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Haryana के उचाना में संत शिरोमणि धन्ना भगत जयंती पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम, CM नायब सैनी ने की किसान और संत समाज के लिए योजनाओं की घोषणा।

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Haryana के जींद जिले के उचाना में संत शिरोमणि धन्ना भगत जयंती के अवसर पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सैनी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने आयोजन में शामिल संतों का स्वागत किया और संतों ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए सिर पर हाथ रखा। इसके अतिरिक्त, दाड़न खाप द्वारा मुख्यमंत्री सैनी को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि सरकार ने संत समाज और किसानों के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं बनाई हैं। उन्होंने बताया कि संतों की जयंती मनाने का सिलसिला जारी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सैनी ने सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की 24 फसलों की MSP पर खरीद कर रही है, और 12 लाख किसानों के खातों में सीधे MSP का भुगतान किया गया है।

संबोधन में CM सैनी की 5 अहम बातें…

हमें संतों की सोच को आगे बढ़ाना है: CM ने कहा- संत धन्ना भगत की जयंती का यह दिन हमें उस सादगी, विश्वास और प्रेम की याद दिलाता है, जिसके बल पर एक साधारण किसान ने ईश्वर को अपने हृदय में बसा लिया, और पूरी मानवता को सत्य का मार्ग दिखाया। हम सबको मिलकर उसी सोच को आगे बढ़ाना है।

संत धन्ना भगत का जीवन सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण: हमारी सरकार कई योजनाओं के जरिए संतों के विचारों को बढ़ाने का काम कर रही है। धन्ना भगत उन महान संतों में अग्रणी थे, जिन्होंने समाज को एक नई दिशा दिखाने का काम किया था। उन्होंने उत्तर भारत में धर्म का प्रचार प्रसार किया। उनका जीवन सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण रहा है। उनकी भक्ति ने लोगों को सिखाया कि ईश्वर के सामने सभी बराबर हैं।

हम 24 फसलों पर MSP दे रहे: हमारी सरकार धन्ना भगत के जीवन से प्रेरणा लेकर कई योजनाएं चला रही है। धन्ना भगत जानते थे कि किसान के जरिए ही देश तरक्की करेगा। इसलिए, हमने किसानों के लिए नकली बीज पर रोकथाम के लिए कानून बनाया। हमने Haryana के अंदर किसानों को 24 फसलों पर MSP देने का फैसला किया है।

हमने किसानों को 14 हजार करोड़ रुपए मुआवजा दिया: योजनाओं के तहत 20 लाख किसानों के खातों में छह हजार करोड़ रुपए केंद्र सरकार भेज रही है। हमारी सरकार ने पिछले 10 सालों में 14 हजार करोड़ रुपए किसानों को मुआवजे के रूप में दिया है। हमने किसानों को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। किसानों के लिए जो यह सोच है वह धन्ना भगत की थी।

दाड़न खाप की मांगें पूरी कीं: सर्वजातीय दाड़न खाप भवन में 40 किलोवाट का सोलर पैनल बनाने की मांग है। एक तालाब की रिटेनिंग वॉल और एक भवन बनाने की मांग है। मैं इन मांगों को पूरा करने की घोषणा करता हूं। इसके अलावा भी जो और काम हैं उन्हें भी हमारी सरकार पूरा करेगी। धन्ना भगत के जीवन से हमारे समाज को शिक्षा मिले, इसे लेकर हमारी सरकार आगे बढ़ रही है।

कार्यक्रम में ये नेता भी मौजूद रहे

CM सैनी के साथ कार्यक्रम में डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्‌ढा, कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, उचाना विधायक देवेंद्र अत्री के अलावा राज्य सभा सदस्य सुभाष बराला, आदि नेता मौजूद रहे। उचाना के सर्वजातीय दाड़न खाप चबूतरे पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संत-महात्माओं और खाप प्रतिनिधियों के लिए विशेष मंच लगा था।

भाजपा के इस समागम को ‘मिशन जाट’ से जोड़कर देखा जा रहा था। प्रदेश में 22% जाट वोटर हैं, लेकिन उनका झुकाव अभी भी कांग्रेस, इनेलो और जजपा जैसी क्षेत्रीय पार्टियों की तरफ है। इन्हें भाजपा इन 5 सालों में रिझाकर अपने पाले में करना चाहती है।

हरियाणा में BJP का मिशन जाट क्यों ?

राज्य में 22% जाट समुदाय का वोटर हैं, जिनमें ज्यादातर कांग्रेस या इनेलो-जजपा को वोट देते हैं।
राज्य में भाजपा के जाट चेहरे सफल नहीं हुए। ओपी धनखड़, सुभाष बराला, कैप्टन अभिमन्यु, देवेंद्र बबली जैसे दिग्गज चुनाव हार गए।

किसान आंदोलन की वजह से जाट भाजपा से अब भी नाराज हैं। इस वजह से चुनाव में नुकसान होता है।
2024 में भाजपा ने ‘जाट वर्सेज नॉन-जाट’ फॉर्मूले पर चुनाव लड़ा। फिर भी 22 नई सीटें जीतीं, जिनमें 7 जाटलैंड में थीं। भाजपा जाटों के बीच बड़ा राजनीतिक अवसर देख रही है।

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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान

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हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।

अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।

गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।

वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।

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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

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भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

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जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम

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जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।

जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।

2023 में नहीं लाया जा सका बिल

2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।

आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए

खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।

बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी

आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।

परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध

पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।

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