान विरोधी कानून थोपे, अकालियों ने धर्म का दुरुपयोग किया, कांग्रेस पंजाब में नाकाम साबित हुई, पंजाबियों ने ईमानदार सरकार चुनी- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज रोपड़ जिले के गांव बड़वा में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों के बीच पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब के लोगों ने साल 2022 में 7 पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को सत्ता से बाहर करके ईमानदार सरकार में अपना विश्वास जताते हुए लूट, विशेषाधिकार और धोखे की राजनीति को पूरी तरह से नकार दिया। कांग्रेस, भाजपा और अकालियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इन पार्टियों के पास पंजाब के विकास का कोई एजेंडा नहीं है और इनकी दिलचस्पी सिर्फ सत्ता हथियाने और निजी हितों में है। उन्होंने दावा किया कि जहां विपक्षी नेता आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के अधीन पंजाब की तरक्की को हजम नहीं कर पा रहे, वहीं अब करदाताओं के पैसे का एक-एक रुपया सत्ताधारियों की ऐशो-आराम की बजाय लोक भलाई पर खर्च किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा ने किसान विरोधी कानून थोपे और अकालियों ने सियासी फायदे के लिए धर्म का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि नया अकाली-भाजपा गठबंधन सिर्फ सत्ता हासिल करने की मौकापरस्त चाल खेलने की कोशिश में है, जिसे पंजाब के लोग बुरी तरह नकार देंगे।
इकठ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आम आदमी पार्टी उन पारंपरिक सियासी पार्टियों के नेताओं में डर पैदा कर रही है जिन्होंने दशकों तक अपने निजी हितों के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया। भाजपा द्वारा थोपे गए किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसान शहीद हुए थे। यह एक हकीकत है कि भाजपा ने हमेशा पंजाब के साथ नाइंसाफी की है और आज ये पार्टियां सियासी फायदे के लिए धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रही हैं।”
शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के नए गठबंधन पर तीखा तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह गठबंधन दोनों पार्टियों के लिए सियासी तौर पर विनाशकारी साबित होगा क्योंकि यह न तो किसी विचारधारा पर आधारित है और न ही लोक भलाई के प्रति किसी प्रतिबद्धता पर टिका है। उन्होंने कहा, “इस गठबंधन का एकमात्र उद्देश्य पंजाब में सत्ता हथियाना है। दोनों पार्टियों के नेताओं ने बार-बार एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी की है और आरोप लगाए हैं। पंजाब के लोग पूछ रहे हैं कि वे अब कौन सा मुंह लेकर साथ वोट मांगेंगे। लोग ऐसे सियासी ड्रामों के झांसे में नहीं आएंगे और आने वाले दिनों में उन्हें करारा सबक सिखाएंगे।”
अपनी सरकार के कामों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने पंजाब के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए अपना खून-पसीना बहाया है और हर दिन नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के उद्देश्य से नई लोक-पक्षीय पहलें देखने को मिल रही हैं। उन्होंने कहा, “मुझसे पहले रहे मुख्यमंत्रियों के विपरीत, मैंने सरकारी खजाने से कभी एक पैसा भी नहीं लिया। इसके बजाय मैंने यह सुनिश्चित किया है कि टैक्सदाताओं का एक-एक रुपया लोक भलाई के लिए समझदारी से खर्च किया जाए। पंजाब के लोगों के बेटे और भाई होने के नाते, मेरा ध्यान ऐशो-आराम की जिंदगी जीने की बजाय उनके दुख-दर्द बांटने और उनकी मुश्किलों को हल करने पर रहा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पिछले शासक ने लोगों की मुश्किलों को समझने और उन्हें तनदेही से हल करने के लिए इस तरह लोगों तक सीधी पहुंच नहीं बनाई थी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें शानदार महलों की दीवारों तक ही सीमित रहीं और आम नागरिकों से शायद ही कभी संपर्क किया। उन्होंने कहा, “वे घमंडी सियासतदां लोगों से टूटे रहे और आज वे पंजाब सरकार के हर कदम से हैरान-परेशान हैं। दूसरी तरफ मैं लोगों के बीच रहता हूं, उनकी फीडबैक लेता हूं और विकास-मुखी व लोक-पक्षीय नीतियां बनाता हूं जो पंजाब की तरक्की व विकास में तेजी ला रही हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के विकास के लिए उनकी सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों ने विपक्षी नेताओं को निराश कर दिया है। उन्होंने कहा, “वे इस बात को हजम नहीं कर पा रहे कि आम लोगों की भलाई और पंजाब की तरक्की अब सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उनकी तरफ से सिर्फ आलोचना करना उनकी निराशा को दर्शाता है। मुझे भले ही लोगों की दौलत लूटने का अनुभव न हो, लेकिन मैं आम लोगों के दर्द को बांटना और उनके मसलों को हल करना अच्छी तरह जानता हूं। मैं पंजाब और इसके लोगों की खुशहाली के लिए पूरी तनदेही से काम कर रहा हूं और यही बात विपक्षियों को परेशान कर रही है।”
पिछली सरकारों की सख्त निंदा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेहद प्राकृतिक खूबसूरती और अनमोल संसाधनों से नवाजे इलाकों को सालों तक अनदेखा किया गया क्योंकि पिछली सरकारें इनकी क्षमता का फायदा उठाने में नाकाम रहीं। उन्होंने कहा कि दशकों तक सिर्फ दो सियासी धड़े बारी-बारी से सत्ता में आती रहीं, जिन्होंने लोगों की भावनाओं का शोषण किया और सूबे के साधनों को लूटा।
उन्होंने कहा, “पंजाब के लोगों के पास अब ‘झाड़ू’ (आप का चुनाव निशान) के रूप में विकल्प है, जिसने सूबे की सियासी व्यवस्था को साफ कर दिया है। साल 2022 के विधान सभा चुनावों में लोगों ने 7 पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को नकार कर ईमानदार सरकार को सत्ता सौंपी थी। उस ऐतिहासिक फैसले ने पंजाब को बदलने और इसे भारतीय राज्यों में अग्रणी बनाने में अहम भूमिका निभाई है।”
सिंचाई क्षेत्र में ‘आप’ सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने इस साल बेहतर सिंचाई प्रणाली के जरिए उपलब्ध नहरी पानी का 96 फीसदी उपयोग किया है, जिससे किसानों को बड़ा फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि जो पानी पहले बर्बाद हो जाता था, अब उसकी कृषि क्षेत्रों में लाभप्रद उपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “आप सरकार ने सूबे भर में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनों और नहरें बिछाई हैं ताकि पंजाब के हर कोने तक सिंचाई सुविधाएं पहुंच सकें। इन पाइपलाइनों और नहरों के जरिए लगभग 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे किसानों को अपनी सिंचाई की जरूरतें पूरी करने में मदद मिली है। पानी की यह मात्रा दो भाखड़ा नहरों की सप्लाई के बराबर है और इससे किसानों को बहुत बड़ा लाभ होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट विकसित किए गए हैं ताकि भूजल स्तर में सुधार लाया जा सके। इसके नतीजे के तौर पर कई इलाकों में भूजल स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। यह दर्शाता है कि करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल कैसे जिम्मेदारी से किया जा रहा है और विकास परियोजनाओं, स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और अन्य भलाई पहलों के जरिए लोगों तक यह पैसा वापस पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने मियाद पूरी कर चुके टोल प्लाजा भी बंद कर दिए हैं, जिससे लोगों के हर रोज लगभग 70 लाख रुपए बच रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि लोगों का पैसा सिर्फ जनता की भलाई पर ही खर्च हो रहा है, न कि पुरानी सरकारों की तरह कुछ चुनिंदा लोगों के फायदे के लिए।
स्वास्थ्य सेवा सुधारों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब भर में लगभग 1,000 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं, जहां 107 दवाएं और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ्त प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 75 वर्षों में किसी भी सरकार ने आम नागरिकों को ऐसी स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की कोशिश नहीं की। “इन क्लीनिकों ने सरकारी स्वास्थ्य सेवा संस्थानों में लोगों का विश्वास मजबूत किया है। लगभग 75,000 लोग हर रोज इलाज के लिए इन क्लीनिकों में आते हैं, जो इस पहल में लोगों के विश्वास को दर्शाता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी खजाने का एक-एक पैसा पंजाब के लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सूबे के 90 फीसदी से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को अब दिन के समय बिजली सप्लाई मिल रही है, जिससे किसान समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। ऐसे समय जब देश की बहुमूल्य संपत्तियां चुनिंदा कारपोरेटों को मामूली कीमतों पर सौंपी जा रही हैं, पंजाब ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर इतिहास रच दिया है, जिसका नाम श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखा गया है। यह सरकारी संपत्तियों को कमजोर करने की बजाय उन्हें मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
महिलाओं की भलाई पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने मांवां-धीयां सत्कार योजना शुरू की है, जिसके तहत सामान्य श्रेणी से संबंधित 18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए जबकि अनुसूचित जाति श्रेणी से संबंधित महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपए मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम परिवारों, खासकर गरीब परिवारों के लिए, 1,000 से 1,500 रुपए की रकम भी काफी मायने रखती है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सहायता हमारी मांवां-धीयां के प्रति हमारे सम्मान और गर्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इस योजना से लाभ ले रही महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान देखकर बहुत खुशी और संतुष्टि मिलती है। शैक्षिक सुधारों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्रिंसिपलों के पेशेवर हुनर को निखारने और क्लासरूम शिक्षा के मानकों को बेहतर बनाने के लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने भारत सरकार द्वारा करवाए गए राष्ट्रीय प्राप्ति सर्वेक्षण में केरल को भी पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के छात्र अब हथियारबंद सेनाओं की परीक्षा की तैयारी, नीट, जेईई, क्लैट और एनआईएफटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए अत्यधिक खुशी हो रही है कि स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के लगभग 300 छात्रों ने जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड और नीट परीक्षाओं के लिए क्वालीफाई किया है। ये उपलब्धियां पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में हो रहे क्रांतिकारी सुधारों को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार, किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे कृषि कार्यों में सहूलियत के साथ-साथ किसानों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
दिल्ली की भाजपा सरकार से तुलना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब आम लोगों के लिए भलाई की पहलों का लगातार विस्तार कर रहा है, जबकि सरकारें बदलने के बाद इस तरह के प्रोग्राम दूसरी जगहों पर बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “इन पार्टियों ने हमेशा आम नागरिकों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों का विरोध किया है और लोगों-केंद्रित प्रोग्रामों को लागू करने से दरकिनार करती रही हैं।” स्वास्थ्य सेवा कवरेज पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है, जिसके तहत पंजाब के हर निवासी, हर परिवार को ₹10 लाख तक का कैशलेस चिकित्सा इलाज प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा, “यह बहुत गर्व की बात है कि पंजाब भारत का पहला सूबा है जिसने इतनी व्यापक स्वास्थ्य सेवा कवरेज की पेशकश की है। इस योजना ने परिवारों पर वित्तीय बोझ को काफी हद तक कम करने के साथ-साथ मानक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित की है। लाभार्थियों द्वारा ₹650 करोड़ से अधिक का मुफ्त इलाज पहले ही प्राप्त किया जा चुका है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार, किसानों को धान के सीजन के दौरान कृषि ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली सप्लाई दी गई है। उन्होंने दोहराया कि सरकारी खजाने का एक-एक रुपया लोक भलाई और विकास के लिए खर्च किया जा रहा है।
बुनियादी ढांचे के विकास के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य भर में लिंक सड़कों की मरम्मत और अपग्रेडेशन के लिए एक विशाल प्रोग्राम शुरू किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में लगभग 43,000 किलोमीटर लिंक सड़कें हैं और उनकी मरम्मत और आधुनिकीकरण के लिए एक व्यापक प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। उन्होंने कहा, “आप सरकार ने एक और ऐतिहासिक फैसला लिया है। इन सड़कों की मरम्मत के साथ-साथ, अगले पांच सालों के लिए उनकी देखभाल भी सुनिश्चित की जाएगी। यह ग्रामीण और शहरी निवासियों के लिए बेहतर संपर्क की गारंटी देगा और यातायात सुविधाओं में सुधार करेगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने और राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर कीमती जानें बचाने के लिए देश की पहली समर्पित सड़क सुरक्षा फोर्स भी शुरू की है। “इस फोर्स के हिस्से के तौर पर विशेष रूप से प्रशिक्षित और नए भर्ती कर्मचारियों, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, को तैनात किया गया है। पंजाब के राजमार्गों पर कुल 1,597 कर्मचारी काम कर रहे हैं, जिन्हें 144 पूरी तरह सुसज्जित वाहनों की सहायता से चलाया जा रहा है। पिछले साल फरवरी में फोर्स की शुरुआत के बाद से, सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 48.10% की कमी आई है,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह फोर्स 4,200 किलोमीटर दुर्घटना-प्रभावित हाईवे पर तैनात रहती है और एक त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र और ट्रैफिक उल्लंघनों के खिलाफ निवारक के तौर पर काम करती है। उन्होंने कहा, “केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी संसद के फ्लोर पर इस पहल की सराहना की है।” जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम 2026 पर बोलते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि परमात्मा ने उन्हें इस ऐतिहासिक कानून के जरिए मानवता की सेवा करने का मौका दिया है। उन्होंने कहा, “इस कानून के तहत, बेअदबी’ का दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को दस साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 50 लाख रुपए के जुर्माने की सजा हो सकती है। अगर दोषी जुर्माना अदा करने में विफल रहता है, तो उसकी जायदाद बेची जा सकती है।
इस कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आने वाली पीढ़ियां श्री गुरु साहिब जी का अनादर करके लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के गंभीर नतीजों को समझ सकें।”
उम्मीद जताते हुए कि यह कानून बेअदबी के खिलाफ एक मजबूत निवारक के तौर पर काम करेगा, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सिखों के दिलों में एक पवित्र स्थान रखते हैं और उनकी पवित्रता की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के पिता के समान हैं। इसके सम्मान और पवित्रता को सुनिश्चित करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है। अगर सरकार इस संबंध में जिम्मेदारी नहीं लेती, तो कोई और नहीं लेगा। अकालियों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और लोग यह नहीं भूले हैं। हम खुशकिस्मत हैं कि हमें यह ऐतिहासिक कानून पारित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद करेगा।”
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यह सिर्फ एक सड़क प्रोजेक्ट नहीं है, यह लाखों श्रद्धालुओं, किसानों, व्यापारियों और रोजाना यात्रियों के लिए एक लाइफलाइन है: कंग
श्री आनंदपुर साहिब से आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और बंगा–गढ़शंकर–श्री आनंदपुर साहिब–नैना देवी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की लंबे समय से लटकती आ रही मांग को जोरदार तरीके से दोहराया। मुलाकात के दौरान कंग ने इस सड़क की सामरिक, धार्मिक और आर्थिक महत्व पर चर्चा की और केंद्र सरकार से इस प्रोजेक्ट में तेजी लाने की अपील की।
कंग ने कहा कि प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग सिर्फ एक सड़क बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि इस क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए एक लाइफलाइन है। उन्होंने बताया कि यह सड़क सिख धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक श्री आनंदपुर साहिब, जहाँ 1699 में गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी, को हिमाचल प्रदेश स्थित माता नैना देवी जी के मंदिर से जोड़ती है। हर साल लाखों श्रद्धालु, संगतें और पर्यटक इस मार्ग से यात्रा करते हैं।
‘आप’ सांसद ने आगे कहा कि यह सड़क पंजाब को हिमाचल प्रदेश से जोड़ने के साथ-साथ हजारों रोजाना यात्रियों, किसानों, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों की भी सेवा करती है। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देने से संपर्क में बड़ा सुधार होगा, यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम होगी, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, व्यापार और कारोबार मजबूत होगा और पूरे क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
कंग ने कहा कि पहले मंजूरियों और घोषणाओं (जिनमें 2019 में रखा गया शिलान्यास भी शामिल है) के बावजूद, पिछले वर्षों में इस प्रोजेक्ट में कोई सार्थक प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करके और समय पर विकास एवं रख-रखाव के लिए इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधीन लाकर अपनी प्रतिबद्धता पूरी की जाए।
मुलाकात पर संतोष व्यक्त करते हुए कंग ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सकारात्मक भरोसा दिया है और इस लंबे समय से लटकती आ रही मांग के महत्व को स्वीकार किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाएगी।
श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र के लोगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कंग ने कहा कि वे तब तक इस मुद्दे को उठाते रहेंगे जब तक कि इस क्षेत्र को आधुनिक सड़क बुनियादी ढांचा नहीं मिल जाता, जिसका यह हकदार है। उन्होंने कहा, “बेहतर संपर्क ही विकास की नींव है, और जब तक यह महत्वपूर्ण मांग पूरी नहीं हो जाती, मैं लोगों की आवाज बुलंद करता रहूंगा।”
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CM भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल द्वारा ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ Unaided Educational Institutions (संशोधन) विधेयक-2026’ पास
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने आज शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, प्रशासन एवं सार्वजनिक सेवाओं में सुधार लाने और राज्य में सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई ऐतिहासिक फैसले लिए। मंत्रिमंडल ने गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा फीस में अनुचित और अवैध वृद्धि को रोकने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ पारित किया। इसके अलावा ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026’, तीन नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटियों की स्थापना और कई अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों को मंजूरी दी गई।
यह फैसला आज यहां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया।
इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि कैबिनेट ने गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा फीस में अनुचित और अवैध वृद्धि को रोकने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026’ लाने की स्वीकृति दी है।
यह विधेयक लाना इसलिए आवश्यक हो गया था क्योंकि कुछ गैर-सहायता प्राप्त निजी शैक्षणिक संस्थान मनमाने ढंग से और अनुचित तरीके से अपनी वार्षिक फीस बढ़ा रहे थे, जिससे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ रहा था। इसलिए गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों द्वारा फीस में अवैध वृद्धि को रोकने के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस एक्ट-2016’, ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) एक्ट-2019’ और इस अधिनियम के तहत बनाए गए नियमों में संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई थी।
‘पंजाब स्टेट आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026’ को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने लगातार पांच वर्षों की सेवा पूरी करने वाले योग्य आउटसोर्सड कर्मचारियों या धारा 2(1) के तहत सूचीबद्ध जोखिम वाली श्रेणियों में तैनात कर्मचारियों के मामले में तीन वर्षों की सेवा के बाद उन्हें सीधे ठेके (कॉन्ट्रैक्ट) पर लाने के लिए ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्सड ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट विधेयक-2026’ को भी मंजूरी दे दी है। ठेके पर लाए गए कर्मचारियों का पारिश्रमिक वित्त विभाग द्वारा निर्धारित किया जाएगा और यह ‘कोड ऑन वेजेज-2019’ या न्यूनतम मजदूरी से संबंधित किसी अन्य लागू कानून के तहत निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दर से कम नहीं होगा। यह विधेयक लागू होने की तिथि से ‘पंजाब एडहॉक, कॉन्ट्रैक्चुअल, डेली वेज, टेम्पररी, वर्क चार्ज्ड एंड आउटसोर्सड एम्प्लॉयीज वेलफेयर एक्ट, 2016’ को रद्द करता है।
582 पशु चिकित्सा अस्पतालों में 449 पशु चिकित्सा फार्मासिस्टों और 451 सफाई सेवकों की सेवाओं में वृद्धि
पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने राज्य भर के 582 पशु चिकित्सा अस्पतालों में सेवाएं दे रहे 449 पशु चिकित्सा फार्मासिस्टों और 451 सफाई सेवकों की सेवाओं को 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च 2027 तक एक और वर्ष के लिए बढ़ाने की स्वीकृति भी दी है।
अमृतसर के ब्लॉक जंडियाला गुरु से नया ब्लॉक तरसिक्का बनाने की मंजूरी
मंत्रिमंडल ने व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए अमृतसर जिले के ब्लॉक जंडियाला गुरु में से ब्लॉक तरसिक्का बनाने की स्वीकृति दी है। ब्लॉक जंडियाला गुरु में से 64 ग्राम पंचायतों को निकालकर अमृतसर जिले में ब्लॉक तरसिक्का बनाया जाएगा। इस नए तरसिक्का ब्लॉक में जंडियाला गुरु ब्लॉक की 121 ग्राम पंचायतों में से 64 पंचायतें शामिल होंगी। तरसिक्का ब्लॉक के बनने से इन 64 गांवों के विकास कार्यों को गति मिलेगी।
तीन नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटियों की स्थापना को मंजूरी
पंजाब में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों को आकर्षित करने के लिए पंजाब सरकार ने ‘पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटीज पॉलिसी-2026’ तैयार की है। इस नीति के अनुसार कैबिनेट ने बोहण (होशियारपुर) में क्लाउड यूनिवर्सिटी, फतेहपुर (पटियाला) में एम.एस. डिजिटल यूनिवर्सिटी और नंदपुर केशो (पटियाला) में फिजिक्सवाला डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने को हरी झंडी दे दी है। इन विश्वविद्यालयों की स्थापना से क्षेत्र में उत्कृष्ट शिक्षा के विस्तार के साथ-साथ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में मदद मिलने की उम्मीद है।
लोक निर्माण विभाग में ड्राफ्ट्समैन (सिविल) के 19 पदों को भरने की स्वीकृति
कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग, पंजाब की कार्यप्रणाली को मजबूत करने और विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीधी भर्ती के माध्यम से ड्राफ्ट्समैन (सिविल) के 19 पदों को भरने की स्वीकृति भी दी है। ड्राफ्ट्समैन कैडर में काफी समय से बड़ी संख्या में पद रिक्त पड़े थे, जिससे परियोजना निगरानी, गुणवत्ता सुनिश्चित करने, तकनीकी जांच और अन्य आवश्यक विभागीय कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। योग्य तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती से विभाग की तकनीकी क्षमता में वृद्धि होगी, विकास कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता में सुधार होगा और पूरे राज्य में बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को कुशलतापूर्वक लागू करने में मदद मिलेगी।

‘पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज विधेयक-2026’ को मंजूरी
कैबिनेट ने पंजाब में हरित वातावरण और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने, पर्यावरण प्रदूषण को रोकने, पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई के लिए संस्थागत ढांचा प्रदान करने और मिट्टी की रक्षा करने के लिए ‘पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज विधेयक-2026’ को भी अपनी स्वीकृति दे दी है। उल्लेखनीय है कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है, जिसका लगभग 83 प्रतिशत क्षेत्र कृषि के अधीन है। पंजाब का वन एवं वृक्षों के अधीन कुल क्षेत्र लगभग 5.92 प्रतिशत है और पंजाब सरकार ने 2030 तक इसे बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026 में संशोधन को स्वीकृति
कैबिनेट ने स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने, मुकदमेबाजी को कम करने और जी.एस.टी. प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए ‘पंजाब वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026’ में संशोधन करने की स्वीकृति भी दे दी है, जिससे राज्य भर के व्यापार और उद्योग को लाभ होगा। इस संशोधन से पूर्व समझौते की शर्त के बिना क्रेडिट नोट जारी करके आपूर्ति की कीमत में से बिक्री के बाद की छूट को बाहर रखने की अनुमति मिलेगी। इसके अलावा यह किसी भी व्यावसायिक कारण से बिक्री के बाद की छूट के लिए क्रेडिट नोट जारी करने की अनुमति देगा, जिससे व्यावसायिक छूट के प्रबंधन को सरल बनाया जा सकेगा और अनुपालन का बोझ कम किया जा सकेगा। इसी प्रकार इसका उद्देश्य इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के मामलों में आई.टी.सी. के 90 प्रतिशत अंतरिम रिफंड के लाभ को बढ़ाना और वस्तुओं के निर्यात पर भुगतान किए गए आई.जी.एस.टी. के रिफंड, भले ही रिफंड राशि 1,000 से कम हो, की अनुमति देना है, जिससे तरलता में सुधार होगा और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
पंजाब पंचायती राज अधिनियम-1994 में संशोधन को मंजूरी
कैबिनेट ने ग्रामीण विकास विभाग के कामकाज को सुव्यवस्थित करने और पंचायत सचिवों तथा ग्राम सेवकों के कैडरों का नए पद ‘पंचायत विकास सचिव’ में विलय करने के लिए ‘पंजाब पंचायती राज अधिनियम-1994’ में संशोधन करने की भी सहमति दे दी है। वर्तमान पंचायत सचिवों को एक स्व-घोषणा पत्र जमा कराने पर ग्राम सेवकों (वी.डी.ओज़.) की वर्तमान वरिष्ठता सूची के अंत में रखा जाएगा। जो वर्तमान पंचायत सचिव अधिसूचना जारी होने की तिथि से एक माह के भीतर आवश्यक स्व-घोषणा पत्र जमा कराने में विफल रहेंगे, वे पंचायत सचिवों के कैडर में ही रहेंगे, जिसे डाइंग कैडर (समाप्त हो रहा कैडर) घोषित किया गया है।
Punjab
मान कैबिनेट के बड़े फैसले, डिजिटल यूनिवर्सिटी से लेकर प्राइवेट स्कूल फीस तक कई प्रस्तावों को मंजूरी
पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।
हरपाल चीमा ने बताया कि कैबिनेट ने ‘द पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी पॉलिसी’ को मंजूरी दे दी है। इसके तहत राज्य में तीन नई डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएंगी। इनमें एक होशियारपुर और दो पटियाला में बनाई जाएंगी। पटियाला के गांव फतेहपुर में एक यूनिवर्सिटी स्थापित होगी, जबकि विश्व प्रसिद्ध एजुकेशन ब्रांड फिजिक्स वाला पटियाला के गांव आनंदपुर केशव में डिजिटल यूनिवर्सिटी खोलेगा। वहीं, होशियारपुर में क्लाउड यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी, जहां आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे सरकार के अधीन कॉन्ट्रैक्ट पर लाने के लिए सरकार एक विशेष मनी बिल ला रही है। इस बिल को राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद इसे विधानसभा में पेश कर पारित कराया जाएगा।
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि निजी स्कूलों में मनमाने फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाने के लिए लाए गए अध्यादेश को विधेयक में बदलने की मंजूरी दे दी गई है। विधानसभा और राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा। इसके तहत कोई भी निजी स्कूल 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। यदि कोई स्कूल इससे अधिक फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे नियामक (रेगुलेटरी) संस्था से अनुमति लेनी होगी।
कैबिनेट ने ‘पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज़ बिल’ को भी मंजूरी दी है। इस कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति एक पेड़ काटता है तो उसे 10 नए पेड़ लगाने होंगे। ऐसा नहीं करने पर पहली बार प्रति पेड़ 10 हजार रुपये, दूसरी बार 35 हजार रुपये और तीसरी बार 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके अलावा कैबिनेट ने पंजाब लोक निर्माण विभाग (PWD) में सिविल पदों पर सीधी भर्ती को भी मंजूरी दे दी है, जिससे विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने का रास्ता साफ हो गया है।
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