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UPSC सिविल सेवा फाइनल रिजल्ट जारी: प्रयागराज की शक्ति दुबे रहीं टॉपर, टॉप 5 में 3 महिलाएं; मेरिट लिस्ट में 1009 कैंडिडेट्स।

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UPSC ने सिविल सर्विस एग्‍जाम 2024 का फाइनल रिजल्‍ट जारी कर दिया है। प्रयागराज की शक्ति दुबे ऑल इंडिया टॉपर बनी हैं। कुल 1009 कैंडिडेट्स का नाम मेरिट लिस्‍ट में शामिल है। मेरिट लिस्‍ट ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर रिलीज की गई है।

रैंक 1 – शक्ति दुबे

यूपी के प्रयागराज की शक्ति दुबे ऑल इंडिया टॉपर बनी हैं। शक्ति ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया है। परीक्षा में पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशंस उसके ऑप्शनल सब्जेक्ट थे।

रैंक 2 – हर्षिता गोयल

नंबर 2 पर हर्षिता गोयल रही हैं। हर्षिता शाह मूल रूप से हरियाणा की हैं और कई वर्षों से गुजरात के वडोदरा में रह रही हैं। हर्षिता का जन्म हरियाणा में हुआ। इसके बाद परिवार गुजरात के वडोदरा आ गया। यहीं वो बड़ी हुईं। क्वालिफिकेशन से वो एक CA हैं। हर्षिता थैलेसीमिया और कैंसर से पीड़ित बच्चों के लिए अहमदाबाद के बीलीफ फाउंडेशन के साथ काम कर चुकी हैं।

रैंक 3 – अर्चित पराग डोंगरे

अर्चित ने वीआईटी, वेल्लोर से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बी.टेक) की डिग्री ली है। उनका एक ऑप्शनल सब्जेक्ट फिलॉसफी (दर्शनशास्त्र) था।

रैंक 4 -​​​​​ मार्गी चिराग​​ शाह

गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त शाह मार्गी चिराग ने समाजशास्त्र को वैकल्पिक विषय के रूप में लेकर चौथा स्थान हासिल किया है।

रैंक 5 – आकाश गर्ग

कंप्यूटर विज्ञान में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी की डिग्री रखने वाले और गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली से इंजीनियरिंग करने वाले आकाश गर्ग को वैकल्पिक विषय के रूप में समाजशास्त्र के साथ पांचवां स्थान मिला है।

रैंक 6 – कोमल पूनिया कोमल सहारनपुर से हैं।

रैंक 7 – आयुषी बंसल आयुषी ने UPSC 2023 में 97वीं और 2022 में 188वीं रैंक हासिल की थी। इनका जन्‍म मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ है। मां और पिता दोनों LIC में काम करते थे। 10 साल की उम्र में, जब वे 5वीं क्लास में थीं उनके पिता का निधन हो गया था। IIT की प्रिपरेशन के लिए वो दिल्ली आ गईं। यहां मैकेंजी एंड कंपनी में काम किया। 2022 में जॉब क्विट करके UPSC CSE प्रिपरेशन शुरू की।

रैंक 8 – राज कृष्ण झा

राज कृष्ण झा बिहार के सीतामढ़ी के रहने वाले हैं। उनकी स्कूलिंग नेपाल के जापा डिस्ट्रिक्ट से हुई। बिहार बोर्ड से 12वीं की पढ़ाई के बाद मोतीलाल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मेकैनिकल इंजीनियरिंग में B.Tech किया। फिर साल 2018 में हिंदुस्तान पेट्रोलियम जॉइन किया। अभी कोल्हापुर में कार्यरत थे।

रैंक 9 – आदित्य विक्रम अग्रवाल आदित्य हरियाणा के बहादुरगढ़ के रहने वाले हैं। उन्होंने NIT इलाहाबद से मेकैनिकल इंजीनियरिंग में B.Tech. किया है। UPSC में एंथ्रोपॉलॉजी को मेन्स का ऑप्शनल सब्जेक्ट रखा था।

रैंक 10 – मयंक त्रिपाठी

मयंक उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले से हैं। उन्होंने अपने पहले प्रयास में UPSC CSE में 337वीं रैंक हासिल की थी। इस बार, दूसरे प्रयास में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10वीं रैंक प्राप्त की है। इससे पहले, उनका चयन यूपी पीसीएस के तहत डिप्टी एसपी (DSP) पद के लिए भी हो चुका है। मयंक के पिता कलेक्ट्रेट में प्रधान सहायक के पद पर कार्यरत हैं।

इस वर्ष UPSC CSE परीक्षा में कुल 1009 उम्मीदवारों का चयन हुआ है। इनमें से 335 अभ्यर्थी सामान्य वर्ग से, 109 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से, 318 अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से, 160 अनुसूचित जाति (SC) से और 87 अनुसूचित जनजाति (ST) से हैं।

अगर आप चाहें तो इसे और भी सरल या भावनात्मक शैली में लिखा जा सकता है।

टॉप 25 कैंडिडेट्स में 11 महिलाएं और 14 पुरुष

UPSC टॉपर्स की टॉप 5 लिस्‍ट में 3 लड़कियों ने जगह बनाई है। वहीं टॉप 10 में 4 लड़कियां शामिल हैं। UPSC ने कहा कि टॉपर्स ने IIT, NIT, VIT, JNU, दिल्ली यूनिवर्सिटी और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग, ह्यूमेनिटीज, विज्ञान, कॉमर्स, मेडिकल साइंस और आर्किटेक्ट में ग्रेजुएशन किया है।

5.8 लाख कैंडिडेट्स ने दी UPSC 2025 परीक्षा

UPSC सिविल सर्विस परीक्षा पिछले साल 16 जून को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के लिए कुल 9,92,599 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 5,83,213 उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए। कुल 14,627 उम्मीदवार लिखित (मुख्य) परीक्षा के लिए योग्य पाए गए जो सितंबर 2024 में आयोजित की गई थी। इनमें से 2,845 उम्मीदवार इंटरव्यू के चुने गए। इनमें से 1,009 उम्मीदवारों (725 पुरुष और 284 महिलाएं) को विभिन्न सेवाओं में नियुक्ति के लिए आयोग ने अनुशंसित किया है।

UPSC CSE प्रीलिम्स परीक्षा 16 जून, 2024 को हुई थी, जबकि मेन्स परीक्षा का आयोजन 20 से 29 सितंबर, 2024 के बीच हुआ था। वहीं, इंटरव्यू जनवरी से अप्रैल, 2025 के बीच आयोजित किया गया था।

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भारत की पाकिस्तान पर शानदार जीत, महिला टी-20 विश्व कप का धमाकेदार आगाज़

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महिला टी-20 विश्व कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पाकिस्तान को 64 रन से हरा दिया। बर्मिंघम में खेले गए ग्रुप-1 के इस मुकाबले में भारत की जीत की नायिका स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा रहीं। मंधाना ने बल्ले से कमाल दिखाया, जबकि दीप्ति ने गेंद से पाकिस्तानी बल्लेबाजों को पूरी तरह बेअसर कर दिया।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत आक्रामक रही। शेफाली वर्मा ने पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए, लेकिन वह 6 रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद जेमिमा रोड्रिग्स भी सिर्फ एक रन बनाकर पवेलियन लौट गईं और भारत ने 18 रन पर दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए।

मुश्किल समय में स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 91 रन की अहम साझेदारी की। मंधाना ने 44 गेंदों पर 68 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 2 छक्के शामिल थे। हरमनप्रीत ने भी संयमित बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

अंतिम ओवरों में ऋचा घोष ने तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 17 गेंदों पर 34 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और एक छक्का शामिल रहा। दीप्ति शर्मा ने भी नाबाद 12 रन का योगदान दिया, जिसकी बदौलत भारत ने 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 170 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और लगातार विकेट हासिल करती रहीं। पाकिस्तान की ओर से मुनीबा अली ने कुछ संघर्ष जरूर किया और 41 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास सहयोग नहीं मिला।

भारत की गेंदबाजी की स्टार दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्होंने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 10 रन देकर 5 विकेट झटके। उनके साथ श्री चरणी ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 21 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए। शेफाली वर्मा को भी एक सफलता मिली।

भारतीय गेंदबाजों के सामने पाकिस्तानी टीम पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल सकी और 17 ओवर में 106 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने अपने पहले ही मुकाबले में 64 रन की बड़ी जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में जोरदार शुरुआत की।

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फ्रांस पहुंचे PM मोदी, भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने छह दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे के तहत फ्रांस के शहर नीस पहुंच गए हैं। नीस पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की, एक बच्चे को गोद में उठाकर स्नेह जताया और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया।

आज प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक में प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य-तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा ‘इंडिया इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन भी किया जाएगा।

भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों के संभावित सौदे पर भी अहम चर्चा होगी। भारत इन विमानों में अपने हथियारों और तकनीकी प्रणालियों को जोड़ने के लिए अधिक लचीलापन चाहता है। हालांकि इस सौदे को अभी सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है।

प्रधानमंत्री का फ्रांस दौरा नीस, एवियन और पेरिस—तीन चरणों में होगा। 16 और 17 जून को वे एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस दौरान उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ भी द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। दोनों नेता लगभग 16 महीने बाद आमने-सामने मिलेंगे।

18 जून को प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ पेरिस में आयोजित VivaTech सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके बाद वे स्लोवाकिया जाएंगे, जहां वे प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे। 1993 में स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा होगी।

इस दौरे के दौरान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। वैश्विक सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग के लिहाज से प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के नए प्रमुख, केंद्र सरकार ने किया ऐलान

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केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) नियुक्त करने की घोषणा कर दी है। वह भारतीय सेना के 31वें सेना प्रमुख के रूप में पदभार संभालेंगे। वर्तमान में वह उप सेना प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) के पद पर कार्यरत हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ मौजूदा सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो रहा है। जनरल द्विवेदी ने 30 जून 2024 को भारतीय सेना की कमान संभाली थी। नियमों के अनुसार सेना प्रमुख का कार्यकाल तीन वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक होता है, जो भी पहले हो।

दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन प्राप्त करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ के पास लगभग चार दशक का व्यापक सैन्य अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने देश के कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में सेवाएं दी हैं। उन्होंने रेगिस्तानी इलाकों, जम्मू-कश्मीर और पश्चिमी सीमा पर विभिन्न ऑपरेशनल एवं कमांड जिम्मेदारियां संभाली हैं।

धीरज सेठ उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं जिन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर दो महत्वपूर्ण ऑपरेशनल कमांडों का नेतृत्व किया है। इसके अलावा वे दक्षिण-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के अंगोला मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व किया और सेना मुख्यालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। सेना की क्षमता विकास, रणनीतिक योजना और आधुनिकीकरण से जुड़े कई अहम प्रोजेक्ट्स में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी धीरज सेठ का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) खड़कवासला, भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) देहरादून, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (DSSC) वेलिंगटन तथा नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने जूनियर कमांड कोर्स में प्रथम स्थान प्राप्त किया था और DSSC में सर्वश्रेष्ठ ऑल-राउंड स्टूडेंट ऑफिसर का मेडल भी हासिल किया था।

देश के प्रति उनकी उत्कृष्ट और विशिष्ट सेवाओं को देखते हुए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM) और अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) जैसे उच्च सैन्य सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

भारतीय सेना की कमान संभालने जा रहे लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ से उम्मीद की जा रही है कि वे देश की सुरक्षा, सैन्य आधुनिकीकरण और रणनीतिक क्षमता को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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