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CM भगवंत सिंह मान द्वारा जैतो को 28.68 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य भर में विकास कार्यों को आगे बढ़ाते हुए फरीदकोट के जैतो में 28.68 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें कम्युनिटी हेल्थ सेंटर को 30 बिस्तरों वाले अस्पताल में अपग्रेड करना तथा पीने के साफ पानी और खेल ढांचे में महत्वपूर्ण निवेश शामिल है।

उन्होंने कहा कि 2022 में ‘झाड़ू’ (आप का चुनाव चिन्ह) के लिए लोगों के जनादेश ने शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के सपनों को साकार करने की नींव रखी, जो अब पूरे हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने ‘आप’ के शासन मॉडल की तुलना विपक्षी दलों से करते हुए कहा कि जहां ‘आप’ साफ पानी, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और महिलाओं को आर्थिक सहायता दे रही है, वहीं पारंपरिक पार्टियां हमेशा लोगों की सेवा करने में विफल रही हैं।

उन्होंने भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल पर तीखा हमला बोलते हुए उनके शासनकाल पर सवाल उठाए और उन पर भाई-भतीजावाद तथा आपराधिक तत्वों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने बढ़ती गरीबी और मुश्किलों के लिए केंद्र सरकार को भी जिम्मेदार ठहराया।

13 अप्रैल को बैसाखी के दिन होने वाले विशेष सत्र में एक साल तक कोई जमानत न देने और उम्रकैद की सजा का प्रावधान रखने वाला सख्त बेअदबी विरोधी कानून बनाने की घोषणा करते हुए भगवंत सिंह मान ने 2027 के चुनावों को अपनी सरकार के पक्ष में स्पष्ट माहौल बताया। उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस का संबंध शुरू से ही सिख विरोधी दंगों से जुड़ा रहा है, वहीं अकाली दल अपने काले कारनामों के कारण पूरी तरह बदनाम हो चुका है और केवल उनकी ‘आप’ पार्टी ही बेहतर शासन-आधारित “एकमात्र विकल्प” है, जो “रंगला पंजाब” बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जैतो की धरती ने हमेशा इतिहास रचा है, जिसे उनकी पार्टी सलाम करती है। उन्होंने कहा कि साहित्य हो या संघर्ष, जब भी किसी क्षेत्र में जरूरत पड़ी, जैतो हमेशा आगे बढ़कर सबसे आगे खड़ा हुआ है।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अकालियों को दी गई हर वोट गुरु और गुरबाणी की बेअदबी के पक्ष में फैसला होगी। उन्होंने कहा कि अकालियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी कर हर व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकालियों ने महान गुरुओं की बाणी का अपमान किया और बहिबल कलां तथा बरगाड़ी में निर्दोष लोगों पर गोली चलाने का आदेश दिया था। उन्होंने कहा कि अकालियों ने श्री अकाल तख्त साहिब का भी गंभीर अपमान किया है। उन्होंने आगे कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदारों की नियुक्ति भी अकालियों की मनमानी से होती है, जो पंजाब के लोगों के साथ अन्याय है।

विकास के दावों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री दावा करते हैं कि उनके शासनकाल में राज्य में बड़े पैमाने पर विकास हुआ, लेकिन कोटकपूरा, बहिबल कलां और अन्य स्थानों पर जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई और निर्दोष मारे गए, उन मुद्दों पर वे चुप्पी साध लेते हैं।

अकाली दल की “पंजाब बचाओ यात्रा” पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस यात्रा का असली नाम “परिवार बचाओ यात्रा” होना चाहिए। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अकाली नेता यह स्पष्ट करें कि 15 वर्षों तक राज्य को लूटने के बाद अब वे किससे पंजाब को बचाने की बात कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अकालियों ने राज्य को बेरहमी से लूटा और पंजाबियों की मानसिकता को भावनात्मक रूप से कुचला। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न माफियाओं को संरक्षण दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे कई पीढ़ियों के विनाश के लिए जिम्मेदार हैं। उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे का व्यापार बड़े पैमाने पर बढ़ा-फूला।

उन्होंने आगे कहा कि इन नेताओं के हाथ लाखों युवाओं के खून से रंगे हुए हैं, जो इन नेताओं के सरकारी वाहनों के जरिए राज्य में सप्लाई किए जाने वाले नशों का शिकार हुए। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के पाप माफ नहीं किए जा सकते और अकालियों को उनके कुकर्मों की लंबी सूची के लिए लोग कभी भी माफ नहीं करेंगे।

इस दौरान विधायी कार्रवाई की रूपरेखा पेश करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार ने जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट, 2008 में संशोधन के लिए 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। उन्होंने आगे कहा कि पवित्र ग्रंथ की बेअदबी की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को कम से कम 10 साल और उम्रकैद तक की सख्त सजा का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ने कानून बनाने के लिए अनुभवी कानूनी विशेषज्ञों की सहायता ली है और इस संबंध में संत समाज से भी विचार-विमर्श किया जा रहा है।

अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये अवसरवादी नेता हैं, जो अपनी सुविधा और निजी राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह रंग और रुख बदलते रहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हर कोई जानता है कि यह परिवार अंग्रेजों का समर्थक रहा है और देशभक्तों के खिलाफ अंग्रेजों का साथ देने के लिए इस परिवार को ‘सर’ की उपाधि से नवाजा गया था। उन्होंने आगे कहा कि इस परिवार ने 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड के दोषी जनरल डायर के लिए इस घिनौनी घटना के बाद रात के खाने की मेजबानी की थी।

उन्होंने कहा, “इस कार्रवाई ने उनकी देश-विरोधी और पंजाब-विरोधी मानसिकता को उजागर किया है।” उन्होंने आगे कहा, “सिर्फ यही नहीं, परिवार ने जनरल डायर को श्री हरिमंदिर साहिब में सिरोपा भेंट करने और माफी दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई थी।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “यह और भी हैरान करने वाली बात है कि सिरोपा भेंट करने वाले जत्थेदार अरूड़ सिंह, पूर्व लोकसभा सदस्य सिमरजीत सिंह मान के नाना थे।”

इतिहास का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा, “बादल परिवार के पूर्वजों के दोहरे चरित्र का सच इतिहास के पन्नों में दर्ज है, जिसे मिटाया नहीं जा सकता।” उन्होंने आगे कहा, “इस परिवार के हाथ देशभक्तों के खून से रंगे हैं और राष्ट्रवादियों की पीठ में छुरा घोंपने से लेकर कौम के साथ विश्वासघात करने तक उनकी भूमिका को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता।”

कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस में हर नेता राज्य का मुखिया बनना चाहता है। उनके पास कार्यकर्ताओं से ज्यादा मुख्यमंत्री हैं।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनके शीर्ष नेता ने हाल ही में एक रैली के दौरान उन्हें सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कांग्रेस एक विभाजित पार्टी है, जो आंतरिक खींचतान के कारण बिखरने के कगार पर है।” उन्होंने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्हें एकजुट करने के लिए भेजे गए नेताओं को उनके नाम तक सही से बोलना नहीं आता।”

2027 के चुनाव की रूपरेखा के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों के पास चुनने के लिए तीन कलमें होंगी।” उन्होंने कहा, “पहली कलम कांग्रेस की है, जिसकी स्याही श्री हरिमंदिर साहिब पर हमले, 1984 के दंगों और अन्य सिख-विरोधी रुख का प्रतीक है। इसी तरह दूसरी कलम अकालियों की है, जिसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की स्याही है।” उन्होंने जोर देते हुए कहा, “तीसरी कलम आप की है, जो जन-हितैषी और विकासशील पहलों के जरिए राज्य को फिर से रंगला पंजाब बनाकर इसकी शान बहाल कर रही है।”

सुशासन के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार ने कई जन-हितैषी पहलें की हैं, जिससे राज्य की बदली हुई तस्वीर साफ दिखाई दे रही है।” उन्होंने आगे कहा, “लोगों के टैक्स का पैसा बहुत समझदारी से जनता की भलाई पर खर्च किया जा रहा है। यह पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के उन्नयन के माध्यम से फिर से राज्य पर ही लगाया जा रहा है।”

सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने 90 फीसदी घरों को मुफ्त बिजली प्रदान की है, बिना किसी भ्रष्टाचार के 65,000 से अधिक नौकरियां दी हैं, सड़कों में सुधार किया है, टोल प्लाजा बंद किए हैं, जिससे रोजाना 70 लाख रुपये की बचत हो रही है और बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है।” उन्होंने आगे कहा, “नहरी पानी का उपयोग 22 फीसदी से बढ़कर 71 फीसदी हो गया है और आने वाले धान के सीजन तक 90 फीसदी तक पहुंच जाएगा।”

शिक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुफ्त सुविधाएं गरीबी को खत्म नहीं कर सकतीं। शिक्षा ही एकमात्र साधन है, जिसके जरिए लोगों को ऊपर उठाया जा सकता है।” उन्होंने आगे कहा, “विद्या वह प्रकाश है जो अंधकार को दूर करता है, इसलिए हम शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।”

स्वास्थ्य देखभाल के बारे में भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हर परिवार 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है, जिसमें 30 लाख से अधिक कार्ड जारी किए जा चुके हैं और अब तक 1.65 लाख इलाज प्रदान किए जा चुके हैं।” उन्होंने लोगों से ऐसी लाभकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाने की अपील भी की।

बिजली आपूर्ति के बारे में उन्होंने कहा, “पहली बार धान के सीजन के दौरान खेतों के ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति दी गई है।” उन्होंने आगे कहा, “किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनके जीवन में बदलाव साफ दिखाई दे रहा है।” उन्होंने दोहराया, “सरकारी खजाने का एक-एक पैसा जनता के कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।”

सामाजिक कल्याण का उल्लेख करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “मावां-धीयां सत्कार सम्मान योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये और 18 साल से अधिक उम्र की अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये दिए जा रहे हैं।”

सभा को संवाद का न्योता देते हुये भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह कोई राजनीतिक रैली नहीं, बल्कि लोगों से जुड़ने का वास्तविक मंच है।” उन्होंने आगे कहा, “पिछली सरकारों ने लोगों का विश्वास तोड़ा और राज्य को लूटा, लेकिन बाद में लोगों ने बदलाव के लिए वोट दिया, जिससे स्कूलों, अस्पतालों और अन्य क्षेत्रों में परिवर्तन आया।”

जैतो की ऐतिहासिक धरती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “इस पवित्र भूमि ने हमेशा इतिहास रचा है और पंजाब की किस्मत में इसकी उपजाऊ धरती का बड़ा योगदान रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “पारंपरिक नेता चांदी के चम्मच लेकर पैदा हुए थे और उन्होंने देश के लिए न कभी कुछ किया और न ही कोई कठिनाई झेली।” उन्होंने कहा, “वे मानते रहे कि उनके पास शासन करने का दैवी अधिकार है, लेकिन लोकतंत्र में जनता ही सर्वोच्च होती है।”

सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “शिक्षा और कल्याण पर चर्चा करने के बजाय वे भैंसों की बात करते हैं, जो एक संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कहा, “कई अवसर मिलने के बावजूद उन्होंने राज्य को लूटा और इसी कारण लोगों ने उन्हें नकार दिया।”

विपक्ष के आचरण की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कहा, “वास्तविक मुद्दे उठाने के बजाय वे आरोप-प्रत्यारोप और कीचड़ उछालने में लगे हैं और राज्य के कीमती संसाधनों को लूटने के अपने अवसर का इंतजार कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हासिल करना है, जनता का कल्याण नहीं।”

‘आप’ के एजेंडे को दोहराते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कृषि की बात करते हैं, जबकि अन्य सत्ता हथियाने की रणनीतियों में लगे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “उनका एजेंडा परिवार का कल्याण है, हमारा जनता का कल्याण।” उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों के कुशासन के कारण लोगों ने आम आदमी पार्टी को चुना, जो लगातार मेहनत कर रही है।”

लोगों को पिछली सरकारों की याद दिलाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कहा, “पारंपरिक पार्टियां कभी भी पंजाब के प्रति वफादार नहीं रहीं।” उन्होंने आगे कहा, “वे ईर्ष्या करते हैं क्योंकि ‘आप’ ने कल्याण का एजेंडा तय किया है।” उन्होंने आगे कहा, “सुखबीर सिंह बादल को पंजाब की बुनियादी भौगोलिक स्थिति के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है।”

अन्य नेताओं पर निशाना साधते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनका परिवार लगातार पंजाब विरोधी ताकतों के साथ खड़ा रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “आप व्यवस्था बदलने के लिए बनाई गई थी और इसके नेतृत्व में पंजाब शिक्षा और स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है।”

राष्ट्रीय मुद्दों पर भगवंत सिंह मान ने कहा, “देश पर शासन करने वालों को जनता के कल्याण की जानकारी नहीं है।” उन्होंने आगे कहा, “देश का नेतृत्व एक ऐसे व्यक्ति कर रहे हैं जो अधिक समय विदेशों में बिताते हैं और जमीनी हकीकत से दूर हैं।” उन्होंने कहा, “एलपीजी और तेल संकट का अनुमान पहले ही लगाया जाना चाहिए था।”

इससे पहले, ‘आप’ पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा, “यह बहुत गर्व की बात है कि भगवंत सिंह मान सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री साबित हुए हैं।” उन्होंने आगे कहा, “वे जनता के कल्याण के लिए काम करने वाले एकमात्र मुख्यमंत्री हैं और पार्टी बड़े बहुमत के साथ फिर से सत्ता में आएगी।”

इस दौरान स्पीकर कुलतार सिंह संधवां, कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर और डॉ. बलबीर सिंह सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।

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पनबस और पीआरटीसी बेड़े का विस्तार, मुख्यमंत्री मान ने 100 बसों को दिखाई हरी झंडी, विपक्ष पर बरसे

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पंजाब में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की 100 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह कार्यक्रम पटियाला में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग और अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने रैली स्थल पर पहुंचने से पहले पीआरटीसी मुख्यालय जाकर इन बसों को रवाना किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राज्य के लोगों को बेहतर, सस्ती और सुलभ परिवहन सुविधा प्रदान करना है। नई बसों के शामिल होने से यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और दूरदराज के क्षेत्रों में भी आवाजाही आसान होगी।

बिजली आपूर्ति को लेकर भी आश्वासन दिया

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बिजली आपूर्ति को लेकर भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के थर्मल प्लांटों में कोयले का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आने वाली गर्मियों में बिजली की आपूर्ति निर्बाध जारी रहेगी।

राजनीतिक बयान देते हुए मुख्यमंत्री ने विरोधी दलों के नेताओं पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भले ही कुछ लोग बड़े स्कूलों में पढ़े हों, लेकिन असली पंजाबी संस्कृति गांवों से ही सीखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं गांव से जुड़े हैं और वहीं से उन्होंने अपनी संस्कृति और मूल्यों को सीखा है।

जल्द और बसें भी होंगी शामिल

सरकार की योजना के अनुसार पनबस के बेड़े में कुल 606 बसें शामिल की जाएंगी। इनमें 387 नई बसें सीधे तौर पर जोड़ी जाएंगी। इसके अलावा किलोमीटर योजना के तहत 19 वोल्वो बसें, 100 वातानुकूलित बसें और 100 साधारण बसें भी शामिल की जाएंगी।

परिवहन मंत्री ने कहा कि पीआरटीसी और पनबस के बेड़े में एक हजार से अधिक नई और किलोमीटर योजना वाली बसों को शामिल कर राज्य की परिवहन व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि राज्य में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और निजी वाहनों पर निर्भरता भी कम होगी।

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पंजाब में टैक्स चोरी पर सख्ती, 1137 करोड़ वसूली, 1383 करोड़ जुर्माना; चीमा बोले प्रवर्तन में बड़ा बदलाव

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पंजाब सरकार की टैक्स चोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए, वित्त, योजना, आबकारी और कर मंत्री हरपाल चीमा ने आज यहां घोषणा की कि पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रवर्तन के क्षेत्र में रिकॉर्ड परिणाम हासिल किए हैं, जो खुफिया जानकारी आधारित कार्रवाई और राजस्व सुरक्षा की दिशा में एक निर्णायक बदलाव को दर्शाते हैं।

कारगुजारी का विवरण देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स की लक्षित और खुफिया जानकारी आधारित कार्रवाई के कारण राज्य के कर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 1,383.11 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया। इसमें से 1,137.85 करोड़ रुपये की वसूली पहले ही की जा चुकी है, जो प्रवर्तन की दक्षता और राजस्व संग्रह में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।”

इस सफलता की आधारशिला के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “निरीक्षण आधारित प्रवर्तन ने मुख्य भूमिका निभाई, जिसमें 1,215.95 करोड़ रुपये का जुर्माना और 972.15 करोड़ रुपये की वास्तविक वसूली शामिल है। इसके अलावा, सड़क चेकिंग अभियानों ने 165.71 करोड़ रुपये का योगदान दिया।

यह प्रदर्शन वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में कई गुना सुधार को दर्शाता है। वर्ष 2024-25 में निरीक्षण प्रवर्तन के तहत 147.28 करोड़ रुपये का जुर्माना और 41.53 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी, जबकि सड़क चेकिंग से 157.14 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। वर्ष 2025-26 में यह उल्लेखनीय वृद्धि राज्य की जांच, प्रवर्तन और वास्तविक राजस्व संग्रह क्षमता में बड़े बदलाव को उजागर करती है।”

एक साल में 8 एफआईआर दर्ज, 15 गिरफ्तारियां हुईं

धोखेबाज नेटवर्करों पर सख्ती का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “कर विभाग ने वर्ष भर में 8 एफआईआर दर्ज कीं और 15 गिरफ्तारियां कीं। दो प्रमुख मामलों में सात व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई और 385 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी लेन-देन का पर्दाफाश हुआ। इन लक्षित कार्रवाइयों से बिना वास्तविक आपूर्ति के फर्जी इनवॉइस जारी करने वाली फर्मों द्वारा 69.57 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी उजागर हुई।”

उन्होंने आगे कहा, “माल की अवैध ढुलाई और फर्जी बिलिंग नेटवर्क के खिलाफ बठिंडा, मंडी गोबिंदगढ़, लुधियाना और चंडीगढ़ में अन्य एफआईआर दर्ज की गईं। एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में 9 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पास करने के आरोप में लुधियाना के एक संचालक को गिरफ्तार किया गया।”

1,579 संदिग्ध डीलरों की पहचान हुई

उन्होंने बताया, “विभाग के आधुनिक खुफिया नेटवर्क ने कई बड़े खुलासे किए, जिनमें लुधियाना में सोने के लेन-देन में 900 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग, मोहाली, खरड़ और कोटकपूरा में कोयले के अवैध लेन-देन में 226 करोड़ रुपये, और लुधियाना व मंडी गोबिंदगढ़ में सक्रिय 423 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग नेटवर्क शामिल हैं। इसके अलावा, जांच के दौरान ‘पेट पूजा ऐप’ से जुड़े 200 करोड़ रुपये के घोटाले का भी पर्दाफाश हुआ, जो आधुनिक टैक्स चोरी नेटवर्क की जटिलता और व्यापकता को दर्शाता है।”

वेरिफिकेशन अभियानों के बारे में उन्होंने कहा, “केंद्रित जांच के दौरान 1,579 संदिग्ध डीलरों की पहचान की गई। कड़ी जांच के बाद इनमें से 922 इकाइयों का अस्तित्व ही नहीं पाया गया और केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर उनकी पंजीकरण रद्द कर दी गई।”

आईटीसी नियंत्रण उपायों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “मजबूत नियंत्रण उपायों के चलते 244.82 करोड़ रुपये को सक्रिय रूप से ब्लॉक किया गया और 206.64 करोड़ रुपये की रिकवरी सुनिश्चित की गई। इन कदमों से अतिरिक्त 19.08 करोड़ रुपये की नकद वसूली के साथ कुल 451.46 करोड़ रुपये राज्य के खजाने में सुरक्षित किए गए।”

एक दिन में 141 वाहन किए गए जब्त

फील्ड प्रवर्तन में तेजी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “मंडी गोबिंदगढ़ और लुधियाना में एक साथ चलाए गए विशेष अभियान के दौरान एक ही दिन में रिकॉर्ड 141 वाहनों को जब्त किया गया। विभाग ने आयरन एंड स्टील, सीमेंट, ऑटो पार्ट्स, तंबाकू और धातु जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखते हुए रेलवे स्टेशनों और प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट्स पर भी प्रवर्तन मजबूत किया।”

संस्थागत और तकनीकी दक्षता को सफलता का श्रेय देते हुए उन्होंने कहा, “स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट, टैक्स इंटेलिजेंस यूनिट और ‘बिल लाओ इनाम पाओ’ योजना की भूमिका महत्वपूर्ण रही। आधुनिक डेटा विश्लेषण, रियल-टाइम ई-वे बिल ट्रैकिंग, सतत खुफिया जानकारी और नए डिजिटल प्रवर्तन पोर्टल्स ने इस सफलता में अहम योगदान दिया है। इन तकनीकी सुधारों ने जमीनी स्तर पर तेज और समन्वित कार्रवाई को संभव बनाया है।”

चीमा ने कहा, “वित्तीय वर्ष 2025-26 का प्रदर्शन पंजाब में कर अनुपालन और राजस्व संग्रह को मजबूत करने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है। धोखाधड़ी नेटवर्क को समाप्त करने, ईमानदार व्यापारिक प्रथाओं को बढ़ावा देने, करदाताओं के हितों की रक्षा करने और राज्य के राजस्व को सुरक्षित रखने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी और तेज गति से जारी रहेगी।”

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पंजाब सरकार फसलों की करवाएगी गिरदावरी: CM मान बोले – बारिश और ओलावृष्टि से हुआ नुकसान, बेअदबी पर कानून जल्द

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पंजाब में पिछले दिनों हुई बारिश और ओले गिरने से जो फसलों का नुकसान होगा। उसकी सरकार विशेष गिरदावरी करवाई जाएगी। यह आदेश पंजाब सीएम भगवंत मान की तरफ से दिए गए हैं उन्होंने कहा कि किसानों की फसल के नुकसान की भरपाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम सारी चीजों पर नजर रखे हुए है।

बेअदबी पर नया कानून बनने के साथ लागू होगा

सीएम ने कहा कि बेअदबी पर बनाया जा रहा कानून उसी दिन लागू हो जाएगा। हमने इसके लिए स्पेशल सेशन बुलाया है। यह राज्य का कानून है, यह उसी दिन से लागू हो जाएगा। इसे राष्ट्रपति के पास भेजने की जरूरत नहीं है। वहीं, उन्होंने कहा कि अगर एसजीपीसी सुझाव देती है तो इसका स्वागत करते हैं।

इस फार्मूले से पंजाब में फ्री बिजली दी

सीएम ने कहा पंजाब सरकार ने पहले कोयले की खान खरीदी हुई थी। लेकिन वह बंद पड़ी थी। किसी प्राइवेट कंपनी से कोयला खरीदते थे। हमने अपनी कोयले की खान चलाई। 70 लाख मीट्रिक टन कोयला निकालने का टारगेट पूरा किया जाए। अक्टूबर 2022 में टेकओवर कर ली थी। अब तक 1462 करोड़ रुपए बचा लिए हैं। यहां से पैसा आता है।

अगर पहले जैसे कैप्टन और सुखबीर बादल कोयला खरीदते थे, तो 1462 करोड़ रुपए अधिक लगने थे। इसी वजह से बिजली बोर्ड घाटे में नहीं गया और हमने बिजली फ्री में दे दी। यह बात कैप्टन व सुखबीर बादल सुन लें। ऐसे काम किए जाते हैं। वह कहता है कि जितनी बिजली पैदा की है वह मेरे पिता ने पैदा की है। फिर बापू जी वोटें क्यों नहीं पैदा कर सके। सारी बिजली तो आपने प्राइवेट को दे दी। मजीठिया के हैं सारा सत्या वाले सोलर। लोगों से लगवाकर खुद टेकओवर कर लेते थे।

पंजाब में कोयले की कमी नहीं

सीएम ने कहा कि पंजाब में कोयला खत्म होने की खबरें आउटडेटेड हो गई हैं। रूपनगर में 41 दिन का कोयला शेष बचा है। लहरा मोहब्बत में 37 दिन और गोइंदवाल में 32 दिन का कोयला शेष है। यह हमारे लिए बहुत ज्यादा है। जबकि वहां से लगातार कोयला रहा है। शाहपुर कंडी प्रोजेक्ट मई 2027 में शुरू हो जाएगा।

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