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Punjab के स्कूल ऑफ एमिनेंस में छात्रों से करवाई गई मजदूरी, शिक्षा मंत्री ने की सख्त कार्रवाई

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Punjab के स्कूल ऑफ एमिनेंस से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां बच्चों से स्कूल में काम करवाए जाने का मामला उजागर हुआ है। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, यह स्कूल लुधियाना के जवाहर नगर इलाके में स्थित है। बताया जा रहा है कि छात्रों से 3-4 दिन तक लगातार कड़ी मेहनत करवाई गई।

जब यह मामला शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के ध्यान में आया, तो उन्होंने तुरंत सख्त कार्रवाई की। शिक्षा मंत्री ने स्कूल प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस बात की जानकारी उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X) पर साझा की।

अपने ट्वीट में शिक्षा मंत्री ने कहा, “मुझे जानकारी मिली है कि लुधियाना के एक स्कूल में छात्रों को देर से आने पर कैंपस मैनेजर द्वारा रेत ढोने की सजा दी गई। यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। कड़ी कार्रवाई के तहत कैंपस मैनेजर को बर्खास्त किया जा रहा है और स्कूल प्रिंसिपल को निलंबित किया गया है। ऐसी घटनाएं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।”

इसके अलावा, शिक्षा मंत्री ने सभी स्कूलों को चेतावनी जारी की और शिक्षकों को सचेत रहने को कहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले लुधियाना के जवाहर नगर स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (स्कूल ऑफ एमिनेंस) के छात्रों को कक्षाओं में पढ़ाई करने के बजाय परिसर में निर्माण स्थल पर रेत के थैले ढोने के लिए कहा गया था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आया।

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Punjab न कभी झुका और न कभी झुकेगा- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रधानमंत्री मोदी को स्पष्ट संदेश दिया

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज आम आदमी पार्टी के नेताओं पर इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) द्वारा बार-बार छापेमारी के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों के जरिए डराने-धमकाने और बदले की राजनीति के हथकंडों के आगे पंजाब कभी नहीं झुकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के आवास पर एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार ईडी की रेड के दौरान कुछ भी हाथ नहीं लगा। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि ऐसी छापेमारी सिर्फ उन राज्यों में क्यों की जा रही है जहां भाजपा सत्ता में नहीं है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मोदी सरकार का असली इरादा काला धन की वसूली नहीं, बल्कि विपक्षी नेताओं पर दबाव डालकर उन्हें भाजपा में शामिल करवाना है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जहां जांच एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर रहे नेता बाद में भाजपा में शामिल हो गए और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त कर लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुओं और शहीदों की धरती वाला राज्य पंजाब, औरंगजेब के जुल्मों के आगे भी नहीं झुका। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगे भी नहीं झुकेगा और यह भी कहा कि भाजपा-ईडी गठजोड़ का पतन पंजाब से ही शुरू होगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), इनकम टैक्स विभाग और यहां तक कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाएं अब निष्पक्ष रूप से काम नहीं कर रही हैं, बल्कि गैर-भाजपा शासित राज्यों, खासकर पंजाब को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए निशाना बनाया जा रहा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने इन संस्थाओं को नेताओं, कारोबारियों और जनप्रतिनिधियों को धमकाने के लिए राजनीतिक दमन के साधनों में बदल दिया है। उन्होंने कहा, “अपनी ड्यूटी निष्पक्षता से निभाने की बजाय इन संस्थाओं का इस्तेमाल अब राजनीतिक हिसाब-किताब तय करने और लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकारों को अस्थिर करने के लिए किया जा रहा है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने पूरे देश में यही तरीका अपनाया है जहां छापेमारी भ्रष्टाचार उजागर करने या काला धन वापस लाने के लिए नहीं, बल्कि लोगों पर राजनीतिक दबाव बनाने के लिए की जाती है। उन्होंने कहा, “भाजपा का संदेश साफ है- या तो भाजपा में शामिल हो जाओ या छापेमारी और जांच के जरिए परेशानी का सामना करो।”

राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल के हालिया मामले का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनके आवास, यूनिवर्सिटी और व्यावसायिक संस्थानों पर दो दिनों तक छापेमारी की गई। उन्होंने सवाल किया, “जिस पल वे भाजपा में शामिल हुए, छापेमारी बंद हो गई और इसके बजाय उन्हें केंद्र से सुरक्षा प्रदान की गई। क्या यह एजेंसियों की राजनीतिक दुरुपयोग की ज्वलंत मिसाल नहीं है?”

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि ऐसी चालें पंजाब में कभी सफल नहीं होंगी। उन्होंने कहा, “हम अपनी शुरुआत से ही विरोधी हालातों का सामना कर रहे हैं। पंजाब ने कभी धमकियों के आगे नहीं झुका है और न कभी झुकेगा।” कैबिनेट मंत्री और कारोबारी संजीव अरोड़ा के आवास पर ईडी की कार्रवाई का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बार-बार छापों से कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा, “यह राजनीतिक रूप से प्रेरित छापेमारी सिर्फ डर पैदा करने, दबाव बनाने और राजनीतिक विरोधियों की बाजू मरोड़ने के लिए है, लेकिन पंजाब ऐसी चालों के आगे नहीं झुकेगा।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब गुरुओं, संतों-महापुरुषों और महान शहीदों की पवित्र धरती है। यह धरती औरंगजेब के जाबर के आगे नहीं झुकी और न ही मोदी के आगे झुकेगी।”

उन्होंने आगे कहा कि ईडी और भाजपा के बीच “अनैतिक गठजोड़” का अंत पंजाब से ही शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने आगे सवाल किया कि ईडी के छापे मुख्य रूप से विपक्षी सरकार वाले राज्यों में ही क्यों किए जाते हैं जबकि भाजपा शासित राज्य इससे बाहर रहते हैं। उन्होंने बताया कि जब से ‘आप’ सरकार ने बेअदबी विरोधी सख्त कानून पास किया है, भाजपा भड़क गई है और राज्य की नेतृत्व को डराने की अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। उन्होंने कहा, “एक साल में तीसरी बार संजीव अरोड़ा के घर छापेमारी की गई है। पहले भी कुछ नहीं मिला था और अब भी कुछ नहीं मिलेगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाबियों ने मोदी सरकार को तीन काले कृषि कानून रद्द करने के लिए मजबूर किया था और अब केंद्र पंजाबियों को तंग-परेशान, बदनाम और निशाना बनाकर बदला लेने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, “इन ईडी छापों का उद्देश्य वसूली नहीं, बल्कि नेताओं को भाजपा में शामिल करने के लिए राजनीतिक दबाव है।” मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब के पास जुल्म का विरोध करने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने की शानदार विरासत है। उन्होंने आगे कहा कि दबाव की राजनीति कहीं और काम कर सकती है, लेकिन पंजाब कभी धमकियों या जबरदस्ती के आगे नहीं झुकेगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने जालिम ताकतों को हमेशा मुंह तोड़ जवाब दिया है और यहां के लोग जानते हैं कि चुनौतीपूर्ण हालात में भी अपने अधिकारों और मान-सम्मान की रक्षा कैसे करनी है।

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र ने चंडीगढ़, भाखड़ा, नदियों के पानी और पंजाब यूनिवर्सिटी सहित महत्वपूर्ण मुद्दों पर पंजाब के साथ लगातार भेदभाव किया है। उन्होंने कहा, “केंद्र ने पंजाब का आरडीएफ फंड सहित हजारों करोड़ रुपए के फंड रोके हुए हैं ताकि पंजाब के विकास की रफ्तार को प्रभावित किया जा सके।” मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और सीमाओं की सुरक्षा में पंजाब के बेमिसाल योगदान के बावजूद राज्य को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “पंजाब राष्ट्रीय पूल में गेहूं और चावल की बड़ी मात्रा में योगदान देकर देश का पेट भरता है, जबकि पंजाबी युवा बेमिसाल हिम्मत और कुर्बानी के साथ देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं।”

फूट डालो राजनीति का सख्त विरोध करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब का सामाजिक ताना-बाना साम्प्रदायिक सद्भावना, भाईचारे की साझ और आपसी सम्मान पर टिका हुआ है। उन्होंने कहा, “पंजाब की उपजाऊ मिट्टी में नफरत के अलावा कुछ भी नहीं उग सकता। यहां राजनीतिक लाभ के लिए हिंदू और सिखों को बांटने की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी।” बेअदबी विरोधी कानून पर दृढ़ स्टैंड लेते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी और सभी धार्मिक ग्रंथों की पवित्रता व सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में लागू किया गया बेअदबी विरोधी कानून केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के लिए सख्त सजा सुनिश्चित करने के लिए लाया गया था। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेअदबी विरोधी कानून को दुनिया भर की संगतों से भारी समर्थन मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ “एक खास परिवार” बेअदबी की पिछली घटनाओं में अपनी संलिप्तता के कारण इस कानून का विरोध कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा, “जो लोग दावा कर रहे हैं कि पंथ ने इस कानून को रद्द कर दिया है, उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि लाखों लोग इसका समर्थन क्यों कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि कुछ लोग संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए आम लोगों को गुमराह कर रहे हैं और कानून के आस पास अनावश्यक उलझन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

अपनी सरकार की स्थिति स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बेअदबी विरोधी कानून पहले ही संवैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद लागू किया जा चुका है। उन्होंने कहा, “राज्यपाल ने एक्ट को मंजूरी दे दी है। इस कानून को वापस लेने का सवाल ही पैदा नहीं होता।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कानून लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद बनाया गया था और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा के लिए कोई समझौता नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि सख्त बेअदबी विरोधी कानून की मांग करते हुए लगभग डेढ़ साल से विरोध प्रदर्शन और धरने जारी थे।

उन्होंने कहा कि आज कानून का विरोध करने वाले कई सिख बुद्धिजीवियों और विद्वानों ने पहले भी बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ सख्त कानून की मांग की थी  उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जुलाई 2007 में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने खुद एक प्रस्ताव पास करके सरकार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की रक्षा और सम्मान के लिए कानून बनाने का अधिकार दिया था। विरोधी पक्ष के बदलते स्टैंड पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पूछा कि जिन लोगों ने पहले विधायी हस्तक्षेप का समर्थन किया था, वे अब यह कैसे दावा कर रहे हैं कि सरकार ऐसा कानून नहीं बना सकती।उन्होंने कहा कि ऐसे नेता ‘बराबर अथॉरिटी’ चलाने की कोशिश कर रहे हैं और संवेदनशील धार्मिक मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं।

*दबाव के तहत बेअदबी विरोधी कानून रद्द नहीं करेगा पंजाब; “शुक्राना यात्रा” को बड़े स्तर पर मिले हुंकारे से ध्यान हटाने की कोशिशें की जा रही हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*बेअदबी विरोधी कानून के खिलाफ मीटिंगों और विरोध प्रदर्शनों की धमकी देने वाले बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर लोकतांत्रिक समूह को मीटिंग करने का अधिकार है, लेकिन उन्होंने दृढ़ता से कहा कि किसी भी दबाव के तहत कानून को रद्द नहीं किया जाएगा।

अपनी चल रही “शुक्राना यात्रा” पर सवालों के जवाब में, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आरोप लगाया कि ईडी के छापे, नोटिस और विवाद जानबूझकर यात्रा के साथ-साथ किए जा रहे हैं ताकि मीडिया का ध्यान पूरे पंजाब में मिल रहे भारी जनसमर्थन से हटाया जा सके।मुख्यमंत्री ने भाजपा की “तानाशाही मानसिकता” की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा जनजीवन के हर क्षेत्र, संस्थाओं से लेकर संस्कृति और सार्वजनिक भाषण तक को नियंत्रित करना चाहती है।

उन्होंने पंजाब को डर या अस्थिरता की ओर धकेलने की किसी भी कोशिश के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाबी ऐसी राजनीति का एकजुट होकर जवाब देंगे। ‘एक्स’ पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार देश के संवैधानिक ढांचे को कमजोर कर रही है। भाजपा अपने राजनीतिक हितों के लिए सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स विभाग और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का लगातार दुरुपयोग कर रही है।”

“ईडी के छापे सिर्फ उन राज्यों में ही क्यों मारे जा रहे हैं जहां भाजपा सत्ता में नहीं है? यह सीधा लोकतंत्र का कत्ल है। पंजाबियों के खिलाफ नफरत और भेदभाव की राजनीति की जा रही है। हमें डराने और धमकाने के लिए हर रोज नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।

मैं एक बात बिल्कुल स्पष्ट करना चाहता हूं: पंजाब गुरुओं और संतों-महापुरुषों की धरती है। इस उपजाऊ मिट्टी में हर बीज उग सकता है, लेकिन नफरत का बीज यहां कभी जड़ नहीं पकड़ सकता।” एक्स पोस्ट पर उन्होंने कहा, “असल में बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून पास होने के बाद भाजपा बुरी तरह बौखलाई हुई है। पंजाब के लोगों के साथ ऐसी खेलें खेलना बंद करो। यह तानाशाही रवैया यहां काम नहीं करेगा। हम पूरी ईमानदारी से लोगों की सेवा करते रहेंगे। न तो हम झुकेंगे, न ही रुकेंगे।”

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‘HAMPTON SKY REALTY LIMITED’ ने आरोपों पर जारी किया विस्तृत बयान

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नई दिल्ली में 9 मई 2026 को जारी एक प्रेस बयान में हैंपटन स्काई रियल्टी लिमिटेड ने अपने खिलाफ चल रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर अपना पक्ष रखा है। कंपनी ने कहा है कि उसे देश के कानूनी और संवैधानिक ढांचे, सरकारी रिकॉर्ड और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।

कंपनी के मुताबिक भारत में मोबाइल फोन निर्माण और एक्सपोर्ट सेक्टर को “मेक इन इंडिया” और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के तहत प्राथमिकता वाले क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है। बयान में कहा गया कि भारत का मोबाइल एक्सपोर्ट टर्नओवर वर्ष 2014-15 में करीब 1,500 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कंपनी ने बताया कि उसने मई 2023 में मोबाइल एक्सपोर्ट कारोबार में प्रवेश किया था।

बयान के अनुसार एक्सपोर्ट अवधि के दौरान कंपनी ने 44,471 ब्रांडेड मोबाइल हैंडसेट और एक्सेसरीज का निर्यात किया, जिनमें बड़ी संख्या में एप्पल आईफोन और एयरपॉड्स शामिल थे। कंपनी का दावा है कि हर एक्सपोर्ट की कस्टम अधिकारियों और अन्य स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा कई चरणों में जांच की गई। इसमें IMEI स्कैनिंग, OEM कंपनियों द्वारा वेरिफिकेशन और यूएई कस्टम द्वारा जांच शामिल थी।

कंपनी ने यह भी कहा कि हर मोबाइल फोन का एक विशिष्ट 15 अंकों वाला IMEI नंबर होता है, जिसकी जांच एप्पल और सैमसंग जैसी कंपनियों के ग्लोबल डेटाबेस के जरिए की गई। कंपनी के अनुसार 16,391 IMEI नंबरों का स्वतंत्र सत्यापन हुआ, जिससे यह साबित होता है कि ये डिवाइस भारत से बाहर एक्टिवेट किए गए थे।

हैंपटन स्काई रियल्टी लिमिटेड ने अपने बयान में कहा कि एक्सपोर्ट से प्राप्त हुई पूरी राशि बैंकिंग चैनलों के माध्यम से मिली और उसका पूरा भुगतान सप्लायर्स को किया गया। कंपनी ने “राउंड ट्रिपिंग” और “फर्जी एक्सपोर्ट” जैसे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कोई भी रकम विदेश में नहीं रखी गई और न ही किसी व्यक्ति या संस्था को गैरकानूनी तरीके से वापस भेजी गई।

जीएसटी से जुड़ी चिंताओं को लेकर कंपनी ने कहा कि यह मामला कुछ घरेलू सप्लायर्स से संबंधित है और कुल कारोबार का केवल एक छोटा हिस्सा है। कंपनी का दावा है कि उसने सभी भुगतान बैंकिंग चैनलों के माध्यम से किए और नियमित रूप से जीएसटी रिटर्न दाखिल की। बयान में यह भी कहा गया कि जब कंपनी को सप्लायर स्तर पर गड़बड़ी की जानकारी मिली, तो उसने खुद लुधियाना के फोकल प्वाइंट थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी।

कंपनी ने यह भी दावा किया कि सरकार के खजाने को इस मामले में कोई मौजूदा नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि संबंधित जीएसटी राशि पहले ही जमा करवाई जा चुकी है और मामला फिलहाल अपील के अधीन है। बयान के अंत में कंपनी ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और अदालत की प्रक्रिया पर पूरा भरोसा रखती है।

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भगवंत मान सरकार की ऐतिहासिक पहल, पंजाब के 40 लाख गरीब-दलित-पिछड़े वर्ग के परिवारों को मुफ्त राशन किट मिलनी शुरू

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज संगरूर जिले के गांव भलवान से गरीबों और जरूरतमंद परिवारों को पौष्टिक खुराक उपलब्ध करवाने के लिए राशन किट वितरित करके ‘मेरी रसोई’ स्कीम की शुरुआत की। देश भर में जरूरतमंद परिवारों को पौष्टिक खुराक देने के लिए सबसे बड़ी पहलों में से एक ‘मेरी रसोई’ स्कीम के तहत राज्य के लगभग 40 लाख गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राशन किट मिला करेगी। इस स्कीम को बढ़ती महंगाई के दौरान संघर्ष कर रहे परिवारों पर रसोई के बोझ को कम करने के लिए अत्यंत जरूरी मदद बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार न सिर्फ ऐलान कर रही है बल्कि मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य देखभाल, महिला-केंद्रित कल्याण स्कीमों और खाद्य सुरक्षा उपायों के माध्यम से हर घर को उचित राहत प्रदान कर रही है।

उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि सामाजिक कल्याण को मजबूत करने के साथ-साथ ‘आप’ सरकार बुनियादी ढांचे का तेजी से आधुनिकीकरण कर रही है और आने वाले समय में पंजाब को पूरी तरह “खंभा-मुक्त” राज्य बनाने के लिए जमीनदोज बिजली केबलिंग का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्कीम के शुभारंभ समारोह के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछली सरकारों ने कल्याणकारी उपायों को सिर्फ गेहूं और दालों की वितरण तक सीमित कर दिया था, जबकि पंजाब सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रयास किया है कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की रसोइयों में रोजाना जरूरतों के लिए आवश्यक सभी चीजें उपलब्ध रहें।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “‘मेरी रसोई’ योजना के तहत हर लाभार्थी परिवार को हर तीन महीने में विशेष रूप से तैयार की गई राशन किट मिलेगी, जिसमें सरसों का तेल, दाल, चीनी, नमक, हल्दी और घरेलू रसोई चलाने के लिए जरूरी अन्य वस्तुएं होंगी।” इस बात पर जोर देते हुए कि यह योजना आम परिवारों की सामान्य जरूरतों, खासकर घरेलू जिम्मेदारियां संभालने वाली महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मजबूत और खुशहाल पंजाब तभी बनाया जा सकता है जब हर घर की रसोई चलती रहे और कोई बच्चा भूखा न सोए।

उन्होंने कहा, “बच्चों के लिए पौष्टिक खुराक उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और खेलों में भागीदारी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हमारी सरकार चाहती है कि हर घर में पौष्टिक और जरूरी भोजन पदार्थों की पहुंच हो ताकि बच्चे प्रोटीन की कमी के कारण कमजोरी का शिकार न हों।” पंजाब सरकार के लोक कल्याण-मुखी शासन मॉडल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लगभग 90 प्रतिशत घरों को अब जीरो बिजली बिल मिल रहे हैं, जिससे परिवारों को पैसे बचाने और घरेलू खर्च चलाने में काफी मदद मिल रही है। कृषि और सिंचाई सुधारों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने किसानों के लिए दिन में निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित की है, जिससे वे रात की मुश्किलों की बजाय दिन में अपने खेतों की सिंचाई कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने पूरे पंजाब में लगभग 14,000 किलोमीटर लंबी रजवाहों, खालों और पाइपलाइनों को बहाल कर और बिछाकर नहरी सिंचाई प्रणाली को फिर से जीवित किया है। इस ऐतिहासिक पहल ने सिंचाई सुविधाओं में सुधार किया है और भूजल को संरक्षित करने में मदद की है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि नहरी पानी की बेहतर उपलब्धता ने किसानों की ट्यूबवेल पर निर्भरता कम की है, जिससे पंजाब में तेजी से कम हो रहे भूजल स्तर के भंडारण को बचाने में बड़ी सहायता मिलेगी।

महिला सशक्तिकरण के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि “मावां-धीयां सत्कार योजना” के लिए रजिस्ट्रेशन प्रगति पर है। इस योजना के तहत हर योग्य महिला को मासिक वित्तीय सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा, “18 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को आगे आना चाहिए और इस स्कीम के लिए रजिस्टर करवाना चाहिए। जनरल वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए जबकि अनुसूचित जाति से संबंधित परिवारों की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपए दिए जाएंगे।”

उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं के लिए सम्मान, आत्मविश्वास और वित्तीय सहायता सुनिश्चित करना है ताकि वे अपनी घरेलू जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभा सकें। स्वास्थ्य देखभाल संबंधी सुधारों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपए तक का मुफ्त स्वास्थ्य कवरेज प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा, “इस योजना के तहत लोग सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में नकद रहित इलाज प्राप्त कर सकते हैं। पंजाब में किसी भी परिवार को चिकित्सा इलाज के लिए जमीन या कीमती चीजें बेचने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि 35 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड पहले ही जारी किए जा चुके हैं और सरकार पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच का विस्तार कर रही है।

कल्याणकारी स्कीमों में पहले नौकरशाही द्वारा पैदा की गई अनावश्यक बाधाओं की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने असुविधा का कारण बनने वाली जटिल बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणालियों को हटा दिया है और सभी, खासकर महिलाओं तथा बुजुर्ग नागरिकों के लिए कल्याणकारी स्कीमों संबंधी रजिस्ट्रेशन प्रक्रियाओं को सरल बना दिया है। उन्होंने कहा, “घरेलू काम करने वाली बहुत सी महिलाओं को बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है क्योंकि उनके उंगलियों के निशान समय के साथ फीके पड़ जाते हैं। इसलिए पंजाब सरकार ने फोटो-आधारित सत्यापन के माध्यम से प्रक्रिया को सरल बनाया है।”

श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हाल ही में लागू किए गए बेअदबी विरोधी कानून से पंजाब के लोगों को बेहद राहत और संतोष मिला है। उन्होंने कहा, “सालों तक लोगों को बेअदबी की घटनाओं के कारण दुख सहना पड़ा और बेअदबी में शामिल दोषी अक्सर कमजोर कानूनी प्रबंधों के कारण जमानत प्राप्त कर लेते थे। इस नए कानून में सख्त सजा, भारी जुर्माना, लंबी कैद और उम्रकैद तक की व्यवस्था की गई है।” उन्होंने कहा कि कानून को पहले ही राज्यपाल से सहमति मिल चुकी है और कानून को वापस लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

उन्होंने आगे कहा, “दुनिया भर की सिख संगत द्वारा इस कानून को भरपूर समर्थन मिला है। सिर्फ कुछ राजनीतिक रूप से प्रेरित लोग ही इसका विरोध कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि पिछली सरकारें बार-बार लोगों की मांगों के बावजूद सख्त कार्रवाई करने में असफल रहीं, जबकि पंजाब सरकार ने भविष्य में बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाकर अपनी जिम्मेदारी निभाई है।

मुख्यमंत्री ने सरकार के प्रति लोगों के भारी समर्थन और प्यार के लिए उनका धन्यवाद करते हुए कहा, “उनकी सरकार ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों का पैसा स्कूलों, अस्पतालों, कल्याणकारी स्कीमों और बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च किया जाए।” इस समारोह के दौरान खाद्य एवं सिविल आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक, सीनियर सिविल एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी, पंचायतों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौजूद थे।

इस समारोह की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा: “आज संगरूर में, हमने 40 लाख परिवारों की भलाई के लिए ‘मुख्यमंत्री मेरी रसोई योजना’ शुरू की है, जिसके तहत बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए साल में चार बार राशन किटें वितरित की जाएंगी।”

उन्होंने आगे लिखा, “हमारी सरकार मुफ्त बिजली, ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’, ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’, किसानों को दिन में निर्बाध बिजली सप्लाई और नहरी पानी जैसी सुविधाएं प्रदान करके समाज के हर वर्ग के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। गांव सतौज से, हम पूरे राज्य से खंभे हटाने के लिए बिजली की तारों को जमीनदोज करने की ऐतिहासिक पहल भी शुरू कर रहे हैं।”

पोस्ट में आगे लिखा, “पिछली सरकारों ने बेअदबी की घटनाओं पर सिर्फ सियासत की, लेकिन हमने उम्रकैद और 50 लाख रूपए के जुर्माने वाला सख्त कानून लाकर गुरु मर्यादा की रक्षा को सुनिश्चित किया है। ‘रंगला पंजाब’ बनाने की दिशा में यह सफर निरंतर जारी रहेगा। आप सरकार द्वारा ऐतिहासिक कदम, पूरे राज्य के 40 लाख परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा को मजबूत करके घरेलू बोझ को घटाया*

“मेरी रसोई योजना” भगवंत मान सरकार के कल्याण और लोक-केंद्रित मॉडल को दर्शाती है, जो राजनीतिक बयानबाजी की बजाय आम परिवारों के लिए सम्मान, पोषण और वित्तीय राहत को प्राथमिकता देती है। ऐसे समय में जब बढ़ते घरेलू खर्च देश भर के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को प्रभावित कर रहे हैं, भगवंत मान सरकार ने लगभग 40 लाख परिवारों को रोजाना जीवन के लिए रसोई की जरूरी सप्लाई की सीधी सहायता करके एक ऐतिहासिक और सहानुभूतिपूर्ण कदम उठाया है। पिछली सरकारों के विपरीत, जो कल्याण को सिर्फ ऐलानों तक सीमित रखती थी, ‘आप’ सरकार ने खाद्य सुरक्षा के दायरे का विस्तार करते हुए गरीब परिवारों को गेहूं और राशन सहायता के अलावा पौष्टिक जरूरी भोजन पदार्थ उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया है।

पारदर्शी डिलीवरी प्रणालियों, मानक भोजन किटों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक व्यापक पहुंच के माध्यम से, भगवंत सिंह मान सरकार ने स्वस्थ, मजबूत और संतुष्ट पंजाब बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है, जहां कोई भी परिवार अपनी पोषण संबंधी जरूरतों के लिए संघर्ष करने को मजबूर न हो।

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