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पंजाब में नौकरियों की बौछार: मोहाली में निवेश का महाकुंभ, CM मान ने रचा इतिहास

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोहाली में 13 से 15 मार्च 2026 को होने वाले ‘प्रगतिशील पंजाब निवेश सम्मेलन’ की तैयारियों का जायजा लेते हुए इसे निर्णायक कदम बताया, जो प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा. उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “प्रगतिशील पंजाब निवेश सम्मेलन 13 से 15 मार्च 2026 को मोहाली में होगा, जो प्रदेश में औद्योगिक प्रगति को बड़ा बढ़ावा देगा. पंजाब पहले ही वैश्विक स्तर पर निवेश के लिए सबसे पसंदीदा स्थान के रूप में उभर चुका है.” उन्होंने कहा, “यह ऐतिहासिक सम्मेलन औद्योगिक तरक्की को नई गति देने के लिए प्रदेश की तकदीर रचने में सक्षम मंच प्रदान करेगा.”

सामूहिक विचार-विमर्श की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक दिग्गजों के साथ लंबी चर्चा के बाद प्रदेश की इंडस्ट्री के लिए उद्योग-अनुकूल कार्य योजना तैयार करने के लिए आपसी सहमति विकसित की जाएगी.” पंजाबियों के अग्रणी रहने के गुणों और उद्यमी भावना की भरपूर सराहना करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाबी अपनी हिम्मत और काबिलियत से दुनिया में कहीं भी कमाल कर सकते हैं.”

इस सम्मेलन के विषय पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह सम्मेलन ‘पंजाब मीन्ज़ बिजनेस-पॉलिसी टू प्रैक्टिस’ (पंजाब मतलब कारोबार – नीति से अमल) के विषय पर आधारित होगा.” उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पहले ही गुरुग्राम, नई दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई तथा जापान, दक्षिण कोरिया आदि देशों में रोड शो आयोजित किए जा चुके हैं. उन्होंने आगे कहा, “सम्मेलन के दौरान मुख्य सत्रों में उद्घाटन, समापन, कंटरी सैशन, प्लेनरी सैशन, सेक्टरल सैशन आदि शामिल होंगे.”

इस आयोजन को निवेशकों के लिए बड़ा अवसर करार देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि निवेशक सम्मेलन देश भर में अधिकतम रियायतें पेश करते हुए प्रदेश में निवेश के अवसरों के लिए मंच प्रदान करेगा. उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार को इस व्यापक आयोजन में भाग लेने के लिए न केवल भारत बल्कि दुनिया भर के औद्योगिक दिग्गजों से भरपूर समर्थन मिला है.” अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा, “प्रदेश का मुख्य आधार कृषि क्षेत्र पहले ही चुनौतियों से जूझ रहा है और कमजोर हुई अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए व्यापक औद्योगिकीकरण ही एकमात्र समाधान है.”

मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार ने पंजाब को न केवल देश में बल्कि विश्व भर में निवेश के लिए सबसे पसंदीदा स्थान बनाने के लिए अनूठी पहल की हैं.” उन्होंने संभावित उद्यमियों से प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश करने की अपील की. उन्होंने कहा, “राज्य सरकार पंजाब में निवेश और औद्योगिक आधारभूत ढांचे को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य सरकार के प्रयासों से अब तक 1.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिससे युवाओं के लिए 5.20 लाख नौकरियों के अवसर पैदा होंगे.”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “टाटा स्टील, सनातन टेक्सटाइल जैसी अन्य प्रमुख कंपनियों ने प्रदेश में निवेश करने में रुचि दिखाई है.” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 13 से 15 मार्च को मोहाली में यह प्रगतिशील पंजाब निवेश सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है.

राज्य सरकार द्वारा किए गए सुधारों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार ने औद्योगिक परियोजनाओं के लिए त्वरित और निर्बाध तरीके से रैगुलेटरी मंजूरियाँ जारी करने को सुनिश्चित बनाने के लिए सेल डीड की रजिस्ट्रेशन में ग्रीन स्टैंप पेपर पेश किया है.” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब ही एक ऐसा प्रदेश है जिसके पास स्थानीय उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपना उद्योग-अनुकूल माहौल होने के साथ-साथ पूरी तरह सक्षम कुशल स्टाफ उपलब्ध है. बिजली सुरक्षा की महत्ता बताते हुए उन्होंने कहा कि विकास के लिए बिजली सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए राज्य सरकार पंजाब में अधिक से अधिक बिजली उत्पादन के लिए हर संभव प्रयास कर रही है.

उन्होंने कहा कि देश और दुनिया भर की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि निवेश को मजबूत करने के लिए प्रदेश में आयोजित होने वाले इस मेगा इवेंट में संभावित रूप से शामिल होंगे. भगवंत सिंह मान ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस सम्मेलन के लिए किए जा रहे प्रबंधों का जायजा लिया ताकि इसे सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सके. उन्होंने आगे कहा कि उद्योग के विभिन्न पहलुओं पर प्रदर्शनी, सेमिनार और तकनीकी सत्रों के अलावा उद्योग क्षेत्र में उभरती तकनीकों और रणनीतियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा. इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सम्मेलन का लॉगो भी जारी किया. इस मौके पर उद्योग एवं व्यापार मंत्री संजीव अरोड़ा, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे.

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तरनतारन में बड़ी कामयाबी, BSF और पंजाब पुलिस ने हथियारों की बड़ी खेप बरामद की

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पंजाब में सीमा पार से हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तरनतारन पुलिस ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ संयुक्त अभियान चलाकर हथियारों की एक बड़ी खेप बरामद की है।

इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक MP-09 राइफल और सात आधुनिक पिस्तौल बरामद की हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये हथियार कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा पंजाब में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क की मदद से भेजे गए थे।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इन हथियारों का इस्तेमाल राज्य में टारगेट किलिंग की घटनाओं को अंजाम देने, दहशत का माहौल बनाने और पंजाब की कानून-व्यवस्था तथा सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की साजिश के तहत किया जाना था।

पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सीमा पार बैठे हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहा था। गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे मॉड्यूल, उसके अन्य सदस्यों और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की पहचान की जा सके।

पंजाब पुलिस और बीएसएफ ने स्पष्ट किया है कि सीमा पार से होने वाली हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ संयुक्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। साथ ही इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा

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पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।

आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।

कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।

श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।

रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।

वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”

कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”

विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”

श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।

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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?

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