Education
UGC-NET के 3 विषयों की परीक्षा रद्द, सितंबर में फिर होगा पेपर
UGC-NET June 2026 की परीक्षा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। National Testing Agency (NTA) ने UGC-NET के तीन subjects—English, Commerce और Sociology की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। इन तीनों subjects के candidates को अब सितंबर में दोबारा परीक्षा देनी होगी। NTA के मुताबिक, इन papers में कई तरह की गलतियां मिली थीं, जिसके बाद fresh exam कराने का फैसला लिया गया।
आखिर क्या है पूरा मामला?
UGC-NET की परीक्षा 22 जून से 30 जून 2026 के बीच आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद जब provisional answer key जारी की गई, तो candidates ने कुछ questions को लेकर शिकायतें दर्ज कराईं।
Students का कहना था कि papers में कई जगह typing mistakes, गलत facts, translation errors और language-related mistakes थीं। कुछ questions में लोगों के नाम और books के नाम तक गलत लिखे गए थे।
शिकायतें मिलने के बाद NTA ने पूरे मामले की जांच के लिए एक expert committee बनाई। Committee ने तीनों subjects के question papers की जांच की।
Paper में किस तरह की गलतियां मिलीं?
जांच के दौरान कई तरह की problems सामने आईं। इनमें spelling और typing mistakes, गलत facts, translation में errors, grammar और sentence formation की गलतियां शामिल थीं।
इसके अलावा कुछ questions में नाम गलत लिखे गए थे, वहीं कुछ books के नामों में भी mistakes मिलीं। कई जगह sentences की language और punctuation भी ठीक नहीं थी।
सबसे अहम बात यह रही कि जांच में कुछ ऐसे questions भी मिले, जो पहले की परीक्षाओं में पूछे जा चुके थे और उन्हें फिर से paper में शामिल कर दिया गया था।
सिर्फ कुछ questions हटाकर क्यों नहीं हुआ समाधान?
NTA के सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या सिर्फ गलत questions को हटाकर exam का result तैयार किया जा सकता है?
जांच के बाद Committee ने माना कि papers में mistakes केवल कुछ questions तक सीमित नहीं थीं। Typing, factual errors, translation, language और repeated questions जैसी कई अलग-अलग समस्याएं थीं।
ऐसे में केवल कुछ questions को हटाकर या answer key में correction करके सभी candidates को बराबर और fair मौका देना मुश्किल था। इसी वजह से NTA ने तीनों subjects के पूरे papers को cancel करके re-examination कराने का फैसला लिया।
सितंबर में कब होगा दोबारा exam?
NTA ने re-exam का schedule भी जारी कर दिया है।
English और Commerce की परीक्षा 9 सितंबर 2026 को होगी। English का paper सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा, जबकि Commerce का exam दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित किया जाएगा।
वहीं Sociology का paper 10 सितंबर 2026 को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा।
सबसे बड़ी राहत यह है कि इन subjects के candidates से re-exam के लिए कोई extra examination fee नहीं ली जाएगी।
बाकी candidates पर क्या असर पड़ेगा?
NTA ने साफ किया है कि यह फैसला सिर्फ English, Commerce और Sociology के candidates के लिए है।
UGC-NET में कुल 87 subjects थे। इनमें से बाकी 84 subjects की provisional answer key जारी कर दी गई है और उनके candidates को दोबारा परीक्षा देने की जरूरत नहीं है।
इन तीन subjects की answer key जारी नहीं की गई, क्योंकि इनके papers को cancel करके दोबारा exam कराने का फैसला लिया गया है।
NTA की कार्यप्रणाली पर फिर उठे सवाल
UGC-NET का यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब NTA पहले भी कई बड़ी परीक्षाओं को लेकर सवालों और विवादों में रहा है। खासकर NEET-UG से जुड़े विवादों के बाद students और parents के बीच exam conducting system को लेकर चिंता बढ़ी थी।
अब UGC-NET के question papers में इतनी बड़ी संख्या में errors सामने आने के बाद एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर exam papers को final करने से पहले उनका proper quality check क्यों नहीं किया गया।
UGC-NET जैसी national-level परीक्षा में देशभर से बड़ी संख्या में candidates शामिल होते हैं। इसलिए question paper में छोटी सी गलती भी candidates के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है।
आसान भाषा में समझें
English, Commerce और Sociology के UGC-NET papers में कई गलतियां और repeated questions पाए गए। NTA की expert committee की जांच के बाद इन तीनों subjects की परीक्षा रद्द कर दी गई है। अब English और Commerce का paper 9 सितंबर और Sociology का paper 10 सितंबर को दोबारा होगा। Candidates से इसके लिए कोई extra fee नहीं ली जाएगी, जबकि बाकी 84 subjects के candidates को दोबारा exam नहीं देना होगा।
Education
भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत नशे से उबर रहे युवाओं को नई ज़िंदगी देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं पुस्तकालय
पंजाब में नशे के ख़िलाफ़ चल रही लड़ाई में पुस्तकालय एक नए लेकिन बेहद प्रभावशाली हथियार बनकर उभर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत सरकारी नशा मुक्ति एवं पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) केंद्रों में स्थापित पुस्तकालय नशे से उबर रहे लोगों को नशे की तलब से निपटने, मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाने और रिकवरी के दौरान सकारात्मक दिनचर्या विकसित करने में मदद कर रहे हैं। इन पुस्तकालयों की स्थापना, नवीनीकरण और रखरखाव पंजाब के ‘लीडरशिप इन मेंटल हेल्थ प्रोग्राम’ के माध्यम से किया गया है। यह एक फ़ेलोशिप कार्यक्रम है, जो युवाओं को राज्य के नशा विरोधी अभियान से जोड़ता है। अब तक फ़ेलोज़ ने 10 ज़िलों के सरकारी केंद्रों में पुस्तकालय पहलों का समर्थन किया है और वर्ष के अंत तक 80 प्रतिशत से अधिक नशा मुक्ति एवं रिहैबिलिटेशन सेंटरों तक इस पहल का विस्तार करने की योजना है।
धार्मिक ग्रंथों, सिख इतिहास, साहित्य, कविता, जीवनी, पंजाबी संस्कृति और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित पुस्तकों से सुसज्जित ये पुस्तकालय मरीज़ों को वह क्षमता वापस पाने में मदद कर रहे हैं, जिसे नशे की लत अक्सर छीन लेती है—ध्यान केंद्रित करने और आत्मचिंतन करने की क्षमता।
बठिंडा स्थित सरकारी नशा मुक्ति एवं रिहैबिलिटेशन सेंटर में किताबें अब उपचार प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन चुकी हैं। मरीज़ अपने खाली समय में पढ़ने में रुचि ले रहे हैं और अक्सर एक-दूसरे से उन कहानियों पर चर्चा करते हैं, जिनमें उन्हें अपने जीवन की झलक दिखाई देती है।
बठिंडा स्थित पंजाब सरकार के नशा-मुक्ति केंद्र में कार्यरत काउंसलर सोमा ने बताया, “पहले यहाँ कोई पुस्तकालय नहीं था। यहाँ के डॉक्टर साहब ने पहल करके इसे शुरू किया। जब मरीज़ पढ़ना शुरू करते हैं तो उनका ध्यान दूसरी ओर लग जाता है। वे किताबों में इतने रम जाते हैं कि नशे की तलब कम होने लगती है। कहानियाँ, कविता और आत्मकथाएँ विशेष रूप से लोकप्रिय हैं।” उन्होंने कहा कि पढ़ना नियमित काउंसलिंग सत्रों का एक महत्त्वपूर्ण पूरक बन गया है।
उन्होंने कहा, “किताबें मरीज़ों को अपने जीवन और भविष्य के बारे में अलग ढंग से सोचने के लिए प्रेरित करती हैं। वे अधिक शांत होते हैं और रिकवरी पर चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लेने लगते हैं। पढ़ने से उनके जीवन में सकारात्मकता लौटती है।”
पुस्तकालयों का प्रभाव केवल बठिंडा तक सीमित नहीं है। अन्य रिहैबिलिटेशन सेंटरों में भी काउंसलरों ने देखा है कि मरीज़ पढ़ने की आदत के माध्यम से स्वस्थ दिनचर्या विकसित कर रहे हैं।
होशियारपुर स्थित पंजाब सरकार के नशा मुक्ति केंद्र में क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट संदीप कुमारी ने बताया कि उन्होंने स्वयं किताबों के माध्यम से कई लोगों के जीवन में बदलाव देखा है। उन्होंने कहा, “हमने वर्ष 2016 में अपने घरों से किताबें लाकर पुस्तकालय की शुरुआत की थी। वर्षों तक नशे के कारण संवेदनहीन हो चुके मरीज़ धीरे-धीरे पुस्तकालय आने लगे। अधिकांश प्रेरणादायक किताबें पढ़ते थे, जिनसे उन्हें उबरने और दोबारा ध्यान केंद्रित करने में मदद मिली। इसी दौरान हमें पता चला कि कई लोगों को यह बुनियादी जानकारी भी नहीं थी कि नशे के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सुइयों से एचआईवी/एड्स फैल सकता है। हमारे पुस्तकालय में जीवनियाँ, धार्मिक पुस्तकें और नशा विरोधी साहित्य बेहद लोकप्रिय हैं। हालाँकि सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली पुस्तक डॉ. नरेंद्र सिंह कपूर की ‘डूंघियां सिखरां’ है।”
सिख धर्म, सिख इतिहास, अध्यात्म और महान व्यक्तियों की जीवनियों से संबंधित पुस्तकें सबसे अधिक पसंद की जाती हैं। काउंसलरों का कहना है कि कई मरीज़ संघर्ष और कठिन दौर के बाद सफलता हासिल करने वाले लोगों की कहानियों की ओर विशेष रूप से आकर्षित होते हैं। ऐसी कहानियाँ उन्हें अपने जीवन से जुड़ी हुई महसूस होती हैं । केंद्र में उपचाराधीन एक मरीज़ ने बताया कि पढ़ना उसके लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
नथाना गाँव के परमिंदर सिंह (बदला हुआ नाम), जो वर्तमान में बठिंडा केंद्र में उपचाराधीन हैं, ने कहा, “मुझे सिख इतिहास और आत्मकथाएँ पढ़ना पसंद है। जब आप उन लोगों के बारे में पढ़ते हैं जिन्होंने कठिनाइयों का सामना किया और फिर भी जीवन में सफलता हासिल की, तो उससे हौसला मिलता है। मैंने हाल ही में उस्ताद नुसरत फ़तेह अली ख़ान के बारे में पढ़ा, जो मुझे बहुत प्रेरणादायक लगा।”
मलेरकोटला के अब्बासपुरा निवासी बलदेव सिंह ने कहा कि पुस्तकालय ने उन्हें अपनी एक पुरानी आदत से दोबारा जोड़ दिया है। उन्होंने कहा, “मुझे विशेष रूप से डॉ. सतनाम सिंह संधू की किताबें पढ़ना पसंद है। पढ़ने से मेरा मन व्यस्त रहता है और मैं अपने लक्ष्य पर केंद्रित रह पाता हूँ।”
काउंसलरों का कहना है कि ऐसे अनुभव अब लगातार देखने को मिल रहे हैं। जो मरीज़ शुरुआत में पढ़ने में रुचि नहीं दिखाते, वे धीरे-धीरे इसकी आदत विकसित कर लेते हैं। वे पहले छोटी और सरल किताबों से शुरुआत करते हैं और बाद में एक-दूसरे से किताबों का आदान-प्रदान करते हैं, पढ़ी हुई सामग्री पर चर्चा करते हैं तथा धर्म, इतिहास, कविता और अन्य विषयों में घंटों तक डूबे रहते हैं।
एक पन्ना पलटने की इस सरल प्रक्रिया के साथ, मुख्यमंत्री मान के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत नशे से जूझ रहे अनेक लोग अपने जीवन का नया अध्याय भी शुरू कर रहे हैं।
Education
मान सरकार ने 19 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में मेगा PTM आयोजित कर शिक्षा में पंजाब की नंबर-1 रैंकिंग का जश्न मनाया
राष्ट्रीय शिक्षा रैंकिंग में पंजाब द्वारा शीर्ष स्थान हासिल करने की उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने आज राज्य के 19,000 से अधिक सरकारी स्कूलों में मेगा अभिभावक-शिक्षक मिलन (पीटीएम) आयोजित किया।
इस दौरान पूरे प्रदेश में सहभागी शिक्षा का उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला।
‘शिक्षा का महा उत्सव’ के बारे में जानकारी साझा करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह विशेष आयोजन नीति आयोग की स्कूल शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में पंजाब को प्रथम स्थान मिलने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इस रिपोर्ट में पंजाब ने बुनियादी शिक्षा के प्रमुख मानकों पर केरल को पीछे छोड़ दिया, जिसे लंबे समय से देश में स्कूली शिक्षा का स्वर्ण मानक माना जाता रहा है।
स हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस सामूहिक उपलब्धि के सम्मान में आज शिक्षकों तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों को उनके अथक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा बोर्ड परीक्षाओं के टॉपरों, इंग्लिश एज कार्यक्रम के उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों तथा जेईई क्वालिफायर छात्रों सहित उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विशेष सम्मान और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इस उपलब्धि को बनाए रखने में अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि मेगा पीटीएम और अभिभावक कार्यशालाओं में 20 लाख से अधिक अभिभावकों ने भाग लिया। यह व्यापक कार्यक्रम ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बच्चों की सीखने की निरंतरता बनाए रखने, अवकाश गृहकार्य के प्रभावी प्रबंधन तथा सकारात्मक दिनचर्या विकसित करने पर केंद्रित था।
इस व्यापक कार्यक्रम के सफल और गुणवत्तापूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सभी शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों को लाइव यूट्यूब सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षित सहयोगी स्टाफ और सक्रिय स्कूल प्रबंधन समितियों ने अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने, समन्वय स्थापित करने तथा गतिविधियों के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स हरजोत सिंह बैंस ने इस उपलब्धि को ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ का एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताते हुए कहा, “यह नंबर-1 रैंक केवल सरकार की उपलब्धि नहीं है, बल्कि हर उस अभिभावक की है जिसने सरकारी स्कूलों पर विश्वास जताया, हर उस विद्यार्थी की है जिसने मेहनत की और हर उस शिक्षक की है जिसने पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर शिक्षा प्रदान की। हमने सरकारी स्कूलों को अंतिम विकल्प से पहली पसंद में बदल दिया है। दशकों तक यह माना जाता रहा कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव नहीं है, लेकिन पंजाब ने इस धारणा को गलत साबित कर दिखाया है। यह रैंक हमारे कक्षाओं से उत्पन्न हुई शिक्षा क्रांति का प्रमाण है।”मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब इस वर्ष के अंत में प्रतिष्ठित हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी के लिए पूरी तरह से तैयार है। मुख्यमंत्री ने इस मेगा अंतरराष्ट्रीय आयोजन की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्धारित समय से पहले इस संबंधी सुचारू प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों को सितंबर से पहले बुनियादी ढांचे के सभी कार्यों सहित अन्य सभी काम पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस टूर्नामेंट की सफलता सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विशेषज्ञों, खिलाड़ियों और अन्य भागीदारों को शामिल करते हुए एक प्रबंधकीय समिति बनाई जाए, जो सभी प्रबंधों को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करेगी। उन्होंने जालंधर और मोहाली में चल रहे कार्यों की प्रगति की नियमित रूप से निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च-शक्ति समिति के गठन को भी मंजूरी दी।
विश्व स्तरीय सुविधाओं के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सभी प्रबंधों को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए विशेषज्ञों, खिलाड़ियों और अन्य भागीदारों की प्रबंधकीय समिति बनाई जाए। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट से संबंधित हर काम सितंबर से पहले पूरा होना सुनिश्चित किया जाए, ताकि इस आयोजन की शानदार सफलता में कोई कमी न रह जाए।”
बुनियादी ढांचे की आवश्यकताओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने निर्देश दिए कि जालंधर और मोहाली के स्टेडियमों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार नवीनतम सुविधाओं से अपग्रेड किया जाए। भारतीय हॉकी फेडरेशन को पूरा समर्थन देने का भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के इतिहास में इस स्तर के पहले टूर्नामेंट के सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब की धरती पर हॉकी के खिलाड़ी पैदा होते रहे हैं और हमारी धरती पर ऐसे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी हमारे युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए और अधिक प्रेरित करेगी।
आयोजन के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चैंपियनशिप के सुचारू प्रबंधों को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स और खिलाड़ियों की सुविधाओं से संबंधित सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार इस विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को सुरक्षा और हर संभव सुविधा प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा, “एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली हॉकी की 6 टीमें भाग लेंगी। पहली बार पंजाब को इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी का अवसर मिला है, जो खेल के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।”
इस आयोजन को पंजाब के लिए ऐतिहासिक पल बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह गर्व की बात है कि इस चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए हमारे राज्य को चुना गया, जिससे पंजाब भर में हॉकी और खेल संस्कृति को भरपूर बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, “यह बहुत खुशी और संतुष्टि की बात है कि पंजाब इस व्यापक अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की मेजबानी करेगा। यह राज्य में खेलों की पुरानी शान को बहाल करने में बहुत सहायक होगा।”
भारतीय हॉकी में पंजाब के बहुमूल्य योगदान को उजागर करते हुए उन्होंने आगे कहा, “दशकों से हॉकी में पंजाबियों की मजबूत भागीदारी के बावजूद, पंजाब ने आज तक कभी भी किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं की है। इस चैंपियनशिप का राज्य में होना एक बड़े सपने के साकार होने जैसा है।”
बैठक के दौरान मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत, पंजाब हॉकी के अध्यक्ष नितिन कोहली और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
Education
CBSE ने Class 12 री-इवैल्यूएशन की तारीख बदली, अब 1 जून से खुलेगा पोर्टल
Central Board of Secondary Education ने Class 12 के छात्रों के लिए पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड ने घोषणा की है कि उत्तर पुस्तिकाओं की वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने वाला पोर्टल अब 1 जून 2026 से शुरू होगा।
CBSE द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह फैसला छात्रों को बेहतर और बिना किसी तकनीकी परेशानी के सुविधा देने के लिए लिया गया है। बोर्ड का कहना है कि पोर्टल को अधिक पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है।
क्यों बदली गई तारीख?
CBSE के मुताबिक पोर्टल लॉन्च की तारीख आगे बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य सिस्टम को तकनीकी रूप से मजबूत करना है ताकि आवेदन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। बोर्ड ने कहा कि बैकएंड सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
छात्रों के लिए जरूरी जानकारी
जो छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन करवाना चाहते हैं, वे अब 1 जून 2026 से आधिकारिक Post-Result Activities Portal पर आवेदन कर सकेंगे। बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि आवेदन करते समय सभी जानकारियां ध्यान से भरें और दिशा-निर्देशों को अच्छी तरह पढ़ लें।
छात्रों की मदद के लिए हेल्पलाइन जारी
CBSE ने छात्रों की सहायता के लिए सपोर्ट सिस्टम भी एक्टिव किया है। किसी भी प्रकार की जानकारी या समस्या के लिए छात्र CBSE Tele-Counselling Helpline नंबर 1800 11 8004 पर संपर्क कर सकते हैं।
इसके अलावा छात्र ईमेल के जरिए भी अपनी शिकायत या सवाल भेज सकते हैं। इसके लिए बोर्ड ने resultcbse2026@cbseshiksha.in ईमेल आईडी जारी की है।
बोर्ड का कहना है कि इन सुविधाओं का उद्देश्य छात्रों को पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया के दौरान सही मार्गदर्शन और समय पर सहायता उपलब्ध कराना है।
-
Religious3 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious3 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious3 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious3 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Religious3 years agoजानिए दीपावली में वाले दिन आखिर कितने जलाने चाहिए दीये ? और क्यों जलाने चाहिए दिये |
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी