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CGC Jhanjeri में आयोजित हुआ अद्वितीय कार्यक्रम! रचनात्मकता, नवाचार और स्थिरता को दिया बढ़ावा

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CreatiVelo 2024, एक अग्रणी कार्यक्रम, जो रचनात्मकता, नवाचार और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है, CGC Jhanjeri में सफलता पूर्वक आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम छात्रों के लिए एक गतिशील मंच के रूप में कार्य करता है, जहां उन्होंने अपनी अद्वितीयता और नए विचारों को प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम में 12 प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के 400 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य एसडीजी 1 (गरीबी उन्मूलन), एसडीजी 5 (लैंगिक समानता), और एसडीजी 13 (जलवायु परिवर्तन) जैसे प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना था। इस दौरान प्रभावशाली संवाद हुए और परिवर्तनकारी पहल की शुरुआत हुई।

अभूतपूर्व टीमों और अभियानों की प्रस्तुति

इस कार्यक्रम में 44 एक्शन टीमों और 28 अभियानों का प्रदर्शन किया गया, जिन्होंने सामूहिक रूप से 30,000 से अधिक लोगों को जागरूक किया। इन अभियानों के माध्यम से सूक्ष्म दान के जरिये जागरूकता को व्यापक बनाया गया। इसने यह साबित किया कि युवा प्रेरित नवाचार, समकालीन वैश्विक मुद्दों का समाधान ढूंढ़ने और स्थिर भविष्य का निर्माण करने में कितना प्रभावशाली हो सकता है।

CGC Jhanjeri: अनुभवात्मक शिक्षा का केंद्र

CGC Jhijhri ने CreatiVelo 2024 के दौरान छात्रों को अनुभवात्मक शिक्षा और व्यावहारिक समस्याओं को हल करने के लिए एक आदर्श मंच प्रदान किया। अभियान में सक्रिय भागीदारी और विभिन्न साथियों के साथ सहयोग के माध्यम से, सीजीसी झंझेरी के छात्रों ने रचनात्मक कौशल, नेतृत्व क्षमताओं और टीम वर्क के गुणों को निखारा। यह सब उन्होंने नवाचार के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों का सामना करते हुए किया।

उद्योग जगत के अग्रणियों के साथ सीधे संवाद का मौका

इस कार्यक्रम ने छात्रों को उद्योग के दिग्गजों के साथ संवाद करने, उद्यमशीलता के अवसरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने और अपने पेशेवर नेटवर्क को विस्तार देने का एक अनूठा अवसर दिया। इस अनुभव ने उन्हें आवश्यक कौशल से सशक्त किया और उन्हें दूरदर्शी नेता बनने के लिए तैयार किया, जो स्थिर प्रगति और परिवर्तनकारी बदलाव लाने में सक्षम हों।

CGC Jhanjeri : नवाचार और नेतृत्व का प्रतीक

शैक्षिक उत्कृष्टता के अग्रणी के रूप में, CreatiVelo 2024 का मंच बनने के जरिए, सीजीसी झंझेरी ने अपने छात्रों में रचनात्मकता, स्थिरता और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया। इस कार्यक्रम ने पारंपरिक अकादमिक सीमाओं से आगे बढ़ते हुए छात्रों को एक समग्र शिक्षा प्रदान करने के संस्थान के समर्पण को प्रदर्शित किया, ताकि वे एक वैश्वीकृत और तेजी से बदलती दुनिया में सफल हो सकें।

CreatiVelo 2024 जैसे प्रभावशाली कार्यक्रम का मंच बनकर, सीजीसी झंझेरी ने नवाचार के एक प्रकाश स्तंभ और भविष्य के उन नेताओं के पोषण केंद्र के रूप में अपनी प्रतिष्ठा को और मजबूत किया, जो स्थिर और टिकाऊ भविष्य का निर्माण करने में सक्षम हैं।

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सुनील जाखड़ पंजाबियों को कर रहे गुमराह; INDIA – US समझौता किसान और देश विरोधी: कुलदीप धालीवाल

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने तथाकथित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की कड़ी निंदा करते हुए इसे किसान-विरोधी और देश-विरोधी करार दिया है। पार्टी का कहना है कि यह समझौता भारतीय कृषि को गंभीर नुकसान पहुंचाएगा और लाखों किसानों को आर्थिक बर्बादी की ओर धकेल देगा।

आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि भाजपा नेता सुनील जाखड़ इस समझौते का जश्न मना रहे हैं, जबकि वे इसके गरीब और छोटे किसानों पर पड़ने वाले विनाशकारी असर को या तो समझ नहीं रहे हैं या जानबूझकर नजरअंदाज कर रहे हैं।

धालीवाल ने कहा, “सुनील जाखड़ कह रहे हैं कि ‘आप’ चुप है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम चुप नहीं हैं। जिस दिन से यह समझौता घोषित हुआ है, उसी दिन से पिछले दस दिनों से हम लगातार आपत्तियां उठा रहे हैं। असल में भाजपा ने देश को अंधेरे में रखा। प्रधानमंत्री संसद में इस मुद्दे पर नहीं बोले और देश को इस समझौते की जानकारी डोनाल्ड ट्रंप के ट्वीट से मिली।”

उन्होंने कहा कि ट्रंप ने अपने बयानों में बार-बार ‘एग्रीकल्चर’ यानी कृषि शब्द का इस्तेमाल किया है, जो हर भारतीय किसान के लिए चिंता का विषय है। धालीवाल के अनुसार, यह समझौता भारतीय बाजारों को भारी सब्सिडी वाले अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खोल देता है, जिससे उन भारतीय किसानों को सीधा नुकसान होगा जिन्हें पहले से ही बहुत कम या कोई सरकारी सहायता नहीं मिलती।

लाल ज्वार (रेड सॉर्गम) का उदाहरण देते हुए धालीवाल ने बताया कि इसका करीब 75 प्रतिशत उत्पादन अमेरिका में होता है, जबकि भारत में इसे महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त इलाकों के गरीब किसान बिना किसी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के उगाते हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी लाल ज्वार और अन्य अमेरिकी अनाज व डेयरी उत्पाद भारतीय बाजारों में आए, तो मक्का, बाजरा और अन्य देसी फसलें बुरी तरह प्रभावित होंगी। इसका सीधा असर पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के किसानों पर पड़ेगा।

धालीवाल ने सवाल उठाया कि अगर सब्सिडी वाली अमेरिकी कपास भारत में आई तो देश के कपास किसानों का क्या होगा? यदि अमेरिकी बादाम और अखरोट बाजार पर छा गए तो जम्मू-कश्मीर के किसान कहां जाएंगे? हिमाचल प्रदेश और कश्मीर के सेब उत्पादक सस्ते अमेरिकी सेबों के सामने कैसे टिक पाएंगे? इसके बाद डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों पर भी संकट खड़ा हो जाएगा।

भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए धालीवाल ने कहा कि पहले भारतीय उत्पादों पर 2.8 प्रतिशत टैरिफ लगता था, लेकिन ट्रंप के सत्ता में आने के बाद इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया। वर्तमान में भारतीय निर्यात पर 18 प्रतिशत टैरिफ है, जबकि भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ 60 प्रतिशत से घटाकर लगभग शून्य कर दिया है। उन्होंने इसे व्यापार समझौते के बजाय “आर्थिक समर्पण” बताया।

सुनील जाखड़ पर निशाना साधते हुए धालीवाल ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी तब जाखड़ इंदिरा गांधी की प्रशंसा करते थे और आज वे नरेंद्र मोदी की प्रशंसा कर रहे हैं, लेकिन वे कभी किसानों या पंजाबियों के हित में नहीं बोलते। उन्होंने कहा, “किसानों के लिए बोलिए, अपने राजनीतिक आकाओं के लिए नहीं।”

धालीवाल ने दोहराया कि यह समझौता भारतीय किसानों और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है और भारतीय कृषि को तबाह कर देगा। उन्होंने सवाल किया कि अमेरिका को अपने बचे हुए कृषि उत्पादों के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार मिल गया, लेकिन हमारे किसान कहां जाएंगे?

अंत में धालीवाल ने सुनील जाखड़ और भाजपा सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि देश की जनता को बताया जाए कि यह समझौता भारतीय किसानों के हित में कैसे है। उन्होंने भाजपा नेताओं को चेतावनी दी कि बोलने से पहले सोचें और देश को गुमराह करना बंद करें। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस कथित “किसान-विरोधी साजिश” का हर स्तर पर पर्दाफाश करती रहेगी।

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बाजवा की टिप्पणी पूरे दलित समुदाय का अपमान, 24 घंटे में माफी मांगे कांग्रेस, वरना होगी सख्त कार्रवाई: हरपाल चीमा

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पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. के बारे में की गई विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणी पर आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, वन मंत्री लाल चंद कटारूचक और AAP पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने संयुक्त रूप से कांग्रेस और बाजवा को चेतावनी दी कि वे 24 घंटे के भीतर माफी मांगें, अन्यथा सख्त कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई होगी।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का बयान

चीमा ने कहा कि बाजवा का बयान “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” है और यह पूरे दलित समुदाय का अपमान है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. गरीबी से उठकर मेहनत के बल पर सिविल सर्विस की परीक्षा पास कर पंजाब की अलाइड सर्विस में ई.टी.ओ. बने और बाद में AAP में शामिल होकर मंत्री बने।

चीमा ने कांग्रेस पर दलित-विरोधी मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता बार-बार दलितों और मेहनतकश बच्चों को निशाना बनाते रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि या तो माफी मांगो, या सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहो।

वन मंत्री लाल चंद कटारूचक की प्रतिक्रिया

कटारूचक ने कहा कि बाजवा की यह कोई नई टिप्पणी नहीं है। वे अक्सर मेहनतकश और दलित नेताओं को निशाना बनाते रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कांग्रेस ने इतिहास में बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर के पी.ए. को भी चुनाव में खड़ा कर विरोध किया था।

कटारूचक ने बाजवा को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि उनके शब्द और सामंती मानसिकता पंजाब के मेहनतकश और दलित नेताओं के खिलाफ हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यह मानसिकता छोड़ो, वरना जनता 2027 में खुद जवाब देगी।

मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू की प्रतिक्रिया

पन्नू ने कहा कि बाजवा की टिप्पणी पंजाब कांग्रेस में दलित विरोधी सोच को दिखाती है। उन्होंने कहा कि हरभजन सिंह ई.टी.ओ. का परिवार मेहनतकश है और उनके पद तक पहुंचने की कहानी गर्व की है। पन्नू ने चेतावनी दी कि किसी समुदाय पर भद्दी टिप्पणी करने पर अगली कार्रवाई के लिए तैयार रहो।

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पंजाब में 2 IAS अधिकारी सस्पेंड:आंगनबाड़ी वर्करों के लिए स्मार्टफोन खरीदने में देरी पर एक्शन, चार की ट्रांसफर

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पंजाब सरकार ने शनिवार को 2 IAS अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। सूत्रों से पता चला है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए स्मार्टफोन खरीदने में देरी के मामले में यह एक्शन हुआ है। यह मामला काफी पुराना है। हालांकि आर्डर में वजह साफ नहीं की गई है। इसके साथ एक अतिरिक्त मुख्य सचिव और एक संयुक्त सचिव का तबादला कर दिया। जबकि कुछ 4 अधिकारियों की टांसर्फर की गई।

उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और सूचना प्रौद्योगिकी प्रोत्साहन विभाग के प्रशासनिक सचिव कमल किशोर यादव और पंजाब इन्फोटेक के प्रबंध निदेशक जसप्रीत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए दोनों अधिकारियों को चंडीगढ़ स्थित राज्य मुख्यालय में तैनात किया जाएगा। वहीं, इस दौरान 2001 बैच के आईएएस अधिकारी गुरकीरत किरपाल सिंह को आखिरकार आज तैनाती दे दी गई है। उन्हें उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा विभाग का प्रमुख बनाया गया है। यह दोनों पद कमल किशोर व विकास प्रताप के पास थे। गुरकीरत पिछले करीब 11 महीनों से पोस्टिंग का इंतजार कर रहे थे। जबकि पंजाब इन्फोटेक के एमडी का अतिरिक्त प्रभार एसएस बराड़ को सौंपा गया है। इसी तरह सामाजिक सुरक्षा विभाग के विकास प्रताप और संयुक्त सचिव आनंद सागर शर्मा को भी हटा दिया गया है। विकास प्रताप को फिलहाल कोई नई पोस्टिंग नहीं दी गई है, जबकि आनंद सागर शर्मा को गुरदासपुर का अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर नियुक्त किया गया है। इसी तरह 1998 बैच के आईएएस अधिकारी एस करूणा राजू को प्रमुख रेसिडेंट कमिश्नर पंजाब भवन नई दिल्ली तैनात किया गया है।

अधिकारियों को सस्पेंड करने के ऑर्डर…

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