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पाकिस्तान लौटने का आज आखिरी दिन: Punjab में 235 अब भी मौजूद, समय सीमा चूकी तो हो सकती है 3 साल की सजा।

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसले के तहत आज पाकिस्तान नागरिकों की भारत से वापसी की अंतिम तिथि है। इससे पहले भारत सरकार दो बार इस अवधि को बढ़ा चुकी है।

आज शाम तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि इस समय सीमा को एक बार फिर बढ़ाया जाएगा या नहीं। यदि नहीं बढ़ाया गया, तो भारत में रुके हुए पाकिस्तानी नागरिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। 24 अप्रैल से 27 अप्रैल 2025 के बीच अब तक कुल 537 पाकिस्तानी नागरिक—जिनमें 9 राजनयिक और अधिकारी शामिल हैं—भारत से अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान लौट चुके हैं।

वहीं, बीते दिनों डीजीपी गौरव यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी थी कि Punjab में वीजा लेकर रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की संख्या 235 है।

पाकिस्तान लौटने वाले पाक नागरिकों विवरण

24 अप्रैल: 28 पाकिस्तानी नागरिक
25 अप्रैल: 191 पाकिस्तानी नागरिक
26 अप्रैल: 81 पाकिस्तानी नागरिक
27 अप्रैल: 237 पाकिस्तानी नागरिक (इनमें 9 राजनयिक और अधिकारी शामिल)

दो बार सरकार बढ़ा चुकी छूट

पहलगाम में हुए हमले के बाद 23 अप्रैल को भारत सरकार ने सभी पाक नागरिकों का वीजा खत्म करते हुए उन्हें 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दे दिया था। लेकिन दूर से आने वाले पाक नागरिकों की सुविधा को देखते हुए पहले इसे 27 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया। 27 अप्रैल तक 537 पाक नागरिक ही पाक वापस लौटे। जिनमें 9 राजनयिक और अधिकारी भी शामिल थी। जिसके बाद भारत सरकार ने इसमें दूसरी बार बदलाव करते हुए 29 अप्रैल तक की छूट पाक नागरिकों को दी। यानी कि आज किसी भी हाल में पाक नागरिकों को भारत छोड़ना होगा।

भारत में रुके तो पुलिस करेगी अरेस्ट

केंद्र सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए रविवार शाम नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया है कि जो पाकिस्तानी तय डेडलाइन में भारत नहीं छोड़ता है तो उसे गिरफ्तार कर केस चलाया जाएगा। ऐसे नागरिकों को 3 साल जेल या ₹3 लाख जुर्माना या फिर दोनों का सामना करना पड़ सकता है।

4 अप्रैल 2025 से लागू ‘इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025’ के मुताबिक वीजा की शर्तों का उल्लंघन या तय अवधि से ज्यादा भारत में रुकने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

लांग टर्म वीजा धारकों को छूट

भारत सरकार ने पहले लांग टर्म वीजा वाले हिंदुओं को देश में रुकने की इजाजत दी थी। बाद में सभी लांग टर्म वीजा धारकों को इसका लाभ दिया गया। लेकिन जो पाकिस्तान अपने रिश्तेदारों को मिलने गए थे, उन्हें वापस आने की अनुमति नहीं थी। बीते दिन सोमवार भारत सरकार ने साफ निर्देश जारी करते हुए एलटीवी और (No Obligation to Return to India) नोरी सर्टिफिकेट धारकों को भारत में प्रवेश की अनुमति दी है। इसी फैसले के बाद सोमवार 70 पाकिस्तानी नागरिक वाघा बॉर्डर के जरिए भारत पहुंचे। सभी के पास या तो लांग टर्म वीजा था या नोरी सर्टिफिकेट।

इन सभी नागरिकों का बॉर्डर पर दस्तावेजी सत्यापन किया गया और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें भारत में प्रवेश दिया गया। इससे इन नागरिकों और उनके भारत में बसे परिवारों ने राहत की सांस ली है।

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भारत की पाकिस्तान पर शानदार जीत, महिला टी-20 विश्व कप का धमाकेदार आगाज़

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महिला टी-20 विश्व कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पाकिस्तान को 64 रन से हरा दिया। बर्मिंघम में खेले गए ग्रुप-1 के इस मुकाबले में भारत की जीत की नायिका स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा रहीं। मंधाना ने बल्ले से कमाल दिखाया, जबकि दीप्ति ने गेंद से पाकिस्तानी बल्लेबाजों को पूरी तरह बेअसर कर दिया।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत आक्रामक रही। शेफाली वर्मा ने पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए, लेकिन वह 6 रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद जेमिमा रोड्रिग्स भी सिर्फ एक रन बनाकर पवेलियन लौट गईं और भारत ने 18 रन पर दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए।

मुश्किल समय में स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 91 रन की अहम साझेदारी की। मंधाना ने 44 गेंदों पर 68 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 2 छक्के शामिल थे। हरमनप्रीत ने भी संयमित बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

अंतिम ओवरों में ऋचा घोष ने तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 17 गेंदों पर 34 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और एक छक्का शामिल रहा। दीप्ति शर्मा ने भी नाबाद 12 रन का योगदान दिया, जिसकी बदौलत भारत ने 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 170 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और लगातार विकेट हासिल करती रहीं। पाकिस्तान की ओर से मुनीबा अली ने कुछ संघर्ष जरूर किया और 41 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास सहयोग नहीं मिला।

भारत की गेंदबाजी की स्टार दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्होंने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 10 रन देकर 5 विकेट झटके। उनके साथ श्री चरणी ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 21 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए। शेफाली वर्मा को भी एक सफलता मिली।

भारतीय गेंदबाजों के सामने पाकिस्तानी टीम पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल सकी और 17 ओवर में 106 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने अपने पहले ही मुकाबले में 64 रन की बड़ी जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में जोरदार शुरुआत की।

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फ्रांस पहुंचे PM मोदी, भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने छह दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे के तहत फ्रांस के शहर नीस पहुंच गए हैं। नीस पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की, एक बच्चे को गोद में उठाकर स्नेह जताया और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया।

आज प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक में प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य-तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा ‘इंडिया इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन भी किया जाएगा।

भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों के संभावित सौदे पर भी अहम चर्चा होगी। भारत इन विमानों में अपने हथियारों और तकनीकी प्रणालियों को जोड़ने के लिए अधिक लचीलापन चाहता है। हालांकि इस सौदे को अभी सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है।

प्रधानमंत्री का फ्रांस दौरा नीस, एवियन और पेरिस—तीन चरणों में होगा। 16 और 17 जून को वे एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस दौरान उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ भी द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। दोनों नेता लगभग 16 महीने बाद आमने-सामने मिलेंगे।

18 जून को प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ पेरिस में आयोजित VivaTech सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके बाद वे स्लोवाकिया जाएंगे, जहां वे प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे। 1993 में स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा होगी।

इस दौरे के दौरान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। वैश्विक सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग के लिहाज से प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के नए प्रमुख, केंद्र सरकार ने किया ऐलान

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केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) नियुक्त करने की घोषणा कर दी है। वह भारतीय सेना के 31वें सेना प्रमुख के रूप में पदभार संभालेंगे। वर्तमान में वह उप सेना प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) के पद पर कार्यरत हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ मौजूदा सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल जून 2026 में समाप्त हो रहा है। जनरल द्विवेदी ने 30 जून 2024 को भारतीय सेना की कमान संभाली थी। नियमों के अनुसार सेना प्रमुख का कार्यकाल तीन वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक होता है, जो भी पहले हो।

दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन प्राप्त करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ के पास लगभग चार दशक का व्यापक सैन्य अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने देश के कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में सेवाएं दी हैं। उन्होंने रेगिस्तानी इलाकों, जम्मू-कश्मीर और पश्चिमी सीमा पर विभिन्न ऑपरेशनल एवं कमांड जिम्मेदारियां संभाली हैं।

धीरज सेठ उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं जिन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर दो महत्वपूर्ण ऑपरेशनल कमांडों का नेतृत्व किया है। इसके अलावा वे दक्षिण-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के अंगोला मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व किया और सेना मुख्यालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। सेना की क्षमता विकास, रणनीतिक योजना और आधुनिकीकरण से जुड़े कई अहम प्रोजेक्ट्स में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी धीरज सेठ का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) खड़कवासला, भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) देहरादून, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (DSSC) वेलिंगटन तथा नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने जूनियर कमांड कोर्स में प्रथम स्थान प्राप्त किया था और DSSC में सर्वश्रेष्ठ ऑल-राउंड स्टूडेंट ऑफिसर का मेडल भी हासिल किया था।

देश के प्रति उनकी उत्कृष्ट और विशिष्ट सेवाओं को देखते हुए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM) और अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) जैसे उच्च सैन्य सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।

भारतीय सेना की कमान संभालने जा रहे लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ से उम्मीद की जा रही है कि वे देश की सुरक्षा, सैन्य आधुनिकीकरण और रणनीतिक क्षमता को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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