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UP: टेक्सटाइल में बांग्लादेश दुनिया भर में छाया…, सीएम योगी बोले-भारत क्यों नहीं बढ़ सका आगे ?

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उत्तर प्रदेश। UP के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी और अयोध्या सिर्फ आध्यात्मिक धरोहर ही नहीं हैं, बल्कि इन्होंने उत्तर प्रदेश की समृद्धि को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने यह भी कहा कि UP में अनंत काल से टेक्सटाइल उद्योग की असीमित संभावनाएं मौजूद हैं।

शनिवार को लखनऊ में पीएम मित्र पार्क इन्वेस्टर्स मीट का आयोजन हुआ, जिसमें सीएम योगी आदित्यनाथ, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और अन्य व्यापारियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में विभिन्न उद्यमियों और मंत्रियों ने यूपी में निवेश के विषय पर चर्चा की।

इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को टेक्सटाइल हब बनाने का लक्ष्य तय किया है। गुजरात में सीएम रहते हुए प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया, और अब इस विजन को आगे बढ़ाते हुए देश में सात टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश देश का एकमात्र राज्य है जहां ये पार्क राज्य की राजधानी में स्थित हैं।

निवेश मित्र के माध्यम से 500 से ज्यादा क्लीयरेंस दिए

आसपास के राज्यों की आबादी भी यूपी पर निर्भर है। तीन बेसिक जरूरतों में वस्त्र भी है। यहां एक ही स्थान पर डिजाइन, सिलाई और कटाई का काम होता है। प्रदेश में आठ वर्ष में सकारात्मक माहौल तैयार किया। 33 सेक्टोरल पॉलिसी वाला यूपी देश का पहला राज्य है। निवेश मित्र के माध्यम से 500 से ज्यादा क्लीयरेंस दिए गए। MOU की मॉनिटरिंग के लिए निवेश सारथी है। मैं खुद मॉनिटरिंग करता हूं कि MOU के बाद क्या समस्या आ रही है? उसे दूर करने पर मंथन करता हूं।

सीएम ने कहा कि इंसेंटिव वितरण प्रक्रिया डीबीटी के माध्यम से करते हैं। निवेशक को मंच पर बुलाकर सम्मानित करते हैं। ताकि, ये पता चले हम धरातल पर काम कर रहे हैं। जो कहा वो करके दिखाया। यूपी टेक्सटाइल के बेहतरीन हब के रूप में स्थापित हो सकता है। इसमें आश्चर्य की बात नहीं है।

अयोध्या के पास अम्बेडकरनगर वस्त्र का गढ़ बना

प्राचीन नगरी काशी और अयोध्या केवल आध्यात्मिक चिंतन का आधार नहीं थी। बल्कि, समृद्धि को भी नई ऊंचाई दी। वहां टेक्सटाइल की संभावनाएं अनंत काल से थी। वाराणसी में साड़ी, सिल्क क्लस्टर, कार्पेट के लिए वाराणसी, भदोही और मिर्जापुर का नाम आता है। अयोध्या के पास अम्बेडकरनगर वस्त्र का गढ़ बना। गोरखपुर के पास संत कबीरनगर, आजमगढ़, मऊ, लखनऊ में टेक्सटाइल का गढ़ है। पश्चिम में मेरठ और पिलखुआ भी हैं।

सीएम ने आगे कहा कि पॉलिसी लागू करने का परिणाम है कि सप्लाई के ऑर्डर ज्यादा हैं। इसलिए तय किया कि यूपी में दस नए टेक्सटाइल पार्क बनेंगे। दो नए लेदर पार्क, संत रविदास के नाम पर बना रहे हैं। प्रधानमंत्री के विजन के तहत पीएम मित्र पार्क पांच एफ के तहत बढ़ाएंगे। रेडीमेड गार्मेंट्स में अनंत संभावनाएं हैं। बांग्लादेश की आबादी 16 करोड़ है। लेकिन, टेक्सटाइल में दुनिया भर में छा गया। 140 करोड़ की आबादी वाला भारत क्यों नहीं आगे बढ़ सका? ये सोचने वाली बात है।

पीएम मित्र पार्क में मिल चुके 83 MOU

सीएम योगी ने अपने संबोधन में बताया कि पीएम मित्र पार्क के लिए चार लेन सड़क को मंजूरी दे दी गई है। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद, देश के 55 फीसदी एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में होंगे। लखनऊ से कानपुर तक डेडिकेटेड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की सुविधा भी उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि पीएम मित्र पार्क में अब तक 83 एमओयू साइन हो चुके हैं, और प्रदेश के पास जमीन, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और कौशल सब कुछ उपलब्ध है। जहां जितनी पुरानी मानव सभ्यता रही है, वहां कृषि और वस्त्र उद्योग सबसे समृद्ध रहा है, और प्रदेश ने पुरानी समस्याओं को पार कर अब विकास की ओर कदम बढ़ा लिया है।

सीएम ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश, देश में वस्त्र उत्पादन में 13 फीसदी योगदान के साथ तीसरे स्थान पर है, और इससे 30 फीसदी लोगों को रोजगार मिलेगा। टेक्सटाइल सेक्टर में किए गए एमओयू से प्रदेश में 50 हजार से अधिक रोजगार के अवसर बनेंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यूपी अब देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, और 2029 तक यह दस खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। पीएम मित्र पार्क के विस्तार के रूप में प्रदेश में दस नए क्लस्टर पार्क भी स्थापित होंगे।

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सकौती में जाटों का जमावड़ा: CM मान समेत कई दिग्गज पधारे, मंच से गरजे जाट नेता-पहचान व सम्मान से समझौता नहीं

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मेरठ जिले के दौराला क्षेत्र के सकौती स्थित हितकारी इंटर कॉलेज में आज महाराजा सूरजमल की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर जाट संसद की ओर से देशभर में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने के अभियान की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, समाज के लोग, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद हैं।

जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आने वाले एक से दो वर्षों में देश के सभी जाट बहुल गांवों में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना है कि इससे समाज को अपने इतिहास और गौरव से जोड़ने में मदद मिलेगी।

प्रतिमाएं स्थापित करने का अभियान शुरू


मनु चौधरी ने बताया कि जाट संसद की ओर से यह राष्ट्रव्यापी अभियान समाज के महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में चरणबद्ध तरीके से प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी और समाज के लोगों को इतिहास के प्रति जागरूक किया जाएगा।

कार्यक्रम को लेकर विवाद का आरोप


मनु चौधरी ने आरोप लगाया कि शनिवार रात पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर लगे जाट शब्द को हटवा दिया और चालान करने की चेतावनी दी। उन्होंने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समाज अपनी पहचान और सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा।

कई जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद


कार्यक्रम में कई सांसद, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और क्षेत्रीय नेता मौजूद हैं। आयोजकों के अनुसार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। दोनों नेताओं के कार्यक्रम स्थल की ओर आने की जानकारी दी गई है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महाराजा सूरजमल के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। साथ ही समाज में एकजुटता बढ़ाने और शिक्षा के प्रसार पर विशेष जोर दिया गया।

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‘पहले आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया’, CM योगी का विपक्ष पर तीखा प्रहार

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी से भेंट की। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी रामनगरी में मौजूद रहीं। तीनों ने राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए।

इस अवसर पर सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “जिस आस्था को पहले अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया, वही लोग उस समय सत्ता में थे।

कुर्सी बचाने के लिए वे नोएडा जाने से कतराते थे

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ये वही लोग हैं जो अपनी कुर्सी बचाने के लिए नोएडा जाने से कतराते थे। वह उन्हें अंधविश्वास नहीं लगता था। लेकिन राम मंदिर की बात करना, काशी में काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण या मथुरा-वृंदावन का उल्लेख करना उन्हें अंधविश्वास और रूढ़िवादिता लगता था।

वृंदावन जाएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार शाम लगभग 5 बजे वृंदावन पहुंचेंगी। उनके स्वागत को लेकर शहर में व्यापक स्तर पर सजावट और व्यवस्थाएं की गई हैं। राष्ट्रपति के आगमन के बाद वे होटल रेडिसन में ठहरेंगी और शाम करीब 6:30 बजे इस्कॉन मंदिर, वृंदावन से अपने धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगी। इसके बाद उनके प्रेम मंदिर, नीब करौरी आश्रम, उड़िया बाबा आश्रम और रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में दर्शन करने का कार्यक्रम निर्धारित है।

एक मंच पर जुटेंगे विशेषज्ञ, योगी होंगे मुख्य अतिथि

विश्व वानिकी दिवस (21 मार्च) के अवसर पर लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में देशभर के विशेषज्ञों का एक मंच पर जुटान होगा। इसमें राज्यों में चल रहे वनीकरण, वन संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन से जुड़े कार्यों की समीक्षा और अनुभवों को साझा किया जाएगा।

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UP पुलिस भर्ती परीक्षा में विवादित प्रश्न पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त, हो सकती है कार्रवाई

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उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में एक विवादित प्रश्न को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार को काफी किरकिरी झेलनी पड़ रही है। रविवार को परीक्षा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रकरण पर गंभीर रुख अपनाया है।

विवादित प्रश्न को लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा के साथ ही आधा दर्जन से अधिक ब्राह्मण विधायक तो शनिवार से ही डैमेज कंट्रोल में जुट गए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मोर्चा संभाला और जिम्मेदारों को सख्त लहजे में चेतावनी भी दी है।

प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में आपत्तिजनक या विवादित सवालों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी भर्ती बोर्डों के अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि प्रश्नपत्र तैयार करते समय किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय की मर्यादा और आस्था से जुड़े विषयों पर अमर्यादित टिप्पणी किसी भी स्थिति में शामिल न की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस संबंध में सभी पेपर तैयार करने वालों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाए ताकि प्रश्नपत्रों में संवेदनशीलता बनी रहे।

उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में शनिवार को पूछे गए एक सवाल ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। परीक्षा में एक बहु विकल्पीय प्रश्न पूछा गया-‘अवसर के अनुसार बदलने वाला।’ परीक्षार्थियों को इसके जो विकल्प दिए गए उसमें एक विकल्प है-’पंडित’। भाजपा के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने इस पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी थी, जबकि उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। मामला संज्ञान में आने के बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री ने रविवार को कहा कि यदि कोई पेपर तैयार करने वाला बार-बार ऐसी गलती करता है तो उसे आदतन उल्लंघन करने वाला (हैबिचुअल आफेंडर) मानते हुए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि पेपर बनाने वालों के साथ किए जाने वाले एमओयू में भी इस प्रविधान को शामिल किया जाए, ताकि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया अधिक जिम्मेदार और जवाबदेह बन सके। सरकार का मानना है कि इससे भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहेगी और अनावश्यक विवादों से भी बचा जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में सभी पेपर सेटर्स को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाए ताकि प्रश्नपत्रों में संवेदनशीलता बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई पेपर सेटर बार-बार ऐसी गलती करता है तो उसे आदतन उल्लंघन करने वाला (हैबिचुअल आफेंडर) मानते हुए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाए। इस प्रकरण में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के कड़े रुख के बाद यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड भविष्य में प्रश्नों के ‘ऑडिट’ के लिए नई समीक्षा समिति बनाने पर विचार कर रहा है।

दरअसल, शनिवार को आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक विवादित प्रश्न के बाद अभ्यर्थियों और विभिन्न वर्गों की ओर से आपत्ति जताई गई थी। मामले के संज्ञान में आने के बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

यूपी सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2026 के पहले ही दिन एक सवाल के जवाब में ‘पंडित’ शब्द के विकल्प पर भारी बवाल मच गया है। इस प्रकरण पर यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड के चेयरमैन एसबी शिरोडकर ने कहा कि जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पुलिस भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र स्थानीय स्तर पर तैयार नहीं होते हैं। इन्हें बाहरी अतिगोपनीय संस्थाएं सेट करती हैं, जिन्हें बोर्ड का कोई अधिकारी भी परीक्षा से पहले नहीं देख सकता। इस विवाद ने परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की जवाबदेही और प्रश्नपत्र तैयार करने की पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है बवाल का कारण

यूपी पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर शनिवार को विवाद खड़ा हो गया है। इस सवाल में पूछा गया, “अवसर के अनुसार बदल जाने वाला” इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए। इसके उत्तर में चार विकल्प में ‘पंडित’ भी दिया गया।

‘पंडित’ विकल्प पर ही विवाद है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने विकल्प में पंडित शब्द रखे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। हिंदू महासभा ब्राह्मणों के इस बड़े अपमान पर एफआईआर दर्ज कराएगी।

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