Connect with us

National

आज से 3 राज्यों को नए कोटे के तहत पानी उपलब्ध कराएगा BBMB, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के लिए छोड़ा जाएगा पानी।

Published

on

पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के बीच चल रहे जल विवाद के बीच, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) ने 21 मई से 31 मई तक तीनों राज्यों के लिए पानी छोड़ने की योजना बनाई है। इस निर्णय के तहत, पंजाब को 17,000 क्यूसेक, हरियाणा को 10,300 क्यूसेक और राजस्थान को 12,400 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस फैसले का विरोध करते हुए इसे पंजाब के जल अधिकारों का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि पंजाब पहले ही हरियाणा को 4,000 क्यूसेक पानी मानवीय आधार पर दे रहा है, जबकि राज्य को केवल 3,000 क्यूसेक की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि BBMB ने एकतरफा निर्णय लिया है और पंजाब के हितों की अनदेखी की है। इसके अलावा, पंजाब सरकार ने BBMB के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। पंजाब का कहना है कि BBMB का यह निर्णय राज्य के अधिकारों का उल्लंघन है और इसे लागू नहीं किया जा सकता।

इस विवाद के बीच, पंजाब सरकार ने BBMB के पुनर्गठन और डेम सेफ्टी एक्ट, 2021 की निरस्ति की मांग की है। पंजाब का कहना है कि BBMB में राज्य की पर्याप्त भागीदारी नहीं है, जिससे राज्य के जल अधिकारों की रक्षा करना मुश्किल हो रहा है।

गौरतलब है कि इस पूरे मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक वीडियो जारी कर हरियाणा में पानी की कटौती की जानकारी दी थी, जिस पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बयान दिया था कि भगवंत मान राजनीति कर रहे हैं और हरियाणा की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी केंद्रीय जल शक्ति मंत्री हैं। पाकिस्तान ने बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार को रिहा कर दिया, जो 22 दिन बाद अपने वतन लौट आया। आर पाटिल को पाया गया। हरियाणा सरकार ने धारा 7 के तहत मामला केंद्र को भेजने की मांग की। बीबीएमबी ने केंद्र को पत्र लिखा। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बयान दिया कि पंजाब सरकार अपना धर्म नहीं निभा रही है। सीएम मान ने हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी को पत्र लिखकर कहा कि हरियाणा में पानी कटौती का असर दिल्ली पर भी पड़ेगा। भाखड़ा नहर के पानी पर निर्भर हरियाणा के जिलों में समस्याएँ उत्पन्न हो गईं। शाम को चंडीगढ़ में BBMB की बैठक हुई, जिसमें हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली सरकारों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। BBMB के जल विनियमन निदेशक और सचिव का तबादला। नंगल डैम के नियंत्रण स्टेशन पर पंजाब पुलिस तैनात की गई थी। हालांकि, रोपड़ रेंज के डीआईजी ने कहा कि वह सिर्फ सुरक्षा समीक्षा करने गए थे।

सीएम मान 1 मई को नंगल डैम पहुंचे। सर्वदलीय बैठक और विधानसभा सत्र बुलाने का फैसला किया गया। 2 मई को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दोनों राज्यों से बैठक का अनुरोध किया। पंजाब में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। 3 मई को हरियाणा सरकार ने घोषणा की कि वह सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। 4 मई को हरियाणा में सर्वदलीय बैठक हुई। पंजाब ने BBMB की बैठक का बहिष्कार किया और फिर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित कर 6 प्रस्ताव पारित किए गए। इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई और हरियाणा, केंद्र व BBMB को नोटिस जारी किए गए।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Blog

ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ाई पर सख्त संदेश: जो नेता झिझके, वह ‘आप’ छोड़ दे — मनीष सिसोदिया

Published

on

आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने पार्टी के मंत्रियों और विधायकों को ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का स्पष्ट निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जो भी नेता नशे के खिलाफ इस लड़ाई में झिझकता है, उसे पार्टी में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उसे अरविंद केजरीवाल को शर्मिंदा करने की बजाय खुद ही पार्टी छोड़ देनी चाहिए।

‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत मालवा ज़ोन की बैठक को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने कहा कि ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ाई ‘आप’ की राजनीति का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि वह, भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल इस मकसद से राजनीति में आए हैं कि नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

सिसोदिया ने पार्टी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी मंत्री, विधायक या हल्का इंचार्ज को तब तक चैन से नहीं बैठना चाहिए, जब तक उसके क्षेत्र के किसी भी गांव या वार्ड में नशे की बिक्री जारी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पार्टी से ही क्यों न जुड़ा हो।

उन्होंने ‘आप’ की कार्यशैली का जिक्र करते हुए कहा कि यह पार्टी संघर्ष से निकली है और भ्रष्टाचार के खिलाफ इसकी लड़ाई का मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। अब यही संकल्प पंजाब से नशे को जड़ से खत्म करने में काम आएगा।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने भी कहा कि भगवंत मान सरकार ड्रग्स के खिलाफ जंग को युद्ध स्तर पर लड़ रही है। उन्होंने बताया कि बड़े तस्करों की गिरफ्तारी की जा रही है और उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

सरकार ने साफ संकेत दिया है कि पंजाब में नशे के खिलाफ अब ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जा रही है और इस दिशा में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Continue Reading

Blog

पेट्रोल पंपों पर ‘NO STOCK’ के बोर्ड, लंबी कतारों से मची अफरा-तफरी — अफवाहों पर सरकार की सख्त चेतावनी

Published

on

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान-इज़राइल तनाव को लेकर फैल रही अफवाहों ने भारत के कई राज्यों में अचानक घबराहट का माहौल पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल की कमी की खबरें वायरल होने के बाद कई शहरों में लोगों ने घबराहट में बड़े पैमाने पर ईंधन खरीदना शुरू कर दिया, जिससे पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं।

तेलंगाना, मध्य प्रदेश और गुजरात के कई शहरों में हालात ऐसे बन गए कि पेट्रोल पंपों के बाहर वाहनों की लंबी लाइनें देखने को मिलीं। खास तौर पर हैदराबाद में अफवाहों के चलते भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे ट्रैफिक जाम और लोगों के बीच बहस के मामले भी सामने आए। इसी तरह इंदौर, अहमदाबाद, सूरत और राजकोट में भी लोग बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए पंपों पर पहुंच गए।

घबराहट में की गई इस पैनिक बाइंग के चलते कुछ जगहों पर अस्थायी रूप से स्टॉक कम हो गया, जिसके कारण कई पेट्रोल पंपों पर ‘NO STOCK’ के बोर्ड तक लगाने पड़े। हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया है कि यह स्थिति केवल अचानक बढ़ी मांग के कारण बनी है, न कि किसी वास्तविक कमी के कारण।

सरकार और तेल कंपनियों ने स्थिति को लेकर स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य रूप से जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन जमा करने से बचें।

साथ ही प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो लोग जानबूझकर इस तरह की भ्रामक खबरें फैलाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

Continue Reading

Blog

MLA हरमीत सिंह पठानमाजरा गिरफ्तार, SSP के बड़े खुलासे — कई महीनों से फरार विधायक को मध्य प्रदेश से पकड़ा गया!

Published

on

पंजाब के सनौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे विधायक को पटियाला पुलिस की टीमों ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर के बाहरी इलाके से दबोचा। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा में पंजाब लाया गया है, जहां अब उनसे पूछताछ की जा रही है।

गिरफ्तारी के बाद पटियाला के एसएसपी ने प्रेस को संबोधित करते हुए कई अहम खुलासे किए। उन्होंने बताया कि पुलिस को मजबूत तकनीकी इनपुट (Strong Technical Input) प्राप्त हुए थे, जिनके आधार पर लगातार ट्रैकिंग और निगरानी की जा रही थी। कई राज्यों में टीमों ने छापेमारी की और आखिरकार ग्वालियर के पास उनकी लोकेशन ट्रेस कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी के मुताबिक आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।

जानकारी के अनुसार, कोर्ट ने हरमीत सिंह पठानमाजरा को दिसंबर महीने में ही भगोड़ा घोषित कर दिया था। वह पिछले साल सितंबर से ही फरार चल रहे थे और उनके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी से जुड़े मामलों में और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।

पुलिस अब आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही है, ताकि विस्तृत पूछताछ की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि फरारी के दौरान उसे किस-किस का सहयोग मिला। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे पूरे मामले की परतें खुल सकती हैं।

यह गिरफ्तारी पंजाब की राजनीति और कानून-व्यवस्था के लिहाज से एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है और आने वाले दिनों में इस मामले पर और भी अपडेट सामने आ सकते हैं।

Continue Reading

Trending