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विजेंद्र बॉक्सर का बयान: राजनीति नहीं छोड़ी, साक्षी मलिक के संन्यास से दुखी, कहा- महिला सुरक्षा पर करेंगे बात

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कांग्रेस नेता विजेंद्र बॉक्सर के एक ट्वीट से कल हरियाणा की राजनीति में हलचल मच गई थी। जिसमें उन्होंने राजनीति को राम-राम भाई लिखा था। लेकिन अब उस ट्वीट से यूटर्न लेते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति नहीं छोड़ी है, अगर पार्टी उनको चुनाव लड़वाती है तो वह मैदान में उतरेंगे। 

अंतरराष्ट्रीय ओलिंपियन मुक्केबाज एवं कांग्रेस नेता विजेंद्र बॉक्सर ने अपने ट्वीट से यूटर्न ले लिया है। उन्होंने कहा कि मैंने अभी राजनीति नहीं छोड़ी है, लोगों ने ‘राजनीति को राम-राम भाई’ की पोस्ट के अलग मायने निकाल लिये। उन्होंने कहा कि साक्षी मलिक के संन्यास से खेल जगत दुखी, वह हर खिलाड़ी से महिला सुरक्षा-रोजगार पर बात करेंगे। 

हालांकि विजेंद्र ने अपने ट्वीट ‘राजनीति को राम-राम भाई’ को डिलीट कर दिया। वहीं, विजेंद्र के बड़े भाई मनोज बैनीवाल ने कहा कि विजेंद्र के ट्वीट का गलत मायने निकाले जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी को नहीं छोड़ा है न छोड़ने का इरादा है। उन्होंने नॉर्मल-वे में राजनीति लोगों को राम-राम की थी, लेकिन इसका उलटा मतलब निकाला गया। मनोज बैनीवाल ने स्पष्ट किया कि पार्टी का आदेश हुआ तो विजेंद्र आगे चुनाव भी लड़ेगा।

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‘चंडीगढ़ में बीजेपी ऑफिस के बाहर हमले के लिए गृह मंत्री जिम्मेदार’, CM भगवंत मान ने किया पलटवार

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मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को चंडीगढ़ में भाजपा मुख्यालय के बाहर हुए हमले के लिए केंद्र सरकार खास कर गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया है।

उन्होंने कहा कि केंद्र के नियंत्रण में आने वाले केंद्र शासित प्रदेश को सियासी दुष्प्रचार का आधार बनाकर इस्तेमाल करना पूरी तरह गलत है। इस घटना की जिम्मेदारी पूरी तरह केंद्र सरकार की है और अगर इस घटना को मुझ पर थोपने की कोशिश की जा रही है तो केंद्र को अपनी ड्यूटी से भागने के बजाय चंडीगढ़ को पंजाब सरकार के हवाले कर देना चाहिए।

गांव चीमा में कम्युनिटी हेल्थ सेंटर लोक अर्पण करने के मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर कोई जानता है कि चंडीगढ़ का प्रबंधन पंजाब के राज्यपाल द्वारा चलाया जाता है, फिर भी भाजपा की अगुआई वाली केंद्र सरकार किसान आंदोलन, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में आंदोलन जैसे कई मुद्दों पर सारा दोष मुझ पर थोपने को हमेशा तैयार रहती है।

उन्होंने कहा कि भाजपा को इस मुद्दे पर बेबुनियाद और बेतुकी बयानबाजी से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब पंजाब चंडीगढ़ की मांग करता है तो इसे अलगाववादी विचारधारा बताया जाता है, लेकिन दूसरी तरफ केंद्र सरकार यूटी. चंडीगढ़ में कानून व्यवस्था कायम रखने के अपने फर्ज से हमेशा भागती रही है।

हिमाचल सरकार के एंट्री टैक्स पर पलटवार

कांग्रेस की अगुआई वाली हिमाचल सरकार के एंट्री टैक्स लगाने के फैसले का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि एक तरफ ‘आप’ सरकार टोल टैक्स खत्म करके आम आदमी को राहत दे रही है, जबकि दूसरी तरफ ये लोग आम जनता पर अनाश्वयक एंट्री टैक्स लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम पूरी तरह गैर-वाजिब है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा इसका हर स्तर पर जोरदार विरोध किया जाएगा।

किसानों के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा

किसानों की चिंताओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आढ़तियों की जायज मांगों को केंद्र सरकार के समक्ष उठाऊंगा क्योंकि उनकी सारी मांगें भारत सरकार से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा ये मुद्दे पहले भी बार-बार केंद्र के समक्ष उठाए गए हैं और राज्य सरकार लगातार ऐसा करती रहेगी। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए सुचारू और मुश्किल रहित खरीद सुनिश्चित बनाने के लिए दृढ़ है।

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पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!

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पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।

जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।

वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।

इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।

योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।

कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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चंडीगढ़ में देर रात दहशत: सेक्टर-29 के रिहायशी इलाके में दिखा तेंदुए जैसा जानवर, सीसीटीवी में कैद

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चंडीगढ़ के सेक्टर-29 में बुधवार रात तेंदुआ दिखाई देने की खबर से इलाके में दहशत फैल गई। लोगों ने पूरी रात घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला। हालांकि, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में एक तेंदुआ पीर दरगाह के पास पानी पीते हुए कैद हुआ है।

पार्क में महिला ने सबसे पहले देखा

जानकारी के अनुसार बुधवार शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच सेक्टर-29 के एक पार्क में एक महिला अपने बच्चों के साथ टहल रही थी। इसी दौरान उसकी नजर झाड़ियों के पास घूमते हुए एक तेंदुए पर पड़ी। यह देखते ही महिला घबरा गई और तुरंत बच्चों को लेकर पार्क से बाहर निकल गई।

घर पहुंचकर महिला ने इस बारे में अपने पति को बताया। इसके बाद उसके पति ने यह जानकारी पास में स्थित पीर दरगाह के लोगों को दी।

CCTV में कैद हुआ तेंदुआ

सूचना मिलने के बाद जब दरगाह परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई तो उसमें साफ दिखाई दिया कि एक तेंदुआ दरगाह के पास बने स्थान पर पानी पी रहा है। इसके बाद तुरंत पुलिस और फॉरेस्ट विभाग को सूचना दी गई।

सूचना के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आसपास के इलाके में पूरी रात तलाशी अभियान चलाया। हालांकि देर रात तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन में तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिल पाया।

फिलहाल पुलिस और फॉरेस्ट विभाग दोनों ही तेंदुए की मौजूदगी को लेकर आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके के लोग काफी दहशत में हैं और सतर्कता बरत रहे हैं।

पुलिसकर्मी हाथ में डंडा लेकर खड़ा हुआ।

पुलिसकर्मी हाथ में डंडा लेकर खड़ा हुआ।

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