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केंद्र ने पंजाब सरकार से जवाब मांगा: कैसे दिया मूसेवाला की माँ ने 58 साल की उम्र में बचे को जन्म
सिद्ध मूसेवाला की मां चरण कौर ने 58 साल की उम्र में आईवीएफ तकनीक से बेटे को जन्म दिया है। इस पर केंद्रीय सेहत मंत्रालय ने पंजाब सरकार को पत्र भेजकर इस संबंध में जवाब मांगा है। केंद्र द्वारा लिखे पत्र में कहा गया है कि इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) के नियमों के मुताबिक 21 से 50 साल की महिलाएं इस तकनीक से मां बन सकती हैं, मूसेवाला की मां चरण कौर की उम्र इससे अधिक है। इसलिए केंद्र ने चरण कौर की उम्र से लेकर अन्य बातों की डिटेल की रिपोर्ट पंजाब सरकार से मांगी है।
बलकौर सिंह ने कहा कि उन्होंने किसी भी तरह से कानून की अवहेलना नहीं की है। यदि कहीं भी वह कानून से बाहर गए हैं तो सरकार उन्हें सलाखों में डाल दें। यदि सरकार को यकीन नहीं है तो उनके खिलाफ पहले मामला दर्ज कर दे। उन्हें जेल में डाल कर फिर मामले की जांच कर ले। ट्रीटमेंट पूरा होने पर वह लीगल डॉक्यूमेंट पेश करेंगे।
उधर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा हमने ऐसे कोई चिट्टी नहीं निकाली है, बल्कि केंद्र ही ऐसे पत्र जारी कर चालाकी चल रही है। पंजाब सरकार की ओर से मूसेवाला परिवार को न हमने कोई पत्र या किसी संबंध में पूछा है न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी उन्हें परेशान करेगा। मूसेवाला ने 2022 में मानसा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस दौरान उनकी मां चरण कौर ने कवरिंग कैंडिडेट के तौर पर एफिडेविट भरा था। तब चरण कौर ने अपनी उम्र 56 साल बताई थी। इसके अनुसार उनकी उम्र अब 58 साल है और बलकौर सिंह की उम्र करीब 60 साल है।
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ये कहता है नियम : 21 से 50 साल की महिलाएं इस तकनीक से बन सकती हैं मां
असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी रेगुलेशन एक्ट के मुताबिक भारत में 21 से 50 साल की महिलाएं आईवीएफ करवा सकती हैं। पुरुषों के लिए इसकी उम्र सीमा 21 से 55 वर्ष है। इसके ऊपर की उम्र वालों के लिए यह कानूनी अपराध है। इस बारे में 2022 में पारित कानून के तहत सख्त सजा हो सकती है। लेकिन यदि कोई महिला गर्भवती हो तो उसकी देश में डिलीवरी हो सकती है। ऐसे में बच्चों की इच्छुक महिलाएं विदेश जाने का रास्ता अपना रही हैं। भारत में यदि 50 साल से अधिक उम्र की महिला को आईवीएफ के जरिए शिशु चाहिए तो हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा। इस कानूनी झंझट से हर कोई बचाना चाहता है। इस कानून के उल्लंघन पर पांच से 20 लाख तक जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा तीन से आठ साल की सजा हो सकती है।
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वतन की खातिर सबसे ज्यादा जानें कुर्बान करने वाले पंजाबियों पर देश विरोधी होने का ठप्पा लगा रही है भाजपा: CM भगवंत सिंह मान
चार दिवसीय ‘शुक्राना यात्रा’ के आज तीसरे दिन मालवा क्षेत्र पहुंचकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारतीय जनता पार्टी और सांप्रदायिक ताकतों पर प्रहार करते हुए कहा कि भगवा पार्टी पंजाबियों पर देश विरोधी होने का ठप्पा लगाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा वोटों के लिए पंजाब की सदियों पुरानी भाईचारे की मजबूत डोरियों को तोड़ने की गहरी साजिश रच रही है। मुख्यमंत्री ने आज बठिंडा से यात्रा की शुरुआत की और श्री दमदमा साहिब में माथा टेका। विभिन्न स्थानों पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि पश्चिम बंगाल में शुरू की गई “डर और बंटवारे की राजनीति” अब पंजाब में लागू करने की साजिश रची जा रही है, जहां सांप्रदायिक ताकतें समाज के ध्रुवीकरण और सत्ता पर कब्जा करने के लिए भाईचारों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि देश की आजादी और एकता के लिए सबसे ज्यादा कुर्बानियां देने वाले पंजाबी ऐसी ताकतों को मुंह तोड़ जवाब देंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बेअदबी के मामलों में शामिल लोगों, जिनमें सरपरस्त भी शामिल हैं को अब नए कानून के तहत सख्त सजाएं भुगतनी पड़ेंगी, जिसमें उम्रकैद और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना शामिल है। तलवंडी साबो, बठिंडा शहर और कोटशमीर में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाबियों को राज्य की शांति, भाईचारे और सद्भावना के लिए घातक फूट डालो ताकतों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सांप्रदायिक राजनीति को पंजाब की सदियों पुरानी भाईचारे की एकता में फूट डालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। “पंजाब पंजाबियों का है” का नारा लगाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जो लोग भाईचारे की साझ को चोट पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, वे पंजाब के दुश्मन हैं।” भाजपा ने महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश और बंगाल में बंटवारे की राजनीति के जरिए सत्ता हासिल की है, लेकिन पंजाब में ऐसी साजिशें कभी सफल नहीं होंगी क्योंकि यहां के लोग हर त्योहार साझे तौर पर मनाते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सांप्रदायिक पार्टियां पंजाब के भाईचारे को तोड़ने की साजिश रच रही हैं और उनके घिनौने एजेंडे को सफल नहीं होने देना चाहिए।”
पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद वहां हालात बद से बदतर हो गए और लोगों के घरों में आग लगाई जा रही है। “जब भाजपा ने पश्चिम बंगाल में सरकार बनाई, हर तरफ डर का माहौल पैदा हो गया। अब पंजाब के लिए भी यही साजिश रची जा रही है।” राष्ट्रवाद के मुद्दे पर आरएसएस और भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आरएसएस ने 52 साल तक अपने हेडक्वार्टर पर तिरंगा नहीं लहराया, फिर भी आज वे दूसरों को देशभक्ति के सर्टिफिकेट बांट रहे हैं। उन्होंने कहा, “पंजाबियों ने आजादी के संघर्ष में देश के लिए अनगिनत कुर्बानियां दी हैं और उन्हें देशभक्ति के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।”
1947 के विभाजन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दुखांत के दौरान पंजाब ने सबसे ज्यादा दुख झेले और लगभग 10 लाख पंजाबियों ने अपनी जानें गंवाईं, जबकि अब पंजाब की देशभक्ति पर सवाल उठाने वालों ने देश के लिए ऐसी कोई कुर्बानियां नहीं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ भाजपा नेता उन पर देशद्रोह के आरोप लगा रहे हैं, जबकि वे यह भूल रहे हैं कि पंजाबियों ने देश के लिए 90 प्रतिशत कुर्बानियां दी हैं और अब उन्हें गद्दार कहा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “देश के लिए सबसे ज्यादा कुर्बानियां देने वाले पंजाबियों को अब भाजपा द्वारा देश विरोधी करार दिया जा रहा है।”
विरोधी नेताओं पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सुनील जाखड़ जैसे नेताओं को अंतरजातीय मेल-मिलाप सहन नहीं हो रहा क्योंकि वे एक आम परिवार के बेटे को राज्य का मुख्यमंत्री बनकर ईमानदारी से पंजाब की सेवा करते नहीं देख पा रहे। कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोनों पार्टियों को लुटेरे बताया, जिन्होंने आम लोगों की भलाई को नजरअंदाज करते हुए दशकों तक पंजाब की दौलत लूटी। उन्होंने कहा, “विरोधी पार्टियां पंजाब को लूटने का एक और मौका मांग रही हैं, लेकिन लोग अब इन्हें सत्ता में नहीं बल्कि जेल भेजेंगे।” उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल सत्ता में वापसी के सपने देख रहे हैं, लेकिन पंजाब के समझदार लोग उन लोगों को दोबारा कभी वोट नहीं देंगे, जिन्होंने बार-बार राज्य के साथ धोखा किया है।
इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि एक श्रद्धालु सिख होने के नाते अकाल पुरख का शुक्राना करने के लिए उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब स्थित तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद पूरे धार्मिक जोश और उत्साह के साथ ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू की थी। उन्होंने कहा कि उनका दिल परमात्मा का ऋणी है कि उन्हें जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम-2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का मौका दिया गया, जो बेअदबी के लिए सख्त सजा की व्यवस्था करता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार भाग्यशाली है कि इस ऐतिहासिक कानून को पास करने की सेवा सौंपी गई है, जो भविष्य में बेअदबी की घटनाओं को समाप्त करेगा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी एक गहरी साजिश का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य पंजाब में शांति, सद्भावना, भाईचारे की साझ और फिर्की सद्भावना को भंग करना था।
यह अधिनियम यह सुनिश्चित करता है कि इस न अक्षम्य अपराध के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस घिनौने अपराध के दोषियों को मिसाल सजा दी जाएगी।” उन्होंने आगे कहा कि बेअदबी के मामलों में मानसिक रोगी होने का बहाना अब काम नहीं करेगा और ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के रखवालों तथा साजिशकर्ताओं को भी उम्रकैद के साथ-साथ 50 लाख रुपए तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब में बेअदबी करने वाले अब सजा से नहीं बच सकेंगे।” उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सख्त कानून भविष्य में बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ मजबूत कदम साबित होगा और कोई भी दोबारा ऐसा अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को हर सिख के लिए पिता समान बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी पवित्रता को सुनिश्चित करना समाज का साझा फर्ज है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के लोग इस ऐतिहासिक कानून के लागू होने पर खुशी और शुक्राना व्यक्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘शुक्राना यात्रा’ का एकमात्र उद्देश्य इस महत्वपूर्ण कानून को पास करने के लिए उन्हें ताकत और बल बख्शने के लिए परमात्मा का धन्यवाद करना है। तीव्र गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए लोगों का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि वे लोगों के प्यार के लिए परमात्मा के शुक्रगुजार हैं।

उन्होंने कहा, “मैं इस कानून को पास करने वाला नहीं हूं। गुरु साहिब ने खुद यह सेवा मुझसे ली है। परमात्मा ऐसी सेवा सिर्फ उन्हीं को सौंपता है, जिन्हें उन्होंने चुना है।” अपने आप को गुरु साहिब का विनम्र सेवक बताते हुए उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी जिम्मेदारी है क्योंकि समाज के सभी वर्गों के लोग लंबे समय से बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे कानून की मांग कर रहे थे। कानून बनाने के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। उन्होंने कहा, “दुनिया भर के लोग इस ऐतिहासिक कानून से खुश हैं और इस पहल के लिए धन्यवाद करने वाले लोगों से रोजाना कई फोन आते हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हालांकि कुछ लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं क्योंकि उनके राजनीतिक आका इससे नाखुश हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग इस संवेदनशील मुद्दे पर सिर्फ अपने निजी स्वार्थों के लिए राजनीति कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि वे जल्द ही अपने बिगड़े गुनाहों के लिए सलाखों के पीछे जा सकते हैं।” बठिंडा को मालवा क्षेत्र का केंद्र बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां के लोगों द्वारा ‘शुक्राना यात्रा’ को मिला भरपूर समर्थन कानून के लागू होने से लोगों की खुशी और उनके भावनात्मक संबंध को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने कभी ऐसा कानून बनाने की कोशिश नहीं की क्योंकि वे कभी नहीं चाहती थीं कि बेअदबी की घटनाओं के दोषी सलाखों के पीछे जाएं।
अकालियों पर प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे अपने कार्यकाल के दौरान ऐसा कानून बनाने के लिए कभी सुहृद नहीं रहे क्योंकि उनकी नियत शुरू से ही साफ नहीं थी। उन्होंने आगे कहा कि अकाली नेताओं ने हमेशा बाबे नानक के नाम पर वोट मांगे, फिर भी अपने राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए बेअदबी की घटनाओं को होने दिया और दोषियों को बचाकर रखा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकालियों ने बाबे नानक के नाम पर वोट मांगकर भी उनकी ही बाणी का अपमान किया।” उन्होंने आगे कहा कि अकाली नेताओं ने अकाल तख्त साहिब के सामने अपनी गलतियां मानकर बाद में जनता के सामने से सार्वजनिक रूप से मुकर गए। उन्होंने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि “जो लोग अकाल तख्त के सामने झूठ बोल सकते हैं, वे कभी किसी के वफादार नहीं हो सकते, लोगों से ऐसे नेताओं से सावधान रहने की अपील की।
विरोधी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पिछली कांग्रेस और अकाली सरकारों पर आम लोगों की भलाई को नजरअंदाज करते हुए भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग के लिए ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। “करदाताओं का पैसा अब भलाई के कामों पर पूरी समझदारी और ईमानदारी से खर्च किया जा रहा है और भ्रष्टाचार व कमीशन की बजाय विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के जरिए लोगों को उनके टैक्स का पैसा वापस किया जा रहा है।” ‘आप’ सरकार की उपलब्धियों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और 65,000 से अधिक युवाओं को किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार के बिना सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में सड़कों और बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा रहा है और कई टोल प्लाजा बंद कर दिए गए हैं, जिससे लोगों को रोजाना लगभग 70 लाख रुपये की बचत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब 2022 में ‘आप’ सरकार ने सत्ता संभाली थी तो राज्य में सिंचाई के लिए सिर्फ 21 प्रतिशत नहरी पानी इस्तेमाल हो रहा था। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज सिंचाई के लिए लगभग 68 प्रतिशत नहरी पानी इस्तेमाल हो रहा है और आने वाले धान के सीजन तक यह आंकड़ा 85 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।” उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने पंजाब के हर कोने में किसानों की सुविधा के लिए लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनों बिछाने और राजवाहों व खालों की मजबूती का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए इन पाइपलाइनों और जलमार्गों के जरिए 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार द्वारा छोड़ा गया यह पानी दो भाखड़ा नहरों की सप्लाई के बराबर है।”
उन्होंने कहा कि नहरों और नदियों में रिचार्ज पॉइंट भी बनाए गए हैं, जिससे कई क्षेत्रों में भूजल स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। उन्होंने कहा, “यह फैसला आने वाली पीढ़ियों के हितों की रक्षा के लिए लिया गया है क्योंकि पंजाब की पहचान और अस्तित्व पानी से गहराई से जुड़ा हुआ है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने मावां-धीयां सत्कार योजना शुरू की है, जिसके तहत पंजाब की हर महिला को 1,000 रुपए प्रति माह तथा अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपए प्रति माह दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी और पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही महिलाएं भी इस योजना का लाभ लेने की हकदार होंगी। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ होने की उम्मीद है और पंजाब सरकार ने बजट में इस योजना के लिए 9,300 करोड़ रुपए रखे हैं।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ‘आप’ सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की है, जिसके तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर परिवार 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है और 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले ही स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत लगभग 1.65 लाख लोग पहले ही मुफ्त इलाज करवा चुके हैं और उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य कार्डों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे 2022 में राज्यवासियों द्वारा सौंपी गई हर जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं और पंजाबियों से किए हर वादे को पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब में आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं जहां गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधाएं मुफ्त प्रदान की जा रही हैं, सरकारी स्कूलों व अस्पतालों को अपग्रेड किया जा रहा है और घरों व किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है।मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया, “हमारी सरकार ने लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनों बिछाने के साथ-साथ जलमार्गों को फिर से जीवित किया है ताकि पंजाब के हर क्षेत्र तक पानी पहुंचना सुनिश्चित किया जा सके।”
एक्स पर कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज ‘शुक्राना यात्रा’ के तीसरे दिन, मुझे शहीदों और गुरुओं की पावन धरती तख्त श्री दमदमा साहिब में माथा टेकने का मौका मिला। कामकाजी दिन और अत्यधिक गर्मी के बावजूद, इतनी बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर आपने मुझे जो प्यार और आशीर्वाद दिए, उसके लिए मैं आपका बहुत धन्यवादी हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “गुरु साहिब की रहमत से हम बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम लागू करने के योग्य हुए हैं। इस कानून के तहत अब कोई भी मुलजिम ‘मानसिक रोगी’ का बहाना बनाकर सजा से नहीं बच सकेगा और उनकी सहायता करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पिछली सरकारों ने सिर्फ अपने परिवारों के लिए पंजाब को लूटा और बंटवारे की नीति अपनाई, जबकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी समूची मानवता से संबंधित हैं और हमें सरबत दा भला का संदेश देते हैं।”
पोस्ट के अंत में उन्होंने कहा, “जिन्होंने पंजाबियों के साथ धोखा किया, वे आज जंग का मैदान छोड़कर भाग गए हैं। आपका ‘लोक सेवक’ और आपकी सरकार पंजाब की तरक्की, भाईचारे की साझ और गुरु महाराज की मर्यादा की रक्षा के लिए समर्पित भावना से वचनबद्ध है।”
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आप सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने अमित शाह के नाम पर आए कथित तौर पर संदिग्ध कॉल पर जताई चिंता
होशियारपुर से आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम पर आए एक संदिग्ध फ़ोन कॉल पर गंभीर चिंता जताई है और इस मामले की गहराई से जांच की मांग की। डॉ. चब्बेवाल ने इस घटना को बहुत संदिग्ध बताते हुए, कहा कि इस तरह की चालें आप नेताओं के खिलाफ खेली जा रही गंदी और हताशा वाली राजनीति को दिखाती हैं।
एक बयान में, डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने बताया कि कल उनका जन्मदिन था, इसलिए उन्हें सुबह से बहुत सारे कॉल आ रहे थे। इसी बीच, सुबह करीब 8:45 बजे उन्हें एक अजीब फ़ोन कॉल आया। उन्होंने कहा कि कॉल करने वाले ने पहले उनसे पूछा कि क्या आप सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल जी बोल रहे हैं?” जिस पर उन्होंने अपनी पहचान की पुष्टि की।
डॉ. चब्बेवाल ने बताया कि इसके बाद कॉल करने वाले ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी आपसे बात करना चाहते हैं। उन्होंने जवाब दिया कि कॉल कनेक्ट हो सकती है। कुछ देर बाद, फोन पर दूसरी आवाज़ आई और उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। इसके बाद, कॉल करने वाले ने कथित तौर पर उनकी मौजूदगी के बारे में पूछा। जब डॉ. चब्बेवाल ने उन्हें बताया कि वह अपने लोकसभा क्षेत्र होशियारपुर में हैं, तो कॉल करने वाले ने उनसे कहा कि जब भी आप दिल्ली आएं, मुझसे ज़रूर मिलना।
डॉ. चब्बेवाल ने कहा कि हालांकि बातचीत ऊपर से नॉर्मल लग रही थी, लेकिन कॉल की कई बातों ने तुरंत उनके मन में शक पैदा कर दिया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय से कॉल आमतौर पर सरकारी लैंडलाइन नंबरों से आते हैं, जबकि यह कॉल एक अजीब नंबर से आया था। उन्होंने आगे कहा कि गृह मंत्री होने का दावा करने वाली आवाज़ भी उन्हें असली नहीं लगी।
उन्होंने कहा कि शुरू से ही इस कॉल बारे कुछ अजीब और शक वाला महसूस हुआ था। आवाज़ असली नहीं लग रही थी। सारा घटनाक्रम संदिग्ध लग रहा था।
आप सांसद ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए, उन्होंने एसएसपी होशियारपुर से संपर्क किया है और इस कॉल की डिटेल्ड जांच की मांग की है। उन्होंने मांग की कि इस संदिग्ध कॉन्टैक्ट का सोर्स, मकसद और इसके पीछे के लोगों की पहचान की जाए।
डॉ. चब्बेवाल ने कहा कि ऐसी घटनाएं देश में विपक्षी नेताओं के खिलाफ इस्तेमाल की जा रही पिछले दरवाजे की राजनीति और दबाव की चालों को सामने लाती हैं।
उन्होंने साफ किया कि आप नेता ऐसे संदिग्ध तरीकों से न तो डरेंगे और न ही किसी जाल में फंसेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई राजनीतिक हेराफेरी के लिए संवैधानिक पदों या सीनियर नेताओं के नाम का गलत इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है, तो यह बहुत गंभीर मामला है और इसकी जांच होनी चाहिए।
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चुनाव से पहले अपने राजनीतिक विरोधियों को डराने के लिए भाजपा ED की रेड, चुनिंदा लीक और मनगढ़ंत कहानियों का इस्तेमाल कर रही है: Aman Arora
पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने गुरुवार को भाजपा की केंद्र सरकार और एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) पर मनगढ़ंत कहानियों, चुनिंदा जानकारी लीक करने और केंद्रीय एजेंसियों के गलत इस्तेमाल के ज़रिए उन्हें बदनाम करने के लिए राजनीति से प्रेरित मुहिम चलाने का आरोप लगाया।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, आप पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने सभी आरोपों से इनकार किया और पूरी घटना को चुनाव से पहले राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए भाजपा की डराने-धमकाने और चरित्र हनन की राजनीति का प्रतीक बताया।
अमन अरोड़ा ने बताया कि उन्हें बुधवार सुबह हुई ईडी की छापेमारी के बारे में बिल्कुल पता नहीं था क्योंकि वह विभाग की मीटिंग में शामिल होने से पहले अपनी मां की देखभाल कर रहे थे, जो पिछले दो हफ़्ते से आईसीयू में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें छापेमारी के बारे में तब पता चला जब मीटिंग के दौरान पार्टी के साथियों और मीडिया वालों के कॉल और वीडियो आने लगे।
पंजाब आप अध्यक्ष ने कहा कि मैं टेलीविज़न पर नोटों से भरे बैग के सीन देखकर हैरान रह गया। दोपहर करीब 3:30 बजे तक, मैं विभाग की मीटिंग में व्यस्त था और मुझे इस मामले से जुड़ी किसी भी तरह की कोई जानकारी नहीं थी।
उन्होंने कहा कि देर शाम उनके एक साथी ने उन्हें बताया कि उनके करीबी दोस्त गौरव धीर के घर पर भी रेड पड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि सुबह से शाम तक, एक झूठी कहानी बनाई गई और धीरे-धीरे घुमाकर मेरा नाम इस विवाद में घसीटा गया, सिर्फ इसलिए क्योंकि गौरव धीर से मेरी दोस्ती है, जबकि इस कथित मामले से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।
एक सोची-समझी साज़िश का पर्दाफाश करते हुए, अमन अरोड़ा ने बताया कि ईडी ने शुरू में एक ऑफिशियल बयान जारी किया था जिसमें न तो उनका और न ही गौरव धीर का नाम था।
उन्होंने कहा कि असली बयान में सिर्फ “गौरव कंस्ट्रक्शन्स” का नाम था। अमन अरोड़ा ने कहा कि आधे घंटे के अंदर, ठीक उसी कंटेंट वाला एक और बयान जारी किया गया, जिसमें सिर्फ आखिरी पैराग्राफ में अमन अरोड़ा का नाम जोड़ा गया। इससे साफ साबित होता है कि मेरा नाम सिर्फ बाद में राजनीतिक रूप से टारगेट करने और मुझे बदनाम करने के लिए जोड़ा गया था। उन्होंने इस हेरफेर की पूरी जांच की मांग की।
अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि उन्होंने बुधवार से पहले इस केस से जुड़े कई लोगों के नाम सुने भी नहीं थे, जिनमें सुरेश कुमार बजाज, अजय सहगल, नितिन गोयल और प्रितपाल सिंह ढींढसा शामिल हैं। अमन अरोड़ा ने कहा कि मैंने कल अपनी ज़िंदगी में पहली बार ये नाम सुने।
गौरव धीर के बारे में बात करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि उनकी दोस्ती 22 साल से ज़्यादा पुरानी है और यह पूरी तरह से पर्सनल भरोसे और प्यार पर आधारित है। अमन अरोड़ा ने सवाल किया कि गौरव धीर पिछले 22-23 सालों से मेरे लिए भाई से भी बढ़कर हैं। दोस्ती कोई गुनाह नहीं है। लेकिन इस बात का क्या सबूत है कि उन्होंने या मैंने कुछ गलत किया है?
अपनी साफ़ इमेज को दोहराते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि उन्होंने सार्वजनिक जीवन में 31 साल से ज़्यादा बिताए हैं और उन पर भ्रष्टाचार या पद के गलत इस्तेमाल का कोई आरोप नहीं है। अमन अरोड़ा ने ऐलान किया कि अगर कोई यह साबित कर दे कि 1991 में राजनीति में आने के बाद से अमन अरोड़ा ने कभी किसी से एक रुपया भी मांगा हो, तो मैं तुरंत राजनीति छोड़ दूंगा।
भाजपा पर सीधा हमला करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि पार्टी ने उन राज्यों में ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करना एक आम राजनीतिक रणनीति बना ली है, जहां चुनाव पास हैं। अमन अरोड़ा ने दावा किया कि भाजपा दबाव बनाने, डर और झूठे प्रचार के ज़रिए लोगों को तोड़ने की कोशिश कर रही है, क्योंकि वह अपने विरोधियों को राजनीतिक तौर पर हरा नहीं सकती।
उन्होंने आगे ईडी पर अपने बयानों से जानबूझकर राजनीतिक रूप से असुविधाजनक डिटेल्स को हटाकर पक्षपाती रवैया अपनाने का आरोप लगाया। अमन अरोड़ा ने कहा कि इस मामले में नामजद लोगों में से एक, सुरेश कुमार बजाज ने 2023-24 के दौरान भाजपा को 2.5 लाख रुपये का डोनेशन दिया था, लेकिन यह बात जानबूझकर छिपाई गई।
अमन अरोड़ा ने कहा कि ईडी जानती है कि अमन अरोड़ा और गौरव धीर दोस्त हैं, लेकिन यह इस बात का ज़िक्र नहीं करती कि आरोपियों में से एक ने भाजपा को वित्तीय योगदान दिया है। यह इस पूरे ऑपरेशन के पीछे के असली राजनीतिक एजेंडे को सामने लाता है।
गौरव धीर के साथ अपने रिश्तों के बारे में लगाए गए आरोपों पर सफाई देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि हालांकि उनके निजी रिश्ते मज़बूत हैं, लेकिन उनके साथ उनका कभी कोई व्यापारिक लेन-देन नहीं रहा। अमन अरोड़ा ने कहा कि हमारी दोस्ती कल भी थी, आज भी है और हमेशा रहेगी। लेकिन दोस्ती का मतलब व्यापार में शामिल होना नहीं है।
ईडी को खुला चैलेंज देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि वह किसी भी जांच में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं। अगर ईडी को कोई शक है तो मुझे बुलाए। मैं खुद आऊंगा। मेरे फोन की फोरेंसिक जांच करवाए। अरोड़ा ने कहा कि अगर उनकी लिस्ट में बताए गए किसी भी व्यक्ति का कॉन्टैक्ट नंबर मेरे फोन में सेव पाया गया तो मैं खुद को दोषी मानूंगा।
मंत्री ने आगे कहा कि गौरव धीर पर रेड सिर्फ उनके करीबी होने की वजह से की गई लगती है। अमन अरोड़ा ने कहा कि सब कुछ इसी तरफ इशारा करता है कि गौरव धीर को मेरे करीबी होने की वजह से टारगेट किया गया।
ऑल्टस प्रोजेक्ट से जुड़े आरोपों पर बात करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि कंपनी के 600 एकड़ के मेगा प्रोजेक्ट को 2013-14 में चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) की मंजूरी मिली थी। उन्होंने साफ किया कि सभी सीएलयू लाइसेंस कंडीशनल हैं और तब तक वैलिड रहते हैं जब तक डेवलपर्स सरकारी पॉलिसी का पालन करते हैं। अमन अरोड़ा ने कहा, “मैं आठ महीने से इस डिपार्टमेंट का इंचार्ज हूं और मेरी समझ के हिसाब से, हर सीएलयू कंडीशनल है और तब तक रिन्यू होता है जब तक डेवलपर पॉलिसी के नियमों का पालन करता है और कुछ भी गलत नहीं करता है।”
उन्होंने आगे कहा कि गौरव धीर से कथित तौर पर जुड़े छह एकड़ के मामले को जानबूझकर राजनीतिक वजहों से तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। अमन अरोड़ा ने कहा कि मौजूद जानकारी के मुताबिक, ऑल्टस कभी गमाडा और पंजाब सरकार के सबसे बड़े डिफॉल्टर्स में से एक था, लेकिन आज उसके पास सरकार से ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ है और उसने सरकार का एक भी रुपया नहीं देना है।
अमन अरोड़ा ने सवाल किया कि अगर सारा बकाया चुका दिया गया है और पंजाब सरकार ने खुद नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी किया है, तो धोखाधड़ी कहां है?
अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा उन नेताओं के खिलाफ दबाव, झूठे प्रचार और चरित्र हनन को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है जो उसके सामने झुकने से इनकार करते हैं। अमन अरोड़ा ने कहा कि अगर भाजपा को लगता है कि वह एक ईमानदार बिजनेसमैन को फंसाकर और मेरी इमेज खराब करके अमन अरोड़ा को घुटनों पर ला सकती है, तो वे गलत हैं। ऐसी गंदी राजनीति पंजाब के लिए खतरनाक है।
अपनी साफ-सुथरी इमेज को एक बार फिर साबित करते हुए अमन अरोड़ा ने बिल्डर कम्युनिटी के किसी भी व्यक्ति को चैलेंज किया कि वह दावा करे कि उन्होंने कभी उनका कोई फायदा उठाया है। अमन अरोड़ा ने कहा कि तीन दशक से ज़्यादा की पब्लिक लाइफ और लगभग चार साल की सरकार में, मैंने कभी किसी से कुछ नहीं लिया, एक कप चाय भी नहीं।
अमन अरोड़ा ने अंत में कहा कि मैंने अपनी ज़िंदगी में ऐसा कुछ नहीं किया जो मैं खुलकर सिर ऊंचा करके न कह सकूं। अगर ईडी के पास कोई सवाल है तो मुझे समन भेजें और मैं पूरा सहयोग करूंगा। लेकिन मुझे राजनीतिक रूप से बदनाम करने का यह मनगढ़ंत प्रचार मुहिम सफल नहीं होगी।
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