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कलाकार रहते हुए शब्दों से सिस्टम पर चोट की, अब सिस्टम को बदल रहा हूं; CM Mann बोले- मुफ्त सेवाएं जारी रहेंगी

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देश की राजनीति में भगवंत मान एक मात्र एसे मुख्यमंत्री हैं जो स्टेज से लेकर स्टेट तक को लीड कर रहे हैं। बतौर कलाकार मुख्यमंत्री भगवंत मान की ताकत ‘पोलटिकल सटायर’ हुआ करती थी। जो राजनीतिक सिस्टम पर चोट करती थी। 2022 में भगवंत मान मुख्यमंत्री बने तो उनके हाथों में हरा कलम आ गया।

मुख्यमंत्री कहते हैं-

“बतौर कलाकार मैं अपने शब्दों से सिस्टम पर चोट करता था। लोगों ने हाथों में हरा कलम जब से थमाया है। तब से मैं सिस्टम को बदल रहा हूं। ताकि सिस्टम में सुधार हो। विचार मंच के दौरान ‘चुनौतियां और राह’ पर बोलते हुए भगवंत मान ने कहा कि 70 साल का घाटा चार वर्षों में पूरा नहीं किया जा सकता।”

आम आदमी पार्टी ने भले ही चुनाव में लोगों से किए गए गारंटियों को पूरा कर दिया हो लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है। इस दौरान उन्होंने न अपने निजी जीवन से लेकर पंजाब के राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर खुल कर विचार रखे।

गरीबों को मिलने वाली मुफ्त योजना जारी रहेगी

मु्ख्यमंत्री ने कहा कि जब आम आदमी पार्टी ने 300 यूनिट फ्री बिजली का वायदा किया तो कहा गया कि ‘रेवड़ियां’ बांट रहे हैं। उन्होंने कहा ‘फिर 15 लाख का पापड़ पहले किसने बेचा था। अब कह रहे हैं कि जुमला था। नेताओं का तो टोल भी फ्री है और गाड़ी भी। तेल भी फ्री हैं जो टेलीफोन का बिल भी। जब गरीबों को बिजली, राशन, ईलाज, बस सफर मिलता हैं तो इन नेताओं को दर्द क्यों होता है।

गरीब आदमी भले ही डायरेक्ट टैक्स नहीं देता लेकिन इन डायरेक्ट टैक्स तो देता ही है। गरीब आदमी के चाय से लेकर रात को सोते समय चलने वाले पंखे पर भी टैक्स है।’ उन्होंने कहा कि अंबानियों का जब कर्जा माफ हो जाता हैं तो गरीबों को सहूलियत क्यों नहीं दिया जा सकता है।

यह योजनाएं बंद नहीं होगी। क्योंकि जब आम लोगों को यह भरोसा हो जाए कि उसके द्वारा दिए जाने वाला इन-डायरेक्ट का लाभ उन्हें ही मिलेगा तो उन्हें टैक्स देने का दुख नहीं होता।

भेदभाव- बस चले तो राष्ट्रीय गान से पंजाब का नाम हटा दें

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र पंजाब के साथ हमेशा ही भेदभाव करता हैं। क्योंकि पंजाब के किसानों ने दिल्ली में धरना देकर तीन काले कानून वापस करवाए। केंद्र ने पंजाब के 9000 करोड़ रुपये का ग्रामीण विकास फंड रोका हुआ है।

उन्होंने ओटीटी प्लेटफार्म पर वेब-सिरीज महारानी-4 का जिक्र करते हुए कहा कि उसें भी यही दिखाया गया हैं कि किस प्रकार से प्रधानमंत्री दूसरी पार्टी की सरकारों की बाह मरोड़ते हैं। फर्क सिर्फ इतना हैं कि वेब सिरीज में बिहार है और यहां पर पंजाब है।

मुख्यमंत्री ने यहां तक कहा कि अगर इनका बस चले तो जन-गण-मन से पंजाब का नाम हटाकर उसमें उत्तर प्रदेश फिट कर लें। भगवंत मान ने कहा पंजाब में फसलें खराब हुई लेकिन सबसे पहले छूट राजस्थान को और उसके बाद हरियाणा को दी गई। जबकि सबसे ज्यादा अन्न पंजाब उपजाता है।

फसल बीमा योजना फ्लाप

पिछले वर्ष आई बाढ़ और अप्रैल माह में हुई बारिश व ओलावृष्टि के कारण खराब हुई फसल के बाद विपक्षी पार्टियों द्वारा फसली बीमा का मुद्दा उठाने को लेकर उठे सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा ‘यह योजना फ्लाप है। जिन राज्यों में फसली बीमा लागू हैं वहां पर जाकर किसानों से पूछे तो पता चल जाएगा कि उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिला।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन बीमा बेचना होता हैं तो कंपनी कई प्रकार के वायदे करती हैं लेकिन बाद में मुकर जाती है। अपने एक दोस्त का उद्हारण देते हुए कहा कि वह अपने बेटे के जीवन बीमा का कवर लेने के लिए कोर्ट के चक्कर काट रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में फसल खराबे की सबसे अच्छी भरपाई आम आदमी पार्टी ने की है।

बाढ़ के कारण फसलों को नुकसान हुआ तो पंजाब सरकार ने देश में सबसे अधिक 20,000 रुपये प्रति एकड़ की भरपाई की। बारिश और ओलावृष्टि के कारण हुए नुकसान की भी गिरदावरी हो चुकी है। किसानों की भरपाई की जाएगी।

फसली विविधिकरण संभव नहीं, धान होगा तो पराली भी होगी

किसानों को पारंपरिक खेती से मुक्ति दिलवाने के उठ रहे सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञापन देने मात्र से फसली चक्र नहीं टूटने वाला है। इसके लिए किसानों को बदली हुई फसल का मूल्य देना होगा। दीवारों पर हमने बहुत लिखा कि ‘हम दो हमारे दो’ तो इससे क्या जनसंख्या नियंत्रित हो गई। पराली में लगने वाली आग के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि असली कारण को समझना ही होगा।

अक्टूबर-नवंबर में दशहरा-दीपावली और दशहरा एक साथ आते हैं। किसान धान की पराली में इसलिए आग लगाता हैं क्योंकि उसे 10 से 12 दिन के भीतर गेहूं की फसल लगानी होती है। जब पंजाब 185 लाख मिट्रिक टन धान सेंट्रल पूल में देता हैं तो पंजाब बहुत अच्छा लेकिन इसके साथ पराली भी तो होगी। जब किसान पराली जलाते हैं तो कहा जाता हैं कि किसानों पर पर्चा दर्ज कर दो।

10 दिन से किसान अन्नदाता से अपराधी बन जाता है

दस दिन पहले जो किसान अन्नदाता होता हैं 10 दिन बाद ही वह अपराधी बन जाता है। किसानों को पराली संभालने का इंसेंटिव देना होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में पराली जलती भी नहीं हैं कि दिल्ली में हंगामा शुरू हो जाता है। एनजीटी के सेवानिवृत्त जज ने भी स्पष्ट किया कि पंजाब को यूं ही बदनाम किया जाता है।

पंजाब के धुएं से दिल्ली को असर नहीं पड़ता। लेकिन जज साहब ने यह बात तब कहीं जब वह सेवानिवृत्त हो गए। सर्विंग में होते हुए उन्होंने यह बात नहीं कहीं। मुख्यमंत्री ने मार्डन खेती पर विशेष जोर दिया।

पंजाब के छात्र जमीन पर नहीं बैठते

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में शिक्षा क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है। स्कूल आफ एमिनेंस तो बने ही हैं साथ ही पंजाब का अब कोई भी ऐसा स्कूल नहीं हैं जहां पर बच्चे जमीन पर पढ़ते हो। कोई स्कूल ऐसा नहीं हैं जो बिना चाहरदिवारी के हो। स्कूलों में लैब बने हैं और सकरारी स्कूल के बच्चे जेईई और नीट की परीक्षा पास कर रहे हैं। यह वहीं स्कूल जहां दो-तीन साल पहले तक बच्चों को जेईई और नीट के बारे में पता तक नहीं था।

ड्रग्स को लेकर पंजाब बदनाम किया जा रहा

ड्रग्स के मुद्दे पर उठे सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, बदनाम तो पंजाब को किसा जाता हैं लेकिन 3000 किलों ड्रग्स मुंद्रा पोर्ट से पकड़ी जाती है। पंजाब सरकार ड्रग्स के खिलाफ मुहीम चला रही है। वहीं, नए इनोवेशन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब प्रति दिन 15 मौतें सड़कों पर हो रही थी।

लोग इसे कुदरती आपदा मानते थे लेकिन यह मानवीय आपदा थी। मुख्यमंत्री ने कहा जब मैंने सड़क सुरक्षा फोर्स का गठन किया तो सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या में कमी आई। आज प्रति वर्ष 2600 कीमती जानें बचाई जा रही है।

पंजाब से हमेशा भेदभाव हुआ

मुख्यमंत्री ने केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र पंजाब के साथ हमेशा ही भेदभाव करता है। उन्होंने ओटीटी प्लेटफार्म पर आई वेब सीरीज महारानी-4 का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें भी यही दिखाया गया है कि किस प्रकार से प्रधानमंत्री दूसरी पार्टी की सरकारों की बाह मरोड़ते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि वेब सीरीज में बिहार है और यहां पर पंजाब है।

सीएम ने कहा कि अगर इनका बस चले तो राष्ट्रगान जन-गण-मन से पंजाब का नाम हटाकर उसमें यूपी फिट कर लें। खराब मौसम से पंजाब में फसलें खराब हुईं लेकिन सबसे पहले छूट राजस्थान को और उसके बाद हरियाणा को दी गई, जबकि सबसे ज्यादा अन्न पंजाब उपजाता है।

पंजाब के अंतिम छोर तक पहुंचा नहरी पानी

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 में सरकार संभालने के बाद उन्होंने पंजाब के लोगों से वादा किया था कि वह पंजाब के अंतिम छोर तक नहरी पानी पहुंचाएंगे, क्योंकि नहरी पानी में मिनरल्स होते हैं जो फसल के लिए अच्छे होते हैं। पहले हम 21 फीसद नहरी पानी का प्रयोग कर रहे थे, जोकि अब 74 फीसद हो चुका है। अगर इसे क्यूसिक के हिसाब से देखे तो चार वर्षों में 11,000 क्यूसिक अतिरिक्त पानी खेतों तक पहुंचा।

इसका मतलब है कि भाखड़ा नहर के बराबर पानी। इसका असर भी देखने को मिला। पंजाब में 12 ब्लाकों में पहली बार जलस्तर बढ़ गया। जब नहरी पानी खेतों में जाएगा तो किसान को ट्यूबवेल नहीं चलाना पड़ेगा। इससे भूजल भी बचेगा। पिछली सरकारों ने कभी इस पर ध्यान ही नहीं दिया। पहले तो एसी कमरों में बैठकर ही फैसले हो जाते थे। मैं जब वहां गया तो दिक्कत देखी और यह फैसला लिया।

केंद्र से काम करवाना नहीं आसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार को कृषि कानून वापस लेने का अब भी मलाल है। इसकी टीस भाजपा को हमेशा रहती है और इसी कारण वह पंजाब के लोगों की आवाज दबाने का प्रयास करती रहती है। इस सरकार से कोई काम निकलवाने के लिए उंगली टेढ़ी करनी पड़ती है।

हमें भी पता है कि सीधी उंगली से घी नहीं निकलने वाला, इसलिए हमने तो पूरा पंजा ही टेढ़ा किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब की राह में कदम-कदम पर केंद्र सरकार बाधाएं खड़ी करती है। ग्रामीण विकास फंड का नौ हजार करोड़ रुपये अभी तक रोक रखा है।

अन्य फंड जारी करने में भी अड़चनें डाली जाती हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उड़ीसा से कोयला पंजाब लाने के लिए कहा गया कि वाया श्रीलंका, मुंद्रा पोर्ट लेकर आओ, लेकिन जब हमने यह मामला अपने तरीके से तत्कालीन कोयला मंत्री आरके सिंह के समक्ष उठाया तो उन्होंने अपना आदेश वापस लिया।

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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा

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पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।

आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।

कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।

श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।

रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।

वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”

कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”

श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।

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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?

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RBI ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट 5.25% पर रखा, ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया। RBI के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग से आर्थिक विकास को सहारा मिल रहा है और अप्रैल-जून तिमाही का प्रदर्शन RBI के अनुमान से बेहतर रहा है।

तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए गवर्नर ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मजबूती से शहरी खपत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और अल नीनो से जुड़े जोखिम अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से प्रमुख व्यापारिक मार्ग भी प्रभावित हो रहे हैं।

संजय मल्होत्रा ने कहा कि कच्चे तेल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। उनका अनुमान है कि तीसरी तिमाही में महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कम होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई पर सबसे अधिक असर खाद्य और ईंधन की कीमतों का है।

RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।

गवर्नर ने बताया कि जून से बैंकिंग प्रणाली में औसत तरलता (Liquidity) 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि मजबूत बनी हुई है और पर्याप्त तरलता उपलब्ध है।

RBI ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता भारत के चालू खाते के घाटे पर दबाव डाल सकती है।

इस बीच रुपया भी लगातार दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच कारोबार कर रहा है। महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेश की निकासी, बढ़ता व्यापार घाटा और मजबूत होता डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक रुपया करीब 7 फीसदी कमजोर हो चुका है, जबकि ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद इसमें लगभग 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

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