Uttrakhand
Nainital (Uttrakhand) में खाई में गिरी कार, भीषण सड़क हादसा में 8 लोगों की मौत
Uttrakhand के Nainital जिले में भीषण सड़क हादसे हो गया । दरअसल, एक बोलेरो कार अचानक अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी| घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद खाई तक पहुंची| इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गए है|
जानकारी के मुताबिक नैनीताल जिले के बेतालघाट क्षेत्र के मालगांव से टनकपुर जा रही नेपाली मूल के मजदूरों की बोलेरो कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई । बतादें की बोलेरो गाड़ी में दस लोग सवार थे|
Police जानकारी के मुताबिक इस हादसे में 7 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए| पुलिस और बचाव दल ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां एक और शख्स की मौत हो गई. पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है|
सोमवार रात करीब 10.30 बजे नेपाल के करीब 10 मजदूर बोलेरो जीप बुक कर बेतालघाट ऊंचाकोट से टनकपुर के लिए निकले थे । इसी बीच जैसे ही वे मलगांव के पास पहुंचे तो उनकी कार अनियंत्रित हो गई और करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी. इस हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार से शवों को कब्जे में लिया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया. आपको बता दें कि ये सभी मजदूर नेपाली मूल के थे|
मृतकों की पहचान 50 वर्षीय विशा राम चौधरी, 45 वर्षीय धीरज, 40 वर्षीय अनंत राम चौधरी, 38 वर्षीय विनोद चौधरी, 55 वर्षीय उदय राम चौधरी, 45 वर्षीय के रूप में की गई है। साल के तिलक चौधरी और 60 साल के गोपाल। शांति चौधरी व छोटू चौधरी घायल हो गये |
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Uttarakhand के 4Districts में Landslide का High Alert Issued, भारी बारिश की चेतावनी के बाद Administration Alert पर
उत्तराखंड के चार जिलों—टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली—में भारी बारिश के चलते भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। इसको देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने 7 और 8 जुलाई के लिए इन जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
यह चेतावनी भारतीय मौसम विभाग (IMD) और जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) की भविष्यवाणी के आधार पर दी गई है, जिसमें इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके चलते पहाड़ों में ढलानें खिसकने (slope failure) और सड़कें बंद होने की आशंका जताई जा रही है।
इन इलाकों में खतरे की आशंका
चेतावनी में बताया गया है कि चमोली, रुद्रप्रयाग, उखीमठ, घनसाली, नरेंद्रनगर, धनोल्टी, डुंडा और चिन्यालीसौड़ जैसे उपमंडलों में भूस्खलन हो सकता है।
प्रशासन ने उठाए कड़े कदम
SEOC ने सभी जिलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे सतर्कता के सख्त उपाय लागू करें। इनमें शामिल हैं:
- सभी प्रशासनिक स्तर पर हाई अलर्ट की स्थिति बनाए रखना
- वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करना
- तुरंत रेस्क्यू और राहत टीमों को तैनात करना
- सभी इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) के नोडल अधिकारियों को तैयार रहने को कहा गया है
ज़रूरी सेवाओं की व्यवस्था
- राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना या किसी भी सड़क पर यदि मलबा आता है तो तुरंत साफ करने के निर्देश दिए गए हैं
- गांवों और कस्बों के अधिकारी, जैसे पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत सचिव अपने क्षेत्रों में मौजूद रहें
- पुलिस चौकी और थाने आपदा से निपटने के उपकरण और wireless communication systems से लैस रहें
ज़रूरी सामान साथ रखने की सलाह
सभी अधिकारियों को कहा गया है कि वे अपनी गाड़ियों में raincoat, torch, helmet, और emergency kit ज़रूर रखें। इन दिनों में सरकारी कर्मचारी अपने मोबाइल स्विच ऑफ नहीं करेंगे।
स्कूलों और पर्यटकों के लिए निर्देश
- स्कूलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके
- हाई हिमालयन इलाकों में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है
- तेज़ बारिश के समय, वाहन और पैदल आवाजाही पूरी तरह से बंद रखने को कहा गया है
मीडिया के ज़रिए जागरूकता
सभी जिला सूचना अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रिंट और विज़ुअल मीडिया के ज़रिए आम जनता तक यह चेतावनी पहुंचाएं और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील करें।
इमरजेंसी की तैयारी
जहां भी भूस्खलन की संभावना है, वहां चेतावनी बोर्ड, earthmovers और excavators जैसी भारी मशीनें तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपदा से जुड़ी जानकारी को तुरंत राज्य कंट्रोल रूम तक पहुंचाने को कहा गया है।
सारांश:
उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते चार जिलों में भूस्खलन की आशंका गहराई है। प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे सतर्क रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें।
अगर आप प्रभावित इलाकों में हैं, तो सरकारी अपडेट्स पर ध्यान दें और किसी भी आपातकाल में नज़दीकी अधिकारियों से संपर्क करें।
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Helicopter Crash में 7 लोगों की मौत, Char Dham की सभीHeli Services Suspended, Government ने जांच के दिए Orders
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। केदारनाथ धाम से गुप्तकाशी जा रहा एक हेलिकॉप्टर शनिवार सुबह गौरीकुंड के पास जंगलों में क्रैश हो गया। इस हादसे में पायलट समेत कुल 7 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में एक 10 साल की बच्ची भी शामिल है।
हादसे में जान गंवाने वालों के नाम:
- राजवीर – पायलट
- विक्रम रावत
- विनोद
- त्रिश्टि सिंह
- राजकुमा
- श्रद्धा
- राशी – उम्र 10 साल
कैसे हुआ हादसा?
आर्यन एविएशन कंपनी का यह हेलिकॉप्टर सुबह 5:17 बजे गुप्तकाशी के लिए रवाना हुआ था। यह हेलिकॉप्टर केदारनाथ से यात्रियों को लेकर लौट रहा था, लेकिन रास्ते में मौसम बिगड़ गया। तेज़ कोहरा और खराब मौसम की वजह से हेलिकॉप्टर अपना रास्ता भटक गया और गौरीकुंड के पास एक जंगल में गिरकर क्रैश हो गया।
स्थानीय लोगों और प्रशासन ने हादसे की जानकारी मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। मौके पर SDRF और पुलिस की टीम भी पहुंची, लेकिन हेलिकॉप्टर में सवार किसी की जान नहीं बचाई जा सकी।
हेली सेवाएं बंद, जांच शुरू
इस हादसे के बाद सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। चारधाम में चल रही सभी हेलिकॉप्टर सेवाओं को अगली सूचना तक बंद कर दिया गया है। यह फैसला UCADA (उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी) और DGCA (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने मिलकर लिया है।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख, दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर दुख जताते हुए X (पहले ट्विटर) पर लिखा:
“रुद्रप्रयाग में हेलिकॉप्टर क्रैश की दुखद खबर मिली है। SDRF, स्थानीय प्रशासन और अन्य टीमें मौके पर राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं।”
मुख्यमंत्री ने तुरंत मुख्य सचिव को एक तकनीकी समिति बनाने के निर्देश दिए हैं। यह समिति हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा, तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच करेगी और नई SOP (Standard Operating Procedure) तैयार करेगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हों।
साथ ही, पहले से बनी हाई-लेवल जांच समिति को इस हादसे की भी जांच सौंप दी गई है। यह कमेटी यह देखेगी कि कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश करेगी।
क्या है आगे का रास्ता?
चारधाम यात्रा के दौरान हेलिकॉप्टर सेवाओं का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है। लेकिन हर साल मौसम की मार और तकनीकी खामियों के कारण इस तरह के हादसे चिंता का विषय बन चुके हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार और संबंधित एजेंसियां इस बार कितनी पारदर्शिता और सख्ती से जांच को अंजाम देती हैं और यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी, 4 मई को खुलेंगे Badrinath धाम के कपाट
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित Badrinath धाम के पवित्र द्वार 4 मई को सुबह 6 बजे श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। बसंत पंचमी पर नरेंद्र नगर स्थित पूर्वी टिहरी राज दरबार में विशेष पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट खुलने का समय तय किया गया। गणेश पंचांग और चौकी पूजा के बाद राज पुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उन्याल ने Badrinath धाम के कपाट खोलने की तिथि तय की।
इस दौरान टिहरी के पूर्व महाराजा मानवेंद्र शाह, लोकसभा सांसद माला राज लक्ष्मी शाह, Badrinath के मुख्य पुजारी रावल अमरनाथ नंबूदरी, Badrinath केदारनाथ धाम समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय थपलियाल समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
17 नवंबर 2024 को पांच पूजाओं के बाद Badrinath के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। पिछले वर्ष उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के दौरान अकेले Badrinath धाम में 14 लाख 25 हजार से अधिक लोगों ने दर्शन किये।
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