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Punjab में Drugs के खिलाफ जंग अंतिम चरण में: CM Bhagwant Mann बोले – “अब Drugs लाने वालों को मिलेगी Jail की थाली, तकिया नहीं”

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को लुधियाना में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि पंजाब में युद्ध नशेयाँ विरुद्ध” अभियान अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है, और राज्य सरकार पूरी ताक़त से नशे के खिलाफ़ लड़ रही है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स सप्लाई चेन की कमर तोड़ दी गई है, और अब गांव-गांव व शहर-शहर में नई डिफेंस कमेटियां बनाई जाएंगी जो इस लड़ाई को जमीनी स्तर तक ले जाएंगी।

नशे के खिलाफ़ जनता की भागीदारी से बनेगी जीत

सीएम मान ने कहा कि अब लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हर गांव और वार्ड की लड़ाई है। इसके लिए हर जगह पर डिफेंस कमेटी बनाई जाएगी जिसमें निम्नलिखित सदस्य शामिल होंगे:

  • गांव के सर्पंच या वार्ड councillor
  • नशा विरोधी अभियान से जुड़े लोग
  • BDPO (ब्लॉक विकास और पंचायत अधिकारी) या उनका प्रतिनिधि
  • स्थानीय SHO या उनका प्रतिनिधि

कमेटी में कुल 10 से 20 सदस्य होंगे, जो गांव की आबादी के हिसाब से तय होंगे। इनमें वही लोग शामिल किए जाएंगे जिनकी छवि साफ़ है – जैसे रिटायर्ड फौजी, अध्यापक, और ग्राम प्रमुख

कमेटियों को स्थानीय SDM द्वारा मान्यता दी जाएगी और सभी सदस्यों को सरकारी पहचान पत्र (ID card) दिया जाएगा।

24×7 निगरानी और नशा-मुक्त गांवों को सम्मान

सीएम मान ने कहा कि इन कमेटियों के जरिए गांवों और वार्डों में 24 घंटे निगरानी की जाएगी ताकि कोई भी ड्रग तस्कर दोबारा सक्रिय न हो सके।
इन कमेटियों का काम सिर्फ निगरानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ये नशा छुड़वाने (rehabilitation) के काम में भी मदद करेंगी

उन्होंने यह भी कहा कि जो गांव या वार्ड 100% नशा-मुक्त हो जाएंगे, उन्हें सरकार की तरफ़ से सम्मान पत्र और सार्वजनिक सराहना दी जाएगी।

मजीठिया पर फिर निशाना, कांग्रेस और बीजेपी नेताओं पर आरोप

मुख्यमंत्री ने बिक्रम सिंह मजीठिया (जो नशा मामले में नाभा जेल में बंद हैं) पर सीधा हमला करते हुए कहा कि:

“हम तो मजीठिया जैसे लोगों से लड़ रहे हैं, लेकिन कांग्रेस और बीजेपी के नेता तो उनका बचाव कर रहे हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि चरणजीत सिंह चन्नी, प्रताप सिंह बाजवा, सुखपाल सिंह खैहरा, कैप्टन अमरिंदर सिंह और रवनीत सिंह बिट्टू जैसे नेता मजीठिया के समर्थन में बयान दे रहे हैं।

मान ने कहा कि ये सब आपस में मिले हुए हैं, और जब ये सत्ता में थे तो एक-दूसरे के गुनाहों को छुपाते थे। उन्होंने इन नेताओं को चुनौती दी:

“लोगों को बताओ कि तुम ड्रग माफिया के साथ हो या पंजाब के युवाओं के साथ?”

मजीठिया के खिलाफ़ हमारे पास सबूत हैं”

सीएम ने दावा किया कि सरकार के पास मजीठिया के खिलाफ़ एक अहम सबूत हाथ लगा है, जिसे जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा।
उन्होंने कहा: “जो लोग पंजाब में नशा लेकर आए, अब उन्हें तकिया और स्वादिष्ट खाना नहीं मिलेगा, उन्हें अब जेल की सादी थाली खानी पड़ेगी।”

मानसून के बाद 20,000 KM सड़कों की मरम्मत

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि मानसून के बाद राज्य भर में 20,000 किलोमीटर लिंक रोड्स की मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा। ये काम गांवों और कस्बों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए जरूरी है।

सीएम का सख्त संदेश

भगवंत मान ने कहा कि अगर पहले की सरकारें नशा तस्करों को रोकने के लिए गंभीर होतीं, तो आज पंजाब को इस हालत तक न आना पड़ता।
उन्होंने कहा:

“हमें मजबूर होकर इतने बड़े स्तर का अभियान चलाना पड़ा, क्योंकि पिछली सरकारों ने इस समस्या को नज़रअंदाज़ किया।”

पंजाब सरकार अब पूरी तरह से नशा मुक्त पंजाब बनाने की दिशा में कड़े कदम उठा रही है। नई डिफेंस कमेटियों के जरिए अब जनता भी इस लड़ाई का हिस्सा बनेगी।
सीएम का साफ़ संदेश है – अब नशा फैलाने वालों को कड़ी सज़ा और समाज से बहिष्कार झेलना होगा।

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पंजाब में फिर बढ़ने लगी गर्मी, पारा पहुंचा 43 डिग्री

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पंजाब और चंडीगढ़ में एक बार फिर गर्मी बढ़ने लगी है। मंगलवार के मुकाबले तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, हालांकि यह सामान्य से 1.9 डिग्री कम बना हुआ है। फरीदकोट में सबसे अधिक तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के अनुसार हिमाचल प्रदेश से सटे तीन जिलों — पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में आज बारिश और तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विभाग ने येलो वेदर वार्निंग जारी की है। कल भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। वहीं इस महीने अब तक सामान्य से 12 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

प्रदेश में तापमान फिर तेजी से बढ़ने लगा है। दो जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। फरीदकोट में सबसे अधिक 43 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि बठिंडा 40.1 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा फाजिल्का में 39.7 डिग्री, फिरोजपुर में 37.4 डिग्री, लुधियाना में 36.8 डिग्री, पटियाला में 36.7 डिग्री, पठानकोट में 36.6 डिग्री और अमृतसर में 36.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसके असर से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं 15 मई से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में पहुंचने की संभावना है, जिससे बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।

मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 14 मई तक पंजाब के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके बाद मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है। अगले सात दिनों में पूरे प्रदेश में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 4 से 6 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। आज और कल कुछ इलाकों में बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।

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पंजाब के आर्मी स्कूलों में पंजाबी को पीछे धकेलने की साजिश, भाजपा की सोच पंजाब विरोधी: दीपक बाली

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आम आदमी पार्टी (आप) के पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने केंद्र की भाजपा सरकार पर पंजाब विरोधी मानसिकता अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पंजाब के आर्मी स्कूलों में पंजाबी भाषा को पीछे धकेलने और संस्कृत को प्राथमिकता देने के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “पंजाबियत खत्म करने की साजिश” बताया।

दीपक बाली ने कहा कि पंजाब में स्थित आर्मी स्कूलों में पंजाबी भाषा को चौथे स्थान पर लाकर संस्कृत को अनिवार्य रूप से पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की केंद्र सरकार सुनियोजित तरीके से पंजाब की भाषा, संस्कृति और पहचान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

 

बाली ने कहा कि भाजपा लगातार ऐसे फैसले ले रही है जिनसे पंजाब की सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि पंजाबी केवल एक भाषा नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं, इतिहास और संस्कृति की पहचान है। ऐसे में पंजाबी भाषा को शिक्षा व्यवस्था में कमजोर करना सीधे तौर पर पंजाब और पंजाबियत पर हमला है।

उन्होंने कहा, “यह पंजाब की धरती है और पंजाबी यहां के लोगों की मातृभाषा है। भाजपा द्वारा पंजाबी को शिक्षा व्यवस्था में पीछे धकेलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।”

 

दीपक बाली ने कहा कि पंजाब भाषा एक्ट स्पष्ट रूप से कहता है कि पंजाब में पंजाबी भाषा को अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में पहली से लेकर दसवीं कक्षा तक पंजाबी विषय जरूरी है और यह कानूनन व्यवस्था का हिस्सा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर ऐसी नीतियां लागू कर रही है जिनसे पंजाबी भाषा का महत्व कम हो और नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा से दूर हो जाए।

‘आप’ नेता ने कहा कि पंजाबी हमारे गुरुओं की भाषा है और इसका सम्मान करना हर पंजाबी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और भाजपा की किसी भी “साजिश” को सफल नहीं होने देगी।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब में ऐसा कोई स्कूल नहीं होने दिया जाएगा जहां पंजाबी भाषा अनिवार्य न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर जोरदार विरोध करेगी और पंजाब सरकार ऐसे स्कूलों पर तुरंत एक्शन लेगी।

दीपक बाली ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार हर समय पंजाब को कमजोर करने की मानसिकता से काम करती दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग अपनी भाषा और संस्कृति के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे और पंजाबी भाषा के सम्मान की लड़ाई हर स्तर पर जारी रहेगी।

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सीबीआई और ईडी के छापे राजनीति से प्रेरित, भाजपा विरोधी आवाज़ों और सरकारों को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है: अमन अरोड़ा

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया छापेमारी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री और ‘आप’ पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि यह कार्रवाई भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की राजनीतिक बदले की भावना का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि विरोधी आवाज़ों और उन सरकारों को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का योजनाबद्ध तरीके से दुरुपयोग किया जा रहा है, जो केंद्र के सामने झुकने से इनकार करती हैं।

पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बजाय अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों का खुलकर इस्तेमाल कर रही है। ये छापे राजनीति से प्रेरित हैं और इनका मकसद पंजाब के प्रशासन पर दबाव बनाना है। पंजाब की धरती पर भ्रष्टाचार को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, लेकिन किसी भी जांच में उचित प्रक्रिया और स्थापित नियमों का पालन होना चाहिए।

संवैधानिक चिंताओं पर जोर देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि संघीय ढांचे की अपनी मर्यादा और संतुलन होता है, जिसे केंद्र सरकार जानबूझकर कमजोर कर रही है। उन्होंने समन्वय व्यवस्था को नजरअंदाज करने के लिए केंद्र की आलोचना करते हुए कहा कि पंजाब को दूसरे राज्यों की तरह डराया या नियंत्रित नहीं किया जा सकता।

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र ने संस्थागत मर्यादाओं को पूरी तरह तोड़ दिया है और सीबीआई के हस्तक्षेप के जरिए पंजाब विजिलेंस को निशाना बनाया जा रहा है। पंजाब सरकार अपने अधिकारियों के साथ मजबूती से खड़ी है और सत्ता के दुरुपयोग या डराने-धमकाने की राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने केंद्र सरकार से संवैधानिक सीमाओं का सम्मान करने और राजनीतिक बदले की भावना से जांच एजेंसियों के दुरुपयोग को बंद करने की अपील की।

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