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पंजाब में बदला मौसम का मिजाज, मार्च की शुरुआत में ही बढ़ी गर्मी; पढ़ें अगले 24 घंटे का अनुमान

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मार्च के शुरुआत से ही मौसम का मिजाज बदलने लगा है। आमतौर पर मार्च के शुरुआती दिनों में हल्की ठंडक और सुहावना वातावरण रहता है, लेकिन इस वर्ष महीने की शुरुआत में ही दोपहर के समय तेज धूप और बढ़ती गर्मी का अहसास होने लगा है।

सुबह और शाम को हल्की ठंडक जरूर बनी हुई है, परंतु दोपहर में तापमान में अचानक वृद्धि ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बढ़ती गर्मी ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। गेहूं और सरसों जैसी फसलें इस समय पकने की अवस्था में होती हैं।

यदि तापमान सामान्य से अधिक रहा तो दाने भरने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जिससे पैदावार में कमी की आशंका है। कृषि विशेषज्ञ भी मानते हैं कि मार्च में असामान्य गर्मी फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, तापमान में इस तरह की बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक तापमान में निरंतर वृद्धि यानी ग्लोबल वार्मिंग एक प्रमुख कारण है।

अचानक बढ़ती गर्मी का असर मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिहाइड्रेशन, थकावट और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह अधिक खतरनाक हो सकता है।

पर्यावरणविदों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

पौधारोपण को बढ़ावा देना, वाहनों का कम उपयोग, सार्वजनिक परिवहन को अपनाना और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का इस्तेमाल बढ़ाना जरूरी है। सरकार को भी प्रदूषण नियंत्रण और हरित क्षेत्रों के संरक्षण के लिए सख्त नीतियां लागू करनी होंगी। वहीं आम नागरिकों को भी पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझना होगा।

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आम आदमी पार्टी सरकार बाबा साहेब Dr. Bhim Rao Ambedkar के दिखाए रास्ते पर चल रही है – एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा

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वित्त, ट्रांसपोर्ट, टैक्सेशन और एक्साइज के कैबिनेट मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर के दिखाए रास्ते पर चल रही है। सरकार बनने के साथ ही हर सरकारी ऑफिस में शहीद-ए-आजम स. भगत सिंह और बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर की तस्वीर लगाई गई है। वित्त मंत्री ने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के बाद सबसे पहले सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीम राव अंबेडकर ने ऊच योजता प्राप्त की। उनके पास 32 डिग्रियां और 4 पी एच डी डिग्रियां थीं, उन्होंने हमेशा शिक्षा के प्रसार के लिए प्रयास किया। आज का समाज उनकी दूर की सोच का प्रतीक है।

आज, नंगल के स्कूल ऑफ़ एमिनेंस में बाबा साहिब डॉ. भीम राव अंबेडकर जी की 135वीं जयंती के मौके पर आयोजित शिक्षा संकल्प प्रोग्राम में अपने भाषण के दौरान, वित्त मंत्री ने कहा कि गवर्नर के ‘जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (सोध) बिल-2026’ पर साइन करने के साथ ही, हमारे गुरु साहिब की बेअदबी करने वालों को सख्त सज़ा देने का रास्ता साफ़ हो गया है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास बानी सेंटर बनाया जा रहा है, जहाँ 700 स्टूडेंट ट्रेनिंग ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी का 650वां पवित्र दिवस पूरे राज्य में बड़ी श्रद्धा के साथ बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा। श्री आनंदपुर साहिब पंजाब का वह चुनाव क्षेत्र है जहाँ राज्य में सबसे ज़्यादा डेवलपमेंट फंड उपलब्ध कराए गए हैं।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब हलका पंजाब का तीसरा सबसे ज़्यादा ग्रांट पाने वाला हलका है, जहाँ पुल, सड़कें, स्कूल और हर तरह के विकास के काम हो रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार शिक्षा बजट को कई गुना बढ़ाया गया और सरकारी स्कूलों का नक्शा बदला गया। अकेले श्री आनंदपुर साहिब हलके में ही स्कूलों के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये से ज़्यादा खर्च किए गए हैं, जिससे मॉडर्न लैब, लाइब्रेरी और दूसरी सुविधाएँ दी गई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार जनहित की योजनाएँ लागू कर रही है, जैसे 10 लाख रुपये तक का हेल्थ इंश्योरेंस और महिलाओं के लिए मावा धिया सत्कार योजना शुरू की गई है। उन्होंने वोट के अधिकार के महत्व पर ज़ोर दिया और लोगों से अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सतर्क रहने की अपील की। ​​उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार बाबा साहेब के सिद्धांतों पर चलते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में बड़े कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है जहां आम आदमी पार्टी सरकार ने एडवोकेट जनरल के ऑफिस में अनुसूचित जातियों के लिए रांखवाकरण लागू किया है और आज करीब 60 कानूनी अधिकारी सेवाएं दे रहे हैं।

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पंजाब की मंडियों में 28 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आमद, 24 लाख मीट्रिक टन से अधिक की खरीद : लाल चंद कटारूचक्क

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पंजाब के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने आज यहां दाना मंडी में गेहूं की खरीद प्रबंधों का जायजा लेते हुए कहा कि राज्य की मंडियों में गेहूं की खरीद निर्विघ्न जारी है और अब तक हुई 28 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की आमद में से 24 लाख मीट्रिक टन से अधिक फसल खरीदी जा चुकी है।

दाना मंडी में विधायक जसवीर सिंह राजा गिल और संबंधित अधिकारियों के साथ पहुंचे कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने निकटवर्ती गांव बस्ती के किसान जैला की ढेरी की खरीद करवाते हुए बताया कि पंजाब सरकार द्वारा मंडियों में खरीद के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसके कारण किसानों को फसल बेचने में कोई परेशानी नहीं आएगी।

उन्होंने कहा कि गेहूं की खरीद के बदले न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपए के हिसाब से अब तक किसानों के खातों में 647 करोड़ रूपए की अदायगी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना उठाने के लिए वचनबद्ध है, जिसके नतीजे के रूप में मंडियों में निर्विघ्न खरीद जारी है।

उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार खरीद के 48 घंटों के अंदर किसानों को बनती अदायगियां की जा रही हैं और इसके साथ ही लिफ्टिंग भी तेज हो रही है।

कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से कहा कि किसानों को मंडियों में किसी प्रकार की दिक्कत पेश न आए। मंडियों में बोरे, मंडी मजदूर और ढुलाई के प्रबंधों की बात करते हुए लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि पूरे राज्य की मंडियों में सभी जरूरी प्रबंध अमल में हैं और गेहूं की खरीद सुचारू ढंग से जारी है।

उन्होंने किसानों द्वारा अपने खून-पसीने और मेहनत से पैदा किए गए एक-एक दाने को खरीदने की राज्य सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में किसानों की फसल न्यूनतम समय में खरीदकर निर्धारित समय में उनके खातों में अदायगियां की जा रही हैं।

कैबिनेट मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे गेहूं के अवशेष को आग न लगाएं, बल्कि कृषि विभाग की टीमों के माध्यम से उपलब्ध मशीनरी से इसका खेतों में ही प्रबंधन करें।

पिछले दिनों बेमौसमी बारिश के कारण फसल को हुए नुकसान के बारे में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पहले ही विशेष गिरदावरी के निर्देश दे दिए थे और किसानों के नुकसान की भरपाई पंजाब सरकार द्वारा की जाएगी।

विधायक जसवीर सिंह राजा गिल ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की फसल को पिछले सालों की तरह सुचारू ढंग से साथ-साथ खरीदकर लिफ्ट करवाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लगातार किसानों का साथ दिया है और कई बड़े किसान हितैषी फैसले लिए हैं, जिससे राज्य भर में किसानों को बेहद लाभ मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की फसल की खरीद के बदले निर्धारित समय के अंदर-अंदर अदायगियां सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को भी ताकीद की गई है कि मंडियों में किसानों की फसल की समय पर खरीद की जाए।

वर्णनीय है कि जिला होशियारपुर में कुल 78 मंडियां स्थापित की गई हैं, जिनमें से 65 मंडियां पक्की और 13 स्थानों पर खरीद के अस्थायी प्रबंध किए गए हैं, जबकि जिले में कुल 3,16,000 मीट्रिक टन गेहूं की आमद की संभावना है।

इस मौके पर एस.डी.एम. लवप्रीत सिंह, मार्केट कमेटी के चेयरमैन राजविंदर सिंह, मार्केट कमेटी सचिव हरप्रीत सिंह, डिप्टी डायरेक्टर खाद्य एवं आपूर्ति रजनीश कुमारी, डी.एफ.एस.सी. प्रीतकमल सूद आदि भी मौजूद थे।

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Punjab News: भगवंत मान सरकार का बेअदबी विरोधी बिल राज्यपाल की मंजूरी के साथ कानून बना, कमजोर कानूनों और सियासी संरक्षण के युग का हुआ अंत: हरपाल सिंह चीमा

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भगवंत मान सरकार ने आधिकारिक तौर पर ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल’ लागू कर दिया है। पंजाब के राज्यपाल ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के दोषियों के लिए उम्रकैद की व्यवस्था वाले इस कानून को मंजूरी दे दी है।

धार्मिक ग्रंथों की पवित्रता को बरकरार रखने के लिए एक निर्णायक कदम बताया है

आज यहां पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, कैबिनेट मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने इस कदम को भाईचारे की साझेदारी को बनाए रखने और धार्मिक ग्रंथों की पवित्रता को बरकरार रखने के लिए एक निर्णायक कदम बताया। उन्होंने आगे कहा, ‘इतिहास एक परेशान करने वाले पैटर्न को दर्शाता है जहां अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान बेअदबी की घटनाएं हुईं, खास तौर पर 1986 की नकोदर घटना और 2015 के बरगाड़ी और बहिबल कलां मामलों का हवाला दिया जा सकता है।’

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारें इंसाफ सुनिश्चित बनाने में नाकाम रहीं। उन्होंने कहा, ‘पिछली सरकारों के अधीन विभिन्न आयोगों और विशेष जांच टीमों के गठन के बावजूद, कार्रवाई रिपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण सबूत गायब हो गए और जांच फाइलें धूल फांकती रहीं, जिससे दोषी और साजिशकर्ता कानून से बचते रहे।’

2022 से आए बदलाव को उजागर करते हुए उन्होंने कहा, ‘भगवंत मान सरकार ने दशकों से रुकी पड़ी जांचों को तेज करने के लिए अथक प्रयास किए। पहली बार, उच्च-पद की शख्सियतों, जिन्हें पहले सियासी सुरक्षा प्राप्त थी, को अदालतों से अग्रिम जमानत लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।’

सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए, मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि हर दोषी को इंसाफ के कटघरे में लाया जाएगा, चाहे उसका सामाजिक या राजनीतिक कद कुछ भी हो।

कानून की व्यवस्थाओं के बारे में बताते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, ‘नया बनाया गया कानून व्यापक और ठोस तैयार किया गया है, जिसमें दोषियों के इंसाफ से बचने के लिए कोई खामी नहीं छोड़ी गई। यह एक्ट न सिर्फ उन लोगों को निशाना बनाता है जो शारीरिक तौर पर बेअदबी की घटनाएं अंजाम देते हैं, बल्कि मास्टरमाइंडों और साजिशकर्ताओं को भी घेरे में लाता है।’

किसी संरक्षक की देखभाल के अधीन कोई व्यक्ति ऐसी हरकत करता है

उन्होंने आगे कहा, ‘इसके अलावा, यह कानून मुकदमे से बचने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ‘मानसिक अस्थिरता’ के आम बचाव को भी संबोधित करता है। नई व्यवस्थाओं के तहत, यदि किसी संरक्षक की देखभाल के अधीन कोई व्यक्ति ऐसी हरकत करता है, तो संरक्षक या देखभाल करने वाले को भी लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जिससे पवित्र ग्रंथ की सुरक्षा के लिए उच्च स्तर की जवाबदेही सुनिश्चित होती है।’

अपने संबोधन की समाप्ति करते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, ‘यह कानून मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और ‘आप’ कन्वीनर अरविंद केजरीवाल द्वारा पंजाब के लोगों से की गई एक बड़ी गारंटी को पूरा करने का प्रतीक है। जहां पिछली सरकारों ने मिलकर कमजोर कानून बनाए जो कानूनी पड़ताल में खरे नहीं उतर सके, वहीं भगवंत मान सरकार ने एक मजबूत कानूनी ढांचा प्रदान किया है।’

उन्होंने जोर देकर कहा, ‘यह एक्ट पंजाब की शांति और सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने की कोशिश करने वाली किसी भी ताकतों के लिए एक सख्त चेतावनी के रूप में काम करता है, जो एक ऐसे नए युग का संकेत देता है जहां राज्य की पूरी ताकत द्वारा धार्मिक आस्था के मान की रक्षा की जाती है।’

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