Connect with us

Punjab

मान सरकार का बाकमाल बदलाव: पंजाब में food processing से बढ़ी किसानों की आमदनी, और नए रोज़गार के मौके भी हुए पैदा

Published

on

पंजाब में खेती और खाने-पीने की चीजें बनाने के कारोबार में तेजी से विदेशी कंपनियों का पैसा आ रहा है। पंजाब सरकार ने किसानों की कमाई बढ़ाने और नौजवानों को रोज़गार देने के लिए कई बड़े कदम उठाए है। इन योजनाओं से किसानों की आमदनी बढ़ रही है, फसल की बर्बादी कम हो रही है और गांवों में नए रोजगार के मौके मिल रहे है। पंजाब देश का अनाज का भंडार है और अब यहां खाने की चीज़ें बनाने का काम भी तेज़ी से बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने किसानों की पैदावार का सही दाम दिलाने और खेती को फायदे का धंधा बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की है। सरकार ने फाज़िल्का, कपूरथला और लुधियाना जैसी जगहों पर बड़े-बड़े फूड पार्क बनाए है। इन पार्कों में किसानों की फसल से अचार, जूस, जैम, सब्जियों के पैकेट और दूसरी चीजें बनाई जाती है। इससे किसानों को अपनी फसल का अच्छा दाम मिल रहा है।

मेगा फूड पार्क योजना में पंजाब देश के टॉप तीन राज्यों में शामिल है। लुधियाना के फूड पार्क में होशियारपुर, अमृतसर, अबोहर और तलवंडी साबो में चार छोटे सेंटर भी बनाए गए है। इन जगहों पर फल, सब्जी और दूध जैसी चीजों को ताज़ा रखने की सुविधा है। किसान अपनी फसल यहां लाते है और कंपनियां इन्हें खरीदकर अलग-अलग चीजें बनाती है।

पंजाब सरकार छोटे कारोबारियों को 7,373 यूनिट खोलने के लिए मदद दे रही है। इसके लिए 306 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे है। युवाओं, महिलाओं और किसान समूहों को अपना छोटा कारोबार शुरू करने के लिए सरकार पैसा और ट्रेनिंग दे रही है। नए कारोबार शुरू करने के लिए सरकार 35 फीसदी तक की मदद देती है और अनुसूचित जाति के लोगों को 50 फीसदी मदद मिलती है। इससे गांवों में रोज़गार के नए मौके बन रहे है।

सरकार ने कोल्ड स्टोरेज और गोदाम बनाने पर भी ज़ोर दिया है। अब किसानों की आलू, प्याज़ और दूसरी सब्जियां खराब नहीं होती। पहले किसानों को फसल जल्दी बेचनी पड़ती थी, लेकिन अब वे अपनी फसल कोल्ड स्टोरेज में रखकर अच्छे भाव पर बेच सकते है। इससे बिचौलियों का शोषण कम हुआ है और किसानों को सीधा फायदा मिल रहा है।

पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने केंद्र सरकार से बठिंडा में एक और मेगा फूड पार्क खोलने की मांग की है । इससे मालवा इलाके के किसानों को बड़ा फायदा होगा। सरकार चाहती है कि हर ज़िले में किसानों के लिए सुविधाएं हो। पंजाब सरकार विदेशी कंपनियों को राज्य में निवेश के लिए खास छूट दे रही है। इससे यहां नए कारखाने खुल रहे है और हजारों लोगों को नौकरी मिल रही है।

सरकार ने किसानों को नई तकनीक सिखाने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम भी शुरू किए है। किसान अब जैविक खेती और आधुनिक तरीकों से खेती कर रहे है। स्टार्टअप और युवा उद्यमियों को भी पंजाब सरकार हर तरह की मदद दे रही है। नए आइडिया वाले नौजवानों को लोन और सब्सिडी मिल रही है। पंजाब सरकार ने किसानों की कमाई दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि पंजाब को खेती के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण का बड़ा केंद्र बनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि किसानों की फसल से ज़्यादा से ज़्यादा चीज़ें बने तो उनकी आमदनी बढ़ेगी। आने वाले सालों में पंजाब में और भी नए फूड पार्क, कोल्ड चेन और प्रोसेसिंग यूनिट खोली जाएंगी। सरकार की कोशिश है कि हर किसान का परिवार खुशहाल हो और गांवों में विकास हो। पंजाब सरकार के इन प्रयासों से राज्य में खुशहाली और समृद्धि का नया दौर शुरू हो रहा है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Punjab

ED की कार्रवाई को लेकर पंजाब में सियासी तूफान, AAP ने केंद्र पर उठाए सवाल

Published

on

संजय अरोड़ा के चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई छापेमारी ने पंजाब की राजनीति में एक नया हलचल भरा माहौल पैदा कर दिया है। यह कार्रवाई अब केवल एक आर्थिक जांच तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे पंजाब की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, केंद्र और राज्य सरकार के बीच बढ़ते टकराव और आम आदमी पार्टी पर बन रहे राजनीतिक दबाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईडी की टीमें सुबह तड़के संजय अरोड़ा के चंडीगढ़ स्थित आवास पर पहुंचीं। बताया जा रहा है कि अधिकारी कई वाहनों में वहां पहुंचे और काफी समय तक तलाशी अभियान चलाया गया। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि इससे जुड़ी अन्य जगहों पर भी एक साथ कार्रवाई की गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब संजय अरोड़ा जांच एजेंसियों के घेरे में आए हों। इससे पहले भी उनके कारोबारी और रिहायशी ठिकानों पर छापेमारी हो चुकी है। उस समय जांच का केंद्र कथित विदेशी मुद्रा नियम उल्लंघन और संपत्ति लेन-देन से जुड़े मामले बताए गए थे। अब ताजा कार्रवाई के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि जांच का दायरा बड़ा हो सकता है।

कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में रियल एस्टेट और औद्योगिक जमीनों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। दावा किया जा रहा है कि कुछ औद्योगिक उद्देश्य के लिए दी गई जमीनों का कथित तौर पर अन्य व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल किया गया। हालांकि इन दावों पर अभी तक कोई अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है और जांच जारी बताई जा रही है।

इस मामले से जुड़ी मोहाली और खरड़ की कार्रवाइयों ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में “कैश रेन” वाली घटना को बड़े स्तर पर उभारा गया, जिसमें बताया गया कि एक इमारत से नोटों से भरे बैग नीचे फेंके गए और भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई। ये कार्रवाइयां भी उसी बड़े आर्थिक जांच नेटवर्क का हिस्सा बताई जा रही हैं जिसमें पंजाब के कुछ कारोबारी और राजनीतिक नाम चर्चा में हैं।

दूसरी ओर आम आदमी पार्टी इस पूरे मामले को राजनीतिक नजरिए से देख रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी के अन्य नेता लगातार यह दलील दे रहे हैं कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों की सरकारों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि दिल्ली के बाद अब पंजाब में भी राजनीतिक माहौल प्रभावित करने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस बीच भाजपा द्वारा पंजाब में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाए जाने की बातें भी चर्चा में हैं। पंजाब भाजपा के नेता लगातार कानून-व्यवस्था, प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर आम आदमी पार्टी को घेर रहे हैं। इस कारण यह मामला अब सिर्फ जांच का नहीं, बल्कि पंजाब की आने वाली राजनीतिक दिशा से भी जुड़ता दिखाई दे रहा है।

संजय अरोड़ा को पंजाब सरकार में उद्योग और निवेश से जुड़ा एक अहम चेहरा माना जाता है। उन्हें पंजाब में निवेश लाने और औद्योगिक माहौल बनाने वाले नेता के रूप में प्रोजेक्ट किया जाता रहा है। इसी वजह से उनके खिलाफ हो रही हर कार्रवाई का राजनीतिक असर भी बड़ा माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस मामले को लेकर दो बड़ी धारणाएं सामने आ रही हैं। एक पक्ष मानता है कि अगर ईडी के पास मजबूत दस्तावेजी या वित्तीय आधार हैं तो जांच आगे बढ़ सकती है और अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं। दूसरा पक्ष इसे केंद्र और पंजाब सरकार के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव का हिस्सा मान रहा है।

फिलहाल न तो किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि हुई है और न ही ईडी की ओर से कोई अंतिम आरोप सार्वजनिक तौर पर लगाए गए हैं। संजय अरोड़ा पहले भी कह चुके हैं कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे। इसके बावजूद पंजाब की राजनीति में यह मामला आने वाले दिनों में बड़ी चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह बन गया है कि क्या यह सिर्फ एक वित्तीय जांच है या फिर 2027 की पंजाब राजनीति के लिए बन रहे नए राजनीतिक माहौल का शुरुआती संकेत। क्योंकि जैसे-जैसे केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाइयां बढ़ रही हैं, उसी तरह “केंद्र बनाम पंजाब” वाला राजनीतिक नैरेटिव भी और तेज होता दिखाई दे रहा है।

Continue Reading

Punjab

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आज, सुवेंदु अधिकारी बनेंगे मुख्यमंत्री

Published

on

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक दिन माना जा रहा है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता के प्रसिद्ध ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जा रहा है। भाजपा विधायक दल के नेता सुवेंदु अधिकारी आज पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे, जबकि अग्निमित्रा निशीथ को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा।

कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में होने वाला यह शपथ ग्रहण समारोह भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत 21 भाजपा-एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी कोलकाता पहुंच चुके हैं।

कोलकाता के बीचों-बीच स्थित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता जुटने शुरू हो गए हैं। समारोह में आने वाले लोगों के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं और स्थानीय स्तर पर झलमूड़ी समेत अन्य व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

शपथ ग्रहण समारोह को देखते हुए ब्रिगेड परेड ग्राउंड और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है। वहीं भाजपा विधायक दल के नेता सुवेंदु अधिकारी के आवास के बाहर भी सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

गौरतलब है कि भाजपा नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कोलकाता में घोषणा की थी कि सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री होंगे। भाजपा ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।

Continue Reading

Punjab

Punjab मंत्री के घर ED की रेड, भगवंत मान ने केंद्र पर साधा निशाना

Published

on

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार सुबह पंजाब सरकार के एक मंत्री के चंडीगढ़ स्थित आवास पर छापेमारी की। जानकारी के मुताबिक ED की टीम करीब 20 गाड़ियों के काफिले के साथ मंत्री के घर पहुंची और कई घंटों तक जांच की गई। बताया जा रहा है कि एक महीने के भीतर मंत्री के घर पर ED की यह दूसरी कार्रवाई है।

इस कार्रवाई के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा कि ED पिछले एक साल के दौरान कई बार छापेमारी कर चुकी है, लेकिन अब तक कोई गलत सबूत सामने नहीं आया है।

भगवंत मान ने लिखा,
“आज ED एक बार फिर AAP मंत्री के घर पहुंची है। यह एक साल में तीसरी और एक महीने में दूसरी रेड है। फिर भी उन्हें कुछ नहीं मिला। पंजाब गुरुओं, शहीदों और योद्धाओं की धरती है। औरंगजेब भी पंजाब को झुका नहीं सका। यह भगत सिंह की धरती है, जिसने अंग्रेज हुकूमत के आगे भी सिर नहीं झुकाया। इसलिए पंजाब न पहले कभी झुका है और न ही कभी झुकेगा।”

इससे पहले गुरुवार को भी ED ने मोहाली और चंडीगढ़ में एक साथ करीब 12 स्थानों पर छापेमारी की थी। मोहाली के छज्जू माजरा स्थित वेस्टर्न टावर्स सोसाइटी में आईटी कारोबारी नितिन के अपार्टमेंट पर भी तड़के रेड की गई थी।

सूत्रों के मुताबिक नितिन को मुख्यमंत्री के OSD का करीबी बताया जा रहा है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही साफ कर चुके हैं कि पंजाब सरकार का इन कार्रवाइयों से कोई संबंध नहीं है और वे केंद्रीय एजेंसियों की जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं।

फिलहाल ED की ओर से इस छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक माहौल में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

Continue Reading

Trending