Connect with us

Punjab

पंजाब में टैक्स चोरी पर सख्ती, 1137 करोड़ वसूली, 1383 करोड़ जुर्माना; चीमा बोले प्रवर्तन में बड़ा बदलाव

Published

on

पंजाब सरकार की टैक्स चोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए, वित्त, योजना, आबकारी और कर मंत्री हरपाल चीमा ने आज यहां घोषणा की कि पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रवर्तन के क्षेत्र में रिकॉर्ड परिणाम हासिल किए हैं, जो खुफिया जानकारी आधारित कार्रवाई और राजस्व सुरक्षा की दिशा में एक निर्णायक बदलाव को दर्शाते हैं।

कारगुजारी का विवरण देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स की लक्षित और खुफिया जानकारी आधारित कार्रवाई के कारण राज्य के कर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 1,383.11 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया। इसमें से 1,137.85 करोड़ रुपये की वसूली पहले ही की जा चुकी है, जो प्रवर्तन की दक्षता और राजस्व संग्रह में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।”

इस सफलता की आधारशिला के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “निरीक्षण आधारित प्रवर्तन ने मुख्य भूमिका निभाई, जिसमें 1,215.95 करोड़ रुपये का जुर्माना और 972.15 करोड़ रुपये की वास्तविक वसूली शामिल है। इसके अलावा, सड़क चेकिंग अभियानों ने 165.71 करोड़ रुपये का योगदान दिया।

यह प्रदर्शन वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में कई गुना सुधार को दर्शाता है। वर्ष 2024-25 में निरीक्षण प्रवर्तन के तहत 147.28 करोड़ रुपये का जुर्माना और 41.53 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी, जबकि सड़क चेकिंग से 157.14 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। वर्ष 2025-26 में यह उल्लेखनीय वृद्धि राज्य की जांच, प्रवर्तन और वास्तविक राजस्व संग्रह क्षमता में बड़े बदलाव को उजागर करती है।”

एक साल में 8 एफआईआर दर्ज, 15 गिरफ्तारियां हुईं

धोखेबाज नेटवर्करों पर सख्ती का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “कर विभाग ने वर्ष भर में 8 एफआईआर दर्ज कीं और 15 गिरफ्तारियां कीं। दो प्रमुख मामलों में सात व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई और 385 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी लेन-देन का पर्दाफाश हुआ। इन लक्षित कार्रवाइयों से बिना वास्तविक आपूर्ति के फर्जी इनवॉइस जारी करने वाली फर्मों द्वारा 69.57 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी उजागर हुई।”

उन्होंने आगे कहा, “माल की अवैध ढुलाई और फर्जी बिलिंग नेटवर्क के खिलाफ बठिंडा, मंडी गोबिंदगढ़, लुधियाना और चंडीगढ़ में अन्य एफआईआर दर्ज की गईं। एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में 9 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पास करने के आरोप में लुधियाना के एक संचालक को गिरफ्तार किया गया।”

1,579 संदिग्ध डीलरों की पहचान हुई

उन्होंने बताया, “विभाग के आधुनिक खुफिया नेटवर्क ने कई बड़े खुलासे किए, जिनमें लुधियाना में सोने के लेन-देन में 900 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग, मोहाली, खरड़ और कोटकपूरा में कोयले के अवैध लेन-देन में 226 करोड़ रुपये, और लुधियाना व मंडी गोबिंदगढ़ में सक्रिय 423 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग नेटवर्क शामिल हैं। इसके अलावा, जांच के दौरान ‘पेट पूजा ऐप’ से जुड़े 200 करोड़ रुपये के घोटाले का भी पर्दाफाश हुआ, जो आधुनिक टैक्स चोरी नेटवर्क की जटिलता और व्यापकता को दर्शाता है।”

वेरिफिकेशन अभियानों के बारे में उन्होंने कहा, “केंद्रित जांच के दौरान 1,579 संदिग्ध डीलरों की पहचान की गई। कड़ी जांच के बाद इनमें से 922 इकाइयों का अस्तित्व ही नहीं पाया गया और केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर उनकी पंजीकरण रद्द कर दी गई।”

आईटीसी नियंत्रण उपायों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “मजबूत नियंत्रण उपायों के चलते 244.82 करोड़ रुपये को सक्रिय रूप से ब्लॉक किया गया और 206.64 करोड़ रुपये की रिकवरी सुनिश्चित की गई। इन कदमों से अतिरिक्त 19.08 करोड़ रुपये की नकद वसूली के साथ कुल 451.46 करोड़ रुपये राज्य के खजाने में सुरक्षित किए गए।”

एक दिन में 141 वाहन किए गए जब्त

फील्ड प्रवर्तन में तेजी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “मंडी गोबिंदगढ़ और लुधियाना में एक साथ चलाए गए विशेष अभियान के दौरान एक ही दिन में रिकॉर्ड 141 वाहनों को जब्त किया गया। विभाग ने आयरन एंड स्टील, सीमेंट, ऑटो पार्ट्स, तंबाकू और धातु जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखते हुए रेलवे स्टेशनों और प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट्स पर भी प्रवर्तन मजबूत किया।”

संस्थागत और तकनीकी दक्षता को सफलता का श्रेय देते हुए उन्होंने कहा, “स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट, टैक्स इंटेलिजेंस यूनिट और ‘बिल लाओ इनाम पाओ’ योजना की भूमिका महत्वपूर्ण रही। आधुनिक डेटा विश्लेषण, रियल-टाइम ई-वे बिल ट्रैकिंग, सतत खुफिया जानकारी और नए डिजिटल प्रवर्तन पोर्टल्स ने इस सफलता में अहम योगदान दिया है। इन तकनीकी सुधारों ने जमीनी स्तर पर तेज और समन्वित कार्रवाई को संभव बनाया है।”

चीमा ने कहा, “वित्तीय वर्ष 2025-26 का प्रदर्शन पंजाब में कर अनुपालन और राजस्व संग्रह को मजबूत करने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है। धोखाधड़ी नेटवर्क को समाप्त करने, ईमानदार व्यापारिक प्रथाओं को बढ़ावा देने, करदाताओं के हितों की रक्षा करने और राज्य के राजस्व को सुरक्षित रखने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी और तेज गति से जारी रहेगी।”

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Punjab

‘बेअदबी’ पार्टी (अकाली दल) अपनी प्रतिष्ठा खो चुकी है, अब वह राजनीति में वापसी के लिए भाजपा से समझौता करने की कोशिश कर रही है: बलतेज पन्नू

Published

on

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शनिवार को कहा कि बेअदबी पार्टी (अकाली दल) और उसके प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने राजनीतिक फायदे के लिए बार-बार अपने राजनीतिक स्टैंड से समझौता किया है और अब वे भाजपा से समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं।

सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, “आज सुखबीर सिंह बादल कह रहे हैं कि वह केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लाए जा रहे कुछ बिलों से पूरी तरह सहमत हैं। लेकिन पंजाब के लोगों को अच्छी तरह याद है कि जब कृषि कानून लाए गए थे, तो पूरा बादल परिवार उन कानूनों के पक्ष में वीडियो बनाता हुआ नजर आया था।”

बलतेज पन्नू ने कहा कि बड़े स्तर पर लोगों के गुस्से का सामना करने के बाद ही बादलों ने अपना रुख बदला और खुद को किसानों का हमदर्द दिखाने की कोशिश में कृषि कानूनों के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया।

अकाली दल की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर निशाना साधते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा, “‘बेअदबी’ अकाली दल पंजाब के लोगों के दिलों से पूरी तरह गायब हो चुका है। अब वह भाजपा के साथ समझौता करके अपनी राजनीति को फिर से ज़िंदा करने की हर मुमकिन कोशिश कर रहा है।”

सुखबीर बादल के भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं के बारे में पहले दिए गए बयान को याद करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा, “मैं सुखबीर सिंह बादल को उनकी ही बातें याद दिलाना चाहता हूं। उन्होंने कहा था कि जो लोग भाजपा में शामिल हो रहे हैं, उन्हें अपना डीएनए टेस्ट करवाना चाहिए। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि किसी को अपना डीएनए टेस्ट करवाना चाहिए, लेकिन जब सुखबीर बादल ने खुद यह बयान दिया, तो आज इसका जिक्र करना बनता है।”

उन्होंने कहा कि बादल परिवार के बार-बार लिए गए यू-टर्न ने अकाली दल की राजनीति का असली चेहरा सामने ला दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग उन लोगों के बीच साफ फर्क समझ सकते हैं जो अपने उसूलों पर अड़े रहते हैं और जो राजनीतिक सुविधा के हिसाब से अपना रुख बदलते हैं।

बलतेज पन्नू ने दावा किया कि पंजाब के लोग पहले ही अकाली दल की राजनीति को नकार चुके हैं और भाजपा के साथ राजनीतिक समझौता करने की उसकी नई कोशिशों से गुमराह नहीं होंगे।

Continue Reading

Punjab

मुक्तसर की तियां में पहुंचीं डॉ. गुरप्रीत कौर मान, महिलाओं ने चुनाव की तारीख पूछनी शुरू कर दी

Published

on

मुक्तसर विधानसभा में आज पंजाबी संस्कृति और महिलाओं के उत्साह से सराबोर तियां का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान जी की धर्मपत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने शिरकत की। कार्यक्रम में मुक्तसर की बड़ी संख्या में माताओं और बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने महिलाओं से बातचीत की और उनके अनुभव जाने। बातचीत में मावा दीया योजना को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने बताया कि उनके खातों में ₹4,500 और ₹3,000 की राशि पहुंचने से उन्हें काफी राहत और खुशी मिली है।

महिलाओं के साथ बातचीत के दौरान सरकार की योजनाओं को लेकर उनका उत्साह इतना स्पष्ट था कि बात सिर्फ योजना के लाभ तक सीमित नहीं रही—महिलाएं चुनाव की तारीख और अगला चुनाव कब होगा, यह पूछने लगीं।

माहौल ऐसा था कि मान साहब से ज्यादा अब पंजाब की इन माताओं-बहनों को चुनाव की जल्दी दिखाई दी, क्योंकि उनका कहना था कि वे जल्द से जल्द चुनाव चाहती हैं, ताकि उन्हें एक बार फिर भगवंत मान जी को अपना समर्थन देकर पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने और उनकी सरकार को दोबारा सत्ता में लाने का मौका मिले।

मुक्तसर की तियां में आज पंजाबी संस्कृति और महिलाओं की खुशियों के साथ-साथ महिलाओं के मन की राजनीतिक इच्छा भी खुलकर सामने आई—उन्हें अब चुनाव का इंतजार है।

Continue Reading

Punjab

‘गैंगस्टरां ते वार’ ने ख़ुफ़िया-आधारित पुलिसिंग की प्रभावशीलता सिद्ध की; गैंगस्टरों के लिए कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं : DGP गौरव यादव

Published

on

पंजाब पुलिस का प्रमुख एंटी-गैंगस्टर अभियान ‘गैंगस्टरां ते वार’ संगठित अपराध के विरुद्ध राज्य में चलाए जा रहे सबसे व्यापक और निरंतर अभियानों में से एक के रूप में उभरते हुए अपने 200 दिन पूरे कर चुका है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने पूरे पंजाब में 1,09,087 छापेमारियाँ कीं, 1,532 घोषित अपराधियों (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर्स) को गिरफ़्तार किया, 58,212 अपराधियों एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध कार्रवाई की, भारी मात्रा में अवैध हथियार और मादक पदार्थ बरामद किए तथा संगठित आपराधिक गिरोहों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के मार्गदर्शन में शुरू किया गया ‘गैंगस्टरां ते वार’ एक ख़ुफ़िया सूचना-आधारित अभियान है, जिसका उद्देश्य लक्षित कार्रवाई, अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय समन्वय, वित्तीय जाँच तथा तकनीक-आधारित पुलिसिंग के माध्यम से संगठित अपराध गिरोहों का पूरी तरह सफाया करना है।

इस अवसर पर, डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि यह अभियान अब बहुआयामी कार्रवाई का रूप ले चुका है, जो केवल गैंगस्टरों ही नहीं, बल्कि संगठित अपराध को बढ़ावा देने वाले पूरे तंत्र को भी निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा, “‘गैंगस्टरां ते वार’ के पहले 200 दिनों ने निरंतर और ख़ुफ़िया-आधारित पुलिसिंग की प्रभावशीलता को सिद्ध किया है। हमारी रणनीति केवल गिरफ़्तारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठित अपराध को सक्षम बनाने वाले पूरे नेटवर्क—सहयोगियों, वित्तीय स्रोतों, रसद व्यवस्था, संचार माध्यमों और विदेशों में मौजूद संपर्कों—को ध्वस्त करने पर केंद्रित है। पंजाब पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि देश के भीतर या बाहर कहीं भी संचालित होने वाले गैंगस्टरों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना न बचे।”

इन 200 दिनों के दौरान 1,532 घोषित अपराधियों (पीओ) को गिरफ़्तार किया गया, जबकि 58,212 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई, जिनमें 853 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 57,359 वांछित अपराधी शामिल हैं।

निवारक पुलिसिंग के तहत 28,201 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 577 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 27,624 वांछित अपराधी शामिल थे; वहीं 18,514 व्यक्तियों का वेरिफिकेशन कर उन्हें बाद में रिहा किया गया, जिनमें 1,529 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 16,985 वांछित अपराधी शामिल थे। कुल मिलाकर अभियान के दौरान 1,04,927 व्यक्ति अभियान के दौरान पुलिस कार्रवाई के दायरे में आए जिनमें 2,959 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी तथा 1,01,968 वांछित अपराधी शामिल हैं।

गिरफ़्तारियों के अतिरिक्त अभियान का मुख्य उद्देश्य संगठित गिरोहों की हथियारों, मादक पदार्थों, वित्तीय संसाधनों और रसद व्यवस्था तक पहुँच को समाप्त कर उनकी अपराध करने की क्षमता को कमज़ोर करना भी रहा।

इस अभियान ने संगठित अपराध गिरोहों की मारक क्षमता को भी बड़ा झटका दिया।अभियान के दौरान पंजाब पुलिस ने 990 अवैध हथियार, 242 धारदार हथियार, 2,739 कारतूस, 315 मैगज़ीन, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और 15 हैंड ग्रेनेड बरामद किए, जिससे आपराधिक गिरोहों की मारक क्षमता को गंभीर रूप से कमज़ोर किया गया।

साथ ही, पंजाब पुलिस ने संगठित अपराध और नशा तस्करी के गठजोड़ के विरुद्ध कार्रवाई तेज़ करते हुए 774.38 किलोग्राम हेरोइन, 480.23 किलोग्राम अफीम, 7,266.26 किलोग्राम पोस्त भूसी तथा 26,91,455 नशीली गोलियाँ बरामद कीं। पुलिस ने 1,73,41,965 रुपये की ड्रग मनी, 1,80,54,446 रुपये नकद तथा 413.85 ग्राम सोना भी ज़ब्त किया, जिससे संगठित अपराध और मादक पदार्थों के कारोबार को वित्तीय सहायता देने वाले स्रोतों पर प्रभावी प्रहार हुआ।

एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस प्रमोद बान ने कहा कि अब अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल अपराधियों की गिरफ़्तारी नहीं, बल्कि संगठित अपराध के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। उन्होंने कहा, “आज का संगठित अपराध वित्तीय नेटवर्क, डिजिटल संचार और विदेशों में बैठे संचालकों के माध्यम से संचालित होता है। इसी कारण हमारी जाँच में फील्ड ऑपरेशन के साथ-साथ वित्तीय ट्रैकिंग, डिजिटल इंटेलिजेंस तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय शामिल है। इसी रणनीति के कारण पंजाब पुलिस रंगदारी गिरोहों का पर्दाफाश करने, विदेशों में बैठे संचालकों की पहचान करने तथा वांछित अपराधियों के निर्वासन (डीपोर्टेशन) और प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सफल रही है। साथ ही यह अभियान युवाओं को यह संदेश भी देता है कि गैंगस्टर संस्कृति का तथाकथित आकर्षण केवल एक भ्रम है, जिसका अंत अपराध और विनाश में होता है।”

अभियान को पड़ोसी राज्यों तथा केंद्रीय जाँच एवं ख़ुफ़िया एजेंसियों के साथ नियमित समन्वय का भी भरपूर सहयोग मिला, जिससे सूचनाओं के तुरंत आदान-प्रदान और संगठित अपराध के विरुद्ध संयुक्त अभियानों को गति मिली।

अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में से एक फरार गैंगस्टर भुवनेश चोपड़ा उर्फ आशीष चोपड़ा, पुत्र हीरा लाल, निवासी मकान नंबर 15, अंदरूनी दिल्ली गेट, फिरोज़पुर, को मध्य एशिया से तथा गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला को जकार्ता (इंडोनेशिया) से सफलतापूर्वक भारत वापस लाना रहा। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने ओएफटीईसी पंजाब तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इससे यह सिद्ध हुआ कि पंजाब पुलिस अब राष्ट्रीय सीमाओं से परे जाकर भी वांछित अपराधियों को कानून के कटघरे में लाने में सक्षम है।

गैंगस्टरों एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध कार्रवाई के अतिरिक्त अभियान के दौरान 64,402.77 लीटर अवैध शराब, 34,840 बोतलें तथा 926 पेटियाँ बरामद कर नष्ट की गईं। इसके अलावा अपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे 4,978 मोबाइल फोन, 1,781 वाहन और 61 ड्रोन भी ज़ब्त किए गए। इन कार्रवाइयों ने आपराधिक ढाँचे को कमज़ोर करने, संगठित अपराध के नेटवर्क को बाधित करने और पूरे पंजाब में सार्वजनिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 93946-93946 नंबर पर एक समर्पित टिपलाइन भी शुरू की है, जिसके माध्यम से लोग वांछित अपराधियों, गैंगस्टरों और उनसे संबंधित आपराधिक गतिविधियों की जानकारी गोपनीय और गुमनाम रूप से साझा कर सकते हैं। इस पहल के ज़रिए लोग अपनी पहचान उजागर होने के डर के बिना गोपनीय रूप से महत्त्वपूर्ण जानकारी साझा कर सकते हैं, जिससे एजीटीएफ को गैंगस्टरों और अन्य अपराधियों का जल्द पता लगाकर उन्हें गिरफ़्तार करने में मदद मिलेगी।

जनसहभागिता को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से एजीटीएफ ने एक इनाम नीति भी लागू की है, जिसके तहत वांछित गैंगस्टरों और अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई में सहायक विश्वसनीय सूचना देने वालों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा तथा उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इस पहल से पंजाब में संगठित अपराध के विरुद्ध ख़ुफ़िया-आधारित अभियानों को और अधिक मज़बूती मिलने की उम्मीद है।

Continue Reading

Trending