Connect with us

National

Vinesh Phogat और सोमवीर राठी ने अपने पहले बच्चे की उम्मीद की घोषणा की, जानिए उनकी कहानी।

Published

on

भारतीय कुश्ती चैंपियन Vinesh Phogat और उनके पति सोमवीर राठी अपने पहले बच्चे का स्वागत करने के लिए तैयार हैं। कुश्ती के मैदान में अपनी उपलब्धियों और व्यक्तिगत जीवन में प्रेरणादायक यात्रा के लिए मशहूर यह जोड़ा 2018 में शादी के बाद से ही प्रशंसकों के दिलों में अपनी जगह बना चुका है।

Vinesh Phogat और सोमवीर के बीच एक गहरा संबंध है, जो कुश्ती के प्रति उनके साझा जुनून से शुरू हुआ। दोनों की पहली मुलाकात भारतीय रेलवे में काम करते समय हुई थी, और इसके बाद उनकी दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई।

उनका रिश्ता तब सार्वजनिक हुआ जब 25 अगस्त 2018 को विनेश के 24वें जन्मदिन पर इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाहर रोमांटिक तरीके से उनकी सगाई हुई। विनेश जकार्ता एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लौटी थीं, और तब सोमवीर ने उन्हें प्रपोज करके उन्हें हैरान कर दिया।

कुछ ही महीनों बाद, दिसंबर 2018 में, उन्होंने हरियाणा के चरखी दादरी में एक निजी समारोह में शादी कर ली। इस शादी में उनके करीबी परिवार के सदस्य शामिल हुए, जिनमें उनकी प्रसिद्ध कुश्ती चचेरी बहनें गीता और बबीता फोगट भी शामिल थीं।

एक रिपोर्ट के अनुसार, Vinesh Phogat और सोमवीर ने अपनी शादी में शगुन के रूप में केवल 1 रुपया मांगा था। साथ ही, उन्होंने पारंपरिक सात वचनों के बजाय आठ वचन लिए थे, जिनमें से आठवां वचन था, “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी खिलाओ।”

विनेश भारतीय कुश्ती में एक महत्वपूर्ण नाम रही हैं और 2018 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। उनके पति सोमवीर राठी भी एक काबिल पहलवान हैं, जिन्होंने दो राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीती हैं। इस जोड़े ने हमेशा अपने करियर में एक-दूसरे की प्रेरणा और समर्थन के बारे में बात की है।

Vinesh Phogat की गर्भावस्था की खबर पर उनके प्रशंसकों, साथी एथलीटों और भारतीय खेल जगत से ढेर सारी शुभकामनाएं मिली हैं। जैसे-जैसे वह इस नए चरण में कदम रख रही हैं, उनका सफर कुश्ती से लेकर मातृत्व तक, निश्चित ही कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

National

बिना डाइट मैदान में अभ्यास करने को मजबूर हरियाणा के 37000 खिलाड़ी, नायब सरकार ने एक साल से नहीं दिया डाइट भत्ता- अनुराग ढांडा

Published

on

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस माध्यम से हरियाणा की बीजेपी सरकार को घेरा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की जन विरोधी नीति और नीयत ने देश को मेडल दिलाने वाले खिलाड़ियों को आज अपने हक, सम्मान और बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा हमेशा से खेलों की धरती रहा है। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में देश का तिरंगा ऊंचा करने वाले अधिकतर खिलाड़ी इसी मिट्टी से निकले हैं। लेकिन आज वही खिलाड़ी पूछ रहे हैं कि क्या मेहनत और मेडल की कीमत सिर्फ चुनावी मंचों पर तालियां बटोरने तक सीमित है? क्या खिलाड़ी सिर्फ पोस्टर और भाषणों के लिए रह गए हैं

अनुराग ढांडा ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एक पोस्टर जारी करके हरियाणा के सीएम नायब सिंह को ‘जस्ट चिल सीएम’ बताया है। उन्होंने सीएम नायब सिंह को ऑन रिकॉर्ड झूठ बोलने में पीएचडी तक करार दे दिया। हरियाणा के सीएम नायब सिंह ने झूठ बोलने में पीएचडी कर ली है और नई नीति ‘आगे दौड़ पीछे छोड़’ पर काम कर रहे हैं। हरियाणा में जर्जर खेल मैदानों के कारण मारे जा रहे थे और अब नायब सिंह सरकार ने खिलाड़ियों को भूखा मारने की कोशिशों में जुटी है। अनुराग ढांडा ने मुख्यमंत्री से सीधा सवाल करते हुए कहा कि हरियाणा के खिलाड़ी पूरे दिन मैदान में अपना खून पसीने बहाते हैं और उनके माता पिता के खून पसीने की कमाई से ओलिंपिक मैडल जीत कर आते हैं वो खिलाड़ी हरियाणा के जर्जर मैदानों में पोल गिरने से मारे गए। ये क्या कम था जो अब आपने 37000 खिलाड़ियों की डाइट का पैसा रोक दिया?

अनुराग ढांडा ने कहा कि खेल नर्सरी का मकसद था कि निचले स्तर के खिलाड़ी अच्छा प्रशिक्षण-डाइट लेकर राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला कर सके लेकिन प्रदेश की 1500 खेल नर्सरियों में 37000 खिलाड़ियों को पिछले 10 महीने से डाइट का पैसा तक नहीं मिला। इन नर्सरियों में ट्रेनिंग देने वाले कोचों को 10 महीनों से तनख्वाह भी नहीं मिली। खिलाड़ी डाइट का इंतज़ाम करे या खेल की तैयारी करे?

ढांडा ने सवाल उठाते हुए कहा कि नायब सरकार साल में 2 महीने के लिए नर्सरियों को बंद कर रही है। सीएम नायब सिंह बताएं कि क्या कोई खिलाड़ी 2 महीने की छुट्टी काट कर इंटरनेशनल मैडल की तैयारी करता है? रोज़ सुबह जल्दी उठकर घंटों मेहनत करने वाले खिलाड़ी को सरकार 2 महीने छुट्टी लेने को कह रही है। ताकि अब 2 महीने और ना खिलाड़ियों की डाइट का पैसा देना पड़े और न कोचों को उनकी तनख्वाह। खिलाड़ियों को खेल से दूर ले जा कर नायब सरकार उन्हें नशे के चंगुल में धकेल रही है। इसके अलावा जहां पुरानी खेल नर्सरियों के खिलाड़ियों को डाइट नहीं मिल रही वहां नायब सरकार नई खेल नर्सरियां खोलने की बात कह रही है।

सरकार ने 75000 बुज़ुर्गों की पेंशन की बंद : अनुराग ढांडा

  • अनुराग ढांडा ने बुढ़ापा पेंशन को लेकर भी सीएम नायब सिंह को जमकर घेरते हुए कहा कि पिछले कल मीडिया में सीएम बयान देते हैं कि किसी की पेंशन नहीं कटी जबकि हरियाणा के 75000 से अधिक बुज़ुर्गों की पेंशन काट दी गई है। और पेंशन न दिए जाने के बेतुके तर्क दिए जा रहे हैं। किसी किसान के खाते में फसल का पैसा डेढ़ या दो लाख आया तो उसे कहा जा रहा है कि 3 लाख की कमाई है तुम्हें पेंशन नहीं मिल सकती। इसका मतलब नायब सरकार 3 लाख की फसल बेचने वाले किसान को संपन्न मान रही है। ढांडा ने कहा कि किसान की खेती से कोई कमाई नहीं होती बल्कि किसान का खर्च इतना होता है कि पूरे परिवार का घर चलाना भी मुश्किल होता है। कहीं परिवार पहचान पत्र में पूरे परिवार की कमाई का हवाला देकर पेंशन बंद की जा रही है तो कहीं नाम, सरनेम, उम्र मिसमैच के नाम पर। अधिकारियों और पोर्टल की गलतियों का ठीकरा बुज़ुर्गों के सिर पर फोड़ा जा रहा है। इसके अलावा कई जगहों पर पूरे परिवार की आय को जोड़कर भी देखा जा रहा है जबकि बुज़ुर्ग की आय का परिवार की आय से कोई लेना देना नहीं है।
  • अनुराग ढांडा बोले कि बुज़ुर्ग को पेंशन देने का मकसद ही जीवन के अंतिम वर्षों को स्वाभिमान के साथ जीने का मौका देना है और नायब सिंह कहते हैं कि इनका परिवार बहुत कमाता है इसलिए पेंशन नहीं मिलेगी। पूरे हरियाणा में सैंकड़ों बुर्ज़ुर्गों और महिलाओं की लाइनें सरकारी दफ्तरों में लगी पड़ी है जो अपनी पेंशन कट जाने की वजह पूछते हैं। दफ्तर के अधिकारियों के पास उनकी पेंशन कट जाने का कोई वाजिब जवाब नहीं है। ढांडा ने कहा कि नायब सिंह ऑन रिकॉर्ड झूठ बोलने में पीएचडी हो गए हैं?
  • अनुराग ढांडा ने सीएम नायब सैनी और भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि इससे पहले कि लोग सड़कों पर उतर कर उनके पुतले जलाये। बेहतर होगा कि सरकार लोगों की मूलभूत समस्याओ पर ध्यान देकर उनका काम करें। सीएम नायब सिंह खिलाड़ियों की डाइट का करीब 10 करोड़ रूपए जल्दी जारी करे। किसानों की फसल की बिक्री को आय मांनना बंद करके सभी बुज़ुर्गों की बुढ़ापा पेंशन को जल्द से जल्द बहाल की जाए।
Continue Reading

National

केंद्रीय बजट पर आई आम आदमी पार्टी पंजाब की प्रतिक्रिया, जानिए क्या बोले CM भगवंत मान

Published

on

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह बजट एक बार फिर पंजाब के साथ नाइंसाफ़ी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बजट में न तो किसानों के लिए एमएसपी की कोई कानूनी गारंटी है, न युवाओं के लिए रोज़गार का भरोसा और न ही उद्योग या टैक्स प्रणाली को कोई राहत दी गई है।

सीएम मान ने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब की आर्थिक स्थिति को मज़बूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इससे साफ़ है कि राज्य और यहां के लोगों की जरूरतों को एक बार फिर नज़रअंदाज़ किया गया है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र की लगातार अनदेखी के बावजूद आम आदमी पार्टी सरकार और पंजाब के लोग मिलकर अपने दम पर राज्य को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाएंगे।


केंद्रीय बजट ने पंजाब-हरियाणा के किसानों को फिर दिया धोखा: हरपाल चीमा

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्रीय बजट ने एक बार फिर पंजाब और हरियाणा के किसानों की जायज़ चिंताओं को अनसुना किया है। उन्होंने बताया कि न तो एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में कोई बढ़ोतरी की गई है और न ही मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के लिए कोई मदद दी गई है।

चीमा ने कहा कि बजट में नारियल, काजू, चंदन और सूखे मेवों जैसी फसलों का ज़िक्र तो है, लेकिन उत्तर भारत के किसानों के लिए कुछ भी नहीं, जो गेहूं-धान जैसी फसलों पर निर्भर हैं। यह साफ़ तौर पर अनाज उत्पादक राज्यों के प्रति केंद्र की उदासीनता को दिखाता है।


केंद्रीय बजट ने पंजाब के अन्नदाता से मुंह मोड़ा: कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां

पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने बजट को “बड़ी निराशा” बताते हुए कहा कि इसमें न तो एमएसपी का कोई स्पष्ट रोडमैप है, न फसल विविधीकरण के लिए कोई सहायता और न ही बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए कोई राहत पैकेज।

उन्होंने कहा कि पंजाब देश का अन्न भंडार भरता है, फिर भी किसानों की आय सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार गंभीर नहीं दिखती।


केंद्रीय बजट लोगों के लिए सिर्फ निराशा लेकर आया: अमन अरोड़ा

मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा ने एक बार फिर पंजाब के साथ सौतेली माँ जैसा व्यवहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों के लिए बजट में कोई ठोस घोषणा नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि आज़ादी से लेकर देश को भोजन उपलब्ध कराने तक पंजाब का योगदान ऐतिहासिक रहा है, लेकिन इसके बावजूद राज्य के लिए कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं दिया गया।


केंद्रीय बजट पंजाब के साथ खुला भेदभाव दिखाता है: कुलदीप सिंह धालीवाल

आप के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि बजट में न एमएसपी की गारंटी है, न रोजगार और न ही पंजाब के लिए कोई बड़ा विकास प्रोजेक्ट।
उन्होंने कहा कि देश के लिए सबसे ज़्यादा कुर्बानियां देने वाले पंजाब को बार-बार उसके हक से वंचित किया जा रहा है।


किसानों के अधिकारों से मुंह मोड़ता बजट: लालजीत सिंह भुल्लर

मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि केंद्रीय बजट में एमएसपी, फसल विविधीकरण और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए कोई गंभीर प्रावधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह बजट केंद्र सरकार की किसान विरोधी सोच को उजागर करता है।


बजट में पंजाब के किसानों के लिए कोई विज़न नहीं: लाल चंद कटारुचक

मंत्री लाल चंद कटारुचक ने कहा कि जिस राज्य ने देश के अन्न भंडार भरे हैं, उसे बजट में कोई दिशा या ठोस सहायता नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि यह बजट केंद्र की पंजाब-विरोधी मानसिकता को साफ़ दर्शाता है।


बड़े दावे, लेकिन ज़मीनी हकीकत में खोखला बजट: नील गर्ग

आप के वरिष्ठ नेता नील गर्ग ने बजट की तुलना पंजाबी कहावत “पटिया पहाड़, निकलेआ चूहा” से करते हुए कहा कि बड़ी घोषणाओं के बावजूद पंजाब, किसान, युवा और आम आदमी के लिए कोई राहत नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट बड़े कॉर्पोरेट घरानों के पक्ष में है, जबकि देश का पेट भरने वाले किसान और आम लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

Continue Reading

National

गैंगस्टरों के परिवारों की शादियों में जा रहे अकाली नेता, क्या गैंगस्टरों के जरिए सत्ता में आना चाहते हैं सुखबीर बादल?: Dhaliwal

Published

on

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और हलका अजनाला से विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और अन्य अकाली नेताओं पर गैंगस्टरों के परिवारों के समारोहों में शामिल होने को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार गैंगस्टरवाद और ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, तब अकाली दल गैंगस्टरों से संबंध बनाता नजर आ रहा है।

समारोहों में मौजूदगी पर उठाए सवाल

विधायक धालीवाल ने अमृतसर में अमृतपाल सिंह बाठ की बहन की शादी समारोह में अकाली नेताओं की मौजूदगी से जुड़ी तस्वीरें सामने रखीं। इन तस्वीरों में सुखबीर सिंह बादल, विरसा सिंह वलटोहा, गनीव कौर मजीठिया, रविंदर सिंह ब्रह्मपुरा और शिरोमणि कमेटी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी की शमूलियत दिखाई देती है। धालीवाल ने कहा कि ये तस्वीरें अकाली दल की नीयत और प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।

दोहरे मापदंडों का आरोप

धालीवाल ने कहा कि एक ओर सुखबीर बादल बार-बार बयान देते हैं कि पंजाब में गैंगस्टरवाद खत्म नहीं हो रहा, वहीं दूसरी ओर वे स्वयं गैंगस्टरों के परिवारों के कार्यक्रमों में शामिल होकर यह संकेत दे रहे हैं कि उनकी सियासी लड़ाई गैंगस्टरों के सहारे है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल गैंगस्टरों का इस्तेमाल कर सत्ता में वापसी करना चाहता है।

युवाओं को गलत दिशा में धकेलने का आरोप

‘आप’ नेता ने कहा कि पहले अकाली दल ने पंजाब के युवाओं को आतंकवाद की आग में झोंका था और आज वही दल युवाओं को गैंगस्टर बनाकर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पूरी करना चाहता है। उन्होंने कहा कि उस काले दौर के लिए जहां कांग्रेस जिम्मेदार थी, वहीं अकाली दल भी बराबर का दोषी रहा है।

जनता से अपील

धालीवाल ने पंजाब के लोगों से अपील करते हुए कहा कि ऐसे तत्वों से सतर्क और चौकन्ना रहने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अकाली दल ने पहले भी पंजाब को हिंसा की आग में धकेला था और अब गैंगस्टरों को बढ़ावा देकर प्रदेश का माहौल खराब किया जा रहा है।

AAP सरकार का संकल्प

विधायक धालीवाल ने दोहराया कि चाहे विपक्ष जो भी करे, आम आदमी पार्टी की सरकार का संकल्प अडिग है। उन्होंने कहा कि पंजाब से गैंगस्टरवाद और ड्रग माफिया को जड़ से खत्म किया जाएगा और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

Continue Reading

Trending