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चुनाव से पहले अपने राजनीतिक विरोधियों को डराने के लिए भाजपा ED की रेड, चुनिंदा लीक और मनगढ़ंत कहानियों का इस्तेमाल कर रही है: Aman Arora
पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने गुरुवार को भाजपा की केंद्र सरकार और एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) पर मनगढ़ंत कहानियों, चुनिंदा जानकारी लीक करने और केंद्रीय एजेंसियों के गलत इस्तेमाल के ज़रिए उन्हें बदनाम करने के लिए राजनीति से प्रेरित मुहिम चलाने का आरोप लगाया।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, आप पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने सभी आरोपों से इनकार किया और पूरी घटना को चुनाव से पहले राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए भाजपा की डराने-धमकाने और चरित्र हनन की राजनीति का प्रतीक बताया।
अमन अरोड़ा ने बताया कि उन्हें बुधवार सुबह हुई ईडी की छापेमारी के बारे में बिल्कुल पता नहीं था क्योंकि वह विभाग की मीटिंग में शामिल होने से पहले अपनी मां की देखभाल कर रहे थे, जो पिछले दो हफ़्ते से आईसीयू में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें छापेमारी के बारे में तब पता चला जब मीटिंग के दौरान पार्टी के साथियों और मीडिया वालों के कॉल और वीडियो आने लगे।
पंजाब आप अध्यक्ष ने कहा कि मैं टेलीविज़न पर नोटों से भरे बैग के सीन देखकर हैरान रह गया। दोपहर करीब 3:30 बजे तक, मैं विभाग की मीटिंग में व्यस्त था और मुझे इस मामले से जुड़ी किसी भी तरह की कोई जानकारी नहीं थी।
उन्होंने कहा कि देर शाम उनके एक साथी ने उन्हें बताया कि उनके करीबी दोस्त गौरव धीर के घर पर भी रेड पड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि सुबह से शाम तक, एक झूठी कहानी बनाई गई और धीरे-धीरे घुमाकर मेरा नाम इस विवाद में घसीटा गया, सिर्फ इसलिए क्योंकि गौरव धीर से मेरी दोस्ती है, जबकि इस कथित मामले से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।
एक सोची-समझी साज़िश का पर्दाफाश करते हुए, अमन अरोड़ा ने बताया कि ईडी ने शुरू में एक ऑफिशियल बयान जारी किया था जिसमें न तो उनका और न ही गौरव धीर का नाम था।
उन्होंने कहा कि असली बयान में सिर्फ “गौरव कंस्ट्रक्शन्स” का नाम था। अमन अरोड़ा ने कहा कि आधे घंटे के अंदर, ठीक उसी कंटेंट वाला एक और बयान जारी किया गया, जिसमें सिर्फ आखिरी पैराग्राफ में अमन अरोड़ा का नाम जोड़ा गया। इससे साफ साबित होता है कि मेरा नाम सिर्फ बाद में राजनीतिक रूप से टारगेट करने और मुझे बदनाम करने के लिए जोड़ा गया था। उन्होंने इस हेरफेर की पूरी जांच की मांग की।
अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि उन्होंने बुधवार से पहले इस केस से जुड़े कई लोगों के नाम सुने भी नहीं थे, जिनमें सुरेश कुमार बजाज, अजय सहगल, नितिन गोयल और प्रितपाल सिंह ढींढसा शामिल हैं। अमन अरोड़ा ने कहा कि मैंने कल अपनी ज़िंदगी में पहली बार ये नाम सुने।
गौरव धीर के बारे में बात करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि उनकी दोस्ती 22 साल से ज़्यादा पुरानी है और यह पूरी तरह से पर्सनल भरोसे और प्यार पर आधारित है। अमन अरोड़ा ने सवाल किया कि गौरव धीर पिछले 22-23 सालों से मेरे लिए भाई से भी बढ़कर हैं। दोस्ती कोई गुनाह नहीं है। लेकिन इस बात का क्या सबूत है कि उन्होंने या मैंने कुछ गलत किया है?
अपनी साफ़ इमेज को दोहराते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि उन्होंने सार्वजनिक जीवन में 31 साल से ज़्यादा बिताए हैं और उन पर भ्रष्टाचार या पद के गलत इस्तेमाल का कोई आरोप नहीं है। अमन अरोड़ा ने ऐलान किया कि अगर कोई यह साबित कर दे कि 1991 में राजनीति में आने के बाद से अमन अरोड़ा ने कभी किसी से एक रुपया भी मांगा हो, तो मैं तुरंत राजनीति छोड़ दूंगा।
भाजपा पर सीधा हमला करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि पार्टी ने उन राज्यों में ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करना एक आम राजनीतिक रणनीति बना ली है, जहां चुनाव पास हैं। अमन अरोड़ा ने दावा किया कि भाजपा दबाव बनाने, डर और झूठे प्रचार के ज़रिए लोगों को तोड़ने की कोशिश कर रही है, क्योंकि वह अपने विरोधियों को राजनीतिक तौर पर हरा नहीं सकती।
उन्होंने आगे ईडी पर अपने बयानों से जानबूझकर राजनीतिक रूप से असुविधाजनक डिटेल्स को हटाकर पक्षपाती रवैया अपनाने का आरोप लगाया। अमन अरोड़ा ने कहा कि इस मामले में नामजद लोगों में से एक, सुरेश कुमार बजाज ने 2023-24 के दौरान भाजपा को 2.5 लाख रुपये का डोनेशन दिया था, लेकिन यह बात जानबूझकर छिपाई गई।
अमन अरोड़ा ने कहा कि ईडी जानती है कि अमन अरोड़ा और गौरव धीर दोस्त हैं, लेकिन यह इस बात का ज़िक्र नहीं करती कि आरोपियों में से एक ने भाजपा को वित्तीय योगदान दिया है। यह इस पूरे ऑपरेशन के पीछे के असली राजनीतिक एजेंडे को सामने लाता है।
गौरव धीर के साथ अपने रिश्तों के बारे में लगाए गए आरोपों पर सफाई देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि हालांकि उनके निजी रिश्ते मज़बूत हैं, लेकिन उनके साथ उनका कभी कोई व्यापारिक लेन-देन नहीं रहा। अमन अरोड़ा ने कहा कि हमारी दोस्ती कल भी थी, आज भी है और हमेशा रहेगी। लेकिन दोस्ती का मतलब व्यापार में शामिल होना नहीं है।
ईडी को खुला चैलेंज देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि वह किसी भी जांच में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं। अगर ईडी को कोई शक है तो मुझे बुलाए। मैं खुद आऊंगा। मेरे फोन की फोरेंसिक जांच करवाए। अरोड़ा ने कहा कि अगर उनकी लिस्ट में बताए गए किसी भी व्यक्ति का कॉन्टैक्ट नंबर मेरे फोन में सेव पाया गया तो मैं खुद को दोषी मानूंगा।
मंत्री ने आगे कहा कि गौरव धीर पर रेड सिर्फ उनके करीबी होने की वजह से की गई लगती है। अमन अरोड़ा ने कहा कि सब कुछ इसी तरफ इशारा करता है कि गौरव धीर को मेरे करीबी होने की वजह से टारगेट किया गया।
ऑल्टस प्रोजेक्ट से जुड़े आरोपों पर बात करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि कंपनी के 600 एकड़ के मेगा प्रोजेक्ट को 2013-14 में चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) की मंजूरी मिली थी। उन्होंने साफ किया कि सभी सीएलयू लाइसेंस कंडीशनल हैं और तब तक वैलिड रहते हैं जब तक डेवलपर्स सरकारी पॉलिसी का पालन करते हैं। अमन अरोड़ा ने कहा, “मैं आठ महीने से इस डिपार्टमेंट का इंचार्ज हूं और मेरी समझ के हिसाब से, हर सीएलयू कंडीशनल है और तब तक रिन्यू होता है जब तक डेवलपर पॉलिसी के नियमों का पालन करता है और कुछ भी गलत नहीं करता है।”
उन्होंने आगे कहा कि गौरव धीर से कथित तौर पर जुड़े छह एकड़ के मामले को जानबूझकर राजनीतिक वजहों से तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। अमन अरोड़ा ने कहा कि मौजूद जानकारी के मुताबिक, ऑल्टस कभी गमाडा और पंजाब सरकार के सबसे बड़े डिफॉल्टर्स में से एक था, लेकिन आज उसके पास सरकार से ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ है और उसने सरकार का एक भी रुपया नहीं देना है।
अमन अरोड़ा ने सवाल किया कि अगर सारा बकाया चुका दिया गया है और पंजाब सरकार ने खुद नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी किया है, तो धोखाधड़ी कहां है?
अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा उन नेताओं के खिलाफ दबाव, झूठे प्रचार और चरित्र हनन को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है जो उसके सामने झुकने से इनकार करते हैं। अमन अरोड़ा ने कहा कि अगर भाजपा को लगता है कि वह एक ईमानदार बिजनेसमैन को फंसाकर और मेरी इमेज खराब करके अमन अरोड़ा को घुटनों पर ला सकती है, तो वे गलत हैं। ऐसी गंदी राजनीति पंजाब के लिए खतरनाक है।
अपनी साफ-सुथरी इमेज को एक बार फिर साबित करते हुए अमन अरोड़ा ने बिल्डर कम्युनिटी के किसी भी व्यक्ति को चैलेंज किया कि वह दावा करे कि उन्होंने कभी उनका कोई फायदा उठाया है। अमन अरोड़ा ने कहा कि तीन दशक से ज़्यादा की पब्लिक लाइफ और लगभग चार साल की सरकार में, मैंने कभी किसी से कुछ नहीं लिया, एक कप चाय भी नहीं।
अमन अरोड़ा ने अंत में कहा कि मैंने अपनी ज़िंदगी में ऐसा कुछ नहीं किया जो मैं खुलकर सिर ऊंचा करके न कह सकूं। अगर ईडी के पास कोई सवाल है तो मुझे समन भेजें और मैं पूरा सहयोग करूंगा। लेकिन मुझे राजनीतिक रूप से बदनाम करने का यह मनगढ़ंत प्रचार मुहिम सफल नहीं होगी।
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मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने 10 प्रमुख प्रक्रियाओं के तहत 2.44 लाख मरीज़ों को दिया कैशलेस उपचार, ₹316.50 करोड़ से अधिक ख़र्च
गंभीर बीमारी केवल मरीज़ के स्वास्थ्य की परीक्षा नहीं लेती, बल्कि अक्सर पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति को भी झकझोर देती है। भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब में इस स्थिति को लगातार बदल रही है और महँगे चिकित्सा उपचार की लागत को परिवारों की चिंता से बाहर करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
आंकड़े खुद पूरी कहानी बयाँ करते हैं। योजना के तहत सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली प्रमुख 10 चिकित्सा प्रक्रियाओं में ही अब तक 2,44,468 कैशलेस उपचार उपलब्ध करवाए जा चुके हैं, जिन पर ₹316.50 करोड़ से अधिक का ख़र्च किया गया है। सप्ताह में कई बार डायलिसिस की आवश्यकता वाले मरीज़ों से लेकर हृदय की सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) या आपातकालीन सीज़ेरियन डिलीवरी करवाने वाली महिलाओं तक—योजना ऐसे उपचारों को कवर कर रही है, जिनका ख़र्च कई परिवारों के लिए वहन करना मुश्किल हो सकता था।
यह पैटर्न कोई संयोग नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनियाभर में स्वास्थ्य प्रणालियाँ हृदय रोग, डायबिटीज़ और किडनी संबंधी विकारों जैसी दीर्घकालिक बीमारियों में तेज़ वृद्धि देख रही हैं। पंजाब भी इससे अलग नहीं है। योजना के तहत डायलिसिस, हृदय उपचार और जोड़ प्रत्यारोपण (जॉइंट रिप्लेसमेंट)की बढ़ती माँग ऐसे स्वास्थ्य तंत्र को दर्शाती है, जो ऐसी बीमारियों की बढ़ती चुनौती का सामना कर रहा है, जो एक बार अस्पताल जाने से समाप्त नहीं होतीं; बल्कि इनके लिए निरंतर, विशेषज्ञ और अक्सर महँगे उपचार की आवश्यकता होती है।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA), पंजाब, के आंकड़ों के अनुसार, क्रॉनिक हीमोडायलिसिस, योजना के तहत सबसे अधिक ली जाने वाली प्रक्रिया बनी हुई है। कुल 1,87,656 डायलिसिस सत्र, जिनकी लागत ₹30.65 करोड़ से अधिक है, उपलब्ध करवाए जा चुके हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया गया है कि क्रॉनिक किडनी रोग से जूझ रहे मरीज़ हर बार अस्पताल जाने के लिए पैसे जुटाने की लगातार चिंता किए बिना अपना उपचार जारी रख सकें।
योजना के तहत 17,698 लैप्रोस्कोपिक गॉल ब्लैडर सर्जरी भी की गई हैं, जो दूसरी सबसे अधिक करवाई जाने वाली प्रक्रिया है। इसके बाद 10,751 टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई हैं, जिससे हज़ारों बुज़ुर्ग मरीज़ों को दोबारा चलने-फिरने और आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद मिली है। इसके अलावा, 9,317 महिलाओं को कैशलेस सीज़ेरियन डिलीवरी की सुविधा मिली, जिससे परिवारों पर उस महत्त्वपूर्ण समय में पड़ने वाला आर्थिक दबाव कम हुआ, जब उन्हें सबसे अधिक सुरक्षा और सहायता की आवश्यकता होती है।
हृदय उपचार भी योजना का एक महत्त्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है। कुल 8,734 मरीज़ों की पर्क्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (PTCA) के साथ डायग्नोस्टिक एंजियोग्राफी की गई, जबकि 554 मरीज़ों की कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग (CABG) की गई, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिली कि लागत के कारण जीवनरक्षक हृदय उपचार में देरी न हो।
योजना के तहत किडनी स्टोन के उपचार के लिए 5,770 पर्क्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी (PCNL) प्रक्रियाएँ, 2,247 लोअर यूरेटर सर्जरी, 911 सीमेंटलेस टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी और 830 रेडिकल सर्जिकल प्रक्रियाएँ भी कवर की गई हैं। यह विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में उन्नत और महँगे उपचार उपलब्ध करवाने की योजना की क्षमता को दर्शाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “किसी भी स्वास्थ्य कार्यक्रम की वास्तविक सफलता का पैमाना कागज़ों पर दर्ज लाभार्थियों की संख्या नहीं, बल्कि उन परिवारों की संख्या है, जिन्हें आर्थिक संकट में पड़े बिना समय पर इलाज मिलता है। किसी स्वास्थ्य योजना की सफलता इसके द्वारा बदली गई ज़िंदगियों में दिखाई देती है।ये आंकड़े उन हज़ारों परिवारों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिन्हें अस्पताल के बिलों की चिंता किए बिना गुणवत्तापूर्ण उपचार मिला। चाहे आजीवन डायलिसिस की आवश्यकता वाला मरीज़ हो, नी रिप्लेसमेंट करवाने वाला बुज़ुर्ग व्यक्ति हो , सुरक्षित सीज़ेरियन डिलीवरी की आवश्यकता वाली महिला हो या आपातकालीन हृदय उपचार की ज़रूरत वाला मरीज़ हो —मुख्यमंत्री सेहत योजना यह सुनिश्चित कर रही है कि आर्थिक बाधाएँ स्वास्थ्य सेवा हासिल करने में कभी रुकावट न बनें।”
उन्होंने कहा कि योजना के तहत कवर की जाने वाली विभिन्न चिकित्सा प्रक्रियाएँ पंजाब में ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करने के प्रयासों को दर्शाती हैं जो केवल सामान्य उपचार तक सीमित नहीं है बल्कि गंभीर और जटिल बीमारियों के महँगे इलाज में भी मरीज़ों को सहायता प्रदान करने में सक्षम है।
आंकड़ों से परे, यह डेटा एक बड़े बदलाव की ओर भी संकेत करता है। अधिक लोग आर्थिक रूप से सुलभ उपचार के कारण दीर्घकालिक बीमारियों से उबर रहे हैं। अधिक बुज़ुर्ग मरीज़ दोबारा चलने-फिरने में सक्षम हो रहे हैं। अधिक महिलाओं को अस्पतालों में मातृ स्वास्थ्य सेवाएँ मिल रही हैं और अधिक परिवार अस्पताल के बिलों के लिए पैसे जुटाने के बजाय मरीज़ के स्वस्थ होने पर ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं।
योजना के विस्तार के साथ यह पंजाब के सबसे मज़बूत सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक के रूप में उभर रही है, जो केवल स्वास्थ्य उपचार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं करवाती, बल्कि गंभीर बीमारी के कारण परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक झटके से भी उन्हें बचाने का काम कर रही है।
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‘आप’ आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार, 117 सीटों पर बूथ स्तर की तैयारियां शुरू
आम आदमी पार्टी (आप) ने पूरे राज्य में अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को तेज़ करते हुए आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है, जिसमें पार्टी के बूथ स्तर नेटवर्क को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं और वॉलंटियर्स को चुनाव मैदान के लिए तैयार करने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में, आप के सीनियर नेता और पंजाब इंचार्ज मनीष सिसोदिया ने पार्टी कार्यकर्ताओं और वॉलंटियर्स के साथ जिलेवार मीटिंग करना शुरू कर दिया है।
ये मीटिंग ज़मीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और पंजाब सरकार के काम को घर-घर तक पहुंचाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को तैयार करने पर फोकस हैं। इस संगठनात्मक कवायद के तहत, पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में बूथ इंचार्ज की मीटिंग होंगी।
पटियाला ग्रामीण के अपने दौरे के दौरान मनीष सिसोदिया ने संगठन के साथियों और कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग की, जिसमें आने वाली तैयारियों पर खुलकर चर्चा हुई। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अपनी बातचीत को याद करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा, “अपने साथियों के बीच बैठना एक अनोखा अनुभव था, जिससे पुरानी यादें ताज़ा हो गईं और आगे के सफर के लिए जोश दोगुना हो गया।”
पार्टी की संगठन टीमों को भगवंत मान सरकार द्वारा पिछले 4.5 सालों में किए गए कामों को सीधे लोगों तक पहुंचाने के लिए तैयार किया जा रहा है। कैंपेन का मुख्य फोकस सरकार की ज़रूरी पहलों को घर-घर तक पहुंचाना होगा, जिसमें मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना, 300 यूनिट मुफ़्त बिजली योजना, खेती के लिए नहर का पानी और ‘मावां धियां सत्कार योजना’ के तहत महिलाओं को दी जा रही आर्थिक मदद शामिल है।
चल रहे अभ्यास के तहत पटियाला में बूथ इंचार्जों की एक मीटिंग भी हुई, जिसमें कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और पार्टी के सीनियर नेता शामिल हुए। इसी तरह, भदौर में भी बूथ इंचार्जों की मीटिंग हुई, जिसमें विधायक लाभ सिंह उगोके और पार्टी के सीनियर नेता शामिल हुए।
इन मीटिंग के ज़रिए आप अपने बूथ स्तर के संगठन को मज़बूत कर रही है और अपने वर्करों और वॉलंटियर्स को आने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए सभी 117 विधानसभा सीटों पर लोगों से जुड़े रहने और पंजाब सरकार के काम को घर-घर तक पहुंचाने के लिए तैयार कर रही है।
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CM भगवंत मान ने डेरा सचखंड बल्लां में श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र पर रखा नींव पत्थर
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां में श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र का नींव पत्थर रखा। पंजाब सरकार की ओर से बनाए जाने वाले इस केंद्र पर करीब 24.55 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस केंद्र का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, बाणी और उनकी महान शिक्षाओं से जोड़ना है।
इस अध्ययन केंद्र में बच्चों को श्री गुरु रविदास जी की जीवनी, उनकी बाणी और मानवता को दिए गए संदेश के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। उनकी शिक्षाओं में समानता, भाईचारे, सेवा, प्रेम और सामाजिक सद्भाव को विशेष महत्व दिया गया है। केंद्र के माध्यम से नई पीढ़ी को इन विचारों से परिचित कराने और उन्हें अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस केंद्र में हॉस्टल और स्टाफ के लिए आवासीय व्यवस्था भी की जाएगी। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को यहां रहकर अध्ययन करने में सुविधा मिलेगी। केंद्र में अध्ययन और शोध के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की भी योजना है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाएं केवल एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनकी बाणी समाज में समानता, भाईचारे और मानव कल्याण का संदेश देती है। ऐसे में इस केंद्र के जरिए इन महान विचारों को बच्चों और युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
करीब 24.55 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह केंद्र आने वाले समय में श्री गुरु रविदास जी की बाणी और जीवन से जुड़े अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। पंजाब सरकार का कहना है कि इस पहल से नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध विरासत और गुरु साहिब की शिक्षाओं को समझने का अवसर मिलेगा।
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