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7 राज्यों की 8 Assembly Seats पर By-Elections: कहां कौन आगे, किसकी जीत पक्की—पूरी जानकारी

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देश के 7 राज्यों की 8 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों की गिनती जारी है। कई जगह रुझान साफ हो चुके हैं, जबकि कुछ सीटों पर अभी कांटे की टक्कर चल रही है। यहां आपको हर सीट का अपडेट बेहद आसान भाषा में मिल जाएगा—जैसे टीवी पर लाइव रिपोर्ट बताया जाता है, वैसे ही।

राजस्थान की अंता सीट कांग्रेस आगे, बीजेपी तीसरे नंबर पर

राजस्थान के बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर कांग्रेस मज़बूत वापस दिखाई दे रही है।

  • कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया आगे चल रहे हैं।
  • निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं, लेकिन अभी दूसरे नंबर पर हैं।
  • बीजेपी के मोरपाल सुमन पूरे समय तीसरे नंबर पर ही नज़र आए हैं।

अब तक 9 राउंड की गिनती में कांग्रेस की लीड लगभग 6839 वोट पहुंच गई है।
कुल 20 राउंड की काउंटिंग होनी है। लगभग 68 हजार वोट गिने जा चुके हैं।

इस सीट पर 80.1% वोटिंग हुई थी, जो काफी ज्यादा मानी जाती है।

पंजाब तरनतारन सीट पर AAP आगे

तरनतारन में मुकाबला कई पार्टियों के बीच था, लेकिन AAP ने बढ़त बना ली है

8 राउंड बाद स्थिति कुछ ऐसी:

  • AAP: 20,454 वोट
  • अकाली दल: 16,786 वोट
  • अकाली दल वारिस पंजाब दे (अमृतपाल वाला धड़ा): 9,162 वोट
  • कांग्रेस: 8,760 वोट
  • BJP: 2,302 वोट

इस सीट पर उपचुनाव आप विधायक कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद कराया गया।

करीब 60.95% वोटिंग हुई थी।

मिजोरम डम्पा सीट (नतीजा आ चुका है)

यहां MNF ने चुनाव जीत लिया है

  • Dr. R. Lalthangliana (MNF)6,981 वोट
  • जीत का अंतर → 562 वोट

मिजोरम में डम्पा सीट पर 75.92% वोटिंग हुई थी।

जम्मू-कश्मीर

नागरोटा सीट – BJP आगे

पहले राउंड में BJP उम्मीदवार देवयानी राणा 1,111 वोट से आगे रहीं।

यह सीट काफी हॉट थी क्योंकि यहां 74.63% वोटिंग हुई थी।

बडगाम सीट – NC बनाम PDP

यह सीट उमर अब्दुल्ला के दो सीटों से जीतने के बाद खाली हुई थी।
यहां नेशनल कॉन्फ्रेंस और PDP के बीच टक्कर है।
बडगाम में वोटिंग 49.92% हुई, जो बाकी सीटों से कम है।

झारखंड घाटशिला सीट

यहां बड़ा उलटफेर देखने को मिला है।

  • पूर्व सीएम चंपई सोरेन के बेटे और भाजपा उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन पिछड़ गए हैं

काउंटिंग 20 राउंड में होनी है।
यह सीट पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के कारण खाली हुई थी।
यहां 73.88% वोटिंग हुई थी।

तेलंगाना जुबली हिल्स सीट

यहां मुकाबला तीन पार्टियों के बीच था—कांग्रेस, BJP और BRS।

  • कांग्रेस उम्मीदवार नवीन यादव वी. आगे चल रहे हैं।
  • BRS की सुनीता गोपीनाथ तकरीबन 3,000 वोटों से पीछे।
  • BJP तीसरे नंबर पर।

यहां वोटिंग 47.16% हुई थी।

ओडिशा नुआपाड़ा सीट

  • यहां भाजपा के जय ढोलकिया आगे हैं।
  • मुकाबला BJP बनाम कांग्रेस बनाम BJD।

यहां 75.37% वोटिंग हुई।

अब तक के उपचुनावों का कुल निचोड़

  • MNF ने मिजोरम की डम्पा सीट जीत ली।
  • राजस्थान की अंता सीट पर कांग्रेस की मजबूत बढ़त।
  • पंजाब की तरनतारन सीट पर AAP आगे।
  • तेलंगाना की जुबली हिल्स सीट पर कांग्रेस आगे।
  • जम्मू-कश्मीर की नागरोटा सीट पर BJP आगे।
  • झारखंड के घाटशिला में BJP उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन पीछे।
  • ओडिशा में नुआपाड़ा पर BJP की बढ़त।
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पंजाब को मिला International Hockey Tournament आयोजित करने का मौका, CM भगवंत मान बोले – “पहली बार राज्य को मिला इतना बड़ा अवसर”

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पंजाब के लिए खेल जगत से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पहली बार राज्य को अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब पुरुष एशियन चैंपियनशिप हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा, जिसमें एशिया की शीर्ष छह टीमें हिस्सा लेंगी। उन्होंने इसे पंजाब के लिए गर्व और खुशी का क्षण बताते हुए कहा कि इससे राज्य को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।

उन्होंने जानकारी दी कि टूर्नामेंट के मुकाबले 26-27 अक्टूबर से शुरू होंगे और सभी मैच मोहाली और जालंधर में आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि भारतीय टीम भी इस प्रतियोगिता में भाग लेगी, जिससे दर्शकों का उत्साह और बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इससे पहले 1997 में जालंधर में भारत और पाकिस्तान के बीच एक टेस्ट मैच खेला गया था, लेकिन इतने बड़े स्तर का अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट पहली बार पंजाब में आयोजित किया जा रहा है।

इसके अलावा, पंजाब को 44 साल बाद बैडमिंटन अंडर-13 राष्ट्रीय चैंपियनशिप की मेजबानी भी मिली है। इस प्रतियोगिता के सभी मुकाबले जालंधर में आयोजित होंगे, जो राज्य के खेल बुनियादी ढांचे और खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और आने वाले समय में पंजाब को खेलों का हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

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राजनेताओं ने अपने नेताओं के नाम पर भव्य स्मारक बनाए, लेकिन शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को नजरअंदाज किया: CM भगवंत मान

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शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह दिन देश के लिए दी गई उनकी महान कुर्बानी को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि शहीदों के आदर्शों पर चलकर ही एक मजबूत और खुशहाल पंजाब का निर्माण किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं, बल्कि उनके विचारों और अन्याय के खिलाफ संघर्ष की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने शहीदों को भारत रत्न न दिए जाने पर भी सवाल उठाया और कहा कि अगर देश की बागडोर आजादी के शुरुआती वर्षों में ऐसे नौजवानों के हाथ में होती, तो भारत की तस्वीर अलग होती।

उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत हमें अन्याय और अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा देती है। समाज से बुराइयों को खत्म करना हर नागरिक का कर्तव्य है।

शिक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी और सामाजिक बुराइयों को खत्म करने का सबसे बड़ा हथियार शिक्षा है। पंजाब सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों ने सत्ता या लाभ के लिए नहीं, बल्कि देश की आजादी के लिए अपनी जान न्यौछावर की। उनकी कुर्बानी के कारण ही आज हमें वोट देने का अधिकार मिला है, इसलिए हर नागरिक को अपने मताधिकार का सही उपयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पंजाब ने देश की आजादी और एकता के लिए सबसे अधिक कुर्बानियां दी हैं। देश की कुल आबादी का केवल 2% होने के बावजूद, आजादी की लड़ाई में 80% शहीद पंजाब से थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शहीदों की विरासत को संभालने और उनके सपनों का पंजाब बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि हुसैनीवाला में 24.99 करोड़ रुपये की लागत से ‘विरासत प्रोजेक्ट’ शुरू किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियां शहीदों के इतिहास और बलिदान से प्रेरणा ले सकेंगी।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के रास्ते पर चलें और देश की सेवा में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वोट की ताकत सबसे बड़ी ताकत है और सही नेतृत्व चुनकर ही देश में असली बदलाव लाया जा सकता है।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शहीद भगत सिंह के सपनों को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी और राज्य को तरक्की और खुशहाली की राह पर आगे बढ़ाती रहेगी।

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नशे के खिलाफ मुहिम में नया कदम: इलाज और रोजगार से युवाओं को मिल रहा दूसरा मौका

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पंजाब में नशों के खिलाफ जारी जंग अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। भगवंत मान सरकार की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम अब केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे पुनर्वास (rehabilitation) और समाज में दोबारा जोड़ने (reintegration) तक बढ़ा दिया गया है। सरकार अब नशा तस्करी के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ प्रभावित लोगों को इलाज, काउंसलिंग और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करवा रही है, ताकि वे एक नई और बेहतर जिंदगी शुरू कर सकें।

इस बदलाव की एक मिसाल जुगराज सिंह (बदला हुआ नाम) है। कॉलेज के दिनों में वह अपने साथियों के प्रभाव में आकर नशे की लत का शिकार हो गया था। शुरुआत में केवल जिज्ञासा के तौर पर शुरू हुई यह आदत जल्द ही उसकी जिंदगी पर हावी हो गई। लेकिन अब सरकारी सहायता और काउंसलिंग के जरिए उसने खुद को संभाला है और अपनी जिंदगी को नई दिशा दी है।

जुगराज सिंह का कहना है कि अब उसका पूरा ध्यान अपनी पढ़ाई पूरी करने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने पर है। उसने बताया कि वह अब पहले से ज्यादा आत्मविश्वासी है और उसे लगता है कि वह एक बेहतर इंसान बन गया है।

सरकार द्वारा चलाए जा रहे पुनर्वास कार्यक्रमों के तहत ऐसे युवाओं को मानसिक समर्थन, इलाज और स्किल डेवलपमेंट की सुविधा दी जा रही है। इससे वे न केवल नशे की लत से बाहर निकल रहे हैं, बल्कि समाज में दोबारा सम्मान के साथ अपनी पहचान भी बना रहे हैं।

पंजाब सरकार का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सख्त कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए प्रभावित लोगों को दूसरा मौका देना भी उतना ही जरूरी है। यही कारण है कि अब इस मुहिम में मानवीय दृष्टिकोण को भी शामिल किया गया है।

इस पहल के जरिए सरकार युवाओं को एक नई शुरुआत का मौका दे रही है, जिससे वे अपने जीवन को सही दिशा में ले जाकर समाज के लिए सकारात्मक योगदान दे सकें।

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