Punjab
Punjab में बढ़ रही बेरोजगारी , 29 साल तक के 14.9 फीसदी युवाओं के पास काम नहीं , युवा विदेश जाने को मजबूर।
हाल ही में अमेरिका से विभिन्न राज्यों के 332 व्यक्तियों को डिपोर्ट किया गया है, जिनमें से 126 यानी 38 प्रतिशत लोग Punjab से हैं। प्रदेश से विदेश जाने वालों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, और इसका प्रमुख कारण बेरोजगारी मानी जा रही है।
Punjab में युवाओं के बीच बेरोजगारी दर में वृद्धि देखी जा रही है। प्रदेश के 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में अक्तूबर से दिसंबर 2024 के बीच 14.9 प्रतिशत बेरोजगारी दर दर्ज की गई है। यह जानकारी नेशनल सैंपल सर्वे के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण से सामने आई है।
अमेरिका से अवैध प्रवासियों के डिपोर्ट किए जाने के बीच यह आंकड़े चौंकाने वाले हैं। प्रदेश की लड़कियों में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है। राष्ट्रीय स्तर पर यह दर 21.4 प्रतिशत है, जबकि पंजाब में यह दर 21.7 प्रतिशत है। वहीं, लड़कों में बेरोजगारी दर 12.8 प्रतिशत दर्ज की गई है।
बेरोजगारी के कारण विदेश जाने वालों की संख्या बढ़ी।
हाल ही में अमेरिका ने अपने विभिन्न राज्यों से 332 व्यक्तियों को डिपोर्ट किया, जिनमें से 126 यानी 38 प्रतिशत लोग Punjab के हैं। प्रदेश से विदेश जाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और इसका मुख्य कारण बेरोजगारी माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि Punjab में रोजगार के अवसर उत्पन्न करने की आवश्यकता है ताकि इस प्रवृत्ति को रोका जा सके। कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण के जरिए इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। सरकार इस दिशा में काफी कदम उठा रही है, लेकिन अभी तक इसके स्थानीय स्तर पर परिणाम नजर नहीं आ रहे हैं।
सर्वेक्षण के अनुसार, अप्रैल-जून 2024 में पंजाब में बेरोजगारी दर 16.2% रही, जो जुलाई-सितंबर 2024 में घटकर 12.2% हो गई। हालांकि, अक्तूबर-दिसंबर 2024 में यह फिर से बढ़कर 14.9% तक पहुंच गई। इस अवधि के दौरान, राष्ट्रीय स्तर पर बेरोजगारी दर औसतन 16.1% रही है। लड़कों और लड़कियों दोनों में बेरोजगारी दर में वृद्धि देखी गई है। 15 से 29 वर्ष के लड़कों में अप्रैल-जून 2024 में बेरोजगारी दर 14.7% थी, जो जुलाई-सितंबर 2024 में घटकर 10.7% हो गई, लेकिन अक्तूबर-दिसंबर 2024 में यह फिर से बढ़कर 12.8% हो गई। वहीं, लड़कियों में अप्रैल-जून 2024 में बेरोजगारी दर 21.8%, जुलाई-सितंबर 2024 में 18.5% और अक्तूबर-दिसंबर 2024 में फिर से बढ़कर 21.7% हो गई है।
बेरोजगारी कम करने के लिए प्रयास कर रही सरकार।
पंजाब के श्रम मंत्री, तरुणप्रीत सिंह सौंद का कहना है कि Punjab सरकार बेरोजगारी को कम करने के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू कर रही है। Punjab कौशल विकास मिशन के तहत युवाओं को तकनीकी कोर्स की ट्रेनिंग दी जा रही है, और साथ ही उनके प्लेसमेंट में भी सहायता प्रदान की जा रही है। Punjab कौशल विकास मिशन ने रोजगार सृजन और प्रशिक्षण विभाग के सहयोग से एक “घर-घर रोजगार पोर्टल” विकसित किया है, जिसके माध्यम से आवेदन करने वाले युवाओं को विभाग से जरूरी सहायता मिल रही है। विभाग ने अब तक 150 प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए हैं, और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में पांच हजार अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जा रही हैं। इसके साथ ही लड़कियों के लिए इंजीनियरिंग ट्रेड में नए कोर्स भी शुरू किए जा रहे हैं, ताकि वे मल्टीनेशनल कंपनियों में रोजगार प्राप्त कर सकें।
Punjab
पंजाब के 4 जिलों में राज्य कर विभाग की रेड:तंबाकू बिक्री पर टैक्स चोरी पकड़ी, बिना बिल का 1.5 करोड़ का माल बरामद
पंजाब सरकार ने तंबाकू पर टैक्स चोरी करने वालों पर शिकंजा कस दिया है। फाइनेंस मिनिस्टर हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को बताया कि राज्य कर विभाग की टीमों ने पूरे पंजाब में एक साथ बड़े छापेमारी अभियान चलाकर 1.5 करोड़ रुपए के अनअकाउंटेड (बिना बिल) तंबाकू उत्पाद बरामद किए हैं।
उन्होंने कहा, “सिगरेट-बीड़ी पर हाल ही में टैक्स बढ़ाए जाने के बाद इस क्षेत्र में चोरी की गतिविधियां बढ़ गई थी। सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत विभाग ने तुरंत एक्शन लिया।
8 जगह पर की गई छापेमारी
अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और जालंधर की चार स्टेट इन्वेस्टिगेशन एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स की टीमों ने 8 अलग-अलग जगहों पर एक साथ छापे मारे। इनमें 5 रजिस्टर्ड दुकानों और 3 गैर-रजिस्टर्ड अवैध कारोबार शामिल थे।” छापेमारी के दौरान लुधियाना और अमृतसर में गुप्त गोदामों और छिपे स्टॉक का भंडाफोड़ हुआ। मुख्य दुकानों से जुड़े गोदामों में भारी मात्रा में सामान बिना इनवॉइस और बिना हिसाब-किताब के रखा और बेचा जा रहा था।
यह सामान हुआ बरामद
इस दौरान भारत निर्मित सिगरेट में 1.32 लाख पैकेट, बीड़ी 18,472 पैकेट, जर्दा 302 पैकेट, विदेशी सिगरेट 13 पैकेट व 95 डिब्बे, विदेशी हुक्का सामग्री 148 पीस, कूललिप: 18 पैकेट व कुल जब्त सामान की कीमत: लगभग 1.5 करोड़ रुपए । किए गए सामान पर 50 लाख रुपए से ज्यादा का टैक्स बकाया है, जिसकी सख्ती से वसूली की जाएगी। अब तक 12 लाख रुपए की राशि वसूल की जा चुकी है और बाकी वसूली की कार्रवाई तेजी से चल रही है।
सरकार का साफ संदेश
हरपाल सिंह चीमा ने चेतावनी देते हुए कहा, “टैक्स चोरी के खिलाफ भगवंत मान सरकार का रुख बिल्कुल सख्त है। ऐसे अभियान लगातार चलते रहेंगे। व्यापारियों को सलाह है कि सही बिल-दस्तावेज रखें और कानून का पालन करें, वरना सख्त कार्रवाई से कोई नहीं बच पाएगा।” यह कार्रवाई राज्य के राजस्व की सुरक्षा और टैक्स अनुपालन सुनिश्चित करने की दिशा में भगवंत मान सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति को दिखाती है।
National
पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना ने 3 महीनों में 30.5 लाख परिवारों को कवर किया, 292 करोड़ रुपये के उपचार स्वीकृत हुए।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत बड़े स्तर पर जनस्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर एक नया मानक स्थापित किया है और 8 जनवरी 2026 को योजना की शुरुआत के बाद तीन महीनों के भीतर ही 30.51 लाख से अधिक परिवारों का पंजीकरण किया गया है और 292 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज को मंजूरी देकर पूरे देश में एक उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। इस योजना के क्रियान्वयन के पैमाने और गति के बारे में जानकारी देते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना तेजी से पंजाब के लाखों परिवारों को वास्तविक वित्तीय राहत और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है।
पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने बताया, “इस योजना के तहत अब तक 30,51,325 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है और 1,77,097 मुफ्त उपचारों को मंजूरी दी गई है। इलाज की कुल स्वीकृत लागत 292 करोड़ रुपये है, जिसमें से 267 करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं। हमने 71,000 दावों का निपटारा कर दिया है और सूचीबद्ध अस्पतालों को 60 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।”
इस उपलब्धि के महत्व को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने हर मानक पर अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा, “यह पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। चाहे पंजीकरण की बात हो, कवर किए गए परिवारों की संख्या हो या उपचार प्राप्त करने वाले मरीजों की संख्या—हर मामले में पंजाब पहले स्थान पर है।”
अस्पतालों को समय पर भुगतान का भरोसा दिलाते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने बकाया भुगतान के लिए एक मजबूत प्रणाली विकसित की है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक के सभी बकाया 15 अप्रैल तक चुका दिए जाएंगे, जिससे किसी भी अस्पताल का एक भी रुपया बकाया नहीं रहेगा।
उन्होंने 1 अप्रैल से लागू होने वाले नए भुगतान ढांचे की जानकारी देते हुए बताया कि 1 लाख रुपये तक के दावों का निपटारा 15 दिनों के भीतर किया जाएगा, जबकि 1 लाख रुपये से अधिक के बिल एक सप्ताह के भीतर निपटाए जाएंगे। विवादित या सत्यापन की आवश्यकता वाले मामलों में यह प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी।
योजना के वास्तविक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना पहले ही हर आयु वर्ग के लोगों को लाभ पहुंचा रही है। इसके लाभार्थियों में एक वर्ष के बच्चे से लेकर 99 वर्ष की बुजुर्ग महिला तक शामिल हैं, जिन्होंने इस योजना के तहत कैंसर का इलाज करवाया है। उन्होंने बताया कि इस योजना में दिल से जुड़ी 100 से अधिक गंभीर बीमारियों सहित जटिल प्रक्रियाओं को भी कवर किया गया है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि योजना के तहत पटियाला मेडिकल कॉलेज में “रप्चर्ड साइनस” जैसी गंभीर स्थिति वाले मरीज का सफल इलाज किया गया है।
डॉ. बलबीर सिंह ने आगे कहा कि जब सरकार मुफ्त इलाज सेवाओं पर 292 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, तो इसका सीधा अर्थ है कि आम जनता का पैसा बच रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के सहयोग से पूरे पंजाब में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की निर्बाध सुविधा सुनिश्चित कर रही है।
National
देश में शादी से पहले लड़कों का डोप और medical test होगा जरूरी! जानें- क्यों शुरु हुई ये चर्चा?
आम आदमी पार्टी के सांसद मालविंदर सिंह कांग ने देश की बेटियों और बहनों की सुरक्षा से संबंधित एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मुद्दा उठाया। उन्होंने समाज में तलाक और घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से विवाह संबंधी कानूनों में कड़े सुधार लाने का आग्रह किया।
संसद को संबोधित करते हुए मालविंदर सिंह कांग ने कहा कि हमारे देश में विवाह टूटने और परिवार बिखरने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है। उन्होंने आगे कहा कि यह समस्या केवल पंजाब तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश के परिवारों को प्रभावित कर रही है।
समाज में व्याप्त दोहरे मापदंडों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि शादी से पहले हम लड़की की शिक्षा, चरित्र और पारिवारिक पृष्ठभूमि की बारीकी से जांच करते हैं, लेकिन लड़के के मामले में हम आंखें मूंद लेते हैं। शादी के बाद पुरुषों में सामने आने वाले मादक पदार्थों का सेवन, गंभीर बीमारियां और आपराधिक प्रवृत्ति जैसी समस्याएं अनगिनत जिंदगियों को बर्बाद कर रही हैं।
कांग ने भारत सरकार और सभी राज्य सरकारों से इस दिशा में तत्काल और कड़े कदम उठाने की अपील की। उन्होंने मांग की कि विवाह प्रमाण पत्र जारी करने से पहले दूल्हे का ‘डोप टेस्ट’ अनिवार्य किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शादी से पहले दूल्हे के लिए ‘मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट’ कानूनी रूप से अनिवार्य किया जाए।
कांग ने कहा कि यह छोटा सा सुधार हमारे देश की महिलाओं के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच साबित हो सकता है।
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