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‘युद्ध नशों विरुद्ध’: स्कूल बनेंगे नशों के खिलाफ पहला कवच, Punjab में विद्यार्थियों को किया जाएगा जागरूक
राज्य में चल रही ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के तहत पंजाब सरकार ने नशे की समस्या की जड़ पर प्रहार करते हुए शिक्षा और रोकथाम पर केंद्रित एक व्यापक स्कूल-आधारित एक्शन प्रोग्राम लागू करने का निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य संवेदनशील युवा मनों की सुरक्षा करना है। मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में लागू की जा रही इस पहल में स्कूलों और शिक्षकों को नशों के विरुद्ध दीर्घकालिक लड़ाई में पहली पंक्ति के सुरक्षा कवच के रूप में तैयार किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री श्री हरजोत सिंह बैंस, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं दिल्ली की शिक्षा क्रांति के प्रणेता श्री मनीष सिसोदिया के साथ, मोहाली के फेज़ 3बी1 स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस में ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के अंतर्गत चल रहे क्षमता निर्माण प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रिंसिपलों और शिक्षकों से संवाद करने पहुंचे। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की और उपस्थित शिक्षकों के साथ भविष्य की रणनीति साझा की।
सरकार के दृष्टिकोण के बारे में जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि जहां एक ओर नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है, वहीं वास्तविक और स्थायी जीत तभी संभव है जब किशोर पीढ़ी को नशों की चपेट में आने से पहले ही बचाव प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि इस निर्णायक युद्ध में शिक्षा और रोकथाम हमारे सबसे बड़े हथियार हैं। जागरूकता, नैतिकता और अनुशासन के माध्यम से युवा कोमल मनों की ऐसी बुराइयों से रक्षा करना ही पंजाब से नशों को समाप्त करने का टिकाऊ मार्ग है।

शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि आगामी शैक्षणिक सत्र से पंजाब भर की सीनियर सेकेंडरी (ग्यारहवीं और बारहवीं) कक्षाओं में विद्यार्थियों को नशों के दुष्प्रभावों के बारे में विशेष रूप से तैयार किए गए पाठ्यक्रम के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संगठित हस्तक्षेप से विद्यार्थियों को आयु-उपयुक्त, तथ्यात्मक और नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा मिलेगी, जिससे वे सोच-समझकर जिम्मेदार निर्णय लेने में सक्षम होंगे।
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आगे बताया कि पंजाब सरकार मोहाली जिले से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रतिदिन ध्यान (मेडिटेशन) सत्र शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि स्कूल में विद्यार्थी के दिन की शुरुआत में ही लगभग 30 मिनट का ध्यान सत्र कराया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों का मानसिक अनुशासन, भावनात्मक संतुलन और नैतिक स्तर सुदृढ़ होगा। यह बच्चों को नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए आंतरिक शक्ति प्रदान करेगा।
शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की भूमिका पर बल देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रिंसिपलों और शिक्षकों की क्षमता निर्माण प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण एक अहम शुरुआत है। हम शिक्षकों को प्रारंभिक जोखिम के संकेत पहचानने, सावधानीपूर्वक हस्तक्षेप करने और बच्चों को नशों से दूर रखने के लिए तैयार कर रहे हैं। हमारा मिशन हर बच्चे की रक्षा करना और उन्हें इस लड़ाई का अग्रदूत बनाना है।
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने यह भी जानकारी दी कि प्रत्येक स्कूल में शिकायत-सह-सुझाव बॉक्स लगाया गया है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी बिना अपनी पहचान उजागर किए अपने आसपास नशा बेचने वालों या उन्हें संरक्षण देने वाली भ्रष्ट प्रथाओं के बारे में जानकारी साझा कर सकेंगे। उन्होंने कहा, “प्राप्त प्रत्येक सूचना/शिकायत का राज्य स्तर पर विश्लेषण कर त्वरित और स्वतंत्र रूप से कार्रवाई की जाएगी, ताकि जवाबदेही और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।”
इस दौरान दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने एक्स (सोशल मीडिया) हैंडल पर मोहाली के स्कूल दौरे की कुछ झलकियां साझा करते हुए लिखा, “‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के फेज़-2 के तहत पंजाब सरकार राज्य भर के सभी स्कूलों के प्रिंसिपलों को प्रशिक्षण दे रही है। यह प्रशिक्षण स्कूलों के भीतर मजबूत नशा-विरोधी वातावरण तैयार करने और हर बच्चे की सोच को इतना मजबूत करने पर केंद्रित है कि वह किसी भी दबाव, उकसावे या लालच में आए बिना नशों को स्पष्ट ‘ना’ कह सके।”
उन्होंने आगे लिखा, “उद्देश्य यह है कि यह मानसिक दृढ़ता उनके चरित्र का स्थायी हिस्सा बने और उनके पूरे जीवन से जुड़ी रहे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न जिलों में आयोजित किए जा रहे हैं, जहां मनोवैज्ञानिक और शिक्षा विशेषज्ञ प्रिंसिपलों से सीधे संवाद कर रहे हैं।”
मनीष सिसोदिया ने आगे कहा, “आज मुझे पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के साथ मोहाली जिले में इस तरह के एक प्रशिक्षण सत्र में शामिल होने का अवसर मिला। यह देखकर संतोष हुआ कि सरकार केवल ‘गांव के पहरेदार’ ही नहीं, बल्कि ‘दिमाग के पहरेदार’ भी तैयार कर रही है, ताकि नशों को जड़ से समाप्त कर आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।”
इस संवाद के दौरान शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों पर निगरानी रखने और उन्हें सकारात्मक दिशा की ओर मार्गदर्शन देने से संबंधित कई नए सुझाव भी साझा किए गए, जिनकी हरजोत सिंह बैंस और मनीष सिसोदिया दोनों ने सराहना की और शिक्षकों को अपने-अपने स्कूलों में नशा-विरोधी अभियान का नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह भी उपस्थित थे। इससे पूर्व, स्कूल ऑफ एमिनेंस की छात्राओं द्वारा गिद्धा प्रस्तुत किया गया, जिसके प्रेरक बोलों के माध्यम से समाज और पंजाब को नशामुक्त रखने का सशक्त संदेश दिया गया और ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ की भावना को और अधिक मजबूत किया गया।
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केंद्रीय बजट पर आई आम आदमी पार्टी पंजाब की प्रतिक्रिया, जानिए क्या बोले CM भगवंत मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह बजट एक बार फिर पंजाब के साथ नाइंसाफ़ी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बजट में न तो किसानों के लिए एमएसपी की कोई कानूनी गारंटी है, न युवाओं के लिए रोज़गार का भरोसा और न ही उद्योग या टैक्स प्रणाली को कोई राहत दी गई है।
सीएम मान ने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब की आर्थिक स्थिति को मज़बूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इससे साफ़ है कि राज्य और यहां के लोगों की जरूरतों को एक बार फिर नज़रअंदाज़ किया गया है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र की लगातार अनदेखी के बावजूद आम आदमी पार्टी सरकार और पंजाब के लोग मिलकर अपने दम पर राज्य को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाएंगे।
केंद्रीय बजट ने पंजाब-हरियाणा के किसानों को फिर दिया धोखा: हरपाल चीमा
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्रीय बजट ने एक बार फिर पंजाब और हरियाणा के किसानों की जायज़ चिंताओं को अनसुना किया है। उन्होंने बताया कि न तो एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में कोई बढ़ोतरी की गई है और न ही मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के लिए कोई मदद दी गई है।
चीमा ने कहा कि बजट में नारियल, काजू, चंदन और सूखे मेवों जैसी फसलों का ज़िक्र तो है, लेकिन उत्तर भारत के किसानों के लिए कुछ भी नहीं, जो गेहूं-धान जैसी फसलों पर निर्भर हैं। यह साफ़ तौर पर अनाज उत्पादक राज्यों के प्रति केंद्र की उदासीनता को दिखाता है।
केंद्रीय बजट ने पंजाब के अन्नदाता से मुंह मोड़ा: कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां
पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने बजट को “बड़ी निराशा” बताते हुए कहा कि इसमें न तो एमएसपी का कोई स्पष्ट रोडमैप है, न फसल विविधीकरण के लिए कोई सहायता और न ही बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए कोई राहत पैकेज।
उन्होंने कहा कि पंजाब देश का अन्न भंडार भरता है, फिर भी किसानों की आय सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार गंभीर नहीं दिखती।
केंद्रीय बजट लोगों के लिए सिर्फ निराशा लेकर आया: अमन अरोड़ा
मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा ने एक बार फिर पंजाब के साथ सौतेली माँ जैसा व्यवहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों के लिए बजट में कोई ठोस घोषणा नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि आज़ादी से लेकर देश को भोजन उपलब्ध कराने तक पंजाब का योगदान ऐतिहासिक रहा है, लेकिन इसके बावजूद राज्य के लिए कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं दिया गया।
केंद्रीय बजट पंजाब के साथ खुला भेदभाव दिखाता है: कुलदीप सिंह धालीवाल
आप के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि बजट में न एमएसपी की गारंटी है, न रोजगार और न ही पंजाब के लिए कोई बड़ा विकास प्रोजेक्ट।
उन्होंने कहा कि देश के लिए सबसे ज़्यादा कुर्बानियां देने वाले पंजाब को बार-बार उसके हक से वंचित किया जा रहा है।
किसानों के अधिकारों से मुंह मोड़ता बजट: लालजीत सिंह भुल्लर
मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि केंद्रीय बजट में एमएसपी, फसल विविधीकरण और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए कोई गंभीर प्रावधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह बजट केंद्र सरकार की किसान विरोधी सोच को उजागर करता है।
बजट में पंजाब के किसानों के लिए कोई विज़न नहीं: लाल चंद कटारुचक
मंत्री लाल चंद कटारुचक ने कहा कि जिस राज्य ने देश के अन्न भंडार भरे हैं, उसे बजट में कोई दिशा या ठोस सहायता नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि यह बजट केंद्र की पंजाब-विरोधी मानसिकता को साफ़ दर्शाता है।
बड़े दावे, लेकिन ज़मीनी हकीकत में खोखला बजट: नील गर्ग
आप के वरिष्ठ नेता नील गर्ग ने बजट की तुलना पंजाबी कहावत “पटिया पहाड़, निकलेआ चूहा” से करते हुए कहा कि बड़ी घोषणाओं के बावजूद पंजाब, किसान, युवा और आम आदमी के लिए कोई राहत नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट बड़े कॉर्पोरेट घरानों के पक्ष में है, जबकि देश का पेट भरने वाले किसान और आम लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
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गैंगस्टरों के परिवारों की शादियों में जा रहे अकाली नेता, क्या गैंगस्टरों के जरिए सत्ता में आना चाहते हैं सुखबीर बादल?: Dhaliwal
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और हलका अजनाला से विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और अन्य अकाली नेताओं पर गैंगस्टरों के परिवारों के समारोहों में शामिल होने को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार गैंगस्टरवाद और ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, तब अकाली दल गैंगस्टरों से संबंध बनाता नजर आ रहा है।
समारोहों में मौजूदगी पर उठाए सवाल
विधायक धालीवाल ने अमृतसर में अमृतपाल सिंह बाठ की बहन की शादी समारोह में अकाली नेताओं की मौजूदगी से जुड़ी तस्वीरें सामने रखीं। इन तस्वीरों में सुखबीर सिंह बादल, विरसा सिंह वलटोहा, गनीव कौर मजीठिया, रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा और शिरोमणि कमेटी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी की शमूलियत दिखाई देती है। धालीवाल ने कहा कि ये तस्वीरें अकाली दल की नीयत और प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
दोहरे मापदंडों का आरोप
धालीवाल ने कहा कि एक ओर सुखबीर बादल बार-बार बयान देते हैं कि पंजाब में गैंगस्टरवाद खत्म नहीं हो रहा, वहीं दूसरी ओर वे स्वयं गैंगस्टरों के परिवारों के कार्यक्रमों में शामिल होकर यह संकेत दे रहे हैं कि उनकी सियासी लड़ाई गैंगस्टरों के सहारे है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल गैंगस्टरों का इस्तेमाल कर सत्ता में वापसी करना चाहता है।
युवाओं को गलत दिशा में धकेलने का आरोप
‘आप’ नेता ने कहा कि पहले अकाली दल ने पंजाब के युवाओं को आतंकवाद की आग में झोंका था और आज वही दल युवाओं को गैंगस्टर बनाकर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पूरी करना चाहता है। उन्होंने कहा कि उस काले दौर के लिए जहां कांग्रेस जिम्मेदार थी, वहीं अकाली दल भी बराबर का दोषी रहा है।
जनता से अपील
धालीवाल ने पंजाब के लोगों से अपील करते हुए कहा कि ऐसे तत्वों से सतर्क और चौकन्ना रहने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अकाली दल ने पहले भी पंजाब को हिंसा की आग में धकेला था और अब गैंगस्टरों को बढ़ावा देकर प्रदेश का माहौल खराब किया जा रहा है।
AAP सरकार का संकल्प
विधायक धालीवाल ने दोहराया कि चाहे विपक्ष जो भी करे, आम आदमी पार्टी की सरकार का संकल्प अडिग है। उन्होंने कहा कि पंजाब से गैंगस्टरवाद और ड्रग माफिया को जड़ से खत्म किया जाएगा और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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पंजाब की मान सरकार का ‘मिशन रोज़गार’, युवाओं को दीं 63,943 सरकारी नौकरियां
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोहाली में आयोजित एक समारोह में विभिन्न विभागों के 916 नव-नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये नियुक्तियाँ ‘मिशन रोज़गार’ के तहत बिना किसी रिश्वत, सिफ़ारिश या दबाव के की गई हैं, जो आम आदमी पार्टी सरकार की पारदर्शी और ईमानदार प्रशासनिक सोच को दर्शाती हैं.
चार साल में करीब 64 हजार सरकारी नौकरियां
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक राज्य में 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियाँ दी जा चुकी हैं और आने वाले समय में यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी. उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले योग्यता से ज़्यादा रिश्वत और रिश्तेदारी को महत्व दिया जाता था, जिससे लाखों होनहार युवाओं का भविष्य अंधकार में चला गया. मौजूदा सरकार ने इस व्यवस्था को बदलने का संकल्प लिया है.
भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद पर करारा प्रहार
विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों तक सत्ता में बैठे लोगों ने अपने चहेतों को नौकरियाँ देकर आम युवाओं के हक छीने. उन्होंने कहा कि शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने के लिए उनकी सरकार पूरी ईमानदारी से काम कर रही है और युवाओं को उनका अधिकार दिला रही है.
पारदर्शिता का रिकॉर्ड, अदालत में कोई चुनौती नहीं
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि लगभग 64 हजार नियुक्तियों में से एक भी भर्ती को अदालत में चुनौती नहीं दी गई है. यह इस बात का प्रमाण है कि सभी भर्तियाँ पूरी तरह मेरिट के आधार पर और पारदर्शी प्रक्रिया से की गई हैं. उन्होंने नव-नियुक्त युवाओं को जनता की सेवा में पूरी निष्ठा और पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ काम करने का आह्वान किया.
कल्याणकारी योजनाओं का भी ज़िक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सरकार की अन्य उपलब्धियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत अब हर पंजाबी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा. राज्य में 19 टोल प्लाज़ा बंद किए गए हैं, जिससे लोगों की रोज़ाना बड़ी बचत हो रही है. इसके अलावा 881 आम आदमी क्लिनिक और 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली जैसी योजनाएँ जनता को राहत दे रही हैं.
नव-नियुक्त युवाओं में दिखा उत्साह
कार्यक्रम में शामिल कई नव-नियुक्त उम्मीदवारों ने भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता की सराहना की. उन्होंने कहा कि बिना किसी सिफ़ारिश के सरकारी नौकरी मिलना उनके लिए गर्व और आत्मसम्मान की बात है. मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि ये युवा अब पंजाब सरकार के परिवार का हिस्सा हैं और उनके कंधों पर राज्य के उज्ज्वल भविष्य की जिम्मेदारी है.
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