Punjab
Sacrilege Law को लेकर Punjab में फिर सख्त क़दम, Bhagwant Mann Government ने तीसरी बार Present किया Bill — क्या AAP को होगा चुनावी फायदा?
पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को लेकर एक बार फिर सख्त कानून की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने एक नया विधेयक पंजाब विधानसभा में पेश किया है, जिसमें धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी करने पर 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
यह पहला मौका नहीं है जब ऐसा कोई बिल लाया गया हो। इससे पहले भी दो बार — एक बार 2016 में अकाली-बीजेपी सरकार और दूसरी बार 2018 में कांग्रेस सरकार — ने इस तरह के कानून बनाने की कोशिश की थी, लेकिन दोनों बार केंद्र सरकार या राष्ट्रपति की मंजूरी न मिलने के कारण ये बिल कानून नहीं बन सके।
क्यों लाया गया ये बिल फिर से?
पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी एक बेहद संवेदनशील और भावनात्मक मुद्दा रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को खूब उठाया था और वादा किया था कि अगर उनकी सरकार बनी तो इस पर सख्त कानून बनाया जाएगा। अब जब AAP सरकार का आधा कार्यकाल बीत चुका है और लुधियाना उपचुनाव जीतने के बाद अरविंद केजरीवाल 2027 के चुनावी अभियान की तैयारी में जुट गए हैं, यह बिल लाना उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
बिल में क्या-क्या है खास?
- सजा और जुर्माना: अगर कोई व्यक्ति किसी भी धर्म के पवित्र ग्रंथ की बेअदबी करता है, तो उसे 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 5 से 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
- ग्रंथों की परिभाषा: इस कानून के तहत सिखों का गुरु ग्रंथ साहिब, हिंदुओं का श्रीमद्भागवत गीता, मुस्लिमों का कुरान शरीफ और ईसाइयों का बाइबल शामिल किया गया है।
- कौन-कौन आएंगे कानून के दायरे में:
- अगर बेअदबी का आरोपी नाबालिग या दिव्यांग है, तो उसके माता-पिता या अभिभावक को भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
- ग्रंथी, रागी, सेवादार, पंडित, मौलवी, पादरी जैसे धार्मिक सेवकों को भी कानून के तहत दोषी ठहराया जा सकता है।
- अगर आरोपी बार-बार ऐसा अपराध करता है, तो उसे जीवनभर जेल में रहना पड़ सकता है। साथ ही अगर जुर्माना नहीं भर पाता तो पैरोल या फरलो नहीं मिलेगी।
- क्या-क्या माने जाएंगे ‘बेअदबी के कृत्य’:
- ग्रंथ का अपमान करना
- फाड़ना, जलाना, विकृत करना, रंग बिगाड़ना
- किसी हिस्से को हटाना या नुकसान पहुंचाना
राजनीतिक समीकरण और चुनावी रणनीति
AAP सरकार का ये बिल चुनावी वादा पूरा करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। लुधियाना उपचुनाव जीतने के बाद अरविंद केजरीवाल खुद पंजाब में एक्टिव हो गए हैं और 2027 के चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में ये बिल AAP के लिए एक राजनीतिक हथियार बन सकता है, जिससे वो विपक्ष को घेर सके — खासकर तब, जब कांग्रेस और अकाली दल खुद पहले इस कानून को पास कराने में नाकाम रहे।
मानवाधिकार संगठनों की चिंताएं
हालांकि, मानवाधिकार संगठनों ने इस बिल पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इसका गलत इस्तेमाल हो सकता है, जैसे पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून का कट्टरपंथी ताकतों द्वारा किया जाता है। साथ ही सवाल ये भी उठाया जा रहा है कि इसमें केवल चार धर्मों के ग्रंथों को ही क्यों शामिल किया गया है — पारसी, जैन या अन्य धार्मिक ग्रंथों का इसमें कोई जिक्र नहीं है।
ज़मीन पर आंदोलन और जनभावनाएं
इस बिल के समर्थन में पंजाब में सर्व धर्म बेअदबी रोक्को कानून मोर्चा भी लगातार आंदोलन कर रहा है। इसके कार्यकर्ता गुरजीत सिंह खालसा पिछले 275 दिनों से एक 400 फुट ऊंचे टावर पर चढ़कर धरना दे रहे हैं। उनकी मांग है कि बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बने। सरकार ने इस मोर्चे के प्रतिनिधियों से बातचीत भी की है।
कानून बनेगा या सिर्फ प्रचार?
इस बिल को कानून बनने के लिए केंद्र सरकार और राष्ट्रपति की मंजूरी चाहिए, जो पहले भी नहीं मिल पाई थी। इसलिए यह साफ नहीं है कि यह कानून इस बार पास हो पाएगा या नहीं। लेकिन इतना तय है कि चुनाव प्रचार में इसका पूरा इस्तेमाल आम आदमी पार्टी करने वाली है।
अरविंद केजरीवाल के लिए यह मुद्दा दोहरा फायदा देने वाला हो सकता है — एक ओर वे धार्मिक भावनाओं की कद्र करने वाले नेता के रूप में दिख सकते हैं, और दूसरी ओर केंद्र सरकार पर हमला करने का नया मुद्दा उनके हाथ में होगा, अगर ये बिल पास नहीं होता।
पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को लेकर एक बार फिर नया कानून लाने की कोशिश की गई है। यह सिर्फ एक कानूनी पहल नहीं बल्कि चुनावी रणनीति भी है। अब देखना होगा कि ये कानून इस बार कानूनी मंजिल तक पहुंच पाता है या फिर चुनावी मंच तक ही सीमित रह जाएगा।
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हरियाणा सरकार घोटालों से ध्यान भटका रही…पंजाब पर नायब सैनी के बयानों की AAP ने निंदा की
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पंजाब में दिए बयानों कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि सीएम नायब सिंह के बयान न केवल तथ्यों से परे हैं, बल्कि जानबूझकर जनता को गुमराह करने वाले भी हैं. यह बयान हरियाणा में भाजपा सरकार की विफलताओं और घोटालों से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं.
आप नेता ने कहा कि जो सरकार अपने ही राज्य में पीड़ित किसानों और मजदूरों को उनका हक नहीं दिला पाई, वह दूसरों को उपदेश देने का नैतिक अधिकार नहीं रखती. अनुराग ढांडा ने आगे कहा कि आज पंजाब में हरियाणा सीएम नायब सिंह ने स्वीकारा है कि दिल्ली में बीजेपी सरकार आते ही मोहल्ला क्लीनिक को बंद कर दिया है. जिससे एक बात स्पष्ट है कि बीजेपी लोगों सुविधाएं देती नहीं है बल्कि सुविधाएं बंद कर देती है.
हरियाणा श्रम विभाग का उदाहरण सामने
अनुराग ढांडा ने कहा कि सबसे बड़ा उदाहरण हरियाणा श्रम विभाग में सामने आया लगभग 1500 करोड़ रुपये का वर्क-स्लिप घोटाला है, जिसने गरीब मजदूरों के साथ किए गए ऐतिहासिक धोखे को उजागर कर दिया है. हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में करीब 6 लाख वर्क-स्लिप की जांच में 5.46 लाख से अधिक फर्जी पाई गईं, यानी 90 प्रतिशत से ज्यादा गड़बड़ी. 2.21 लाख पंजीकरण में से केवल 14,240 सही निकले.
उन्होंने कहा कि फर्जी मजदूरों के नाम पर मातृत्व लाभ, शिक्षा सहायता और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं से प्रति व्यक्ति औसतन 2 से ढाई लाख रुपये तक निकाले गए, जबकि असली मजदूर आज भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है. यह घोटाला किसी छोटे कर्मचारी की गलती नहीं, बल्कि एक संगठित भ्रष्ट तंत्र का परिणाम है, जिसे राजनीतिक संरक्षण मिला.
उन्होंने कहा कि नूंह जिले में अवैध खनन से 2000 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी नुकसान का आकलन सामने आया, जहां अरावली की पहाड़ियों से 80 करोड़ टन से ज्यादा खनिज सामग्री निकाली गई. भिवानी के दादम क्षेत्र में करीब 1200 करोड़ रुपये के नुकसान की जांच एजेंसियों ने पुष्टि की और 2022 की लैंडस्लाइड में सात मजदूरों की मौत हुई. CAG रिपोर्ट के अनुसार अरावली क्षेत्र में अवैध खनन और रॉयल्टी चोरी से 5000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ, जबकि NGT को 66 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाना पड़ा. यमुनानगर में 2025 के दौरान अवैध खनन पर 860 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हुईं, फिर भी माफिया बेखौफ रहे.
पैडी प्रोक्योरमेंट में भी भारी घोटाला
उन्होंने कहा कि किसानों के नाम पर पैडी प्रोक्योरमेंट में भी भारी घोटाला हुआ. 2025 में करनाल सहित कई जिलों में दर्ज एफआईआर से सामने आया कि एक ही मिल में 24,431 क्विंटल पैडी, जिसकी कीमत लगभग 6.31 करोड़ रुपये थी, कागजों से गायब पाई गई. फर्जी गेट पास और दूसरे राज्यों की सस्ती पैडी को एमएसपी पर दिखाकर कुल नुकसान 4000 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया. किसान भुगतान के लिए भटकता रहा, जबकि माफिया और मिल मालिक सुरक्षित रहे.
अनुराग ढांडा ने कहा कि हरियाणा के युवाओं के साथ भर्ती घोटालों के रूप में सबसे बड़ा अन्याय हुआ. 2014 से 2024 के बीच HTET, HSSC, HPSC और पुलिस भर्ती सहित 20 से ज्यादा भर्ती घोटाले सामने आए, 29 से अधिक एफआईआर दर्ज हुईं और कई परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं. 2025 में फर्जी भर्ती वेबसाइट के जरिए युवाओं से ठगी का मामला भी सामने आया, जिसने यह साबित कर दिया कि भ्रष्ट नेटवर्क आज भी सक्रिय है.
हरियाणा पर 4 लाख करोड़ का कर्ज
अनुराग ढांडा ने कहा कि इन घोटालों का सीधा असर हरियाणा की आर्थिक हालत पर पड़ा है. 2014 के बाद राज्य पर कर्ज बढ़कर 2024-25 तक लगभग 4 लाख करोड़ रुपये हो चुका है. सवाल यह है कि अगर इतना कर्ज लिया गया तो वह पैसा गया कहां. न सरकारी स्कूलों की हालत सुधरी, न अस्पतालों की, न किसानों की आय बढ़ी और न युवाओं को स्थायी रोजगार मिला. साफ है कि यह कर्ज विकास में नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और लूट की भेंट चढ़ा.
उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग मन बना चुके हैं जैसे बयान अहंकार और हकीकत से कटे होने का प्रमाण हैं. जनता समझदार है और जानती है कि किसने संकट में वास्तविक काम किया और किसने सिर्फ बयानबाज़ी की. मुख्यमंत्री सैनी के फन्नी और खोखले बयान सच्चाई नहीं बदल सकते.
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रंधावा उत्सव में पहुंचे CM भगवंत मान ने सुनाई कविताएं
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब सरकार राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने पंजाब कला परिषद, चंडीगढ़ द्वारा आयोजित ‘महिंदर सिंह रंधावा साहित्य और कला उत्सव’ के दौरान सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब शुरू से ही सभ्यता का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि हमें कठिन परिश्रम और साहस के साथ-साथ एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत मिली है। पंजाब कला परिषद के अधिकारियों का धन्यवाद करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि ऐसी कोशिशें समय की मांग हैं ताकि हमारी युवा पीढ़ी को हमारी समृद्ध संस्कृति से परिचित करवाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समारोह एक ऐसी शख्सियत को समर्पित है जिन्होंने पंजाब के लोगों के अंदर उम्मीद की किरण जगाई थी। डॉ. महिंदर सिंह रंधावा को दिल की गहराइयों से याद करते हुए, भगवंत सिंह मान ने उन्हें 1947 की देश के विभाजन के बाद आधुनिक पंजाब का निर्माता बताया। उन्होंने कहा कि होशियारपुर जिले से संबंधित होने के कारण डॉ. रंधावा एक योग्य प्रशासक होने के साथ-साथ एक दार्शनिक भी थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. रंधावा सूझ और सहनशीलता जैसे गुणों से परिपूर्ण थे और उन्हें पता था कि यदि किसी कौम का पेट खाली है तो वह लड़ नहीं सकती, लेकिन यदि उसकी आत्मा खाली है तो वह समाप्त हो जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि इसलिए एक तरफ डॉ. रंधावा ने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की और दूसरी तरफ उन्होंने पूरे पंजाब भर में चंडीगढ़ आर्ट गैलरी और सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब भी हम पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, किसानों, साहित्यकारों और 1947 के विभाजन के दौरान उजाड़े गए लोगों का साथ देने वाली शख्सियतों की बात करते हैं, तो हमारे मन में सिर्फ डॉ. रंधावा का नाम आता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में हरित क्रांति का श्रेय डॉ. रंधावा को जाता है और उन्होंने कहा कि उस समय उनकी दूरदर्शी सोच के कारण पंजाब ने भारत को अकाल से बचाया। डॉ. रंधावा का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि हरित क्रांति ‘अनाज’ और ‘किसान’ पर निर्भर करती है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज का यह समारोह कोई राजनीतिक सभा नहीं है, बल्कि यह पंजाबी मातृभाषा और भाषा के विकास का उत्सव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मातृभाषा को हर माध्यम से प्रोत्साहित करना चाहिए, उन्होंने कहा कि इस नेक कार्य के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने उनके जीवन और करियर पर कविता, साहित्य, कला और संस्कृति के गहरे प्रभाव को भी याद किया। भगवंत सिंह मान ने संत राम उदासी, दविंद्र सत्यार्थी, रसूल हम्ज़ातोज़, नरिंदर कपूर, कीट्स, शिव कुमार बटालवी और कई अन्य महान हस्तियों को साहित्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए याद किया।
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डेरा बाबा नानक में ‘आप’ को मिली बड़ी मजबूती, सैकड़ों अकाली और कांग्रेसी नेता ‘AAP’ में शामिल
डेरा बाबा नानक में आम आदमी पार्टी (आप) को एक बड़ी मजबूती मिली, जब विधायक गुरदीप सिंह रंधावा के नेतृत्व में सैंकड़ों अकाली और कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता अपनी पुरानी पार्टियां छोड़कर आप में शामिल हो गए।
विधायक रंधावा ने पार्टी में शामिल होने वाले सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए सदस्यों के आने से डेरा बाबा नानक के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में पार्टी का आधार और भी मजबूत होगा।
रंधावा ने कहा कि लोग आम आदमी पार्टी की जनहितैषी नीतियों और विकास कार्यों से बेहद खुश हैं। यही कारण है कि विपक्षी दलों को छोड़कर लोग लगातार आप के साथ जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और भी बड़ी जॉइनिंग्स देखने को मिलेंगी।
विधानसभा चुनावों को लेकर रंधावा ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता का झुकाव आप की तरफ है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 के चुनाव में आम आदमी पार्टी अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ते हुए 100 से ज्यादा सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी।
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