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भाजपा से लेकर कांग्रेस और आप तक, पानी और SYL विवाद को लेकर Haryana के नेताओं ने पंजाब पर तीखा हमला बोला।
पंजाब और Haryana के बीच जल बंटवारे को लेकर गतिरोध बढ़ने के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता नायब सिंह सैनी ने शनिवार को चंडीगढ़ में इस विवाद पर एक सर्वदलीय बैठक की, जिसके बाद उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री और आप नेता भगवंत मान पर “आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली विधानसभा चुनाव हारने के बाद जानबूझकर अपनी हताशा निकालने” का आरोप लगाया।
Haryana को पंजाब से पिछले कई सालों से मिल रहे पानी के आंकड़ों का हवाला देते हुए सैनी ने कहा, “जब भाखड़ा बांध का जलस्तर कम हो गया था, तब भी हरियाणा को प्रतिदिन करीब 9,000 क्यूसेक पानी मिलता रहा था।” उन्होंने पूछा, “तो फिर अचानक पंजाब ने पानी की आपूर्ति क्यों बंद कर दी?”
सैनी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आरोप लगाया , “पहले पंजाब सरकार को दिल्ली को पानी दिए जाने पर कोई आपत्ति नहीं थी । लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद ऐसा लगता है कि पंजाब सरकार दिल्ली के लोगों से बदला लेने के लिए यह सब कर रही है।” इस दौरान उनके साथ विभिन्न दलों के नेता भी मौजूद थे।
सर्वदलीय बैठक में पारित प्रस्ताव में Haryana ने पंजाब से भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की तकनीकी समिति और बड़े बोर्ड द्वारा क्रमशः 23 अप्रैल और 30 अप्रैल को लिए गए निर्णयों को “बिना किसी शर्त के” लागू करने का आग्रह किया। बीबीएमबी पंजाब और Haryana सहित पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली को बांधों से पानी के वितरण को नियंत्रित करता है।
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने शुक्रवार को दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी, जिसमें केंद्र ने पंजाब से बीबीएमबी के उस निर्णय को क्रियान्वित करने को कहा था, जिसमें Haryana को अगले आठ दिनों के लिए भाखड़ा बांध से 4,500 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया था, ताकि हरियाणा की तत्काल जल आवश्यकता पूरी हो सके।
बैठक में Haryana के नेताओं ने पार्टी लाइन से ऊपर उठकर मांग की कि “हरियाणा के हिस्से के पानी पर अमानवीय, अन्यायपूर्ण, अवैध और असंवैधानिक प्रतिबंध तुरंत हटाया जाए।”
बैठक में Haryana के मंत्री अनिल विज, रणबीर गंगवा, श्याम सिंह राणा, श्रुति चौधरी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडोली शामिल हुए।
बैठक में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और राज्य पार्टी प्रमुख उदय भान ने किया। आप के Haryana प्रभारी सुशील गुप्ता भी मौजूद थे, साथ ही इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी), जननायक जनता पार्टी (जेजेपी), बीएसपी और सीपीआई (एम) के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
सभी नेताओं ने एकमत से कहा कि वे Haryana सरकार के साथ मजबूती से खड़े हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि राज्य को “पानी का उचित हिस्सा” मिले, जबकि आरोप लगाया कि “पंजाब संघीय ढांचे का सम्मान नहीं करता है”।

बैठक के बाद नेताओं द्वारा संयुक्त रूप से जारी एक बयान में कहा गया, “Haryana ने हमेशा सभी समझौतों के प्रति सकारात्मक रुख अपनाया है, जबकि पंजाब ने ऐसे समझौतों को खारिज करने का काम किया है। अब भी पंजाब सरकार राजनीतिक लाभ लेने के प्रयास में Haryana के हिस्से के पेयजल को रोककर भ्रामक प्रचार कर रही है और असंवैधानिक कदम उठा रही है।”
बैठक में प्रस्ताव पेश करते हुए सैनी ने कहा, “हम Haryana के पानी के उचित हिस्से की सुरक्षा और सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के शीघ्र निर्माण को सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होने का संकल्प लेते हैं। हम सभी मिलकर सभी आवश्यक कानूनी रास्ते अपनाने और Haryana के हितों की रक्षा के लिए राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर हर संभव राजनीतिक प्रयास करने के लिए तैयार हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि “भविष्य की कार्रवाई, चाहे केंद्र सरकार से संपर्क करना हो या Haryana विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना हो, इस पर समय आने पर निर्णय लिया जाएगा।”
सैनी ने Haryana और पंजाब के नागरिकों से शांति और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की और उनसे “कलह पैदा करने वाले स्वार्थी तत्वों की भ्रामक कहानियों” के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया।
पंजाब के सीएम पर निशाना साधते हुए सैनी ने कहा, “मान साहब असंवैधानिक तरीके से हरियाणा का पानी रोकने की कोशिश कर रहे हैं। यह पानी पूरे देश का है। भारत के बंटवारे के समय पानी भारत और पाकिस्तान के बीच बंटा था। इसके बाद इसे राज्यों में बांटा गया। इसलिए पानी किसी एक राज्य की संपत्ति नहीं है। यह मुद्दा उतना गंभीर नहीं है, जितना मान सरकार इसे बता रही है।”
जल बंटवारे पर आंकड़े पेश करते हुए सैनी ने कहा, “2016 से 2019 जैसे कम बांध स्तर वाले पिछले वर्षों में हरियाणा को बिना किसी विवाद के अपना हिस्सा मिला। विडंबना यह है कि वर्तमान जल स्तर उन वर्षों की तुलना में अधिक है, फिर भी Haryana को उसकी न्यूनतम आवश्यकता से भी वंचित किया जा रहा है। 2019 में, जब जल स्तर 1,623 फीट (न्यूनतम परिचालन स्तर 1,500 फीट से ऊपर) था, तो 0.553 मिलियन एकड़ फीट (एमएएफ) पानी अतिरिक्त के रूप में छोड़ा जाना था। इससे पता चलता है कि मानसून की बारिश के पानी के लिए जगह बनाने के लिए बांध से पानी छोड़ा जाना चाहिए। हर साल आम तौर पर करीब 8,500 क्यूसेक पानी मिलता है। राज्यों की मांग हर 15 दिन में बदल जाती है और बीबीएमबी की तकनीकी समिति द्वारा तय की जाती है।”
Haryana के सीएम ने कहा, “26 अप्रैल को मैंने भगवंत मान को फोन पर बताया था कि बीबीएमबी की तकनीकी समिति ने 23 अप्रैल को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान को पानी छोड़ने का फैसला किया है। लेकिन पंजाब के अधिकारी इस पर अमल नहीं कर रहे हैं। मान ने मुझे भरोसा दिलाया कि वे अपने अधिकारियों को तुरंत इसका पालन करने के निर्देश देंगे। जब 27 अप्रैल को दोपहर 2 बजे तक कुछ नहीं हुआ तो मैंने पंजाब के सीएम को पत्र लिखकर तथ्यों से अवगत कराया। हैरानी की बात यह है कि मेरे पत्र का 48 घंटे तक कोई जवाब नहीं आया। इसके बजाय सीएम ने राजनीतिक लाभ के लिए एक वीडियो जारी किया, जिसमें तथ्यों को नजरअंदाज किया गया और जनता को गुमराह किया गया।”
उन्होंने कहा, “Haryana को हर वर्ष तय मात्रा में पानी मिलता रहा है और इसका आवंटन हमेशा बांध के जलस्तर के आधार पर किया जाता है। पहले भी जलस्तर कम रहा है, फिर भी Haryana को उसका हक मिला है। इस विवाद का एकमात्र स्थायी समाधान एसवाईएल नहर का निर्माण है। इस विषय पर सभी राजनीतिक दल एकमत हैं और हम इस संकट के समाधान के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ हैं।”
वहीं, राज्यसभा सांसद सुशील गुप्ता ने भी हरियाणा सरकार के रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “जल विवाद के समाधान के लिए जल्द प्रधानमंत्री से मुलाकात की जानी चाहिए। आम आदमी पार्टी ने हमेशा Haryana के हितों की पैरवी की है और पानी के मुद्दे पर हम राज्य सरकार और जनता के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।”
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केंद्रीय बजट पर आई आम आदमी पार्टी पंजाब की प्रतिक्रिया, जानिए क्या बोले CM भगवंत मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह बजट एक बार फिर पंजाब के साथ नाइंसाफ़ी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बजट में न तो किसानों के लिए एमएसपी की कोई कानूनी गारंटी है, न युवाओं के लिए रोज़गार का भरोसा और न ही उद्योग या टैक्स प्रणाली को कोई राहत दी गई है।
सीएम मान ने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब की आर्थिक स्थिति को मज़बूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इससे साफ़ है कि राज्य और यहां के लोगों की जरूरतों को एक बार फिर नज़रअंदाज़ किया गया है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र की लगातार अनदेखी के बावजूद आम आदमी पार्टी सरकार और पंजाब के लोग मिलकर अपने दम पर राज्य को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाएंगे।
केंद्रीय बजट ने पंजाब-हरियाणा के किसानों को फिर दिया धोखा: हरपाल चीमा
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्रीय बजट ने एक बार फिर पंजाब और हरियाणा के किसानों की जायज़ चिंताओं को अनसुना किया है। उन्होंने बताया कि न तो एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में कोई बढ़ोतरी की गई है और न ही मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के लिए कोई मदद दी गई है।
चीमा ने कहा कि बजट में नारियल, काजू, चंदन और सूखे मेवों जैसी फसलों का ज़िक्र तो है, लेकिन उत्तर भारत के किसानों के लिए कुछ भी नहीं, जो गेहूं-धान जैसी फसलों पर निर्भर हैं। यह साफ़ तौर पर अनाज उत्पादक राज्यों के प्रति केंद्र की उदासीनता को दिखाता है।
केंद्रीय बजट ने पंजाब के अन्नदाता से मुंह मोड़ा: कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां
पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने बजट को “बड़ी निराशा” बताते हुए कहा कि इसमें न तो एमएसपी का कोई स्पष्ट रोडमैप है, न फसल विविधीकरण के लिए कोई सहायता और न ही बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए कोई राहत पैकेज।
उन्होंने कहा कि पंजाब देश का अन्न भंडार भरता है, फिर भी किसानों की आय सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार गंभीर नहीं दिखती।
केंद्रीय बजट लोगों के लिए सिर्फ निराशा लेकर आया: अमन अरोड़ा
मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा ने एक बार फिर पंजाब के साथ सौतेली माँ जैसा व्यवहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों के लिए बजट में कोई ठोस घोषणा नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि आज़ादी से लेकर देश को भोजन उपलब्ध कराने तक पंजाब का योगदान ऐतिहासिक रहा है, लेकिन इसके बावजूद राज्य के लिए कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं दिया गया।
केंद्रीय बजट पंजाब के साथ खुला भेदभाव दिखाता है: कुलदीप सिंह धालीवाल
आप के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि बजट में न एमएसपी की गारंटी है, न रोजगार और न ही पंजाब के लिए कोई बड़ा विकास प्रोजेक्ट।
उन्होंने कहा कि देश के लिए सबसे ज़्यादा कुर्बानियां देने वाले पंजाब को बार-बार उसके हक से वंचित किया जा रहा है।
किसानों के अधिकारों से मुंह मोड़ता बजट: लालजीत सिंह भुल्लर
मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि केंद्रीय बजट में एमएसपी, फसल विविधीकरण और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए कोई गंभीर प्रावधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह बजट केंद्र सरकार की किसान विरोधी सोच को उजागर करता है।
बजट में पंजाब के किसानों के लिए कोई विज़न नहीं: लाल चंद कटारुचक
मंत्री लाल चंद कटारुचक ने कहा कि जिस राज्य ने देश के अन्न भंडार भरे हैं, उसे बजट में कोई दिशा या ठोस सहायता नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि यह बजट केंद्र की पंजाब-विरोधी मानसिकता को साफ़ दर्शाता है।
बड़े दावे, लेकिन ज़मीनी हकीकत में खोखला बजट: नील गर्ग
आप के वरिष्ठ नेता नील गर्ग ने बजट की तुलना पंजाबी कहावत “पटिया पहाड़, निकलेआ चूहा” से करते हुए कहा कि बड़ी घोषणाओं के बावजूद पंजाब, किसान, युवा और आम आदमी के लिए कोई राहत नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट बड़े कॉर्पोरेट घरानों के पक्ष में है, जबकि देश का पेट भरने वाले किसान और आम लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
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गैंगस्टरों के परिवारों की शादियों में जा रहे अकाली नेता, क्या गैंगस्टरों के जरिए सत्ता में आना चाहते हैं सुखबीर बादल?: Dhaliwal
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और हलका अजनाला से विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और अन्य अकाली नेताओं पर गैंगस्टरों के परिवारों के समारोहों में शामिल होने को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार गैंगस्टरवाद और ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, तब अकाली दल गैंगस्टरों से संबंध बनाता नजर आ रहा है।
समारोहों में मौजूदगी पर उठाए सवाल
विधायक धालीवाल ने अमृतसर में अमृतपाल सिंह बाठ की बहन की शादी समारोह में अकाली नेताओं की मौजूदगी से जुड़ी तस्वीरें सामने रखीं। इन तस्वीरों में सुखबीर सिंह बादल, विरसा सिंह वलटोहा, गनीव कौर मजीठिया, रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा और शिरोमणि कमेटी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी की शमूलियत दिखाई देती है। धालीवाल ने कहा कि ये तस्वीरें अकाली दल की नीयत और प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
दोहरे मापदंडों का आरोप
धालीवाल ने कहा कि एक ओर सुखबीर बादल बार-बार बयान देते हैं कि पंजाब में गैंगस्टरवाद खत्म नहीं हो रहा, वहीं दूसरी ओर वे स्वयं गैंगस्टरों के परिवारों के कार्यक्रमों में शामिल होकर यह संकेत दे रहे हैं कि उनकी सियासी लड़ाई गैंगस्टरों के सहारे है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल गैंगस्टरों का इस्तेमाल कर सत्ता में वापसी करना चाहता है।
युवाओं को गलत दिशा में धकेलने का आरोप
‘आप’ नेता ने कहा कि पहले अकाली दल ने पंजाब के युवाओं को आतंकवाद की आग में झोंका था और आज वही दल युवाओं को गैंगस्टर बनाकर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पूरी करना चाहता है। उन्होंने कहा कि उस काले दौर के लिए जहां कांग्रेस जिम्मेदार थी, वहीं अकाली दल भी बराबर का दोषी रहा है।
जनता से अपील
धालीवाल ने पंजाब के लोगों से अपील करते हुए कहा कि ऐसे तत्वों से सतर्क और चौकन्ना रहने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अकाली दल ने पहले भी पंजाब को हिंसा की आग में धकेला था और अब गैंगस्टरों को बढ़ावा देकर प्रदेश का माहौल खराब किया जा रहा है।
AAP सरकार का संकल्प
विधायक धालीवाल ने दोहराया कि चाहे विपक्ष जो भी करे, आम आदमी पार्टी की सरकार का संकल्प अडिग है। उन्होंने कहा कि पंजाब से गैंगस्टरवाद और ड्रग माफिया को जड़ से खत्म किया जाएगा और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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पंजाब की मान सरकार का ‘मिशन रोज़गार’, युवाओं को दीं 63,943 सरकारी नौकरियां
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोहाली में आयोजित एक समारोह में विभिन्न विभागों के 916 नव-नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये नियुक्तियाँ ‘मिशन रोज़गार’ के तहत बिना किसी रिश्वत, सिफ़ारिश या दबाव के की गई हैं, जो आम आदमी पार्टी सरकार की पारदर्शी और ईमानदार प्रशासनिक सोच को दर्शाती हैं.
चार साल में करीब 64 हजार सरकारी नौकरियां
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक राज्य में 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियाँ दी जा चुकी हैं और आने वाले समय में यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी. उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले योग्यता से ज़्यादा रिश्वत और रिश्तेदारी को महत्व दिया जाता था, जिससे लाखों होनहार युवाओं का भविष्य अंधकार में चला गया. मौजूदा सरकार ने इस व्यवस्था को बदलने का संकल्प लिया है.
भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद पर करारा प्रहार
विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों तक सत्ता में बैठे लोगों ने अपने चहेतों को नौकरियाँ देकर आम युवाओं के हक छीने. उन्होंने कहा कि शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने के लिए उनकी सरकार पूरी ईमानदारी से काम कर रही है और युवाओं को उनका अधिकार दिला रही है.
पारदर्शिता का रिकॉर्ड, अदालत में कोई चुनौती नहीं
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि लगभग 64 हजार नियुक्तियों में से एक भी भर्ती को अदालत में चुनौती नहीं दी गई है. यह इस बात का प्रमाण है कि सभी भर्तियाँ पूरी तरह मेरिट के आधार पर और पारदर्शी प्रक्रिया से की गई हैं. उन्होंने नव-नियुक्त युवाओं को जनता की सेवा में पूरी निष्ठा और पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ काम करने का आह्वान किया.
कल्याणकारी योजनाओं का भी ज़िक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सरकार की अन्य उपलब्धियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत अब हर पंजाबी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा. राज्य में 19 टोल प्लाज़ा बंद किए गए हैं, जिससे लोगों की रोज़ाना बड़ी बचत हो रही है. इसके अलावा 881 आम आदमी क्लिनिक और 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली जैसी योजनाएँ जनता को राहत दे रही हैं.
नव-नियुक्त युवाओं में दिखा उत्साह
कार्यक्रम में शामिल कई नव-नियुक्त उम्मीदवारों ने भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता की सराहना की. उन्होंने कहा कि बिना किसी सिफ़ारिश के सरकारी नौकरी मिलना उनके लिए गर्व और आत्मसम्मान की बात है. मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि ये युवा अब पंजाब सरकार के परिवार का हिस्सा हैं और उनके कंधों पर राज्य के उज्ज्वल भविष्य की जिम्मेदारी है.
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