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CM भगवंत मान ने की हलवारा एयरपोर्ट का नाम बदलने की मांग, PM मोदी से की ये अपील

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हलवारा एयरपोर्ट का नाम बदलने की मांग रखी है. सीएम मान ने प्रधानमंत्री से हलवारा एयरपोर्ट का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने की मांग की है. लुधियाना में हलवारा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग के उद्घाटन समारोह के अवसर पर उन्होंने ये मांग की. पीएम मोदी ने रविवार (01 फरवरी) को लुधियाना के हलवारा एयरपोर्ट पर टर्मिनल बिल्डिंग का वर्चुअली उद्घाटन किया.

संत गुरु रविदास की 649वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पंजाब के आदमपुर एयरपोर्ट का नया नाम श्री गुरु रविदास महाराजजी एयरपोर्ट रखा है. संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश होने के कुछ ही घंटे के बाद प्रधानमंत्री आदमपुर पहुंचे थे. 

हलवारा एयरपोर्ट पर टर्मिनल बिल्डिंग पंजाब के लिए नया गेटवे

पंजाब में एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर को और आगे बढ़ाते हुए हलवारा एयरपोर्ट पर टर्मिनल बिल्डिंग ने राज्य के लिए एक नया गेटवे बनाया है, जो लुधियाना और उसके आसपास के औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करता है. लुधियाना में पहले के एयरपोर्ट का रनवे अपेक्षाकृत छोटा था, जो छोटे विमानों के लिए उपयुक्त था.

कनेक्टिविटी में सुधार को लेकर ठोस पहल

कनेक्टिविटी में सुधार करने और बड़े विमानों को जगह देने के लिए हलवारा में एक नया सिविल एन्क्लेव विकसित किया गया है, जिसमें एक लंबा रनवे है जो ए320-प्रकार के विमानों को संभालने में सक्षम है. प्रधानमंत्री के स्थायी और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार विकास के विजन के अनुरूप टर्मिनल में कई ग्रीन और ऊर्जा-कुशल विशेषताएं शामिल हैं, जिनमें एलईडी लाइटिंग, इंसुलेटेड छत, वर्षा जल संचयन प्रणाली, सीवेज और जल उपचार संयंत्र, और लैंडस्केपिंग के लिए रीसायकल पानी का इस्तेमाल शामिल है.

वास्तुशिल्प डिजाइन पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है, जो यात्रियों को एक विशिष्ट और क्षेत्रीय रूप से प्रेरित यात्रा अनुभव प्रदान करता है. प्रधानमंत्री मोदी रविदास जयंती के अवसर पर डेरा सचखंड बल्लां जाएंगे, जो रविदासिया समुदाय का एक प्रमुख संप्रदाय है जिसका राज्य के दोआबा क्षेत्र में काफी प्रभाव है, जिसमें जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर और कपूरथला जिले शामिल हैं.

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CM Bhagwant Mann के प्रयासों से नई ऊंचाई छू रहा पंजाब का उद्योग जगत! निवेश की भरमार से खुल रहे अवसरों के द्वार

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CM Bhagwant Mann: पंजाब में विकास को तगड़ी रफ्तार मिल रही है। आलम ये है कि सूबे में निवेश की भरमार है। विदेशी से लेकर स्थानीय उद्योगपति तक पंजाब में निवेश की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। ये सब कुछ संभव हो सका है कि सीएम भगवंत मान के कुशल नेतृत्व के कारण। सीएम भगवंत मान खुद एक-एक पहलुओं की समीक्षा कर सूबे में निवेश को नई गति दे रहे हैं। इसी क्रम में मोहाली में 13 मार्च से इन्वेस्ट समिट का आयोजन होना है। पंजाब में निवेश को मिल रही ये रफ्तार जहां एक ओर संभावनाओं के द्वार खोल रही हैं। वहीं दूसरी ओर सूबे की अर्थव्यवस्था भी नई ऊंचाइयों को छू रही है।

पंजाब में निवेश की भरमार से खुल रहे अवसरों के द्वार!

सूबे में निवेश की अपार भरमार है। स्थानीय से लेकर बाहरी उद्योगपति तक पंजाब में अनुकूल माहौल देखते हुए निवेश कर रहे हैं। इससे औद्योगिक जगत नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसके साथ ही युवाओं के लिए अवसरों के द्वार भी खुल रहे हैं। जहां एक ओर निवेश राज्य की दशा-दिशा बदल रही है। वहीं दूसरी ओर औद्योगिक विकास की ऊंचाइयां युवाओं के लिए अवसरों के द्वार खोल रही हैं। पंजाब के युवा अपनी काबीलियत के बल पर ही पंजाब के अंदर अवसर पाकर राज्य के विकास को गति देने का काम कर रहे हैं।

सीएम मान के कुशल नेतृत्व का असर!

राज्य अगर आज निवेश से लेकर हर मोर्चे पर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, तो ये सीएम भगवंत मान के कुशल नेतृत्व का असर हैं। अपनी कुशल नीतियों से मुख्यमंत्री ने राज्य में ऐसा माहौल बनाया है कि उद्योगकर्मी इसे अनुकूल नजरिए से देख रहे हैं। आलम ये है कि विदेशी फर्म भी पंजाब में निवेश को लेकर इच्छुक हैं। आसार जताए जा रहे हैं कि मार्च में होने वाले इन्वेस्ट समिट पंजाब के लिए ऐतिहासिक होगा और इस दौरान लोगों की लॉटरी लग सकती है। इस समिट के माध्यम से पंजाब में निवेश की भरमार आएगी जो स्थानीय लोगों के लिए संभावनाओं के द्वार खोलेगी।

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Punjab हर जिले में 10 और 11 फरवरी को लगेंगे विशेष शिविर, निपटाई जाएंगी व्यापारियों की शिकायतें

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पंजाब में व्यापारियों से जुड़ी स्थानीय शिकायतों व अन्य मसलों का हल विशेष शिविरों के माध्यम से होगा। ये शिविर हर जिले में 10 व 11 फरवरी को लगाए जाएंगे। जिला व्यापार समितियों के अध्यक्ष इन शिविरों में उपस्थित रहेंगे और व्यापारियों की समस्याओं को सुनेंगे। जिन समस्याओं का समाधान मौके पर हो सकता है, उन्हें वहीं निपटाया जाएगा।

यह निर्णय पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को पंजाब भवन में पंजाब राज्य व्यापारी आयोग (पीएसटीसी) की एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया। बैठक का मकसद व्यापारी समुदाय के साथ संबंधों को और मजबूत करने, शिकायत निवारण व्यवस्था को बेहतर बनाने व जिला स्तर पर तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित था।

इस दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जिला व्यापार समिति के अध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापारियों से सक्रिय रूप से जुड़ें और जमीनी स्तर के मुद्दों पर फीडबैक लें। मंत्री ने कहा, विशेष शिविरों के दौरान जिला स्तर पर हल हो सकने वाले मुद्दों को व्यवस्थित रूप से दस्तावेजी रूप में दर्ज किया जाए और शीघ्र समाधान के लिए पंजाब राज्य व्यापारी आयोग को भेजा जाए।
चीमा ने कहा कि हमारा उद्देश्य एक मजबूत तीन स्तरीय व्यवस्था स्थापित करना है जो व्यापारी समुदाय को सीधे प्रशासन से जोड़ती है, ताकि पंजाब के प्रत्येक व्यापारी को समय पर सहायता मिल सके और उनकी चिंताओं का पता लगाकर उनका समाधान किया जा सके।

बैठक में पीएसटीसी के उप चेयरमैन अनिल ठाकुर, वित्तीय आयुक्त कराधान अजीत बालाजी जोशी और कराधान आयुक्त जतिंदर जोरवाल शामिल हुए। इस विचार-विमर्श के दौरान व्यापार समितियों के तकनीकी सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। वित्तीय आयुक्त कराधान अजीत बालाजी जोशी और कराधान आयुक्त जतिंदर जोरवाल ने जीएसटी फाइलिंग से संबंधित प्रमुख तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी, जिसका उद्देश्य जिला समिति सदस्यों को नियामक आवश्यकताओं का पालन करने में व्यापारियों की सहायता के लिए आवश्यक जानकारी से लैस करना है।

इस पहल के पीछे व्यापक दृष्टिकोण को दोहराते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह तीन-स्तरीय व्यवस्था पंजाब में व्यापार के लिए एक सुगम और जवाबदेह वातावरण सृजित करने के लिए तैयार की गई है। उन्होंने कहा, इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य हर व्यापारी की मुश्किल सुनना और उस पर समय पर कार्रवाई करना सुनिश्चित बनाना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार जिला-स्तरीय पहुंच और राज्य स्तर पर मजबूत नीति के माध्यम से एक पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल माहौल सृजित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

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Punjab News: भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने श्री गुरु रविदास जी महाराज के 649वें प्रकाश पर्व पर वर्षभर चलने वाले राज्य स्तरीय समारोहों की शुरुआत की, 2027 में ऐतिहासिक 650वें प्रकाश पर्व की तैयारियों का हुआ आगाज़

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Punjab News: श्री गुरु रविदास महाराज जी के 649वें पावन प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में आज श्री खुरालगढ़ साहिब में प्रदेश स्तरीय समागम का शुभारंभ पूर्ण धार्मिक मर्यादा एवं उत्साह के साथ श्री अखंड साहिब जी के पाठ के आरंभ के साथ किया गया। यह भव्य समागम 6 फरवरी तक चलेगा तथा इसी दिन श्री अखंड साहिब जी के भोग डाले जाएंगे। समागम के अंतिम दिन मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान गुरु चरणों में हाजिरी लगाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं भाईचारे की कामना करेंगे।

संत समाज भी विशेष तौर पर मौजूद रहे

इस अवसर पर तप स्थान श्री खुरालगढ़ साहिब से संत केवल सिंह, प्रधान श्री गुरु साधु संप्रदाय सोसायटी पंजाब संत निर्मल दास जी जौड़े वाले, राष्ट्रीय अध्यक्ष आदि धर्म मिशन संत सतविंदर हीरा, संत दयाल नाथ समुंदड़ा, संत जगीर सिंह नंदाचौर, धाम चानण पुरी सहौड़ा से संत धर्मपाल, तग्गड़ बराड़ा से बलकार सिंह, शेरपुर ढक्कों से संत रमेश दास, गांव चेता से संत मनप्रीत दास, ढिंगरियाँ से संत बलवंत सिंह, पंडोरी लध्धां से सतनाम सिंह, बसी मरुफ़ से संत कुलदीप सिंह के अलावा अन्य संत समाज भी विशेष तौर पर मौजूद रहे।

आज कैबिनेट मंत्रीओं हरपाल सिंह चीमा, तरुनप्रीत सिंह सौंद, हरजोत सिंह बैंस, डॉ. रवजोत सिंह और लाल चंद कटारुचक्क के अलावा डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण रौड़ी, चेयरमैन एससी कमिशन जसवीर गढ़ी, विधायक डॉ. ईशांक कुमार, संस्कृति व पर्यटन विभाग के सलाहकार दीपक बाली व अन्य शख्सियतों ने गुरु चरणों में शीश नवाया।

गुरु चरणों में शीश नवाने उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए वित्त मंत्री पंजाब हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि वर्ष 2027 में श्री गुरु रविदास महाराज जी का 650वां प्रकाश पर्व ऐतिहासिक और भव्य स्तर पर मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने 649वें प्रकाश पर्व के अवसर पर 4 फरवरी से पूरे वर्ष चलने वाले समागमों की श्रृंखला आरंभ की है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी की महान शिक्षाएं सामाजिक समरसता, समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश देती हैं, जिन्हें जन-जन तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को गुरु जी के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं से परिचित करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गुरु महाराज जी की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है तथा इसके लिए विशेष कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं।

श्री गुरु रविदास जी महाराज का जीवन और उनकी शिक्षाएं समाज को समानता, भाईचारे, प्रेम और मानव कल्याण का संदेश देती हैं

डिप्टी स्पीकर पंजाब विधानसभा जय कृष्ण सिंह रौड़ी ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब का ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व अत्यंत विशाल है और यहां आयोजित समागम सामाजिक एकता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी महाराज का जीवन और उनकी शिक्षाएं समाज को समानता, भाईचारे, प्रेम और मानव कल्याण का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि खुरालगढ़ साहिब में आयोजित होने वाला यह प्रदेश स्तरीय समागम सामाजिक समरसता को और मजबूत करने का सशक्त माध्यम बनेगा।

कैबिनेट मंत्री तरूणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब न केवल पंजाब बल्कि समूचे देश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का महान केंद्र है। गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाएं समाज में समानता, प्रेम और सेवा की भावना को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने कहा कि इस पावन अवसर पर संगत की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में गुरु जी के 650वें प्रकाश पर्व को लेकर पंजाब सरकार पूरा साल समागमों की श्रृंखला चला रही है।

कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि गुरु रविदास महाराज जी का जीवन संघर्ष, तपस्या और मानव कल्याण का प्रतीक है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी ने समाज को जाति, भेदभाव और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने का संदेश दिया। उनके विचार आज के समय में और भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने संगत से गुरु जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा कि पंजाब सरकार गुरु रविदास जी की शिक्षाओं के अनुरूप समाज में समरसता, भाईचारे और समान अवसरों को बढ़ावा देने के लिए संकल्पबद्ध है।

इस अवसर पर चेयरमैन पंजाब एससी कमीशन डॉ. जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाएं सामाजिक न्याय, समानता और मानव कल्याण की सशक्त प्रेरणा हैं। गुरु जी ने अपने जीवन और वाणी के माध्यम से समाज में व्याप्त भेदभाव, ऊंच-नीच और असमानता को समाप्त करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम सब गुरु रविदास जी के विचारों को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा अनुसूचित वर्गों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान हेतु विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं। ऐसे समागम समाज में एकता, भाईचारे और सद्भाव को सुदृढ़ करते हैं।

गुरु जी के विचारों को अपनाकर ही एक समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है

विधायक चब्बेवाल डॉ. ईशांक कुमार चब्बेवाल ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब की पावन धरती पर आयोजित यह प्रदेश स्तरीय समागम संगत के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है। गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाएं हमें सत्य, करुणा, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि गुरु जी के विचारों को अपनाकर ही एक समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है। इस प्रकार के आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है, जो समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।

इस मौक़े पर अध्यक्ष एससी विंग पंजाब गुरप्रीत सिंह जी.पी., डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन, पर्यटन विभाग के डायरेक्टर संजीव तिवाड़ी, एसएसपी संदीप कुमार मलिक, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) निकास कुमार, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (सामान्य) अमरबीर कौर भुल्लर, नगर निगम कमिश्नर ज्योति बाला, एसडीएम मुकेरियां ओएशी मंडल, एसडीएम गढ़शंकर संजीव कुमार, एसडीएम दसूहा कंवलजीत सिंह, एसडीएम टांडा लवप्रीत सिंह, सहायक कमिश्नर परमप्रीत सिंह के अलावा अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने गुरु महाराज जी के चरणों में शीश नवाकर प्रदेश की शांति, खुशहाली और तरक्की की कामना की।

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