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Uttar Pradesh

UP: ‘योगी बोले-लातों के भूत बातों से नहीं मानेंगे’ बंगाल हिंसा पर बोले योगी आदित्यनाथ।

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। हरदोई में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, “जो लोग समझाने से नहीं मानते, उन्हें सख्ती से ही काबू में लाया जा सकता है। अगर किसी को बांग्लादेश इतना पसंद है, तो वह वहीं चला जाए।”

UP के सीएम योगी ने आरोप लगाया कि बंगाल में हालात बिगड़ रहे हैं, लेकिन वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस सभी चुप हैं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी हिंसा फैलाने वालों को ‘शांतिदूत’ कहती हैं और धर्मनिरपेक्षता के नाम पर उन्हें छूट दे रही हैं, जो बिल्कुल गलत है।

योगी ने पश्चिम बंगाल हाईकोर्ट का आभार जताया, जिसने अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर अहम कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की अराजकता पर अब सख्त कार्रवाई की जरूरत है।

योगी मंगलवार को माधोगंज स्थित रुइया गढ़ी पहुंचे, जहां उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजा नरपत सिंह के विजय दिवस समारोह में भाग लिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 650 करोड़ रुपए की 729 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।

सीएम योगी की 5 बड़ी बातें-

  1. वक्फ की जमीनों पर गरीबों के लिए मकान बनाएंगे

वक्फ की जमीनें वापस ली जाएंगी। इन पर अस्पताल बनेंगे, गरीबों के लिए मकान बनेंगे, ऊंची इमारतें बनेंगी। यहां स्कूल, विश्वविद्यालय बनेंगे और निवेश के लिए लैंड बैंक तैयार होगा। लेकिन किसी को जमीन पर कब्जा कर गुंडागर्दी करने की छूट नहीं मिलेगी। लोग इसी वजह से परेशान हैं, क्योंकि जमीन के नाम पर जो लूट मची थी, अब वह रुकने वाली है।

  1. सपा-कांग्रेस को परेशानी है कि अब गुर्गे खाली हो जाएंगे

इन लोगों को इसलिए परेशानी हो रही है, क्योंकि अब उनके गुर्गों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। वो गुर्गे जो पहले जनता को लूटते थे। जो भस्मासुर पाल रखे थे, अब उन्हें डर है कि कहीं वही इन्हें न डसने लगें। जो अकूत संपत्ति इकट्ठा की गई थी, उस पर डकैती न पड़ जाए।

इसलिए ये वक्फ के नाम पर जनता को गुमराह कर रहे हैं, आंखों में धूल झोंक रहे हैं। लेकिन गुमराह होने की जरूरत नहीं है। हमें संविधान और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के आदर्शों पर विश्वास रखना है और विकास की प्रक्रिया से जुड़ना है।

  1. दंगाइयों का उपचार सिर्फ डंडा है

पहले रोजगार का अभाव था, अव्यवस्था थी। हमने योजनाओं को आगे बढ़ाया है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। पहले लोगों को पलायन करना पड़ता था, लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में हर दूसरे-तीसरे दिन दंगे होते थे। इन दंगाइयों का इलाज केवल डंडा है, बिना डंडे के वे मानेंगे नहीं।

  1. ये लोग भारत की धरती पर बोझ बने हुए हैं

मुर्शिदाबाद को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और टीएमसी सब मौन हैं। वे धमकी पर धमकी दे रहे हैं और बांग्लादेश में जो हुआ, उसका समर्थन कर रहे हैं। अगर उन्हें बांग्लादेश अच्छा लगता है, तो वहीं चले जाएं। ऐसे लोग भारत की धरती पर बोझ बन चुके हैं।

  1. हरदोई के हुनर को पहचान मिलेगी

हरदोई में मेडिकल कॉलेज पूरी तरह तैयार हो चुका है और जल्द ही नर्सिंग कॉलेज भी शुरू होगा। गंगा एक्सप्रेसवे की 99 किलोमीटर की दूरी हरदोई से होकर गुजरेगी, जिससे दिल्ली और प्रयागराज की दूरी घटेगी। हरदोई की सीमा पर पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क बनने जा रहा है, जिससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा और यहां के हुनर को पहचान मिलेगी।

अब लोगों को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि दूसरे राज्यों से लोग हरदोई आएंगे। डबल इंजन की सरकार विरासत का सम्मान करती है और विकास को गति देती है। प्रयागराज महाकुंभ इसका उदाहरण है, जहां 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। यह “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना को दर्शाता है। भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, और अगले दो वर्षों में हम तीसरे स्थान पर होंगे।

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Uttar Pradesh

लखनऊ में महिला आरक्षण मुद्दे पर उबाल—25 हजार महिलाओं का जन आक्रोश मार्च, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

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लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास न होने पर लखनऊ में भाजपा ने मंगलवार को जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली। सीएम योगी खुद इस पदयात्रा में महिलाओं के साथ पैदल चले। उनके साथ करीब 15 हजार महिलाएं चलीं। योगी के अलावा दोनों डिप्टी सीएम, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के सीनियर लीडर भी कड़ी धूप में पैदल चले।

पदयात्रा सीएम आवास से शुरू होकर विधानसभा तक करीब 2 किमी तक गई। यहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- नकाब वालों के चक्कर में सपा-कांग्रेस ने 80% महिलाओं का नुकसान किया। महिलाओं के मन में जबरदस्त गुस्सा है।

वहीं, सीएम योगी ने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी रहे हैं। आज महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। इसका अंदाजा भीषण गर्मी में इस भीड़ को देखकर लगाया जा सकता है। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं। पहली जाति महिला है। दूसरी गरीब की, तीसरी युवा और चौथी किसान की।

उन्होंने कहा- कांग्रेस, सपा और उनके सहयोगी दलों से जुड़ी महिलाएं भी इस रैली में आई हैं। आज की रैली यहीं समाप्त नहीं होती है। यह आंदोलन बूथ, मंडल, ब्लॉक और जिले स्तर तक जारी रखना है।

गर्मी को देखते हुए पदयात्रा में जगह-जगह प्याऊ, एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी। रैली में शामिल महिलाओं ने राहुल गांधी मुर्दाबाद, नारी के सम्मान में भाजपा मैदान में जैसे नारे लगाए। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने संबोधन में कहा-

सपा और कांग्रेस की स्थिति मेंढक की तरह है। इन्हें चाहे चांदी के चबूतरे में बैठा लो या सोने के। ये उछलेंगे तो नाले में ही कूंदेंगे। महिलाओं को आरक्षण जाति देखकर नहीं दिया जा सकता।

पदयात्रा में सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम के अलावा कैबिनेट की महिला मंत्री भी हैं। इसके अलावा, गठबंधन की पार्टियां भी शामिल हुई हैं। इनमें ओपी राजभर, आशीष पटेल भी हैं। राजनीति के जानकार इसे भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देख रहे हैं।

भाजपा संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा- नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित न होने पर यह पदयात्रा निकाली गई। उन्होंने बताया कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पीएम मोदी का महत्वपूर्ण कदम था। सभी दलों से सहयोग मांगने के बावजूद अधिनियम गिर गया।

सीएम योगी ने जन आक्रोश रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी हैं। महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। यह दिखा रहा है कि भीषण गर्मी में भी हजारों की संख्या में बहनें आई हैं। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं- महिला, गरीब, युवा और किसान।

देश के अंदर इंस्फ्रास्ट्रक्चर का विकास हो, देश के संरक्षण का काम हो, समाज के हर तबके के उत्थान के लिए चलने वाली योजनाएं हों। इन सबके केंद्र बिंदु में महिलाएं हैं। उन्होंने कहा- पीएम आवास, स्वच्छ भारत मिशन, हर घर शौचालय, हर गरीब को छत, हर महिला को उज्ज्वला योजना से जोड़ना उन्हें ईंधन उपलब्ध कराना ही नहीं है, यह उनके स्वावलंबन के लिए भी है।

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स्मार्ट मीटर को लेकर एक्शन में UPPCL, चार सदस्यीय तकनीकी कमेटी बनी, IIT और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के अधिकारी शामिल

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उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं. प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर रोजाना ही विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और अब पावर कॉरपोरेशन की तरफ से स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता जांचने और तकनीकी परीक्षण के लिए चार सदस्यीय विशेषज्ञों की समिति का गठन किया गया है. इस समिति में आईआईटी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट के साथ ही पावर कारपोरेशन के अधिकारी भी शामिल होंगे.

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन (UPPCL) ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया है. इस समिति में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर अंकुश शर्मा और प्रबोध वाजपेई, इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन वडोदरा के अनुभाग प्रमुख तेजस मिस्त्री और पावर कारपोरेशन के निदेशक (वितरण) जीडी द्विवेदी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.

समिति के गठन से यह स्पष्ट है कि पावर कारपोरेशन ने स्वयं स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता और कनेक्टिविटी से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से स्वीकार किया है. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पहली बार पावर कारपोरेशन ने यह माना है कि स्मार्ट मीटरों में तकनीकी कमियां मौजूद हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जो केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की एक अप्रैल 2026 की अधिसूचना के अनुसार स्थापित किए जा रहे हैं. इस स्थिति में यह आवश्यक है कि प्रीपेड आधार पर दिए जा रहे नए बिजली कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए. बिना उपभोक्ताओं की सहमति के प्रीपेड मोड में किए गए 70 लाख से अधिक कनेक्शनों को पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जाए.

उपभोक्ता परिषद ने पावर कारपोरेशन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि जब तक वर्तमान जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक (पब्लिक डोमेन) में जारी नहीं हो जाती, तब तक पूरे उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की स्थापना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए.

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सकौती में जाटों का जमावड़ा: CM मान समेत कई दिग्गज पधारे, मंच से गरजे जाट नेता-पहचान व सम्मान से समझौता नहीं

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मेरठ जिले के दौराला क्षेत्र के सकौती स्थित हितकारी इंटर कॉलेज में आज महाराजा सूरजमल की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर जाट संसद की ओर से देशभर में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने के अभियान की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, समाज के लोग, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद हैं।

जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आने वाले एक से दो वर्षों में देश के सभी जाट बहुल गांवों में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना है कि इससे समाज को अपने इतिहास और गौरव से जोड़ने में मदद मिलेगी।

प्रतिमाएं स्थापित करने का अभियान शुरू


मनु चौधरी ने बताया कि जाट संसद की ओर से यह राष्ट्रव्यापी अभियान समाज के महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में चरणबद्ध तरीके से प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी और समाज के लोगों को इतिहास के प्रति जागरूक किया जाएगा।

कार्यक्रम को लेकर विवाद का आरोप


मनु चौधरी ने आरोप लगाया कि शनिवार रात पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर लगे जाट शब्द को हटवा दिया और चालान करने की चेतावनी दी। उन्होंने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समाज अपनी पहचान और सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा।

कई जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद


कार्यक्रम में कई सांसद, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और क्षेत्रीय नेता मौजूद हैं। आयोजकों के अनुसार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। दोनों नेताओं के कार्यक्रम स्थल की ओर आने की जानकारी दी गई है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महाराजा सूरजमल के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। साथ ही समाज में एकजुटता बढ़ाने और शिक्षा के प्रसार पर विशेष जोर दिया गया।

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