Punjab
भाजपा ने किसान विरोधी कानून थोपे, अकालियों ने धर्म का दुरुपयोग किया, कांग्रेस पंजाब में नाकाम साबित हुई, पंजाबियों ने ईमानदार सरकार चुनी- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज रोपड़ जिले के गांव बड़वा में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों के बीच पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब के लोगों ने साल 2022 में 7 पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को सत्ता से बाहर करके ईमानदार सरकार में अपना विश्वास जताते हुए लूट, विशेषाधिकार और धोखे की राजनीति को पूरी तरह से नकार दिया। कांग्रेस, भाजपा और अकालियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इन पार्टियों के पास पंजाब के विकास का कोई एजेंडा नहीं है और इनकी दिलचस्पी सिर्फ सत्ता हथियाने और निजी हितों में है। उन्होंने दावा किया कि जहां विपक्षी नेता आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के अधीन पंजाब की तरक्की को हजम नहीं कर पा रहे, वहीं अब करदाताओं के पैसे का एक-एक रुपया सत्ताधारियों की ऐशो-आराम की बजाय लोक भलाई पर खर्च किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा ने किसान विरोधी कानून थोपे और अकालियों ने सियासी फायदे के लिए धर्म का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि नया अकाली-भाजपा गठबंधन सिर्फ सत्ता हासिल करने की मौकापरस्त चाल खेलने की कोशिश में है, जिसे पंजाब के लोग बुरी तरह नकार देंगे।
इकठ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आम आदमी पार्टी उन पारंपरिक सियासी पार्टियों के नेताओं में डर पैदा कर रही है जिन्होंने दशकों तक अपने निजी हितों के लिए सत्ता का दुरुपयोग किया। भाजपा द्वारा थोपे गए किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसान शहीद हुए थे। यह एक हकीकत है कि भाजपा ने हमेशा पंजाब के साथ नाइंसाफी की है और आज ये पार्टियां सियासी फायदे के लिए धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रही हैं।”
शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के नए गठबंधन पर तीखा तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह गठबंधन दोनों पार्टियों के लिए सियासी तौर पर विनाशकारी साबित होगा क्योंकि यह न तो किसी विचारधारा पर आधारित है और न ही लोक भलाई के प्रति किसी प्रतिबद्धता पर टिका है। उन्होंने कहा, “इस गठबंधन का एकमात्र उद्देश्य पंजाब में सत्ता हथियाना है। दोनों पार्टियों के नेताओं ने बार-बार एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी की है और आरोप लगाए हैं। पंजाब के लोग पूछ रहे हैं कि वे अब कौन सा मुंह लेकर साथ वोट मांगेंगे। लोग ऐसे सियासी ड्रामों के झांसे में नहीं आएंगे और आने वाले दिनों में उन्हें करारा सबक सिखाएंगे।”
अपनी सरकार के कामों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने पंजाब के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए अपना खून-पसीना बहाया है और हर दिन नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के उद्देश्य से नई लोक-पक्षीय पहलें देखने को मिल रही हैं। उन्होंने कहा, “मुझसे पहले रहे मुख्यमंत्रियों के विपरीत, मैंने सरकारी खजाने से कभी एक पैसा भी नहीं लिया। इसके बजाय मैंने यह सुनिश्चित किया है कि टैक्सदाताओं का एक-एक रुपया लोक भलाई के लिए समझदारी से खर्च किया जाए। पंजाब के लोगों के बेटे और भाई होने के नाते, मेरा ध्यान ऐशो-आराम की जिंदगी जीने की बजाय उनके दुख-दर्द बांटने और उनकी मुश्किलों को हल करने पर रहा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पिछले शासक ने लोगों की मुश्किलों को समझने और उन्हें तनदेही से हल करने के लिए इस तरह लोगों तक सीधी पहुंच नहीं बनाई थी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें शानदार महलों की दीवारों तक ही सीमित रहीं और आम नागरिकों से शायद ही कभी संपर्क किया। उन्होंने कहा, “वे घमंडी सियासतदां लोगों से टूटे रहे और आज वे पंजाब सरकार के हर कदम से हैरान-परेशान हैं। दूसरी तरफ मैं लोगों के बीच रहता हूं, उनकी फीडबैक लेता हूं और विकास-मुखी व लोक-पक्षीय नीतियां बनाता हूं जो पंजाब की तरक्की व विकास में तेजी ला रही हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के विकास के लिए उनकी सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों ने विपक्षी नेताओं को निराश कर दिया है। उन्होंने कहा, “वे इस बात को हजम नहीं कर पा रहे कि आम लोगों की भलाई और पंजाब की तरक्की अब सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उनकी तरफ से सिर्फ आलोचना करना उनकी निराशा को दर्शाता है। मुझे भले ही लोगों की दौलत लूटने का अनुभव न हो, लेकिन मैं आम लोगों के दर्द को बांटना और उनके मसलों को हल करना अच्छी तरह जानता हूं। मैं पंजाब और इसके लोगों की खुशहाली के लिए पूरी तनदेही से काम कर रहा हूं और यही बात विपक्षियों को परेशान कर रही है।”
पिछली सरकारों की सख्त निंदा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेहद प्राकृतिक खूबसूरती और अनमोल संसाधनों से नवाजे इलाकों को सालों तक अनदेखा किया गया क्योंकि पिछली सरकारें इनकी क्षमता का फायदा उठाने में नाकाम रहीं। उन्होंने कहा कि दशकों तक सिर्फ दो सियासी धड़े बारी-बारी से सत्ता में आती रहीं, जिन्होंने लोगों की भावनाओं का शोषण किया और सूबे के साधनों को लूटा।
उन्होंने कहा, “पंजाब के लोगों के पास अब ‘झाड़ू’ (आप का चुनाव निशान) के रूप में विकल्प है, जिसने सूबे की सियासी व्यवस्था को साफ कर दिया है। साल 2022 के विधान सभा चुनावों में लोगों ने 7 पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को नकार कर ईमानदार सरकार को सत्ता सौंपी थी। उस ऐतिहासिक फैसले ने पंजाब को बदलने और इसे भारतीय राज्यों में अग्रणी बनाने में अहम भूमिका निभाई है।”
सिंचाई क्षेत्र में ‘आप’ सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने इस साल बेहतर सिंचाई प्रणाली के जरिए उपलब्ध नहरी पानी का 96 फीसदी उपयोग किया है, जिससे किसानों को बड़ा फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि जो पानी पहले बर्बाद हो जाता था, अब उसकी कृषि क्षेत्रों में लाभप्रद उपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “आप सरकार ने सूबे भर में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनों और नहरें बिछाई हैं ताकि पंजाब के हर कोने तक सिंचाई सुविधाएं पहुंच सकें। इन पाइपलाइनों और नहरों के जरिए लगभग 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे किसानों को अपनी सिंचाई की जरूरतें पूरी करने में मदद मिली है। पानी की यह मात्रा दो भाखड़ा नहरों की सप्लाई के बराबर है और इससे किसानों को बहुत बड़ा लाभ होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट विकसित किए गए हैं ताकि भूजल स्तर में सुधार लाया जा सके। इसके नतीजे के तौर पर कई इलाकों में भूजल स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। यह दर्शाता है कि करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल कैसे जिम्मेदारी से किया जा रहा है और विकास परियोजनाओं, स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और अन्य भलाई पहलों के जरिए लोगों तक यह पैसा वापस पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने मियाद पूरी कर चुके टोल प्लाजा भी बंद कर दिए हैं, जिससे लोगों के हर रोज लगभग 70 लाख रुपए बच रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि लोगों का पैसा सिर्फ जनता की भलाई पर ही खर्च हो रहा है, न कि पुरानी सरकारों की तरह कुछ चुनिंदा लोगों के फायदे के लिए।
स्वास्थ्य सेवा सुधारों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब भर में लगभग 1,000 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं, जहां 107 दवाएं और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ्त प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 75 वर्षों में किसी भी सरकार ने आम नागरिकों को ऐसी स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की कोशिश नहीं की। “इन क्लीनिकों ने सरकारी स्वास्थ्य सेवा संस्थानों में लोगों का विश्वास मजबूत किया है। लगभग 75,000 लोग हर रोज इलाज के लिए इन क्लीनिकों में आते हैं, जो इस पहल में लोगों के विश्वास को दर्शाता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी खजाने का एक-एक पैसा पंजाब के लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सूबे के 90 फीसदी से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को अब दिन के समय बिजली सप्लाई मिल रही है, जिससे किसान समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। ऐसे समय जब देश की बहुमूल्य संपत्तियां चुनिंदा कारपोरेटों को मामूली कीमतों पर सौंपी जा रही हैं, पंजाब ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर इतिहास रच दिया है, जिसका नाम श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखा गया है। यह सरकारी संपत्तियों को कमजोर करने की बजाय उन्हें मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
महिलाओं की भलाई पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने मांवां-धीयां सत्कार योजना शुरू की है, जिसके तहत सामान्य श्रेणी से संबंधित 18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए जबकि अनुसूचित जाति श्रेणी से संबंधित महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपए मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम परिवारों, खासकर गरीब परिवारों के लिए, 1,000 से 1,500 रुपए की रकम भी काफी मायने रखती है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सहायता हमारी मांवां-धीयां के प्रति हमारे सम्मान और गर्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इस योजना से लाभ ले रही महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान देखकर बहुत खुशी और संतुष्टि मिलती है। शैक्षिक सुधारों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्रिंसिपलों के पेशेवर हुनर को निखारने और क्लासरूम शिक्षा के मानकों को बेहतर बनाने के लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने भारत सरकार द्वारा करवाए गए राष्ट्रीय प्राप्ति सर्वेक्षण में केरल को भी पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के छात्र अब हथियारबंद सेनाओं की परीक्षा की तैयारी, नीट, जेईई, क्लैट और एनआईएफटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए अत्यधिक खुशी हो रही है कि स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के लगभग 300 छात्रों ने जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड और नीट परीक्षाओं के लिए क्वालीफाई किया है। ये उपलब्धियां पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में हो रहे क्रांतिकारी सुधारों को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार, किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे कृषि कार्यों में सहूलियत के साथ-साथ किसानों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
दिल्ली की भाजपा सरकार से तुलना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब आम लोगों के लिए भलाई की पहलों का लगातार विस्तार कर रहा है, जबकि सरकारें बदलने के बाद इस तरह के प्रोग्राम दूसरी जगहों पर बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “इन पार्टियों ने हमेशा आम नागरिकों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों का विरोध किया है और लोगों-केंद्रित प्रोग्रामों को लागू करने से दरकिनार करती रही हैं।” स्वास्थ्य सेवा कवरेज पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है, जिसके तहत पंजाब के हर निवासी, हर परिवार को ₹10 लाख तक का कैशलेस चिकित्सा इलाज प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा, “यह बहुत गर्व की बात है कि पंजाब भारत का पहला सूबा है जिसने इतनी व्यापक स्वास्थ्य सेवा कवरेज की पेशकश की है। इस योजना ने परिवारों पर वित्तीय बोझ को काफी हद तक कम करने के साथ-साथ मानक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित की है। लाभार्थियों द्वारा ₹650 करोड़ से अधिक का मुफ्त इलाज पहले ही प्राप्त किया जा चुका है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार, किसानों को धान के सीजन के दौरान कृषि ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली सप्लाई दी गई है। उन्होंने दोहराया कि सरकारी खजाने का एक-एक रुपया लोक भलाई और विकास के लिए खर्च किया जा रहा है।
बुनियादी ढांचे के विकास के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य भर में लिंक सड़कों की मरम्मत और अपग्रेडेशन के लिए एक विशाल प्रोग्राम शुरू किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में लगभग 43,000 किलोमीटर लिंक सड़कें हैं और उनकी मरम्मत और आधुनिकीकरण के लिए एक व्यापक प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। उन्होंने कहा, “आप सरकार ने एक और ऐतिहासिक फैसला लिया है। इन सड़कों की मरम्मत के साथ-साथ, अगले पांच सालों के लिए उनकी देखभाल भी सुनिश्चित की जाएगी। यह ग्रामीण और शहरी निवासियों के लिए बेहतर संपर्क की गारंटी देगा और यातायात सुविधाओं में सुधार करेगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने और राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर कीमती जानें बचाने के लिए देश की पहली समर्पित सड़क सुरक्षा फोर्स भी शुरू की है। “इस फोर्स के हिस्से के तौर पर विशेष रूप से प्रशिक्षित और नए भर्ती कर्मचारियों, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, को तैनात किया गया है। पंजाब के राजमार्गों पर कुल 1,597 कर्मचारी काम कर रहे हैं, जिन्हें 144 पूरी तरह सुसज्जित वाहनों की सहायता से चलाया जा रहा है। पिछले साल फरवरी में फोर्स की शुरुआत के बाद से, सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 48.10% की कमी आई है,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह फोर्स 4,200 किलोमीटर दुर्घटना-प्रभावित हाईवे पर तैनात रहती है और एक त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र और ट्रैफिक उल्लंघनों के खिलाफ निवारक के तौर पर काम करती है। उन्होंने कहा, “केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी संसद के फ्लोर पर इस पहल की सराहना की है।” जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम 2026 पर बोलते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि परमात्मा ने उन्हें इस ऐतिहासिक कानून के जरिए मानवता की सेवा करने का मौका दिया है। उन्होंने कहा, “इस कानून के तहत, बेअदबी’ का दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को दस साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 50 लाख रुपए के जुर्माने की सजा हो सकती है। अगर दोषी जुर्माना अदा करने में विफल रहता है, तो उसकी जायदाद बेची जा सकती है।
इस कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आने वाली पीढ़ियां श्री गुरु साहिब जी का अनादर करके लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के गंभीर नतीजों को समझ सकें।”
उम्मीद जताते हुए कि यह कानून बेअदबी के खिलाफ एक मजबूत निवारक के तौर पर काम करेगा, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सिखों के दिलों में एक पवित्र स्थान रखते हैं और उनकी पवित्रता की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के पिता के समान हैं। इसके सम्मान और पवित्रता को सुनिश्चित करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है। अगर सरकार इस संबंध में जिम्मेदारी नहीं लेती, तो कोई और नहीं लेगा। अकालियों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और लोग यह नहीं भूले हैं। हम खुशकिस्मत हैं कि हमें यह ऐतिहासिक कानून पारित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद करेगा।”
National
अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा
पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।
आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।
कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।
श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।
रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।
वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”
कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”
विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”
श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।
National
सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?
Punjab
यह सिर्फ एक सड़क प्रोजेक्ट नहीं है, यह लाखों श्रद्धालुओं, किसानों, व्यापारियों और रोजाना यात्रियों के लिए एक लाइफलाइन है: कंग
श्री आनंदपुर साहिब से आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और बंगा–गढ़शंकर–श्री आनंदपुर साहिब–नैना देवी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की लंबे समय से लटकती आ रही मांग को जोरदार तरीके से दोहराया। मुलाकात के दौरान कंग ने इस सड़क की सामरिक, धार्मिक और आर्थिक महत्व पर चर्चा की और केंद्र सरकार से इस प्रोजेक्ट में तेजी लाने की अपील की।
कंग ने कहा कि प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग सिर्फ एक सड़क बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि इस क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए एक लाइफलाइन है। उन्होंने बताया कि यह सड़क सिख धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक श्री आनंदपुर साहिब, जहाँ 1699 में गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी, को हिमाचल प्रदेश स्थित माता नैना देवी जी के मंदिर से जोड़ती है। हर साल लाखों श्रद्धालु, संगतें और पर्यटक इस मार्ग से यात्रा करते हैं।
‘आप’ सांसद ने आगे कहा कि यह सड़क पंजाब को हिमाचल प्रदेश से जोड़ने के साथ-साथ हजारों रोजाना यात्रियों, किसानों, व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों की भी सेवा करती है। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देने से संपर्क में बड़ा सुधार होगा, यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम होगी, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, व्यापार और कारोबार मजबूत होगा और पूरे क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
कंग ने कहा कि पहले मंजूरियों और घोषणाओं (जिनमें 2019 में रखा गया शिलान्यास भी शामिल है) के बावजूद, पिछले वर्षों में इस प्रोजेक्ट में कोई सार्थक प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करके और समय पर विकास एवं रख-रखाव के लिए इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधीन लाकर अपनी प्रतिबद्धता पूरी की जाए।
मुलाकात पर संतोष व्यक्त करते हुए कंग ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सकारात्मक भरोसा दिया है और इस लंबे समय से लटकती आ रही मांग के महत्व को स्वीकार किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाएगी।
श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र के लोगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कंग ने कहा कि वे तब तक इस मुद्दे को उठाते रहेंगे जब तक कि इस क्षेत्र को आधुनिक सड़क बुनियादी ढांचा नहीं मिल जाता, जिसका यह हकदार है। उन्होंने कहा, “बेहतर संपर्क ही विकास की नींव है, और जब तक यह महत्वपूर्ण मांग पूरी नहीं हो जाती, मैं लोगों की आवाज बुलंद करता रहूंगा।”
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