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Uttar Pradesh

UP में 10 से 25 हजार रुपये तक के स्टांप पेपर की होगी समाप्ति, योगी सरकार का बड़ा फैसला।

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उत्तर प्रदेश। UP में योगी सरकार ने भौतिक स्टांप पेपर से जुड़े एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत 10,000 से 25,000 रुपये तक के स्टांप पेपर को समाप्त किया जाएगा और उसकी जगह ई-स्टांपिंग प्रणाली लागू की जाएगी। यह कदम धोखाधड़ी पर नियंत्रण और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

सोमवार को लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें भौतिक स्टांप पेपर को खत्म कर ई-स्टांपिंग को लागू करना, गेहूं की खरीद, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और औद्योगिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जानकारी दी कि सभी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किए गए हैं।

स्टांप पेपर व्यवस्था में बड़ा बदलाव।

योगी सरकार ने 10,000 से 25,000 रुपये तक के भौतिक स्टांप पेपर को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके बदले ई-स्टांपिंग प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे स्टांम्प व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और धोखाधड़ी पर काबू पाया जा सकेगा। पुराने भौतिक स्टांप पेपर 31 मार्च 2025 तक मान्य होंगे, इसके बाद उन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस फैसले से 5,630 करोड़ रुपये से अधिक के स्टांम्प पेपर समाप्त होंगे।

बलिया में चित्तू पांडेय मेडिकल कॉलेज।

योगी सरकार ने बलिया जिले में स्वतंत्रता सेनानी चित्तू पांडेय के नाम पर मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 14.05 एकड़ भूमि नि:शुल्क हस्तांतरित की गई है, जिसमें से 12.39 एकड़ भूमि पर मेडिकल कॉलेज बनेगा और बाकी हिस्से में चित्तू पांडेय की मूर्ति और परिसर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।

बुलंदशहर में नर्सिंग कॉलेज।

बुलंदशहर में नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने के लिए 4570 वर्ग मीटर भूमि हस्तांतरित की गई है। प्रदेश में 27 मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

सैफई में 300 बेड का ऑब्स एंड गायनी ब्लॉक।

योगी सरकार ने सैफई (इटावा) स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में 300 बेड का ऑब्स एंड गायनी ब्लॉक बनाने को मंजूरी दी है। इसके लिए 232 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति दी गई है।

आगरा मेट्रो रेल परियोजना की गति तेज।

आगरा मेट्रो रेल परियोजना के पहले और दूसरे कॉरिडोर के लिए भूमि को शहरी विकास विभाग को हस्तांतरित किया गया है, जिससे मेट्रो परियोजना की गति बढ़ेगी और आगरा में परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी।

स्मार्ट सिटी योजना का विस्तार।

राज्य स्मार्ट सिटी योजना को दो साल के लिए बढ़ा दिया गया है। अब यह योजना सात साल तक चलेगी, जिससे प्रदेश के 17 स्मार्ट शहरों को फायदा होगा और शहरी विकास में तेजी आएगी।

बंद कताई मिलों पर नए उद्योगों की स्थापना।

योगी सरकार ने बंद पड़ी कताई मिलों की भूमि यूपीसीडा को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है, जिससे 451.20 एकड़ भूमि पर नए औद्योगिक केंद्र विकसित होंगे।

डिफेंस कॉरिडोर के लिए नई सुविधा।

योगी सरकार ने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड में डीटीआईएस (Defence Testing Infrastructure Scheme) स्थापित करने के लिए 0.8 हेक्टेयर भूमि नि:शुल्क देने का निर्णय लिया है, जिससे रक्षा उत्पादों के परीक्षण और प्रमाणन की सुविधा मिलेगी।

महर्षि दधीचि कुण्ड का सौंदर्यीकरण।

हरदोई जिले में महर्षि दधीचि कुण्ड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 0.85 हेक्टेयर भूमि पर्यटन विभाग को हस्तांतरित की गई है, जिससे इस ऐतिहासिक स्थल का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

योगी सरकार ने इस मंत्रिपरिषद बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जो प्रदेश के विकास के लिए अहम साबित होंगे। इन निर्णयों से कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, उद्योग, परिवहन और कृषि के क्षेत्र में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

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लखनऊ में महिला आरक्षण मुद्दे पर उबाल—25 हजार महिलाओं का जन आक्रोश मार्च, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

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लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास न होने पर लखनऊ में भाजपा ने मंगलवार को जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली। सीएम योगी खुद इस पदयात्रा में महिलाओं के साथ पैदल चले। उनके साथ करीब 15 हजार महिलाएं चलीं। योगी के अलावा दोनों डिप्टी सीएम, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के सीनियर लीडर भी कड़ी धूप में पैदल चले।

पदयात्रा सीएम आवास से शुरू होकर विधानसभा तक करीब 2 किमी तक गई। यहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- नकाब वालों के चक्कर में सपा-कांग्रेस ने 80% महिलाओं का नुकसान किया। महिलाओं के मन में जबरदस्त गुस्सा है।

वहीं, सीएम योगी ने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी रहे हैं। आज महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। इसका अंदाजा भीषण गर्मी में इस भीड़ को देखकर लगाया जा सकता है। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं। पहली जाति महिला है। दूसरी गरीब की, तीसरी युवा और चौथी किसान की।

उन्होंने कहा- कांग्रेस, सपा और उनके सहयोगी दलों से जुड़ी महिलाएं भी इस रैली में आई हैं। आज की रैली यहीं समाप्त नहीं होती है। यह आंदोलन बूथ, मंडल, ब्लॉक और जिले स्तर तक जारी रखना है।

गर्मी को देखते हुए पदयात्रा में जगह-जगह प्याऊ, एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी। रैली में शामिल महिलाओं ने राहुल गांधी मुर्दाबाद, नारी के सम्मान में भाजपा मैदान में जैसे नारे लगाए। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने संबोधन में कहा-

सपा और कांग्रेस की स्थिति मेंढक की तरह है। इन्हें चाहे चांदी के चबूतरे में बैठा लो या सोने के। ये उछलेंगे तो नाले में ही कूंदेंगे। महिलाओं को आरक्षण जाति देखकर नहीं दिया जा सकता।

पदयात्रा में सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम के अलावा कैबिनेट की महिला मंत्री भी हैं। इसके अलावा, गठबंधन की पार्टियां भी शामिल हुई हैं। इनमें ओपी राजभर, आशीष पटेल भी हैं। राजनीति के जानकार इसे भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देख रहे हैं।

भाजपा संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा- नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित न होने पर यह पदयात्रा निकाली गई। उन्होंने बताया कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पीएम मोदी का महत्वपूर्ण कदम था। सभी दलों से सहयोग मांगने के बावजूद अधिनियम गिर गया।

सीएम योगी ने जन आक्रोश रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी हैं। महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। यह दिखा रहा है कि भीषण गर्मी में भी हजारों की संख्या में बहनें आई हैं। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं- महिला, गरीब, युवा और किसान।

देश के अंदर इंस्फ्रास्ट्रक्चर का विकास हो, देश के संरक्षण का काम हो, समाज के हर तबके के उत्थान के लिए चलने वाली योजनाएं हों। इन सबके केंद्र बिंदु में महिलाएं हैं। उन्होंने कहा- पीएम आवास, स्वच्छ भारत मिशन, हर घर शौचालय, हर गरीब को छत, हर महिला को उज्ज्वला योजना से जोड़ना उन्हें ईंधन उपलब्ध कराना ही नहीं है, यह उनके स्वावलंबन के लिए भी है।

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स्मार्ट मीटर को लेकर एक्शन में UPPCL, चार सदस्यीय तकनीकी कमेटी बनी, IIT और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के अधिकारी शामिल

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उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं. प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर रोजाना ही विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और अब पावर कॉरपोरेशन की तरफ से स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता जांचने और तकनीकी परीक्षण के लिए चार सदस्यीय विशेषज्ञों की समिति का गठन किया गया है. इस समिति में आईआईटी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट के साथ ही पावर कारपोरेशन के अधिकारी भी शामिल होंगे.

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन (UPPCL) ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया है. इस समिति में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर अंकुश शर्मा और प्रबोध वाजपेई, इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन वडोदरा के अनुभाग प्रमुख तेजस मिस्त्री और पावर कारपोरेशन के निदेशक (वितरण) जीडी द्विवेदी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.

समिति के गठन से यह स्पष्ट है कि पावर कारपोरेशन ने स्वयं स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता और कनेक्टिविटी से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से स्वीकार किया है. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पहली बार पावर कारपोरेशन ने यह माना है कि स्मार्ट मीटरों में तकनीकी कमियां मौजूद हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जो केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की एक अप्रैल 2026 की अधिसूचना के अनुसार स्थापित किए जा रहे हैं. इस स्थिति में यह आवश्यक है कि प्रीपेड आधार पर दिए जा रहे नए बिजली कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए. बिना उपभोक्ताओं की सहमति के प्रीपेड मोड में किए गए 70 लाख से अधिक कनेक्शनों को पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जाए.

उपभोक्ता परिषद ने पावर कारपोरेशन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि जब तक वर्तमान जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक (पब्लिक डोमेन) में जारी नहीं हो जाती, तब तक पूरे उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की स्थापना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए.

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सकौती में जाटों का जमावड़ा: CM मान समेत कई दिग्गज पधारे, मंच से गरजे जाट नेता-पहचान व सम्मान से समझौता नहीं

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मेरठ जिले के दौराला क्षेत्र के सकौती स्थित हितकारी इंटर कॉलेज में आज महाराजा सूरजमल की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर जाट संसद की ओर से देशभर में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने के अभियान की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, समाज के लोग, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद हैं।

जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आने वाले एक से दो वर्षों में देश के सभी जाट बहुल गांवों में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना है कि इससे समाज को अपने इतिहास और गौरव से जोड़ने में मदद मिलेगी।

प्रतिमाएं स्थापित करने का अभियान शुरू


मनु चौधरी ने बताया कि जाट संसद की ओर से यह राष्ट्रव्यापी अभियान समाज के महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में चरणबद्ध तरीके से प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी और समाज के लोगों को इतिहास के प्रति जागरूक किया जाएगा।

कार्यक्रम को लेकर विवाद का आरोप


मनु चौधरी ने आरोप लगाया कि शनिवार रात पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर लगे जाट शब्द को हटवा दिया और चालान करने की चेतावनी दी। उन्होंने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समाज अपनी पहचान और सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा।

कई जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद


कार्यक्रम में कई सांसद, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और क्षेत्रीय नेता मौजूद हैं। आयोजकों के अनुसार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। दोनों नेताओं के कार्यक्रम स्थल की ओर आने की जानकारी दी गई है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महाराजा सूरजमल के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। साथ ही समाज में एकजुटता बढ़ाने और शिक्षा के प्रसार पर विशेष जोर दिया गया।

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