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पुलिस को फिर से चकमा, जेल से पेशी पर आया हवालाती फरार, जानें कहां का है मामला
लुधियाना : पंजाब में एक बार फिर जेल से पेशी पर लाया गया हवालाती पुलिस को चकमा देने में सफल हो गया है। यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी अलग-अलग स्थानों में कई बार आरोपी पेशी के दौरान पुलिस की गिरफ्त से फरार होते रहे हैं। ऐसा ही मामला आज लुधियाना में सामने आया है। जहां पर बताया जा रहा है कि लुधियाना की सैट्रल जेल से पेशी के लिए लाया गया हवालाती कोर्ट परिसर से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया है। दरअसल मनदीप सिंह नामक हवालाती की आज कोर्ट में पेशी थी, जिसे कि पुलिस सुरक्षा के बीच कोर्ट में लाया जा रहा था कि ऐन मौके पर पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार हो गया है। आरोपी शिमलापुरी का रहने वाला बताया जा रहा है। आरोपी छीना-झपटी का मामला दर्ज होने के चलते जेल में बंद था।
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हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए हमारी सरकार 7,000 किलोमीटर नई पाइपलाइनें बिछाएगी: CM भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि पंजाब के हर खेत तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए उनकी सरकार इस वर्ष के अंत तक 7,000 किलोमीटर और पाइपलाइनें बिछाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें पहले ही बिछाई जा चुकी हैं, जो कनाडा से मोगा तक की दूरी के बराबर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार भूमिगत जल स्तर को ऊंचा उठाने के लिए वाटर रिचार्ज प्वाइंट भी बना रही है।
मोगा के भल्लूर में आयोजित एक ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने लगभग 80 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि तक नहरी पानी पहुंचाना सुनिश्चित किया है, जबकि पिछली सरकारों ने किसानों की अनदेखी की थी।
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में जनता द्वारा नकारी गई पार्टियां मेरे खिलाफ इसलिए एकजुट हो गई हैं क्योंकि वे उनकी सरकार के कार्यों का मुकाबला नहीं कर सकतीं। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के लोग अपने शासनकाल के दौरान राज्य को लूटने वालों को कभी भी दोबारा सत्ता में नहीं आने देंगे।
लोक मिलनी के दौरान लोगों की भारी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने राज्य के कोने-कोने में किसानों की सुविधा के लिए पूरे प्रदेश में 14,000 किलोमीटर पाइपें बिछाई हैं और खाले बनाए हैं। अब तक इन पाइपलाइनों और खालों में 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है ताकि किसानों की सिंचाई संबंधी जरूरतों को पूरा कर उन्हें बड़ा लाभ पहुंचाया जा सके। नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं ताकि जल स्तर को ऊंचा उठाया जा सके और इससे पानी का स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है।”
सिंचाई और बेअदबी के मुद्दे पर अकालियों पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकालियों, खासकर बादलों को कभी यह पता ही नहीं था कि एक आम किसान के लिए नहरी पानी का क्या महत्व है, क्योंकि खाल केवल उनके अपने खेतों में ही समाप्त होते थे। जब वे सत्ता में थे, तब वे ऐसा कानून बनाने के लिए कभी भी गंभीर नहीं थे। सच्चाई यह है कि उनकी नीयत में खोट थी। अकालियों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए बेअदबी की घटनाएं होने दीं। अकाली दल अब केवल ‘ननद-भाभी’ की पार्टी बनकर रह गया है, क्योंकि ननद सांसद है और भाभी पंजाब विधानसभा में विधायक हैं।”
सुखबीर बादल पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “सुखबीर बादल वर्ष 2022 की हार के कारण अभी भी सदमे में हैं और आज भी सपनों की दुनिया में जी रहे हैं, जो उनके बयानों से साफ झलकता है। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने हाल ही में कहा है कि उन्होंने अपने सभी विधायकों को विधानसभा में न जाने के आदेश दिए हैं। वे यह भूल गए हैं कि अकाली दल का अब केवल एक ही विधायक बचा है, जो उनका रिश्तेदार ही है। अकाली, कांग्रेस और भाजपा जानते हैं कि वे राजनीतिक रूप से मेरा मुकाबला नहीं कर सकते, इसलिए वे फर्जी वीडियो के माध्यम से धार्मिक मुद्दों पर मुझे बदनाम करने के लिए एकजुट हो गए हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “अकाली नेताओं ने अपने लंबे और जालिमाना शासनकाल के दौरान राज्य को बेरहमी से लूटा और आम आदमी पर अनगिनत तथा अक्षम्य अत्याचार किए। अकालियों ने पंजाबियों की मानसिकता को गहरी ठेस पहुंचाई और पंजाब को बर्बाद करने के लिए राज्य में कई माफियाओं को संरक्षण दिया। अकाली नेतृत्व को कभी भी माफ नहीं किया जा सकता क्योंकि वह राज्य की कई पीढ़ियों की बर्बादी के लिए जिम्मेदार था, क्योंकि उनके लंबे कुशासन के दौरान नशे के कारोबार को संरक्षण मिला। अकालियों ने पूरे राज्य में ‘चिट्टे’ की आपूर्ति के लिए अपनी सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल किया और हमारे नौजवानों की चिताएं जलाईं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पारंपरिक राजनीतिक दल लगातार मुझ पर कोई न कोई आरोप लगाकर मुझे बदनाम करने की कोशिश करते रहते हैं। अब एस.जी.पी.सी. (शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति) ने गुरुद्वारों के बाहर मेरे बहिष्कार के पोस्टर लगाने के आदेश दिए हैं। हालांकि, ऐसे पोस्टर अकाली दल या सुखबीर बादल के खिलाफ क्यों नहीं लगाए गए, जब उन्होंने बेअदबी की घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार की थी? 2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होकर उन्होंने अपनी गलतियां स्वीकार कीं, अपने गुनाह कबूल किए, गोलीकांड की घटनाओं की जिम्मेदारी ली और माना कि संगत के खिलाफ आदेश दिए गए थे। क्या किसी ने गुरुद्वारों के बाहर उनके बहिष्कार के पोस्टर लगाए थे?”
राज्यभर से मिल रहे जनसमर्थन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “संगत समझदार है और जनता ही सर्वोच्च है। ये लोग अहंकार में आकर यह सब कर रहे हैं क्योंकि उनके पास मेरे खिलाफ कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है। जब भी मैं गांवों, सामाजिक समारोहों और जनसभाओं में जाता हूं तो भारी जनसमूह उमड़ता है। विपक्ष इस भीड़ को बर्दाश्त नहीं कर सकता क्योंकि वह स्वयं ऐसा जनसमर्थन हासिल नहीं कर सकता। इसी बौखलाहट में पारंपरिक राजनीतिक दल मुझ पर बेबुनियाद आरोप लगाकर बेहद घटिया स्तर की राजनीति पर उतर आए हैं, जिसे जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।”
कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कांग्रेस पार्टी अपनी अंतिम सांसें गिन रही है और बहुत जल्द समाप्त हो जाएगी क्योंकि उसके पास न तो जनता के लिए और न ही राज्य के लिए कोई विजन है। उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हासिल कर पंजाब की दौलत को लूटना है, लेकिन उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे। कांग्रेस पार्टी बिखर चुका एक घर है, जो अपनी आंतरिक कलह के कारण स्वयं ढह जाएगा। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस के बड़े नेता, जो यहां इन नेताओं को एकजुट करने आते हैं, उन्हें इनके नामों का सही उच्चारण तक नहीं आता।”
सरकार के जनहितैषी शासन मॉडल पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आप सरकार राज्य के खजाने के एक-एक पैसे का उपयोग जनता की भलाई के लिए पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कर रही है। राज्य के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। यहां तक कि किसानों को भी अब दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जो पहले कभी नहीं हुआ। जनता के टैक्स का पैसा जनता का है और हम उसे जनता के कल्याण के लिए विवेकपूर्ण ढंग से खर्च कर रहे हैं। जनता का धन विकास कार्यों, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से फिर से जनता के पास लौट रहा है।”
अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार अब वास्तव में जनता के लिए काम कर रही है। सरकार ने घरों को मुफ्त बिजली, 68,000 से अधिक युवाओं को बिना किसी भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां, बेहतर सड़कें, प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत कराने वाले टोल प्लाजा बंद किए हैं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई हैं तथा बुनियादी ढांचे के विकास सहित अनेक महत्वपूर्ण पहल की हैं। राज्य सरकार गांवों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है और इसके लिए अनुदान भी प्रदान किए जा रहे हैं। युवाओं को नशे की बुराई से दूर रखने के लिए राज्य में 3,100 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं।”
राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। इसके तहत पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। यह गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने वाला देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करते हुए जनता पर आर्थिक बोझ को काफी कम किया है। यह ऐतिहासिक कदम राज्य के सभी परिवारों को व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। अब तक लोग इस योजना के तहत 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज करा चुके हैं।”
‘मावां धियां सतिकार योजना’ के बारे में मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “1 जुलाई से 18 वर्ष से अधिक आयु की महिला लाभार्थियों को उनके मोबाइल फोन पर सूचना मिलनी शुरू हो जाएगी। अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह तथा अन्य सभी वर्गों की महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी और जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, वे भी इस योजना के लिए पात्र होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है और राज्य सरकार ने इसके लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।”
नशा विरोधी अभियान की सफलता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान नशे की बुराई की कमर तोड़ने में सहायक सिद्ध हुआ है और जनता के सहयोग से इस अभिशाप को राज्य से पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। नशे की आपूर्ति श्रृंखला पहले ही तोड़ दी गई है और इस घिनौने अपराध में शामिल बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। अब आवश्यकता इस अभियान को और अधिक गति देने की है, जिसके लिए लोगों को आगे आना होगा।”
पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में हुए बदलावों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सत्ता संभालने के बाद मैंने राज्य की तरक्की और समृद्धि, विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया। पिछली सरकारों ने पूरे राज्य के स्कूलों को केवल ‘मिड-डे मील सेंटर’ बनाकर रख दिया था, लेकिन अब ये स्कूल शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्र बन गए हैं। पंजाब सरकार राज्य में शिक्षा को बढ़ावा देने और गरीब विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के मिशन पर कार्य कर रही है।”
स्कूली शिक्षा में पंजाब की नवीनतम उपलब्धि का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। सरकार ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा को उन्नत बनाया है, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं तथा शिक्षकों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान किया है।”
उन्होंने कहा, “इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि पंजाब स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रहा है। भारत सरकार के प्रमुख संस्थानों में से एक नीति आयोग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।”
लोक मिलनी की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “भलूर में आयोजित लोक मिलनी में शामिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति का मैं हृदय से धन्यवाद करता हूं। भीषण गर्मी के बावजूद आपका वहां पहुंचना मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। गांव के विकास के लिए आज 51 लाख रुपये का चेक सौंपा गया। आज पंजाब के 90 प्रतिशत घरों के बिजली बिल शून्य हैं, जबकि राज्य मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में देश में नंबर एक बनकर उभरा है। हमने यह सुनिश्चित किया है कि 80 प्रतिशत किसानों को अब नहरी पानी उपलब्ध हो रहा है और आने वाले दिनों में भलूर के प्रत्येक खेत को नहर के मोघे से जोड़ा जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा, “नशा तस्करों की संपत्तियां जब्त की गई हैं और नशे की बुराई के विरुद्ध हमारी मुहिम पूरी ताकत के साथ जारी रहेगी। आज आपने जो भरपूर प्यार और समर्थन दिया है, उससे स्पष्ट है कि आप पारंपरिक राजनीतिक नेताओं को हमेशा के लिए अलविदा कहने के लिए तैयार हैं। आइए, हम सब मिलकर पंजाब को और अधिक समृद्ध बनाएं तथा उसे विकास की नई बुलंदियों तक पहुंचाएं।”
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श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश हुए सिख विधायक और मंत्री, पंजाब सरकार ने गहरी श्रद्धा व्यक्त की और सुझावों पर विचार करने का दिया भरोसा
नम्रता और श्रद्धा की भावना के साथ, पंजाब के सिख विधायक और मंत्री सोमवार को अमृतसर के श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद नंगे पैर श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश हुए। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सिखों की सर्वोच्च संस्था के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा दोहराई और कहा कि पंजाब सरकार श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा और पवित्रता को पूरी तरह कायम रखते हुए मिले सुझावों पर पूरा विचार करेगी।
श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने और कैबिनेट मंत्रियों तथा विधायक के साथ श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए, स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि उन्हें गुरु रामदास जी का आशीर्वाद लेने और आदरणीय जत्थेदार साहिब के साथ सार्थक विचार विमर्श करने का सौभाग्य प्रप्त हुआ। उन्होंने कहा, “मैं खुशकिस्मत था कि मुझे श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने और उससे पहले, जत्थेदार साहिब के बुलावे पर श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होने का मौका मिला। पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों और विधायक के साथ, हमारी आदरणीय जत्थेदार साहिब के साथ लंबी, एक सार्थक और रचनात्मक चर्चा हुई । मैं अरदास करता हूं कि गुरू साहिब हम सब पर अपनी दया दृष्टि बनाए रखें।”
श्री अकाल तख्त साहिब के सर्वोच्च सम्मान पर ज़ोर देते हुए, स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा, “श्री अकाल तख्त साहिब एक पवित्र संस्था है जिसका पंजाब के लोगों और पंजाब सरकार के दिलों में बहुत सम्मान है। हम जत्थेदार साहिब, इस संस्था, सिख पंथ और श्री गुरु ग्रंथ साहिब का सर्वोच्च सम्मान करते हैं।”
उन्होंने कहा कि संस्था की मर्यादा और पवित्रता को ध्यान में रखते हुए, विचार विमर्श की जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा। उन्होंने आगे कहा, “श्री अकाल तख्त साहिब में जिन मामलों पर चर्चा हुई, उन्हें सरकार के ध्यान में लाया जाएगा ताकि उन पर सही तरीके से विचार किया जा सके। हालांकि, इस पवित्र संस्था की मर्यादा और सम्मान को मुख्य रखते हुए, चर्चा के ब्यौरे में जाना उचित नहीं होगा।”
इस बीच, कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब ने पंजाब सरकार को प्रस्तावित बदलावों और सुझावों पर विचार करने के लिए एक महीने का समय दिया है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बदलावों और सुझावों को पंजाब विधानसभा के स्पीकर के ज़रिए औपचारिक रूप सांझा किया जाएगा। उन्होंने कहा, “ एक बार जब श्री अकाल तख्त साहिब से प्रस्तावित संशोधन प्राप्त हो जाएंगे, तो सरकार उनका विस्तार से समीक्षा करेगी और सोच-विचार के बाद सही फैसला लेगी।”
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कादियां हल्के को जल्द मिलेगा सब-डिवीजन का दर्जा; लोगों को सभी सरकारी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी: CM भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि कादियां हल्के को सब-डिवीजन के रूप में अपग्रेड किया जाएगा, जिससे लोगों की लंबे समय से लटकती आ रही मांग पूरी होगी और आधुनिक प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स के माध्यम से सभी प्रमुख सरकारी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। कादियां में विशेष जनता कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अकाली नेतृत्व पर तीखे निशाने साधते हुए कहा कि उन्होंने वोट हासिल करने के लिए लोगों को डराया-धमकाया और वर्षों तक पंजाब को लूटा।
पंजाबियों को “चोरों, लुटेरों और ठगों” के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों से अपील की कि वे साल 2027 के चुनावों में ‘झाड़ू’ को इतने निर्णायक ढंग से चलाएं कि विपक्षी दल को सूबे को गंदला करने का फिर कोई मौका न मिले। मुख्यमंत्री ने किसानों को यह भरोसा भी दिया कि कीड़ी शुगर मिल के गन्ने के बकाए जल्द ही अदा कर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की लोक-पक्षीय पहलकदमियों, जिनमें 90 फीसद घरों के लिए शून्य बिजली बिल और 47 लाख परिवारों के लिए 10 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा शामिल है, का जिक्र करते हुए लोगों से ‘रंगला पंजाब’ बनाने में एकजुट होने की अपील की।
इस कार्यक्रम की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एक्स’ पर लिखा: “माझे की बहादुर धरती और कादियां हल्के के लोगों के अपार प्यार और स्नेह के लिए तहे दिल से धन्यवाद। लोगों की लंबे समय से लटकती आ रही मांग को पूरा करते हुए मैंने घोषणा की है कि कादियां को अब सब-डिवीजन बनाया जाएगा। एस.डी.एम., डी.एस.पी., और ए.डी.सी. के कार्यालय एक ही आधुनिक इमारत से काम करेंगे, जिससे लोगों को सरकारी सेवाएं लेने में होने वाली ख्वारी खत्म होगी। हल्के के विकास को और तेज करने के लिए गुरइकबाल सिंह माहल को हल्के का नया सेवादार नियुक्त किया गया है।”
“पारंपरिक राजनीतिक नेताओं द्वारा शोषण का दौर अब खत्म हो गया है। आज पंजाब के 90 फीसद घरों के बिजली बिल शून्य आ रहे हैं, और 47 लाख परिवार पहले ही 10 लाख रुपये के कैशलेस स्वास्थ्य उपचार के कार्ड प्राप्त कर चुके हैं। आओ, हम सब मिलकर खुशहाल पंजाब का निर्माण करें।”
विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बड़ी भीड़ दिखाती है कि कादियां के लोग बदलाव लाने और इस हल्के को उस परिवार से मुक्त करवाने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जिसने दशकों तक यहां राज किया है। पिछली सरकारों ने पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र के विकास को अनदेखा किया, पर हमारी सरकार ने इसकी तरक्की को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश की है। सीमा पर रहने वाले लोग सच्चे देशभक्त हैं जो हमेशा देश के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे हैं, और हमारी सरकार उनकी भलाई के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस विधानसभा हल्के की लंबे समय तक नुमाइंदगी करने वाले स्मगलरों ने पंजाब की पीढ़ियों को बरबाद कर दिया है। लोगों को आने वाले विधानसभा चुनावों में उन्हें उचित सबक सिखाना चाहिए।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम पड़ोस की बेकरियों में बने बिस्कुट खाकर बड़े हुए हैं, जबकि पहाड़ों के कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े ये नेता अपने पिता-दादाओं द्वारा स्मगल किए गए सोने के बिस्कुट खाते रहे हैं। उनके पास न तो कोई विचारधारा है और न ही जनता की सेवा के लिए कोई वचनबद्धता। उनका एकमात्र उद्देश्य हमेशा सत्ता पर काबिज होना रहा है। अब समय आ गया है कि लोग बेकरी के बिस्कुटों और सोने के बिस्कुटों के बीच फर्क को समझें।”
उन्होंने कहा, “इन शाही नेताओं का आम पंजाबियों से कोई लेना-देना नहीं है। इनकी गाड़ियां, कपड़े और जीवनशैली हमसे बिल्कुल अलग है। जिन्होंने विधानसभा, राज्यसभा और लोकसभा में इस क्षेत्र का नुमाइंदगी की, उन्होंने कभी इसके विकास के लिए काम नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने सड़कों पर टोल लगाए और लोगों पर बोझ डाला। यहां तक कि उनका अपना घर भी बंटा हुआ है, जिस पर अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के झंडे लहरा रहे हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मेरा नाम पारंपरिक पार्टियों के नेताओं के लिए डरावना सपना बन गया है क्योंकि मैंने उनके बुरे कामों को लोगों के सामने बेनकाब किया है। वे इस बात को हजम नहीं कर पा रहे कि एक आम आदमी का बेटा पंजाब को सफलतापूर्वक चला रहा है। लोगों ने इन नेताओं को पहले ही नकार दिया है क्योंकि उन्होंने हमेशा पंजाब और पंजाबियों से ज्यादा अपने परिवारों की परवाह की है।”
कादियां को जल्द ही सब-डिवीजन बनाने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सभी औपचारिक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर ली जाएंगी ताकि लोगों को अपने कार्यों के लिए अधिक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल डूबता हुआ जहाज है और उसके समझदार नेता भी जनता के हित में पार्टी छोड़ रहे हैं। वर्षों तक लोगों ने अकालियों को इस सोच के साथ वोट दिए कि वे महान गुरुओं की पवित्र ‘तकड़ी’ का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन उन्होंने जनता को लूटा और अवैध कारोबारों में हिस्सेदारी की।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा जानते हैं कि वे राजनीतिक रूप से मेरा मुकाबला नहीं कर सकते। इसलिए वे फर्जी वीडियो के माध्यम से धार्मिक मुद्दों पर मुझे बदनाम करने के लिए एकजुट हो गए हैं। अकाली नेतृत्व ने पंजाब को बेरहमी से लूटा और आम लोगों पर अनेकों अक्षम्य अत्याचार किए। उन्होंने राज्य को तबाह करने वाले माफिया को संरक्षण दिया और नशे के कारोबार को बढ़ावा दिया, जिसके कारण उनके लंबे शासनकाल में पंजाब की कई पीढ़ियां बर्बाद हो गईं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार पूरे पंजाब में 43,000 किलोमीटर से अधिक लिंक सड़कों का नवीनीकरण कर रही है तथा ठेकेदारों को उनके रखरखाव के लिए जवाबदेह बनाया गया है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सरकारी खजाने का प्रत्येक पैसा जनता के कल्याण और पंजाब के सर्वांगीण विकास पर विवेकपूर्ण ढंग से खर्च हो।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। पहली बार किसानों को दिन के समय भी बिना किसी रुकावट के बिजली आपूर्ति मिल रही है, जिसे कभी असंभव माना जाता था।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “जनता से एकत्र किया गया कर का पैसा उन्हीं का है और हमारी सरकार उसे पूरी ईमानदारी से जनता के कल्याण पर खर्च कर रही है। प्रत्येक रुपया विकास, बेहतर स्कूलों, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं, बेहतर सड़कों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण पर लगाया जा रहा है। जनता का पैसा अब कुछ लोगों की जेबें भरने के बजाय सीधे जनता के हित में खर्च हो रहा है।”
भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार ने घरों को मुफ्त बिजली दी है, युवाओं को बिना किसी भ्रष्टाचार के 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं, सड़क नेटवर्क को मजबूत किया है, टोल प्लाजा बंद कर लोगों के प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये बचाए हैं, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया है, आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है तथा पंजाब के हित में अनेक ऐतिहासिक पहलें की हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “जब हमारी सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब राज्य में सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा था। आज यह बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है, जिससे किसानों को अधिक पानी उपलब्ध हो रहा है और भूजल पर निर्भरता कम हुई है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार गांवों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है और प्रत्येक गांव के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए अनुदान जारी किए जा रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के लिए पंजाब सरकार 15 जुलाई तक पूरे राज्य में नव-निर्मित 3,100 खेल मैदान जनता को समर्पित करेगी। नशे के विरुद्ध हमारी लड़ाई में खेलों को बढ़ावा देना सबसे प्रभावी हथियारों में से एक है, क्योंकि इससे युवाओं की असीम ऊर्जा को सही दिशा तथा राष्ट्र निर्माण की ओर लगाया जा सकता है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार ने पूरे राज्य के गांवों के तालाबों के पुनर्जीवन के लिए भी एक व्यापक अभियान शुरू किया है। इन तालाबों की सफाई, जल शोधन तथा कृषि कार्यों के लिए उनके उपयोग की विस्तृत योजना पहले ही तैयार की जा चुकी है। यह पहल तेजी से घटते भूजल स्तर पर दबाव कम करने में सहायक होगी और पूरे पंजाब में टिकाऊ सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करेगी।”
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