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Shukrana: जीवन की छोटी-छोटी खुशियों और जज़्बे की कहानी

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2025 की शानदार शुरुआत करने के लिए, चौपाल गर्व के साथ घोषणा करता है कि उनकी नई भावनात्मक फिल्म “Shukrana” अब विशेष रूप से उनके प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है। “शुक्राना”, जिसका अर्थ है “आभार,” जीवन की सुंदरता को गहराई से दिखाती है—चाहे वह भव्य उत्सवों में हो या उन अनदेखे छोटे-छोटे पलों में।

इस फिल्म में नीरू बाजवा, जस बाजवा, और अमृत मान जैसे बेहतरीन कलाकार हैं, जिन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से इसे थिएटर रिलीज़ के दौरान दर्शकों का दिल जीतने वाला अनुभव बनाया। अब इसे चौपाल पर देखकर आप इस भावनात्मक यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं।

“Shukrana” की कहानी एक समर्पित अध्यापिका (नीरू बाजवा द्वारा अभिनीत) की है, जो जस (जस बाजवा) से प्यार करती है और उसके साथ एक खूबसूरत जीवन की कल्पना करती है। लेकिन उनकी दुनिया तब पूरी तरह से बदल जाती है, जब जस का आकस्मिक निधन हो जाता है और वह गर्भवती और अकेली रह जाती है। यह फिल्म समाज की कठोर सोच और सिंगल मदर के संघर्षों के बीच, छोटे-छोटे पलों में ताकत और आभार खोजने की उनकी प्रेरणादायक यात्रा को दर्शाती है।

यह कहानी केवल दुख की नहीं है, बल्कि उम्मीद, परिवार के बंधन और जीवन को फिर से संवारने की ताकत का उत्सव है। नीरू बाजवा ने एक सशक्त और स्वतंत्र महिला की भूमिका में अपने बेहतरीन अभिनय से दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया है। उनका किरदार समाज के मानदंडों को चुनौती देते हुए अपने बच्चे को खुशी और गरिमा के साथ पालने की कहानी कहता है।

इस फिल्म में अमृत मान, सिमरन चहल, और बी.एन. शर्मा जैसे अन्य प्रतिभाशाली कलाकार भी हैं, जिन्होंने अपनी भूमिकाओं से कहानी में भावनात्मक गहराई और हंसी के हल्के पल जोड़े हैं। “शुक्राना” दर्शकों को जीवन के आशीर्वादों की सराहना करने और कठिन समय में भी आशा को थामे रखने की प्रेरणा देती है।

चौपाल के चीफ कंटेंट ऑफिसर नितिन गुप्ता ने कहा:
“‘Shukrana’ एक अनमोल कहानी है जो हमें जीवन के हर पल को संजोने और adversity के बीच ताकत खोजने का संदेश देती है। हमें गर्व है कि हम अपने दर्शकों को ऐसी प्रेरणादायक और दिल को छूने वाली फिल्म प्रदान कर रहे हैं। इसे अपने परिवार के साथ आज ही चौपाल पर देखें।”

चौपाल आपके लिए पंजाबी, हरियाणवी और भोजपुरी भाषाओं में नवीनतम और लोकप्रिय वेब सीरीज़ और फिल्मों का अनूठा संग्रह लाता है। यहां शायर, जट्ट नू चुड़ैल तकरी, ओए भोले ओए, वार्निंग, गड्डी जान्दी ए छलांगा मारदी, बूहे बरियां, शिकारी, कल्ला जोट्टा, पंछी, आजा मेक्सिको चलिए, चल जिंदिये, और अन्य कई शानदार कंटेंट उपलब्ध हैं।

अब आप चौपाल पर कार्टून्स का मजा भी ले सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म एड-फ्री है, ऑफलाइन देखने की सुविधा देता है, मल्टीपल प्रोफाइल्स बनाने का विकल्प प्रदान करता है, और seamless स्ट्रीमिंग के साथ आपके मनोरंजन को नई ऊंचाइयों पर ले जाता है।

तो इंतजार किस बात का? चौपाल ऐप डाउनलोड करें और पूरे साल अनलिमिटेड एंटरटेनमेंट का आनंद उठाएं! https://blog.chaupal.com/

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CM मान की ‘शुक्राना यात्रा’ का तीसरा दिन, बठिंडा से हुई शुरुआत

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ‘शुक्राना यात्रा’ आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गई। यह यात्रा बेअदबी के खिलाफ बनाए गए सख्त कानून के लिए पंजाबवासियों का धन्यवाद करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। तीसरे दिन की शुरुआत बठिंडा से हुई, जहां सुबह करीब 10 बजे यात्रा ‘थ्री कॉर्नर्स’ से रवाना हुई।

इस दौरान बड़ी संख्या में आम लोगों और ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। बठिंडा के डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान और एसएसपी डॉ. ज्योति यादव बैंस की ओर से सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन के मुताबिक यात्रा के पूरे रूट का ट्रैफिक प्लान पहले ही जारी कर दिया गया था ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बठिंडा में यात्रा ‘थ्री कॉर्नर्स’ से अमरीक सिंह रोड, गोल डिग्गी, हनुमान चौक, बस स्टैंड, कोटशमीर और भागीवंदर होते हुए आगे बढ़ी। इसके बाद यात्रा तलवंडी साबो के लिए रवाना हुई। तलवंडी साबो में मुख्यमंत्री भगवंत मान तख्त श्री दमदमा साहिब में माथा टेकेंगे और अरदास करेंगे।

इसके बाद शुक्राना यात्रा सरदूलगढ़, मानसा और बरनाला होते हुए आगे बढ़ेगी। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री मान विभिन्न स्थानों पर लोगों को संबोधित भी कर सकते हैं। इस यात्रा का उद्देश्य बेअदबी के खिलाफ बने नए कानून के बारे में लोगों को जागरूक करना और सरकार के फैसलों के लिए जनता का धन्यवाद करना है।

शाम को मुख्यमंत्री सुनाम स्थित गुरुद्वारा मस्तुआणा साहिब भी जाएंगे। इसके बाद यात्रा कुछ समय के लिए संगरूर में रुकेगी और फिर वहां से श्री फतेहगढ़ साहिब के लिए रवाना होगी।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की यह ‘शुक्राना यात्रा’ 6 मई को श्री आनंदपुर साहिब से शुरू हुई थी और लगातार पंजाब के अलग-अलग इलाकों में निकाली जा रही है।

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Punjab में निर्धारित लोड से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वालों पर PSPCL सख्त, लगेगा जुर्माना

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पंजाब में बढ़ती बिजली मांग के बीच पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने निर्धारित लोड से अधिक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्ती करने के निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के अनुसार यदि कोई उपभोक्ता अपने स्वीकृत लोड से 10 प्रतिशत अधिक बिजली की खपत करता है, तो उसे 7 दिनों के भीतर नोटिस जारी किया जाएगा।

PSPCL के मुताबिक, तय सीमा से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने पर उपभोक्ताओं पर जुर्माना और अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। यदि कोई उपभोक्ता तीसरी बार भी नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज करते हुए FIR भी दर्ज की जा सकती है।

कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि लगातार निर्धारित सीमा से अधिक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं पर समय रहते कार्रवाई की जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और राजस्व नुकसान रोकने के लिए PSPCL ने सप्लाई कोड 2024 में संशोधन किया है। इसके तहत सभी मुख्य अभियंताओं को नए नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के आदेश जारी किए गए हैं।

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बेअदबी कानून मामले में आज श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे स्पीकर संधवां

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पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां आज श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय पहुंचकर जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज के सामने अपना स्पष्टीकरण पेश करेंगे। जानकारी के मुताबिक, वह सुबह 11 बजे श्री अकाल तख्त साहिब में हाजिरी भरेंगे। यह मामला आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा बनाए गए नए बेअदबी विरोधी कानून को लेकर चर्चा में आया था, जिसके संबंध में जत्थेदार की ओर से स्पीकर संधवां को तलब किया गया था।

दरअसल, श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से इस कानून को तैयार करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा था कि बेअदबी जैसे संवेदनशील और धार्मिक मामले पर कोई भी कानून बनाने से पहले पंथक संगठनों, सिख विद्वानों और पूरे पंथ की राय लेना जरूरी था।

उन्होंने यह भी कहा कि सिख मर्यादा और धार्मिक परंपराओं से जुड़े मामलों में श्री अकाल तख्त साहिब की भूमिका सर्वोच्च मानी जाती है और उसकी अनदेखी उचित नहीं है।

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा था कि श्री अकाल तख्त साहिब उनके लिए सर्वोच्च है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें आधिकारिक तौर पर बुलाया गया है तो वह पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे।

अब राजनीतिक और पंथक हलकों की नजरें आज होने वाली इस अहम पेशी पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यह मामला धार्मिक भावनाओं और कानूनी प्रक्रिया दोनों से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।

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