Punjab
भाजपा ने किसान विरोधी कानून थोपे, अकालियों ने धर्म का दुरुपयोग किया, कांग्रेस पंजाब में नाकाम साबित हुई, पंजाबियों ने ईमानदार सरकार चुनी- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज रोपड़ जिले के गांव बड़वा में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों के बीच पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब के लोगों ने साल 2022 में 7 पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को सत्ता से बाहर करके ईमानदार सरकार में अपना विश्वास जताते हुए लूट, विशेषाधिकार और धोखे की राजनीति को पूरी तरह से नकार दिया। कांग्रेस, भाजपा और अकालियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इन पार्टियों के पास पंजाब के विकास का कोई एजेंडा नहीं है और इनकी दिलचस्पी सिर्फ सत्ता हथियाने और निजी हितों में है। उन्होंने दावा किया कि जहां विपक्षी नेता आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के अधीन पंजाब की तरक्की को हजम नहीं कर पा रहे, वहीं अब करदाताओं के पैसे का एक-एक रुपया सत्ताधारियों की ऐशो-आराम की बजाय लोक भलाई पर खर्च किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा ने किसान विरोधी कानून थोपे और अकालियों ने सियासी फायदे के लिए धर्म का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि नया अकाली-भाजपा गठबंधन सिर्फ सत्ता हासिल करने की मौकापरस्त चाल खेलने की कोशिश में है, जिसे पंजाब के लोग बुरी तरह नकार देंगे।
इकठ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आम आदमी पार्टी उन पारंपरिक सियासी पार्टियों के नेताओं में डर पैदा कर रही है जिन्होंने दशकों तक अपने निजी हितों के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया। भाजपा द्वारा थोपे गए किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसान शहीद हुए थे। यह एक हकीकत है कि भाजपा ने हमेशा पंजाब के साथ नाइंसाफी की है और आज ये पार्टियां सियासी फायदे के लिए धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रही हैं।”
शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के नए गठबंधन पर तीखा तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह गठबंधन दोनों पार्टियों के लिए सियासी तौर पर विनाशकारी साबित होगा क्योंकि यह न तो किसी विचारधारा पर आधारित है और न ही लोक भलाई के प्रति किसी प्रतिबद्धता पर टिका है। उन्होंने कहा, “इस गठबंधन का एकमात्र उद्देश्य पंजाब में सत्ता हथियाना है। दोनों पार्टियों के नेताओं ने बार-बार एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी की है और आरोप लगाए हैं। पंजाब के लोग पूछ रहे हैं कि वे अब कौन सा मुंह लेकर साथ वोट मांगेंगे। लोग ऐसे सियासी ड्रामों के झांसे में नहीं आएंगे और आने वाले दिनों में उन्हें करारा सबक सिखाएंगे।”
अपनी सरकार के कामों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने पंजाब के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए अपना खून-पसीना बहाया है और हर दिन नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के उद्देश्य से नई लोक-पक्षीय पहलें देखने को मिल रही हैं। उन्होंने कहा, “मुझसे पहले रहे मुख्यमंत्रियों के विपरीत, मैंने सरकारी खजाने से कभी एक पैसा भी नहीं लिया। इसके बजाय मैंने यह सुनिश्चित किया है कि टैक्सदाताओं का एक-एक रुपया लोक भलाई के लिए समझदारी से खर्च किया जाए। पंजाब के लोगों के बेटे और भाई होने के नाते, मेरा ध्यान ऐशो-आराम की जिंदगी जीने की बजाय उनके दुख-दर्द बांटने और उनकी मुश्किलों को हल करने पर रहा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पिछले शासक ने लोगों की मुश्किलों को समझने और उन्हें तनदेही से हल करने के लिए इस तरह लोगों तक सीधी पहुंच नहीं बनाई थी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें शानदार महलों की दीवारों तक ही सीमित रहीं और आम नागरिकों से शायद ही कभी संपर्क किया। उन्होंने कहा, “वे घमंडी सियासतदां लोगों से टूटे रहे और आज वे पंजाब सरकार के हर कदम से हैरान-परेशान हैं। दूसरी तरफ मैं लोगों के बीच रहता हूं, उनकी फीडबैक लेता हूं और विकास-मुखी व लोक-पक्षीय नीतियां बनाता हूं जो पंजाब की तरक्की व विकास में तेजी ला रही हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के विकास के लिए उनकी सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों ने विपक्षी नेताओं को निराश कर दिया है। उन्होंने कहा, “वे इस बात को हजम नहीं कर पा रहे कि आम लोगों की भलाई और पंजाब की तरक्की अब सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उनकी तरफ से सिर्फ आलोचना करना उनकी निराशा को दर्शाता है। मुझे भले ही लोगों की दौलत लूटने का अनुभव न हो, लेकिन मैं आम लोगों के दर्द को बांटना और उनके मसलों को हल करना अच्छी तरह जानता हूं। मैं पंजाब और इसके लोगों की खुशहाली के लिए पूरी तनदेही से काम कर रहा हूं और यही बात विपक्षियों को परेशान कर रही है।”
पिछली सरकारों की सख्त निंदा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेहद प्राकृतिक खूबसूरती और अनमोल संसाधनों से नवाजे इलाकों को सालों तक अनदेखा किया गया क्योंकि पिछली सरकारें इनकी क्षमता का फायदा उठाने में नाकाम रहीं। उन्होंने कहा कि दशकों तक सिर्फ दो सियासी धड़े बारी-बारी से सत्ता में आती रहीं, जिन्होंने लोगों की भावनाओं का शोषण किया और सूबे के साधनों को लूटा।
उन्होंने कहा, “पंजाब के लोगों के पास अब ‘झाड़ू’ (आप का चुनाव निशान) के रूप में विकल्प है, जिसने सूबे की सियासी व्यवस्था को साफ कर दिया है। साल 2022 के विधान सभा चुनावों में लोगों ने 7 पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को नकार कर ईमानदार सरकार को सत्ता सौंपी थी। उस ऐतिहासिक फैसले ने पंजाब को बदलने और इसे भारतीय राज्यों में अग्रणी बनाने में अहम भूमिका निभाई है।”
सिंचाई क्षेत्र में ‘आप’ सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने इस साल बेहतर सिंचाई प्रणाली के जरिए उपलब्ध नहरी पानी का 96 फीसदी उपयोग किया है, जिससे किसानों को बड़ा फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि जो पानी पहले बर्बाद हो जाता था, अब उसकी कृषि क्षेत्रों में लाभप्रद उपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “आप सरकार ने सूबे भर में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनों और नहरें बिछाई हैं ताकि पंजाब के हर कोने तक सिंचाई सुविधाएं पहुंच सकें। इन पाइपलाइनों और नहरों के जरिए लगभग 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे किसानों को अपनी सिंचाई की जरूरतें पूरी करने में मदद मिली है। पानी की यह मात्रा दो भाखड़ा नहरों की सप्लाई के बराबर है और इससे किसानों को बहुत बड़ा लाभ होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट विकसित किए गए हैं ताकि भूजल स्तर में सुधार लाया जा सके। इसके नतीजे के तौर पर कई इलाकों में भूजल स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। यह दर्शाता है कि करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल कैसे जिम्मेदारी से किया जा रहा है और विकास परियोजनाओं, स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और अन्य भलाई पहलों के जरिए लोगों तक यह पैसा वापस पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने मियाद पूरी कर चुके टोल प्लाजा भी बंद कर दिए हैं, जिससे लोगों के हर रोज लगभग 70 लाख रुपए बच रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि लोगों का पैसा सिर्फ जनता की भलाई पर ही खर्च हो रहा है, न कि पुरानी सरकारों की तरह कुछ चुनिंदा लोगों के फायदे के लिए।
स्वास्थ्य सेवा सुधारों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब भर में लगभग 1,000 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं, जहां 107 दवाएं और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ्त प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 75 वर्षों में किसी भी सरकार ने आम नागरिकों को ऐसी स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की कोशिश नहीं की। “इन क्लीनिकों ने सरकारी स्वास्थ्य सेवा संस्थानों में लोगों का विश्वास मजबूत किया है। लगभग 75,000 लोग हर रोज इलाज के लिए इन क्लीनिकों में आते हैं, जो इस पहल में लोगों के विश्वास को दर्शाता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी खजाने का एक-एक पैसा पंजाब के लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सूबे के 90 फीसदी से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को अब दिन के समय बिजली सप्लाई मिल रही है, जिससे किसान समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। ऐसे समय जब देश की बहुमूल्य संपत्तियां चुनिंदा कारपोरेटों को मामूली कीमतों पर सौंपी जा रही हैं, पंजाब ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर इतिहास रच दिया है, जिसका नाम श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखा गया है। यह सरकारी संपत्तियों को कमजोर करने की बजाय उन्हें मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
महिलाओं की भलाई पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने मांवां-धीयां सत्कार योजना शुरू की है, जिसके तहत सामान्य श्रेणी से संबंधित 18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए जबकि अनुसूचित जाति श्रेणी से संबंधित महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपए मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम परिवारों, खासकर गरीब परिवारों के लिए, 1,000 से 1,500 रुपए की रकम भी काफी मायने रखती है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सहायता हमारी मांवां-धीयां के प्रति हमारे सम्मान और गर्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इस योजना से लाभ ले रही महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान देखकर बहुत खुशी और संतुष्टि मिलती है। शैक्षिक सुधारों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्रिंसिपलों के पेशेवर हुनर को निखारने और क्लासरूम शिक्षा के मानकों को बेहतर बनाने के लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने भारत सरकार द्वारा करवाए गए राष्ट्रीय प्राप्ति सर्वेक्षण में केरल को भी पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के छात्र अब हथियारबंद सेनाओं की परीक्षा की तैयारी, नीट, जेईई, क्लैट और एनआईएफटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए अत्यधिक खुशी हो रही है कि स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के लगभग 300 छात्रों ने जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड और नीट परीक्षाओं के लिए क्वालीफाई किया है। ये उपलब्धियां पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में हो रहे क्रांतिकारी सुधारों को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार, किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे कृषि कार्यों में सहूलियत के साथ-साथ किसानों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
दिल्ली की भाजपा सरकार से तुलना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब आम लोगों के लिए भलाई की पहलों का लगातार विस्तार कर रहा है, जबकि सरकारें बदलने के बाद इस तरह के प्रोग्राम दूसरी जगहों पर बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “इन पार्टियों ने हमेशा आम नागरिकों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों का विरोध किया है और लोगों-केंद्रित प्रोग्रामों को लागू करने से दरकिनार करती रही हैं।” स्वास्थ्य सेवा कवरेज पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है, जिसके तहत पंजाब के हर निवासी, हर परिवार को ₹10 लाख तक का कैशलेस चिकित्सा इलाज प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा, “यह बहुत गर्व की बात है कि पंजाब भारत का पहला सूबा है जिसने इतनी व्यापक स्वास्थ्य सेवा कवरेज की पेशकश की है। इस योजना ने परिवारों पर वित्तीय बोझ को काफी हद तक कम करने के साथ-साथ मानक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित की है। लाभार्थियों द्वारा ₹650 करोड़ से अधिक का मुफ्त इलाज पहले ही प्राप्त किया जा चुका है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार, किसानों को धान के सीजन के दौरान कृषि ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली सप्लाई दी गई है। उन्होंने दोहराया कि सरकारी खजाने का एक-एक रुपया लोक भलाई और विकास के लिए खर्च किया जा रहा है।
बुनियादी ढांचे के विकास के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य भर में लिंक सड़कों की मरम्मत और अपग्रेडेशन के लिए एक विशाल प्रोग्राम शुरू किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में लगभग 43,000 किलोमीटर लिंक सड़कें हैं और उनकी मरम्मत और आधुनिकीकरण के लिए एक व्यापक प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। उन्होंने कहा, “आप सरकार ने एक और ऐतिहासिक फैसला लिया है। इन सड़कों की मरम्मत के साथ-साथ, अगले पांच सालों के लिए उनकी देखभाल भी सुनिश्चित की जाएगी। यह ग्रामीण और शहरी निवासियों के लिए बेहतर संपर्क की गारंटी देगा और यातायात सुविधाओं में सुधार करेगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने और राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर कीमती जानें बचाने के लिए देश की पहली समर्पित सड़क सुरक्षा फोर्स भी शुरू की है। “इस फोर्स के हिस्से के तौर पर विशेष रूप से प्रशिक्षित और नए भर्ती कर्मचारियों, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, को तैनात किया गया है। पंजाब के राजमार्गों पर कुल 1,597 कर्मचारी काम कर रहे हैं, जिन्हें 144 पूरी तरह सुसज्जित वाहनों की सहायता से चलाया जा रहा है। पिछले साल फरवरी में फोर्स की शुरुआत के बाद से, सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 48.10% की कमी आई है,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह फोर्स 4,200 किलोमीटर दुर्घटना-प्रभावित हाईवे पर तैनात रहती है और एक त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र और ट्रैफिक उल्लंघनों के खिलाफ निवारक के तौर पर काम करती है। उन्होंने कहा, “केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी संसद के फ्लोर पर इस पहल की सराहना की है।” जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम 2026 पर बोलते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि परमात्मा ने उन्हें इस ऐतिहासिक कानून के जरिए मानवता की सेवा करने का मौका दिया है। उन्होंने कहा, “इस कानून के तहत, बेअदबी’ का दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को दस साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 50 लाख रुपए के जुर्माने की सजा हो सकती है। अगर दोषी जुर्माना अदा करने में विफल रहता है, तो उसकी जायदाद बेची जा सकती है।
इस कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आने वाली पीढ़ियां श्री गुरु साहिब जी का अनादर करके लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के गंभीर नतीजों को समझ सकें।”
उम्मीद जताते हुए कि यह कानून बेअदबी के खिलाफ एक मजबूत निवारक के तौर पर काम करेगा, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सिखों के दिलों में एक पवित्र स्थान रखते हैं और उनकी पवित्रता की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के पिता के समान हैं। इसके सम्मान और पवित्रता को सुनिश्चित करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है। अगर सरकार इस संबंध में जिम्मेदारी नहीं लेती, तो कोई और नहीं लेगा। अकालियों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और लोग यह नहीं भूले हैं। हम खुशकिस्मत हैं कि हमें यह ऐतिहासिक कानून पारित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद करेगा।”
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ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत ने जारी की एडवाइजरी, भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
पश्चिम एशिया में Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। दोनों देशों के बीच जारी सैन्य टकराव के चलते क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।
Embassy of India in Tehran ने भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। दूतावास ने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें और वहां मौजूद भारतीय स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें तथा सुरक्षा संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखें।
क्षेत्र में तनाव उस समय और बढ़ गया जब दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ हमले और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आईं। कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।
इस संघर्ष का असर केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र पर पड़ रहा है। लाल सागर समेत महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, क्योंकि ये वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माने जाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है। कई विश्व नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो इसके व्यापक प्रभाव पूरे क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए भी बड़ी चुनौती बन सकती है। ऐसे में दुनिया की नजरें अब कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में तनाव कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल द्वारा 13 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं का शुभारंभ
पंजाब के जल संसाधन एवं भूमि व जल संरक्षण मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज अमरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांव माणकमाजरा और दहलीज़ खुर्द में 13 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस मौके पर उनके साथ क्षेत्र के विधायक प्रो. जसवंत सिंह गज्जनमाजरा भी मौजूद रहे।
इस संबंधी समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र के 3,832 एकड़ से अधिक कृषि योग्य क्षेत्र को पहली बार सिंचाई के लिए नहरी पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं मुहैया कराने और भूजल पर निर्भरता घटाने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि मान सरकार का लक्ष्य नहरी पानी की हर बूंद को टेलों तक पहुंचाकर पानी, पंजाब और पंजाबियत को सुरक्षित करना और नशों से जवानी को बचाकर ‘रंगला पंजाब’ बनाना है।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने पानी के मुद्दे पर सिर्फ़ राजनीति की और पंजाब के हिस्से के पानी की रक्षा करने में विफ़ल रहीं। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने राज्य के पानी की रक्षा करने के साथ-साथ नहरी ढांचे को मज़बूत करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं ताकि किसानों को लंबे समय के लिए भरोसेमंद सिंचाई सुविधाएं प्रदान की जा सकें।”
कैबिनेट मंत्री ने गांव माणकमाजरा में भरी सभा को संबोधित करते हुए बताया कि कोटला ब्रांच नहर से नया भसौड़ माइनर बनाया गया है, जिसे करीब 4.07 करोड़ रुपये की लागत से कंक्रीट लाइनिंग करके पक्का किया गया है, जिससे ज़िला मालेरकोटला और संगरूर के 9 गांवों को लगभग 50-60 साल बाद नहरी पानी की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा भसौड़ माइनर से 1.73 करोड़ रुपये की लागत से गांव दरोगेवाल और माणकमाजरा के लिए 7,640 मीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इस परियोजना से 1,006 एकड़ कृषि योग्य क्षेत्र को सिंचाई के लिए पहली बार नहरी पानी मिलेगा। इसी माइनर से करीब 1.03 करोड़ रुपये की लागत से गांव रुस्तमगढ़, संगाली, संगाला और भैणी कलां के लिए 4,200 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिससे करीब 980 एकड़ क्षेत्र को देश की आज़ादी के बाद पहली बार नहरी पानी की सुविधा प्राप्त होगी।
इसी तरह गांव दहलीज़ खुर्द में करीब 6.17 करोड़ रुपये की लागत की नहरी पानी परियोजनाओं का औपचारिक शुभारंभ करने के बाद कैबिनेट मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि 5.63 करोड़ रुपये की लागत से बठिंडा ब्रांच से 20,149 मीटर लंबी उच्च गुणवत्ता वाली आधुनिक पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिससे गांव महरना खुर्द, कंगनपुर और रसूलपुर के कुल 1486 एकड़ क्षेत्र को पहली बार भरोसेमंद नहरी पानी उपलब्ध होगा, जबकि 54 लाख रुपये की लागत से गांव दहलीज़ कलां और दहलीज़ खुर्द के 360 एकड़ क्षेत्र को नहरी सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाएगा।
विधायक प्रो. जसवंत सिंह गज्जनमाजरा ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों के विकास और जन कल्याण को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि नहरी ढांचे के आधुनिकीकरण के ज़रिए हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने के साथ-साथ कृषि उत्पादन और आय में वृद्धि करेंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अमरगढ़ क्षेत्र के विकास के लिए फंडों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
इस मौके पर चेयरमैन ज़िला योजना बोर्ड साकिब अली राजा, चेयरमैन ज़िला परिषद मालेरकोटला रघबीर सिंह चौंदा, चेयरमैन मार्केट कमेटी अमरगढ़ हरप्रीत सिंह नंगल, चेयरमैन पंजाब हज कमेटी हाशिम सूफी, आम आदमी पार्टी नेता केवल सिंह जागोवाल, क्षेत्र कॉर्डिनेटर नशा-मुक्ति यात्रा गुरप्रीत सिंह बनभौरा (बिट्टू), सहायक कमिश्नर मनदीप कौर, डी.एस.पी. संजीव कपूर, एक्सियन हरमनिंदर सिंह, एक्सियन संगरूर अतिंदरपाल सिंह सिद्धू, एक्सियन दमनजीत सिंह, राजीव, अभिजोत के अलावा बड़ी संख्या में क्षेत्र के निवासी मौजूद थे।
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हरजोत सिंह बैंस द्वारा “मिशन क्लीन पंजाब” की शुरुआत; सभी एम.सी. अधिकारी प्रतिदिन सुबह 7 से 8 बजे तक फील्ड में रहेंगे
राज्य के शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक अनूठी पहल करते हुए पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री श्री हरजोत सिंह बैंस ने सोमवार को ‘मिशन क्लीन पंजाब’ की शुरुआत की। इस तकनीक-आधारित अभियान के तहत शीर्ष स्तर से लेकर निचले स्तर तक के सभी नगर निगम और नगर परिषद अधिकारी प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 8 बजे तक फील्ड में मौजूद रहेंगे।
विभाग के मुख्यालय में ‘मिशन क्लीन पंजाब’ का शुभारंभ करते हुए श्री बैंस ने वीडियो कॉल के माध्यम से फील्ड अधिकारियों के साथ अभियान के पहले दिन की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि इस अभियान को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस मोबाइल एप्लीकेशन, औचक निरीक्षण और सफाई संबंधी साप्ताहिक प्रगति रिपोर्टों के माध्यम से सफल बनाया जाएगा।
श्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस अभियान के तहत प्रत्येक शहरी स्थानीय निकाय को 10 किलोमीटर के जोनों में विभाजित किया जाएगा और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एक निगरानी अधिकारी—एडीसी, एमसी कमिश्नर, संयुक्त कमिश्नर या ईओ—को सौंपी जाएगी। सभी अधिकारी प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 8 बजे तक अनिवार्य रूप से फील्ड का दौरा करेंगे। स्थानीय निकाय मंत्री स्वयं भी पूरे पंजाब में औचक निरीक्षण करेंगे। निगरानी अधिकारी दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे और किसी भी कार्य को भगवानके भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा, “यह कोई एक बार का विशेष आयोजन नहीं है। यह गंदगी के खिलाफ रोज़ाना की लड़ाई है। आज सुबह 7 बजे से हर अधिकारी फील्ड में होगा। कोई बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारियों के पास कार्यशील कैमरे और इंटरनेट कनेक्टिविटी वाला स्मार्टफोन होना अनिवार्य है।”
श्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान स्वयं इस अभियान की निगरानी करेंगे। किसी भी अधिकारी को मुख्यमंत्री या मेरी ओर से किसी भी समय फोन किया जा सकता है। आज मैं मुख्यालय में हूं, लेकिन कल मैं मोहाली, अमृतसर, बठिंडा, फाजिल्का या जैतो में हो सकता हूं।”
स्थानीय निकाय मंत्री ने बताया कि एआई आधारित एप इस अभियान की रियल-टाइम प्रगति पर नजर रखेगा। अधिकारी वीडियो कॉल पर उपलब्ध रहेंगे और बिना किसी पूर्व सूचना के कहीं भी औचक निरीक्षण किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य प्रत्यक्ष और दस्तावेजी परिणाम हासिल करना है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों से लेकर एमसी कमिश्नरों तक, सभी लोग सड़कों और गलियों में मौजूद रहेंगे ताकि आम जनता इस अभियान का प्रभाव जमीनी स्तर पर देख सके। यदि इसके बावजूद परिणाम दिखाई नहीं देते, तो लोग सीधे हमसे संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सफाई अभियान मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर चलाया जा रहा है, ताकि पंजाब का प्रत्येक शहर और कस्बा साफ-सुथरा और स्वच्छ दिखाई दे।
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