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Whatsapp ने भारतीय यूज़र्स के लिए पेश किया वॉयस ट्रांसक्रिप्शन फीचर, सुनने की जगह पढ़ सकेंगे वॉयस मैसेज जानिए कैसे ?

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Whatsapp , एक लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म, भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए एक नया फीचर “वॉयस ट्रांसक्रिप्ट” पेश कर रहा है। इस फीचर की घोषणा पिछले नवंबर में की गई थी और अब इसे रोल आउट किया जा रहा है। यह सुविधा उपयोगकर्ताओं को वॉयस मैसेज को टेक्स्ट के रूप में पढ़ने की अनुमति देती है, जो ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग के माध्यम से होती है। यह फीचर फिलहाल एंड्रॉयड ऐप पर उपलब्ध है और जल्द ही आईओएस ऐप पर भी उपलब्ध होगा।

इस नए फीचर का यूज़र्स लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, और अब यह भारत में उपलब्ध हो रहा है। अगर उपयोगकर्ता चाहें, तो वे ऑडियो संदेश को सुनने के बजाय उसे पढ़ सकते हैं। हालांकि, वर्तमान में यह फीचर हिंदी भाषा में उपलब्ध नहीं है। ट्रांसक्रिप्शन के लिए अंग्रेजी, स्पेनिश, पुर्तगाली और रूसी जैसी भाषाओं का समर्थन किया जा रहा है।

यह नया फीचर खासतौर पर तब उपयोगी है जब आप शोरगुल वाली जगह पर हों, जहां आप वॉयस मैसेज सुनने में असमर्थ होते हैं। बस एक टैप से, संदेश में कही गई बात आपको टेक्स्ट के रूप में दिखाई देगी, जिससे संवाद और भी सरल हो जाएगा। व्हाट्सएप ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह ट्रांसक्रिप्शन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑन-डिवाइस होगी, और Whatsapp के पास इस ऑडियो या टेक्स्ट का कोई भी डेटा नहीं होगा, जिससे गोपनीयता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।

यह फीचर डिफॉल्ट रूप से बंद रहता है, और आपको इसे सक्षम करने के लिए सेटिंग्स में जाना होगा। इसे सक्षम करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाएं:

– सबसे पहले WhatsApp सेटिंग्स को ओपन करें।

_ इसके बाद ‘चैट्स’ पर टैप करें।

_ अब नीचे स्क्रॉल करने के बाद आपको ‘वॉयस मैसेज ट्रांसक्रिप्ट’ पर टैप करना होगा और इसे ऑन करना होगा।

_ इसके बाद आपको ‘Choose Language’ ऑप्शन में से अपनी भाषा चुननी होगी।

_ यहां आपको ‘सेट अप नाउ’ या ‘वेट फॉर वाई-फाई’ में से किसी एक को चुनना होगा। आप जब चाहें ट्रांस्क्रिप्शन भाषा बदल सकते हैं।

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वित्तीय बिल 2026 पर मलविंदर कंग का हमला: “खोखले दावे, जमीनी हकीकत चिंताजनक”

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आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद Malvinder Singh Kang ने वित्तीय बिल 2026 पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में सरकार द्वारा किए गए आर्थिक सुधारों और विकास के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते।

कंग ने कहा कि जहां एक ओर सरकार देश को “टॉप 5 अर्थव्यवस्था” बताने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रति व्यक्ति आय 142वें स्थान पर पहुंच गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई अपने चरम पर है, रुपया लगातार गिर रहा है और आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।

किसानों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कंग ने कहा कि “आय दोगुनी” करने का वादा पूरी तरह विफल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में खेती की लागत कई गुना बढ़ गई है—खाद, कीटनाशक और डीजल सभी महंगे हो गए हैं—जिससे किसानों की हालत और खराब हुई है।

कॉर्पोरेट नीतियों पर सवाल उठाते हुए कंग ने आरोप लगाया कि बड़े उद्योगपतियों के लाखों करोड़ रुपये के कर्ज एनपीए घोषित कर माफ किए गए, जबकि किसान अब भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि सरकार की प्राथमिकता किसके साथ है। कंग ने Agniveer Scheme की भी कड़ी आलोचना की और इसे युवाओं के भविष्य के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना बेरोजगारी और सामाजिक अस्थिरता को बढ़ा रही है और युवाओं को गलत रास्तों की ओर धकेल रही है।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार के मुद्दे पर कंग ने भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की डील्स से देश के किसानों—खासकर हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के उत्पादकों—की आजीविका पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने सीमा पार व्यापार को लेकर भी बड़ा मुद्दा उठाया। कंग ने कहा कि जहां मुंबई-कराची रूट से बड़े पैमाने पर व्यापार जारी है, वहीं अमृतसर-लाहौर (वाघा बॉर्डर) व्यापार मार्ग बंद पड़ा है। उन्होंने मांग की कि इस रूट को खोला जाए, जिससे उत्तर भारत के किसानों को सीधा लाभ मिल सके।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर बोलते हुए कंग ने कहा कि मनरेगा जैसी योजनाओं को कमजोर करना गरीब और मजदूर वर्ग के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने में सरकार की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए। अपने संबोधन के अंत में कंग ने कहा कि “मनरेगा को कमजोर करना मजदूरों पर हमला है, अग्निवीर योजना युवाओं पर हमला है और गलत व्यापार नीतियां किसानों पर हमला हैं। देश का वास्तविक विकास तभी संभव है जब किसान, मजदूर और युवा सुरक्षित और मजबूत हों।”

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शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को ‘भारत रत्न’ दिए जाने की मांग की थी, पर भाजपा सरकार ने नहीं मानी: CM Bhagwant Singh Mann

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पंजाब के फिरोजपुर स्थित हुसैनीवाला में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ऐतिहासिक राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने शहीदों के सपनों का ‘रंगला पंजाब’ बनाने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया और 24.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हुसैनीवाला विरासती कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट शहीदों की विरासत को संजोने और आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से प्रेरित करने का प्रयास है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह दिन केवल शहीदों को याद करने का नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपनाने का भी है। उन्होंने कहा कि इन महान क्रांतिकारियों ने कम उम्र में देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, लेकिन आज भी उन्हें उनके योगदान के अनुसार सम्मान नहीं मिला।

मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे महान शहीदों को अब तक भारत रत्न से सम्मानित क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अगर आजादी के शुरुआती दौर में देश की कमान ऐसे युवाओं के हाथ में होती, तो देश की दिशा कुछ और ही होती।

उन्होंने कहा कि कुछ नेता अपने नाम पर स्मारक और स्टेडियम बनवाते हैं, जबकि असली हकदार शहीदों को उचित सम्मान नहीं मिल पाया। उन्होंने लोगों से अपील की कि शहीदों को सिर्फ खास दिनों पर याद न करें, बल्कि उनके दिखाए रास्ते पर चलकर देश और समाज की सेवा करें।

मुख्यमंत्री ने आजादी की कीमत का जिक्र करते हुए कहा कि देश की आजादी बहुत बड़ी कुर्बानियों के बाद मिली है। विभाजन के दौरान लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई और करोड़ों लोग विस्थापित हुए।

उन्होंने कहा कि आज के समय में बदलाव लाने के लिए हथियारों की नहीं, बल्कि वोट की ताकत की जरूरत है। सही नेतृत्व का चुनाव करके ही देश को सही दिशा दी जा सकती है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने हुसैनीवाला विरासती कॉम्प्लेक्स के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसमें भव्य प्रवेश द्वार, शहीदों के जीवन पर आधारित गैलरी, दीवार चित्र, पार्क, 3-डी मैपिंग शो, म्यूजिकल फाउंटेन, बच्चों के खेलने का क्षेत्र, वरिष्ठ नागरिकों के लिए आराम स्थल और सोलर पावर प्लांट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

उन्होंने कहा कि यह पवित्र भूमि आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए आगे आएं और एक प्रगतिशील व खुशहाल पंजाब के निर्माण में अपना योगदान दें।

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नशों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, सीमा पार Drug Module का भंडाफोड़, करोड़ों की हेरोइन समेत 3 गिरफ्तार!

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पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए एएनटीएफ (ANTF) और बीएसएफ (BSF) ने संयुक्त ऑपरेशन में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में सीमा पार से चल रहे नेटवर्क को बेनकाब किया गया।

इस ऑपरेशन के दौरान तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान जगजीत सिंह, मनप्रीत सिंह और रोशन सिंह के रूप में हुई है। तीनों आरोपी अमृतसर जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 24.5 किलोग्राम हेरोइन, करीब 21 लाख रुपये की ड्रग मनी और एक ड्रोन बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्करों के सीधे संपर्क में थे और ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। इस पूरे नेटवर्क के जरिए ड्रग्स को भारत में लाकर आगे सप्लाई किया जाता था।

इस संबंध में जानकारी देते हुए Gaurav Yadav ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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