Uttar Pradesh
UP: AIIMS गोरखपुर में 500 बेड का विश्राम सदन बनेगा मरीजों और अटेंडेंट के लिए सहारा, CM योगी ने किया शिलान्यास।
UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोरखपुर एम्स परिसर में 500 बेड वाले विश्राम सदन का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। लगभग 44.34 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह विश्राम सदन पूर्वांचल का सबसे बड़ा रैन बसेरा होगा, जो अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को ठहरने की सुविधा देगा। इसका निर्माण पावरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की CSR योजना के तहत किया जा रहा है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2016 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर एम्स की आधारशिला रखी थी, तब यह एक सपना जैसा लगता था। लेकिन आज यह संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ा हेल्थ सेंटर बन चुका है।
सीएम योगी ने डॉक्टरों को संवेदनशीलता और सेवा भावना के महत्व की याद दिलाते हुए कहा कि एक अच्छे डॉक्टर की असली पहचान उसकी संवेदना होती है। यदि डॉक्टर में संवेदनशीलता नहीं है, तो उसकी योग्यता अधूरी मानी जाती है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर का व्यवहार ही मरीज का आत्मविश्वास बढ़ाता है और उसकी आधी बीमारी दूर कर सकता है।
योगी आदित्यनाथ ने डॉक्टरों को सलाह दी कि वे हर मरीज को रेफर करने के बजाय गंभीर केस में इलाज का जिम्मा खुद उठाएं और क्रिटिकल केयर देने की आदत विकसित करें।

क्या बोले सीएम
उन्होंने कहा कि जब कोई मरीज अस्पताल में भर्ती होता है तो उसके साथ तीन-चार अटेंडेंट भी आते हैं. पूर्वांचल में कई बार यह संख्या 10 तक पहुंच जाती है. ऐसे में उनके रहने की उचित व्यवस्था जरूरी है. यही सोचकर यह विश्राम सदन बनाया जा रहा है. यहां अटेंडेंट को सस्ते दर पर रुकने और भोजन की सुविधा मिलेगी.
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2016 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एम्स गोरखपुर की नींव रखी थी, तब यह सिर्फ एक सपना लगता था. लेकिन आज यह संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन गया है. यहां की ओपीडी रोजाना 4000 तक पहुंच रही है. मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह संस्थान टेली कंसल्टेशन के जरिए आस-पास के जिलों को भी विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगा.
सुविधा 10 रुपये में उपलब्ध
मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि दो दशक पहले जब बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस से बच्चे मर रहे थे, तब उन्होंने एक स्वयंसेवी संस्था के सहयोग से 8 रुपये में तीमारदारों को भोजन दिलाने की व्यवस्था शुरू की थी. आज भी बीआरडी और गुरु गोरखनाथ अस्पताल में यह सुविधा 10 रुपये में उपलब्ध है.
शिलान्यास कार्यक्रम में सांसद रवि किशन ने कहा कि एम्स गोरखपुर की स्थापना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दृढ़ इच्छाशक्ति और संघर्ष का परिणाम है. एम्स की गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन देशदीपक वर्मा ने इसे एक मौन क्रांति बताया और कहा कि गोरखपुर एम्स धीरे-धीरे प्रथम श्रेणी के चिकित्सा संस्थानों की कतार में शामिल हो रहा है.
लोगों के लिए एक बड़ी राहत
गोरखपुर एम्स की नींव 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी और 2021 में इसका उद्घाटन किया गया. यह संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक बड़ी राहत बना है. एम्स की स्थापना से पहले गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को लखनऊ या दिल्ली जाना पड़ता था, लेकिन अब गोरखपुर में ही सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध हैं.
मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों के लिए विश्राम सदन एक बड़ी सुविधा साबित होगा. इस मौके पर पावरग्रिड, एम्स और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री को विश्राम सदन की रूपरेखा भी दिखाई गई, और उन्होंने जरूरी निर्देश दिए.
Uttar Pradesh
लखनऊ में महिला आरक्षण मुद्दे पर उबाल—25 हजार महिलाओं का जन आक्रोश मार्च, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास न होने पर लखनऊ में भाजपा ने मंगलवार को जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली। सीएम योगी खुद इस पदयात्रा में महिलाओं के साथ पैदल चले। उनके साथ करीब 15 हजार महिलाएं चलीं। योगी के अलावा दोनों डिप्टी सीएम, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के सीनियर लीडर भी कड़ी धूप में पैदल चले।
पदयात्रा सीएम आवास से शुरू होकर विधानसभा तक करीब 2 किमी तक गई। यहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- नकाब वालों के चक्कर में सपा-कांग्रेस ने 80% महिलाओं का नुकसान किया। महिलाओं के मन में जबरदस्त गुस्सा है।
वहीं, सीएम योगी ने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी रहे हैं। आज महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। इसका अंदाजा भीषण गर्मी में इस भीड़ को देखकर लगाया जा सकता है। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं। पहली जाति महिला है। दूसरी गरीब की, तीसरी युवा और चौथी किसान की।
उन्होंने कहा- कांग्रेस, सपा और उनके सहयोगी दलों से जुड़ी महिलाएं भी इस रैली में आई हैं। आज की रैली यहीं समाप्त नहीं होती है। यह आंदोलन बूथ, मंडल, ब्लॉक और जिले स्तर तक जारी रखना है।
गर्मी को देखते हुए पदयात्रा में जगह-जगह प्याऊ, एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी। रैली में शामिल महिलाओं ने राहुल गांधी मुर्दाबाद, नारी के सम्मान में भाजपा मैदान में जैसे नारे लगाए। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने संबोधन में कहा-
सपा और कांग्रेस की स्थिति मेंढक की तरह है। इन्हें चाहे चांदी के चबूतरे में बैठा लो या सोने के। ये उछलेंगे तो नाले में ही कूंदेंगे। महिलाओं को आरक्षण जाति देखकर नहीं दिया जा सकता।
पदयात्रा में सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम के अलावा कैबिनेट की महिला मंत्री भी हैं। इसके अलावा, गठबंधन की पार्टियां भी शामिल हुई हैं। इनमें ओपी राजभर, आशीष पटेल भी हैं। राजनीति के जानकार इसे भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देख रहे हैं।
भाजपा संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा- नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित न होने पर यह पदयात्रा निकाली गई। उन्होंने बताया कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पीएम मोदी का महत्वपूर्ण कदम था। सभी दलों से सहयोग मांगने के बावजूद अधिनियम गिर गया।
सीएम योगी ने जन आक्रोश रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी हैं। महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। यह दिखा रहा है कि भीषण गर्मी में भी हजारों की संख्या में बहनें आई हैं। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं- महिला, गरीब, युवा और किसान।
देश के अंदर इंस्फ्रास्ट्रक्चर का विकास हो, देश के संरक्षण का काम हो, समाज के हर तबके के उत्थान के लिए चलने वाली योजनाएं हों। इन सबके केंद्र बिंदु में महिलाएं हैं। उन्होंने कहा- पीएम आवास, स्वच्छ भारत मिशन, हर घर शौचालय, हर गरीब को छत, हर महिला को उज्ज्वला योजना से जोड़ना उन्हें ईंधन उपलब्ध कराना ही नहीं है, यह उनके स्वावलंबन के लिए भी है।
Uttar Pradesh
स्मार्ट मीटर को लेकर एक्शन में UPPCL, चार सदस्यीय तकनीकी कमेटी बनी, IIT और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के अधिकारी शामिल
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं. प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर रोजाना ही विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और अब पावर कॉरपोरेशन की तरफ से स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता जांचने और तकनीकी परीक्षण के लिए चार सदस्यीय विशेषज्ञों की समिति का गठन किया गया है. इस समिति में आईआईटी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट के साथ ही पावर कारपोरेशन के अधिकारी भी शामिल होंगे.
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन (UPPCL) ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया है. इस समिति में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर अंकुश शर्मा और प्रबोध वाजपेई, इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन वडोदरा के अनुभाग प्रमुख तेजस मिस्त्री और पावर कारपोरेशन के निदेशक (वितरण) जीडी द्विवेदी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.
समिति के गठन से यह स्पष्ट है कि पावर कारपोरेशन ने स्वयं स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता और कनेक्टिविटी से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से स्वीकार किया है. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पहली बार पावर कारपोरेशन ने यह माना है कि स्मार्ट मीटरों में तकनीकी कमियां मौजूद हैं.
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जो केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की एक अप्रैल 2026 की अधिसूचना के अनुसार स्थापित किए जा रहे हैं. इस स्थिति में यह आवश्यक है कि प्रीपेड आधार पर दिए जा रहे नए बिजली कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए. बिना उपभोक्ताओं की सहमति के प्रीपेड मोड में किए गए 70 लाख से अधिक कनेक्शनों को पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जाए.
उपभोक्ता परिषद ने पावर कारपोरेशन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि जब तक वर्तमान जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक (पब्लिक डोमेन) में जारी नहीं हो जाती, तब तक पूरे उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की स्थापना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए.
Uttar Pradesh
सकौती में जाटों का जमावड़ा: CM मान समेत कई दिग्गज पधारे, मंच से गरजे जाट नेता-पहचान व सम्मान से समझौता नहीं
मेरठ जिले के दौराला क्षेत्र के सकौती स्थित हितकारी इंटर कॉलेज में आज महाराजा सूरजमल की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर जाट संसद की ओर से देशभर में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने के अभियान की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, समाज के लोग, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद हैं।
जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आने वाले एक से दो वर्षों में देश के सभी जाट बहुल गांवों में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना है कि इससे समाज को अपने इतिहास और गौरव से जोड़ने में मदद मिलेगी।
प्रतिमाएं स्थापित करने का अभियान शुरू
मनु चौधरी ने बताया कि जाट संसद की ओर से यह राष्ट्रव्यापी अभियान समाज के महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में चरणबद्ध तरीके से प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी और समाज के लोगों को इतिहास के प्रति जागरूक किया जाएगा।
कार्यक्रम को लेकर विवाद का आरोप
मनु चौधरी ने आरोप लगाया कि शनिवार रात पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर लगे जाट शब्द को हटवा दिया और चालान करने की चेतावनी दी। उन्होंने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समाज अपनी पहचान और सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा।
कई जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद
कार्यक्रम में कई सांसद, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और क्षेत्रीय नेता मौजूद हैं। आयोजकों के अनुसार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। दोनों नेताओं के कार्यक्रम स्थल की ओर आने की जानकारी दी गई है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महाराजा सूरजमल के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। साथ ही समाज में एकजुटता बढ़ाने और शिक्षा के प्रसार पर विशेष जोर दिया गया।
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