Punjab
नशों के खिलाफ तब तक जंग जारी रहेगी जब तक Punjab इस बुराई से पूरी तरह आज़ाद नहीं हो जाता,: बलतेज पन्नू
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज और नशा मुक्ति मोर्चा के मुख्य प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि पार्टी की ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम पूरे पंजाब में एक योजनाबद्ध, लोकपक्ष और संगठित ढंग से चलाई जा रही है।
बुधवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि ज़मीनी स्तर पर प्रभावी आउटरीच और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए नशा मुक्ति मोर्चा की टीम को पांच ज़ोनों में विभाजित किया गया है। इनमें माझा, दोआबा और मालवा शामिल हैं, जबकि मालवा को आगे मालवा पूर्वी, मालवा केंद्रीय और मालवा पश्चिमी ज़ोन में बांटा गया है।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति मोर्चा, ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम का एक अहम और सक्रिय स्तंभ है।
मुहिम का पहला पड़ाव: जन-जागरूकता अभियान
पन्नू ने बताया कि मुहिम के पहले चरण में ‘आप’ ने पंजाब के हर गांव और हर वार्ड तक पहुंचकर नशों के खिलाफ जागरूकता फैलाई। इस दौरान लोगों से शपथ दिलवाई गई कि वे न तो नशा तस्करी करेंगे और न ही नशा तस्करों का किसी भी रूप में सहयोग करेंगे, जिसमें उनकी ज़मानत के लिए गारंटर बनने से इंकार करना भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि इस चरण का व्यापक और सकारात्मक असर देखने को मिला है तथा पंजाब के लोग इस मुहिम को सक्रिय समर्थन दे रहे हैं।
NDPS मामलों में रिकॉर्ड कन्विक्शन रेट
बलतेज पन्नू ने बताया कि हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में पंजाब में NDPS मामलों में कन्विक्शन रेट लगभग 85 प्रतिशत रहा है, जो अब तक का सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि इस सफलता में आम जनता की जागरूकता और सहयोग की अहम भूमिका रही है, जिससे मुहिम का पहला पड़ाव स्पष्ट रूप से सफल रहा।
दूसरा पड़ाव: पदयात्राएं और संगठित नेटवर्क
मुहिम के दूसरे चरण की जानकारी देते हुए पन्नू ने कहा कि निरंतर जागरूकता के तहत पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर पदयात्राएं की जा रही हैं।
- ब्लॉक स्तर पर इंचार्ज नियुक्त किए गए हैं
- ब्लॉक और ज़िला स्तर के वॉलंटियर्स के साथ रोज़ाना कोऑर्डिनेशन कॉल होती हैं
- रोज़ कार्य सौंपे जाते हैं और अगले दिन उनकी समीक्षा की जाती है
उन्होंने कहा कि इस तरह टीमें पूरी तरह संगठित होकर नशों के खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं।
‘पिंड दे पहरेदार’ डिफेंस कमेटियां
पन्नू ने बताया कि दूसरे चरण में ‘पिंड दे पहरेदार’ नाम से डिफेंस कमेटियां बनाई गई हैं, जिनसे अब तक एक लाख से अधिक वॉलंटियर जुड़ चुके हैं। ये वॉलंटियर गांवों, कस्बों और शहरी वार्डों में सक्रिय रूप से पदयात्राएं कर रहे हैं।
अब तक 9,099 पदयात्राएं
उन्होंने बताया कि पांचों ज़ोनों में अब तक कुल 9,099 पदयात्राएं आयोजित की जा चुकी हैं:
- दोआबा: 1,969
- माझा: 1,930
- मालवा केंद्रीय: 1,395
- मालवा पूर्वी: 2,167
- मालवा पश्चिमी: 1,618
ज़िला-वार पदयात्राएं
दोआबा:
होशियारपुर (661), जालंधर देहात (492), जालंधर शहरी (79), कपूरथला (351), एस.बी.एस नगर (386)
माझा:
अमृतसर देहात (472), अमृतसर शहरी (45), गुरदासपुर (771), पठानकोट (389), तरनतारन (253)
मालवा केंद्रीय:
फरीदकोट (251), फतेहगढ़ साहिब (312), लुधियाना देहात-1 (291), लुधियाना देहात-2 (242), लुधियाना शहरी (59), मोगा (240)
मालवा पूर्वी:
मलेरकोटला (178), पटियाला देहात (466), पटियाला शहरी (412), रूपनगर (394), संगरूर (459), एस.ए.एस नगर (278)
मालवा पश्चिमी:
बरनाला (209), बठिंडा (191), फाजिल्का (433), फिरोजपुर (587), मानसा (190), श्री मुक्तसर साहिब (8)
हर ज़ोन में सक्रिय है मुहिम
पन्नू ने कहा कि पंजाब में ऐसा कोई ज़ोन या ज़िला नहीं है जहाँ ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ का दूसरा चरण सक्रिय न हो। उन्होंने दोहराया कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब को नशों से पूरी तरह मुक्त नहीं कर दिया जाता।
समाज के हर वर्ग की भागीदारी
उन्होंने कहा कि पंचायतों, नगर निगमों, नगर परिषदों और परिवारों समेत समाज के हर वर्ग के लोग इस मुहिम में सक्रिय भागीदार बन रहे हैं। पन्नू ने पंजाबियों से अपील की कि वे ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ और नशा मुक्ति मोर्चा के वॉलंटियर्स का सहयोग करें, क्योंकि वे समाजहित में कार्य कर रहे हैं।
नशा तस्करों के खिलाफ मोबाइल ऐप
बलतेज पन्नू ने बताया कि एक समर्पित मोबाइल ऐप अब पूरी तरह कार्यरत है। इस ऐप के माध्यम से नशा मुक्ति मोर्चा के सदस्य नशा तस्करों के बारे में जानकारी साझा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यह जानकारी सीधे डीजीपी और मुख्यमंत्री तक पहुंचती है, जहां सत्यापन के बाद सख्त कार्रवाई की जाती है। जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।
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श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश हुए सिख विधायक और मंत्री, पंजाब सरकार ने गहरी श्रद्धा व्यक्त की और सुझावों पर विचार करने का दिया भरोसा
नम्रता और श्रद्धा की भावना के साथ, पंजाब के सिख विधायक और मंत्री सोमवार को अमृतसर के श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद नंगे पैर श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश हुए। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सिखों की सर्वोच्च संस्था के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा दोहराई और कहा कि पंजाब सरकार श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा और पवित्रता को पूरी तरह कायम रखते हुए मिले सुझावों पर पूरा विचार करेगी।
श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने और कैबिनेट मंत्रियों तथा विधायक के साथ श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए, स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि उन्हें गुरु रामदास जी का आशीर्वाद लेने और आदरणीय जत्थेदार साहिब के साथ सार्थक विचार विमर्श करने का सौभाग्य प्रप्त हुआ। उन्होंने कहा, “मैं खुशकिस्मत था कि मुझे श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने और उससे पहले, जत्थेदार साहिब के बुलावे पर श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होने का मौका मिला। पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों और विधायक के साथ, हमारी आदरणीय जत्थेदार साहिब के साथ लंबी, एक सार्थक और रचनात्मक चर्चा हुई । मैं अरदास करता हूं कि गुरू साहिब हम सब पर अपनी दया दृष्टि बनाए रखें।”
श्री अकाल तख्त साहिब के सर्वोच्च सम्मान पर ज़ोर देते हुए, स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा, “श्री अकाल तख्त साहिब एक पवित्र संस्था है जिसका पंजाब के लोगों और पंजाब सरकार के दिलों में बहुत सम्मान है। हम जत्थेदार साहिब, इस संस्था, सिख पंथ और श्री गुरु ग्रंथ साहिब का सर्वोच्च सम्मान करते हैं।”
उन्होंने कहा कि संस्था की मर्यादा और पवित्रता को ध्यान में रखते हुए, विचार विमर्श की जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा। उन्होंने आगे कहा, “श्री अकाल तख्त साहिब में जिन मामलों पर चर्चा हुई, उन्हें सरकार के ध्यान में लाया जाएगा ताकि उन पर सही तरीके से विचार किया जा सके। हालांकि, इस पवित्र संस्था की मर्यादा और सम्मान को मुख्य रखते हुए, चर्चा के ब्यौरे में जाना उचित नहीं होगा।”
इस बीच, कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब ने पंजाब सरकार को प्रस्तावित बदलावों और सुझावों पर विचार करने के लिए एक महीने का समय दिया है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बदलावों और सुझावों को पंजाब विधानसभा के स्पीकर के ज़रिए औपचारिक रूप सांझा किया जाएगा। उन्होंने कहा, “ एक बार जब श्री अकाल तख्त साहिब से प्रस्तावित संशोधन प्राप्त हो जाएंगे, तो सरकार उनका विस्तार से समीक्षा करेगी और सोच-विचार के बाद सही फैसला लेगी।”
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कादियां हल्के को जल्द मिलेगा सब-डिवीजन का दर्जा; लोगों को सभी सरकारी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी: CM भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि कादियां हल्के को सब-डिवीजन के रूप में अपग्रेड किया जाएगा, जिससे लोगों की लंबे समय से लटकती आ रही मांग पूरी होगी और आधुनिक प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स के माध्यम से सभी प्रमुख सरकारी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। कादियां में विशेष जनता कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अकाली नेतृत्व पर तीखे निशाने साधते हुए कहा कि उन्होंने वोट हासिल करने के लिए लोगों को डराया-धमकाया और वर्षों तक पंजाब को लूटा।
पंजाबियों को “चोरों, लुटेरों और ठगों” के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों से अपील की कि वे साल 2027 के चुनावों में ‘झाड़ू’ को इतने निर्णायक ढंग से चलाएं कि विपक्षी दल को सूबे को गंदला करने का फिर कोई मौका न मिले। मुख्यमंत्री ने किसानों को यह भरोसा भी दिया कि कीड़ी शुगर मिल के गन्ने के बकाए जल्द ही अदा कर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की लोक-पक्षीय पहलकदमियों, जिनमें 90 फीसद घरों के लिए शून्य बिजली बिल और 47 लाख परिवारों के लिए 10 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा शामिल है, का जिक्र करते हुए लोगों से ‘रंगला पंजाब’ बनाने में एकजुट होने की अपील की।
इस कार्यक्रम की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘एक्स’ पर लिखा: “माझे की बहादुर धरती और कादियां हल्के के लोगों के अपार प्यार और स्नेह के लिए तहे दिल से धन्यवाद। लोगों की लंबे समय से लटकती आ रही मांग को पूरा करते हुए मैंने घोषणा की है कि कादियां को अब सब-डिवीजन बनाया जाएगा। एस.डी.एम., डी.एस.पी., और ए.डी.सी. के कार्यालय एक ही आधुनिक इमारत से काम करेंगे, जिससे लोगों को सरकारी सेवाएं लेने में होने वाली ख्वारी खत्म होगी। हल्के के विकास को और तेज करने के लिए गुरइकबाल सिंह माहल को हल्के का नया सेवादार नियुक्त किया गया है।”
“पारंपरिक राजनीतिक नेताओं द्वारा शोषण का दौर अब खत्म हो गया है। आज पंजाब के 90 फीसद घरों के बिजली बिल शून्य आ रहे हैं, और 47 लाख परिवार पहले ही 10 लाख रुपये के कैशलेस स्वास्थ्य उपचार के कार्ड प्राप्त कर चुके हैं। आओ, हम सब मिलकर खुशहाल पंजाब का निर्माण करें।”
विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बड़ी भीड़ दिखाती है कि कादियां के लोग बदलाव लाने और इस हल्के को उस परिवार से मुक्त करवाने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जिसने दशकों तक यहां राज किया है। पिछली सरकारों ने पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र के विकास को अनदेखा किया, पर हमारी सरकार ने इसकी तरक्की को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश की है। सीमा पर रहने वाले लोग सच्चे देशभक्त हैं जो हमेशा देश के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे हैं, और हमारी सरकार उनकी भलाई के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस विधानसभा हल्के की लंबे समय तक नुमाइंदगी करने वाले स्मगलरों ने पंजाब की पीढ़ियों को बरबाद कर दिया है। लोगों को आने वाले विधानसभा चुनावों में उन्हें उचित सबक सिखाना चाहिए।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम पड़ोस की बेकरियों में बने बिस्कुट खाकर बड़े हुए हैं, जबकि पहाड़ों के कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े ये नेता अपने पिता-दादाओं द्वारा स्मगल किए गए सोने के बिस्कुट खाते रहे हैं। उनके पास न तो कोई विचारधारा है और न ही जनता की सेवा के लिए कोई वचनबद्धता। उनका एकमात्र उद्देश्य हमेशा सत्ता पर काबिज होना रहा है। अब समय आ गया है कि लोग बेकरी के बिस्कुटों और सोने के बिस्कुटों के बीच फर्क को समझें।”
उन्होंने कहा, “इन शाही नेताओं का आम पंजाबियों से कोई लेना-देना नहीं है। इनकी गाड़ियां, कपड़े और जीवनशैली हमसे बिल्कुल अलग है। जिन्होंने विधानसभा, राज्यसभा और लोकसभा में इस क्षेत्र का नुमाइंदगी की, उन्होंने कभी इसके विकास के लिए काम नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने सड़कों पर टोल लगाए और लोगों पर बोझ डाला। यहां तक कि उनका अपना घर भी बंटा हुआ है, जिस पर अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के झंडे लहरा रहे हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मेरा नाम पारंपरिक पार्टियों के नेताओं के लिए डरावना सपना बन गया है क्योंकि मैंने उनके बुरे कामों को लोगों के सामने बेनकाब किया है। वे इस बात को हजम नहीं कर पा रहे कि एक आम आदमी का बेटा पंजाब को सफलतापूर्वक चला रहा है। लोगों ने इन नेताओं को पहले ही नकार दिया है क्योंकि उन्होंने हमेशा पंजाब और पंजाबियों से ज्यादा अपने परिवारों की परवाह की है।”
कादियां को जल्द ही सब-डिवीजन बनाने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सभी औपचारिक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर ली जाएंगी ताकि लोगों को अपने कार्यों के लिए अधिक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल डूबता हुआ जहाज है और उसके समझदार नेता भी जनता के हित में पार्टी छोड़ रहे हैं। वर्षों तक लोगों ने अकालियों को इस सोच के साथ वोट दिए कि वे महान गुरुओं की पवित्र ‘तकड़ी’ का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन उन्होंने जनता को लूटा और अवैध कारोबारों में हिस्सेदारी की।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा जानते हैं कि वे राजनीतिक रूप से मेरा मुकाबला नहीं कर सकते। इसलिए वे फर्जी वीडियो के माध्यम से धार्मिक मुद्दों पर मुझे बदनाम करने के लिए एकजुट हो गए हैं। अकाली नेतृत्व ने पंजाब को बेरहमी से लूटा और आम लोगों पर अनेकों अक्षम्य अत्याचार किए। उन्होंने राज्य को तबाह करने वाले माफिया को संरक्षण दिया और नशे के कारोबार को बढ़ावा दिया, जिसके कारण उनके लंबे शासनकाल में पंजाब की कई पीढ़ियां बर्बाद हो गईं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार पूरे पंजाब में 43,000 किलोमीटर से अधिक लिंक सड़कों का नवीनीकरण कर रही है तथा ठेकेदारों को उनके रखरखाव के लिए जवाबदेह बनाया गया है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सरकारी खजाने का प्रत्येक पैसा जनता के कल्याण और पंजाब के सर्वांगीण विकास पर विवेकपूर्ण ढंग से खर्च हो।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। पहली बार किसानों को दिन के समय भी बिना किसी रुकावट के बिजली आपूर्ति मिल रही है, जिसे कभी असंभव माना जाता था।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “जनता से एकत्र किया गया कर का पैसा उन्हीं का है और हमारी सरकार उसे पूरी ईमानदारी से जनता के कल्याण पर खर्च कर रही है। प्रत्येक रुपया विकास, बेहतर स्कूलों, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं, बेहतर सड़कों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण पर लगाया जा रहा है। जनता का पैसा अब कुछ लोगों की जेबें भरने के बजाय सीधे जनता के हित में खर्च हो रहा है।”
भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार ने घरों को मुफ्त बिजली दी है, युवाओं को बिना किसी भ्रष्टाचार के 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं, सड़क नेटवर्क को मजबूत किया है, टोल प्लाजा बंद कर लोगों के प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये बचाए हैं, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया है, आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है तथा पंजाब के हित में अनेक ऐतिहासिक पहलें की हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “जब हमारी सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब राज्य में सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा था। आज यह बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है, जिससे किसानों को अधिक पानी उपलब्ध हो रहा है और भूजल पर निर्भरता कम हुई है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार गांवों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है और प्रत्येक गांव के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए अनुदान जारी किए जा रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के लिए पंजाब सरकार 15 जुलाई तक पूरे राज्य में नव-निर्मित 3,100 खेल मैदान जनता को समर्पित करेगी। नशे के विरुद्ध हमारी लड़ाई में खेलों को बढ़ावा देना सबसे प्रभावी हथियारों में से एक है, क्योंकि इससे युवाओं की असीम ऊर्जा को सही दिशा तथा राष्ट्र निर्माण की ओर लगाया जा सकता है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार ने पूरे राज्य के गांवों के तालाबों के पुनर्जीवन के लिए भी एक व्यापक अभियान शुरू किया है। इन तालाबों की सफाई, जल शोधन तथा कृषि कार्यों के लिए उनके उपयोग की विस्तृत योजना पहले ही तैयार की जा चुकी है। यह पहल तेजी से घटते भूजल स्तर पर दबाव कम करने में सहायक होगी और पूरे पंजाब में टिकाऊ सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करेगी।”
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नशों की सप्लाई लाइन तोड़कर और बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे भेजकर इस अभियान ने नशे के अभिशाप की कमर तोड़ दी है: CM भगवंत सिंह
पंजाब में चल रहे ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज डिप्टी कमिश्नरों, पुलिस कमिश्नरों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि जब तक पंजाब नशे की बुराई से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, तब तक इस अभियान को और अधिक तेज किया जाए।
विलेज डिफेंस कमेटियों के कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान ने नशों की सप्लाई लाइन तोड़ने और बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में सफलता हासिल की है, जिससे नशे के अभिशाप की कमर टूट गई है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जानी चाहिए तथा जमीनी स्तर पर अधिक सशक्त कार्रवाई, अधिक जनभागीदारी और गांवों में विश्वास बहाली के प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि इस गति को बनाए रखते हुए नशों के खिलाफ निर्णायक जीत हासिल की जा सके।
बैठक के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “आज बठिंडा के लेक व्यू गेस्ट हाउस से मैंने ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के अंतर्गत सभी डिप्टी कमिश्नरों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। सभी अधिकारियों को नशों के पूर्ण उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर कार्रवाई तेज करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। हमारी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आइए, हम सभी मिलकर पंजाब को नशामुक्त बनाएं और राज्य को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।”
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “नशों की सप्लाई लाइन पहले ही तोड़ी जा चुकी है और इस घिनौने अपराध में शामिल बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। इस अभियान की गति को बनाए रखना होगा और समय की मांग है कि इसे तब तक और तेज किया जाए, जब तक पंजाब पूरी तरह नशामुक्त नहीं हो जाता।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि विलेज डिफेंस कमेटियों के सदस्य अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर रहे हैं और उन्होंने पिछले तीन महीनों में ही नशा तस्करों के खिलाफ 13,000 से अधिक शिकायतें दर्ज करवाई हैं। उन्होंने कहा, “जिन जिलों में विलेज डिफेंस कमेटियां अपेक्षाकृत कम सक्रिय हैं, उन्हें इस जनहित के मिशन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। प्रत्येक जिले में हर महीने विलेज डिफेंस कमेटियों की बैठकें आयोजित की जानी चाहिए और मैं स्वयं मासिक राज्य स्तरीय बैठकों में उनके कार्यों की समीक्षा करूंगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की समस्या एक वैश्विक चुनौती है, लेकिन दुनिया में कहीं भी इसके खिलाफ इतनी दृढ़ और व्यापक मुहिम नहीं चलाई गई है। उन्होंने कहा, “पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए विलेज डिफेंस कमेटियों के 1.50 लाख सदस्यों की एक मजबूत शक्ति तैयार की गई है। जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है क्योंकि नशों के खिलाफ इस लड़ाई को जन आंदोलन का रूप देना होगा। नशा एक सामाजिक समस्या है और इस अभियान की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए लोगों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने डीसीज़ और एसएसपीज़ को निर्देश दिए कि वे समाज के प्रत्येक वर्ग का सहयोग प्राप्त करें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके क्षेत्रों में कहीं भी नशे की बिक्री न हो और प्रत्येक नशा पीड़ित व्यक्ति को इस दलदल से बाहर निकाला जा सके। उन्होंने कहा, “लोगों में विश्वास पैदा करने के लिए पुलिस टीमों को नियमित रूप से गांवों का दौरा करना चाहिए और जमीनी हकीकत जानने के लिए स्थानीय लोगों से संवाद करना चाहिए। नशा तस्करों के बारे में सूचना देने वाले विलेज डिफेंस कमेटी के सदस्यों अथवा किसी भी नागरिक की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जानी चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नशा तस्करों को गिरफ्तार कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजकर नशों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे नशा तस्करों पर शिकंजा कसा गया, नशों की आपूर्ति प्रभावित हुई, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में नशे के शिकार लोग नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों तक पहुंचने लगे। इसलिए सरकार ने पीड़ितों को नशामुक्त कर उन्हें सम्मान और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने योग्य बनाने के उद्देश्य से नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों का व्यापक नेटवर्क स्थापित किया है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के अंतर्गत वर्तमान नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा, “कई नए केंद्र स्थापित किए गए हैं तथा मौजूदा केंद्रों में सेवाओं की गुणवत्ता और समग्र वातावरण में व्यापक सुधार किया गया है, जिसमें एयर कंडीशनिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। सरकार द्वारा संचालित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में बिस्तरों की संख्या 1,500 से बढ़ाकर 5,000 कर दी गई है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओट केंद्रों को भी उन्नत किया गया है तथा आवश्यक दवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा, “जहां भी आवश्यकता महसूस हुई, वहां नए ओट केंद्र स्थापित किए गए, जिससे उनकी कुल संख्या 529 से बढ़कर 565 हो गई है। अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी ओट केंद्रों एवं नशा मुक्ति केंद्रों में दवाइयों, आवश्यक सामग्री तथा बिस्तरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।”
‘सूरमा’ पहल पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह एक अनूठा कार्यक्रम है, जिसके तहत उन व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने नशे पर विजय प्राप्त की है और दो वर्षों से अधिक समय से नशे से दूर हैं। उन्होंने कहा, “ये ‘सूरमा’ अब अन्य लोगों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे तथा पंजाब को पूर्णतः नशामुक्त बनाने के लिए ‘नशा मुक्ति के दूत’ के रूप में सरकार के साथ मिलकर कार्य करेंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल नशों को जड़ से समाप्त करने के प्रति राज्य सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “ये व्यक्ति ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम की वास्तविक भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका संघर्ष और दृढ़ संकल्प रंगले पंजाब की राह प्रशस्त करता है। वे हमारी आशा के दूत हैं और सरकार नशा मुक्ति केंद्रों, कौशल विकास तथा नशे से जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त करने के प्रयासों में निरंतर निवेश करती रहेगी, ताकि प्रत्येक नशामुक्त हो रहा व्यक्ति सम्मानपूर्वक जीवन जी सके और बेहतर आजीविका के अवसर प्राप्त कर सके।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि राज्य सरकार ने नशों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए इस अभिशाप के विरुद्ध निर्णायक अभियान छेड़ा है। उन्होंने कहा, “पंजाब पुलिस का कानून-व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से सफलतापूर्वक निपटने का गौरवशाली इतिहास रहा है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह बल अपनी इस गौरवपूर्ण परंपरा को आगे भी कायम रखेगा और जनता के सक्रिय सहयोग से पंजाब को पूरी तरह नशामुक्त बनाएगा। आने वाली पीढ़ियों को नशों की इस भयावह समस्या से बचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशों के विरुद्ध यह लड़ाई केवल सूक्ष्म स्तर पर सुव्यवस्थित योजना और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से ही जीती जा सकती है, जिसके लिए प्रत्येक अधिकारी को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार पंजाब की युवा शक्ति की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए सामूहिक प्रयास कर रही है। यह एक असाधारण लड़ाई है और इसके लिए सरकार के साथ-साथ इस मिशन से जुड़े प्रत्येक अधिकारी को नवीन सोच अपनाते हुए परंपरागत तरीकों से हटकर प्रभावी पहल करनी होगी।”
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