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भगवंत मान सरकार की अगुवाई में ‘‘A.I. क्रांति’ किसानों की आय बढ़ाकर पंजाब के भविष्य को सुरक्षित करेगी

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को पंजाब की खेती के लिए अगला निर्णायक मोड़ बताया। उन्होंने तर्क दिया कि पारंपरिक खेती अपनी सीमाओं तक पहुंच चुकी है और इससे अब किसानों की आय को बनाए रखना संभव नहीं है। खेती में तकनीकी हस्तक्षेप के पक्ष में मजबूत दलील देते हुए उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य घटते मुनाफे को बढ़ाना, प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव कम करना और किसानों के भविष्य को सुरक्षित करना है।

इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों की वर्षों की अनदेखी के कारण पंजाब संकट की ओर बढ़ा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अब किसानों, बुनियादी ढांचे और कल्याण पर केंद्रित सुधार आधारित नीतियों के साथ राज्य का पुनर्निर्माण कर रही है।

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) में राज्य स्तरीय किसान मेले को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब देश का अन्नदाता है, जिसने भारत को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाया है। 1960 के दशक की हरित क्रांति के दौरान राज्य के मेहनती किसानों ने एक नया अध्याय लिखा। हालांकि, देश की सेवा करते हुए राज्य के किसानों ने उपजाऊ मिट्टी और पानी जैसे कीमती प्राकृतिक संसाधनों की कुर्बानी दी है।”

उन्होंने खेती में बढ़ते संकट का जिक्र करते हुए कहा, “मुनाफे का मार्जिन घटने के कारण खेती अब लाभदायक नहीं रही और किसान अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मौजूदा फसल तकनीकों की उत्पादन क्षमता लगभग समाप्त हो गई है। कृषि आय बढ़ाने और संसाधनों पर निर्भरता कम करने के लिए खेती में एआई को लागू करना आवश्यक है।”

इस कदम के फायदों के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह तकनीक किसानों को यह बताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी कि कौन सी फसल कब बोनी है ताकि लाभ और उत्पादकता दोनों बढ़ाई जा सके। पंजाब हमेशा नवाचार को अपनाने में अग्रणी रहा है और एआई इस क्षेत्र में क्रांति लाएगा। किसानों के हितों की रक्षा के लिए इसकी शुरुआत समय की मांग है।”

किसान-पक्षीय पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “पहली बार धान के सीजन के दौरान खेतों के ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति दी गई। किसानों को अब सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनकी जिंदगी बदल रही है। पंजाब के किसानों को देश में सबसे अधिक गन्ने का मूल्य मिल रहा है, जो 416 रुपये प्रति क्विंटल है। हर साल गेहूं और धान की खरीद के लिए किसानों को लगभग 80,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता है और यह राशि 24 घंटे के भीतर सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाती है। वर्ष 2022 से 2025 के बीच नहरों की लाइनिंग, मरम्मत और आधुनिकीकरण पर 6,700 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में 300 प्रतिशत अधिक है। 2022 में नहर सिंचाई का उपयोग 20.90 लाख एकड़ में होता था और अब यह बढ़कर 58 लाख एकड़ हो गया है।”

सिंचाई के विस्तार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “नहरों की सिंचाई क्षमता दोगुनी हो गई है, सिंचित क्षेत्र 2022 में 2.23 मिलियन एकड़ से बढ़कर 2025 में 5.8 मिलियन एकड़ हो गया है। 15,539 नहरों की सफाई की गई है और 18,349 खालों को बहाल किया गया है। दशकों बाद नहर का पानी 1,444 गांवों तक पहुंचा है। इसके अलावा, 545 किलोमीटर में फैली 101 बंद पड़ी नहरों को पुनर्जीवित किया गया है और फिरोजपुर फीडर नहर को रिकॉर्ड 35 दिनों में अपग्रेड किया गया, जिससे इसकी क्षमता में 2,682 क्यूसेक की वृद्धि हुई है।”

उन्होंने आगे कहा कि 75 वर्षों बाद सरहिंद नहर को अपग्रेड किया गया है, जिससे इसकी क्षमता 2,844 क्यूसेक बढ़ गई है। 22 किलोमीटर लंबी सरहाली माइनर नहर, जो दशकों से जमीन के नीचे दब गई थी, को खोजकर फिर से चालू किया गया है। भाखड़ा नहर की क्षमता 9,500 क्यूसेक है, लेकिन हमने आपूर्ति बढ़ाकर इसे 10,000 क्यूसेक कर दिया है, जिससे बिना एक इंच जमीन लिए प्रभावी रूप से एक नई नहर बनाई गई है। दशकों से किसान सिंचाई के लिए पानी की बारी पर निर्भर थे, लेकिन अब यह प्रणाली समाप्त हो गई है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। देश की कुल कृषि भूमि का केवल 3 प्रतिशत होने के बावजूद पंजाब राष्ट्रीय पूल में लगभग 40 प्रतिशत गेहूं और 31 प्रतिशत चावल का योगदान देता है। पंजाब को भारत का अन्नदाता कहा जाता है और किसानों के साथ-साथ पीएयू ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

शैक्षणिक उत्कृष्टता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग ढांचे के अनुसार, पीएयू 2023, 2024 और 2025 में 75 सार्वजनिक कृषि विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान पर रहा है। एडू रैंक के अनुसार, यह विश्व स्तर पर शीर्ष 100 संस्थानों में शामिल है। सरकार इसके बुनियादी ढांचे को और उन्नत करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

विविधीकरण को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “बागवानी के विस्तार के लिए जेआईसीए द्वारा समर्थित 1,300 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है। मशीनरी, बुनियादी ढांचे, विपणन, बीज और अनुसंधान में निवेश के माध्यम से 2036 तक बागवानी क्षेत्र 3.56 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 16 लाख हेक्टेयर हो जाएगा, जो 300 प्रतिशत वृद्धि है। पंजाब में लंबे समय बाद एशिया कप हॉकी की मेजबानी की भी संभावना है।”

महिला-केन्द्रित कल्याण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “मां-धियां सत्कार योजना के तहत प्रत्येक महिला को प्रति माह 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये मिलेंगे। यह राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी और पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं भी पात्र होंगी। इससे लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिलेगा, जिसके लिए 9,300 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस संबंध में पंजीकरण 13 अप्रैल से शुरू होगा। जो लोग इस योजना का मजाक उड़ा रहे हैं, वे आम लोगों के लिए 1,000 रुपये की कीमत नहीं समझते। एक बार के भोजन पर 5,000 रुपये से अधिक खर्च करने वाले धनी लोग इसकी महत्ता क्या समझेंगे। उनके परिवारों को इसकी आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन आम लोगों के लिए यह सार्थक समर्थन है।”

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरकार लोगों के कल्याण के लिए लगातार मेहनत कर रही है, लेकिन विपक्षी नेता केवल सफलता में हिस्सा मांगते हैं। इन ताकतों ने नशों और अपराध को बढ़ावा दिया, जिसके कारण लोगों ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया। अब वे फिर से एकजुट हो गए हैं और उन्हें हराने के लिए पंजाबियों को भी एकजुट होना चाहिए। बसों, ढाबों, रेत या शराब के कारोबार में मेरा कोई हिस्सा नहीं है। मेरी केवल पंजाबियों के दर्द में साझेदारी है और मैं उनकी समस्याओं को हल करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। पारंपरिक नेताओं ने पंजाब को बर्बाद कर दिया और उनके हाथ लोगों के दुखों से रंगे हुए हैं। पंजाब कभी एक समृद्ध राज्य था, लेकिन लालची नेताओं ने निजी स्वार्थों के लिए इसे तबाह कर दिया। लोग पहले ही उन्हें सबक सिखा चुके हैं और समय आ रहा है कि उन्हें पूरी तरह राजनीतिक गुमनामी में धकेल दिया जाए।”

अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “सुखबीर सिंह बादल सबसे बड़ा और पुराना झूठा है, जिसकी सोच केवल स्वार्थी है। बादल परिवार केवल राज्य को लूटने के लिए सत्ता का इंतजार कर रहा है। उन्हें पंजाब या इसके लोगों की कोई चिंता नहीं है और वे केवल सत्ता का दुरुपयोग करना चाहते हैं।”

उन्होंने ‘आप’ सरकार की पहलों को आगे गिनाते हुए कहा, “सरकार ने पूरे पंजाब में 43,000 किलोमीटर लिंक सड़कों की मरम्मत के लिए एक बड़ा कार्यक्रम शुरू किया है। मरम्मत के साथ-साथ अगले पांच वर्षों तक उनके रखरखाव को भी सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को श्रद्धा के साथ मनाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए। पूरे राज्य में नगर कीर्तन निकाले गए, जो श्री आनंदपुर साहिब में संपन्न हुए। श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए 24 नवंबर, 2025 को वहां एक विशेष विधानसभा सत्र भी आयोजित किया गया था।”

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नशों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, सीमा पार Drug Module का भंडाफोड़, करोड़ों की हेरोइन समेत 3 गिरफ्तार!

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पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए एएनटीएफ (ANTF) और बीएसएफ (BSF) ने संयुक्त ऑपरेशन में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में सीमा पार से चल रहे नेटवर्क को बेनकाब किया गया।

इस ऑपरेशन के दौरान तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान जगजीत सिंह, मनप्रीत सिंह और रोशन सिंह के रूप में हुई है। तीनों आरोपी अमृतसर जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 24.5 किलोग्राम हेरोइन, करीब 21 लाख रुपये की ड्रग मनी और एक ड्रोन बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्करों के सीधे संपर्क में थे और ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। इस पूरे नेटवर्क के जरिए ड्रग्स को भारत में लाकर आगे सप्लाई किया जाता था।

इस संबंध में जानकारी देते हुए Gaurav Yadav ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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Chandigarh

पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!

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पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।

जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।

वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।

इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।

योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।

कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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O.T.S स्कीम को मिला जोरदार समर्थन: 111.16 करोड़ की वसूली, 31 मार्च के बाद सख्त कार्रवाई की चेतावनी!

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पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि वैट बकाये के लिए शुरू की गई एकमुश्त निपटान (OTS) स्कीम को व्यापारियों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इस योजना के तहत अब तक करीब 7,845 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें कुल 298.39 करोड़ रुपये के बकाये शामिल हैं। इनमें से सरकार 111.16 करोड़ रुपये की वसूली भी कर चुकी है।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह स्कीम पुराने टैक्स बोझ को खत्म करने और राज्य के राजस्व को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला और रोपड़ जैसे प्रमुख जिलों से इस योजना को अच्छा समर्थन मिला है, जो यह दर्शाता है कि कारोबारियों में इसके प्रति जागरूकता बढ़ रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राहत योजना 31 मार्च 2026 तक ही लागू है। इसके बाद सरकार सख्त रुख अपनाएगी और बकाया वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई तेज की जाएगी। इसके लिए पहले ही करीब 8,000 संपत्तियों की पहचान कर ली गई है, जिन पर जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कारोबारियों से अपील करते हुए कहा कि वे इस अंतिम मौके का लाभ उठाएं और अपने लंबित वैट बकाये का निपटान कर लें। उन्होंने कहा कि OTS स्कीम के तहत ब्याज और जुर्माने में बड़ी छूट दी जा रही है, जिससे व्यापारियों को राहत मिल रही है और वे अपने वित्तीय रिकॉर्ड को साफ कर सकते हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि समय सीमा खत्म होने के बाद सरकार का मौजूदा रियायती रुख समाप्त हो जाएगा और बिना किसी छूट के सख्त वसूली प्रक्रिया लागू की जाएगी। ऐसे मामलों में सामान्य कानूनी जांच और कार्रवाई की जाएगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना को मिला समर्थन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही पारदर्शी और व्यापार-समर्थक नीतियों पर लोगों के भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि मुकदमेबाजी को कम करना और व्यापारियों को नई शुरुआत का अवसर देना भी है।

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