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राघव चड्ढा बताएं, जनहित के मुद्दों पर मोदी सरकार के खिलाफ बोलने से क्यों डर रहे हैं? AAP का सवाल

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आम आदमी पार्टी ने पंजाब से राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाने को समान्य कार्रवाई बताते उनके बयान पर पलटवार किया है। पार्टी ने राघव चड्ढा पूछा है कि वह देश और पार्टी से जुड़े मुद्दों पर भाजपा या मोदी सरकार के खिलाफ बोलने से क्यों डर रहे हैं? लगातार पार्टी लाइन के खिलाफ काम रहे थे। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने और एलपीजी संकट पर सदन में बोलने से इन्कार करने समेत कई बार राघव चड्ढा ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया। एक लंबे अरसे से राघव चड्ढा ने संसद में ऐसा कोई मुद्दा नहीं उठाया है, जिसमें उन्होंने मोदी सरकार से सवाल किए हों। पार्टी का कहना है कि केजरीवाल ने सबको निडरता और साहस से लड़ना सिखाया है, लेकिन राघव चड्ढा भाजपा और मोदी सरकार से सवाल करने से डर रहे हैं। ऐसे डर की राजनीति कैसे चलेगी?

भगवंत सिंह मान ने राघव चड्ढा के मुद्दे पर कहा कि यह पार्टी का फैसला है। पार्टियां इस तरह के फैसले लेती रहती हैं। संसद में अपना नेता और उपनेता बदलती रहती है। जब मैं पहली बार चुनाव जीता तो उस समय पार्टी ने डॉ. गांधी को नेता बनाया। कुछ समय बाद मैं भी पार्लियामेंट बोर्ड का नेता बना। यह पार्टी का निर्णय है। ऐसे छोटे-छोटे निर्णय होते रहते हैं। कई बार लोकसभा और राज्यसभा में सभी विपक्षी पार्टियों को एकमत में फैसला लेना होता है। जैसे सदन से वॉकआउट करना या सरकार की नीतियों का विरोध करना हो। अगर कोई व्यक्ति इन सामूहिक फैसलों का समर्थन नहीं करता है और पार्टी लाइन के विपरित जाता है तो फिर वह पार्टी के व्हिप के खिलाफ है। कोई भी पार्टी के व्हिप के खिलाफ जाएगा, तो उस पर कार्रवाई होगी।

‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने कहा कि हम लोग अरविंद केजरीवाल के सच्चे सिपाही हैं और हमने अरविंद केजरीवाल से एक ही बात सीखी है- निडरता, हिम्मत और साहस के साथ लड़ना और संघर्ष करना। लेकिन बड़े अफसोस के साथ यह कहना पड़ रहा है कि देश के तमाम मुद्दों पर जब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव आता है, तो राघव चड्ढा उस पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं। पश्चिम बंगाल में लोगों के वोट के अधिकार छीने जा रहे हैं। दिल्ली में हम लोगों ने देखा कि किस तरह से चुनाव आयोग का दुरुपयोग हुआ। जब पंजाब का मुद्दा होता है, तो उस वक्त वह खामोश रहते हैं, कुछ नहीं बोलते हैं। वह प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आवाज नहीं निकालते हैं।

संजय सिंह ने आगे कहा कि जनहित से जुड़े जो मुद्दे, देश, आम आदमी पार्टी और पार्टी के कार्यकर्ताओं से जुड़े हुए हैं, उन पर राघव चड्ढा चुप रहते हैं। गुजरात में “आप” कार्यकर्ताओं को पीटा-मारा जाता है, उस पर वह नहीं बोलते हैं। पंजाब के तमाम अधिकारों को छीनने का काम मोदी सरकार करती है, उस पर भी वह कुछ नहीं बोलते हैं। जब बहुत सारे मुद्दों पर सदन से वॉकआउट करने का मामला आता है, तो उस समय वह वॉकआउट नहीं करते हैं। ये तमाम चीजें हैं, जिसका जवाब देश और जनता राघव चड्ढा से चाहती है।

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा से कहा कि हम सब लोग अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं और हमने तो एक ही बात सीखी है कि ‘‘जो डर गया, समझो मर गया।’’ हम सबको तो सरकार की आंखों में आंखें डालकर जनता के मुद्दे उठाने थे। पिछले कुछ दिनों में हमने देखा है कि जो भी व्यक्ति सरकार के खिलाफ गंभीर मुद्दे उठाता है, सरकार से सवाल पूछता है और लोगों की बात करता है, सरकार एक तानाशाह की तरह उसे तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन कर रही है। चाहे वह एक्स हो, फेसबुक हो या यूट्यूब, हर जगह बैन किया जा रहा है। एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। मुकदमे किए जा रहे हैं।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई संसद में अपना सॉफ्ट पीआर करे। संसद में एक छोटी सी पार्टी के पास बेहद सीमित समय होता है। उसमें अगर कोई समोसों की बात उठा रहा है, तो उससे कहीं ज्यादा जरूरी है कि देश के बड़े मुद्दों को उठाया जाए। उन्होंने कहा कि पूरे देश के हर राज्य में हमने देखा है कि चुनाव से पहले सही लोगों के वोट काटे जाते हैं और फर्जी व झूठे वोट बनाकर सरकार पूरी बेईमानी से सिस्टम पर कब्जा करके चुनाव जीत रही है। पश्चिम बंगाल में भी यही हो रहा है।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अभी सारी विपक्षी पार्टियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर महाभियोग चलाने के लिए प्रस्ताव लाना चाहा, लेकिन आपने (राघव चड्ढा) उस पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। जब भी कोई ऐसा मुद्दा आता है, जिस पर विपक्ष वॉकआउट करता है, तो आप वॉकआउट नहीं करते हैं। पिछले काफी अरसे से मैंने देखा है कि आपने सदन में ऐसा कोई भी मुद्दा नहीं उठाया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी या भाजपा सरकार से कोई सवाल किया गया हो। ऐसे डर की राजनीति कैसे चलेगी?

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हम लोगों को पंजाब के मुद्दे उठाने हैं। जहां से आप चुनकर आए हैं, आप उन मुद्दों को उठाने से भी घबराते हैं। अभी गुजरात में आम आदमी पार्टी के करीब 160 कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमों के तहत एफआईआर दर्ज की गई, कई लोगों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन आप उस पर भी चुप रहे। आम आदमी पार्टी के तमाम नेता जेल में थे। अरविंद केजरीवाल को बतौर मुख्यमंत्री सरकार ने एक झूठे मुकदमे में गिरफ्तार कर लिया, उस समय भी आप देश में नहीं थे और कहीं जाकर छिप गए थे।

सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि मेरा मानना यह है कि देश के लिए असली मुद्दे हमें निडरता और साहस के साथ उठाने पड़ेंगे। भाजपा की आंखों में आंखें डालकर मुद्दे उठाने पड़ेंगे। वरना आपके इन सॉफ्ट मुद्दों से सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता। बल्कि भाजपा तो गुरुवार से आपको सोशल मीडिया पर सपोर्ट कर रही है। आप इस बारे में सोचिएगा और देखिएगा कि आप कहां से चले थे और कहां आ गए हैं। देश को किन चीजों की जरूरत है और आप कैसे बेहतर कर सकते हैं।

उधर, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने राघव चड्ढा से सवाल करते हुए कहा कि वह भाजपा से इतना क्यों डरते हैं? वह भाजपा पर सवाल उठाने से क्यों डरते हैं? वह मोदी जी से सवाल पूछने से क्यों डरते हैं? आज हमारा देश एक बहुत बड़े संकट से गुजर रहा है। आज हमारे देश के लोकतंत्र और संविधान पर खतरा मंडरा रहा है। आज हमारी आंखों के सामने चुनाव आयोग का दुरुपयोग करके पश्चिम बंगाल का चुनाव चुराया जा रहा है, लेकिन वह उस पर सवाल नहीं उठा रहे हैं। वह उस पर बोलने से डर रहे हैं।

आतिशी ने कहा कि हम सबने देखा है कि किस तरह से दिल्ली में गलत तरीके से वोट काटे गए। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने गलत तरीके से वोट बनाए और भाजपा चुनाव चुराकर ले गई। आज पश्चिम बंगाल में भी यही हो रहा है, वहां भी चुनाव आयोग का दुरुपयोग हो रहा है। लेकिन जब तृणमूल कांग्रेस और पूरा विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लेकर आता है, तो राघव चड्ढा उस पर हस्ताक्षर करने से मना कर देते हैं। क्या उन्होंने एक बार भी संसद में पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र पर हो रहे हमले पर सवाल उठाए? वोट काटने पर सवाल उठाए? गलत तरीके से बन रहे वोटों पर सवाल उठाए? उन्होंने ये सवाल क्यों नहीं उठाए? क्या वह भाजपा से डर रहे हैं? क्या वह मोदी जी से डर रहे हैं?

आतिशी ने कहा कि आज देश के आम आदमी के सामने सबसे बड़ा संकट एलपीजी गैस सिलेंडर का है। राघव चड्ढा तो बड़े आदमी हैं, राज्यसभा के सांसद हैं, हो सकता है उनको दिक्कत ना आती हो। लेकिन एक आम परिवार, एक छोटे से मकान या कच्ची कॉलोनी में रहने वाले और एक गैस सिलेंडर कनेक्शन वाले परिवार को आज अपने बच्चों के लिए खाना बनाने में भारी दिक्कत हो रही है। पिता सोच रहे हैं कि काम पर जाऊं और दिहाड़ी लेकर आऊं, या लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा होकर गैस का सिलेंडर ले आऊं ताकि कल मेरे बच्चों के लिए लंच बन सके।

आतिशी ने कहा कि जब आम आदमी पार्टी ने पंजाब में और दिल्ली विधानसभा में सिलेंडर का सवाल उठाया, जब आम आदमी पार्टी के सांसदों ने एलपीजी सिलेंडर का मुद्दा उठाया और जब राघव चड्ढा को एलपीजी के मुद्दे पर बोलने के लिए कहा गया, तो वह चुप रह गए। क्या वह मोदी जी से डर गए हैं? आज इस देश में हर इंसान को यह तय करना होगा कि क्या वह मोदी जी के साथ है या वह संविधान और लोकतंत्र के साथ है।

आतिशी ने कहा कि मुझे याद आ रहा है कि जब अरविंद केजरीवाल गिरफ्तार हुए थे, तब हम सब सड़कों पर खड़े होकर लड़ रहे थे। पुलिस हम पर लाठियां बरसा रही थी और हमें घसीट-घसीट कर पकड़ कर ले जा रही थी। दिल्ली के अलग-अलग थानों में, कहीं नरेला में, तो कहीं बवाना में हम डिटेन किए गए थे। हम रोज सड़कों पर लड़ रहे थे और तब राघव चड्ढा लंदन में थे। उन्होंने हमें बताया था कि उनकी आंख का ऑपरेशन हो रहा है, इसलिए वह लंदन में हैं। तब मीडिया ने हमसे बहुत सवाल पूछे। बार-बार हमने मीडिया से कहा कि राघव चड्ढा डरे नहीं हैं। उनकी आंख में दिक्कत है और वह अपना ऑपरेशन करवाने गए हैं। लेकिन आज मेरे मन में भी यह सवाल आ रहा है कि जब अरविंद केजरीवाल गिरफ्तार हुए, क्या तब भी वह भाजपा से डर गए थे? क्या तब भी वह मोदी जी से डर गए थे? क्या वह डर कर लंदन भाग गए थे?

आतिशी ने आगे कहा कि हो सकता है कि राघव चड्ढा मोदी जी से डरते हों, हो सकता है कि वह जेल जाने से डरते हों। लेकिन हम अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं। हम ना भाजपा से डरते हैं, ना मोदी जी से डरते हैं, ना उनकी एजेंसियों से डरते हैं और ना ही जेल जाने से डरते हैं। इसलिए हम इस देश के आम आदमी की आवाज उठाते आए हैं और आगे भी उठाते रहेंगे। हम इस लोकतंत्र के लिए आवाज उठाते आए हैं और लोकतंत्र के लिए आवाज उठाते रहेंगे। मोदी जी या भाजपा से डरने से संविधान और लोकतंत्र नहीं बचेगा। आज राघव चड्ढा को यह तय करना है कि क्या वह संविधान के साथ हैं या फिर मोदी जी के साथ हैं।

वहीं, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि हम केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता ही हमारी पहली पहचान है। कोई मोदी से डर जाए तो देश के लिए क्या लड़ेगा? पार्टी को संसद में बोलने का थोड़ा सा समय मिलता है। उसमें या तो देश बचाने का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने का। गुजरात में हमारे सैंकड़ों कार्यकर्ता भाजपा की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिए, क्या सांसद साहब सदन में कुछ बोले?

अनुराग ढांडा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में वोट का अधिकार छीना जा रहा है। सदन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव आया तो भाई साहब ने साइन करने से मना कर दिया। पार्टी ने सदन से वाकआउट किया तो मोदी जी की हाज़िरी लगाने के लिए बैठे रहते हैं। पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव। मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो। देश के असली मुद्दों पर बोलने से घबराते हो। जो डर गया वो समझो मर गया।

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होशियारपुर को 516 करोड़ की सौगात, CM मान ने रखी मेडिकल कॉलेज और विकास परियोजनाओं की आधारशिला

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  होशियारपुर में 516 करोड़ रुपये के विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया, जिसमें शाम चौरासी विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का बड़े पैमाने पर विस्तार और जमीनी स्तर पर नई परियोजनाएं शामिल हैं। 

राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज दो वर्षों के भीतर पूरा हो जाएगा, जहां वार्षिक 100 एमबीबीएस डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा ओपीडी, एमआरआई, सिटी स्कैन और विशेष विभागों सहित उन्नत सुविधाओं से लैस 300 बिस्तरों वाला अस्पताल भी बनाया जाएगा।

30 बिस्तरों वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की आधारशिला रखी

जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शाम चौरासी में 30 बिस्तरों वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की आधारशिला रखी, जो आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, लैब, एक्स-रे, टीकाकरण और प्रसव देखभाल सेवाओं से सुसज्जित है, जिससे 40 से अधिक गांवों को लाभ होगा। 

उन्होंने हर कोने तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए क्षेत्र में सात अतिरिक्त हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों की भी घोषणा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार लोगों के घरों के नजदीक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

9.18 करोड़ रुपये के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर का नींव

स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम स्तर तक मजबूत करते हुए उन्होंने क्षेत्र में सात और हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों के साथ-साथ 40 से अधिक गांवों को लाभ पहुंचाने के लिए 9.18 करोड़ रुपये के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर का नींव पत्थर भी रखा। विकास को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 99 करोड़ रुपये के बलाचौर-गढ़शंकर-होशियारपुर-दसूहा सड़क प्रोजेक्ट की शुरुआत की, जो 105 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर है। 

यह चंडीगढ़, पठानकोट और जम्मू-कश्मीर के बीच संपर्क बढ़ाएगा, जम्मू और दिल्ली के बीच यात्रा के समय को कम करेगा तथा आनंदपुर साहिब, माता नैना देवी और माता ज्वाला जी की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुगम पहुंच उपलब्ध कराएगा।

कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास 

शाम चौरासी विधानसभा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आजादी के बाद 70 साल से अधिक समय तक पारंपरिक विरोधी पार्टियों ने राज्य को बेरहमी से लूटा है। इन पार्टियों की पिछड़ी और विभाजनकारी नीतियों के कारण राज्य विकास की रफ्तार से पिछड़ गया, जिससे लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। 

हालांकि पिछले चार वर्षों में राज्य का समग्र विकास सुनिश्चित किया गया है और पहली बार राज्य सरकार ने इतने कम समय में लोगों से किए सभी वादे पूरे किए हैं।”

चुनावी घोषणा पत्र को लागू किया

मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि राज्य के विकास को सही दिशा में डाला गया है और अब पंजाब सरकार हर बीतते दिन के साथ अपनी रफ्तार बढ़ा रही है। राज्य सरकार ने 70 वर्षों का अंतर भर दिया है और अब रंगला पंजाब बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। 

‘आप’ सरकार देश की पहली सरकार है, जिसने लोगों के लिए चुनावी घोषणा पत्र को लागू किया है, क्योंकि लोगों द्वारा उठाई गई सभी जायज मांगों को अमल में लाया जा रहा है।”

300 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाया जाएगा

बड़ी विकास पहलों को उजागर करते हुए उन्होंने आगे कहा, “आज शाम चौरासी में 385 करोड़ रुपये के विकास कार्य शुरू किए गए हैं, जो इस क्षेत्र की तरक्की और खुशहाली को बढ़ावा देंगे।” 

उन्होंने आगे कहा, “होशियारपुर में 268 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज और 300 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाया जाएगा, जो आम लोगों के लिए बड़ा तोहफा होगा। यह लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ राज्य को चिकित्सा शिक्षा का केंद्र बनाने में भी मदद करेगा।”

विपक्षी पार्टियां मुझे बदनाम करने के लिए साजिशें रच रही 

विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “विपक्षी पार्टियां मुझे बदनाम करने के लिए साजिशें रच रही हैं क्योंकि वे राज्य सरकार द्वारा जनता की भलाई के लिए किए जा रहे कामों से ईर्ष्या करती हैं। 

ये नेता आपस में मिलकर चलते रहे हैं और सत्ता में रहते हुए एक-दूसरे के हितों की रक्षा के लिए बारी-बारी से राज करने के खेल खेलते रहे, लेकिन ‘आप’ सरकार ने उन्हें सत्ता से बेदखल कर इस खेल को खत्म कर दिया, जिससे आम लोगों की इच्छाएं पूरी हो रही हैं।”

पूर्व मुख्यमंत्रियों पर लगाए आरोप

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रकाश सिंह बादल अपने कार्यकाल के दौरान कभी भी चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के लिए बने सरकारी निवास में नहीं रहे। इसके बजाय ये नेता अपने महलों जैसे घरों में रहते थे, जो चंडीगढ़ में बनाए गए हैं, क्योंकि वे सरकारी घरों में सहज महसूस नहीं करते थे। अकालियों को राज्य में शासन करने के पांच मौके मिले, लेकिन लोगों की सेवा करने के बजाय उन्होंने लोगों और राज्य को बेरहमी से लूटा।”

निजी हितों की पूर्ति के लिए धर्म का इस्तेमाल

उन्होंने आगे कहा कि केवल इतना ही नहीं, अकालियों ने अपने निजी हितों की पूर्ति के लिए धर्म का इस्तेमाल कर लोगों को धोखा दिया। सर्वाेच्च तख्तों के जत्थेदार अकाली नेताओं की जेब से चुने जाते रहे हैं। 

पूर्व उपमुख्यमंत्री दावा करते हैं कि उनके शासनकाल में राज्य का बड़ा विकास हुआ, लेकिन कोटकपूरा, बहिबल कलां और अन्य स्थानों पर वे आंखें मूंद लेते हैं, जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई और निर्दाेष लोग मारे गए।

‘पंजाब बचाओ यात्रा’ का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’

अकाली दल की ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस यात्रा का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। उन्होंने कहा कि 15 साल राज्य को लूटने के बाद अब वे किससे राज्य को बचाने की बात कर रहे हैं ? 

अकाली दल ने पंजाबियों की मानसिकता को भावनात्मक रूप से कुचलने और राज्य में विभिन्न माफियाओं को संरक्षण देने के अलावा कई पीढ़ियों के विनाश के लिए जिम्मेदार है। अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि उन्होंने नशे के कारोबार को संरक्षण दिया, जो उनके लंबे कुशासन के दौरान फलता-फूलता रहा।

अंग्रेजों का साथ देने के लिए इस कुनबे को ‘सर’ की उपाधि 

अकाली नेतृत्व पर प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि ये अवसरवादी नेता हैं, जो अपनी सुविधाओं और निजी राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह अपना रंग और रुख बदलते हैं। हर कोई जानता है कि अकालियों का एक कुनबा अंग्रेजों का कठपुतली बनकर काम करता रहा और देश के लिए लड़ने वाले देशभक्तों के खिलाफ अंग्रेजों का साथ देने के लिए इस कुनबे को ‘सर’ की उपाधि दी गई थी। 

अकालियों से जुड़े एक परिवार ने ही 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड के दोषी जनरल डायर के लिए इस घटना के बाद रात्रि भोज की मेजबानी की थी।

लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के साथ विश्वासघात 

उन्होंने आगे कहा कि इस घिनौनी घटना ने अकालियों की देश-विरोधी और पंजाब-विरोधी मानसिकता और चरित्र को उजागर कर दिया। इस कुनबे ने अंग्रेजों के खिलाफ डटकर खड़े होने वाले लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के साथ विश्वासघात किया। 

इतना ही नहीं, इस परिवार ने जनरल डायर को हरिमंदिर साहिब में सिरोपा और माफी दिलाने को भी सुनिश्चित किया। यह और भी हैरान करने वाली बात है कि जत्थेदार अरूड़ सिंह, जिन्होंने यह सिरोपा दिया था, वे पूर्व लोकसभा सांसद सिमरजीत सिंह मान के नाना थे।”

इतिहास को मिटाया नहीं जा सकता 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इतिहास को मिटाया नहीं जा सकता और बादल परिवार के पूर्वजों का संदिग्ध चरित्र इतिहास के पन्नों पर दर्ज है। इस परिवार के हाथ देशभक्तों के खून से रंगे हुए हैं और राष्ट्रवादियों की पीठ में छुरा घोंपने में इन गद्दारों की भूमिका को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। मेरे पास इस बात के ठोस सबूत हैं कि इन लोगों ने राज्य और यहां के लोगों को किस तरह लूटा।

सुखबीर सिंह बादल जमीनी हकीकत से पूरी तरह अनजान

विपक्षी नेताओं पर अपने हमले को और तेज करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल जमीनी हकीकत से पूरी तरह अनजान हैं, क्योंकि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी ऐशो-आराम में बिताई है। सुखबीर सिंह बादल ऐसे नेता हैं, जिन्होंने कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ाई की और राज्य की मूल भौगोलिक स्थिति से भी अनजान हैं, लेकिन फिर भी पंजाब में सत्ता हासिल करना चाहते हैं। यदि हम सामान्य फसलों की बात करें तो उपमुख्यमंत्री इनमें भी फर्क नहीं बता सकते, क्योंकि उन्हें राज्य के आम मुद्दों की भी बहुत कम जानकारी है।

पूरे कार्यकाल में महल से बाहर ही नहीं निकले

उन्होंने आगे कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके परिवार का पंजाब को धोखा देने का संदिग्ध रिकॉर्ड रहा है, क्योंकि उन्होंने राज्य के दुश्मनों, चाहे वे मुगल हों, अंग्रेज हों या अब भाजपा, के साथ खड़े होकर काम किया। जब लोगों ने उन्हें मुख्यमंत्री चुना, तो वे अपने पूरे कार्यकाल में महल से बाहर ही नहीं निकले और मुश्किल से 10 बार राज्य का दौरा किया। जो खुद को राज्य के पानी का रक्षक कहते थे, उन्होंने ही इसे बर्बाद किया और जो खुद को धर्म के रक्षक बताते थे, वे पवित्र ग्रंथ की बेअदबी के मामलों में न्याय नहीं दिला सके।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल वे दीमक हैं, जिन्होंने आजादी के बाद राज्य को बर्बाद कर दिया, जिसके कारण पंजाब विकास की राह में पिछड़ गया। इन पार्टियों के नेता कभी भी एक-दूसरे के खिलाफ नहीं बोलते, लेकिन मेरे खिलाफ रोज जहर उगलते हैं, क्योंकि मैंने इनके असली चेहरे को जनता के सामने उजागर किया है। ये वे गद्दार हैं, जो कभी भी राज्य और इसके लोगों के प्रति वफादार नहीं रहे।

कांग्रेस में हर नेता बनना चाहता है मुख्यमंत्री 

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस में हर नेता मुख्यमंत्री बनना चाहता है। चुनावों में काम करने वाले कार्यकर्ताओं से ज्यादा तो कांग्रेस के पास मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। इसी कारण हाल ही में हुई एक रैली में पार्टी के शीर्ष नेता ने इन तथाकथित दावेदारों को नजरअंदाज कर दिया। कांग्रेस गुटबाजी का शिकार है और आंतरिक खींचतान के कारण टूटने के कगार पर है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेसियों को एकजुट करने आए शीर्ष नेता उनके नाम तक सही से नहीं ले सके। इसके विपरीत, हमारी स्टेज से शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, कृषि और अन्य क्षेत्रों पर चर्चा की जा रही है, जबकि अन्य पार्टियों की सभाओं में केवल सत्ता हासिल करने के दावे किए जा रहे हैं। ये अवसरवादी नेता हैरान हैं कि जनता उन्हें जवाब क्यों नहीं दे रही, क्योंकि उनका एजेंडा जनता की बजाय अपने परिवारों तक सीमित है।”

मुख्यमंत्री मान ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए कहा, “कोई भी मुफ्त या रियायती कार्ड राज्य से गरीबी या सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकता, लेकिन शिक्षा ही ऐसा माध्यम है, जो लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाकर समृद्धि ला सकता है। शिक्षा वह प्रकाश है, जो अंधकार को दूर कर दुनिया को रोशन करता है, और राज्य सरकार इस पर विशेष जोर दे रही है। सरकार सरकारी स्कूलों को सुधारने के लिए कड़े प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थी हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं।”

ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली 

कृषि और बिजली के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य के इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति दी गई है। किसानों को अब पहली बार सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी में बदलाव आ रहा है। राज्य सरकार जनता के हित में सरकारी खजाने के हर एक पैसे का समझदारी से उपयोग कर रही है।”

लोक भलाई के बारे में बताते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की गई है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। हर परिवार 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है और 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले ही स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं। इस योजना के तहत 1.65 लाख लोगों को मुफ्त इलाज मिल चुका है और मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे इन कार्डों का अधिक से अधिक लाभ लें।”

लोगों के टैक्स का पैसा राज्य का

उन्होंने आगे कहा, “लोगों के टैक्स का पैसा राज्य का है और इसे लोगों की भलाई पर खर्च किया जा रहा है। लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से वापस लोगों तक पहुंच रहा है। राज्य सरकार ने 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली, बिना भ्रष्टाचार के 65,000 से अधिक युवाओं को नौकरियां, बेहतर सड़कें, टोल प्लाजा बंद होने से रोजाना 70 लाख रुपये की बचत और बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है। ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ जैसे जनहित कार्यक्रम ने राज्य में नशे की कमर तोड़ दी है।”

हर महिला को 1000 रुपये प्रति माह 

अन्य योजनाओं की घोषणा करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “मांवा-धीयां सत्कार योजना के तहत हर महिला को 1000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति से संबंधित महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी और जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के लिए पात्र होंगी। पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाओं को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है और राज्य सरकार ने बजट में 9300 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।”

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत, लोकसभा सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल और अन्य भी उपस्थित थे।

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पंजाब में बेअदबी पर उम्रकैद का बनेगा कानून:जैतो की जनसभा में CM मान ने दिए संकेत, 31 करोड़ की विकास परियोजनाओं का किया शुभारंभ

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फरीदकोट जिले के जैतो शहर में रविवार को राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने करीब 31 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करवाई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि पंजाब में बेअदबी पर उम्रकैद का कानून बनेगा।

सुखबीर को नीतियों पर आत्ममंथन करने की सलाह

मुख्यमंत्री ने बरगाड़ी बेअदबी मामले और उससे जुड़ी गोलीकांड की घटनाओं के लिए बादल परिवार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पंजाब में बेअदबी के आरोपियों को सख्त सजाओ के कानून के लिए 13 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। उन्होंने संकेत दिए कि सरकार द्वारा ऐसा कानून बनाया जाएगा, जिसमें आरोपी को एक साल तक जमानत नहीं मिलेगी। साथ ही उसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने शिअद नेता सुखबीर सिंह बादल को अपनी नीतियों पर आत्ममंथन करने की सलाह दी। सीएम ने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के दौरान पंजाब के व्यापार पर कब्जा किया गया और जनता को नुकसान पहुंचाया गया।

कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों की जानकारी दी

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के चार साल के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2022 में लोगों ने पारंपरिक पार्टियों के बजाय आम आदमी पार्टी को मौका दिया और उनकी सरकार ने कम समय में ही बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए हैं। चुनाव से पहले की गई गारंटियां पूरी की जा चुकी हैं और पंजाब को रंगला पंजाब की ओर आगे बढ़ाया जा रहा है।

लोगों की सेवा के लिए राजनीति में आया हूं :

मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वह राजनीति में पैसा कमाने नहीं, बल्कि लोगों की सेवा और शहीद भगत सिंह के सपनों को साकार करने के लिए आए हैं। उन्होंने दावा किया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने न तो कोई भ्रष्टाचार किया है और न ही किसी को करने देंगे।

कार्यक्रम में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. बलजीत कौर, विधायक अमोलक सिंह, डिप्टी कमिश्नर पूनमदीप कौर समेत आसपास के क्षेत्रों के कई विधायक मौजूद रहे।

मंच पर सीएम मान को किया गया सम्मानित।

मंच पर सीएम मान को किया गया सम्मानित।

जनसभा के दौरान उमड़ी भीड़।

जनसभा के दौरान उमड़ी भीड़।

 

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया।

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया

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मोगा में CM भगवंत मान ने बहु-करोड़ी प्रोजेक्ट्स का किया उद्घाटन, विपक्ष पर साधा निशाना

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के विकास एजेंडे की पुष्टि करते हुए मोगा में बहु-करोड़ी प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और नींव पत्थर रखा। साथ ही उन्होंने बुनियादी ढांचे के विस्तार, किसान सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर केंद्रित शासन मॉडल की रूपरेखा भी पेश की।

प्रदेश स्तरीय समागम में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों का भारी हुंकार और जन भागीदारी सरकार की ईमानदार और साफ-सुथरी राजनीति में बढ़ते विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि 47 किलोमीटर से अधिक मुख्य सड़क नेटवर्क को अपग्रेड करने, शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, 18.80 करोड़ रुपए के बिजली प्रोजेक्ट शुरू करने और 13 अप्रैल से विभाजन अभियान शुरू करने तक सरकार जमीन पर ठोस बदलाव ला रही है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार किसानों की गेहूं के दाने-दाने को खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी किसान आढ़तियों के रहमो-करम पर न रहे। इस तरह प्रदेश सरकार हर गांव और शहर को जोड़ने वाले विकास मॉडल के माध्यम से पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।

मोगा में कई विकास प्रोजेक्ट्स का नींव पत्थर रखने के बाद समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक पार्टियों ने पंजाब के लोगों के साथ बार-बार विश्वासघात किया है।

उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग अकालियों को कभी माफ नहीं करेंगे क्योंकि उन्होंने न सिर्फ पंजाब और यहां के लोगों को बर्बाद किया, बल्कि गुरुओं और गुरबाणी का भी घोर निरादर किया है।”

उन्होंने आगे कहा, “अकालियों ने नशे के व्यापार को सरपरस्ती देकर पंजाब की पीढ़ियों का कत्लेआम किया है। इन नेताओं ने न सिर्फ नशे के व्यापार को बढ़ावा दिया, बल्कि नशे को बेचने या सप्लाई करने के लिए सरकारी वाहनों का भी इस्तेमाल किया।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली नेता सुखबीर बादल दावा करते हैं कि प्रदेश का सारा विकास उनके शासनकाल में हुआ, लेकिन वे बरगाड़ी और बहिबल कला की बेअदबी की घटनाओं को आंखों से ओझल कर बैठे हैं। उन्होंने अपने निजी हितों के लिए धर्म का इस्तेमाल किया और हर आम आदमी की मानसिकता को ठेस पहुंचाई, जो एक न माफ करने योग्य गुनाह है। वे पंथ और पंजाब की विरोधी ताकतों के समर्थक हैं।”

अकाली दल की कथित ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अकाली दल की इस चाल का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। 15 साल राज्य को लूटने के बाद अब वे पंजाब को किससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं?”

उन्होंने आगे कहा, “लोगों ने अकालियों को चुना लेकिन वे गद्दार साबित हुए और हमेशा राज्य व यहां के लोगों की पीठ में छुरा मारा। जब किसान भाईचारा अपने हकों के लिए लड़ रहा था, तब अकालियों ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपनी जगह बचाने के लिए काले कृषि कानूनों पर मोदी सरकार का समर्थन किया।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों ने राज्य की कई पीढ़ियों को तबाह कर दिया है। ये पंजाब विरोधी ताकतें एक-दूसरे से हाथ मिलाकर चल रही हैं और राज्य के हितों को नुकसान पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ये नेता केंद्र और नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुप हैं, जो पंजाब को बर्बाद कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा, “ये नेता मुझ पर बोलने में कोई कसर नहीं छोड़ते क्योंकि वे पंजाब की तरक्की से नाखुश हैं। लोगों को एकजुट होकर इन्हें राज्य से बाहर करके सबक सिखाना चाहिए। सुखबीर बादल, राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा और अन्य पंजाब के लिए बेगाने हैं क्योंकि इनका लोगों से कोई मेल नहीं है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अपनी स्कूली पढ़ाई से लेकर कपड़ों और आदतों तक इन लोगों का आम पंजाबियों से कुछ भी मेल नहीं खाता। ये नेता लोगों के सामने आने वाली समस्याओं से अनजान हैं क्योंकि वे पंजाब की असली स्थिति से कोसों दूर हैं। उन्होंने कभी खेतों का चक्कर तक नहीं मारा, तो किसानों की मुश्किलों के बारे में क्या जान सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “लोगों ने इन पारंपरिक पार्टियों को बड़े पैमाने पर वोट दिए, लेकिन उन्होंने पंजाब को लूटा। इन नेताओं ने परजीवियों की तरह पंजाब के संसाधनों का खून चूसा और आज भी उनके पास सत्ता की भूख के अलावा कोई एजेंडा नहीं है। वे मुझे गालियां निकालने और अपनी हाई कमांड को वीडियो भेजने में एक-दूसरे से आगे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन नेताओं के पास पंजाब के लिए कोई लक्ष्य या उद्देश्य नहीं है और वे निजी हितों में उलझे हुए हैं जबकि हमारी सरकार पंजाब को अग्रणी राज्य बनाने के लिए हर प्रयास कर रही है। वह दिन दूर नहीं जब पंजाब देश का अग्रणी राज्य बनेगा।”

सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने पंजाब के सर्वांगीण विकास के लिए अनूठी पहल की हैं। हमने लोगों से किए सारे वादे पूरे किए हैं। सरकार बिना किसी पक्षपात के हर घर को 600 यूनिट मुफ्त बिजली दे रही है।”

उन्होंने आगे कहा कि जब से हमारी सरकार ने सत्ता संभाली है, 90 प्रतिशत परिवारों को बिजली का बिल नहीं आ रहा है। पंजाब के इतिहास में पहली बार किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 8 घंटे निर्बाध बिजली मिल रही है। सरकार ने नहर प्रणाली को सुधारने पर 6500 करोड़ रुपए खर्च किए हैं और पहली बार 1365 गांवों के खेतों तक नहरी पानी पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सिंचाई के लिए सिर्फ 21 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग होता था, जो अब बढ़कर 68 प्रतिशत हो गया है और आने वाले धान के सीजन तक यह 85 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। 6900 किलोमीटर लंबे 18,349 जल मार्गों को सुधारकर पानी को टेल तक पहुंचाया गया है, जिससे किसानों को बड़ा फायदा हो रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि जिन नेताओं के खेतों तक जाकर नहरें बंद हो जाती थी, उन्होंने कभी आम लोगों के इस मुद्दे पर कोई चिंता नहीं की। ऐसे फैसले सिर्फ वे नेता ले सकते हैं जो जमीन की हकीकत समझते हैं, न कि वे जो पहाड़ियों के कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े हैं।

रोजगार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के सिर्फ योग्यता के आधार पर 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां देकर रोजगार क्रांति लाई है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड निजी निवेशों के कारण पिछले चार सालों में 7 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब में 43,000 किलोमीटर लिंक सड़कें हैं और हमने अगले पांच सालों के लिए रखरखाव, मरम्मत और अपग्रेडेशन के लिए बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया है। सरकार किसानों की सुविधा के लिए हाई टेंशन तारों को जमीनदोज करने की संभावनाओं की भी पड़ताल कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसानों को बड़ी राहत देगा क्योंकि हाई टेंशन तारें उनके और उनकी फसलों के लिए बड़ा खतरा पैदा करती हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना उनके गांव से शुरू होगी, जहां काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।

जनकल्याण पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नई तक्सीम योजना 30 दिनों के अंदर जमीन का बंटवारा सुनिश्चित करेगी, जिसे 13 अप्रैल 2026 से पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा। उन्होंने अपील की कि लोग जितना हो सके आपसी समझ से विवाद सुलझाएं।

उन्होंने अपील की कि लोग मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपए तक के नकद रहित इलाज के लिए अधिक से अधिक रजिस्ट्रेशन करवाएं। यह योजना सरकारी और निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मावां धीयां सत्कार योजना के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को प्रति महीना 1500 रुपए और अन्य सभी श्रेणियों की महिलाओं को 1000 रुपए दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के सम्मान को सुनिश्चित करेगा।

उन्होंने कहा कि करदाताओं का पैसा लोगों का है, जिसे विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों पर खर्च किया जा रहा है। पहले यही पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था, लेकिन अब सारी चोर रास्ते बंद कर दिए गए हैं।

शिक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेहतर शिक्षा गरीबी का इलाज है। कोई भी मुफ्त चीज गरीबी खत्म नहीं कर सकती, शिक्षा ही तरक्की और खुशहाली के दरवाजे खोल सकती है। हम शिक्षा को बेहतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जहां हम शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कृषि की बात करते हैं, वहीं दूसरी पार्टियां सिर्फ सत्ता हथियाने की बात करती हैं। लोगों ने इन मौकापरस्त नेताओं को नकार दिया है, जो सिर्फ अपने परिवारों की भलाई के लिए काम करते रहे हैं।

गेहूं की खरीद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आढ़ती सरकार पर दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम नहीं झुकेंगे। सरकार सुचारू खरीद सुनिश्चित करने के लिए सहकारी कमेटियों का खरीद कोटा बढ़ाएगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोगा में कई विकास प्रोजेक्ट्स का नींव पत्थर रखा, जिसमें बिजली प्रोजेक्ट, नगर निगम सड़कों की मरम्मत और प्रमुख सड़कों का अपग्रेडेशन शामिल है। उन्होंने रंगला और जीवंत पंजाब बनाने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

इससे पहले ‘आप’ पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि भगवंत सिंह मान देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं। आप सरकार ने समाज के हर वर्ग के लिए मार्गदर्शक पहल की हैं। अगर कोई दूसरी पार्टी सत्ता में आई तो वे दिल्ली में भाजपा की तरह इन जनकल्याण योजनाओं को बंद कर देंगे।

भगवंत मान सरकार की विकासोन्मुखी सोच से रंगला पंजाब की ओर बढ़ रहा है राज्य

मोगा में चल रहे बुनियादी ढांचा कार्य एक निर्णायक और काम-आधारित शासन मॉडल को दर्शाते हैं, जहां सड़कों, शहरी बुनियादी ढांचे और बिजली व्यवस्था में बड़े निवेश किए जा रहे हैं।

47.70 किलोमीटर लंबी मोगा-बाघापुराना-कोटकपूरा सड़क को 46.98 करोड़ रुपए की लागत से अपग्रेड किया जा रहा है। 22.72 किलोमीटर मोगा-धर्मकोट सड़क का नवीनीकरण 9.98 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है, जिससे मुख्य कस्बों व गांवों में संपर्क मजबूत होगा।

नगर निगम द्वारा 88.62 करोड़ रुपए के शहरी विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें 11.60 करोड़ रुपए के अतिरिक्त टेंडर प्रगति अधीन हैं। इनमें मुख्य सड़कों के नवीनीकरण के लिए 7.58 करोड़ रुपए, अन्य सड़कों के लिए 7.66 करोड़ रुपए, बहुमंजिला सामुदायिक हॉल के लिए 4.16 करोड़ रुपए, पुरानी अनाज मंडी में स्ट्रीट वेंडिंग जोन के लिए 2.19 करोड़ रुपए तथा गुरु नानक कॉलेज चौक पर एक घड़ी टावर के निर्माण के साथ-साथ गीता भवन, रेलवे अंडरब्रिज, जूती मार्केट, प्रताप रोड और मुख्य बाजार समेत शहर की प्रमुख जगहों के सौंदर्यीकरण के लिए 97 लाख रुपए शामिल हैं।

बिजली बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाले प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनमें रसूंगावाला में 9.82 करोड़ रुपए की लागत वाला 220 केवी ट्रांसफार्मर, 2.62 करोड़ रुपए की लागत वाला 20 एमवीए ट्रांसफार्मर और 4.22 करोड़ रुपए की लागत वाला सोसण में 132 केवी ट्रांसफार्मर शामिल हैं। इसके अलावा मोगा शहर की बिजली वितरण व्यवस्था को अपग्रेड करने पर 3.74 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। ये पहल पूरे शहर में बिजली आपूर्ति में सुधार कर रही हैं और आसपास के लगभग नौ गांवों को लाभ पहुंचा रही हैं। साथ ही 1 करोड़ रुपए की लागत से डगरू में एक नया सब-डिवीजन कार्यालय तैयार किया जा रहा है।

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