Connect with us

Haryana

कांग्रेस में शामिल होने जा रही Vinesh Phogat, हरियाणा की इस विधानसभा सीट से लड़ेंगी चुनाव

Published

on

हरियाणा की महिला पहलवान Vinesh Phogat राजनीति में उतरने की योजना बना रही हैं। वह कांग्रेस पार्टी के साथ चुनाव लड़ेंगी। आज सुबह 11:30 बजे वह आधिकारिक तौर पर दिल्ली में कांग्रेस में शामिल होंगी। कांग्रेस पार्टी चुनाव प्रचार के दौरान एक अन्य पहलवान बजरंग पुनिया से भी मदद मांग सकती है। विनेश तीन जगहों में से किसी एक से चुनाव लड़ने के बारे में सोच रही हैं: चरखी दादरी, बाढड़ा या जुलाना। यह जानना जरूरी है कि विनेश ने भाजपा पार्टी के एक नेता पर खराब व्यवहार का आरोप लगाया था। कांग्रेस पार्टी इस आरोप का इस्तेमाल मौजूदा सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ चुनाव में करना चाहती है।

पिछले साल जब पहलवान विरोध कर रहे थे, तो प्रियंका गांधी, दीपेंद्र हुड्डा और रणदीप सिंह सुरजेवाला जैसे कुछ कांग्रेस नेताओं ने सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया था। विनेश फोगट ने गुरुवार को राहुल गांधी नामक एक राजनेता से मुलाकात की और उनके साथ बजरंग पुनिया भी थे। राहुल गांधी ने उनकी मुलाकात की एक तस्वीर पोस्ट की, जिससे लोगों को आश्चर्य हुआ कि क्या पहलवान राजनीति में शामिल होना चाहते हैं। कुछ लोगों का मानना ​​है कि चरखी दादरी से आने वाली विनेश वहां चुनाव लड़ सकती हैं।

लेकिन चूंकि उनका परिवार काफी मशहूर है, इसलिए वे जींद जिले के जुलाना नामक नजदीकी जगह से चुनाव लड़ सकती हैं। विनेश फोगट हाल ही में काफी व्यस्त रही हैं। वे पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू बॉर्डर पर किसानों का समर्थन करने गईं। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की मांगों को सुनना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। विनेश ने किसानों से कहा कि वे उनके साथ खड़ी हैं और उनकी मांगें जायज हैं। जब उन्होंने पत्रकारों से बात की, तो उन्होंने बताया कि किसान अभी भी परेशान हैं क्योंकि उनकी जरूरतें पूरी नहीं हुई हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि उन्हें लगता है कि पहलवान विनेश और बजरंग अपने विरोध प्रदर्शन के दौरान राजनीति में उलझे हुए हैं। उनका मानना ​​है कि विरोध प्रदर्शन काफी बड़ा हो गया है और इसे राजनीतिक कारणों से शुरू किया गया है। उन्हें लगता है कि पहलवान कांग्रेस नामक एक राजनीतिक समूह से मदद लेने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे उन्हें लगता है कि उनके बीच कोई संबंध है। उनका मानना ​​है कि वे जो पहले कह रहे थे, वह अब स्पष्ट हो गया है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Haryana

अब शादी के लिए मजबूर नहीं कर सकते माता-पिता, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

Published

on

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से विवाह करने के अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी माता-पिता या रिश्तेदार किसी बालिग व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।

जस्टिस दीपक गुप्ता ने एक एमबीए छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शादी करना है या नहीं, कब करनी है और किससे करनी है, यह पूरी तरह से व्यक्ति का निजी निर्णय है। यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह नौकरी और उच्च शिक्षा के कारण स्वतंत्र रूप से रह रही है, लेकिन उसके माता-पिता, मामा और अन्य रिश्तेदार उस पर अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का लगातार दबाव बना रहे हैं।

अदालत ने कहा कि विवाह किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निजी निर्णय होता है और इस मामले में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ विवाह के बंधन में नहीं बांधा जा सकता।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में राज्य की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को छात्रा की शिकायत पर विचार करने, खतरे का आकलन करने और यदि उसकी जान या स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा हो तो तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इस फैसले को बालिग व्यक्तियों के अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने के संवैधानिक अधिकार को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

Continue Reading

Haryana

भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान

Published

on

हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।

अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।

गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।

वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।

Continue Reading

Haryana

हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

Published

on

भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

Continue Reading

Trending