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पंजाब में ‘काम की राजनीति’ के 4 साल, CM मान बोले- हमने गारंटियां पूरी कीं, अब राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य
आम आदमी पार्टी की सरकार के चार वर्ष पूरे होने के मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत की. उन्होंने गर्व से कहा कि उनकी सरकार ने ‘काम की राजनीति’ को प्राथमिकता देते हुए पंजाब की जनता को दी गई लगभग सभी गारंटियां पूरी कर दी हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2022 में शहीद-ए-आजम भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां में जो शपथ ली गई थी, उसे उनकी सरकार पूरी निष्ठा से निभा रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों ने कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा को ठुकराकर जो भरोसा उन पर जताया था, उसे उन्होंने टूटने नहीं दिया है.
शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़ी क्रांति
मान सरकार ने पिछले चार सालों में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार का दावा किया है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, पंजाब के सरकारी स्कूल अब देश में पहले स्थान पर हैं. 9,000 स्मार्ट क्लासरूम और 5,000 कंप्यूटर लैब के जरिए पढ़ाई को डिजिटल बनाया गया है. वहीं स्वास्थ्य के क्षेत्र में 881 ‘आम आदमी क्लीनिक’ खोले जा चुके हैं, जहां 5 करोड़ से अधिक लोग इलाज करा चुके हैं. सीएम मान ने घोषणा की कि ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत अब राज्य के हर परिवार को 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा. इसके अलावा, पंजाब में 7 नए मेडिकल कॉलेज भी बनाए जा रहे हैं.
रोजगार और औद्योगिक निवेश
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार सालों में सिर्फ योग्यता के आधार पर 65,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं. इसके साथ ही औद्योगिक निवेश के जरिए 5.5 लाख रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं. राज्य में अब तक 1.55 लाख करोड़ रुपए का रिकॉर्ड निवेश आया है. उन्होंने विशेष रूप से जिक्र किया कि टाटा स्टील 20 मार्च से पंजाब में अपना काम शुरू करेगी, जो जमशेदपुर के बाहर कंपनी का सबसे बड़ा निवेश होगा. युवाओं को कौशल सिखाने के लिए कॉलेजों में विशेष उद्यमिता प्रोग्राम भी चलाए जा रहे हैं.
किसानों और महिलाओं के लिए सौगातें
किसानों के हित में बात करते हुए सीएम ने कहा कि अब 78 प्रतिशत खेतों तक नहरी पानी पहुंच रहा है, जबकि पहले यह केवल 26 प्रतिशत था. पंजाब में गन्ने का भाव 416 रुपए प्रति क्विंटल है, जो देश में सबसे अधिक है. महिलाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’ के तहत हर महीने 1,000 रुपए और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपए देने का वादा पूरा किया गया है. सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा भी जारी है, जिसका लाभ करोड़ों महिलाएं उठा रही हैं.
नशा और अपराध के खिलाफ जंग
नशे के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत 92,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 760 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है. कानून व्यवस्था को लेकर उन्होंने बताया कि ‘गैंगस्टरों पर वार’ अभियान के तहत 14,000 से अधिक अपराधी पकड़े गए हैं. सड़क हादसों को रोकने के लिए बनाई गई ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ (SSF) की वजह से मौत दर में 50 प्रतिशत की कमी आई है, जिससे लगभग 47,000 लोगों की जानें बचाई जा सकी हैं.
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Kuldeep Dhaliwal का सुखबीर बादल पर तीखा हमला, कहा- गैंगस्टरों को भगाने की बात करने वाले खुद ‘गैंगस्टरों को लाओ कैंपेन’ चला रहे हैं
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर तीखा हमला करते हुए कहा कि तरनतारन से कंचनप्रीत कौर को चुनाव क्षेत्र इंचार्ज लगाकर बादल ने इसे स्पष्ट कर दिया है कि वह 2027 में पंजाब के अंदर किस तरह के माडल लाना चाहते हैं। उनहोंने कहा कि जिस तरह भाजपा गुजरात मॉडल की बात करती है या हरियाणा सरकार हरियाणा मॉडल की बात करती है, उसी तरह सुखबीर बादल अब पंजाब में अपना ‘सुखबीर मॉडल’ पेश कर रहे हैं, जिससे सिर्फ आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को बढ़ावा मिलेगा।
मंगलवार को पार्टी दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए धालीवाल ने कहा कि अगर सुखबीर सिंह बादल अपने ‘गैंगस्टर्स लाओ’ मुहिम के तहत ऐसा मॉडल पेश करना चाहते हैं, तो उन्हें अभी सभी 117 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर देनी चाहिए, ताकि लोगों को उनकी असली सोच का पता चल सके। उन्होंने कहा कि सुखबीर बादल को अब अबोहर से जगदीश भोले जैसे लोगों को भी टिकट देने की घोषणा कर देनी चाहिए। उन्होंने सुखबीर बादल से सवाल करते हुए पूछा कि वह डेरा बाबा नानक से पहले जैसे लोगों के नामों की घोषणा करने में देरी क्यों कर रहे हैं?
उन्होंने कहा कि अगर अकाली दल पंजाब के जख्मों पर नमक छिड़कना चाहता है, तो सुखबीर बादल बरगाड़ी, बहबल कलां और कोटकपूरा में निहत्थे सिखों पर गोलियां चलाने वाले सुमेध सैनी और उमरानंगल जैसे विवादित अधिकारियों को भी मैदान में उतारने का ऐलान करें। धालीवाल ने कहा कि सुखबीर बादल को अब गुरमीत राम रहीम से भी सूचि मंगवा लेनी चाहिए ताकि उनके ‘गैंगस्टर और क्रिमिनल’ मॉडल की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सके।
धालीवाल ने सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए कहा कि वे उन ‘कमाऊ बेटों’ को टिकट दें, जिन्होंने दरबार साहिब की लंगर की सूखी रोटियों के घोटाले करके बादलों के घर पैसे भेजे हैं। उन्होंने कहा कि सुखबीर जी, उन लोगों को भी टिकट दें जिन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 स्वरूप चुराए और अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट कोहली को भी मैदान में उतारें जो आपके पैसों का हिसाब रखता है। उन पुराने जत्थेदारों को भी टिकट दो जिन्होंने तुम्हारे कहने पर राम रहीम को माफी दी थी, ताकि पंजाब के लोगों को पता चले कि तुम्हारी टोली में किस तरह के लोग शामिल हैं।
आप विधायक पर गुरु घरों की ज़मीन हड़पने का आरोप लगाते हुए कि सुखबीर बादल उन चेलों को भी टिकट दें, जिन्होंने पंजाब में गुरु घरों की ज़मीनें हड़पीं या बेची हैं। उन्होंने कहा कि अंब साहिब और आनंदपुर साहिब की ज़मीनें बेचकर बादलों तक पैसा पहुंचाने वाले मैनेजरों को भी उम्मीदवार बनाया जाए।
धालीवाल ने कहा कि सुखबीर बादल एक तरफ गैंगस्टरों को भगाने की बात करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ उन्होंने खुद ‘गैंगस्टर लाओ’ मुहिम शुरू की हुई है।
धालीवाल ने आगे कहा कि सुखबीर को एसजीपीसी और गुरु रामदास अस्पताल में लूट-खसोट करने वाले डॉक्टरों और नेताओं को टिकट देकर अपना मन खुश कर लेना चाहिए, क्योंकि पंजाब के लोग अब उन्हें वोट नहीं देंगे।
उन्होंने कहा कि अकाली दल के असली वर्कर पार्टी छोड़कर भाग गए हैं और अब सुखबीर के पास सिर्फ़ पैसे वसूलने वालों की फ़ौज रह गई है। धालीवाल ने तंज करते हुए कहा कि सुखबीर बादल के सत्ता में आने के सपने कभी पूरे नहीं होंगे, लेकिन 117 उम्मीदवारों की घोषणा से उनकी असलियत और उनके ‘जोड़ीदारों’ का चेहरा पूरे पंजाब के सामने नंगा हो जाएगा।
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पंजाब में माइनिंग और एजुकेशन में बड़े रिफॉर्म, विधानसभा में ‘क्रशर संशोधन’ और ‘Guru Teg Bahadur University’ बिल पास
पंजाब विधानसभा ने सोमवार को बजट सत्र के आखिरी दिन पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट्स एंड स्टाकिस्ट एंड रिटेलर्स (संशोधन) बिल, 2026 और श्री आनंदपुर साहिब में बनने वाले श्री गुरु तेग बहादुर वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी पंजाब 2026 बिल पास हुए।
पंजाब रेगुलेशन आफ क्रशर यूनिट्स एंड स्टाकिस्ट एंड रिटेलर्स (संशोधन) 2026 को जल संसाधन एवं खनन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल द्वारा पेश किया गया, जबकि दूसरा बिल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा पेश किया गया। इन दोनों बिलों को सदन ने सर्वसम्मति से पारित हुआ। खनन मंत्री बरिंदर गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार ने क्रशर इकाइयों और उससे जुड़े व्यवसायों के नियमन को सुव्यवस्थित करने की दिशा में कदम उठाया है।
यह विधेयक, एक पिछले अध्यादेश की जगह लेगा और इस क्षेत्र में अधिक स्पष्टता, जवाबदेही और पर्यावरणीय निगरानी के उद्देश्य को पूरा करने में मदद करेगा। मंत्री ने बताया कि बिल का उद्देश्य अवैध खनन पर अंकुश लगाना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। यह अधिनियम जिला खनन अधिकारियों को दस्तावेजों और बिना हिसाब वाले माल को जब्त करने का अधिकार भी देता है।
यदि जुर्माना अदा नहीं किया जाता है तो ऐसे माल की नीलामी करने के प्राविधान भी इसमें शामिल हैं। वहीं, बाजवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने रेत खनन से 20,000 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का वादा किया था। इस पर मंत्री गोयल ने कहा कि फाजिल्का वाले क्षेत्र में पोटाश मिला है।
अगर केंद्र सरकार समय पर खनन करती तो रायल्टी के रूप में 20,000 करोड़ से ज्यादा राजस्व आता। बाजवा ने कहा कि मिनिरल्स की तो बात नहीं कहीं थी। राजस्व तो रेत से जुटाना था।
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पंजाब बजट 2026-27 में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ को 2,000 करोड़ का आवंटन
भगवंत मान सरकार ने सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए पंजाब बजट 2026-27 में ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के लिए ₹2,000 करोड़ का आवंटन किया है। यह आवंटन पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही राज्य की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा पहलों में से एक को और सुदृढ़ करता है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों के कारण आवश्यक उपचार में देरी न करनी पड़े।
मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से मिले हैं, जो एक स्वास्थ्य सुरक्षा कार्यक्रम है
कई परिवारों के लिए, किसी चिकित्सा आपात स्थिति की शुरुआत अक्सर दो महत्वपूर्ण सवालों से होती है, इलाज कितनी जल्दी शुरू हो सकता है और उसके खर्च का प्रबंधन कैसे किया जाएगा। पिछले कुछ महीनों में पंजाब भर के परिवारों को इन सवालों के जवाब मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से मिले हैं, जो एक स्वास्थ्य सुरक्षा कार्यक्रम है और जिसने पूरे पंजाब में अपनी पहुंच लगातार बढ़ाई है।
इसी प्रगति को आगे बढ़ाते हुए, पंजाब सरकार ने 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया है, ताकि इसकी पहुंच और अधिक बढ़ाई जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि पंजाब के परिवारों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में ₹10 लाख तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार मिलता रहे।
आर्थिक झटकों से सुरक्षा प्रदान की जा रही है
यह कार्यक्रम अब पंजाब के लगभग 65 लाख परिवारों को कवर करता है, जिससे करीब ३ करोड़ निवासियों को लाभ मिल रहा है और गंभीर बीमारियों के साथ आने वाले आर्थिक झटकों से सुरक्षा प्रदान की जा रही है। योजना की बढ़ती पहुंच पंजाब भर में तेजी से बढ़ते पंजीकरण और स्वास्थ्य सेवा साझेदारियों के विस्तार में भी दिखाई देती है।
अब तक 9 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से लाभार्थी 820 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत 2300 से अधिक उपचार पैकेज उपलब्ध हैं, जो विभिन्न प्रकार की चिकित्सीय प्रक्रियाओं को कवर करते हैं।
बजट में इस बढ़े हुए आवंटन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा,
“बीमारी के समय परिवारों को इलाज कराने से पहले पैसों के बारे में नहीं सोचना चाहिए। हमारा उद्देश्य सरल है: पंजाब के हर घर को यह भरोसा होना चाहिए कि जरूरत के समय गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हजारों ऐसे परिवार, जो पहले चिकित्सा खर्चों के कारण परेशान होते थे, अब बिना आर्थिक तनाव के उपचार प्राप्त कर पा रहे हैं।”
गंभीर चिकित्सा स्थितियों का उपचार बिना अग्रिम भुगतान किए प्राप्त कर सकते हैं
इस योजना के तहत लाभार्थी हृदय रोग, कैंसर, किडनी संबंधी बीमारियों, ऑर्थोपेडिक उपचार और दुर्घटना से जुड़ी चोटों सहित कई गंभीर चिकित्सा स्थितियों का उपचार बिना अग्रिम भुगतान किए प्राप्त कर सकते हैं। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि उपचार से जुड़े निर्णय परिवार की आर्थिक क्षमता के बजाय चिकित्सा आवश्यकता के आधार पर लिए जाएं।
पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं को भी हाल के वर्षों में मजबूत किया गया है। राज्य में 1500 से अधिक डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है, जिनमें 600 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर और 900 से अधिक सामान्य चिकित्सक शामिल हैं। यह संख्या पंजाब में वर्तमान में सेवा दे रहे डॉक्टरों का लगभग 35 प्रतिशत है।
पंजाब सरकार पात्र नागरिकों को प्रोत्साहित कर रही है कि वे अपने नजदीकी सेवा केंद्रों और कॉमन सर्विस सेंटर्स में जाकर सेहत कार्ड के लिए पंजीकरण करवाएं, ताकि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस उपचार का लाभ प्राप्त किया जा सके। जागरूकता और पंजीकरण बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित युवा क्लब सदस्य पहले से ही घर-घर जाकर अभियान चला रहे हैं, जिससे लोगों को पंजीकरण कराने और अपना सेहत कार्ड बनवाने में सहायता मिल रही है।
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