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तरनतारन उपचुनाव में ‘आप’ की जीत होगी विकास और मान सरकार के जनहित कार्यों की मोहर : Aman Arora

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आप पंजाब के प्रधान अमन अरोड़ा ने मरहूम डॉ. कश्मीर सिंह सोहल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे पार्टी के शुरुआती संघर्षों में एक समर्पित और ईमानदार साथी थे। अरोड़ा ने कहा कि आगामी तरनतारन उपचुनाव डॉ. सोहल की विरासत को सच्ची श्रद्धांजलि देने का अवसर है — उनकी ईमानदारी और निष्ठा का सम्मान करते हुए ‘आप’ की जीत सुनिश्चित करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि गुरुओं की पवित्र धरती तरनतारन ने हमेशा भावनात्मक और जनहितकारी फैसले लिए हैं। इस बार भी लोगों को धोखे, लालच और फूट डालो राजनीति से ऊपर उठकर ईमानदारी और विकास के पक्ष में मतदान करना चाहिए।

भगवंत मान सरकार की उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए अरोड़ा ने कहा कि महज़ साढ़े तीन वर्षों में ‘आप’ ने वह किया जो पारंपरिक पार्टियां 75 वर्षों में नहीं कर सकीं —
✅ 55,000 सरकारी नौकरियां
✅ 600 यूनिट मुफ्त बिजली
✅ किसानों को नहरी पानी और गुणवत्तापूर्ण बीज की सप्लाई
✅ जीवीके पावर प्लांट की खरीद
✅ सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे में सुधार

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने धर्म और राजनीति के नाम पर पंजाब का शोषण किया। अरोड़ा ने हरमीत सिंह संधू को एक अनुभवी नेता बताया जिन्होंने तीन बार जनता का विश्वास जीता है। उनके अनुसार, “हर वोट ‘आप’ को नहीं, बल्कि ईमानदार राजनीति, पंजाब की तरक्की और मुख्यमंत्री भगवंत मान की जन-केन्द्रित नीतियों को समर्थन है।”


हरमीत सिंह संधू बोले — “तरनतारन डॉ. सोहल की विरासत और लोगों के भरोसे से बड़े फर्क से जीतेगा”

‘आप’ उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू ने मुख्यमंत्री भगवंत मान, मनीष सिसोदिया, अमन अरोड़ा और सभी पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि पूरी टीम दिन-रात मेहनत कर रही है ताकि यह सीट रिकॉर्ड बहुमत से जीती जा सके। उन्होंने यह जीत मरहूम डॉ. कश्मीर सिंह सोहल को समर्पित की, जिनका पार्टी और क्षेत्र के लिए योगदान अमूल्य रहा है।

संधू ने कहा कि तरनतारन के लोग साफ़ तौर पर देख सकते हैं कि एक ओर ‘आप’ के पास ईमानदार स्थानीय नेतृत्व है, जबकि विरोधी दलों ने बाहरी उम्मीदवारों को उतारा है जिनका इलाके से कोई जुड़ाव नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि अगले 15 दिनों में ज़ोरदार प्रचार करें ताकि जीत के बाद तरनतारन को साफ-सुथरी राजनीति, विकास और जनसेवा का मॉडल बनाया जा सके।


नवजोत कौर सोहल की भावनात्मक अपील — “डॉ. सोहल को सच्ची श्रद्धांजलि के रूप में तरनतारन में ‘आप’ की जीत सुनिश्चित करें”

‘आप’ की वॉलंटियर मीटिंग के दौरान, मरहूम डॉ. कश्मीर सिंह सोहल की पत्नी नवजोत कौर सोहल ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से हरमीत सिंह संधू को पूर्ण समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि तरनतारन में ‘आप’ की जीत ही उनके पति को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जिन्होंने अपना जीवन ईमानदारी, स्नेह और लोक सेवा के लिए समर्पित किया।

नवजोत कौर ने विश्वास जताया कि तरनतारन के लोग एक बार फिर ‘आप’ के साथ खड़े होंगे और साफ़, पारदर्शी और विकासमुखी राजनीति के डॉ. सोहल के सपने को साकार करेंगे।

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आप सांसद मालविंदर कंग ने पंजाब यूनिवर्सिटी में पंजाबी साइनबोर्ड फिर से लगाने के फैसले का किया स्वागत

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आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने पंजाब यूनिवर्सिटी के अपने कैंपस में पंजाबी साइनबोर्ड और नेमप्लेट फिर से लगाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे पंजाब की भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को बचाने की दिशा में एक ज़रूरी कदम बताया।

कंग ने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में साइनबोर्ड और नेमप्लेट से पंजाबी (गुरुमुखी) हटाने पर कड़ा एतराज़ जताया था। उन्होंने इस कदम को पंजाब के इतिहास, संस्कृति और पहचान को दिखाने वाली भाषा का अपमान बताया।

इस मामले को भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और पंजाब यूनिवर्सिटी के चांसलर, सीपी राधाकृष्णन के सामने उठाते हुए, कंग ने उनसे तुरंत दखल देने की मांग की ताकि पंजाबी को उसकी सही जगह और सम्मान मिले, खासकर एक ऐसे संस्थान में जो पंजाब के नाम और विरासत को बनाए रखता है।

इस बारे में जानकारी सांझा करते हुए, कंग ने कहा कि उन्हें पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर से एक ऑफिशियल लेटर मिला है, जिसमें कन्फर्म किया गया है कि पंजाबी साइनबोर्ड लगाने का प्रोसेस शुरू हो चुका है। लेटर के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ने पंजाबी साइनबोर्ड के लिए ऑर्डर दे दिया है और उन्हें लगाने का काम जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

इस फैसले का स्वागत करते हुए, कंग ने कहा कि इससे एक मजबूत संदेस जाता है कि पंजाब के वजूद और पंजाबी भाषा की इज्ज़त को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि पंजाबी सिर्फ एक भाषा नहीं है, बल्कि पंजाब की रिच कल्चरल विरासत और सामूहिक पहचान की निशानी है, जिसका हर लेवल पर सम्मान किया जाना चाहिए और उसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

कंग ने इस मामले पर तुरंत ध्यान देने के लिए भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और पंजाब यूनिवर्सिटी के चांसलर, श्री सी. पी. राधाकृष्णन का धन्यवाद किया। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन की भी तारीफ़ की कि उन्होंने सुधार के कदम उठाए और पंजाब के लोगों की चिंताओं पर पॉज़िटिव जवाब दिया।

आप सांसद ने कहा कि पंजाब से जुड़े हर संस्थान में पंजाबी के सम्मान, अहमियत और हक की हमेशा रक्षा होनी चाहिए।

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मोहाली को मिला नया मेयर, विधायक कुलवंत सिंह के बेटे सरबजीत समाना ने संभाली कमान

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मोहाली नगर निगम को नया मेयर मिल गया है। मंगलवार को हुए मेयर चुनाव में आम आदमी पार्टी के नेता और विधायक कुलवंत सिंह के पुत्र सरबजीत सिंह समाना को मेयर चुना गया। वहीं आर.पी. शर्मा को सीनियर डिप्टी मेयर और हरपाल चन्नी को डिप्टी मेयर की जिम्मेदारी सौंपी गई।

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद पंजाब आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अमन अरोड़ा, विधायक कुलवंत सिंह और पार्टी नेता डॉ. सन्नी आहलूवालिया ने सरबजीत समाना को बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।

मेयर पद को लेकर पिछले कई दिनों से राजनीतिक चर्चाएं चल रही थीं। शुरुआत में डॉ. सन्नी आहलूवालिया को इस पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा था। संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और पार्टी नेतृत्व से करीबी संबंधों के चलते उनका नाम चर्चा में था, लेकिन अंतिम समय में राजनीतिक समीकरण बदले और सरबजीत समाना को उम्मीदवार बनाया गया।

बताया जा रहा है कि चुनाव से पहले विधायक कुलवंत सिंह ने पार्टी पार्षदों के साथ लगातार बैठकें कीं। नगर निगम चुनाव जीतने वाले कई पार्षद उनके करीबी सहयोगी माने जाते हैं, जिससे मेयर पद की दौड़ में उनके बेटे का पलड़ा भारी रहा।

पार्टी में एकजुटता बनाए रखने और किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए पंजाब आप अध्यक्ष अमन अरोड़ा खुद नगर निगम कार्यालय पहुंचे और उनकी मौजूदगी में पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई।

दूसरी ओर, मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया का बहिष्कार कर दिया, जबकि शिरोमणि अकाली दल के पार्षद बैठक के दौरान वॉकआउट कर गए। इसके चलते चुनावी माहौल काफी गर्म रहा।

चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। गोपनीयता बनाए रखने के लिए सभी पार्षदों के मोबाइल फोन नगर निगम कार्यालय के बाहर जमा कराए गए और रिकॉर्ड दर्ज होने के बाद ही उन्हें बैठक कक्ष में प्रवेश दिया गया।

सरबजीत सिंह समाना के मेयर बनने के साथ ही मोहाली नगर निगम में आम आदमी पार्टी की पकड़ और मजबूत हो गई है। अब शहर के विकास कार्यों और नगर निगम की आगामी योजनाओं पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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अकाली दल को बड़ा झटका! मनप्रीत इयाली ‘वारिस पंजाब दे’ में हुए शामिल

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पंजाब की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। दाखा से शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह इयाली मंगलवार को औपचारिक रूप से ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन में शामिल हो गए। उनके इस फैसले को पंजाब की पंथक राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

संगठन में शामिल होने के बाद मनप्रीत सिंह इयाली ने कहा कि उन्होंने बिना किसी शर्त और पद की अपेक्षा के इस मंच का साथ चुना है। उनका उद्देश्य पंजाब की पंथक और क्षेत्रीय ताकतों को एकजुट करना तथा राज्य से जुड़े अहम मुद्दों को मजबूती से उठाना है।

इयाली ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल विधायक पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि कानूनी और तकनीकी रूप से वह अभी भी शिरोमणि अकाली दल के विधायक हैं। उन्होंने बताया कि ‘वारिस पंजाब दे’ फिलहाल एक सामाजिक और संगठनात्मक मंच है, न कि चुनाव आयोग में पंजीकृत राजनीतिक दल, इसलिए विधायक पद छोड़ने का कोई सवाल नहीं उठता।

उन्होंने कहा कि पंजाब के कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जिनमें राज्य के पानी का मुद्दा, पंजाबी भाषी क्षेत्रों का मामला, चंडीगढ़ पर पंजाब का अधिकार और अन्य क्षेत्रीय हित शामिल हैं। इन मुद्दों को नई ऊर्जा और मजबूती के साथ उठाया जाएगा।

मनप्रीत इयाली ने कहा कि पंजाब, पंजाबी पहचान और पंथक विचारधारा को मजबूत करने के लिए समान सोच रखने वाली सभी ताकतों को एक मंच पर आने की जरूरत है। उनके इस कदम के बाद पंजाब की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं और आने वाले समय में इसके राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं।

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